* पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटन की घटना
* अकेले रहने वाले वृद्ध के क़त्ल की वजह का नहीं चला पता
* अज्ञात कातिल के सम्बंध में घटनास्थल से मिले कई अहम् सुराग
पन्ना/सलेहा।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक दलित वृद्ध की कुल्हाड़ी मारकर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई। शनिवार 20 जुलाई की सुबह अंधे क़त्ल की वारदात का जब आस-पड़ोस के लोगों को पता चला तो सनसनी फैल गई। घटना सलेहा थाना क्षेत्र के कटन ग्राम की है। हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर पहुंची सलेहा थाना पुलिस को घटनास्थल से अज्ञात कातिल से जुड़े कुछ अहम् सुराग मिले है, जिनके आधार पर पुलिस के अधिकारी वारदात का जल्द से जल्द से खुलासा करने की बात कह रहे हैं।
सलेहा थाना के ग्राम कटन में गिरवारा मार्ग पर कुशवाहा ढावा के आगे मैकूलाल चौधरी पुत्र सलारू चौधरी 58 वर्ष निवासी ग्राम तिघराबुजुर्ग हाल निवास कटन घर पर अकेला रहता था। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात आज्ञात अपराधी ने कुल्हाड़ी से हमला कर मैकूलाल चौधरी की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। जघन्य हत्याकांण्ड की सूचना मिलने पर सलेहा थाना प्रभारी निरंकार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस की एफएसएल टीम और डाॅग स्क्वाड को घटनास्थल के निरीक्षण हेतु बुलाया गया। मैकूलाल की गर्दन पर कुल्हाड़ी के हमले के गहरे घाव पाए गए। मौके पर टुटी हुई माला भी मिली है, जिससे कातिल और मृतक के बीच संघर्ष होने का अंदेशा जताया जा रहा है। घटनास्थल से पुलिस को अज्ञात कातिल के संबध में कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस के द्वारा शीघ्र ही अंधेकत्ल का खुलासा कर हत्यारोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।

बहरहाल पुलिस की प्रारंम्भिक जांच में वृद्ध मैकूलाल चौधरी की हत्या की वजह पता नहीं चल सका। इस वारदात की खबर फैलने के बाद से हर किसी के दिमाग में सिर्फ एक ही बात कौंद रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह हो सकती है जिसके चलते मैकूलाल की इतनी बेरहमी से हत्या की गई। ऐसी चर्चा है कि कातिल कोई परिचित व्यक्ति हो सकता है। दरअसल तभी तो वह देर रात हत्या की वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग निकला और किसी को उसकी भनक तक नहीं लगी। थाना प्रभारी निरंकार सिंह एवं कल्दा चौकी प्रभारी रज्जन दुबे ने घटना के संबध में आस-पड़ोस के लोगों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। सलेहा थाना पुलिस ने इस घटना पर अज्ञात कातिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है।
इनका कहना है –
“घटना स्थल से पुलिस को अज्ञात कातिल से जुड़े कुछ अहम् सुराग मिले हैं, उम्मीद है कि हत्यारोपी को गिरफ्तार कर शीघ्र ही अंधेकत्ल का खुलासा किया जाएगा। सलेहा थाना की पुलिस टीम इस पर काम कर रही है।”
– मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक पन्ना।
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पन्ना शहर से लगभग 5 किलोमीटर पन्ना-अमानगंज मार्ग से लेकर झलाई ग्राम तक मुख्यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत जीएसबी सड़क का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग (आरईएस) पन्ना द्वारा ठेके पर कराया जा रहा है। इस पहुंच मार्ग का ठेका भोपाल की निर्माण कम्पनी डीएलएच इन्फ्रा प्रोजेक्ट का है। पिछले एक माह से चल रहे सड़क निर्माण हेतु ठेका कम्पनी द्वारा झलाई ग्राम के बाहरी इलाके में वन सीमा के नजदीक रिक्त पड़ी शासकीय भूमि पर दैत्याकार मशीनों से खुदाई कर मुरूम निकाली जा रही है। तकरीबन 7 किलोमीटर लम्बाई और 6 मीटर चौड़ाई वाली इस सड़क में अब तक एक फिट ऊंची मुरूम की परत बिछाई जा चुकी है। इससे अवैध उत्खनन कर निकाली गई मुरूम की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिना किसी वैधानिक अनुमति के मुरूम का उत्खनन कार्य मौके पर अभी भी जारी है। निर्माण कम्पनी के डायरेक्टर मनदीप सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि मुरूम के खनन की अनुमति तहसील कार्यालय पन्ना से प्रदान की गई है। जबकि खनिज सम्पदा के उत्खनन की अनुमति नियमानुसार खनिज विभाग द्वारा दी जाती है। ठेका कम्पनी डायरेक्टर के दावे पर संदेह के चलते पड़ताल करने पर जिला खनिज अधिकारी कार्यालय से पता चला कि उनके विभाग के द्वारा ग्राम झलाई में किसी तरह के खनन की किसी को भी अस्थाई अनुमति या लीज प्रदान नहीं की गई है।
पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी से बात करने पर उन्होंने पहले तो बताया कि उनके कार्यालय से किसी को भी झलाई ग्राम में मुरूम के खनन की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि बाद में उन्होंने संबंधित लिपिक से चर्चा करने के पश्चात मोबाइल पर पुख्ता तौर पर जानकारी देने की बात कही है। तहसीलदार से जब इसकी अधिकारिक पुष्टि हेतु उनके मोबाइल फोन पर अलग-अलग समय पर कॉल कर उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो कई बार घंटी बजने के बाद भी उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर, संबंधित हलका पटवारी राजेश सोनी से जब बात की गई तो उन्हें सिर्फ इतना ही पता था कि झलाई पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन, उसमें जो मुरूम डाली जा रही है वह कहां से लाई जा रही है इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। पटवारी से जब यह पूंछा गया कि झलाई में क्या मुरूम खदान की लीज स्वीकृत है या फिर किसी व्यक्ति अथवा विभाग को मुरूम खनन की अस्थाई अनुमति दी गई है तो वे सीधे तौर पर सच्चाई स्वीकार करने के बजाए जानकारी न होने की बात कहकर जबाब देने से बचते रहे। हद तो तब हो गई जब बुधवार 17 जुलाई को झलाई कोठी पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करने के बाद भी पटवारी राजेश सोनी मुरूम के खनन की अनुमति तहसील कार्यालय से जारी होने अथवा न होने के के सम्बंध कोई जबाब नहीं दे सके।











परिषद के सदस्य सचिव श्री शर्मा ने कहा कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये व्यस्त मार्गों को अतिक्रमण-मुक्त करने के लिये सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिये जा रहे हैं। थाना प्रभारियों को शहरी क्षेत्र में कम उम्र के युवाओं के वाहन चलाने तथा बिना लायसेंस और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने के लिये कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को भी पत्र भेजकर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले छात्र-छात्राओं को कठोरता से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा जायेगा।




