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’’मलेरिया ऑफ 200’’ : टीके की तरह काम करेगी यह होम्योपैथिक दवा, एक बार सेवन करने से सालभर नहीं होगा मलेरिया

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना जिले के मलेरिया प्रभावित 67 ग्रामों में निःशुल्क खिलाई जाएगी दवा

* आंगनवाडी एवं आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर दो चरणों कराएँगी दवा का सेवन

* पिछले वर्ष दवा के सेवन से मलेरिया केसों में आई थी 50 प्रतिशत तक की कमी

पन्ना।(www.radarnews.in) जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया है कि जिले में वर्ष 2018 के आंकड़ों के आधार पर मलेरिया से प्रभावित 67 ग्रामों में आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ’’मलेरिया ऑफ 200’’ दवा के सेवन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अजयगढ़ ब्लॉक के 8 ग्राम, पन्ना ब्लॉक के 12 ग्राम, गुनौर ब्लॉक के 20 ग्राम और पवई ब्लॉक के 27 ग्रामों में आंगनवाडी एवं आशा कार्यकर्ता घर -घर जाकर लोगों को इस दवा का सेवन करायेंगी। यह दवा एक वर्ष तक मलेरिया रोग से बचाव के लिए टीके की तरह काम करेगी। दवा सेवन का यह अभियान दो चरणों में सम्पन्न होगा प्रथम चरण में दिनांक 03 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त तथा द्वितीय चरण दिनांक 11 सितम्बर, 18 सितम्बर एवं 25 सितम्बर 2019 को आयोजित होगा। चिन्हित ग्रामों में प्रत्येक परिवार के प्रत्येक सदस्य को होम्योपैथिक रोग प्रतिरोधक औषधि मलेरिया ऑफ 200 की एक-एक खुराक (6-6 गोलियां) निःशुल्क खिलाई जाएगी।

दवा का अवश्य करें सेवन

सांकेतिक फोटो।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने सभी संबंधित ग्राम के निवासियों से अनुरोध किया है कि शासन के निर्देशानुसार मलेरिया रोग प्रतिरोधक दवा का सेवन करें और स्वयं और अपने परिवार को मलेरिया रोग से बचावें। वर्ष 2017 में भी जिले के 149 ग्रामों में यह कार्यक्रम चालू किया गया था जिससे संबंधित ग्रामों में लगभग 40 से 50 प्रतिशत मलेरिया के प्रकरणों में कमी दर्ज हुई थी।

नीलेश हत्याकाण्ड : शुरू हुई सियासत, भाजपा बनाम कांग्रेस और ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय होने लगा मामला ?

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पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को ज्ञापन सौंपते क्षत्रिय महासभा के सदस्यगण एवं कांग्रेस नेता।

* क्षत्रिय महासभा व कांग्रेस के छात्र संगठन ने SP को सौंपा ज्ञापन

* जघन्य हत्याकाण्ड को राजनैतिक और जातिगत रूप देने का लगाया आरोप

* दबाब में अथवा फंसाने के उद्देश्य से प्रकरण में दर्ज न किए जाएं बेगुनाहों के नाम

* एनएसयूआई ने भाजपा पर लगाया हत्याकाण्ड का राजनीतिकरण करने का आरोप

पन्ना। (www.radarnews.in) भाजपा नेता नीलेश दिवेदी की दिनदहाड़े की गई जघन्य हत्या को लेकर व्यापक जनाक्रोश के बीच इस संवेदनशील आपराधिक प्रकरण पर कथित तौर राजनीति शुरू हो गई। इस मामले को भाजपा बनाम कांग्रेस और ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय का रूप दिया जा रहा है। जबकि गत दिनों नीलेश का शव रखकर पन्ना के डायमण्ड चौराहे में क्षेत्र के लोगों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण समाज पन्ना के अध्यक्ष रामगोपाल तिवारी समेत समाज के कई बड़े नेता पहले ही यह साफ़ कर चुके हैं कि लाश पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बकायदा चेतावनी देते हुए कहा था कि इस मामले को यदि जातिगत अथवा राजनैतिक रूप देने की कोशिश की गई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, पन्ना का क्षत्रिय समाज भी इसके विरोध में है। विचारणीय पहलू यह कि जब दोनों ही पक्ष नीलेश हत्याकाण्ड पर एक जैसी सोच रखते हैं तो इस जघन्य मामले में राजीनीति कौन कर रहा है ! इसे समझने की जरुरत है ? उल्लेखनीय है कि सोमवार 29 जुलाई को क्षत्रिय महासभा शाखा पन्ना और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने पन्ना पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर नीलेश हत्याकाण्ड को राजनैतिक एवं जातिगत रुप दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

भंग होगी शांति दूषित होगा माहौल

एनएसयूआई ने तो भारतीय जनता पार्टी के लोगों पर हत्या के मामले के राजनीतिकरण का प्रयास करने का खुला आरोप लगाया है। एनएसयूआई का कहना है कि, जाति की राजनीति करने वाले लोग पन्ना जिले की शांति भंग करने का प्रयास कर माहौल को दूषित कर रहे हैं। इन आरोपों ने नीलेश दिवेदी हत्याकाण्ड को लेकर सियासी और सामाजिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। दरअसल भाजपा नेता की हत्या का मुख्य आरोपी लाल साहब बुंदेला पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष का भतीजा है। इस प्रकरण में पुलिस ने लाल साहब बुंदेला सहित चार लोगों को आरोपी बनाया है। पीड़ित पक्ष ने जब से दो और लोगों को आरोपी बनाने की मांग उठाई है तभी से विवाद बढ़ने लगा है।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का घायल अवस्था का चित्र।
राजनैतिक हत्या से जुड़े इस मामले नीलेश के परिजन पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं है। उनके मुताबिक हत्याकाण्ड को 6 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने अन्य दो लोगों का नाम हत्या के प्रकरण जोड़ने का आश्वासन पीड़ित पक्ष को दिया है। इसी के बाद से आशंकाओं और आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। क्षत्रिय महासभा शाखा पन्ना और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी को बकायदा ज्ञापन सौंपकर यह आरोप लगाया है कि हत्याकाण्ड को जातिगत अथवा राजनैतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। पुलिस पर दबाब बनाकर प्रकरण में उनके नाम जुड़वाए जा रहे हैं जिनका इससे कोई लेना देना नहीं है।

