* वीरांगना अवंती बाई लोधी जयंती के उपलक्ष पर आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
* राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारा सम्मेलन के रूप मनाई गई वीरांगना की जयंती
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती के उपलक्ष पर रविवार 8 सितंबर 2024 को पन्ना नगर के एवरशाइन गार्डन में राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारा सम्मेलन आयोजित हुआ। इसके बाद लोधी समाज के लोगों ने नगर में विशाल वाहन रैली निकालकर अघोषित तौर पर शक्ति प्रदर्शन किया। गाजे-बाजे के साथ निकली गई वाहन रैली का नगर में जगह-जगह जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा पुष्प वर्षा, आतिशबाजी, जलपान एवं स्वल्पाहार से भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में पन्ना के स्थानीय सामाजिक बंधुओं सहित अजयगढ़, पहाड़ीखेरा, गुनौर, पवई, रैपुरा सहित नागौद, बरौंधा, चंदला, बांदा क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोधी समाज एवं सर्व समाज के लोग शामिल हुए, कार्यक्रम के संयोजक संजय सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी जयंती पर पूरे अगस्त माह एक पेड़ वीरांगना अवंती बाई के नाम महा अभियान के तहत पौधारोपण किया गया एवं 16 अगस्त को अलग-अलग संगठनों एवं व्यक्तियों के द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, इसके बाद 8 सितंबर को समस्त संगठनों एवं गणमान्य सामाजिक बंधुओं के द्वारा मिलकर पन्ना नगर के एवरशाइन गार्डन में राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारा सम्मेलन आयोजित किया गया।
अतिथियों का किया सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ वीरांगना अवंती बाई लोधी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया गया, इसके बाद अतिथियों का पुष्पमाला एवं शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया एवं युवाओं के द्वारा नगर में विशाल वाहन रैली निकाली गई। जिसमें सैकड़ों बाइक सवार एवं पैदल युवा डीजे की धुन में नाचते गाते हुए पूरे शहर का भ्रमण करते हुए वापस एवरशाइन गार्डन पहुंचे जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
कई सामाजिक हस्तियां हुई शामिल

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले के द्वारा की गई, मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं लोधी समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह लोधी उपस्थित रहे, विशिष्ट अतिथि के रूप में क्रांतिकारी नेता शंकर महतो, संध्या लोधी जिला पंचायत सदस्य, करण सिंह राजपूत पूर्व डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट, बाला प्रसाद लोधी सरपंच, उमा लोधी, ध्रुव सिंह लोधी, हरि सिंह ठाकुर, डॉ केपी राजपूत, देवेंद्र पाल वर्मा प्रधान, हिम्मत सिंह, गुलाब सिंह, देशपाल सिंह, श्रीराम लोधी, उदय चंद्र अज्ञानी, रामपाल सिंह, दिनेश लोधी, आनंद सिंगरौल, रामनरेश लोधी, रामशरण लोधी, राकेश लोधी शिक्षक, रामकिशोर अहिरवार, मुकेश गोंड़, डॉ मिहीलाल, शुभम सिंह राजपूत, दादूराम सिंह, विवेक सिंह लोधी, दयाशंकर लोधी, दिनेश लोधी, शिवकुमार सिंह, रोशन सिंह, रामखेलावन सिंह, जयपाल सिंह, कौशल किशोर लोधी, ओंकार सिंह लोधी दुर्गापुर, ओंकार सिंह लोधी देवगांव, महेंद्र सिंह, रामधाम सिंह, राम शरण सिंह, दीपू सिंह, दिनेश सिंह, वीरू लोधी, सोनेलाल प्रजापति, फूलचंद पहलवान, डॉ ओम प्रकाश सिंगरौल, रामचंद्र बीपी सिंह, बीएस राजपूत, शिवमोहन सिंह, श्रीलाल राजपूत, संतोष लोधी, शारदा प्रसाद सिंगरौल, लाला भैया, डॉ महेश प्रसाद, राजेंद्र सिंह लोधी, रूप सिंह लोधी, अखिलेश सिंह, रोशन सिंह, अवधेश लोधी धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित हजारों की संख्या में सामाजिक बंधु एवं सर्व समाज के लोग शामिल हुए।
वक्ताओं ने दिया सामाजिक एकता का दिया संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जालम सिंह लोधी ने अपने उद्बोधन में समाज को संगठित करने एवं जागरूक होने का संदेश दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले ने लोधी समाज के साथ में पक्षपात होने का आरोप लगाया। आपने समाजजनों से राजनीतिक क्षेत्र में अपनी खोई हुई शक्ति को पुनः अर्जित करने तथा समाज में अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एकजुट होने पर विशेष जोर दिया। शंकर महतो ने वीरांगना के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके पद चिन्हों पर चलने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर रामखेलावन सिंह ने कहा कि लोधी समाज ने हमेशा देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया है, आज भी चाहे देश की रक्षा में हो या देश के नवनिर्माण में हो लोधी समाज हमेशा आगे रहा है। मंच का संचालन रामखेलावन लोधी, राम शिरोमणि लोधी और चंद्रशेखर लोधी के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया एवं आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक संजय सिंह राजपूत के द्वारा किया गया।
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन का हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों और उनके महावतों को आराम देना है। साथ ही ग्रामीण भी हाथी के बारे में और उनके व्यवहार से परिचित हो। इसके लिये हाथी महोत्सव में सभी के लिए प्रवेश रहता है। यह महोत्सव वन्य प्राणियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियों को भी दूर करता है।







पन्ना जिले के सीमावर्ती इलाके में काफी लंबे समय से कायम माफियाराज पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण आश्चर्यजनक रूप से मौन साधे हुए हैं। जीवनदायनी केन नदी और निजी तथा शासकीय भूमि को अवैध खनन से तबाह-बर्बाद कर हजारों करोड़ रुपये मूल्य की रेत की लूटने वाले माफिया के खिलाफ क्षेत्रीय सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और पन्ना विधायक एवं पूर्व खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पिछले पांच साल में सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी एक शब्द बोला हो। इसके पीछे कारण चाहे जो भी हो लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र के सबसे ज्वलंत मुद्दे पर माननीयों का अखण्ड मौनव्रत जारी रहने से उनकी भूमिका को अधिकांश लोग संदेह की नजर से देखते हैं। अवैध खनन के संगठित खेल से जुड़े कुछ बाजिव सवाल भी इस संदेह के गहराने की तरफ इशारा करते हैं। मसलन, सत्ताधारी दल के ताक़तवर नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र को अवैध खनन से खुलेआम खोखला करने का दुःस्साहस रेत माफिया आखिर किसके संरक्षण के दम पर कर रहा है? अवैध खनन से प्रभावित ग्रामीणों के शिकायतें करने, ज्ञापन सौंपने के बाद भी रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही क्यों नहीं होती? 

