बहुमूल्य हीरा को दिखाता मजदूर मोतीलाल प्रजापति और समीप खड़े उसके भाई।
42 कैरेट 59 सेंट है उथली खदान में मिले हीरे का वजन
उज्जवल किस्म के इस नायाब हीरे की कीमत करोड़ों में होने की है चर्चाएं
वर्ष 1961 में पन्ना के रसूल मोहम्मद को मिला था 44 कैरेट का सबसे बड़ा हीरा
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज रत्नगर्भा वसुंधरा पन्ना में लोगों की किस्मत चमकते देर नहीं लगती। यहां किस्मत जब किसी पर मेहरबान होती है तो वह एक झटके में ही रंक से राजा बन जाता है। पेशे से मजदूर मोतीलाल प्रजापति इसका जीता-जागता उदाहरण बन गए हैं। उसे मंगलवार 9 अक्टूबर 2018 की सुबह 42 कैरेट 59 सेंट का बेशकीमती नायाब हीरा मिला है। उज्जवल किस्म के इस हीरे की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जिला मुख्यालय पन्ना के समीप ग्राम कृष्णा कल्याणपुर में पट्टा लेकर हीरे की उथली खदान खोद रहे मोतीलाल ने आज सुबह जब खदान से निकली कंकड़ युक्त चाल (ग्रेवल) को टोकरी में धोकर सुखाने के लिए जमीन पर पलटा तो अचानक तेज चमकदार पत्थर की रोशनी से उनकी आंखें चौंधिया गई।
मजदूर मोतीलाल प्रजापति को मिले नायाब हीरे को देखते डीके साहू ।
मोतीलाल और उसके भाई रघुवीर प्रजापति ने जब उस पत्थर को हांथ में लेकर गौर से देखा तो उनकी आंखों से ख़ुशी से आंसू छलक ऊठे। वह कोई साधारण पत्थर नहीं बल्कि बेशकीमती नायाब हीरा था। हाथ में हीरे को पकड़े दोनों भाईयों को कुछ देर तक तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनकी किस्मत चमक उठी है। बहुमूल्य हीरा लेकर दोपहर में दोनों भाई जब पन्ना स्थित देश के एकमात्र हीरा कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि 57 साल बाद दूसरा सबसे बड़ा जैम क्वॉलिटी का नायाब हीरा उन्हें मिला है। यह जानकर उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। हीरा कार्यालय पन्ना के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व 15 अक्टूबर 1961 में पन्ना के ही रसूल मोहम्मद को महुआटोला की उथली खदान में 44 कैरेट 55 सेंट का सबसे बड़ा हीरा मिला था।
नीलामी का बनेगा रिकॉर्ड
हथेली में रखकर नायाब हीरे को दिखाते हीरा पारखी अनुपम सिंह।
हीरा पारखी अनुपम सिंह के अनुसार मोतीलाल प्रजापति को मिला हीरा वजन और क्वालिटी के लिहाज से दूसरा बहुमूल्य हीरा है। उन्होंने श्रमिक मोतीलाल से हीरा प्राप्त कर उसे सरकारी खजाने में जमा कर लिया है। पत्रकारों से चर्चा में हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आगामी माह में आयोजित होने वाली हीरों की शासकीय नीलामी इस हीरे को भी बिक्री के लिए रखा जायेगा। आपने हीरे की अनुमानित कीमत तो नहीं बताई सिर्फ इतना ही कहा कि इसकी नीलामी का रिकार्ड बनेगा। उधर बहुमूल्य हीरा मिलने की खबर फैलने के बाद से मोतीलाल और उसके भाईयों के घर पर उत्सव जैसा माहौल है। छप्पर फाड़कर मिलने की ख़ुशी प्रजापति परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर साफ़ झलक रही है। पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला स्थित इनके घर पर सुबह से ही परचितों और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है। गरीब श्रमिक मोतीलाल ने रडार न्यूज को बताया कि ईश्वर की असीम अनुकंपा उसे महज डेढ़ माह की मेहनत ही हीरा मिल गया। जबकि अधिकांश लोग पूरी जिंदगी खदान खोदते रहते हैं और उन्हें एक अदद हीरा नहीं मिलता। इस हीरे की बिक्री से जो राशि मिलेगी उसे वह और उसके चारों भाई आपस में बांट लेंगे। अपने बच्चों का विवाह करने के बाद शेष राशि से कोई व्यवसाय करेंगे ताकि मजदूरी छोड़कर सम्मानपूर्वक जीवनयापन संभव हो सके।
निर्माण कार्यों के भूमिपूजन पश्चात कुदाली चलातीं पीएचई मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले।
चुनाव आयोग की प्रेसवार्ता का ऐलान होते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
आचार संहिता के डर से आनन-फानन में मंत्री में को बुलाकर संपन्न कराया कार्यक्रम
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार का दिन पीएचई मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए काफी हड़बड़ी भरा था। संभवतः यह पहला मौका था, जब किसी कार्यक्रम में पूर्व निर्धारित समय से दो घंटे पहले पहुंचकर मंत्री मेहदेले ने निर्माण कार्यों का इतनी आनन-फानन में भूमिपूजन किया कि वहां भीड़ न जुटने से कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इतनी जल्दबाजी सिर्फ आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन के तोहमत से बचते हुए स्वीकृत कार्यों का श्रेय लेने के मकसद से किया गया। चुनाव का जब ऐलान होने जा रहा हो तो जनप्रतिनिधि उद्घाटन, शिलान्यास और भूमिपूजन का कोई अवसर नहीं जाने देते। मंत्री मेहदेले ने भी शनिवार 6 अक्टूबर को यही किया। दरअसल चुनाव आयोग की प्रेससवार्ता की शनिवार को जैसे ही खबर आई पन्ना में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। विभागीय निर्माण कार्यों के भूमिपूजन का जो कार्यक्रम शाम 4 बजे से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया था उसे दोपहर 2 बजे अर्जेंट में संपन्न कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हड़बड़ाये से भागे और मंत्री को बुला लाये। चुनाव की तारीखों की घोषणा होने और तत्काल में आचार संहिता लगने की पूर्ण संभावना को देखते इसके उल्लंघन से बचने के लिए मंत्री मेहदेले ने भी अपनी ओर सतर्कता दिखाते हुए काफी जल्दबाजी में निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। चुनाव आयोग की प्रेसवार्ता शुरू होने के पहले हरहाल में भूमिपूजन कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए मौके पर मौजूद भाजपा नेता पंडित जी को पूजा शार्ट में पूर्ण कराने के लिए बार-बार टोकते रहे। सबकुछ आश्चर्यजनक रूप से इतनी तेजी से हुआ कि भूमिपूजन कार्यक्रम महज आधा घंटे के ही अंदर संपन्न हो गया।
