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भारतीय हीरा उद्योग पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार खजुराहो में

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सांकेतिक चित्र।

* एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना के तत्वावधान में होगा आयोजन

पन्ना। रडार न्यूज   एनएमडीसी हीरक जयंती वर्ष उत्सव के अंतर्गत हीरा खनन परियोजना मझगवां द्वारा “भारतीय हीरा उद्योग- चुनौती एवं अवसर” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार रविवार 18 नवंबर 2018 को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के होटल क्लार्क्स में आयोजित किया जा रहा है । इस सेमिनार में हीरा उद्योग के प्रतिष्ठित गणमान्य वक्ता और शिक्षाविद भाग लेंगे । इस संगोष्ठी में हीरा खनन, अन्वेषन, विपणन, विनिर्माण, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास एवं हित धारकों द्वारा राष्ट्र.निर्माण में योगदान विषय पर तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा । हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा के नेतृत्व में गठित आयोजक समिति के तत्वावधान में इस राष्ट्रीय सेमिनार की तैयारियां पूरी कर ली गई है । विदित हो कि राष्ट्र सेवा के 61 वर्ष में पदार्पण कर चुकी एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना एशिया की एकमात्र यंत्रीकृत हीरा खदान है । वर्ष 1968 में स्थापित इस परियोजना ने हीरा उत्खनन उद्योग में पचास वर्ष पूरे कर लिए हैं ।

विधानसभा चुनाव | अंतिम दिन 40 नाम निर्देशन पत्र दाखिल, पन्ना से शिवजीत, बृजेंद्र प्रताप और अनुपमा ने भरा पर्चा, पवई से प्रहलाद, मुकेश, भुवन, एवं अनिल ने दाखिल किया नामांकन

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जुलुश के रूप में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के लिए समर्थकों के साथ जाते पन्ना से कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह।

* गुनौर सीट से शिवदयाल और राजेश ने जमा किया नाम निर्देशन पत्र

* भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सीनियर नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी ने की बगाबत

* टिकिट वितरण से असंतुष्ट होकर पन्ना सीट से निर्दलीय नामांकन भरा

* महेंद्रपाल का टिकिट काटकर बसपा ने पन्ना से अनुपमा यादव को बनाया प्रत्याशी

* कांग्रेस के बागी भुवन विक्रम सिंह ने पवई से सपा प्रत्याशी के रूप दाखिल किया पर्चा

* क्षेत्रीय संघर्ष समिति में पड़ी फूट अनिल तिवारी ने आम आदमी पार्टी से चुनावी समर में उतरे

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन शुक्रवार 9 नवंबर को पन्ना जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर सर्वाधिक 40 उम्मीदवारों द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये गए। जिसमें विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पवई के लिए 16, गुनौर के लिए 6 एवं पन्ना के लिए 18 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया है। अंतिम दिन पर्चे भरने वालों की भीड़ इसलिए जुटी क्योंकि गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार की सुबह तक पन्ना जिले का राजनैतिक और चुनावी परिदृश्य लगातार बदलता रहा। सबकुछ इतनी तेजी से और नाटकीय तरीके से घटित हुआ कि लोग दंग रह गए। लंबे इंतजार के बाद पन्ना सीट पर कांग्रेस ने जहां गुरुवार को दोपहर में अपना पत्ता खोलते हुए प्रत्याशी के रूप शिवजीत सिंह के नाम का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया वहीं बीजेपी ने अंतिम समय में पवई के टिकिट में फेरबदल का अप्रत्याशित निर्णय लेते हुए वहां से पूर्व घोषित प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप सिंह को पन्ना सीट पर स्थानांतरित कर पवई से प्रहलाद लोधी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
सामूहिक रूप से नामांकन दाखिल करने जाते भाजपा प्रत्याशी पवई से प्रहलाद सिंह लोधी, पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह और गुनौर सीट से राजेश कुमार वर्मा।
इस बीच गुरुवार देर रात बहुजन समाज पार्टी ने पन्ना सीट से महेन्द्र पाल वर्मा का टिकिट घोषित करने के महज कुछ घंटे के ही अंतराल में काटते हुए उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता चरन सिंह यादव की पत्नी अनुपमा यादव को अपना प्रत्याशी बनाते हुए उनके नाम पर सिंबल (बी-फार्म) जारी कर दिया। उधर, पवई से समाजवादी पार्टी पार्टी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर चुके प्रहलाद लोधी के भाजपा में शामिल होते ही उन्हें पार्टी ने क्षेत्रीय उम्मीदवार की मांग के मद्देनजर टिकिट दे दी। प्रहलाद के पाला बदलते ही समाजवादी पार्टी ने पवई सीट से कांग्रेस के बागी युवा कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष भुवन विक्रम सिंह को साईकिल की सवारी के लिए अधिकृत कर दिया।
पवई सीट से नामांकन दाखिल करते हुए आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अनिल तिवारी।
कांग्रेस से निष्कासित दिग्गज नेता अनिल तिवारी आम आदमी पार्टी की झाड़ू लेकर पवई का राजनैतिक कचरा साफ करने चुनावी अखाड़े में कूद पड़े। अंतिम समय में हुई इस जबरदस्त उठापटक में टिकिट प्राप्त करने और टिकिट से वंचित रहने पर बागी हुए उम्मीदवारों ने चुनावी महासमर में उतरने के लिए शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। नाम निर्देशन पत्र जमा करने का अंतिम दिन होने के कारण शुक्रवार को सुबह 11 बजे से ही कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित तीनों विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालयों में उम्मीदवार अपना नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के लिए पहुंचने लगे थे।

विधानसभा क्षेत्र पन्ना

पन्ना से नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के लिए पति के साथ जाती सपा प्रत्याशी अनुपमा सिंह यादव।
आखिरी दिन पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक- 60 से कांग्रेस के उम्मीदवार शिवजीत सिंह, भारतीय जनता पार्टी से बृजेंद्र प्रताप सिंह, बहुजन समाज पार्टी से अनुपमा चरन सिंह यादव, जन अधिकार पार्टी से महेंद्र पाल वर्मा, जयप्रकाश चतुर्वेदी ने निर्दलीय, नरेंद्र कुमार ने भारतीय जनता पार्टी, दशरथ सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी, अंकित ने निर्दलीय, साधू ने निर्दलीय, प्रमोद कुमार सिंह निर्दलीय, राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी से श्रीमती नीलम, जयराम निर्दलीय, सपाक्स एवं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर शालिगराम ने, वृहत्तर भारत प्रजातंत्र सेवा पार्टी से पुष्पेन्द्र कुमार पयासी, विष्णु ने निर्दलीय, उदया आत्मानन्द ने निर्दलीय, लोकपाल सिंह ने निर्दलीय और बहुजन समाज पार्टी से कमलाकांत दुबे ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

विधानसभा क्षेत्र पवई

पवई सीट से नाम निर्देशन पत्र जमा करने जाते भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद सिंह लोधी।

