* एक माह पूर्व अवैध हीरा खदानों पर कार्यवाही के दौरान हुआ था हमला
* पन्ना की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत रोहनिया में चल रही थी अवैध हीरा खदानें
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के उत्तर वन मंडल की विश्रामगंज रेंज अंतर्गत इटवां सर्किल में चल रहीं अवैध हीरा खदानों पर पिछले माह कार्यावाही करने गई वन विभाग की टीम पर हीरा खदान माफिया और उनके गुर्गो ने प्राणघातक हमला किया था। वनकर्मियों की बेदम पिटाई कर हमलावर अपने दो साथियों को छुड़ा ले गये थे। बृजपुर थाना में दर्ज इस बहुचर्चित आपराधिक प्रकरण के मुख्य आरोपी रज्जन महराज सहित उसके शेष साथियों की अब तक गिरफ्तारी न होने पर मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना ने असंतोष व्यक्त किया है। शनिवार 24 अगस्त को इस मामले में वन कर्मचारी संघ पन्ना के जिलाध्यक्ष महीप कुमार रावत के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक पन्ना के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसके माध्यम से वन कर्मचारी संघ ने वनकर्मियों पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी रज्जन महराज निवासी अजयगढ़ सहित उसके शेष साथियों को अति शीघ्र गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग की है। ताकि क्षेत्र के वनकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन भयमुक्त हो कर कर सकें।
इस अवसर पर बी.पी. परौहा अध्यक्ष तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ जिला पन्ना एवं ओ.पी. शर्मा प्रांतीय सचिव वन कर्मचारी संघ विशेष रूप से उपस्थित थे। सौंपे गए ज्ञापन की काॅपी आवश्यक कार्यावाही हेतु पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं उत्तर वन मंडल के डीएफओ नरेश सिंह यादव को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारी नेताओं ने उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया गया। इसके पश्चात कर्मचारी नेताओं पत्रकारों से चर्चा में बताया कि इस घटनाक्रम को एक माह हो चुके है लेकिन अब तक मुख्य आरोपी सहित अन्य हमलावरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यदि शीघ्र ही इन आरोपियों को पकड़ा नहीं गया तो वन कर्मचारी संघ को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिये विवश होना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। कर्मचारी नेताओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार ने उन्हें तत्परता से शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।
क्या है मामला

उत्तर वन मंडल पन्ना के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दिनांक 23 जुलाई 2019 को विश्रामगंज रेंज की रोहनिया बीट में चल रही अवैध हीरा खदानों पर कार्यावाही करने के लिये सर्किल इटवां का स्टाॅफ अखलेशचौहान, संजय पटेल, अंजनी दीक्षित, प्राताप सिंह, सुरक्षा श्रमिक रंजीत सिंह आदि मौके पर गये थे। जहां अवैध हीरा रूप से हीरा खदान खोद रहे आरोपियों को रंगे हांथ गिरफ्तार किया गया। पकड़े गये आरोपियों को वनकर्मी जब बाबूपुर चैकी ले कर जा रहे थे तभी रास्ते में घात लगाये बैठे अपराधी रज्जन महराज निवासी अजयगढ़ एवं उसके 10-12 अन्य साथियों ने लाठी-डंडों से वनकर्मियों के ऊपर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। वनकमियों को गम्भीर रूप से घायल कर हमलावर अपने साथियों को उनकी अभिरक्षा से छुड़ाकर वाहनों से भाग निकले थे। इस मामले में बृजपुर थाना पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां होना अभी भी शेष है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल








उल्लेखनीय है कि, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की छापामार कार्यवाही जारी थी। इस दौरान दक्षिण वन मण्डल की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा और उप वन मण्डलाधिकारी पवई आर.के. अवधिया से उनके मोबाइल फोन पर कॉल कर जानकारी प्राप्त करने हेतु सम्पर्क किया गया लेकिन कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनके मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुए। जिससे यह पता नहीं चल सका है कि विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में किसी तरह की अनियमितता पाई गई या नहीं। कार्यवाही करने गई वन विभाग की टीम को वहां आरा मशीन मिली या नहीं इसका भी फिलहाल आधिकारिक तौर पता नहीं चल सका। कथित तौर आरा मशीन और फर्नीचर दुकान के संचालन में गड़बड़ी के आरोप सही है गलत इसका पता तो जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। बहरहाल पवई के विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में छापा पड़ने की खबर आने के बाद से जिले भर के फर्नीचर निर्माताओं-विक्रेताओं में हड़कंप मचा है।
उधर, इस मामले के टूल पकड़ने के बाद वन विभाग से जुड़े कुछ लोग ऑफ रिकार्ड यह भी कह रहे हैं कि अनुचित मांग पूरी न करने पर सनसनीखेज आरोप गढ़ते हुए कार्यवाही को लेकर दबाब बनाया गया है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों में कितनी सच्चाई है यह तो दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं, लेकिन दक्षिण वन मण्डल के अफसरों को चाहिए कि धनंजय से बात कर उस स्थान पर भी छापा मारा जाए जहां पर कथित तौर पर आरा मशीन और एक ट्रक सतकठा लकड़ी को छापे से पूर्व शिफ्ट किया गया है। ताकि इन बेहद गम्भीर प्रकृति के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।वहीं जब इस मामले में विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट के संचालक रघुवीर विश्कर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहींहो सका।
एक परिसर एक शाला के अन्तर्गत 35113 शालाओं का व्यवस्थापन 16076 परिसरों में किया गया। इससे अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना व प्रबंधन का लाभ प्राप्त हुआ। प्रदेश की 99 प्रतिशत शालाओं में एक ही दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 34 लाख पालकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास, तार्किक सोच विकसित करने के लिए क्रियान्वित उमंग लाईफ स्किल एजुकेशन में 1874 शालाओं के 5 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। बैठक में नेशनल एचीवमेंट सर्वे के निष्कर्ष, दक्षता उन्नयन, शिक्षकों की एक्सपोजर विजिट, शाला सिद्धि योजना, मिशन 1000, शाला दर्पण योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।