ठेका हुआ नहीं और भूमिपूजन हो गया
लोगों को आमंत्रित करने के लिए वितरित कार्ड में कार्यक्रम का समय शाम 4 बजे दर्ज है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व निर्धारित समय से 2 घंटे पहले भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित होने के कारण भीड़ नहीं जुट सकी और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। कार्यक्रम में सिर्फ मंत्री के साथ आये पार्टी नेता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ही उपस्थित रहे। सोशल मीडिया में वायरल इस खबर के अनुसार जिला चिकित्सालय पन्ना के 300 बिस्तर में उन्नयन निर्माण कार्य का अभी ठेका भी नहीं हुआ बाबजूद इसके मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मंत्री कुसुम मेहदेले से इसका भी भूमिपूजन करा दिया। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर विभागीय कर्मचारियों खूब हो रही है। दरअसल प्रत्येक जनप्रतिनिधि की हर संभव यह कोशिश रहती है कि क्षेत्र के लोग उनकी उपलब्धियों के बारे में जानें और समय आने पर उपलब्धियों का श्रेय रुपी समर्थन उन्हें प्रदान करें। जहां तक मंत्री मेहदेले का सवाल है तो उन्होंने पिछले कुछ महीनों में विशेष प्रयास करते हुए अति पिछड़े पन्ना जिले के समग्र विकास को नया आयाम देने के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दिलाई हैं। जिला चिकित्सालय पन्ना का 200 बिस्तर से 300 बिस्तर में उन्नयन निर्माण कार्य भी इसमें शामिल है। इसलिए मंत्री जी ने भी जल्दबाजी में इसके ठेके वाले पहलू गौर नहीं किया।
सवाल पूंछने पर बिफरे साहब
डॉक्टर एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
पूर्व निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कराने के संबंध में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एलके तिवारी से सवाल पूंछा गया तो वे बिफर गए और तमतमाते हुए कुछ भी बोलने से मना करने लगे। हालांकि चंद मिनिट बाद कुछ सोचकर उन्होंने बड़े ही सधे शब्दों में अपना पक्ष रखते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि कार्यक्रम की तैयारी हो चुकी थी इसलिए भूमिपूजन कराया गया बाद में आचार संहिता लगी है। आपने दावे के साथ कहा कि जिनका भूमिपूजन हुआ है, उक्त सभी कार्यों का ठेका भोपाल से हो चुका है। हालांकि वे जिला चिकित्सालय उन्नयन कार्य की एजेंसी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके। टालमटोल करते हुए उन्होंने इसकी जानकारी विभागीय निर्माण शाखा से प्राप्त करने की बात कही। । यहां महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब सबकुछ सही है तो फिर साहब जबाब देने से क्यों बचते रहे। इसके अलावा सिर्फ आचार संहिता के उल्लंघन से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कराने से सीएमएचओ का मौजूदा सरकार के प्रति समर्पण अथवा झुकाव क्या स्वतः ही परिलक्षित नहीं होता है। क्या ऐसे अधिकारियों के रहते हुए चुनाव आयोग की मंशानुसार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संभव हो पाएंगे..?
लापता बाघ के मिलने पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने ली राहत की सांस
पन्ना। रडार न्यूज पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों के उजड़े हुए संसार को पुनः आबाद करने में अहम भूमिका निभाने वाला बाघ टी-3 कुछ दिन पूर्व जंगल में विचरण के दौरान टाईगर ट्रेकिंग टीम की नजरों से ओझल हो गया था। रेडियो कॉलर वाले इस बाघ के सिग्नल मिलने भी बंद हो गए थे। इससे चिंतित और परेशान टाईगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा इस वृद्ध बाघ की सघन खोजबीन के लिए संभावित वन क्षेत्र तीन अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया। फलस्वरूप जंगल सर्चिंग के छठवें दिन शनिवार 6 अक्टूबर की सुबह लापता बाघ टी-3 के पार्क क्षेत्र में ही शकुशल मिलने की खबर आने पर पार्क के अधिकारियों ने राहत की साँस ली है। जानकारी अनुसार गंगऊ रेंज के प्रभारी परिक्षेत्राधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व वाली टीम को नर बाघ टी-3 पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत किशनगढ़ बफर रेंज के जंगल से सटे एक गांव के नजदीक मिला।
मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।
इस वृद्ध बाघ को एक भैंस का मांस खाते हुए देखा गया, जिसे इसने अपनी भूख मिटाने के लिए शिकार बनाया था। गांव के समीप बाघ की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से वहां हाथियों को तैनात किया गया है। साथ ही पार्क प्रबंधन ने गांव वालों को भी सतर्क कर दिया है। बाघ और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर मैदानी अमले के अलर्ट होने की बात कही जा रही है। हालांकि लापता बाघ के मिलने और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने पार्क के शीर्ष अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे वे पन्ना में बैठे-बैठे ही निर्देश देते रहे। पार्क के अधिकारयों की मानें तो उक्त बाघ की सतत ट्रेकिंग लगी टीम वाहन अचानक जंगल में खराब होने के कारण बाघ विचरण करते हुए काफी दूर निकल गया था जिससे उसके रेडियो कॉलर के सिग्नल मिलना भी बंद हो गए थे। जंगल की जटिल भौगोलिक स्थिति और लंबी घास के कारण गायब टाईगर को खोजने में इतना वक्त लगा।