निष्पक्ष जाँच कर की जाए कार्यवाही

नीलेश हत्याकाण्ड के सम्बंध में सौंपे गए ज्ञापन को लेकर पत्रकारों से चर्चा करते पूर्व मंत्री कैप्टन जयपाल सिंह।
क्षत्रिय महासभा ने अपने ज्ञापन में यह लेख किया है कि नीलेश की हत्या से हम सभी व्यथित और दुखी हैं। इस प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। किसी के दबाब, बहकावे अथवा व्यक्तिगत फंसाने के उद्देश्य से प्रकरण में कोई नाम न जोड़ा जाए। जो वाकई हत्याकाण्ड में शामिल है, उनकी पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वास्तविक आरोपियों की पहचान एवं सच्चाई का पता लगाने के लिए ककरहटी में लगे सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज खंगाले जाए। मोहनपुरा और ककरहटी के निष्पक्ष लोगों से भी घटना के सम्बंध पूँछा जा सकता है कि कौन-कौन लोग घटना के समय कहाँ पर थे। नीलेश की जिस दिन हत्या हुई थी उस दिन ककरहटी का साप्ताहिक बाजार था। चूँकि घटना 11 से 12 बजे दिन की है इसलिए ककरहटी-मोहनपुरा मार्ग से उस दिन बाजार आने-जाने लोगों से पूँछताँछ कर उनके बयान दर्ज किए जा सकते है। ज्ञापन सौंपने वालों में कैप्टन जयपाल सिंह, भानु सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, भरत सिंह, सुरेन्द्र सिंह, पवन जैन, दीपचंद्र अग्रवाल, सुरेश तिवारी, नृपेन्द्र सिंह मृगेन्द्र सिंह आदि लोग शामिल रहे।

आंदोलन करने की दी चेतावनी

पत्रकारों को जानकारी देते क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह।
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह गहरवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा के लोग नीलेश दिवेदी हत्याकाण्ड का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे है। जिन लोगों का इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है उनके नाम अनावश्यक रूप से जोड़ने हेतु दबाब बनाया जा रहा है। जातिगत राजनीति करने वाले ये लोग पन्ना जिले की शांति भंग करने का प्रयास कर माहौल को दूषित कर रहे हैं। एनएसयूआई का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्याकाण्ड में जो लोग लिप्त हैं उनके विरुद्ध कार्यवाही किए जाने पर कोई आपत्ती नहीं है। लेकिन, दबाबवश अनावश्यक रूप से जिनका प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है उनके नाम न घसीटे जाए। अगर ऐसा किया गया तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी। हालांकि ऐसी भी चर्चाएं है कि नीलेश हत्याकाण्ड को लेकर जिले के कांग्रेस नेता दो धड़ों में बंटे है। आमजन की ही तरह अधिकाँश कांग्रेसियों की सहानुभूति और संवेदनाएं दिवेदी परिवार के साथ है। सभी चाहते हैं कि इस मामले में निष्पक्ष कार्यवाही हो और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिले।

नीलेश हत्याकाण्ड : गम और गुस्से के बीच हुआ अंतिम संस्कार, मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि तो छलक उठीं आँखें

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भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का अंतिम संस्कार ग़मगीन माहौल में गृहग्राम मोहनपुरा में किया गया।

* अंतिम यात्रा में शामिल सैंकड़ों लोगों ने की हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की माँग

* सांसद ने मोहनपुरा पहुँचकर पीड़ित परिवार के प्रति व्यक्त की शोक संवेदना

पन्ना। (www.radarnews.in) भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का अंतिम संस्कार रविवार को उनके गृहग्राम मोहनपुरा में बेहद तनाव भरे ग़मगीन माहौल में हुआ। अंतिम यात्रा में ककरहटी क्षेत्र सहित समूचे जिले से सैंकड़ों की संख्या में शामिल हुए लोगों में नीलेश की जघन्य हत्या को लेकर जबर्दस्त रोष देखा गया। गम और गुस्से के बीच चिता पर रखी पिता की पार्थिव देह को मासूम बेटे अंशुमान दिवेदी ने जब काँपते हुए हाथों से मुखाग्नि दी तो वहाँ मौजूद लोगों की आँखें छलक उठीं। हृदय को रुला देने वाले इस दृश्य को देख लोग नीलेश के कातिलों को बददुआ देने लगे। नीलेश अपने पीछे पुत्र अंशुमान द्विवेदी 7 वर्ष व पुत्री श्रेया द्विवेदी 9 वर्ष एवं पत्नी सहित भरा पूरा परिवार रोता-बिलखता छोड़ कर चले गए। हत्या की वारदात के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल। दिवेदी परिवार हर क्षण मातमी चीखें गूँज रहीं हैं।
नीलेश की मौत पर विलाप करते हुए बिलख-बिलख कर रोतीं परिवार की महिलायें।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के बाद से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। जिसके मद्देनजर मोहनपुरा में रविवार 28 जुलाई को नीलेश के अंतिम संस्कार के समय बड़ी संख्या में पुलिस बल एहतियात के तौर तैनात रहा। लोगों ने पुलिस से नीलेश के कातिलों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की माँग की है। उल्लेखनीय है कि नीलेश भजपा में शामिल होने के पूर्व सपाक्स के जिला अध्यक्ष रहे हैं। शुक्रवार 26 जुलाई को दोपहर करीब 11:30 बजे ककरहटी से बाइक पर सवार होकर मोहनपुरा जाते समय रास्ते में सशस्त्र अपराधियों ने पैर में तीन गोलियाँ मारकर लाठी-डण्डे व रॉड से प्राणघातक हमला कर दिया था। अत्यंत ही गंभीर रुप से घायल नीलेश की शुक्रवार शाम इलाज के दौरान मेडीकल कॉलेज रीवा में मौत हो गई थी।

शोक संतृप्त परिजनों से मिले सांसद

भारतीय जनता युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे नीलेश दिवेदी की जघन्य हत्या को लेकर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं में भी काफी आक्रोश है। इस हत्याकाण्ड से स्तबध भाजपा नेता, समाजजान एवं क्षेत्र के लोग अपनी शोक संवेदना व्यक्त करने लगातार मोहनपुरा पहुँच रहे है। रविवार को खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा भी मोहनपुरा पहुँचे और नीलेश के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि नीलेश के रूप में भाजपा ने एक कर्मठ कार्यकर्ता को खो दिया और इस गाँव तथा क्षेत्र के लोगों ने अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले एक जुझारू-संघर्षशील व्यक्तित्व को खोया है, यह क्षति अपूर्णीय है। दिवेदी परिवार पर जो वज्रपात टूटा है, उसका मुझे एहसास है।
नीलेश के बच्चों को दुलारते खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं बगल में बैठे भाजपा के अन्य नेतागण।
आपने शोकाकुल परिवार को दुःख की इस घड़ी में हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। सांसद श्री शर्मा द्वारा नीलेश के दोनों बच्चों को दुलारते हुए पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी गई। उन्होंने इस गहन दुःख को सहन करने के लिए परिजनों को शक्ति प्रदान करने एवं मृत आत्मा को शांति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। सांसद ने फरार हत्यारोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को लेकर पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी से बात कर उनसे आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, विनोद तिवारी एडवोकेट, संजीत सरकार सहित बड़ी संख्या में ककरहटी क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का घायल अवस्था का चित्र।

नीलेश हत्याकाण्ड | आक्रोशित लोगों ने सड़क पर शव रखकर दिया धरना, SP ने ककरहटी चौकी प्रभारी को किया निलंबित, पुलिस ने अन्य माँगे भी मानी

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पन्ना के जगात चौकी चौराहे पर भाजपा नेता नीलेश का शव रखकर धरना दिया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