शुक्रवार 9 नवंबर को विधानसभा क्षेत्र क्रमांक- 58 पवई से नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने वालों में समाजवादी पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी प्रहलाद सिंह लोधी, कांग्रेस से मुकेश नायक, समाजवादी पार्टी से भुवन विक्रम सिंह, आम आदमी पार्टी से अनिल तिवारी, कमलेश कुमार ने निर्दलीय, कुलदीप तिवारी ने शिवसेना, जन अधिकार पार्टी से गंगाराम कुशवाहा, नन्दू प्रसाद कुशवाहा ने निर्दलीय, प्रकाश ने निर्दलीय, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से बलवान कुशवाहा, मनसुख लाल ने निर्दलीय, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से महिपाल सिंह, मुकेश कुमार ने निर्दलीय, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से राजू, बहुजन समाज पार्टी से सीताराम पटेल एवं सपाक्स पार्टी से रामनजर ने पर्चा भरा है।

विधानसभा क्षेत्र 59 गुनौर

गुनौर सीट से नामांकन पत्र दाखिल करते कांगेस प्रत्याशी शिवदयाल बागरी।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पन्ना जिले के गुनौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-59 से नाम निर्देशन पत्र आरओ को प्रस्तुत करने वालों में कांग्रेस के उम्मीदवार शिवदयाल बागरी, भारतीय जनता पार्टी से राजेश कुमार वर्मा, समाजवादी पार्टी एवं निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर बेटूलाल चौधरी ने, सपाक्स पार्टी और निर्दलीय अभ्यर्थी के रूप में खिलावन ने, रामरूप ने निर्दलीय और बहुजन समाज पार्टी से इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं उल्लेखनीय है कि पन्ना, पवई और गुनौर विधानसभा क्षेत्र से कुछ अभ्यर्थियों ने एक से अधिक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किये है। पन्ना से दशरथ सिंह यादव और गुनौर से इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ ने एक ही पार्टी से दूसरी बार नामांकन दाखिल क्या किया है। जबकि कुछ उम्मीदवारों ने अलग-अलग राजनैतिक दल से और कुछ ऐसे भी हैं जिनके द्वारा एक नाम निर्देशन पत्र किसी राजनैतिक दल के उम्मीदवार के रूप में तथा दूसरा नाम निर्देशन पत्र निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भरा गया है।

गाजे-बाजे के साथ भरा पर्चा

पवई सीट से नाम निर्देशन पत्र दाखिल करते कांगेस प्रत्याशी मुकेश नायक।
सर्दी के आगाज के साथ ही पन्ना जिले में सियासी पारा चढ़ गया है। नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन पन्ना में उत्सव सा माहौल रहा। विधानसभा चुनाव के महासमर में उतरने के लिए शुक्रवार 9 नवंबर को अभ्यर्थियों में अपार उत्साह उत्साह और जूनून देखा गया। फलस्वरूप पन्ना से कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह, भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप सिंह, पवई से भाजपा के उम्मीदवार प्रहलाद सिंह लोधी, कांग्रेस से मुकेश नायक, समाजवादी पार्टी से भुवन विक्रम सिंह और आम आदमी पार्टी से अनिल तिवारी तथा गुनौर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी शिवदयाल बागरी, भाजपा के राजेश कुमार वर्मा अपनी-अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों और समर्थकों की फौज के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। फूलमाला पहने अभ्यर्थी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते हुए जुलुस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच ढ़ोल-नगाड़ों की गूंज और आतिशबाजी जारी रही। वहीं उत्साही समर्थक अपने उम्मीदवार की जीत के नारे लगाते रहे।

प्रत्याशियों को लेकर रही यह चर्चा

पन्ना सीट से पर्चा दाखिल करने के बाद हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते कांगेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह।
आखिरी समय में टिकिट बदलकर पन्ना से भाजपा प्रत्याशी घोषित किये गए ब्रजेंद्र प्रताप सिंह जब पर्चा भरने पहुंचे तो उनके साथ पन्ना विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख पार्टी नेता नजर नहीं आये। नारेबाजी करते हुए बृजेंद्र के साथ चल रहे अधिकांश समर्थक भी पन्ना के बजाय उनके पुराने निर्वाचन क्षेत्र पवई के ही रहे। पन्ना सीट से मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले का टिकिट कटने से नाराज मेहदले परिवार के सदस्यों व उनके अधिकांश समर्थकों ने बृजेंद्र सहित अन्य अभ्यर्थियों से दूरी बनाये रखी। उधर, कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दिव्यरानी सिंह अपनी पार्टी के किसी भी प्रत्याशी के साथ पर्चा दाखिल कराने नहीं आईं। पन्ना से कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह के साथ सबसे अधिक समर्थक और कुछेक लोगों को छोड़कर क्षेत्र के अधिकांश पार्टी नेता उनका पर्चा भरवाने पहुंचे।
पवई सीट से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी युवा नेता भुवन विक्रम सिंह माँ आशारानी सिंह के साथ।
कांग्रेस से टिकिट न मिलने और बसपा से कुछ ही घंटे के अंदर टिकिट कटने से महेंद्र पाल वर्मा और उनके साथ आये समर्थक काफी निराश दिखे। महेंद्र पाल ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पर टिकिट बेंचने का आरोप लगाया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया कर्मियों से चर्चा में कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने मेरा टिकिट काटकर पन्ना सीट से चरन सिंह यादव की पत्नी को 5 करोड़ रुपये में टिकिट दिया है। उधर पवई सीट से समाजवादी पार्टी से भुवन विक्रम सिंह, आम आदमी पार्टी से अनिल तिवारी और बहुजन समाज पार्टी से सीताराम पटेल के नामांकन दाखिल करने को क्षेत्रीय संघर्ष समिति की एकता में बिखराब के तौर देखा जा रहा है। कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे विभिन्न दलों से जुड़े लोगों लोगों के बीच यह सब बातें चर्चा का विषय बनीं रहीं। पन्ना विधानसभा सीट से प्रमुख दलों के प्रत्याशियों में शिवजीत सिंह को छोड़कर अन्य उम्मीदवारों के बाहरी होने को लोग अजब संयोग बताते हुए चर्चा करते रहे।

मध्यप्रदेश | भाजपा की चौथी सूची में बड़ा उलटफेर, पन्ना से मंत्री मेहदेले का टिकिट कटा, अब पवई से प्रहलाद और बृजेंद्र प्रताप पन्ना से प्रत्याशी घोषित

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं शीर्ष नेताओं से मिलते प्रहलाद लोधी व संजय नगायच।

* क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग के चलते बृजेंद्र के स्थान पर प्रहलाद को दिया टिकिट

* समाजवादी पार्टी ने प्रहलाद को पवई सीट पहले घोषित किया था प्रत्याशी

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की चौथी सूची गुरुवार 8 नवंबर को देर शाम जारी की है। इस सूची में सात सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। बीजेपी ने पन्ना जिले में बड़ा उलटफेर करते हुए पन्ना विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक एवं मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले की टिकिट काटकर बृजेंद्र प्रताप सिंह को पवई के स्थान पर पन्ना से घोषित प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि, पवई विधानसभा क्षेत्र में उठ रही क्षेत्रीय प्रत्याशी की पुरजोर मांग को देखते हुए अंतिम क्षणों में भाजपा के आला नेताओं ने अप्रत्याशित निर्णय लेते हुए आनन-फानन में वहां से प्रहलाद लोधी के नाम पर मुहर लगा दी है। कुछ दिन पूर्व समाजवादी पार्टी ने पवई सीट से अपने उम्मीदवार के रूप में प्रहलाद के नाम का ऐलान किया था। लेकिन, गुरुवार को भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात होने और पवई से टिकिट तय होने पर प्रहलाद ने सपा की टिकिट अस्वीकार कर भाजपा का दामन थाम लिया। जबकि प्रहलाद लोधी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन तक दाखिल कर चुके थे। नाम निर्देशन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के एक दिन पूर्व पन्ना जिले की दोनों सामान्य सीटों पर भाजपा ने बड़ा बदलाव करके सबको चौंका दिया है।

