* मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर इंग्लैंड चैम्पियन घोषित
* क्रिकेट के इतिहास में विश्वकप फाइनल का बेहद रोमांचक मुकाबला
लंदन एजेन्सी। क्रिकेट विश्पकप-2019 का फाइनल मुकाबला रोमांच की सारी की सारी हदें पार करते हुए धड़कनों को रोक देने वाला रहा। लॉर्ड्स मैदान पर सुपर ओवर तक खिंचे मुक़ाबले में इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप जीता। कभी न भूलने वाले विश्वकप फाइनल के इस मुकाबले में मैच के साथ-साथ सुपर ओवर भी टाई रहा लेकिन मैच में सर्वाधिक बाउण्ड्री लगाने के चलते इंग्लैंड की टीम को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्ल्ड कप के फाइनल में हरा दिया। वह पहली बार खिताब जीतने में सफल रहा। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड वर्ल्ड कप जीतने वाला छठा देश बन गया है। इसके पूर्व वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान,भारत और श्रीलंका ने विश्व विजेता का खिताब जीता था। न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरे फाइनल में हारी है। उसे पिछली बार उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया था।

मैच में बेन स्टोक्स और जोस बटलर की शतकीय साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम 241 रन बना सकी। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट के नुक्सान पर 241 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम के भी 50 ओवर में 241 रन ही बनाने से मैच टाई हो गया। इसलिए मैच का फैसला कराने के सुपर ओवर में डाला गया। इंग्लैंड की ओर से बटलर और स्टोक्स ने सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 रन बनाए। न्यूजीलैंड के लिए ट्रेंट बोल्ट ने गेंदबाजी की।

सुपर ओवर में न्यूजीलैंड के लिए मार्टिन गुप्टिल और जेम्स नीशम ने बल्लेबाजी की। इन दोनों ने भी 15 रन बनाए। इस तरह सुपर ओवर भी टाई हो गया। इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने गेंदबाजी की। मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर इंग्लैंड चैम्पियन घोषित किया गया। इस तरह क्रिकेट का जनक कहलाने वाला इंग्लैंड कई दशक बाद विश्पकप-2019 का विजेता बन गया।
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परिषद के सदस्य सचिव श्री शर्मा ने कहा कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये व्यस्त मार्गों को अतिक्रमण-मुक्त करने के लिये सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिये जा रहे हैं। थाना प्रभारियों को शहरी क्षेत्र में कम उम्र के युवाओं के वाहन चलाने तथा बिना लायसेंस और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने के लिये कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को भी पत्र भेजकर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले छात्र-छात्राओं को कठोरता से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा जायेगा।









रुपए लेकर शिकारी को छोड़ने मामले में निहित स्वार्थपूर्ति होने पर रेंजर को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाले अधिकारियों ने अदने से कर्मचारी दशरथ सिंह को संरक्षण प्रदान करने के बजाए उसे अघोषित तौर पर सजा देने के इरादे से प्रभारी मंत्री को गुमराह कर उसका स्थानांतरण दक्षिण वन मण्डल से पन्ना टाईगर में करा दिया है। दक्षिण वन मण्डल पन्ना की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा के द्वारा प्रस्तुत इस स्थानांतरण प्रस्ताव का जिले प्रभारी मंत्री प्रभुराम चौधरी ने अनुमोदन किया है। फलस्वरूप मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर के. एस. भदौरिया के हस्ताक्षर से स्थानांतरण जारी किया गया। वाहन चालक दशरथ सिंह के स्थानंतरण को लेकर विभाग में तीव्र असंतोष व्याप्त है। वन कर्मचारियों के इसके विरोध लामबंद होने की ख़बरें मिल रहीं है। वन विभाग के अफसरों के कथित द्वेषभावनापूर्ण इस कृत्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार की छवि धूमिल हो रही है।


पन्ना जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम झरकुआ निवासी कृषक धनीराम रैकवार 60 वर्ष की आकाशीय बिजली गिरने के कारण मौत हो गई। घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है। शव का पोस्टमार्टम कराने सोमवार को पन्ना पहुँचे रामभुवन रैकवार ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके पिता धनीराम रैकवार रविवार को शाम के समय साईकिल से तारा से वापिस गाँव लौट रहे थे, रास्ते में हल्की बारिश के बीच अचानक गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पिता की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं अजयगढ़ क़स्बा में जहरीले पदार्थ का सेवन करने से श्यामलाल कुशवाहा पुत्र सुखदेव कुशवाहा 44 वर्ष की मौत होने का मामला प्रकश में आया है। गंभीर हालत में श्यामलाल कुशवाहा को रविवार शाम जिला चिकित्सालय पन्ना में उपचार हेतु लाया गया था। जहाँ कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है। लेकिन, फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि श्यामलाल कुशवाहा को किस कारण से आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है। घटना पर मर्ग कायम कर पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।