* पन्ना जिले के मलेरिया प्रभावित 67 ग्रामों में निःशुल्क खिलाई जाएगी दवा
* आंगनवाडी एवं आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर दो चरणों कराएँगी दवा का सेवन
* पिछले वर्ष दवा के सेवन से मलेरिया केसों में आई थी 50 प्रतिशत तक की कमी
पन्ना।(www.radarnews.in) जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया है कि जिले में वर्ष 2018 के आंकड़ों के आधार पर मलेरिया से प्रभावित 67 ग्रामों में आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ’’मलेरिया ऑफ 200’’ दवा के सेवन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अजयगढ़ ब्लॉक के 8 ग्राम, पन्ना ब्लॉक के 12 ग्राम, गुनौर ब्लॉक के 20 ग्राम और पवई ब्लॉक के 27 ग्रामों में आंगनवाडी एवं आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर लोगों को इस दवा का सेवन करायेंगी। यह दवा एक वर्ष तक मलेरिया रोग से बचाव के लिए टीके की तरह काम करेगी। दवा सेवन का यह अभियान दो चरणों में सम्पन्न होगा प्रथम चरण में दिनांक 03 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त तथा द्वितीय चरण दिनांक 11 सितम्बर, 18 सितम्बर एवं 25 सितम्बर 2019 को आयोजित होगा। चिन्हित ग्रामों में प्रत्येक परिवार के प्रत्येक सदस्य को होम्योपैथिक रोग प्रतिरोधक औषधि मलेरिया ऑफ 200 की एक-एक खुराक (6-6 गोलियां) निःशुल्क खिलाई जाएगी।
दवा का अवश्य करें सेवन





एनएसयूआई ने तो भारतीय जनता पार्टी के लोगों पर हत्या के मामले के राजनीतिकरण का प्रयास करने का खुला आरोप लगाया है। एनएसयूआई का कहना है कि, जाति की राजनीति करने वाले लोग पन्ना जिले की शांति भंग करने का प्रयास कर माहौल को दूषित कर रहे हैं। इन आरोपों ने नीलेश दिवेदी हत्याकाण्ड को लेकर सियासी और सामाजिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। दरअसल भाजपा नेता की हत्या का मुख्य आरोपी लाल साहब बुंदेला पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष का भतीजा है। इस प्रकरण में पुलिस ने लाल साहब बुंदेला सहित चार लोगों को आरोपी बनाया है। पीड़ित पक्ष ने जब से दो और लोगों को आरोपी बनाने की मांग उठाई है तभी से विवाद बढ़ने लगा है।




भारतीय जनता युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे नीलेश दिवेदी की जघन्य हत्या को लेकर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं में भी काफी आक्रोश है। इस हत्याकाण्ड से स्तबध भाजपा नेता, समाजजान एवं क्षेत्र के लोग अपनी शोक संवेदना व्यक्त करने लगातार मोहनपुरा पहुँच रहे है। रविवार को खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा भी मोहनपुरा पहुँचे और नीलेश के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि नीलेश के रूप में भाजपा ने एक कर्मठ कार्यकर्ता को खो दिया और इस गाँव तथा क्षेत्र के लोगों ने अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले एक जुझारू-संघर्षशील व्यक्तित्व को खोया है, यह क्षति अपूर्णीय है। दिवेदी परिवार पर जो वज्रपात टूटा है, उसका मुझे एहसास है।


परिजनों का आरोप है कि यहाँ तकरीबन 3 घण्टे तक कार्यवाही के नाम पर चौकी प्रभारी मान सिंह उन्हें रोके रहे। इस दौरान नीलेश के पैर से लगातार खून बहता रहा। लोगों का ऐसा मानना है कि पैर में गोली लगने की स्थिति में नीलेश की जान बचाई जा सकती थी लेकिन समय पर समुचित प्राथमिक उपचार हेतु 20 किलोमीटर दूर पन्ना जिला चिकित्सालय लाने के बजाए बाद में उसे 70 किलोमीटर दूर स्थित सतना ले जाया गया। अत्याधिक खून बहने और इलाज में देरी के कारण नीलेश की हालत तब तक काफी नाजुक हो चुकी थी। सतना में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडीकल कॉलेज रीवा के लिए रिफर किया गया, जहाँ शुक्रवार की ही शाम उसकी मौत हो गई। विचारणीय पहलू है कि ककरहटी में तीन घण्टे तक नीलेश के घायल अवस्था में रहने के बाबजूद उसके मृत्यु पूर्व कथन दर्ज नहीं हो सके। परिजनों का आरोप है कि नीलेश की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उसके इलाज में देरी से लेकर मृत्यु पूर्व कथन दर्ज कराने में चौकी प्रभारी ककरहटी ने जानबूझकर देरी की है।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी के परिजनों ने पन्ना में पुलिस और मीडियाकर्मियों को बताया कि सामना पंचायत में दबंग बुन्देला परिवार ने अपना राजनैतिक वर्चस्व को बनाए रखने के लिए उनके भाई की हत्या की है। नीलेश की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी लाल साहब बुन्देला के परिजन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। इनका आरोप है कि पंचायत में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस बुन्देला परिवार के इशारे पर समाना में पूर्व में भी हत्याएँ हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि पंचायत में कई दशकों से काबिज बुन्देला परिवार को पिछले चुनाव में नीलेश समर्थित प्रत्याशी से कड़ी चुनौती मिली थी। फलस्वरूप चुनावी बुराई और मकान निर्माण के विवाद के चलते उनके भाई की हत्या की गई है। भाजपा नेता नीलेश दिवेदी की हत्या की वारदात को लेकर ककरहटी क्षेत्र सहित समूचे जिले में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। शनिवार को पन्ना में शव रखकर धरना देने के दौरान पीड़ित परिजनों क्षेत्र के लोगों की एडीशनल एसपी बी.के. सिंह और अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी से हुई तीखी नोंकझोंक के दौरान हत्याकाण्ड को लेकर जन आक्रोश साफतौर देखा गया।




















