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24 घंटे संगीनों के साये स्ट्रांग रूम, अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि भी कर रहे निगहबानी

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स्ट्रॉग रूम की निगरानी करते सशस्त्र केन्द्रीय सुरक्षा बल।

* स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था के लिये कलेक्टर एवं एसपी जिम्मेदार

भोपाल । रडार न्यूज   मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही. एल. कान्ता राव ने बताया की प्रदेश में मतदान पूर्ण होने के बाद सभी ईव्हीएम एवं व्ही.व्ही.पैट स्ट्रॉग रूम में जमा की जा चुकी है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक जिलों के स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा तथा प्रोटोकॉल के सावधानी पूर्वक क्रियान्वयन कर रहे हैं। श्री राव ने कहा कि सभी 51 जिलों में स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय सुरक्षा बल द्वारा 24 घण्टे की जा रही है। इसके साथ ही दूसरा घेरा विशेष सशस्त्र बल द्वारा संपादित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मतगणना पूर्ण होने तक यथावत रहेगी। स्ट्रॉग रूम में डबल लॉक सिस्टम है, जिसकी एक चाबी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास तथा दूसरी चाबी संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के पास है। केन्द्रीय पुलिस बल स्ट्रॉग रूम की आंतरिक परिधि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है तथा राज्य के सशस्त्र पुलिस बल बाहरी परिधि में सुरक्षा के लिए तैनात हैं।

स्क्रीन पर दिखेगा प्रवेश द्वार

पन्ना के पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित स्ट्रॉग रूम का अवलोकन करते कलेक्टर मनोज खत्री।
अभ्यर्थियों को स्ट्रांग रूम के सुरक्षा इंतजाम पर गहन नजर रखने के लिए अपने प्रतिनिधियों को तैनात करने के लिए लिखित में सूचना दी गई है। उन्हें आंतरिक परिधि के बाहर रहने की अनुमति दी गई, जहां से वे स्ट्रॉग रूम के प्रवेश द्वार को देख सकें, यदि स्ट्रांग रूम के प्रवेश द्वार को सीधे नहीं देखा जा सकता है तो ऐसी अवस्था में सीसीटीवी की व्यवस्था है जिससे वे स्ट्रांग रूम के प्रवेश द्वार की निगरानी स्क्रीन पर देख सकें। स्ट्रॉग रूम के पास नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यशील है।
पुलिस अधिकारी के साथ एक राजपत्रित अधिकारी को स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा के लिए 24 घंटे ड्यूटी पर रखा गया है। स्ट्रॉग रूम के अंदर एवं आस-पास अग्निशामकों का पर्याप्त इंतजाम किया गया है। केन्द्रीय पुलिस बल द्वारा लॉगबुक रखी जाती है, जिसमें द्वितीय सुरक्षा घेरा अर्थात मध्य परिधि को पार करने वाले व्यक्तियों के नाम, मोबाईल नम्बर, दिनांक, समय, इत्यादि जानकारी की प्रविष्टि की जाती है। जिसमें प्रेक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, अभ्यर्थियों, अभिकर्ताओं या किसी अन्य व्यक्ति के दौरे भी शामिल होते है।
स्ट्रॉग रूम की परिधि में आने जाने वाले व्यक्तियों के रिकॉर्ड के लिये केन्द्रीय सुरक्षा बल को वीडियो कैमरा उपलब्ध करवाये गये है। स्ट्रॉग रूम में 24 गुणा 7 विधुत की उपलब्धता के लिये विधुत जेनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है, ताकि स्ट्रॉग रूम की रिकॉर्डिंग-सुरक्षा प्रभावित न हो।

मतगणना के दिन खोला जावेगा

कैमरों की निगरानी में पन्ना में स्ट्रॉग रूम को शील्ड करते कर्मचारी।

रिटर्निंग ऑफिसर को स्ट्रॉग रूम के आंतरिक परिधि तक प्रत्येक दिन सुबह एवं शाम को दौरा कर लॉगबुक एवं वीडियोग्राफी की जांच करने के निर्देश दिये गये है। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जा रही है। किसी अधिकारी या किसी अन्य राजनैतिक कार्यकर्ता के वाहन सहित किसी भी वाहन को स्ट्रॉग रूम की परिधि के भीतर आने की अनुमति नहीं है, वाहनों से उतरने का बिन्दु बाहरी सुरक्षा परिधि के आगे चिन्हित किया जाता है इसके बाद केवल पैदल मार्ग होता है। मतगणना के दिन स्ट्रॉग रूम को अभ्यर्थियों-उनके प्रतिनिधियों, रिटर्निंग ऑफिसर एवं प्रेक्षक की उपस्थिति में वीडियोग्राफी की निगरानी में खोला जावेगा।