 * हत्या के दर्ज प्रकरण में दो आरोपियों के बढ़ाए जाएँगे नाम

* आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक पीड़ित परिजनों को मिलेगी पुलिस सुरक्षा

* खतरे के मद्देनजर आत्मरक्षा के लिए पीड़ित परिवार को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस

* उपचार को लेकर पुलिस की लापहरवाही बनी बीजेपी नेता की मौत का कारण

* पुरानी बुराई और पंचायत में प्रभुत्व कायम रखने को लेकर की गई नीलेश की हत्या

पन्ना। (www.radarnews.in) भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता नीलेश दिवेदी की जघन्य हत्या के तकरीबन 24 घण्टे बाद शनिवार शाम को रीवा से जब पार्थिव शव उनके गृह ग्राम मोहनपुरा पहुँचा तो तनाव फैल गया। भारी हंगामे और रोष के बीच हत्यारोपियों की गिरफ्तारी सहित अन्य माँगों को लेकर पीड़ित परिजन एम्बुलेंस में शव को लेकर पन्ना पहुँचे और यहाँ डायमण्ड चौराहे पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। इस बीच करीब एक घण्टे डायमण्ड चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील रहा। आक्रोशित लोगों ने भाजपा नेता नीलेश की मौत के लिए ककरहटी चौकी प्रभारी को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का घायल अवस्था का चित्र।
आरोप है कि नीलेश के ऊपर किए गए जानलेवा हमले में पैर में तीन गोलियाँ लगने, लाठी-डण्डों एवं रॉड के प्रहार से बुरी तरह लहूलुहान होने तथा अत्यंत ही नाजुक हालत के बाबजूद उसे ककरहटी चौकी प्रभारी की घोर लापरवाही के कारण समय पर समुचित प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। जिससे उसकी मौत हो गई। धरनास्थल पर मौजूद एडीशनल एसपी बी.के. सिंह परिहार एवं अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी ने बताया कि नीलेश के इलाज में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी ने ककरहटी चौकी प्रभारी मान सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके आलावा उन्होंने दर्ज प्रकरण में दो आरोपियों के नाम बढ़ाने, आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने, आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। तब कहीं जाकर देर शाम बमुश्किल परिजन शव को लेकर गाँव के लिए रवाना हुए और स्थिति सामान्य हो सकी।

3 घण्टे बाद पन्ना के बजाए सतना भेजा

पुलिस अधिकारियों से बात कर उन्हें अपनी माँगें बताते पीड़ित परिजन।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 26 जुलाई को दोपहर 11:30 बजे नीलेश दिवेदी 30 वर्ष ककरहटी से सब्जी लेने के बाद बाईक से राजेश शुक्ला के साथ अपने गाँव मोहनपुरा जा रहे थे। रास्ते में अटरहा नाला के समीप सशस्त्र दबंगों ने अचानक उन्हें रोक लिया। नीलेश और राजेश कुछ समझ पाते कि तभी लाल साहब बुन्देला निवासी सामना, जगदीश राजपूत निवासी रनवाहा, भूपत अहिरवार निवासी घटारी एवं सत्तार खान निवासी पन्ना ने उनके साथ लाठी-डण्डों से मारपीट करते हुए मोबाईल फोन और रूपये छीन लिए। इनके विरोध करने से बौखलाये हमलावरों ने कट्टे से नीलेश को जान से मारने के लिए उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। नीलेश के पैर में तीन गोलियां लगने से लहूलुहान हालत में उसके जमीन पर गिरते ही हमलावर मौके से भाग निकले। आनन-फानन में गंभीर हालत में नीलेश को ककरहटी लाया गया।
परिजनों का आरोप है कि यहाँ तकरीबन 3 घण्टे तक कार्यवाही के नाम पर चौकी प्रभारी मान सिंह उन्हें रोके रहे। इस दौरान नीलेश के पैर से लगातार खून बहता रहा। लोगों का ऐसा मानना है कि पैर में गोली लगने की स्थिति में नीलेश की जान बचाई जा सकती थी लेकिन समय पर समुचित प्राथमिक उपचार हेतु 20 किलोमीटर दूर पन्ना जिला चिकित्सालय लाने के बजाए बाद में उसे 70 किलोमीटर दूर स्थित सतना ले जाया गया। अत्याधिक खून बहने और इलाज में देरी के कारण नीलेश की हालत तब तक काफी नाजुक हो चुकी थी। सतना में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडीकल कॉलेज रीवा के लिए रिफर किया गया, जहाँ शुक्रवार की ही शाम उसकी मौत हो गई। विचारणीय पहलू है कि ककरहटी में तीन घण्टे तक नीलेश के घायल अवस्था में रहने के बाबजूद उसके मृत्यु पूर्व कथन दर्ज नहीं हो सके। परिजनों का आरोप है कि नीलेश की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उसके इलाज में देरी से लेकर मृत्यु पूर्व कथन दर्ज कराने में चौकी प्रभारी ककरहटी ने जानबूझकर देरी की है।
नीलेश को इंसाफ दिलाने धरने पर बैठा भाई एवं अन्य परिजन।

वर्चस्व बनाए रखने के लिए की गई हत्या

भाजपा नेता नीलेश दिवेदी के परिजनों ने पन्ना में पुलिस और मीडियाकर्मियों को बताया कि सामना पंचायत में दबंग बुन्देला परिवार ने अपना राजनैतिक वर्चस्व को बनाए रखने के लिए उनके भाई की हत्या की है। नीलेश की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी लाल साहब बुन्देला के परिजन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। इनका आरोप है कि पंचायत में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस बुन्देला परिवार के इशारे पर समाना में पूर्व में भी हत्याएँ हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि पंचायत में कई दशकों से काबिज बुन्देला परिवार को पिछले चुनाव में नीलेश समर्थित प्रत्याशी से कड़ी चुनौती मिली थी। फलस्वरूप चुनावी बुराई और मकान निर्माण के विवाद के चलते उनके भाई की हत्या की गई है। भाजपा नेता नीलेश दिवेदी की हत्या की वारदात को लेकर ककरहटी क्षेत्र सहित समूचे जिले में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। शनिवार को पन्ना में शव रखकर धरना देने के दौरान पीड़ित परिजनों क्षेत्र के लोगों की एडीशनल एसपी बी.के. सिंह और अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी से हुई तीखी नोंकझोंक के दौरान हत्याकाण्ड को लेकर जन आक्रोश साफतौर देखा गया।