रिकार्ड मतों से जीतने के बाद भी टिकिट काटा

मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले।
कांग्रेस पार्टी द्वारा गुरुवार को दोपहर में पन्ना सीट पर शिवजीत सिंह का नाम घोषित करने के महज कुछ घंटे बाद ही बीजेपी ने अपनी चौथी सूची जारी करके पवई से पूर्व घोषित प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप सिंह को बदलकर उन्हें पन्ना विधानसभा सीट पर स्थानांतरित किया है। जबकि, पन्ना सीट मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले की परंपरागत सीट है। सुश्री मेहदेले ने यहां से वर्ष 1989 से लेकर 2013 तक लगातार छः विधानसभा चुनाव लड़े जिसमें चार बार उन्होंने रिकार्ड मतों से शानदार जीत दर्ज कराई है। भाजपा में पिछड़े वर्ग की कद्दावर नेत्री कुसुम मेहदेले ने वर्ष 1989 में अपने पहले चुनाव में ही कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन मंत्री कैप्टन जयपाल सिंह को करीब 15 हजार मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी थी। वर्ष 1993 में सुश्री मेहदेले पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह से महज 1000 से कम मतों से और वर्ष 2008 में में श्रीकांत दुबे से सिर्फ 42 वोट से पराजित हुई थीं।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि पन्ना सीट से वर्ष 2013 का चुनाव मंत्री मेहदेले ने करीब 29 हजार मतों के भारी अंतर से जीता था। पिछले चुनाव में निकटतम प्रतिद्वंदी रहे बसपा के महेंद्र पाल वर्मा को करीब 26 हजार वोट मिले थे। अर्थात अन्य प्रत्याशियों को जितने वोट भी नहीं मिले उससे भी कहीं अधिक मतों से कुसुम मेहदेले ने विजय श्री हांसिल कर इतिहास रचा था। इसके उलट बृजेंद्र प्रताप सिंह पवई सीट से अपना पिछला चुनाव कांग्रेस नेता मुकेश नायक से करीब साढ़े 11 हजार मतों के अंतर् से हार गए थे। वर्ष 2013 में मोदी और शिवराज की लहर के बाबजूद बृजेंद्र की चुनावी नैया पार नहीं हो पाई थी। बाबजूद इसके भाजपा ने पन्ना सीट से अपनी सबसे सफल, मजबूत और स्वाभाविक दावेदार का टिकिट काटकर बृजेंद्र प्रताप सिंह को यहां से चुनावी समर में उतारने का ऐलान करके अपने उलट बांसी सरीके फैसले से लोगों को आश्चर्य में डाल दिया है।

जातिगत समीकरणों की अनदेखी

बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
ऐसी चर्चा है कि उम्रदराज होने और सर्वे में एंटी रिपोर्ट आने के कारण मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले का टिकिट काटा गया है। उम्र यदि मापदंड है तो फिर पड़ोसी जिला सतना की आरक्षित रैगांव सीट से पूर्व मंत्री जुगुल किशोर बागरी और नागौद सीट से सांसद नागेंद्र सिंह तथा लहार सीट से सीनियर नेता रसाल सिंह को टिकिट देने के मामले में इसे शिथिल क्यों किया गया। सर्वविदित है कि पन्ना सीट की गिनती पिछड़ा वर्ग और ब्राम्हण मतदाताओं की अधिकता वाली सीट के रूप में होती है। अब रहा सवाल सर्वे का तो, यहां भाजपा के पास मेहदेले के अलावा भी कई पिछड़े वर्ग के और ब्राह्मण नेता है। बिना किसी ठोस आधार के वर्तमान विधायक का टिकिट काटने की स्थिति में जाहिर है कि पन्ना सीट से टिकिट की दौड़ में शामिल रहे अन्य क्षेत्रीय नेताओं के नामों पर गौर किया जाना चाहिए था। खासकर तब जबकि जिले की एक सीट पर क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग जनभावनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़ा मुद्दा बनने पर प्रत्याशी बदलना पड़ा है। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से बीजेपी ने जातिगत समीकरणों को तमाम तर्कों को दरकिनार करते हुए पन्ना से कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह के मुकाबले में क्षत्रिय नेता बृजेंद्र प्रताप को ही उतार दिया है। जाहिर है इस फैसले जिसकी टिकिट कटी है उसे और कई वर्षों से जो लोग टिकिट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे उन्हें तगड़ा झटका लगा है। स्थानीय स्तर पर भाजपा के अंदरखाने इस फैसले को लेकर खासी हलचल है। ऐसे में आने वाले दिनों में अब यह देखना महत्पूर्ण होगा कि पवई से टिकिट बदलने और बृजेंद्र प्रताप सिंह को पन्ना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने का भाजपा के शीर्ष नेताओं का फैसला कितना सही साबित होता है।

नगायच की रही अहम भूमिका

प्रहलाद लोधी।
पन्ना जिले की पवई सीट से कुछ दिन पूर्व भाजपा प्रत्याशी घोषित हो चुके बृजेंद्र प्रताप सिंह का टिकिट चेंज कराकर प्रहलाद लोधी के नाम का ऐलान कराने में जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच की अहम भूमिका होने की चर्चाएं है। दरअसल, इस बार विधानसभा चुनाव के पूर्व संजय ने ही पवई सीट से क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग को लेकर जनभावनाओं के ज्वार को उभारते हुए स्थानीय विधायक मुकेश नायक और अपने धुर विरोधी बृजेंद्र प्रताप की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। कुशल संगठक और रणनीतिकार माने जाने वाले नगायच ने सभी दलों के नेताओं को क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग पर एक साथ लाकर पवई विधानसभा क्षेत्र में क्षेत्रीयता की अलख जगाकर इस मुद्दे को जिस तरह जनभावनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता जोड़ा उससे यह देखते ही देखते जन आंदोलन बन गया। इसका असर यह हुआ कि भाजपा ने पवई में बाहरी होने के चलते बृजेंद्र प्रताप सिंह का टिकिट बदलकर उन्हें पन्ना सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इधर, पन्ना से मंत्री मेहदेले की टिकिट कटने पर लोधी मतदाताओं को अपने पाले में बनाये रखने रखने और पवई क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद को देखते हुए वहां से भाजपा ने प्रहलाद लोधी को चुनावी समर में उतारा है। प्रहलाद लोधी क्षेत्रीय नेता होने के साथ-साथ जिला पंचायत के सदस्य है। जबकि, पवई के वर्तमान विधायक मुकेश नायक पड़ोसी जिला दमोह के मूल निवासी है। पूर्व घोषित भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप का गृह ग्राम इटौरी पवई विधानसभा क्षेत्र से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित होने के बाद भी उन्हें बाहरी नेता माना गया। इन परिस्थितियों के मद्देनजर पवई में क्षेत्रीय प्रत्याशी की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा ने ऐन वक्त पर अपना उम्मीदवार बदलने का जो दांव चला है, चुनाव में इसका कितना लाभ उसे मिलता है यह देखना दिलचस्प होगा।