स्कूली वाहनों का विशेष चेकिंग अभियान, मापदंडों को पूरा न करने वाले 15 वाहन जप्त

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पुलिस लाइन पन्ना में खड़े विशेष चेकिंग अभियान के तहत जब्त स्कूली वाहन।

* एसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस पन्ना ने की कार्रवाई

पन्ना। रडार न्यूज    कुछ दिन पूर्व सतना जिले में हुए स्कूल वाहन के भीषण हादसे के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशानुसार यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार 1 दिसंबर को यातायात पुलिस द्वारा 15 स्कूली मैजिक और ऑटो जप्त कर आवश्यक दस्तावेज जैसे परमिट फिटनेस, प्रदूषण कार्ड, बीमा एवं ड्राईवर का लाइसेंस आदि चेक किए गए।
ऑटो रिक्शा में सवार स्कूली बच्चे।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूली वाहन में स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, बच्चों के बैठने की सीट, वाहन रंग, स्कूल का नाम, चालक का चरित्र वेरीफिकेशन संबंधी चेकिंग की गई। इन मापदंडों को पूरा ना करने वाले वाहनों को जप्त कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी यातायात सूबेदार ज्योति दुबे, प्रधान आरक्षक सज्जन प्रसाद, आरक्षक सुनील पांडे, उमाशंकर सिह, विक्रम बागले, मनोज पटेल एवं चालक शिवराज मौजूद रहे।

बच्चों को खसरा और रूबेला रोग से मुक्त बनाने के लिये चलाया जायेगा “टीकाकरण अभियान”

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सांकेतिक फोटो।

* वर्ष 2020 तक देश-प्रदेश को मीजल्स से मुक्त करने का लक्ष्य

भोपाल। रडार न्यूज   प्रदेश के बच्चों को खसरा और रूबेला रोग से मुक्त बनाने के लिये जनवरी-फरवरी-2019 में अभियान चलाया जायेगा। भारत सरकार द्वारा इस अभियान में वर्ष 2020 तक 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों के खसरा रोग निर्मूलन और रूबेला रोग नियंत्रण के लिये लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. पल्लवी जैन ने आज अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

टीका

बचाव किये जा सकने वाले रोग

बीसीजी
बचपन का क्षय रोग (या प्राथमिक स्तर)
ओपीवी
पोलियोमायलाइटिस (पोलियो)
हेपेटाइटिस-बी
हेपेटाइटिस-बी (पीलिया)
पेंटावेलेंट
डिप्थीरिया (गलघोंटू), पर्टुसिस (काली खाँसी या कुकर खाँसी), टिटनेस (धनुस्तम्भ), हिब संक्रमण जिससे निमोनिया तथा मेनिनजाइंटिस होते हैं तथा हेपेटाइटिस-बी
आरवीवी
रोटोवायरस दस्त रोग
आईपीवी
पालियोमायलाइटिस (पोलियो)
खसरा
खसरा या गोवर
एमआर
खसरा एवं रूबेला
जेई
जापानी एंसिप्लाइटिस या तीव्र एंसिप्लाइटिस सिण्ड्रोम या दिमागी बुखार
डीपीटी
डिप्थीरिया, पर्टुसिस तथा टिटनेस
टिटनेस
टिटनेस (नवजात तथा गर्भवती महिलाओं में)
पीसीवी
न्यूकोक्कल निमोनिया

प्रदेश में वर्ष 2010 से 2017 के बीच खसरा रक्षक अभियान चलाकर 9 माह से 10 वर्ष की आयु के डेढ़ करोड़ बच्चों को मीजल्स का अतिरिक्त टीका सफलतापूर्वक दिया जा चुका है। पूर्व वर्षों में टीकों के ही माध्यम से स्माल पॉक्स (चेचक) का वर्ष 1978, पोलियो का वर्ष 2014 और मातृ-नवजात शिशु टिटनेस बीमारी का वर्ष 2015 से निर्मूलन किया जा चुका है।