नेताओं के बीच हुई तीखी बहस

पन्ना में धरना के दौरान भाजपा नेता नीलेश दिवेदी का शव एम्बुलेंस में रखा रहा।
नीलेश हत्याकाण्ड को भाजपा बनाम कांग्रेस के साथ-साथ ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय के राजनैतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। शनिवार शाम को पन्ना में जब नीलेश का शव रखकर क्षेत्र के आक्रोशित लोग और पीड़ित परिजन धरने पर बैठे थे तभी श्रीकांत दीक्षित उर्फ पप्पू भैया और ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष रामगोपाल तिवारी की भाजपा नेता संजय नगायच से तीखी बहस हो गई। इस दौरान सार्वजानिक तौर पर पहली बार रामगोपाल तिवारी काफी गुस्से में नजर आए। उन्होंने संजय नगायच को हर मामले राजनीति न करने की सख्त चेतावनी देते हुए जमकर फटकार लगाई। आपस में उलझे ब्राह्मण समाज के दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ने से रोकने के लिए तुरंत कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर मसले को शांत कराया।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
इस विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित उर्फ पप्पू भैया की टिपण्णी से हुई। उन्होंने जब यह कहा कि-“मोनपुरवा में ही पुलिस जब सभी माँगे मानने को तैयार थी और वहीं पर साक्षियों के बयान दर्ज किए जाने है तो पन्ना में शव लाकर सीमित लोगों के साथ में यह सब करने का क्या औचित्य है…ऐसे मौकों पर हमें राजनीति न कर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।” चर्चा है कि इस बात पर भड़कते हुए संजय नगायच ने कथित तौर पर अशोभनीय टिप्पणी कर दी। फिर क्या था, श्रीकांत दीक्षित ने संजय को उन्हीं की भाषा में जबाब देते हुए कहा कि सच्चाई के साथ खड़े होने में उन्हें किसी से डर नहीं लगता। इस बीच श्रीकांत को छोड़ रामगोपाल तिवारी और संजय नगायच उलझ पड़े। इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए मौके पर असहज स्थिति निर्मित हो गई। पीड़ित परिवार के लोग और पुलिस इस बहसबाजी को शांति से देखते रहे। इस दौरान युवा नेता अंकुर त्रिवेदी, रामौतार पाठक बब्लू, मनीष मिश्रा, मुरारी लाल थापक, प्रमोद पाठक, दिनेश गोस्वामी, बृजेन्द्र गर्ग, वैभव थापक, दीपक तिवारी, रामबिहारी गोस्वामी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

एमपी में BJP के एक और नेता की जघन्य हत्या, दबंगों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर वारदात को दिया अंजाम

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घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करते पुलिस के अधिकारी।

* भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़ा था मृतक नीलेश दिवेदी

* चार आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने नामजद प्रकरण किया दर्ज

* हत्या की वारदात से पन्ना जिले में दहशत और तनाव का माहौल

* क़ानून व्यवस्था के मोर्चे पर कमलनाथ सरकार के खिलाफ आक्रोश

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के गठन के बाद से राज्य में विपक्षी दल भाजपा के नेताओं की हत्या की सनसनीखेज घटनायें लगातार सामने आ रहीं। प्रदेश में महिलाओं-बच्चियों व कमजोर वर्गों के खिलाफ तेजी से बढ़ते जघन्य अपराधों, मॉब लिंचिंग की शर्मनाक वारदातों और भाजपा नेताओं की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ तथा उनकी सरकार पर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष निशाने पर है। हाल ही में दण्ड संशोधन विधेयक पर वोटिंग के बहाने विधानसभा में बहुमत साबित कर चुकी कांग्रेस सरकार की मुश्किलें फिलहाल कम होती हुई नजर नहीं आ रही हैं। प्रदेश में अराजकता पूर्ण स्थिति निर्मित होने के गम्भीर आरोप झेल रही कमलनाथ सरकार के खिलाफ सशक्त विपक्ष भाजपा पहले से ही हमलावर है, इस बीच पन्ना जिले में शुक्रवार को भाजपा की यूथ विंग से जुड़े नेता नीलेश दिवेदी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की जघन्य घटना सामने आने के बाद से प्रदेश की सरकार क़ानून व्यवस्था के मोर्चे पर बुरी तरह घिर गई है। कामनाथ सरकार के खिलाफ विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता की हत्या को लेकर जबरदस्त तनाव और आक्रोश को देखते हुए पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक सियासी हलचल तेज हो गई है। मालूम हो कि भाजयुमो में शामिल होने के पूर्व युवा नेता नीलेश दिवेदी सपाक्स से जुड़े थे।

पहले की लूटपाट फिर मारी 3 गोली

सतना में इलाज के दौरान लिया गया नीलेश दिवेदी का फोटो।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार 26 जुलाई को दोपहर 11:30 बजे नीलेश दिवेदी 30 वर्ष ककरहटी से सब्जी लेने के बाद बाईक से राजेश शुक्ला के साथ अपने गाँव मोहनपुरा जा रहे थे। रास्ते में अटरहा नाला के समीप 4 सशस्त्र दबंगों ने अचानक उन्हें रोक लिया। नीलेश और राजेश कुछ समझ पाते कि तभी लाल साहब बुन्देला निवासी सामना, जगदीश राजपूत निवासी रनवाहा, भूपत अहिरवार निवासी घटारी एवं सत्तार खान निवासी पन्ना ने उनके साथ लाठी-डण्डों से मारपीट करते हुए मोबाईल फोन और रूपये छीन लिए। इनके विरोध करने से बौखलाये हमलावरों ने कट्टे से नीलेश को जान से मारने के लिए उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। नीलेश के पैर में तीन गोलियां लगने से लहूलुहान हालत में उसके जमीन पर गिरते ही हमलावर मौके से भाग निकले। इस सनसनीखेज घटना का पता चलते ही ककरहटी चौकी व पन्ना कोतवाली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई। गोली लगने से घायल नीलेश की गम्भीर हालत को देखते हुये उसे समुचित इलाज के लिये पहले सतना और फिर प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल काॅलेज रीवा ले जाया गया। फायरिंग की घटना के बाद काफी देर तक समुचित उपचार न मिलने व 3 गोलियाँ लगने के कारण अत्याधिक खून बहने से कई घण्टे से जिंदगी और मौत से जूझ रहे नीलेश दिवेदी की रीवा में उपचार के दौरान शुक्रवार शाम को मौत हो गई। यह दुखद खबर आते ही समूचे पन्ना जिले में शोक की लहर दौड़ गई। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपने गम और गुस्से का खुलकर इजहार करने लगे।

मकान निर्माण को लेकर था विवाद

खजुराहो सांसद व्हीडी शर्मा के साथ युवा नेता नीलेश दिवेदी का जीवित अवस्था का फोटो।
फायरिंग की घटना के प्रत्यक्षदर्शी एवं दबंगों के कहर झेलने वाले राजेश शुक्ला पिता रामचरन शुक्ला निवासी मोहनपुरा ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिस पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने फिलहाल 4 आरोपियों लाल साहब बुन्देला निवासी सामना, जगदीश राजपूत निवासी रनवाहा, भूपत अहिरवार निवासी घटारी एवं सत्तार खान निवासी पन्ना के विरूद्ध आईपीसी की धारा 307, 34 एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। रीवा में नीलेश की मृत्यु होने की अधिकारिक तौर पर जानकारी प्राप्त होने के बाद प्रकरण में आईपीसी की धारा 302 का इजाफा करने की बात पुलिस अधिकारी कह रहे है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता नीलेश दिवेदी की हत्या मकान निर्माण को लेकर विवाद के चलते होने की बात कही जा रही है। राजेश शुक्ला के अनुसार मकान निर्माण को लेकर नीलेश और लाल साहब बुन्देला के बीच कथित तौर पर विवाद चल रहा था। इसी की बुराई पर से नीलेश की गोली मारकर हत्या की गई। उधर, इस घटना को लेकर तीखी आलोचना झेल रही पन्ना पुलिस द्वारा फरार हत्यारोपियों की धरपकड़ लिए देर शाम पन्ना, समाना सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। लेकिन ,समाचार लिखे जाने तक एक भी आरोपी गिरफ्तारी नहीं सकी।