पुर्स्थापना कार्यक्रम का है संस्थापक सदस्य
पन्ना टाईगर रिजर्व के बाघ विहीन होने पर वर्ष 2009 में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत पेंच टाईगर रिजर्व से एक नर बाघ को पन्ना लाया गया था जिसे यहां टी-3 नाम मिला। इसके पूर्व कान्हा और बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व से दो बाघिनों को यहां लाकर बसाया गया था। आज पन्ना टाईगर रिजर्व में करीब 40-45 बाघ है। ये सभी टी-3 की या फिर इसके शावकों की संतान है। अर्थात वृद्ध बाघ टी-3 पन्ना के बाघों का पिता-दादा और परदादा है। वास्तव में यह बाघ ही पन्ना टाईगर रिजर्व की बाघ पुर्स्थापना कार्यक्रम की अपार सफलता का रियल हीरो है।
इनका कहना है-“लगातार सघन जंगल सर्चिंग के चलते शनिवार की सुबह संस्थापक बाघ टी-3 सुरक्षित पार्क क्षेत्र के ही अंदर मिल गया। उसने एक भैंस का किल किया था जिसे वह खा रहा था। मौके पर हांथियों के साथ वनकर्मियों को तैनात किया गया है।“
बडागांव में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत करते नेता दशरथ यादव ।
निवाड़ी से मीरा यादव, बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया
अखिलेश बोले कांग्रेस ने कई दिनों तक इंतजार कराया अब बसपा से करेंगे गठबंधन की बात
शादिक खान, भोपाल /पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन को लेकर लंबे समय सीटों के बंटवारे पर चर्चा शुरू होने का इंतजार कर रही समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस की और से कोई सार्थक पहल न होते देख शनिवार को विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने पर लगे हाथ अपने 6 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया गया है। कांग्रेस से नाराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब गोंगपा और बसपा से गठबंधन करने की बात कही है। मालूम होकि मध्यप्रदेश में बसपा अपने 22 उम्मीदवार पहले ही घोषित कर चुकी है। शनिवार की सुबह अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से साफ इनकार कर दिया किया था। समाजवादी पार्टी प्रमुख का कहना था कि कोंग्रस ने गठबंधन के लिए हमें बहुत इंतजार कराया लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसलिए बसपा से बात करेंगे, कांग्रेस से अब गठबंधन नहीं होगा। मालूम हो कि इसके पूर्व बसपा प्रमुख मायावती भी नाराज होकर एमपी और राजस्थान में कांग्रेस से गठबंधन ना करने का ऐलान कर चुकीं हैं। उनका आरोप था दिग्विजय सिंह नहीं चाहते कि बसपा और कांग्रेस बीच गठबंधन हो।
इन्हें मिली टिकिट
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना से दशरथ यादव पहलवान, सीधी से केके सिंह, परसवाड़ा कंकर मुंजारे, निवाड़ी से मीरा यादव, बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया गया है। विदित हो कि कंकर मुंजारे और मीरा यादव पहले भी विधायक रह चुके हैं।
पहलवान ने चरन को चारों खाने किया चित
दशरथ सिंह यादव ‘पहलवान’
समाजवादी पार्टी द्वारा जारी सूची में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की दो सीटों पन्ना और निवाड़ी सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। पन्ना जिले में आने वाली तीन सीटों में सर्वप्रथम मात्र पन्ना सीट पर सपा ने नामी पहलवान दशरथ यादव को साईकिल पर सवार कर चुनावी अखाड़े में उतारा है। हालांकि पन्ना सीट से पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के भाई चरन सिंह यादव सपा के टिकिट के लिए पिछले कई महीनों प्रयासरत थे। पन्ना के लगातार कई दौरे कर और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों से मेल मुलाकात कर वे यहां अपनी राजनैतिक संभावनाएं तलाश रहे थे। लेकिन कब कौन सा दांव-पेंच चलना है, इसमें दक्ष दशरथ पहलवान ने रसूखदार चरन सिंह को चारों खाने चित कर टिकिट की दौड़ जीत ली है।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि दशरथ सिंह यादव पहलवान पन्ना में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। अभी कुछ माह पूर्व जब अखिलेश यादव जिले के अल्प प्रवास पर आये थे तब ग्राम बड़ागांव में दशरथ यादव ने उनका भव्य स्वागत कर एक नुक्कड़ सभा आयोजित की थी। गौरतलब होकि सपा के मुखिया के आगमन को लेकर टीकमगढ़-झांसी के हाईप्रोफाइल नेता चरन सिंह ने पन्ना जिला मुख्यालय में एक होटल में भव्य इंतजाम किया था लेकिन अखिलेश यादव वहां नहीं गए थे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा अपने दौरे पर दशरथ यादव को खुलकर महत्व दिए जाने के बाद से ही पन्ना सीट से उनका नाम तेजी से उभरकर सामने आने लगा था। आज आखिरकार सपा ने सबसे पहले उनका टिकिट घोषित कर दिया है। टिकट का ऐलान होने के बाद से दशरथ को लगातार बधाईयां मिल रही हैं।
संजय नगायच का निष्कासन समाप्त होने पर माला पहनाकर उनका पार्टी में स्वागत करते पन्ना भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम।
चुनाव से पहले नगायच का निष्कासन समाप्त होने से शुरू हुई अटकलें
पवई सीट टिकिट को लेकर भाजपा के खेमे में बढ़ने लगी सियासी हलचल