एमआर वैक्सीन से दो बीमारियों का बचाव

सांकेतिक फोटो।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि खसरा-रूबेला टीकाकरण के लिये विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। जिस बच्चे को खसरे का टीका (एमसीव्ही-1) लग चुका है, उसको कम से कम एक माह बाद 16-24 माह पर एमसीव्ही-2 देना होगा। नौ माह की उम्र होने पर मीजल्स टीके के स्थान पर मीजल्स-रूबेला (एमआर) वैक्सीन दी जायेगी। भविष्य में मीजल्स के स्थान पर एमआर वैक्सीन जिलों को भेजी जायेगी। इससे दो बीमारियों का बचाव होगा। अभियान के लिये संबंधित विभागों के साथ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अद्यतन होता रहेगा। आगामी 6 एवं 7 दिसम्बर को सभी 52 जिलों के प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

 

कार्यवाही : दुर्लभ अफ्रीकन कछुओं के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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वन विभाग और सिवनी ने दुर्लभ अफ्रीकन कछुओं के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

* दुनिया के तीसरे सबसे बड़े सुलकाटा प्रजाति के हैं ये कछुए

* जब्त कछुओं को सुरक्षा की दृष्टि से वन विहार में रखा गया

भोपाल। रडार न्यूज   वन विभाग और सिवनी पुलिस ने सघन चेकिंग के दौरान केवल अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में पाये जाने वाले संकटापन्न सुलकाटा प्रजाति के 6 कछुओं को जब्त किया है। आरोपी इन कछुओं को कोलकाता के रास्ते से लाकर मुम्बई ले जा रहे थे। ये कछुए आकार में दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कछुए हैं। पूर्णत: शाकाहारी एक वयस्क कछुए का वजन 105 किलो तक होता है। जब्त कछुओं को सुरक्षा की दृष्टि से वन विहार में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि वन विभाग की राज्य-स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स की कई प्रदेशों में कछुआ तस्करी से संबंधित महत्वपूर्ण सफलताओं को देखते हुए यह प्रकरण भी सौंपा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि सुलकाटा कछुए सहारा रेगिस्तान की इन्डेमिक प्रजाति है, जो पूरी दुनिया में प्राकृतिक रूप से केवल सहारा रेगिस्तान में ही पाई जाती है। अफ्रीका के देश चाड, सुडान, बुर्किनाफासो, नाइजीरिया, सेनिगल, इथोपिया आदि देशों में मिलने वाले इन कछुओं की तस्करी अफ्रीका से बांग्लादेश के रास्ते भारत तक अवैध रूप से की जाती है। संकटापन्न होने के कारण इसका व्यापार सीआईटीएस नियमों के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

उक्त तकनीकी पहलुओं के मद्देनजर केन्द्रीय डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलिजेंस को सूचित करते हुए प्रकरण हस्तांतरित कर दिया गया है। डीआरआई ने कस्टम एक्ट-1962 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।

विधानसभा निर्वाचन- 2018 | पन्ना जिले में 74 प्रतिशत से ज्यादा मतदान, विधानसभावार आंकड़े जारी

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना में 73, गुनौर में 72 और पवई सीट पर सर्वाधिक 77 प्रतिशत वोटिंग