भाजपा प्रत्याशियों की चौथी सूची-

मध्यप्रदेश | कांग्रेस की पांचवीं सूची में 17 उम्मीदवारों के नाम घोषित, पन्ना सीट से शिवजीत सिंह को मिला टिकिट

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* भाजपा के सरताज ने थामा कांग्रेस का हाथ

* होशंगाबाद विधानसभा सीट से मिला टिकिट

* राहुल गांधी के ऐलान के बाबजूद हुई पैराशूट एंट्री

भोपाल। रडार न्यूज  कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार 8 नवंबर की शाम अपने उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी कर दी है। इसमें 17 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। बुंदेलखंड की पन्ना विधानसभा सीट से कांग्रेस ने शिवजीत सिंह भैयाराजा पर भरोसा जताते हुए चुनावी समर में उतारा है। कांग्रेस ने होशंगाबाद सीट से सरताज सिंह को टिकिट दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मंत्रीमंडल शामिल रहे भाजपा के सीनियर नेता सरताज सिंह को उम्रदराज होने के चलते मंत्री पद से हटा दिया गया था। तब से ही सरताज भाजपा से नाराज चल रहे थे। भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने जब अपने इस सीनियर नेता को टिकिट देने से इंकार कर दिया तो सरताज ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस पार्टी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और उनके साथ सहानुभूति दिखाते होशंगाबाद सीट से टिकिट दे दिया। हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ऐलान के बाबजूद मध्यप्रदेश में सरताज सिंह के रूप में कांग्रेस में एक और पैराशूट एंट्री हो गई।

अब तक 227 उम्मीदवार घोषित किये

सांकेतिक फोटो।
भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी और गोविंदपुरा से गिरीश शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है। रहली विधानसभा सीट से कमलेश साहू के नाम का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने अब तक पांच सूचियों में प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 227 पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची में 155, दूसरी सूची में 16 और तीसरी सूची में 13 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। जबकि 29 उम्मीदवारों की चौथी सूची में 27 नए नाम थे। इस सूची में सिरोंज और बुरहानपुर सीट पर पहले से घोषित प्रत्याशियों को बदला गया था।

कांग्रेस प्रत्याशियों की पांचवीं सूची-

 

मध्यप्रदेश | कांग्रेस की चौथी सूची पर घमासान, वारासिवनी में शिवराज के साले संजय मसानी की “पैराशूट एंट्री” ?

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सांकेतिक फोटो।

* दमोह से मंत्री मलैया के सामने कमजोर प्रत्याशी उतारने की चर्चाएं

* सिरोंज और बुरहानपुर विधानसभा सीट पर बदले गए उम्मीदवार

* पन्ना सहित 19 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा होना शेष

भोपाल। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बुधवार को दीपावली की देर शाम अपने 29 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की है। इसमें 27 नए नाम हैं जबकि पूर्व घोषित दो सीटों सिरोंज और बुरहानपुर के प्रत्याशियों को बदला गया है। उधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की घोषणा के उलट बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय मसानी को टिकिट देकर पैराशूट उम्मीदवार को उतारा गया है, जो कि कुछ दिन पहले ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इस सूची में बुंदेलखंड की दमोह सीट से भाजपा के दिग्गज नेता और मंत्री जयंत मलैया के खिलाफ युवा नेता राहुल लोधी को टिकिट दिया गया है। दमोह क्षेत्र में बुधवार से यह चर्चा लगातार जोर पकड़ रही है कि कांग्रेस ने कमजोर प्रत्याशी उतारकर मलैया को क्या वॉकओवर दिया है। दमोह के सीनियर कांग्रेस नेता भी राहुल को प्रत्याशी बनाये जाने के फैसले से नाराज बताये जा रहे है। खबर है कि प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेताओं से फोन पर बातकर उन्होंने अपना विरोध भी दर्ज कराया है। इनकी दलील है कि दमोह में भाजपा और जयंत मलैया के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी का जो माहौल है उसे युवा नेता राहुल लोधी भुनाने में सक्षम नहीं है।

211 सीटों पर उम्मीदवार घोषित

सांकेतिक फोटो।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने विधानसभा की 230 सीटों में से अब तक 211 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए है। बुंदेलखंड की पन्ना, भोपाल की गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा के साथ इंदौर की पांच सीट सहित कुल 19 सीटों को होल्ड पर रखा गया है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 155, दूसरी सूची में 16 और तीसरी सूची में 13 प्रत्याशियों की घोषणा की थी। जबकि चौथी सूची में 29 उम्मीदवारों के नामों का खुलासा किया गया है। कांग्रेस सूत्रों से मिल रहीं खबरों के अनुसार गुरुवार 8 नवंबर को देर शाम तक शेष सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो सकती है। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मध्यप्रदेश में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख शुक्रवार 9 नवंबर है। नाम निर्देशन पत्र भरकर जमा करने की समयसीमा समाप्ति की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है जिसे देखते हुए कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य दलों की शेष सीटों पर आज प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो होने की संभावना है।

सिरोंज से मसर्रत शाहिद को मिला टिकिट

कांग्रेस ने पूर्व घोषित 2 सीटों पर फेरबदल करते हुए बुरहानपुर से हामिद काजी का टिकट काटकर रवींद्र महाजन को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं दूसरा टिकट सिरोंज में बदला गया। यहां से अशोक त्यागी के स्थान पर वरिष्ठ नेत्री मसर्रत शाहिद पर भरोसा जताया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है, जबकि 11 दिसंबर को चुनाव परिणाम आएंगे।

पैराशूट नेताओं को दिया टिकिट

संजय सिंह।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पिछले दिनों आमसभाओं के दौरान अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार करने और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा तथा सेवा-समर्पण का सम्मान करते हुए तरजीह देने का ऐलान करते हुए जोर देकर कहा था कि पैराशूट नेताओं को टिकिट नहीं दिया जायेगा। इसे स्पष्ट करते हुए राहुल ने कई अवसरों पर यह कह चुके हैं कि कांग्रेस में अब ऊपर से नेता नहीं टपकेंगे। चुनाव के पूर्व दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को टिकिट नहीं दिया जायेगा। बकौल राहुल, चुनाव में पैराशूट नेताओं का पैराशूट काम नहीं करेगा, मैं इस बार सारे पैराशूट काट डालूंगा। हम अपने कार्यकर्ताओं को हर क्षेत्र में तरजीह देंगे।
लेकिन, मध्यप्रदेश में पिछले 14 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा घोषित नीति को दरकिनार करते हुए करीब 5 टिकिट पैराशूट नेताओं को दिए है। इनमें वारासिवनी सीट से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय सिंह मसानी, विजराघवगढ़ से पदमा शुक्ला, और रीवा से अभय मिश्रा मुख्य हैं। सत्ता में वापसी के लिए ललायित प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने पैराशूट प्रत्याशी उतारकर न सिर्फ राहुल गांधी के बयानों को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच ही अविश्वसनीय बना दिया बल्कि पैराशूट नेताओं को उम्मीदवार बनाकर अपने कार्यकर्ताओं का हक उनसे छीन लिया है। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि चुनाव के समय जब दूसरे दलों से आने वाले पैराशूट नेताओं को ही तस्तरी में सजाकर टिकिट देना है तो फिर कांग्रेस के लिए उसके कार्यकर्ता फील्ड में ईमानदारी से काम क्यों करेंगे। एमपी में कांग्रेस का संगठन सत्ताधारी दल भाजपा के मुकाबले पहले से ही कमजोर है, अगर इसी तरह अपने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर पैराशूट नेताओं को थोपा गया तो कांग्रेस के खेमे में असंतोष का ज्वालामुखी फूट सकता है।