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में अबकी बार 200 पार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने एक अहम निर्णय लेते हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने निष्कासित नेताओं की घर वापसी शुरू कर दी है। फलस्वरूपप बुधवार 3 अक्टूबर 2018 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पन्ना के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच की चार साल बाद भाजपा में वापसी हो गई है। संजय की पार्टी में वापसी से उनके समर्थकों में जहां ख़ुशी की लहर व्याप्त है वहीं पवई और पन्ना सीट से भाजपा के टिकिट के प्रबल दावेदार माने जा रहे कई बड़े नेता इससे असहज हैं। दावेदारों के टेंशन की असल वजह इस फैसले के पीछे भाजपा प्रदेश नेतृत्व की मंशा अथवा रणनीति समझ में न आना है। उधर अचानक हुए इस निर्णय के बाद से कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई है। बहरहाल कल तक पन्ना जिले की पवई सीट से सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति के तत्वाधान में क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग को लेकर जन जागरण अभियान चलाने वाले फायर ब्रांड नेता संजय नगायच की भाजपा में वापसी के बाद उनके सुर पूरी तरह बदल गए है। प्रेसवार्ता में पत्रकारों ने जब यह सवाल पूंछा कि आपकी मांग के अनुसार भाजपा ने पवई से यदि क्षेत्रीय व्यक्ति को प्रत्याशी नहीं बनाया और कांग्रेस या अन्य विपक्षी दल क्षेत्रीय व्यक्ति को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी समर में उतारते हैं तो क्या आप अपनी पूर्व घोषणा अनुसार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्रीय उम्मीदवार का खुलकर समर्थन करेंगे ? संजय ने बिना किसी लागलपेट के अपने जबाब में कहा कि क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग पवई की जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है जिसे भाजपा प्रदेश नेतृत्व के समक्ष प्रमुखता से रखा गया था, अब पार्टी नेतृत्व पर निर्भर है वह क्या निर्णय लेते हैं। हाँ, इतना स्पष्ट है कि पवई सीट से पार्टी जिसे भी टिकिट देगी मैं पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए उसका प्रचार करूंगा। नगायच के हृदय परिवर्तन का हाल यह है कि पवई सीट से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाये जाने कि स्थिति में वे उनके लिए भी चुनाव प्रचार करने को तैयार हैं।
नायक बने विरोधी, बृजेन्द्र से नहीं परहेज
सर्वविदित है कि संजय नगायच और पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के बीच करीब एक दशक से छत्तीस का आंकड़ा है। दोनों ही एक-दूसरे का फूटी आंख नहीं देखते और खुलकर विरोध करते रहे हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में नगायच ने बृजेंद्र सिंह के खिलाफ कथित रूप से कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश नायक का समर्थन किया था। इसका नतीजा यह हुआ कि मंत्री रहते हुए बृजेंद्र सिंह को चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य करने पर संजय नगायच को भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद संजय अपने धुर विरोधी बृजेंद्र प्रताप को पानी पी-पीकर कोसते रहे हैं। सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट भी करते रहे हैं। किसी ने सच ही कहा है, राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी कभी स्थाई नहीं रहती। अब देखिये न मुकेश नायक को जिताने के चक्कर में संजय भाजपा से निष्कासित हुए बाद में उन्हीं से विरोध हो गया। बदले हुए हालात आज नगायच अपने धुर विरोधी रहे बृजेंद्र प्रताप सिंह के लिए भी चुनाव प्रचार करने को तैयार हैं। वहीं प्रेससवार्ता के दौरान संजय नगायच और भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम के बीच गलबहियां देखकर उनकी अपनी पार्टी के लोग हैरान हैं। वे जिस तरह एक-दूसरे को आदर-सम्मान दे रहे थे उसे देखकर यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि अतीत में इन दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ क्या-क्या नहीं कहा। लेकिन पार्टी के अंदर अब शायद ही कोई उसे याद करना या उस पर बात करना चाहेगा। रहा सवाल आमजनता का तो नेता यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी याददाश्त कमजोर है।
कमजोर पड़ी क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग
संजय नगायच को माला पहनाकर पार्टी में उनकी वापसी पर स्वागत करते पन्ना जिला भाजपा प्रभारी राजेंद्र गुरु।
सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति की धुरी रहे संजय नगायच के अचानक भाजपा में रिटर्न होने से एक बार फिर चुनाव से पहले पवई सीट से क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग को लेकर चलाई जा रही मुहिम कमजोर पड़ती दिख रही है। पिछले कुछ चुनावों से क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग करने वालों के साथ यह सबसे बड़ी समस्या पेश आती रही है कि वे निर्णायक समय तक एकजुट नहीं रह पाते या फिर किसी भी दल से क्षेत्रीय व्यक्ति को टिकिट ना मिलने की स्थिति अपना प्रत्याशी उतारकर उसे विजयी नहीं बना पाये। उधर पूर्व में जब भी कांग्रेस या भाजपा ने क्षेत्रीय व्यक्ति को बतौर प्रत्याशी आजमाया है तो वह जीत हासिंल नहीं कर सका। इसलिए प्रमुख राजनैतिक दल कुछ चुनाव से क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग की उपेक्षा कर जीत की संभावना वाले नेताओं को टिकिट देते रहे है। लेकिन इस बार क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग को लेकर जिस तरह चरणबद्ध तरीके से अब तक गांव-गांव अलख जगाई गई उससे यह मांग क्षेत्रीय अस्मिता और जनभावनाओं से जुड़ा ऐसा मुद्दा बन गया जिसकी अनदेखी करना भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए मुश्किल हो रहा था। प्रबल होती क्षेत्रीयता की भावना के बीच सर्वदलीय संघर्ष समिति के सबसे बड़े रणनीतिकार संजय नगायच की अचानक नाटकीय तरीके से भाजपा में वापसी होने से इस अभियान को तगड़ा झटका लगा है।
बिना शर्त हुई पार्टी में वापसी !
