* शहर के गाँधी चौक पर कांग्रेस के युवा नेताओं ने किया प्रदर्शन
पन्ना। (www.radarnews.in) उत्तर प्रदेश के उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता की कार एक्सीडेंट मामले ने तूल पकड़ लिया है। गैंगरेप पीड़िता को जान से मारने की इस कोशिश के खिलाफ देशभर में लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इस घिनोने षड़यंत्र और भाजपा नेतृत्व खिलाफ तेजी से आवाज उठ रही है। बुधवार को मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में गैंगरेप पीड़िता को जान से ख़त्म करने के सुनियोजित षड़यंत्र के खिलाफ कांग्रेस के युवा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूँका। कांग्रेसियों ने उन्नाव गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को फाँसी देने की पुरजोर माँग करते हुए तीखी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं पर दोहरे मापदण्ड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।




उल्लेखनीय है कि गाठ दिनों उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को कार एक्सीडेंट में जान से मारने की कोशिश को लेकर सोशल मीडिया पर लोग इस घटनाक्रम को आजम खान प्रकरण और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाने के नाम पर लाए गए ट्रिपल तलाक बिल से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि आजम खान संसद के अंदर एक वरिष्ठ महिला सांसद की आँखों में देखने की बात कहते हैं तो सदन में भाजपा के पुरुष और महिला सदस्य सभी अपमान नहीं सहने की दुहाई देते हैं। लेकिन, संसद के बाहर उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का पूरा परिवार एक-एककर ख़त्म हो रहा है, इस पर भाजपा की महिला सांसद खामोश हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि केन्द्र सरकार मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाने के नाम पर ट्रिपल तलाक बिल को पास कराकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों और उसके नेताओं को क्या उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने की चिंता है ? सोशल मीडिया पर मंगलवार से इस मामले पर बहस छिड़ी हुई है।


एनएसयूआई ने तो भारतीय जनता पार्टी के लोगों पर हत्या के मामले के राजनीतिकरण का प्रयास करने का खुला आरोप लगाया है। एनएसयूआई का कहना है कि, जाति की राजनीति करने वाले लोग पन्ना जिले की शांति भंग करने का प्रयास कर माहौल को दूषित कर रहे हैं। इन आरोपों ने नीलेश दिवेदी हत्याकाण्ड को लेकर सियासी और सामाजिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। दरअसल भाजपा नेता की हत्या का मुख्य आरोपी लाल साहब बुंदेला पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष का भतीजा है। इस प्रकरण में पुलिस ने लाल साहब बुंदेला सहित चार लोगों को आरोपी बनाया है। पीड़ित पक्ष ने जब से दो और लोगों को आरोपी बनाने की मांग उठाई है तभी से विवाद बढ़ने लगा है।




भारतीय जनता युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे नीलेश दिवेदी की जघन्य हत्या को लेकर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं में भी काफी आक्रोश है। इस हत्याकाण्ड से स्तबध भाजपा नेता, समाजजान एवं क्षेत्र के लोग अपनी शोक संवेदना व्यक्त करने लगातार मोहनपुरा पहुँच रहे है। रविवार को खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा भी मोहनपुरा पहुँचे और नीलेश के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि नीलेश के रूप में भाजपा ने एक कर्मठ कार्यकर्ता को खो दिया और इस गाँव तथा क्षेत्र के लोगों ने अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले एक जुझारू-संघर्षशील व्यक्तित्व को खोया है, यह क्षति अपूर्णीय है। दिवेदी परिवार पर जो वज्रपात टूटा है, उसका मुझे एहसास है।


परिजनों का आरोप है कि यहाँ तकरीबन 3 घण्टे तक कार्यवाही के नाम पर चौकी प्रभारी मान सिंह उन्हें रोके रहे। इस दौरान नीलेश के पैर से लगातार खून बहता रहा। लोगों का ऐसा मानना है कि पैर में गोली लगने की स्थिति में नीलेश की जान बचाई जा सकती थी लेकिन समय पर समुचित प्राथमिक उपचार हेतु 20 किलोमीटर दूर पन्ना जिला चिकित्सालय लाने के बजाए बाद में उसे 70 किलोमीटर दूर स्थित सतना ले जाया गया। अत्याधिक खून बहने और इलाज में देरी के कारण नीलेश की हालत तब तक काफी नाजुक हो चुकी थी। सतना में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडीकल कॉलेज रीवा के लिए रिफर किया गया, जहाँ शुक्रवार की ही शाम उसकी मौत हो गई। विचारणीय पहलू है कि ककरहटी में तीन घण्टे तक नीलेश के घायल अवस्था में रहने के बाबजूद उसके मृत्यु पूर्व कथन दर्ज नहीं हो सके। परिजनों का आरोप है कि नीलेश की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उसके इलाज में देरी से लेकर मृत्यु पूर्व कथन दर्ज कराने में चौकी प्रभारी ककरहटी ने जानबूझकर देरी की है।
भाजपा नेता नीलेश दिवेदी के परिजनों ने पन्ना में पुलिस और मीडियाकर्मियों को बताया कि सामना पंचायत में दबंग बुन्देला परिवार ने अपना राजनैतिक वर्चस्व को बनाए रखने के लिए उनके भाई की हत्या की है। नीलेश की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी लाल साहब बुन्देला के परिजन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। इनका आरोप है कि पंचायत में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस बुन्देला परिवार के इशारे पर समाना में पूर्व में भी हत्याएँ हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि पंचायत में कई दशकों से काबिज बुन्देला परिवार को पिछले चुनाव में नीलेश समर्थित प्रत्याशी से कड़ी चुनौती मिली थी। फलस्वरूप चुनावी बुराई और मकान निर्माण के विवाद के चलते उनके भाई की हत्या की गई है। भाजपा नेता नीलेश दिवेदी की हत्या की वारदात को लेकर ककरहटी क्षेत्र सहित समूचे जिले में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। शनिवार को पन्ना में शव रखकर धरना देने के दौरान पीड़ित परिजनों क्षेत्र के लोगों की एडीशनल एसपी बी.के. सिंह और अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी से हुई तीखी नोंकझोंक के दौरान हत्याकाण्ड को लेकर जन आक्रोश साफतौर देखा गया।



