कांग्रेस प्रत्याशियों की चौथी सूची-

 

विधानसभा चुनाव 2018 | गुनौर से बसपा प्रत्याशी जीवनलाल, जीतेन्द्र और पन्ना से रामबिहारी ने भरा पर्चा

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गुनौर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के लिए जाते बसपा प्रत्याशी इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ।

* पन्ना जिले में मंगलवार को 3 नामांकन पत्र दाखिल

* अब तक कुल 5 अभ्यर्थियों ने दाखिल किये 6 नाम निर्देशन पत्र

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन फार्म जमा करने की अंतिम तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उसी तेजी के साथ नाम निर्देशन पत्र क्रय करने व उन्हें दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों की तादाद बढ़ने लगी है। नामांकन जमा करने के 5वें दिन मंगलवार 6 नवंबर को पन्ना जिले में 3 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए है। आज जिन प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल किए गए उनमें आरक्षित विधानसभा क्षेत्र 59-गुनौर से बसपा प्रत्याशी इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ एवं जीतेन्द्र सिंह जाटव ने कांग्रेस तथा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन जमा किया है। जबकि पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक -60 से रामबिहारी गोस्वामी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया है। इसके पूर्व सोमवार 5 नवंबर को विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 58-पवई से प्रहलाद लोधी ने समाजवादी पार्टी तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60-पन्ना से दशरथ सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भरा था। इस तरह पन्ना जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों से अब तक कुल 5 अभ्यर्थियों ने अपने नाम निर्देशन पत्र जमा किए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 नवंबर 2018 है। तय कार्यक्रम के अनुसार 7 नवंबर 2018 को दीपावली का अवकाश होने के कारण नाम निर्देशन पत्र प्राप्त नहीं किए जाएंगे।

समर्थकों के साथ पहुंचे पर्चा भरने

रिटर्निंग ऑफिसर को नाम निर्देशन पत्र सौंपते गुनौर विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा सीट से रिकार्ड चौथी बार बसपा प्रत्याशी के रूप चुनावी समर में उतरने के लिए इंजीनियर जीवन लाल सिद्धार्थ ने आज बड़ी तादाद में समर्थकों के हुजूम के साथ जुलूस की शक्ल में पन्ना के महेंद्र भवन स्थित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में गुनौर विधानसभा क्षेत्र के सभी वर्गों के मतदाता और जिले के बसपा नेता-कार्यकर्ता नजर आये। आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज जीवन लाल फूलमाला पहने और नीली गुलाल का टीका लगाकर विनम्रतापूर्वक हांथ जोड़े हुए चल रहे थे। इस अवसर पर पवई सीट से बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार सीताराम पटेल, बसपा के लोकसभा प्रभारी सेवालाल पटेल, धनीराम चौधरी, जिलाध्यक्ष चौधरी एसबी रमन, इस्लाम खान, डॉ.बलवान सिंह, राममिलन चौधरी, प्रहलाद यादव, एड. अवधेश सिंह यादव, पन्ना विधानसभा अध्यक्ष संजय अहिरवार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

दशरथ ने दिखाया दम

पन्ना विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के लिए जाते समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार दशरथ यादव।
सोमवार को पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार दशरथ सिंह यादव ने अपना नामांकन दाखिल किया। जुलुस के रूप में रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे दशरथ सिंह यादव के साथ बड़ी संख्या में समर्थक, पार्टी कार्यकर्ता और पन्ना विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। इस दौरान सपा प्रत्याशी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते रहे। जुलूस में समाजवादी पार्टी की युवा ब्रिगेड पीछे बाइकों पर सवार थी। गाजे-बाजे के साथ नामांकन दाखिल कर पन्ना के चुनावी दंगल में ताल ठोंकते हुए उतरे पहलवान दशरथ सिंह यादव ने अपने इस अघोषित शक्ति प्रदर्शन से यह स्पष्ट कर दिया कि उन्हें कम करके नहीं आंका जा सकता है। मालूम हो कि बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस ने अब तक पन्ना सीट को होल्ड पर रखा है। इन तीनों ही दलों ने अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम की अधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है। सोमवार 5 नवंबर को ही समाजवादी पार्टी के पवई सीट से उम्मीदवार प्रहलाद सिंह लोधी ने भी अपना नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया है।