शांति का टापू हुआ अशांत

फायरिंग की घटना के बाद ककरहटी चौकी में बड़ी संख्या में जुटे क्षेत्र के लोग।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में संगीन अपराधों का ग्राफ चिंताजनक तेजी से बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय से यहां लगातार सनसनीखेज मामले सामने आ रहे है। लोगों का मानना है कि स्थानीय पुलिस की घोर निष्क्रियता के चलते जिले में अपराधियों और माफियाओं के हौसले बुलंद है। फलस्वरूप अपराधिक तत्व खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुये दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम देकर भय और आतंक फैला रहे है। आज युवा नेता नीलेश की जिस तरके से हत्या की गई उससे तो यही साबित होता है। पन्ना जिले के थानों और चौकियों में तैनात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का पूरा ध्यान अपने मूल कार्य पर न होकर रेत के वाहनों से एंट्री वसूली और कमाई के दूसरे स्रोतों पर है। पुलिस की प्राथमिकता में आए बदलाव का ही यह दुष्परिणाम है कि कभी शांति का टापू रहा पन्ना जिला अब अशांत हो चुका है। यहाँ पुलिस को आपराधिक तत्वों, माफियाओं, सांप्रदायिक तनाव फैलाने की फिराक में रहने वाले तत्वों, शातिर चोरों और मानव तस्करों से लगातार गम्भीर चुनौती मिल रही है।

इनका कहना है –

“यह राजनैतिक हत्या नहीं है, दोनों पक्षों के बीच लम्बे समय से बुराई चल रही थी जिसके कारण हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। पन्ना में नीलेश के मृत्यु पूर्व कथन दर्ज नहीं हो सके रीवा में क्या हुआ इसकी मुझे जानकारी नहीं है, उसका वीडियो जरूर सामने आया है जिसमें उसने अपराधियों के सम्बंध में बताया है। इस मामले चार लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। हत्यारोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है, उम्मीद है वे जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”

– मयंक अवस्थी, एसपी पन्ना।

पुलिस थाना से भागा अंतर्राज्यीय ईनामी ठग हुआ गिरफ्तार, युवकों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले 

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गिरफ्त में आया अंतर्राज्यीय शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा अजयगढ़ पुलिस टीम के साथ।

* सुरक्षित ठिकाने तक पहुँचने के लिए काम न आई कोई तरकीब 

* ऑटो चालक को दिया रुपयों का लालच, बहाना कर भागा तो युवाओं ने पकड़ाया

* एडीशनल एसपी के नाम पर आरोपी रिंकू ने अजयगढ़ में की थी 50 हजार की ठगी

पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस थाना अजयगढ़ से फरार हुआ अंतर्राज्यीय शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा कुछ ही घण्टे के बाद क्षेत्र के सिमरदा गांव में पकड़ा गया। राजस्थान की जेल से ठगी का रैकेट चलाने के आरोपी इस शातिर अपराधी को सिमरदा गाँव के युवाओं ने पकड़कर अजयगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया। 10 हजार रुपए के ईनामी ठग रिंकू की गिरफ्तारी की खबर आते ही पुलिस ने रहात की सांस ली है। पन्ना के एडीशनल एसपी के नाम पर अजयगढ़ थाना के एक पुलिसकर्मी को कॉल कर उनके माध्यम से स्थानीय पेट्रोल पम्प संचालक से 50 हजार की ठगी करने के आरोपी शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा को पूँछतांछ के सिलसिले में मंगलवार 23 जुलाई को पुलिस राजस्थान के करौली की जेल से अजयगढ़ लाई थी। स्थानीय न्यायालय में रिंकू को पेश करने के पश्चात अजयगढ़ पुलिस ने उसे 6 दिन की रिमाण्ड पर लिया था।
अजयगढ़ पुलिस टीम के साथ लालचन्द्र यादव।
अजयगढ़ पुलिस थाना में रिंकू को लॉक-अप में न रखकर उसके दोनों हाथों में हथकड़ी डालकर बाहर रखा गया। इतना ही नहीं रात्रि में संतरी पहरा ड्यूटी में भी किसी को नहीं लगाया था। पुलिस की इस घोर लापरवाही के बीच रात्रिकालीन ड्यूटी पर थाना में तैनात रहे पुलिसकर्मियों के गहरी नींद में सोने से मौका पाकर ठग रिंकू उर्फ प्रवीण मीणा अपने एक हाथ की हथकड़ी व उसकी जंजीर खोलकर बुधवार 24 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे थाना के पिछले गेट से भाग निकला। हालाँकि उसके दूसरे हाथ में हथकड़ी फंसी रही। पुलिस महकमे की फजीहत कराने वाले इस घटनाक्रम को पन्ना एसपी मयंक अवस्थी ने अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए अजयगढ़ थाना के तीन पुलिसकर्मियों प्रथम दृष्टया ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

चंदला भागने की फ़िराक में था रिंकू

टीशर्ट पहने हुए पुलिसकर्मी के बगल में बैठा फरार शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा।
अंतर्राज्यीय अपराधी के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की घटना अजयगढ़ थाना में लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हो गई। बुधवार की सुबह जब इसकी भनक स्थानीय पुलिस को लगी तो हड़कम्प मच गया। आनन-फानन रिंकू की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई। इस बीच शातिर ठग भागता हुआ ग्राम शानगुरैया पहुँचा। यहाँ एक ऑटो रिक्शा चालक से बात कर रिंकू ने उसे चंदला तक छोड़ने की बात की गई। ऑटो रिक्शा चालक एक हजार रूपए भाड़ा तय करते हुए रुपये मांगे तो रिंकू के पास रुपए नहीं थे, उसने चालक का मोबाइल लेकर किसी को कॉल किया और कुछ मिनिट में ही चालक के खाते में ऑनलाइन 1000 रुपए आ गए। रिंकू ने उसे चंदला छोड़ने पर ऑटो रिक्शा चालक को उसके खाते में ऑनलाइन 50 हजार रुपए ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। चंदला के लिए रवाना होने के पूर्व ऑटो रिक्शा चालक सिमरदा गाँव में स्थित अपने घर पर खाना खाने के लिए कुछ देर रुका। ऑटो रिक्शा चालक के छोटे भाई लालचन्द्र यादव को तब तक सोशल मीडिया में आई ख़बरों के माध्यम से अजयगढ़ थाना से रिंकू नाम के ठग के फरार होने का पता चल चुका था। लेकिन उसका बड़ा भाई इससे पूरी तरह अनभिज्ञ था।

