मध्य प्रदेश | रेत और राशन माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही करने वाले SDM का तबादला

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अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसील कार्यालय अजयगढ़ का भवन। (फाइल फोटो)

*     पन्ना कलेक्टर ने अजयगढ़ से एसडीएम गौतम को हटाकर कलेक्ट्रेट में किया अटैच

*      रेत माफियाओं और उनके राजनैतिक संरक्षणदाताओं के दबाव में स्थानांतरण किए जाने की चर्चाएं

*     SDM गौतम ने रेत माफिया की पोकलेन मशीनें जब्त कर लगाया था 112 करोड़ का जुर्माना

*     गरीबों का खाद्यान्न डकारने वाले राशन माफियाओं से 45 लाख की वसूली का दिया था आदेश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ तहसील अंतर्गत जीवनदायनी केन नदी की रेत लूटने वाले खनन माफिया और गरीबों का राशन डकार रहे खाद्यान्न माफियाओं के ख़िलाफ़ ताबड़तोड़ कार्रवाई से चर्चाओं में आए एसडीएम कुशल सिंह गौतम का तबादला हो गया है। पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने गौतम को अजयगढ़ से हटाकर अपने ऑफिस में अटैच किया है। शुक्रवार 7 मई को जारी आदेश अनुसार पन्ना के प्रभारी एसडीएम संजय कुमार नागवंशी को अजयगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। लोकसभा चुनाव 2024 की आदर्श आचार संहिता हटने के बाद जारी तबादला आदेश को कलेक्टर ने प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से लिया गया निर्णय बताया है। जबकि आमचर्चा यह है कि, जिला प्रशासन ने यह फेरबदल रेत माफिया और उनके राजनैतिक संरक्षणदाताओं के दबाव में किया है। तबादला आदेश की टाइमिंग से इस तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है। माफियाओं के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई करने वाले एसडीएम कुशल सिंह गौतम को अजयगढ़ से हटाकर पन्ना अटैच करने के निर्णय के खिलाफ तराई अंचल के लोगों में हैरानी और नाराज़गी देखी जा रही है। प्रशासनिक हलकों में कलेक्टर के इस आदेश को कर्तव्यनिष्ठ अफसरों का मनोबल तोड़ने, शासन हित अथवा जनहित में ईमानदारी से कार्य करने वालों को हतोत्साहित करने वाले निर्णय के तौर देखा जा रहा है।
कुशल सिंह गौतम, संयुक्त कलेक्टर जिला पन्ना।
लगभग तीन माह पूर्व संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम की पदस्थापना अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ के पद पर की गई थी। पदभार संभालने के सप्ताह भर के अंदर कर्मठ प्रशासनिक अधिकारी गौतम ने क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय माफियाओं के खिलाफ मुहिम का आगाज़ करते हुए 30 मार्च 2024 को पहली बड़ी कार्रवाई की थी। उनके नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने अजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम भीना एवं चांदीपाटी रेत खदान पर छापामार कर नदी किनारे अवैध रूप से डंप 600 घनमीटर रेत को जब्त किया था। नदी घाट के समीप स्थित रेत माफिया के कैम्प में अवैध रूप से ड्रमों में भंडारित 2850 लीटर डीजल जप्त किया था। इसके अलावा माफिया के अस्थाई कैम्प, रेत परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों और केन नदी के प्रवाह को बाधित कर निर्मित अवैध पुलों को बुलडोजर चलवाकर तोड़ डाला था। इसके 48 घंटे के अंदर रेत माफिया के खिलाफ दूसरी कार्रवाई 01 अप्रैल की शाम को की गई थी। संयुक्त दल ने जिगनी और चंदौरा की अवैध रेत खदानों पर दबिश देकर रेत से लोड पांच ट्रकों को पकड़ा था।
रेत की लूट के खिलाफ तीसरी छापामार कार्रवाई 16 मई की देर रात अजयगढ़ के नजदीक बीरा-सुनहरा में संचालित अवैध रेत खदानों पर की गई थी। संयुक्त दल ने रात के अंधेरे में अवैध खदान क्षेत्र की घेराबंदी करके 6 एलएनटी मशीनें, 1 जेसीबी और दो दर्जन से अधिक ट्रक-डंपर पकड़े थे। कार्रवाई की भनक लगने पर दोहपर में लगभग 12 बजे रेत माफिया आधा दर्जन वाहनों से मौके पर पहुंचे थे। माफिया ने संयुक्त दल द्वारा की गई कार्रवाई को कथित तौर पर क्षेत्राधिकार के बाहर जाकर छतरपुर जिले की सीमा में वाहन-मशीनरी पकड़ने कड़ी आपत्ती जताई थी। सीमा विवाद में दोनों जिलों के राजस्व-पुलिस अधिकारी आपस में उलझ गए थे। तभी रेत माफिया मौका पाकर बिना किसी विरोध के 20 से अधिक ट्रक-डंपर, 2 एलएनटी और 1 JCB मशीन छुड़ा ले गए थे। रेत माफिया के इस दुस्साहस के दौरान मौके पर उपस्थित रहे पुलिस अधिकरियों-जवानों की भूमिका सवालों के घेरे में है। पुलिस से आपेक्षित सहयोग न मिलने की वजह से बड़ी धरपकड़ के बाद सिर्फ 4 एलएनटी मशीनें, 3 ट्रक-डंपर जब्त हो पाए थे। वाहनों को भगा ले जाने के बाद एसडीएम ने जिला खनिज अधिकारी पन्ना को एक पत्र भेजा था जिसमें वाहन नंबर का उल्लेख कर कार्रवाई के लिए लिखा था।