टिकिट की उम्मीद में ख़रीदे नाम निर्देशन पत्र

पन्ना विधानसभा क्षेत्र से नाम निर्देशन पत्र दाखिल करते निर्दलीय अभ्यर्थी रामबिहारी गोस्वामी।
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक पन्ना विधानसभा क्षेत्र के लिए सर्वाधिक 21 नाम निर्देशन पत्र वितरित किये जा चुके है। गुनौर सीट के लिए 7 और पवई सीट से चुनाव लड़ने के लिए 3 अभ्यर्थियों ने नामांकन फार्म क्रय किये है। वहीं आज तक की स्थिति में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 5 अभ्यर्थियों द्वारा 6 नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये गए है। जिसमें पन्ना व गुनौर में 2-2 और पवई सीट से एक मात्र अभ्यर्थी का नामांकन फार्म जमा हुआ है। पन्ना सीट से कांग्रेस, भाजपा और बसपा द्वारा अब तक प्रत्याशी घोषित न करने के कारण बने सस्पेंस के चलते टिकिट की दौड़ में शामिल कई दावेदारों ने टिकिट मिलने की उम्मीद में चुनावी महासमर में उतरने के लिए अपनी तरफ से पूरी तैयारी करते हुए पर्चा क्रय कर उसे भरकर जमा करने की कार्र्रवाई शुरू कर दी है। कतिपय नेतागण ऐसे भी हैं जोकि खुद को सिर्फ चर्चा में लाने और पार्टी में अपनी पूंछ-परख बढ़ाने के लिए नाम निर्देशन पत्र भरने की कवायद में जुटे है। बहरहाल, पन्ना सीट से भाजपा की विधायक और मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले द्वारा आज नाम निर्देशन पत्र किये जाने की खबर आने के बाद से उन्हें पुनः प्रत्याशी घोषित किये जाने की चर्चायें शुरू हो गई है। कांग्रेस की और शिवजीत सिंह भैयाराजा का नाम भी चर्चाओं में फायनल बताया जा रहा है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दोनों प्रमुख दलों की और से जनचर्चा में बने नामों पर ही मुहर लगती है या फिर किसी और को उम्मीदवार घोषित किया जाता है। विधानसभा सीटवार नाम निर्देशन क्रय करने वाले अभ्यर्थी निम्न हैं-
रिटर्निंग ऑफिसर को नाम निर्देशन पत्र सौंपते पवई सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रहलाद लोधी।
पन्ना सीट : कांग्रेस-शिवजीत सिंह-कांग्रेस, श्रीकांत दुबे, केशव प्रताप सिंह, मीना सिंह यादव, रामप्रसाद यादव  बीजेपी- सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले, नरेंद्र गुप्ता केशरी अन्य पार्टी –संतोष दुबे ग्राम-बसपा, पुष्पेंद्र कुमार प्यासी-वृहत्तर भारत प्रजातंत्र सेवा पार्टी, परमलाल अहिरवार-आम आदमी पार्टी, निर्दलीय-प्रमोद कुमार सिंह निवासी ग्राम ललार, राम भगत पटेल निवासी ग्राम सिमरिया मकरंदगंज, साधू राजपूत निर्दलीय ग्राम सुनहरा अजयगढ़, प्रमोद कुमार सेन निवासी ग्राम हरदी, महेंद्र निवासी जिला सतना, अंकित वार्ड क्रमांक-19 पन्ना, उदय आनन्द निवासी ग्राम सिंहपुर, शालिगराम निवासी ग्राम तिदुन्हाई, विष्णु फक्क्ड़ कोरी निवासी ग्राम नवस्ता शामिल हैं।
गुनौर सीट : लक्ष्मी दहायत-कांग्रेस, राजेश कुमार वर्मा-बीजेपी, खिलावन-सपाक्स, शिवदयाल बागरी-कांग्रेस, श्यामबाई निवासी झरकुआ-कांग्रेस
पवई सीट : सीताराम पटेल-बीएसपी, प्रहलाद कुमार प्रजापति-लोक जनशक्ति पार्टी, मुकेश कुमार यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप नाम निर्देशन पत्र लिया है।

पुलिस का दबाब बढ़ने पर डकैतों ने वन विभाग के चौकीदार को छोड़ा

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सांकेतिक फोटो।

* सुरक्षित घर पहुंचे रामनरेश को देख छलक उठीं परिजनों की आंखें

* 24 घंटे बाद पकड़ छूटने पर पन्ना पुलिस ने ली राहत की सांस

* पहाड़ीखेरा सहित तराई अंचल में डैकत गिरोह की दहशत बरकरार

शादिक खान,पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके के जंगल से हथियारबंद नकाबपोश डकैतों द्वारा अपहृत किये गए वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष निवासी ग्राम ककरहा थाना बरौंधा जिला सतना की पकड़ छूट गई है। पन्ना सहित पड़ोसी जिलों की पुलिस के बढ़ते दबाब के बीच अज्ञात दस्यु गिरोह ने खुद को बचाने के लिए रामनरेश खैरवार को रविवार की शाम करीब 4 बजे सीमावर्ती इलाके के जंगल में मुक्त कर दिया। कुछ घंटे तक जंगल में भटकने के बाद चौकीदार रामनरेश जब ग्राम ककरहा स्थित अपने घर पहुंचा तो उसे अपने बीच सकुशल पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। उधर जब यह ख़बर पुलिस के आला अधिकारियों को मिली तो उन्होंने राहत की सांस ली है। लेकिन, पहाड़ीखेरा सहित समूचे क्षेत्र में डकैतों की दहशत बरकरार है। इलाके के लोग जंगल और अपने खेतों में जाने से डर रहे है। डकैतों की कैद से छूटा रामनेरश दहशत में होने के कारण खुलकर कुछ भी बोल नहीं रहा है। हालांकि, उसने अपने परिजनों को बताया कि अपहरण करने के बाद डकैतों ने उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की। वे अधिकांश समय उसकी आंखों में पट्टी बांधे रहे।

चहला नाला जंगल से हुआ था अपहरण

चौकीदार रामनरेश खैरवार।
उल्लेखनीय है कि अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर 2018 की शाम करीब 4-5 बजे के बीच उस समय हुई जब रामनरेश खैरवार पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा ग्राम से साप्ताहिक बाजार करके अपने बेटे पुष्पेंद्र खैरवार 12 वर्ष के साथ बाइक से वापिस गांव ककरहा जा रहा था। रास्ते में चहला नाला के समीप छः हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने इन्हें रोक लिया। रामनरेश खैरवार के साथ मारपीट कर फिरौती वसूलने के उद्देश्य से दस्यु गिरोह उसे जबरन अपने साथ ले गया था। जबकि उसके पुत्र पुष्पेंद्र को किसी ने छुआ भी नहीं था। रामनरेश का अपहरण करने के पूर्व डकैत गिरोह ने चहला नाला के ही समीप बाइक सवार नीलेश सिंह गौंड़ 32 वर्ष उसके दोस्तों दीपक सिंह गौंड, गुड्डा सिंह गौंड़ सभी निवासी ग्राम बरहा भटिया को रोककर मारपीट करते हुए इनके करीब 600 रुपये और एक मोबाईल फोन छीन लिया था। नीलेश लूट की वारदात की पुलिस को तुरंत सूचना न दे पाए इसलिए डकैतों ने उसकी बाइक की हवा निकाल दी थी। इसके कुछ देर बाद दस्यु गिरोह ने जब रामनरेश खैरवार का अपहरण कर उसे साथ ले गए तो नीलेश और उसके साथी ही रामनरेश खैरवार के बेटे पुष्पेंद्र को उसी की बाइक से ग्राम ककरहा स्थित उसके घर लेकर गए थे। अपहृत चौकीदार के परिजनों छोटे भाई छोटेलाल खैरवार व साले नत्थू खैरवार द्वारा आनन-फानन में शनिवार को ही रात्रि में करीब 8 बजे पहाड़ीखेरा पहुंचकर स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी रामगोपाल द्विवेदी को घटना की सूचना दी गई।

काम आई पुलिस कप्तान की रणनीति

विवेक सिंह ,पुलिस अधीक्षक पन्ना।
पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा अंतर्गत अज्ञात डकैत गिरोह द्वारा लूटपाट और अपहरण करने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने तत्परता से पुलिस टीमों का गठन करते हुए जंगल की घेराबंदी कर सघन सर्चिंग अभियान शुरू करा दिया था। साथ ही पड़ोसी जिला सतना और बांदा के पुलिस अधीक्षकों को घटना की जानकारी देते हुए सर्चिंग अभियान में दोनों जिलों की पुलिस का भी सहयोग लिया गया। इसके अलावा डकैतों द्वारा लूटे गए मोबाइल फोन के सिग्नल के जरिये सायबर सेल की मदद से उनके हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही थी। पुलिस की चौतरफा तगड़ी घेराबंदी के चलते पकड़े जाने के डर से अज्ञात डकैत रविवार शाम करीब 4 बजे अपहृत चौकीदार रामनरेश खैरवार को जंगल में ही छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। इस तरह पन्ना पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के कुशल रणनीतिक निर्देशन और तत्परता से की गई कार्रवाई के फलस्वरूप बने दबाब के चलते अपहरणकर्ता डकैतों के चंगुल से रामनरेश खैरवार को 24 घंटे में सकुशल मुक्त करा लिया गया। निश्चित तौर पर यह पन्ना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।