संजय की वापसी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रहीं है। भाजपा में वापसी के समय प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रति उनके प्रेम-निष्ठा-समर्पण की बातें सुनकर लोग जहां हैरान हैं वहीं इन सबसे आगे बढ़कर क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग पर बदले हुए सुर से संजय नगायच की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। सर्वदलीय क्षेत्रीय संघर्ष समिति से जुड़े कांग्रेस और भाजपा के अन्य नेता अपने साथी नगायच का अप्रत्याशित रूप से हृदय परिवर्तन देखकर अचंभित हैं।बहरहाल भाजपा में अपनी वापसी को नगायच बेशर्त बता रहे है, लेकिन राजनीति के इस मंजे हुए खिलाड़ी को करीब से जानने वालों को यह अच्छी तरह पता है कि वे कितने महत्वकांक्षी है। उल्लेखनीय है कि पवई से बृजेंद्र सिंह पिछला चुनाव कांग्रेस के मुकेश नायक से करीब 11 हजार मतों के अंतर से हारे थे। मंत्री रहते हुए बृजेंद्र को शिवराज और मोदी लहर के बाबजूद मिली करारी शिकस्त के मद्देनजर चुनाव से पहले उनके धुर विरोधी संजय की घर वापसी भाजपा में क्या किसी नए समीकरण का सूत्रपात। राजनैतिक पंडित भी मानते है कि यह सब अनायास नहीं है बल्कि बदली हुई रणनीति का अहम हिस्सा है। पत्रकारों के कुरेदने पर संजय कह चुके हैं,- “पार्टी नेतृत्व पवई की गतिविधियों से भलीभांति अवगत है, मेरी सभी लोगों से बात हो चुकी है देखिए कुछ अच्छा होगा बस थोड़ा इंतजार करिए।”
क्या वाकई मिट गए मनभेद
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे से सागर में संभागीय बैठक के दौरान मुलाकात करते संजय नगायच।
भाजपा में अपनी वापसी के समय संजय नगायच ने यह कहकर लोगों को भले ही चौंका दिया है कि बृजेंद्र प्रताप या अन्य किसी को टिकिट मिलने पर भी वे पार्टी के लिए ही काम करेंगे। लेकिन इससे यह मान लेना कि इनके बीच मनभेद दूर हो गए गलतफहमी पालना है। क्योंकि संजय की भाजपा में वापसी की घोषणा के समय जिले के सभी प्रमुख पार्टी नेता मौजूद रहे सिवाय मंत्री कुसुम मेहदेले और बृजेंद्र प्रताप सिंह को छोड़कर। बृजेन्द्र सिंह की अनुपस्थिति को लेकर यह बताया गया कि वे शाहनगर ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम के दौरे पर है। गौरतलब है कि भाजपा के पन्ना जिला प्रभारी राजेंद्र गुरू प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सिर्फ इस घोषणा के लिए दमोह से चलकर पन्ना आये थे लेकिन जिले में रहते हुए भी पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह प्रेसवार्ता में शामिल नहीं हुए। जबकि सुश्री मेहदेले उस दिन भोपाल में थीं। संजय भी कह चुके हैं कि किसी व्यक्ति विशेष से मतभेद हो सकते हैं कि लेकिन उनकी गतिविधि कभी पार्टी के खिलाफ नहीं रही। भाजपा उनके खून और डीएनए में है। इन सब बातों का लब्बोलुआब यही है राजनैतिक हितों के टकराव और वर्चस्व को कायम रखने की होड़ के चलते पवई के इन दो दिग्गजों के रिश्ते सामान्य होना संभव नहीं है। टिकिट को लेकर भी इनके बीच टकराव होना तय माना जा रहा है। पवई सीट से टिकिट के लिए अभी तक सिर्फ कांग्रेस के खेमे में ही घमासान मचा था लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में भाजपा में भी प्रतिस्पर्धा रोचक हो गई है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब सब की नजरें इस बात पर टिकीं है कि पवई सीट से भाजपा इस बार किसे अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी समर में उतारती है।
विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत।
मध्यप्रदेश में 28 और छत्तीसगढ़ में 13 और 20 नवंबर को होगी वोटिंग
नई दिल्ली। रडार न्यूज चुनाव आयोग ने आज मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 नवंबर, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर, छत्तीसगढ़ में 13 नवंबर और 20 नवंबर और मिजोरम में 28 नवंबर को मतदान होगा लेकिन सभी राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को ही घोषित होंगे। तेलंगाना में भी विधानसभा चुनावों के लिये तारीखों की घोषणा किये जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही थी। आयोग के सूत्रों ने कहा था कि समूची चुनावी प्रक्रिया दिसंबर के पहले हफ्ते तक खत्म हो जाएगी। आज चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सभी चुनावी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई। चुनाव आयोग द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित करने की खबर आने के बाद से ही चुनाव की तारीखों की घोषणा होने की ख़बरें आने लगी थीं। जी राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में चुनाव होने हैं वहां सियासी माहौल पहले से ही गर्म है। राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभानेके साथ-साथ प्रत्याशियों के चयन में जुटे हुए हैं। इन सभी राजाओं में विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा चुनावी सभाएं और रैलियां आदि आयोजित की जा रही हैं।
एनएमडीसी लिमिटेड के 'मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट' प्रोग्राम में प्रस्तुति देते जाने-माने प्लेबैक सिंगर जावेद अली और धारणा पावा।
एनएमडीसी लिमिटेड हीरक जयंती वर्ष में आयोजित हुआ गीत-संगीत का कार्यक्रम
प्लेबैक सिंगर जावेद अली ने अपनी प्रस्तुति से महफ़िल को यादगार बनाया
स्वरलहरियों से सर्द रात हुई रोशन, मस्ती भरे गीतों से जमकर मचाया धमाल
