* सरसी आइलैंड पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल हुए रोमांचित
* बोले- बाणसागर का सरसी आइलैंड बनेगा मध्यप्रदेश का प्रमुख आकर्षक केंद्र
* उप मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
शहडोल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए बाणसागर डूब क्षेत्र के सरसी आइलैंड को पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बाणसागर स्थित सरसी आइलैंड में आने से मालदीव, लक्षद्वीप आइलैंड और खंडवा के हनुमंतिया जैसा पर्यटन स्थल सा महसूस होता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों के लिए जिम, 5 स्टार होटलों जैसी सुविधाएं, आने जाने के लिए स्पीड मोटर बोट और वेडिंग डेस्टिनेशन हेतु आकर्षक स्थल जैसे अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। उक्त बात आज उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सरसी आइलैंड के सभागार में पर्यटन विकास निगम की बैठक में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा।
पर्यटकों को आकर्षित करने आवागमन को बनाएं सुगम
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में पर्यटक परिवार लेकर आएं और यहां रुकें इसके लिए भी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। साथ ही रीवा से सरसी आइलैंड के आवागमन की सुगमता को और अधिक बेहतर बनाएं, जिससे रीवा, मैहर व अन्य क्षेत्रो से आने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र के अमरकंटक, बाधवगढ़, मैहर, मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे अन्य पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटक भी सरसी आइलैंड में आएं और सरसी आइलैंड की प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाएं।
मैरिज़ डेस्टिनेशन की सुविधा होगी उपलब्ध

बैठक में मुख्य अभियंता पर्यटन विकास निगम दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि सरसी आइलैंड लगभग 15 एकड़ की क्षेत्रफल में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यहां पर पर्यटकों को पहुंचने के लिए मारकंडेय एवं इटमा में घाट बनाए गए हैं । घाट में वोट, पार्किंग एवं टॉयलेट सहित अन्य प्रकार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि सरसी आईलैंड में पहुंच मार्ग के लिए ग्राम सरसी में भी घाट बनने के लिए प्रस्तावित है तथा सरसी आइलैंड में मैरिज डेस्टिनेशन की सुविधा भी तैयार कराई जा रही है तथा सरसी रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए 10 अतिथि कक्ष, रेस्टोरेंट, जिम, कॉन्फ्रेंस हॉल हाल, लाइब्रेरी के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इस अवसर पर विधायक शरद कोल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीवान, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नरेंद्र सिंह, जन अभियान परिषद जिला समन्वयक विवेक पांडे, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन का हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों और उनके महावतों को आराम देना है। साथ ही ग्रामीण भी हाथी के बारे में और उनके व्यवहार से परिचित हो। इसके लिये हाथी महोत्सव में सभी के लिए प्रवेश रहता है। यह महोत्सव वन्य प्राणियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियों को भी दूर करता है।







पन्ना जिले के सीमावर्ती इलाके में काफी लंबे समय से कायम माफियाराज पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण आश्चर्यजनक रूप से मौन साधे हुए हैं। जीवनदायनी केन नदी और निजी तथा शासकीय भूमि को अवैध खनन से तबाह-बर्बाद कर हजारों करोड़ रुपये मूल्य की रेत की लूटने वाले माफिया के खिलाफ क्षेत्रीय सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और पन्ना विधायक एवं पूर्व खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पिछले पांच साल में सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी एक शब्द बोला हो। इसके पीछे कारण चाहे जो भी हो लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र के सबसे ज्वलंत मुद्दे पर माननीयों का अखण्ड मौनव्रत जारी रहने से उनकी भूमिका को अधिकांश लोग संदेह की नजर से देखते हैं। अवैध खनन के संगठित खेल से जुड़े कुछ बाजिव सवाल भी इस संदेह के गहराने की तरफ इशारा करते हैं। मसलन, सत्ताधारी दल के ताक़तवर नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र को अवैध खनन से खुलेआम खोखला करने का दुःस्साहस रेत माफिया आखिर किसके संरक्षण के दम पर कर रहा है? अवैध खनन से प्रभावित ग्रामीणों के शिकायतें करने, ज्ञापन सौंपने के बाद भी रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही क्यों नहीं होती? 




