भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 23 अगस्त तक 25 जिलों में सामान्य से अधिक, 20 जिलों में सामान्य एवं शेष जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। सर्वाधिक वर्षा मंदसौर जिले में और सबसे कम वर्षा सीधी जिले में दर्ज की गई है।
सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, भोपाल, झाबुआ, राजगढ़, बड़वानी, रतलाम, उज्जैन, गुना, बुरहानपुर, सीहोर, अलीराजपुर, खण्डवा, इंदौर, नरसिंहपुर, जबलपुर, रायसेन, श्योपुर-कलां, अशोकनगर, सिंगरौली, धार, खरगोन और देवास हैं।
सामान्य वर्षा वाले जिले विदिशा, होशंगाबाद, मण्डला, रीवा, सागर, दमोह, उमरिया, बैतूल, भिण्ड, डिण्डौरी, मुरैना, टीकमगढ़, हरदा, शिवपुरी, सतना, अनूपपुर, छतरपुर, सिवनी, दतिया और ग्वालियर हैं।सामान्य से कम वर्षा वाले जिले पन्ना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, शहडोल और सीधी हैं।
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उल्लेखनीय है कि, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की छापामार कार्यवाही जारी थी। इस दौरान दक्षिण वन मण्डल की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा और उप वन मण्डलाधिकारी पवई आर.के. अवधिया से उनके मोबाइल फोन पर कॉल कर जानकारी प्राप्त करने हेतु सम्पर्क किया गया लेकिन कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनके मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुए। जिससे यह पता नहीं चल सका है कि विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में किसी तरह की अनियमितता पाई गई या नहीं। कार्यवाही करने गई वन विभाग की टीम को वहां आरा मशीन मिली या नहीं इसका भी फिलहाल आधिकारिक तौर पता नहीं चल सका। कथित तौर आरा मशीन और फर्नीचर दुकान के संचालन में गड़बड़ी के आरोप सही है गलत इसका पता तो जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। बहरहाल पवई के विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में छापा पड़ने की खबर आने के बाद से जिले भर के फर्नीचर निर्माताओं-विक्रेताओं में हड़कंप मचा है।
उधर, इस मामले के टूल पकड़ने के बाद वन विभाग से जुड़े कुछ लोग ऑफ रिकार्ड यह भी कह रहे हैं कि अनुचित मांग पूरी न करने पर सनसनीखेज आरोप गढ़ते हुए कार्यवाही को लेकर दबाब बनाया गया है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों में कितनी सच्चाई है यह तो दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं, लेकिन दक्षिण वन मण्डल के अफसरों को चाहिए कि धनंजय से बात कर उस स्थान पर भी छापा मारा जाए जहां पर कथित तौर पर आरा मशीन और एक ट्रक सतकठा लकड़ी को छापे से पूर्व शिफ्ट किया गया है। ताकि इन बेहद गम्भीर प्रकृति के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।वहीं जब इस मामले में विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट के संचालक रघुवीर विश्कर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहींहो सका।
एक परिसर एक शाला के अन्तर्गत 35113 शालाओं का व्यवस्थापन 16076 परिसरों में किया गया। इससे अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना व प्रबंधन का लाभ प्राप्त हुआ। प्रदेश की 99 प्रतिशत शालाओं में एक ही दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 34 लाख पालकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास, तार्किक सोच विकसित करने के लिए क्रियान्वित उमंग लाईफ स्किल एजुकेशन में 1874 शालाओं के 5 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। बैठक में नेशनल एचीवमेंट सर्वे के निष्कर्ष, दक्षता उन्नयन, शिक्षकों की एक्सपोजर विजिट, शाला सिद्धि योजना, मिशन 1000, शाला दर्पण योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।