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज सोमवार की रात एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना द्वारा आयोजित ‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ शो के नाम रही। मझगवां स्थित खेल मैदान पर गुलाबी ठंडक के बीच देर रात तक बॉलीवुड के ख्यात प्लेबैक सिंगर जावेद अली की महफिल जमी रही। रात 8:30 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम देर रात 11 बजे तक चला, जिसमें सूफी नगमों, सदाबहार गीतों और खुद जावेद अली द्वारा हिंदी फिल्मों के लिए जो सुपरहिट गाने गाये उन पर श्रोता मस्ती में झूमते हुए गीतों को गुनगुनाते रहे। इस भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम को लेकर लोगों में अपार उत्साह देखा गया। फलस्वरूप पन्ना सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग परिवार और इष्ट मित्रों सहित ‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ कार्यक्रम में शामिल होकर आनंद उठाते रहे। इस अवसर पर प्लेबैक सिंगर धारणा पावा ने भी कर्णप्रिय गीतों से स्वर माधुर्य बिखेरकर महफ़िल में शमां बांध दिया। मुंबई से आये मिमिक्री आर्टिस्ट शमीम बादशाह ने अपनी हैरान करने वाली मिमिक्री और कॉमेडी से लोगों को खूब हंसाया। शमीम ने बॉलीवुड के कई मशहूर सितारों की नकल करके हूवहु आवाज में उनके चर्चित डायलॉग सुनाकर जमकर तालियां बटोरीं।
सूफी नगमों के एहसास ने दिल को छुआ
‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र रहे सिंगर जावेद अली ने अपने नर्म ओ नाजुक मिजाज, दिलकश अंदाज और जादुई आवाज में सूफी कलाम की ऐसी सौगात पेश की जो सीधे दिल में उतर गई। उन्होंने रॉक स्टार फिल्म के लिए गाया चर्चित सूफी नगमा- “कुन फायाकुन कुन” और “मेरे रश्के कमर तू ने पहली नज़र जब मिलाई मज़ा आ गया।” तथा फिल्म दिल्ली 6 के गीत “मौला मौला मौला मेरे मौला, मरम्मत मुकद्दर की कर दो मौला मेरे मौला।” की दिलकश अदायगी से महफ़िल और माहौल को अपना कायल बना दिया। इन सूफी गीतों में ईश्वर के प्रति भक्त के अटूट प्रेम, विश्वास और मनोकामना पूर्ति को लेकर कृपा की प्रार्थना-याचना के खूबसूरत वर्णन ने श्रोताओं को आत्मिक और भक्ति के रस सराबोर कर दिया। जावेद अली ने पूरी तन्मयता से सूफी गाने गाते हुए श्रोताओं को रूहानी दुनिया की सैर करा दी। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट फिल्म बजरंगी भाईजान का टाइटल सोंग- “तूँ जो मिला तो हो गया मैं काबिल।” फिल्म गजनी का गाना- “तूँ मेरी अधूरी प्यास-प्यास, तूँ आ गई मन को रास-रास।” फिल्म जोधा अकबर का दर्द भरा गीत- “कहने को जश्न-ए-बहारा है….।” सदाबहार पुराने नगमों में- “तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है कि जहां मिल गया।” राजस्थानी फोक सोंग- “केशरिया बालम पधारो म्हारे देश।” सहित कई गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर जमकर तालियां बटोरीं। यह जावेद अली की आवाज और अंदाज का ही जादू था कि श्रोता भी झूमते हुए उनके साथ गीतों को गुनगुनाते रहे।
“मैं तेनू समझावां की”
अपनी सुकून देने वाली मखमली आवाज का जादू बिखेरतीं प्लेबैक सिंगर धारणा पावा।
प्लेबैक सिंगर धारणा पावा ने भी कई गानों की खूबसूरत प्रस्तुति से श्रोताओं को बांधे रखा। खासकर हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियाँ फिल्म का गीत- “मैं तेनू समझावां की ना तेरे बिना लागदा जी तू की जाने प्यार मेरा मैं करूँ इंतजार तेरा तू दिल तूयों जान मेरी।” फिल्म दम लगा के हईशा का गीत- “मोह-मोह के धागे तेरी उंगलियों से जा उलझे।” फिल्म सुल्तान का प्यार भरा गीत- “जग घूमेया थारे जैसा ना कोई…।” आदि सुमधुर गीतों को पूरे मनोयोग से गाया। कुछ गीतों को जावेद अली और धारणा की युगल जोड़ी ने मस्ती भरे अंदाज में जब पेश किया तो कार्यक्रम में मौजूद लोग मंत्रमुग्ध होकर थिरकने से खुद को रोक नहीं सके। खासकर “कजरारे- कजरारे तेरे कारे कारे नैना” और ‘नगाड़ा-नगाड़ा नगाड़ा बजा’ गीत पर श्रोता मस्ती में सराबोर झूमते हुए नजर आये। इन गीतों पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। स्टेज पर छोटी बच्ची सोनाक्षी पाठक ने ऐसा जबरदस्त डांस किया कि उसकी तारीफ खुद जावेद अली ने की। उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया साथ ही इनके प्रयास को सराहना भी मिली। गीतों की प्रस्तुति के दौरान पीछे बैकग्राउंड में बड़ी सी स्क्रीन पर संबंधित फिल्म के वीडियो चलते रहे। रंग-बिरंगी आकर्षक लाइट के बीच म्यूजिशियन ने वाद्ययंत्रों पर अपनी कला को साबित करते हुए संगीत का ऐसा जादू बिखेरा कि दर्शक-श्रोता मंत्रमुग्ध होकर तालियां बजाते रहे। ‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ कार्यक्रम का संचालन मॉडल अंकिता मोरे ने किया। हीरा खनन परियोजना के लिए इस भव्य और शानदार कार्यक्रम का प्रबंधन तमन्ना इवेंट्स एंडएंटरटेनमेंट कंपनी नागपुर ने किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की उपस्थित लोगों द्वारा मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।
पन्ना में बहुत प्यार मिला
धमाकेदार रॉकिंग परफॉर्मेंस देते सिंगर जावेद अली।
एनएमडीसी लिमिटेड-60 डायमंड जुबली में पहली बार मैं पन्ना आया हूँ, यहां मुझे बहुत प्यार मिला है। ‘म्यूज़िकल नाइट’ यादगार बने और आपका भरपूर मनोरंजन करूँ इसके लिए मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूँगा। यह बात बॉलीवुड के नामचीन प्लेबैक सिंगर जावेद अली ने सोमवार को मझगवां (पन्ना) में कही। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी के जश्न के इस माहौल में आपके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हुई। पन्ना के लोग बहुत ही सुरीले हैं, कुछ लोगों को सुनने के बाद मुझे यह महसूस हुआ है। उल्लेखनीय है कि ‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ के मंच पर सिंगर जावेद अली की जब धमाकेदार इंट्री हुई तो कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस सुरीले सिंगर के सम्मान में लोगों ने खड़े होकर अभिवादन किया। ब्लैक जींस, सफेद टी शर्ट और ब्लेजर में वे काफी कूल नजर आ रहे थे। लेकिन सिंगर जावेद अली ने स्टेज पर जिस एनर्जी-अंदाज के साथ डूबकर गीतों पर थिरकते हुए परफॉर्म किया वह काबिले तारीफ रहा। इस कार्यक्रम में पन्ना जिले के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह सपरिवार उपस्थित रहे। सिंगर जावेद अली की दिलकश आवाज को सुनने और उन्हें नजदीक से देखने के लिए महिलायें, युवा और बच्चे बड़ी तादाद में पहुंचे। गुलाबी ठंडक के बीच देर रात तक गीत-संगीत की इस महफ़िल का रसिक श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया।
