अवैध हीरा खदान माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर किया जानलेवा हमला, अपने दो साथियों को छुड़ाकर भाग निकले हमलावर

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हीरा खदान माफियाओं के हमले में घायल वनकर्मियों के साथ एसडीओ फॉरेस्ट नरेन्द्र सिंह परिहार।

* वन क्षेत्र में चल रही हीरा खदान पर कार्रवाई करने गए थे वनकर्मी

हमले में डिप्टी रेंजर समेत 6 वनकर्मी हुए घायल

* पन्ना जिले में खनन माफियाओं का लगातार बढ़ रहा आतंक

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बहुमूल्य खनिज सम्पदा की प्रचुर उपलब्धता के लिये विख्यात मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में खनन माफियाओं का आतंक सिर चढ़ कर बोल रहा है। यहाँ लम्बे समय से सक्रिय रेत, पत्थर एवं हीरा खनन माफिया आतंक के बल पर खुलेआम बहुमूल्य खनिज सम्पदा को लूट रहे हैं। इनका दुस्साहस इतना अधिक बढ़ चुका है कि, उनकी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने वाले सरकारी अमले पर ही जानलेवा हमला करने लगे हैं। मंगलववार 23 जुलाई को जिले के उत्तर वन मण्डल के विश्रामगंज वन परिक्षेत्र की रहुनिया बीट की घटना इसका ताजा उदहारण है। जंगल में अवैध रूप से हीरा खनन कर रहे दो आरोपियों को वन विभाग की टीम गिरफ्तार कर जब अपने साथ वन चौकी ले जा रही थी तो रास्ते में हीरा खनन माफियाओं ने वनकर्मियों को कट्टे की नोंक पर रोक कर उनके ऊपर हमला बोल दिया। लाठी-डण्डों से वनकर्मियों की बेदम पिटाई करने के बाद हमलावर उनकी अभिरक्षा से अपने दो साथियों को छुड़ा कर मौके से भाग निकले।
वन विभाग की टीम पर हीरा खनन माफियाओं के हमले की खबर आते ही सनसनी फैल गई। दोपहर करीब 11 बजे हुए इस हमले में डिप्टी रेंजर अजीत खरे, चार वनरक्षक व एक चौकीदार घायल हुए हैं। हमले में गम्भीर रूप से घायल डिप्टी रेंजर अजीत, वनरक्षक संजय पटेल, अखिलेश चौहान को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया गया है। इस मामले की रिपोर्ट बृजपुर थाना में दर्ज कराई गई है।

रास्ते में रोककर किया हमला

पुलिस थाना बृजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते पीड़ित वनकर्मी।
विश्रामगंज वन परिक्षेत्र की रहुनिया बीट के वन कक्ष क्रमांक पी-367 अंतर्गत देवन सेहा में अवैध हीरा खदानें संचालित होने का पता चलने पर बीटगार्ड संजय पटेल ने सर्किल प्रभारी इटवां अजित खरे को इसकी सूचना दी। मामले की गम्भीरता को देखते हुये तत्परता से सर्किल प्रभारी अजीत खरे ने हमराही वनकर्मी अखिलेश चौहान, अंजनी दीक्षित, प्रताप सिंह व चौकीदार रंजीत सिंह के साथ मौके पर पहुंच कर दबिश देते हुये हीरा खनन कर रहे पप्पू अहिरवार, लल्लू अहिरवार निवासी ग्राम छतैनी को रंगे हांथ गिरफ्तार कर लिया। वनकर्मी जब दोनों आरोपियों को अपनी मोटर साईकिलों से लेकर बाबूपुर वन चौकी आ रहे थे तभी रास्ते में रहुनिया घाटी के समीप स्कार्पियो और पिकअप वाहन में सवार हो कर आए हीरा खनन माफिया और उनके गुर्गों ने कट्टे की नोंक पर उन्हें रोक लिया। अपने लोगों की गिरफ्तारी से बौखलाये माफिया रज्जन महाराज निवासी माधौगंज अजयगढ़, उनके साथी नत्थू खरे निवासी गुजार तहसील पन्ना, लाखन सिंह उर्फ लक्खू गौंड़ निवासी गुजार, पप्पू अहिरवार, पप्पू खरे, नत्थू खरे, लल्लू अहिरवार निवासी छतैनी हाल निवासी गुजार व अन्य 10-15 लोगों ने मिलकर वनकर्मियो के ऊपर लाठी-डण्डों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया।

घायल वनकर्मियों को पुलिस ले गई थाना

पुलिस को अपनी चोटें दिखाता हमले में घायल वनकर्मी।
मोटर साईकिल से पीछे आए वनकर्मियों ने जब अपने साथियों को पिटते हुये देखा तो तत्काल 100 डायल पर पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच हमलावरों ने घेराबंदी कर उन पर भी हमला बोल दिया। वनकर्मियों की बेदम पिटाई करने के बाद माफिया उनकी अभिरक्षा से अपने दोनों साथियों सहित जप्तशुदा औजार छुड़ाकर मौके से भाग निकले। कुछ देर बाद घटनास्थल पर पहुंची डायल 100 पुलिस के द्वारा घायल वनकर्मियों को बृजपुर थाना ले जाया गया।

करीब पाँच घण्टे बाद मिला उपचार

जिला चिकित्सालय में इलाज हेतु भर्ती घायल वनकर्मी एवं उन्हें देखने पहुँचे स्टॉफ के लोग।
मैदानी अमले पर हमला होने की जानकारी मिलते ही विश्रामगंज रेंजर इन्द्रसिंह धाकड़, एसडीओ नरेन्द्र सिंह परिहार भी थाना पहुंच गये। करीब 5 घण्टे तक चली पुलिस की कार्यवाही के बाद शाम के समय घायलों को इलाज हेतु पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय मे भर्ती कराया गया। घायलों में वनरक्षक संजय पटेल, अखलेश चौहान, परिक्षेत्र सहायक अजीत खरे को गम्भीर चोटें आई हैं। उत्तर वन मंडल के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने जिला चिकित्सालय पहुंच कर घायलों के इलाज की जानकारी प्राप्त की। यह घटनाक्रम बृजपुर-पहाड़ीखेरा सहित समूचे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। घायल वनकर्मियों की रिपोर्ट पर बृजपुर थाना पुलिस ने छः नामजद आरोपियों एवं 10-12 अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा- 341, 147, 148, 149, 353, 332,186, 294, 506 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।