* उम्मीदवारों का भविष्य ईव्हीएम में बंद, 11 दिसंबर को आएगा जनता का फैसला

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन- 2018 में पन्ना जिले की तीनों सीटों पर बुधवार 28 नवंबर को कुल 74.29 प्रतिशत मतदान हुआ। बुधवार को कुछ मतदान केन्द्रों पर शाम 5 बजे के बाद भी लाईन लगी होने के कारण उन्हें टोकन देकर मतदान की प्रक्रिया जारी रखी गयी थी। इसलिए देर रात्रि पीठासीन अधिकारियों द्वारा जिला मुख्यालय पहुंचकर मतदान सामग्री जमा कराते हुए पीठासीन की डायरी सौंपी गई जिसके आधार पर गुरुवार 29 नवंबर अधिकृत मतदान प्रतिशत की घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री द्वारा की गई। प्राप्त जानकारी अनुसार पन्ना विधानसभा सीट पर 73.38, गुनौर में 72.01, और पवई सीट पर सर्वाधिक 77.46 प्रतिशत मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का उपयोग किया गया । पिछले चुनाव के दौरान जिले का मतदान प्रतिशत 68.35 दर्ज किया गया था। गत विधानसभा निर्वाचन- 2013 की तुलना में इस बार जिले में मतदान प्रतिशत में करीब 5.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। हालांकि, इसके बाद भी पन्ना जिला चुनाव आयोग की ओर से दिए गये 80 प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सका। मालुम हो कि पिछले चुनाव में जिले की पवई विधानसभा सीट पर मतदान प्रतिशत 72.14, गुनौर में 63.52 एवं विधानसभा पन्ना में 68.47 दर्ज हुआ था। दोनों विधानसभा चुनावों के आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से देखें तो इस बार पवई विधानसभा क्षेत्र के मतदान प्रतिशत में 5.32, गुनौर सीट पर 8.49 और पन्ना में 4.91 वृद्धि दर्ज हुई है। जानकारों के अनुसार मतदान प्रतशित में जो भी वृद्धि हुई है वह विभिन्न दलों के उम्मीदवारों द्वारा अपने पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कराने के लिए पूरा जोर लगाने और चुनाव आयोग के निर्देशानुसार चलाये गए मतदाता जागरूकता अभियान का प्रतिफल है।

5 लाख से अधिक मतदाताओं ने डाले वोट

सांकेतिक फोटो।

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार  विधानसभा चुनाव में इस बार पवई सीट पर 256895 मतदाताओं में से 198984 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। पन्ना सीट पर दर्ज कुल 229496 मतदाताओं में से 168408 ने वोट डाले। जबकि गुनौर विधानसभा क्षेत्र में 212160 मतदाताओं में 152779 ने वोटिंग की। इस तरह पन्ना जिले में दर्ज कुल मतदाता 698551 में से 520171 ने मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में सक्रिय भूमिका निभाई। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 275191 और महिला मतदाताओं की तादाद 244976 बताई जा रही है।

एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना में संविधान दिवस मनाया गया

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भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण करते परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा।

* संविधान की उद्देशिका का पाठ कर बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की

मझगवां। रडार न्यूज   संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकृत किए जाने की 69वीं वर्षगांठ पर दिनांक 26 नवंबर 2018 को एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना में संविधान दिवस मनाया गया । परियोजना एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण समिति द्वारा परियोजना टाउनशिप के अंबेडकर पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण किया । इस अवसर पर परियोजना के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी, कर्मचारी संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह एवं अध्यक्ष बाबूलाल, पीएचकेएमएस के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तथा एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश अहिरवार और सचिव संजय कुमार रोहितास ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित किया । परियोजना के उप महाप्रबंधक कार्मिक बी.के. माधव ने भारतीय संविधान की उद्देशिका का पाठ किया जिसको सभी गणमान्य अतिथियों ने दोहराया ।

विधानसभा निर्वाचन- 2018 : पन्ना जिले में लगभग 70 प्रतिशत हुआ मतदान

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सांकेतिक फोटो।

* शाम 5 बजे के पूर्व तक की मतदान प्रतिशत की स्थिति

* पन्ना में 65, गनौर में 70 और पवई में सर्वाधिक 73 प्रतिशत वोटिंग

पन्ना। रडार न्यूज   पन्ना जिले के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में शाम 5 बजे के पूर्व तक लगभग 70 प्रतिशत मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हो चुका था। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री ने जिले में शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है। इस संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार शाम 5 बजे के पूर्व तक जिले में 69.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिसमें पवई विधानसभा में 73 प्रतिशत, गुनौर विधानसभा में 70.32 प्रतिशत एवं पन्ना विधानसभा में 65 प्रतिशत मतदान हो चुका था। कुछ मतदान केन्द्रों पर शाम 5 बजे के बाद भी लाईन लगी होने के कारण उन्हें टोकन देकर मतदान की प्रक्रिया जारी रखी गयी। अधिकृत मतदान प्रतिशत की घोषणा पीठासीन अधिकारियों द्वारा सामग्री जमा कराते समय सौंपी जाने वाली पीठासीन की डायरी के आधार पर घोषित की जाएगी। जबकि गत विधानसभा निर्वाचन-2013 के दौरान जिले का मतदान प्रतिशत 68.35 दर्ज किया गया था। जिसमें विधानसभा पवई में यह प्रतिशत 72.14, गुनौर में 63.52 एवं विधानसभा पन्ना में 68.47 था। इस तरह शाम 5 बजे के पूर्व तक ही जिले में गत विधानसभा निर्वाचन की तुलना में बढा हुआ मतदान प्रतिशत दर्ज किया जा चुका था।