मध्यप्रदेश गान से हुआ शुभारंभ
मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ प्रोग्राम में उपस्थित अतिथि एवं हीरा खनन परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा।
एनएमडीसी लिमिटेड के 60 वर्ष होने पर हीरक जयंती वर्ष 2018 के उपलक्ष्य में हीरा खनन परियोजना मझगवां में सोमवार 1 अक्टूबर को ‘मेगा स्टार म्यूज़िकल नाइट’ प्रोग्राम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर डीजीएमएस जबलपुर जोन, परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा, उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर हीरा खनन परियोजना के उप महाप्रबंधक एमएंडएस के. चंद्रशेखर, उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव, उप महाप्रबंधक खनन डी. मैति, परियोजना के श्रमिक संघों के प्रमुख समर बहादुर सिंह एवं शहजाद खान, उप प्रबन्धक राजभाषा देबाशीष घोष एवं डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य पी.सी. सिंह उपस्थित रहे। सर्वप्रथम मुंबई से आये सिंगर ने बुलंद आवाज में मध्यप्रदेश गान- “सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है, माँ की गोद पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।” की भावपूर्ण प्रस्तुति से म्यूज़िकल नाइट का आगाज किया। कार्यक्रम के अंत में हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा द्वारा बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जावेद अली को समूचे पन्ना जिले की और से प्यार भरे तोहफे के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। संगीत के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की सुनहरी यादों को लंबे समय तक संजोय रखने के लिए कई श्रोता-दर्शक मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। वहीं कुछ लोग फेसबुक पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कर दूर बैठे अपने परचितों-रिश्तदारों तक म्यूज़िकल नाइट का आनंद पहुंचाते रहे।
पन्ना के कलेक्ट्रेट चौराहे पर प्रणामी समाज द्वारा आयोजित शिविर में रक्तदान करते कलेक्टर मनोज खत्री।
श्री प्राणनाथ जी के प्रगटन उत्सव के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन
अन्तर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव पर हरसंभव मदद की जाएगी- श्री खत्री
पन्ना। रडार न्यूज लोगों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान से बढ़कर कोई दूसरा दान नहीं है। यदि हमारे रक्त से किसी इंसान की जान बचती है तो इससे बड़ा पुनीत कार्य संसार में दूसरा नहीं हो सकता। शायद इसीलिये रक्तदान को महादान कहा गया है। स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर जनमानस में व्याप्त भ्रांतियों और उनकी झिझक को दूर करने के लिए पन्ना जिले के प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर मनोज खत्री ने स्वयं सहर्ष रक्तदान किया। जरूरतमंदों को समय पर पर्याप्त मात्रा में रक्त सुगमता से उपलब्ध हो इसके लिए जरुरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें। इसके लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री खत्री ने पन्ना के कलेक्ट्रेट चौराहे पर आयोजित शिविर में बड़ी ही सादगी के साथ आम नागरिक की भांति रक्तदान किया। रक्तदान को लेकर समाज में जागरूकता लाने के लिए उनके इस हृदयस्पर्शी प्रेरणादायी कदम की सर्वत्र सराहना हो रही है। उल्लेखनीय है कि रविवार 30 अक्टूबर 2018 को जिला मुख्यालय पर प्रणामी समाज द्वारा महामति श्री प्राणनाथ जी के 400वां प्रगटन उत्सव के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर मनोज खत्री द्वारा महामति श्री प्राणनाथ जी के चित्र पर माल्यार्पण के उपरांत स्वयं रक्तदान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
गरीबों का जीवन सवांरने किये उल्लेखनीय कार्य
शरद पूर्णिमा महोत्सव की आवश्ययक व्यवस्थाओं के संबंध प्रणामी समाज के वरिष्ठजनों से चर्चा करते पन्ना कलेक्टर मनोज खत्री।
इस अवसर पर कलेक्टर मनोज खत्री ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा कि धामी समाज द्वारा अनेक समाज सेवा के कार्य किए जा रहे हैं इसके लिए मैं इन्हें साधुवाद देता हूँ। उन्होंने कहा कि मेरी पूर्व में समाज के धर्मगुरू डॉ. दिनेश पंडित से चर्चा हुई थी कि जिले के गरीब परिवारों को विशेषकर जो महिलाएं जंगल से लकड़ी लाकर जीवन-यापन करती हैं, उनके लिए समाज द्वारा कुछ कार्य किया जाए जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आए। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा कहा गया था कि सिलाई का प्रशिक्षण एवं मशीन उपलब्ध कराई जाए। जिससे पर्यावरण की सुरक्षा एवं उन्हें जीवकोपार्जन के लिए काम मिल जाएगा। आप लोग इस तरह के कार्यों को अपने समाज के माध्यम से करें। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए। जिला प्रशासन द्वारा इस अवसर पर हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने मौके पर उपस्थित नगरपालिका परिषद के उपयंत्री आशीष तिवारी को निर्देश कि पर्व के दौरान साफ-सफाई के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर धामी समाज के युवक-युवतियों द्वारा 25 यूनिट रक्तदान किया गया। युवक-युवतियों का मनोबल बढाने के लिए समाज के बुजुर्ग विद्वानजन, सिविल सर्जन डॉ. व्ही.एस. उपाध्याय, चिकित्सा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