वारदात | पन्ना-सतना जिले की बार्डर पर डकैतों ने किया वन विभाग के चौकीदार का अपहरण, बाइक सवार युवकों को लूटा

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जंगल सर्चिंग पर रवाना होने के पूर्व पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश देते अधिकारी।

* घर पहुंचे नाबालिग बेटे ने परिजनों को दी पिता के अपहरण की जानकारी

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीमावर्ती चहला नाला जंगल की घटना

* अपहरण के पूर्व सशस्त्र बदमाशों ने बाइक सवार तीन युवकों से की लूटपाट

* आचार संहिता लागू होने के समय दस्यु गिरोह की धमक से क्षेत्र में फैली दहशत

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके के जंगल से आधा दर्जन हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष का अपहरण कर लिया। अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के पूर्व दुस्साहसी डकैतों द्वारा बाइक सवार तीन युवकों के साथ मारपीट कर उनके साथ लूटपाट की गई। लूट और अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर की शाम 4-5 बजे के बीच पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा के क्षेत्र अंतर्गत चहला नाला के समीप की बताई जा रही है। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की कड़ी निगरानी और नाकेबंदी के बीच हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने जिस तरह दुस्साहसिक अंदाज में दो बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है उससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। उधर, डकैतों के आतंक की खबरें आने के बाद से पन्ना-सतना जिले के सीमावर्ती इलाके समेत तराई अंचल के लोग दहशत में है। डकैतों के चंगुल से वन विभाग के चौकीदार रामनरेश वल्द गेंदालाल खैरवार 37 वर्ष निवासी ग्राम ककरहा थाना बरौंधा जिला सतना को मुक्त करने के लिए पन्ना और पड़ोसी सतना जिले की पुलिस द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में सघन जंगल सर्चिंग की जा रही है। पन्ना के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह रविवार को सुबह से ही पहाड़ीखेरा पहुंच गए। उनके निर्देशन में पन्ना पुलिस की कई टीमें जंगल में सर्चिंग अभियान चलाकार चप्पा-चप्पा छान रहीं हैं। क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि अपहरण की वारदात में दस्यु सुंदरी साधना सिंह पटेल के गिरोह का हाथ है, लेकिन अभी तक इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों के उड़े होश

डकैतों के द्वारा की गई लूटपाट का शिकार बना नीलेश और उसके दोस्त।
अपहरण की वारदात शनिवार 3 नवंबर 2018 की शाम करीब 4-5 बजे के बीच उस समय हुई जब रामनरेश खैरवार पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा ग्राम से साप्ताहिक बाजार करके अपने बेटे पुष्पेंद्र खैरवार 12 वर्ष के साथ बाइक से वापिस गांव ककरहा जा रहा था। रास्ते में चहला नाला के समीप छः अज्ञात हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने इन्हें रोक लिया। रामनरेश खैरवार के साथ मारपीट कर फिरौती वसूलने के उद्देश्य से दस्यु गिरोह उसे जबरन अपने साथ ले गया। जबकि उसके बेटे पुष्पेंद्र को किसी ने छुआ भी नहीं। किसी तरह बाइक से घर पहुंचे पुष्पेंद्र ने परिजनों को जब पिता के साथ हुए घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। रामनरेश खैरवार को लेकर अत्यंत ही चिंतित और परेशान परिजनों छोटे भाई छोटेलाल खैरवार व साले नत्थू खैरवार ने आनन-फानन में पहाड़ीखेरा पहुंचकर रात्रि में करीब 8 बजे स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी रामगोपाल द्विवेदी को अपहरण की घटना की दी गई।
अपहृत चौकीदार का पुत्र पुष्पेंद्र खैरवार।
लेकिन तब तक रात और अंधेरा अधिक हो जाने के कारण शनिवार को पुलिस का जंगल सर्चिंग अभियान शुरू नहीं हो सका। मालूम हो कि रामनरेश खैरवार का अपहरण करने के पूर्व डकैत गिरोह ने चहला नाला के ही समीप बाइक सवार नीलेश सिंह गौंड़ 32 वर्ष व उसके दोस्तों दीपक सिंह गौंड, गुड्डा सिंह गौंड़ सभी निवासी ग्राम बरहा भटिया थाना बरौंधा जिला सतना को रोककर मारपीट करते हुए इनसे करीब 600 रुपये और एक मोबाईल फोन छीन लिया था। नीलेश लूट की वारदात की पुलिस को तुरंत सूचना न दे पाए इसलिए डकैतों ने उसकी बाइक की हवा निकाल दी थी। इसके कुछ देर बाद दस्यु गिरोह जब रामनरेश खैरवार का अपहरण कर उसे अपने साथ ले गए तो नीलेश और उसके दोस्त ही रामनरेश के बेटे पुष्पेंद्र को उसी की बाइक से ग्राम ककरहा स्थित उसके घर लेकर गए थे।

रेत की वसूली में व्यस्त पुलिस

फाइल फोटो।
वर्तमान में विधानसभा चुनाव की जारी आदर्श आचार संहिता के दौरान जब पुलिस के हाई अलर्ट पर होने का दावा किया जा रहा है उस समय दस्यु गिरोह द्वारा बेखौफ अंदाज में शाम 4-5 बजे के बीच लूटपाट और अपहरण जैसी बेहद संगीन वारदातों को अंजाम देकर बड़ी आसानी से भाग निकलना पन्ना जिले के बृजपुर थाना की पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस की घोर निष्क्रियता और असफलता को उजागर करता है । पहाड़ीखेरा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां पुलिस का हर समय मुस्तैद रहना अपराधों की रोकथाम के लिए बेहद जरुरी है। मालूम होकि पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा की सीमा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बांदा और एमपी के सतना जिले से जुड़ी हैं। सीमावर्ती बियावान जंगल का वृहद इलाका और यहां का तराई अंचल कई दशकों से एमपी-यूपी के खूंखार दस्यु गिरोहों की शरणस्थली बना है। यहां पर आज भी कई ईनामी डकैत गिरोह सक्रिय हैं, इनकी चहलकदमी पन्ना जिले के वन क्षेत्र में भी बनी रहती है।