दोस्तों की मदद से पकड़ा

अजयगढ़ पुलिस थाना से फरार हुए ईनामी ठग को पकड़वाने वाले ग्राम सिमरदा के युवक पन्ना एसपी के साथ।
अपने घर पर रिंकू को देखकर लालचन्द्र यादव तुरंत उसे पहचान गया। लालचन्द्र ने रिंकू को पकड़वाने के लिए अपने कुछ दोस्तों को घर पर बुला लिया। इनकी आपस में कानाफूसी को देखकर ठग रिंकू को संदेह हुआ और वह दिशा मैदान जाने का बहाना बनाकर गाँव की भाटिया की तरफ भाग निकला। लालचन्द्र यादव और उसके दोस्तों धर्मराज यादव, अजय यादव व रामगोपाल यादव ने तत्परता दिखाते हुए अंतर्राज्यीय ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा को घेराबंदी कर धरदबोंचा। इसकी सुचना तुरंत डॉयल 100 पर कॉल कर पुलिस को दी गई। पुलिस जब सिमरदा पहुँची तो रिंकू को पुलिसकर्मियों के सुपुर्द कर लालचन्द्र यादव डॉयल 100 वाहन से ही उनके साथ अजयगढ़ थाना पहुँचा। इस तरह तकरीबन 12 घण्टे बाद फरार शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी ने ईनामी अपराधी को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाने वाले युवाओं की सराहना करते हुए उन्हें ईनाम की राशि देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।

शर्मनाक लापरवाही : गहरी नींद में सोते रहे पुलिसकर्मी और थाना से भाग निकला अंतर्राज्यीय अपराधी, गिरफ्तारी पर पुलिस ने घोषित किया 10 हजार रुपए का ईनाम

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टीशर्ट पहने हुए पुलिसकर्मी के बगल में बैठा फरार शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा।

* मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ पुलिस थाना की घटना

* शातिर ठग रिंकू को न्यायालय से 6 दिन के रिमाण्ड पर लाई थी पुलिस

* लॉक अप के बाहर हथकड़ी डालकर थाना में रखा, रात्रि में नहीं था संतरी पहरा

* एक हाथ की हथकड़ी और जंजीर खोलकर पिछले गेट से भागा अपराधी

* पुलिस थाना के सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हुई शातिर ठग के फरार होने की वारदात

* एसपी ने तीन लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

रिज़वान खान, पन्ना/अजयगढ़ (www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ थाना पुलिस की घोर लापरवाही के चलते थाना से एक अंतर्राज्यीय अपराधी भाग निकला। घटना बुधवार 24 जुलाई की सुबह तकरीबन 4 बजे की है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जब शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा 25 वर्ष के फरार होने का पता चला तो हड़कम्प मच गया। राजस्थान की करौली जेल में बंद रहे रिंकू को मंगलवार 23 जुलाई को ही पुलिस ठगी के एक मामले में अजयगढ़ लाई थी। स्थानीय न्यायालय में शातिर ठग को पेश करने के उपरांत पुलिस ने उसे अजयगढ़ के पेट्रोल पम्प संचालक से एडीशनल एसपी पन्ना के नाम पर ठगी करने के मामले में विस्तृत पूँछतांछ के लिए 6 दिन की रिमाण्ड पर लिया था। रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा पर राजस्थान की जेल के अंदर से मोबाइल फोन के जरिए ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप है। इतने बड़े अपराधी के पुलिस थाना से फरार होने के मामले में अजयगढ़ पुलिस की शर्मनाक लापरवाही सामने आई है।
सांकेतिक फोटो।
थाना के सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हुई शातिर ठग के फरार होने की वारदात से जुड़े फुटेज देखने पर पता चलता है कि रिंकू को लॉक अप के अंदर बंद करके रखने के बजाए सिर्फ हाथों में हथकड़ी डालकर बाहर बैठाकर कर रखा गया। इसके अलावा थाना में रात्रि के समय संतरी पहरा भी नहीं लगाया गया। सिर्फ हाजिरी ड्यूटी में दो आरक्षक जीतेन्द्र मिश्रा और हेतराम तैनात रहे। ऐसी चर्चा है कि, रात्रि के समय थाना ड्यूटी में तैनात रहे पुलिसकर्मी गहरी नींद में सोते रहे। इस बीच बुधवार की अलसुबह मौक़ा पाकर रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा अपने एक हाथ की हथकड़ी और जंजीर खोलकर थाना के पिछले गेट से आसानी से भाग निकला। हालाँकि, रिंकू के एक हाथ में हथकड़ी लगी है। इस घटना की भनक लगने के बाद से अजयगढ़ थाना पुलिस फरार ठग की तलाश में इलाके के चप्पे-चप्पे की खाक छानने में जुटी है। पुलिस के आला अधिकारी भी अजयगढ़ पहुँच चुके हैं। आनन-फानन में पुलिस ने रिंकू की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया है। पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के दोषी 3 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पुलिसकर्मियों को झांसा देकर की थी ठगी

शातिर ठग रिंकू पर आरोप है कि उसने राजस्थान की करौली जेल के अंदर से अजयगढ़ थाना के एक पुलिसकर्मी को कॉल करके खुद को पन्ना का एडीशनल एसपी बताया था। स्थानीय पेट्रोल पम्प संचालकों से ठगी करने के लिए रिंकू ने पुलिसकर्मियों का ही सहारा लिया ताकि काम भी आसानी से हो जाए और किसी को पता भी न चले। कुछ समय पूर्व आरक्षक आईमात सेन ने कामतानाथ किसान सेवा केन्द्र अजयगढ़ के पेट्रोल पम्प संचालक उपेन्द्र सुल्लेरे के पास जाकर बताया कि उसे प्रधान आरक्षक राकेश गर्ग ने भेजा है और एडीशनल एसपी पन्ना का यह मोबाइल नम्बर दिया है, आप इस नम्बर पर बात कर लो। उपेन्द्र ने जब उस नम्बर पर कॉल किया तो शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा ने उसे बड़ी ही चालाकी से अपनी बातों के जाल में फंसा लिया।

खाते में जमा कराए थे रुपए

सांकेतिक फोटो।
रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा ने कई बार कॉल करने के बाद उसने उपेन्द्र को कुछ बैंक खाता नम्बर देते हुए उन पर 50 हजार रुपए जमा करने को कहा। कुछ समय बाद उपेन्द्र सुल्लेरे ने दो बैंक खातों में 25-25 हजार रुपए जमा करा दिए। उसी दिन शाम के समय जब उपेन्द्र सुल्लेरे ने जब उक्त मोबाइल नम्बर पर कॉल किया तो वह बंद मिला। संदेह होने पर उसने अजयगढ़ के एसडीओपी इसरार मंसूरी से एडीशनल एसपी पन्ना का मोबाइल नम्बर लिया जोकि आरक्षक द्वारा दिए गए नम्बर से अलग था। ठगी का शिकार हुए पेट्रोल पम्प संचालक ने एडीशनल एसपी पन्ना को कॉल कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। पन्ना पुलिस ने जब इस बहुचर्चित ठगी के मामले की गहन पड़ताल की तो हैरान करने वाली यह बात पता चली की राजस्थान की करौली जेल में बंद शातिर ठग रिंकू उर्फ़ प्रवीण मीणा द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया था।