लोकतंत्र को सशक्त बनाने अमानगंज के निःशक्त मतदाताओं ने शत-प्रतिशत डाले वोट

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व्हीलचेयर में बैठकर अपने सहयोगी के साथ मतदान करने जाते विकलांग मतदाता।

* बुजुर्ग मतदाताओं का मतदान केन्द पहुंचने पर किया गया स्वागत

* पन्ना जिले में मतदान को लेकर महिलाओं में रहा उत्साह

पन्ना। रडार न्यूज   विधानसभा निर्वाचन 2018 में निर्वाचन आयोग द्वारा विकलांग मतदाताओं को उनका मताधिकार सुगम्य रूप से दिलाने के लिए पहली बार कई आवश्यक व्यवस्थायें की गईं। इसी का ही परिणाम है कि 28 नवंबर को जिले के विकलांग मतदाता अधिक से अधिक संख्या में मतदान केन्द्र पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसी कड़ी में नगर परिषद अमानगंज के समस्त विकलांग मतदाताओं की संख्या 31 में से एक मतदाता बाहर है जबकि शेष ने शत प्रतिशत मतदान किया। मतदान को लेकर दिव्यांग मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला।
बुजुर्ग मतदाताओं का सम्मान करता कर्मचारी।
इसी तरह बुजुर्ग मतदाताओं के मतदान केन्द्र पहुंचने पर फूलमाला पहनाकर एवं तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपना अमूल्य मतदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। बुजुर्ग मतदाताओं के लिए बैठक व्यवस्था भी की गयी थी।

मतदान के लिए आगे आयी नारी शक्ति

मतदान केंद्र के बाहर खड़े होकर अपनी उंगली में लगी मतदान की स्याही दिखती महिलायें।
विधानसभा निर्वाचन 2018 के अन्तर्गत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री के निर्देशन पर स्वीप गतिविधियों के तहत महिला मतदाताओं को जागरूक करने हेतु विशेष प्रयास किए गए हैं। इसी का परिणाम 28 नवंबर को मतदान केन्द्रों पर देखने को मिला। जिले में मतदान को लेकर महिला मतदाताओं में उत्साह देखा गया। जिले की नारी शक्ति ने भी लोकतंत्र को सशक्त बनाने में आगे आकर अपनी भूमिका निभायी।

जन ने स्वीकार किया तंत्र का अनुरोध | अधिकारियों के आश्वासन के बाद कुड़रा में हुई वोटिंग

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पहुंच विहीन दुर्गम वन ग्राम कुड़रा का मतदान केंद्र ।

* जिला निर्वाचन अधिकारी की पहल ने दिखाया असर 

* 324 में से 221 ग्रामीणों ने डाले वोट, कतार में खड़े कई मतदाता

पन्ना। रडार न्यूज     जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना मनोज खत्री की विशेष पहल के फलस्वरूप कुड़रा के ग्रामीणों ने आखिरकार मतदान का बहिष्कार सामूहिक समाप्त कर दिया। बुधवार 28 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे के बाद यहां ग्रामीणों द्वारा उत्साहपूर्वकअपने मताधिकार उपयोग किया गया। जिसके चलते महज पौने दो घंटे में ही वहां कुल 324 मतदाताओं में से 221 मतदाता वोट डाल चुके थे, समाचार लिखे जाने तक 17 वोटर मतदान केंद्र के बाहर लाइन में लगे थे। कुड़रा में मतदान का सामूहिक बहिष्कार समाप्त कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अजयगढ़ सीईओ, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों के एक दल को वहां भेजा गया। जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की ओर से सड़क निर्माण संबंधी मांग को यथा शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन मिलने के बाद कुड़रा के ग्रामीण मतदान करने के लिए राजी हुए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पन्ना मनोज खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कुड़रा की पहुंच मार्ग निर्माण की समस्या के समाधान हेतु स्थानीय ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है। अधिकारियों से चर्चा उपरांत ग्रामीणों की नाराजगी दूर हो गई और उनके द्वारा सहर्ष अपने मताधिकार का उपयोग किया गया।
उल्लेखनीय है कि पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक -60 के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धरमपुर के ग्राम कुड़रा के ग्रामीणों ने गांव के मार्ग निर्माण की मांग को लेकर करीब एक माह पूर्व मतदान का सामूहिक बहिष्कार करने का ज्ञापन एसडीएम अजयगढ़ को सौंपा था। सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की और से समय रहते कोई ठोस आश्वासन न में मिलने की स्थिति कुड़रा ग्राम के वाशिंदों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार आज सुबह विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान का सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। जोकि दोपहर 3 बजे तक जारी रहा। बुधवार 28 नवंबर को सुबह 10 :25 बजे तक सिर्फ 2 वोट पड़े थे। इस खबर से हरकत में आये प्रशासन ने आनन-फानन में गांव में ही तैनात अन्य कर्मचारियों तथा मध्यान्ह भोजन व्यवस्था से जुड़े समूह की महिलाओं आदि को प्रेरित कर मतदान कराया गया। इस तरह दोपहर 3 बजे तक कुड़रा में सिर्फ 10 लोगों ने ही वोट ही डाले थे। दोपहर बाद मतदान का सामूहिक बहिष्कार समाप्त कराने में सफलता मिलने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