चहला नाला के समीप घटनास्थल का मुआयना करते पुलिस अधिकारी।
एक और पन्ना जिले में शांतिपूर्ण तरीके से निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह अपराधों की प्रभावी रोकथाम हेतु जरुरी उपाय सहित अभियान चलाकर लगातार आपराधिक तत्वों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर रहे हैं वहीं जिले के अजयगढ़ अनुभाग अंतर्गत आने वाले समस्त थानों और चौकियों में तैनात प्रभारी व अधीनस्थ अमला रात-दिन सिर्फ रेत खदान संचालकों, अवैध रेत खदानें चलने वाले माफियाओं और रेत परिवहन करने वाले वाहनों से इंट्री वसूली में व्यस्त है। पुलिस अधीक्षक को जमीनी हकीकत न बताकर अपने कारनामों को छिपाने के लिए गुमराह करते हुए इनके द्वारा लगातार गलत जानकारी दी जा रही है। अजयगढ़ अनुभाग अंतर्गत बढ़ते अपराधों का मुख्य कारण रेत की लूट से नोट छापने के लिए पुलिस द्वारा माफियाओं व अपराधी तत्वों को खुला संरक्षण देना है। पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी अमले का हाल यह है कि उत्तर प्रदेश के कालिंजर और बृजपुर की ओर से नागौद-सतना जाने वाले रेत के वाहनों से इंट्री वसूली यहां पुलिस का मुख्य कार्य बन चुका है।इन हालत के ही कारण अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की पुलिस कप्तान के विशेष प्रयासों को आपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है।

इनका कहना है-

“पुलिस की टीमें जंगल में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चला रहीं हैं, पड़ोसी जिलों की पुलिस की भी इसमें मदद ली जा रही है। अपहृत व्यक्ति को सकुशल मुक्त कराने के लिए हम पूरा प्रयास कर रहे है उम्मीद है जल्द ही इसमें सफलता मिलेगी।”

विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक पन्ना

मध्यप्रदेश | कांग्रेस ने जारी की 155 उम्मीदवारों की पहली सूची, पवई से मुकेश नायक और गुनौर से शिवदयाल का नाम

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* छतरपुर सीट से आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया प्रत्याशी घोषित

* इंदौर जिले की राऊ सीट से जीतू पटवारी पुनः लड़ेंगे चुनाव

* कांग्रेस ने भी पहली सूची में पन्ना सीट से घोषित नहीं किया प्रत्याशी

* राधौगढ़ से पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के विधायक पुत्र जयवर्धन को मिला टिकिट

भोपाल। रडार न्यूज   लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश के लिए 155 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। शनिवार 3 नवंबर की रात्रि करीब 9 बजे कांग्रेस की और से जारी प्रत्याशियों के नामों की पहली सूची में सभी वर्गों को महत्व देते हुए संतुलन बनाये रखने की कवायद साफ़ नजर आती है। कांग्रेस ने उन नेताओं पर भरोसा जताया है जोकि अपने क्षेत्र में न सिर्फ चर्चित है बल्कि प्रभाव भी रखते है। जारी सूची मध्यप्रदेश में कांग्रेस के किसी एक या दो बड़े नेताओं का टिकिट वितरण में एकतरफा दखल न होकर सामंजस्य बनाते हुए सभी की राय को महत्व दिया गया है। पार्टी की और पहले बताया जा रहा था कि सूची 5 नवंबर को जारी होगी लेकिन, नामांकन दाखिल करने के लिए समय कम बचने के मद्देनजर आनन-फानन में कांग्रेस ने 155 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सस्पेंस खत्म कर दिया है। कांग्रेस के 155 उम्मीदवारों के नामों की सूची पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं केंद्रीय चुनाव समिति प्रभारी मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से जारी की गई है।
सांकेतिक फोटो।
पहली सूची में पन्ना जिले की चर्चित पवई सीट से वर्तमान विधायक मुकेश नायक को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर सीट से शिवदयाल बागरी पर भरोसा जताते हुए पुनः अवसर दिया है। शिवदयाल वर्ष 2013 में भाजपा के महेंद्र बागरी से महज डेढ़ हजार मतों के अंतर से हार गए थे। कांग्रेस की पहली सूची में पन्ना सीट शामिल नहीं है। भाजपा ने भी अब तक पन्ना सीट से उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। दोनों ही प्रमुख दलों की दूसरी सूची में संभवतः पन्ना सीट से प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो सकता है। उधर पन्ना सीट पर उम्मीदवारों के नाम पर लगातार गहराते संशय से लोग निराश है। आज कांग्रेस के उम्मीदवार के नाम का ऐलान होने की पूरी संभावना थी लेकिन पहली सूची में उसने भी अपना पत्ता नहीं खोला है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार शेष 75 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा 5 नवंबर तक हो सकती है।

कांग्रेस के 155 उम्मीदवारों की सूची-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय कांग्रेस में हुए शामिल | वारासिवनी सीट से टिकिट न मिलने से थे नाराज

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संजय सिंह के कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा करते पीसीसी चीफ कमलनाथ।

* संजय ने साधा निशाना बोले- भाजपा सिर्फ नामदारों को पूंछती है

* संजय के कांग्रेस में आने से भाजपा और शिवराज को लगा तगड़ा झटका

* पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने बहू कृष्णा के साथ कमलनाथ से की मुलाकात

नई दिल्ली। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह शनिवार नवंबर को कांग्रेस में शामिल हो गए। संजय, बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट से टिकिट न मिलने से नाराज थे। कांग्रेस में संजय सिंह के शामिल होने की घोषणा पीसीसी चीफ कमलनाथ दवारा दिल्ली में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। चुनाव के समय साले का कांग्रेस में जाना व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को आई भाजपा के 177 उम्मीदवारों की पहली सूची में वारासिवनी सीट से टिकिट न मिलने से वे नाराज थे। भारतीय जनता पार्टी ने वारासिवनी सीट से वर्तमान विधायक योगेंद्र निर्मल को पुनः प्रत्याशी घोषित किया है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भाजपा ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दोपहर में 177 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी की थी। करीब 6 घंटे बाद इसमें आंशिक संशोधन करते हुए घट्टिया सीट को रोक दिया गया था। भाजपा की शेष 54 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा जल्दी हो सकती है। पहली सूची में भाजपा ने तीन मंत्रियों के टिकिट काटते हुए दो के पुत्रों को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके अलावा अब तक 33 विधायकों के टिकिट काटे जा चुके है।

पेशे से ठेकेदार हैं संजय सिंह

संजय सिंह।
कांग्रेस में शामिल हुए संजय सिंह पेशे से ठेकेदार हैं। वे नीलाक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर नाम की निर्माण कंपनी के प्रमुख हैं। संजय सिंह मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह के सगे भाई हैं। आज उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामते ही भाजपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। संजय ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वहां नामदारों को नवाजा जा रहा है और कामदारों को किनारे कर दिया गया है।

मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक बाबूलाल गौर अपनी बहू कृष्णा गौर के साथ।
फिलहाल भाजपा में मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल की गोविंदपुरा सीट से विधायक बाबूलाल गौर ने अपनी बहू व भोपाल की पूर्व महापौर कृष्णा गौर के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भेंट की है। इस खबर के आने के बाद भाजपा के खेमे हलचल बढ़ गई है। मालूम हो कि बीजेपी की पहली सूची में गोविंदपुरा सीट शामिल नहीं है। बाबूलाल गौर ने कांग्रेस नेता गोविंद गोयल से भी मुलाकात की है। गोयल ने पिछला चुनाव गोविंदपुरा सीट से बाबूलाल गौर के खिलाफ लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और सीनियर भाजपा नेता बाबूलाल गौर के बीच हुई मुलाकात क्या रंग लाती इस पर दोनों ही दलों के नेताओं की नजरें टिकीं हैं।