चीफ इंजीनियर ने पुलियों के धंसने पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री और प्रोजेक्ट इंचार्ज को लगाई फटकार

0
1775
केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से चर्चा करते हुए लोनिवि सागर के चीफ इंजीनियर आरएल वर्मा।

*     घटिया निर्माण कार्य की शिकायतों के बीच सकरिया-गुनौर-डिघौरा मार्ग का किया निरीक्षण

*      CRF मार्ग में अमानक सामग्री के उपयोग पर क्षेत्रीय विधायक ने भी दर्ज कराई थी आपत्ती

*      क्षेत्रीय सांसद और पूर्व मंत्री के प्रयासों से स्वीकृत सड़क को पलीता लगाने में जुटे भ्रष्ट अफसर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-गुनौर-डिघौरा मार्ग का घटिया कार्य काफी समय से सुर्ख़ियों में बना है। सड़क निर्माण में धड़ल्ले से अमानक सामग्री का उपयोग करते हुए गुणवत्ता विहीन कार्य कराए जाने की शिकायतों के बीच गुरुवार को लोक निर्माण विभाग सागर के चीफ इंजीनियर ने आरएल वर्मा ने निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर पाइप कल्वर्ट (पुलियों) के धंसने पर चीफ इंजीनियर ने गहरी नाराज़गी जताते हुए लोनिवि पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीके त्रिपाठी और ठेकेदार के प्रोजेक्ट इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने मानसून के मद्देनज़र मार्ग पर वाहनों का निर्बाध आवागमन बनाए रखने और वर्षा जल की समुचित निकासी सुनिश्चित करने के लिए क्षतिग्रस्त पुलियों का तत्परता से सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर ने सड़क निर्माण कार्य में उपयोग में लाई जा रही लाइम स्टोन की गिट्टी के डंप को भी देखा।
पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग।
गत वर्ष 2023 में जिले के सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग निर्माण कार्य को केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत स्वीकृति मिली थी। लगभग 29 किलोमीटर लम्बाई वाली यह सड़क पन्ना के मुख्य जिला मार्ग (MP-MDR-18-08) में शामिल है। जिले से गुजरने वाले दो प्रमुख नेशनल हाइवे (एनएच-39 एवं एनएच-943) को आपस में जोड़ने वाले इस एमडीआर मार्ग के निर्माण में शुरुआती स्तर से ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खेल शुरू हो गया था। खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के संयुक्त प्रयास से स्वीकृत लगभग 40 करोड़ की लागत वाली सीआरएफ सड़क को पलीता लगाने में जुटे ठेकेदार की करतूतों पर लोनिवि पन्ना के भ्रष्ट तकनीकी अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं। फीलगुड के चक्कर में लोनिवि के अफसरों ने अघोषित तौर पर ठेकेदार को मनमाफिक कार्य करने की खुली छूट दे रखी है।
सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग के निरीक्षण पर पहुंचे लोनिवि सागर के चीफ इंजीनियर आरएल वर्मा को निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी की जानकारी देते कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी की तथ्यात्मक और प्रमाणित शिकायतों पर जिला स्तर पर कोई कार्रवाई पर होने से हाल ही में मीडिया के द्वारा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता तथा मुख्य अभियंता का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया था। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने भी सड़क निर्माण में गुणवत्ताविहीन अमानक सामग्री उपयोग के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। सड़क निर्माण से जुड़ीं प्रमाणित शिकायतों पर गौर करते हुए प्रमुख अभियंता लोनिवि आरके मेहरा ने चीफ इंजीनियर सागर से जांच करवाने की बात कही थी। इस बीच गुरुवार 13 जून को पन्ना पहुंचे चीफ इंजीनियर लोनिवि सागर आरएल वर्मा ने सकरिया-डिघौरा मार्ग का निरीक्षण किया।

खदानों का ओवर वर्डन डालकर लीपापोती

सीआरएम की लेयर में मिक्स मटेरियल की चोरी करते हुए रात में चचरा (अनुपयोगी मटेरियल) डालकर तुरंत रोड रोलर चलवा दिया गया।
उन्होंने सकरिया से गुनौर के बीच कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। चीफ इंजीनियर के निरीक्षण की जानकारी मिलने पर कुलदीप सिंह डिघौर महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना ने मौके पर पहुंचकर उनसे भेंट की। युवा नेता कुलदीप ने अपने मोबाइल फोन पर श्री वर्मा को उक्त सड़क की धंसी हुई पुलियों के वीडियो दिखाए गए। साथ ही रात के अंधेरे में सीआरएम लेयर में मिक्स मटेरियल के स्थान पर लाइम स्टोन खदान का ओवर वर्डन (अनुपयोगी सामग्री) डालकर रोलर चलवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीआरएफ सड़क के निर्माण में अर्थवर्क स्तर पर भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। ठेकेदार द्वारा स्वीकृत कराए गए प्राकक्लन (स्टीमेट) के तहत निर्धारित मापदंड अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यय सीमित रखने के मकसद से ठेकेदार ने आसपास के खेतों की कम गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग अर्थवर्क में किया है। मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखकर मिट्टी के स्थरीकरण (मजबूती) के लिए आवश्यकतानुसार ठोस उपाए ईमानदारी से नहीं किए गए। अर्थवर्क के दौरान सड़क के इनिशियल लेवल में गड़बड़ी करते हुए पुराने मटेरियल को अलग करने के बजाए क्रश करके उसी को उपयोग में ले लिया। साथ ही गुनौर के आदिवासी मोहल्ला के समीप खतरनाक मोड़ के कारण हादसे होने की आशंका जताई गई।

… तो विधानसभा में गूंजेगा मामला

केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग में उपयोग में लाई जा रही लाइम स्टोन गिट्टी का मुआयना करते हुए लोनिवि अधिकारी।
चीफ इंजीनियर (मुख्य अभियंता) सागर श्री वर्मा ने पुलियों के धंसने पर गहरी नाराज़गी जताते हुए लोनिवि पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीके त्रिपाठी, प्रभारी उपयंत्री और ठेकेदार के प्रोजेक्ट इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दो टूक कहा कि, निर्माण कार्य में मानक-मापदंडों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीफ इंजीनियर ने मानसून के मद्देनज़र मार्ग पर वाहनों का निर्बाध आवागमन बनाए रखने और वर्षा जल की समुचित निकासी सुनिश्चित करने के लिए क्षतिग्रस्त पुलियों का तत्परता से सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में उपयोग में लाई जा रही लाइम स्टोन की गिट्टी के डंप को भी देखा गया। श्री वर्मा ने कांग्रेस नेता को भरोसा दिलाया कि, सड़क निर्माण में जो भी कमियां है उन्हें दूर करके हर हाल में गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जाएगा।
40 करोड़ की लागत से निर्माणधीन सकरिया-ककरहटी-गुनौर-डिघौरा मार्ग में बड़े पैमाने पर घटिया कार्य कराए जाने से धंस चुकी हैं कई पुलिया।
वहीं कांग्रेस नेता का कहना है लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी कार्य की गुणवत्ता में यदि सुधार नहीं होता है तो इस मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में उठवाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही मामले को सीटीई के संज्ञान में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि, चीफ इंजीनियर श्री वर्मा से उनके निरीक्षण के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए कई बार मोबाइल फोन पर सम्पर्क किया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

विषय से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई लिंक को क्लिक कर खबर पढ़ें –

पार्ट-1 : 40 करोड़ की सड़क में गुणवत्ता के मापदंड बने मज़ाक, रात के अंधेरे में घटिया मटेरियल डालकर चलवा रहे रोलर