सिर्फ रेत से कमाई पर पुलिस का ध्यान

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना की पुलिस क्षेत्र में संचालित रेत की वैध -अवैध खदानों तथा रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से वसूली के लिए काफी बदनाम है। अजयगढ़ थाना और इसके अंतर्गत आने वाली चौकियों में तैनात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की लम्बे समय से कार्यप्रणाली को देखते हुए यह आम धारणा बन चुकी है कि यहाँ पुलिस का ध्यान अपने मूल कार्य पर न होकर रेत से कमाई पर रहता है। यह बात काफी हद तक सही भी है। रेत परिवहन करने वाले वाहनों से प्रति चक्कर पुलिस 500 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक इंट्री वसूली करती है। वर्तमान में अजयगढ़ थाना के निरीक्षक के छुट्टी पर होने के चलते फिलहाल प्रभार विवादास्पद उप निरीक्षक डी. एस. परमार के पास है। बारिश के चलते यहाँ रेत का परिवहन भारी वाहनों(ट्रक-डम्फर) से बंद है लेकिन कथित तौर पर परमार साहब मूक स्वीकृति से ट्रेक्टर-ट्रॉली से रेत का परिवहन जारी है। अजयगढ़ क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को अपराधों की रोकथाम व कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने से कोई सरोकार नहीं रहता ये तो बस रात-दिन रेत के वाहनों से वसूली करने में ही व्यस्त रहते है। शायद इसी वजह से क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ और अवैध गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रहीं है।

अवैध हीरा खदान माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर किया जानलेवा हमला, अपने दो साथियों को छुड़ाकर भाग निकले हमलावर

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हीरा खदान माफियाओं के हमले में घायल वनकर्मियों के साथ एसडीओ फॉरेस्ट नरेन्द्र सिंह परिहार।

* वन क्षेत्र में चल रही हीरा खदान पर कार्रवाई करने गए थे वनकर्मी

हमले में डिप्टी रेंजर समेत 6 वनकर्मी हुए घायल

* पन्ना जिले में खनन माफियाओं का लगातार बढ़ रहा आतंक

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बहुमूल्य खनिज सम्पदा की प्रचुर उपलब्धता के लिये विख्यात मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में खनन माफियाओं का आतंक सिर चढ़ कर बोल रहा है। यहाँ लम्बे समय से सक्रिय रेत, पत्थर एवं हीरा खनन माफिया आतंक के बल पर खुलेआम बहुमूल्य खनिज सम्पदा को लूट रहे हैं। इनका दुस्साहस इतना अधिक बढ़ चुका है कि, उनकी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने वाले सरकारी अमले पर ही जानलेवा हमला करने लगे हैं। मंगलववार 23 जुलाई को जिले के उत्तर वन मण्डल के विश्रामगंज वन परिक्षेत्र की रहुनिया बीट की घटना इसका ताजा उदहारण है। जंगल में अवैध रूप से हीरा खनन कर रहे दो आरोपियों को वन विभाग की टीम गिरफ्तार कर जब अपने साथ वन चौकी ले जा रही थी तो रास्ते में हीरा खनन माफियाओं ने वनकर्मियों को कट्टे की नोंक पर रोक कर उनके ऊपर हमला बोल दिया। लाठी-डण्डों से वनकर्मियों की बेदम पिटाई करने के बाद हमलावर उनकी अभिरक्षा से अपने दो साथियों को छुड़ा कर मौके से भाग निकले।
वन विभाग की टीम पर हीरा खनन माफियाओं के हमले की खबर आते ही सनसनी फैल गई। दोपहर करीब 11 बजे हुए इस हमले में डिप्टी रेंजर अजीत खरे, चार वनरक्षक व एक चौकीदार घायल हुए हैं। हमले में गम्भीर रूप से घायल डिप्टी रेंजर अजीत, वनरक्षक संजय पटेल, अखिलेश चौहान को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया गया है। इस मामले की रिपोर्ट बृजपुर थाना में दर्ज कराई गई है।

रास्ते में रोककर किया हमला

पुलिस थाना बृजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते पीड़ित वनकर्मी।
विश्रामगंज वन परिक्षेत्र की रहुनिया बीट के वन कक्ष क्रमांक पी-367 अंतर्गत देवन सेहा में अवैध हीरा खदानें संचालित होने का पता चलने पर बीटगार्ड संजय पटेल ने सर्किल प्रभारी इटवां अजित खरे को इसकी सूचना दी। मामले की गम्भीरता को देखते हुये तत्परता से सर्किल प्रभारी अजीत खरे ने हमराही वनकर्मी अखिलेश चौहान, अंजनी दीक्षित, प्रताप सिंह व चौकीदार रंजीत सिंह के साथ मौके पर पहुंच कर दबिश देते हुये हीरा खनन कर रहे पप्पू अहिरवार, लल्लू अहिरवार निवासी ग्राम छतैनी को रंगे हांथ गिरफ्तार कर लिया। वनकर्मी जब दोनों आरोपियों को अपनी मोटर साईकिलों से लेकर बाबूपुर वन चौकी आ रहे थे तभी रास्ते में रहुनिया घाटी के समीप स्कार्पियो और पिकअप वाहन में सवार हो कर आए हीरा खनन माफिया और उनके गुर्गों ने कट्टे की नोंक पर उन्हें रोक लिया। अपने लोगों की गिरफ्तारी से बौखलाये माफिया रज्जन महाराज निवासी माधौगंज अजयगढ़, उनके साथी नत्थू खरे निवासी गुजार तहसील पन्ना, लाखन सिंह उर्फ लक्खू गौंड़ निवासी गुजार, पप्पू अहिरवार, पप्पू खरे, नत्थू खरे, लल्लू अहिरवार निवासी छतैनी हाल निवासी गुजार व अन्य 10-15 लोगों ने मिलकर वनकर्मियो के ऊपर लाठी-डण्डों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया।

घायल वनकर्मियों को पुलिस ले गई थाना

पुलिस को अपनी चोटें दिखाता हमले में घायल वनकर्मी।
मोटर साईकिल से पीछे आए वनकर्मियों ने जब अपने साथियों को पिटते हुये देखा तो तत्काल 100 डायल पर पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच हमलावरों ने घेराबंदी कर उन पर भी हमला बोल दिया। वनकर्मियों की बेदम पिटाई करने के बाद माफिया उनकी अभिरक्षा से अपने दोनों साथियों सहित जप्तशुदा औजार छुड़ाकर मौके से भाग निकले। कुछ देर बाद घटनास्थल पर पहुंची डायल 100 पुलिस के द्वारा घायल वनकर्मियों को बृजपुर थाना ले जाया गया।