पन्ना विधानसभा : कुड़रा ग्राम में “मतदान का सामूहिक बहिष्कार” | सड़क निर्माण न होने से नाराज हैं ग्रामीण

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पहुंच विहीन दुर्गम वन ग्राम कुड़रा का मतदान केंद्र ।

* कलेक्टर से सड़क निर्माण का आश्वासन चाहते हैं स्थानीय लोग

* पहुंच विहीन दुर्गम ग्राम से स्वास्थय केंद्र तक पहुंचने से पहले थम जाती हैं सांसें

पन्ना। रडार न्यूज    सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की और से समय रहते कोई ठोस आश्वासन न मिलने की स्थिति कुड़रा ग्राम के वाशिंदों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान का सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया। पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-60 के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धरमपुर के ग्राम कुड़रा में बुधवार 28 नवंबर को सुबह 10 :25 बजे तक सिर्फ 2 वोट पड़े थे। दरअसल, सुबह 8 बजे वोटिंग शुरू होने के साथ ही कुड़रा से मतदान के सामूहिक रूप से बहिष्कार की खबर आने पर हरकत में आये प्रशासन ने अपनी किरकिरी को रोकने के लिए विशेष प्रयास करते हुए सबसे पहले स्थानीय आंगनवाडी कार्यकर्ता-सहायिका से मतदान कराया। इसके पश्चात् अन्य गांव में ही तैनात अन्य कर्मचारियों तथा मध्यान्ह भोजन व्यवस्था से जुड़े समूह की महिलाओं आदि को प्रेरित कर मतदान कराया गया। समूचे गांव के मतदान के बहिष्कार में शामिल होने के कारण मतदान करने वाले कर्मचारी काफी तनाव-दबाद और उलझन में नजर आये। लोकतंत्र के इस उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाने का उल्लास इनके चेहरों पर नजर नहीं आया। इस तरह दोपहर 3 बजे तक कुड़रा में सिर्फ 10 वोट ही पड़े थे। पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत आने वाला कुड़रा ग्राम बारहमासी आवागम सुविधा वाली एक अदद सड़क के आभाव में आज भी पहुंच विहीन दुर्गम ग्राम बना हुआ है। यहां हर साल कई बीमार लोग, गर्भवती महिलायें और उनके नवजात शिशु समय पर धरमपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थय केंद्र तक न पहुंच पाने के कारण असमय काल कवलित हो जाते। सड़क न होने से इस गांव के जवान युवक-युवतियों का विवाह भी नहीं हो पा रहा है। धरमपुर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुड़रा ग्राम के पहुंच मार्ग निर्माण की सबसे बड़ी बाधा करीब 3 किलोमीटर का रास्ता वन क्षेत्र के अंतर्गत आना है। वन विभाग की आपत्तियों के चलते यहां सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। कुड़रा के ग्रामीणों ने यह शर्त रखी है यदि कलेक्टर की ओर से सड़क निर्माण का लिखित आश्वासन मिलता है तो वे मतदान करेंगे।
इनका कहना है-
“कुड़रा के ग्रामीणों की समस्या वाकई गंभीर है, यहां की स्थिति और इनकी मांग के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराया गया है। सड़क निर्माण का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण मतदान करने की बात कह रहे हैं।”

आर.पी. सिंह, सेक्टर मजिस्ट्रेट