एक हांथी के ऊपर सवार होकर जब डाॅ. संजीव कुमार गुप्ता तेंदुए को बंदूक से बेहोशी की डाॅट मारने का प्रयास कर रहे थे तभी अचानक तेंदुए ने काफी ऊंची छलांग लगाते हुए हाथी के मुंह के पास हमला कर दिया। इससे घबराकर अचानक हाथी पीछे की ओर मुड़ा और तभी संतुलन बिगड़ने से डाॅ. गुप्ता के हांथों से बंदूक छूट गई और वह खुद भी नीचे जा गिरे। जिस जगह पर यह घटना हुई वहां मिट्टी दलदली होने के कारण हाथियों को चलने में दिक्कत हो रही थी। इन परिस्थियों में डाॅ. गुप्ता के ऊपर तेंदुआ पुनः हमला बोल सकता था लेकिन महावतों ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तुरंत चारों हाथियों की मदद से सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया। तेंदुए की दहशत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसे ट्रंकुलाइज करने वाली बंदूक खेत में तब तक पड़ी रही जब तक कि तेंदुआ भाग नहीं गया।





बुधवार 21 अगस्त की सुबह पन्ना के कुछ युवाओं को एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर ऐसा ही अदभुत नजारा देखने को मिला। पन्ना से लगभग 12 किलोमीटर दूर एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर जरुआपुर ग्राम और दरेरा मोड़ के बीच एक युवा टाइगर सड़क किनारे गाय का शिकार करने के बाद उसे घसीटते हुए जब सड़क के दूसरी तरफ ले जा रहा था तो वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने इस अविस्मरणीय दृश्य को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सड़क किनारे बाघ के शिकार करने की खबर मिलने पर पन्ना से उसे देखने के लिए गए एडवोकेट गोपाल मिश्रा गोगी ने बताया कि बाघ अपने शिकार को सुकून से खाने के लिए उसे घसीटते हुए सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे पर ले गया। वह मृत गाय को खखरी पार कर जंगल में ले जाने के लिए मशक्कत कर रहा था। श्री मिश्रा ने बताया कि बाघ से सुरक्षित दूरी पर चार पहिया गाड़ी के अंदर रहते हुए उनके द्वारा अपने मोबाइल से वीडियो बनाया गया। इस दौरान रिंकू गुप्ता भी उनके साथ रहे। कुछ ही देर में पन्ना टाइगर रिजर्व के वनकर्मी भी मौके पर पहुँच गए।
सड़क के किनारे खड़े होकर बाघ को देख रहे राहगीरों को वनकर्मियों द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर वहाँ से हटाया गया। हालांकि पन्ना-मझगंवा मार्ग पर आवागमन जारी है। पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ईश्वर रामहरि जरांडे ने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि बाघ और राहगीरों की सुरक्षा के लिए एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त वनकर्मियों और हाथियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मझगवाँ मार्ग पर आवगमन पूर्व की तरह जारी है, लेकिन बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वहां आसपास किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं है। आपने बताया कि जिस बाघ ने गाय का किल किया है वह बगैर रेडियो कॉलर का है।







बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की प्री-बिड प्रक्रिया में शामिल खनन कम्पनियों के प्रतिनिधियों अथवा निवेशकों के द्वारा पन्ना में 20 एवं 21 अगस्त को बंदर खदान से प्राप्त हीरों के साथ-साथ पन्ना के उथली खदानों से निकले हीरों का भी अध्ययन एवं अवलोकन किया जा रहा है। इसके पश्चात निवेशकों के द्वारा छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील अंतर्गत स्थित बंदर डायमण्ड ब्लाॅक का निरीक्षण किया जायेगा। मध्यप्रदेश खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हमारा पूरा जोर इस बात पर है कि 60 हजार करोड़ रूपये मूल्य के हीरों के इस भण्डार की नीलामी में शामिल निवेषकों को हम इससे कहीं अधिक ऊंची बोली लगाने के लिए प्रेरित करें ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।