करीब पाँच घण्टे बाद मिला उपचार

जिला चिकित्सालय में इलाज हेतु भर्ती घायल वनकर्मी एवं उन्हें देखने पहुँचे स्टॉफ के लोग।
मैदानी अमले पर हमला होने की जानकारी मिलते ही विश्रामगंज रेंजर इन्द्रसिंह धाकड़, एसडीओ नरेन्द्र सिंह परिहार भी थाना पहुंच गये। करीब 5 घण्टे तक चली पुलिस की कार्यवाही के बाद शाम के समय घायलों को इलाज हेतु पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय मे भर्ती कराया गया। घायलों में वनरक्षक संजय पटेल, अखलेश चौहान, परिक्षेत्र सहायक अजीत खरे को गम्भीर चोटें आई हैं। उत्तर वन मंडल के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने जिला चिकित्सालय पहुंच कर घायलों के इलाज की जानकारी प्राप्त की। यह घटनाक्रम बृजपुर-पहाड़ीखेरा सहित समूचे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। घायल वनकर्मियों की रिपोर्ट पर बृजपुर थाना पुलिस ने छः नामजद आरोपियों एवं 10-12 अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा- 341, 147, 148, 149, 353, 332,186, 294, 506 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

किशोरी के साथ रेप करने वाले आरोपी को 14 वर्ष का सश्रम कारावास

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

* विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा ने सुनाया फैसला

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत इटमा ग्राम में माह अप्रैल 2017 में अनुसूचित जनजाति की एक 11 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी ट्रक कंडेक्टर राजूराम यादव पिता संतु यादव 22 वर्ष निवासी ग्राम रमजुआ भाजीखेरा थाना सिंहपुर जिला सतना को दोषी मानते हुए न्यायालय ने 14 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा द्वारा सुनाये गये अपने फैसले में अभियुक्त को दो हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जीतेन्द्र सिंह बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 अप्रैल 2017 की दरिम्यानी रात लगभग 12 बजे ग्राम इटमा में खेत में बनीं झोपड़ी में अपने माता-पिता के साथ निवासरत 11 वर्षीय लड़की जब लघुशंका के लिये झोपड़ी से बाहर निकली तब उसके माता-पिता अंदर ही सो रहे थे। इस दौरान ट्रक में अक्सर भूसा लेने गाँव आने वाला ट्रक कंडेक्टर राजूराम यादव ने नाबालिग को रोककर उससे माचिस मांगी। लड़की के मना करने के बाद राजूराम उसका मुंह दबाकर खींचते हुए झोपड़ी के पास स्थित गढ्ढे में ले गया और वहाँ सौ रूपये का लालच देते हुए उसके साथ जबरन बलात्कार किया। पीड़िता के चींखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर जब उसके माता-पिता व नाना दौड़े तो आरोपी मौके से भाग निकला। इस घटना की रिपोर्ट पर देवेन्द्रनगर थाना पुलिस द्वारा राजूराम यादव के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध करते हुए उसकी गिरफ्तारी उपरांत विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। जहां मामले में दर्ज हुये विशेष प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के कथनों के आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपित को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई।
सांकेतिक चित्र।

इन धाराओं में हुई सजा

विशेष न्यायाधीश पन्ना अमिताभ मिश्रा द्वारा सुनाये गये अपने फैसले में अभियुक्त राजूराम यादव को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 376(2) वैकल्पिक धारा 3(क), सहपठित धारा 4 लैगिंग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत 14 वर्ष के सश्रम कारावास व एक हजार रूपये के अर्थदण्ड तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(5) के अंतर्गत भी 14 वर्ष के सश्रम कारावास व एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

अंधा क़त्ल | दलित वृद्ध की कुल्हाड़ी मारकर निर्मम हत्या, वारदात का खुलासा करने में जुटी पुलिस

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मृतक मैकू के घर के बाहर पड़ी इसी कुल्हाड़ी से उसका क़त्ल किया गया।

* पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटन की घटना

* अकेले रहने वाले वृद्ध के क़त्ल की वजह का नहीं चला पता

* अज्ञात कातिल के सम्बंध में घटनास्थल से मिले कई अहम् सुराग

पन्ना/सलेहा।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक दलित वृद्ध की कुल्हाड़ी मारकर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई। शनिवार 20 जुलाई की सुबह अंधे क़त्ल की वारदात का जब आस-पड़ोस के लोगों को पता चला तो सनसनी फैल गई। घटना सलेहा थाना क्षेत्र के कटन ग्राम की है। हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर पहुंची सलेहा थाना पुलिस को घटनास्थल से अज्ञात कातिल से जुड़े कुछ अहम् सुराग मिले है, जिनके आधार पर पुलिस के अधिकारी वारदात का जल्द से जल्द से खुलासा करने की बात कह रहे हैं।
सलेहा थाना के ग्राम कटन में गिरवारा मार्ग पर कुशवाहा ढावा के आगे मैकूलाल चौधरी पुत्र सलारू चौधरी 58 वर्ष निवासी ग्राम तिघराबुजुर्ग हाल निवास कटन घर पर अकेला रहता था। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात आज्ञात अपराधी ने कुल्हाड़ी से हमला कर मैकूलाल चौधरी की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। जघन्य हत्याकांण्ड की सूचना मिलने पर सलेहा थाना प्रभारी निरंकार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस की एफएसएल टीम और डाॅग स्क्वाड को घटनास्थल के निरीक्षण हेतु बुलाया गया। मैकूलाल की गर्दन पर कुल्हाड़ी के हमले के गहरे घाव पाए गए। मौके पर टुटी हुई माला भी मिली है, जिससे कातिल और मृतक के बीच संघर्ष होने का अंदेशा जताया जा रहा है। घटनास्थल से पुलिस को अज्ञात कातिल के संबध में कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस के द्वारा शीघ्र ही अंधेकत्ल का खुलासा कर हत्यारोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
मृतक मैकूलाल चौधरी का शव।
बहरहाल पुलिस की प्रारंम्भिक जांच में वृद्ध मैकूलाल चौधरी की हत्या की वजह पता नहीं चल सका। इस वारदात की खबर फैलने के बाद से हर किसी के दिमाग में सिर्फ एक ही बात कौंद रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह हो सकती है जिसके चलते मैकूलाल की इतनी बेरहमी से हत्या की गई। ऐसी चर्चा है कि कातिल कोई परिचित व्यक्ति हो सकता है। दरअसल तभी तो वह देर रात हत्या की वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग निकला और किसी को उसकी भनक तक नहीं लगी। थाना प्रभारी निरंकार सिंह एवं कल्दा चौकी प्रभारी रज्जन दुबे ने घटना के संबध में आस-पड़ोस के लोगों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। सलेहा थाना पुलिस ने इस घटना पर अज्ञात कातिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है।

इनका कहना है –

“घटना स्थल से पुलिस को अज्ञात कातिल से जुड़े कुछ अहम् सुराग मिले हैं, उम्मीद है कि हत्यारोपी को गिरफ्तार कर शीघ्र ही अंधेकत्ल का खुलासा किया जाएगा। सलेहा थाना की पुलिस टीम इस पर काम कर रही है।”

– मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक पन्ना।