नेत्र रोगी राजेश तिवारी की आँख में सहजन की पत्ती का रस डालते हुये सहायक संचालक उद्यान महेन्द्र मोहन भट्ट ।
सहायक संचालक उद्यान का दावा, सहजन को बताया संजीवनी वृक्ष
इस चमत्कारिक पेड़ का हर हिस्सा औषधीय गुणों से है परिपूर्ण
पत्तियों के रस का नियंमित प्रयोग करने से उतर जाता है आँखों का चश्मा
पन्ना। रडार न्यूज हमारे आसपास ऐसी कई गुणकारी औषधियां मौजूद हैं, जिनका उपयोग विभिन्न रोगों-बीमारियों के उपचार में रामबाण साबित हो सकता है, आवश्यकता सिर्फ इनकी उपयोगिता की जानकारी होने की है। घर, खेत, आँगन यहां तक कि बड़े गमलों में भी सहजता से उगाये जा सकने वाले सर्व सुलभ सहजन (मुनगा) ऐसा ही पेड़ है जोकि औषधीय गुणों की खान है। यह एक ऐसा पेड़ है जिसका हर हिस्सा उपयोगी तथा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। सहजन की ताजी पत्ती का रस निकालकर यदि एक-दो बूँद आँख में डाली जाये तो तमाम तरह के नेत्र रोगों से जहां निजात मिल जाती है, वहीं कुछ ही दिनों के प्रयोग से आँखों का चश्मा तक उतर जाता है। उद्यान विभाग पन्ना के सहायक संचालक महेन्द्र मोहन भट्ट का कहना है कि सहजन (मुनगा) की पत्तियों के रस का उपयोग करने से न सिर्फ नेत्र ज्योति बढ़ती है अपितु मोतियाबिन्द के जाले तक छँट जाते हैं तथा आँख पूर्व की तरह निर्मल और तरो ताजा हो जाती है। उल्लेखनीय है कि कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिये सहजन के पौधे को जिसे स्थानीय भाषा में मुनगा भी कहा जाता है, उसे जिले के प्रत्येक आँगनबाड़ी केन्द्र व घरों में रोपित किये जाने का अभियान भी चलाया जा रहा है। जिसमें उद्यान विभाग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।सहायक संचालक उद्यान श्री भट्ट ने बताया कि उद्यान विभाग की नर्सरियों में सहजन के पौधे तैयार कर रोपण के लिये उपलब्ध कराये जाते हैं। आपने बताया कि यह बहुत ही तेज गति से बढऩे वाला पौधा है और किसी भी तरह की मिट्टी व वातावरण में लग जाता है। श्री भट्ट ने सहजन को इस सदी का संजीवनी पेड़ बताया और कहा कि इसकी पत्तियों में प्रचुर मात्रा में खनिज लवण और विटामिन पाया जाता है इसीलिये इसे एनर्जी ब्लास्टर भी कहा जाता है। सहजन के पौधे में जड़ से लेकर फूल,पत्तियों व फलियों में सेहत के गुण भरे हुये हैं।
इलाज कराने नर्सरी पहुँचते हैं नेत्र रोगी
जिला मुख्यालय पन्ना से महज 4 किमी दूर पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर स्थित उद्यान विभाग की नर्सरी में आस-पास के अनेकों नेत्र रोगी पहुँचते हैं,जिनकी आँख में सहजन की पत्ती का रस सहायक संचालन उद्यान स्वयं डालकर उन्हें नेत्र रोग से मुक्त करने का कार्य करते हैं। श्री भट्ट के मुताबिक अब तक अनेकों लोगों की आँखों से चश्मा हट गया है, वे स्वयं बिना चश्मे के लिखने-पढऩे का पूरा काम करते हैं। आपने बताया कि सहजन की पत्तियों का ताजा रस सीधे आँख में डालने के बजाय उसे बराबर मात्रा में शहद व पानी मिलाकर डायलूट किया जा सकता है। क्योंकि अकेली पत्तियों का रस उपयोग करने से कुछ देर तक जलन महसूस होती है, लेकिन 10-15 मिनट बाद ही आँखें तरोताजा हो जाती हैं तथा शीतलता का अहसास होता है।
हाई ब्लड प्रेशर होता है नियंत्रित
औषधीय गुणों से परिपूर्ण सहजन का पेड़।
सहजन की पत्तियों के रस का काढ़ा बनाकर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को देने से लाभ मिलता है। इसका काढ़ा पीने से घबराहट, चक्कर आना तथा उल्टी जैसी तकलीफों से भी राहत मिलती है। सहजन की पत्तियां नेत्र रोग के अलावा मोच व गठिया जैसी बीमारियों के लिये भी फायदेमंद है। सहायक संचालक श्री भट्ट ने बताया कि सहजन की फली में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाताहै, जो बच्चों के लिये बहुत फायदेमंद होता है, इससे हड्डियां और दांत दोनों ही मजबूत बनते हैं। मोटापा और शरीर की बढ़ी हुई चर्बी को दूर करने के लिये भी सहजन को एक लाभदायक औषधि माना गया है।
अपने मत का सही उपयोग करने का संदेश मतदाताओं को देने के लिए शराब दुकान के सामने बैनर लगाते आबकारी विभाग के कर्मचारी।
मतदाता जागरूकता के लिए शराब दुकानों में लगाये बैनर
अवैध शराब संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन पर की जा रही कार्यवाही
पन्ना। रडार न्यूज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के मार्गदर्शन एवं आगामी विधानसभा निर्वाचन 2018 स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने की मंशा से आबकारी विभाग पन्ना द्वारा अवैध मदिरा संग्रहण, उत्पादन, विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु दबिश देकर निरंतर प्रकरण कायम किए जा रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी पन्ना ने बताया है कि आबकारी दल द्वारा निरंतर रात्रि गश्त, सघन निरीक्षण एवं त्वरित धरपकड कार्यवाही की जा रही है। जिसके लिए फलस्वरूप आबकारी विभाग पन्ना द्वारा माह सितंबर 2018 में आज दिनांक तक 13 प्रकरण कायम किए गए हैं जिसमें 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालयीन कार्यवाही की जा रही है। पंजीबद्ध प्रकरणों में 27.9 बल्क लीटर देशी मदिरा, हाथ भट्टी 15 लीटर एवं महुआलाहन 20 किलो जप्त किया गया है। आगामी विधानसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए आबकारी विभाग पन्ना द्वारा विशेष पहल करते हुए मदिरा दुकानों में मतदाताओं से चुनाव में अपने मत का सदुपयोग करने एवं ’’जो बांटे दारू, साड़ी, नोट, उनको कभी न देंगे वोट’’ स्लोगन के बैनर लगवाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।