एक हांथी के ऊपर सवार होकर जब डाॅ. संजीव कुमार गुप्ता तेंदुए को बंदूक से बेहोशी की डाॅट मारने का प्रयास कर रहे थे तभी अचानक तेंदुए ने काफी ऊंची छलांग लगाते हुए हाथी के मुंह के पास हमला कर दिया। इससे घबराकर अचानक हाथी पीछे की ओर मुड़ा और तभी संतुलन बिगड़ने से डाॅ. गुप्ता के हांथों से बंदूक छूट गई और वह खुद भी नीचे जा गिरे। जिस जगह पर यह घटना हुई वहां मिट्टी दलदली होने के कारण हाथियों को चलने में दिक्कत हो रही थी। इन परिस्थियों में डाॅ. गुप्ता के ऊपर तेंदुआ पुनः हमला बोल सकता था लेकिन महावतों ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तुरंत चारों हाथियों की मदद से सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया। तेंदुए की दहशत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसे ट्रंकुलाइज करने वाली बंदूक खेत में तब तक पड़ी रही जब तक कि तेंदुआ भाग नहीं गया।





बुधवार 21 अगस्त की सुबह पन्ना के कुछ युवाओं को एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर ऐसा ही अदभुत नजारा देखने को मिला। पन्ना से लगभग 12 किलोमीटर दूर एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर जरुआपुर ग्राम और दरेरा मोड़ के बीच एक युवा टाइगर सड़क किनारे गाय का शिकार करने के बाद उसे घसीटते हुए जब सड़क के दूसरी तरफ ले जा रहा था तो वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने इस अविस्मरणीय दृश्य को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सड़क किनारे बाघ के शिकार करने की खबर मिलने पर पन्ना से उसे देखने के लिए गए एडवोकेट गोपाल मिश्रा गोगी ने बताया कि बाघ अपने शिकार को सुकून से खाने के लिए उसे घसीटते हुए सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे पर ले गया। वह मृत गाय को खखरी पार कर जंगल में ले जाने के लिए मशक्कत कर रहा था। श्री मिश्रा ने बताया कि बाघ से सुरक्षित दूरी पर चार पहिया गाड़ी के अंदर रहते हुए उनके द्वारा अपने मोबाइल से वीडियो बनाया गया। इस दौरान रिंकू गुप्ता भी उनके साथ रहे। कुछ ही देर में पन्ना टाइगर रिजर्व के वनकर्मी भी मौके पर पहुँच गए।
सड़क के किनारे खड़े होकर बाघ को देख रहे राहगीरों को वनकर्मियों द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर वहाँ से हटाया गया। हालांकि पन्ना-मझगंवा मार्ग पर आवागमन जारी है। पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ईश्वर रामहरि जरांडे ने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि बाघ और राहगीरों की सुरक्षा के लिए एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त वनकर्मियों और हाथियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मझगवाँ मार्ग पर आवगमन पूर्व की तरह जारी है, लेकिन बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वहां आसपास किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं है। आपने बताया कि जिस बाघ ने गाय का किल किया है वह बगैर रेडियो कॉलर का है।







बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की प्री-बिड प्रक्रिया में शामिल खनन कम्पनियों के प्रतिनिधियों अथवा निवेशकों के द्वारा पन्ना में 20 एवं 21 अगस्त को बंदर खदान से प्राप्त हीरों के साथ-साथ पन्ना के उथली खदानों से निकले हीरों का भी अध्ययन एवं अवलोकन किया जा रहा है। इसके पश्चात निवेशकों के द्वारा छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील अंतर्गत स्थित बंदर डायमण्ड ब्लाॅक का निरीक्षण किया जायेगा। मध्यप्रदेश खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हमारा पूरा जोर इस बात पर है कि 60 हजार करोड़ रूपये मूल्य के हीरों के इस भण्डार की नीलामी में शामिल निवेषकों को हम इससे कहीं अधिक ऊंची बोली लगाने के लिए प्रेरित करें ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।







जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने आज यहाँ एडवेंचर ग्राउंड के पास पहाड़ी पर वृहद स्तर पर पौधा-रोपण अभियान का शुभारंभ किया। श्री शर्मा शांडिल्य महाराज की पालकी यात्रा में भी शामिल हुए। स्थानीय पार्षद मोनू सक्सेना, सुशील बिल्लोरे, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु पालकी यात्रा में शामिल हुए।