112 करोड़ का ठोका था जुर्माना

प्रतिबंधित मशीनों के जरिए केन नदी पर रात-दिन बड़े पैमाने पर जारी है रेत का अवैध खनन।
अजयगढ़ क्षेत्र में सक्रिय माफिया जीवनदायनी केन नदी का सीना प्रतिबंधित मशीनों से छलनी कर अंधाधुंध रेत का दोहन करके नदी का वजूद मिटाने के साथ बहुमूल्य खनिज संपदा को लूटकर हर दिन शासन को राजस्व की बड़ी क्षति पहुंचा रहे है। केन नदी पर 50 किलोमीटर क्षेत्र में पिछले पांच साल से अवैध रेत खनन का खेल बेरोकटोक चल रहा है। केन के अस्तित्व को मिटाने पर आमादा माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम ने हाल ही में उन पर 112 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया था। रेत का अवैध करोबार करने वालों में इसके बाद से जबर्दस्त हड़कंप मचा है। जुर्माना की कार्रवाई 16 मई की रात सुनहरा और बीरा में अवैध रेत खनन करते पोकलेन मशीनों तथा रेत के अवैध परिवहन में शामिल वाहनों की धरपकड़ के मामले की गई थी। बता दें कि सुनहरा में केन नदी पर 17,000 घनमीटर रेत का अवैध खनन पाए जाने पर नियमानुसार खनिज मूल्य का तीस गुना जुर्माना राशि 63,75,00000/- रुपए और बीरा में केन नदी पुल के आसपास 13,000 घनमीटर रेत उत्खनन पाए जाने पर जुर्माना राशि 48,75,00000/- रुपए वसूली हेतु प्रस्तावित कर प्रकरण को मूलतः अग्रिम कार्रवाई हेतु कलेक्टर पन्ना (खनिज शाखा) को भेजा है। रेत माफिया पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई के पखवाड़े भर बाद अजयगढ़ से एसडीएम कुशल सिंह गौतम को हटाकर पन्ना अटैच कर दिया गया।

राशन माफिया पर कसी थी नकेल

एसडीएम के रूप में कुशल सिंह गौतम ने अजयगढ़ में तीन माह के अपने अल्प कार्यकाल में रेत माफिया पर प्रभावी नकेल कसने के साथ-साथ गरीबों का राशन हजम करने वाले राशन माफिया की गर्दन पर भी कानून का शिकंजा कस दिया था। बता दें कि गरीबों को मिलने वाले राशन का प्रतिमाह नियमित रूप से वितरण न कर कालाबाजारी करने के मामले में शासकीय उचित मूल्य दुकान धरमपुर, उचित मूल्य दुकान विश्रामगंज, तरौनी, मकरी, सलैया, सिंहपुर के विक्रेता तथा समिति प्रबंधकों के विरुद्ध अपने न्यायालय में प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए मामलों की तत्परता से सुनवाई की गई। मई माह के अंतिम सप्ताह में इन प्रकरणों में निर्णय पारित करते हुए संबंधितों से 45 लाख रुपये से अधिक की वसूली भू-राजस्व की बकाया राशि की भांति किए जाने का आदेश दिया था।

क्षेत्र में जारी लूट पर जनप्रतिनिधि मौन

पन्ना कलेक्टर के द्वारा जारी अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम का तबादला आदेश।
उल्लेखनीय है कि, अजयगढ़ एसडीएम गौतम की हालिया कार्रवाइयों से पन्ना और पड़ोसी छतरपुर जिले के सीमावर्ती इलाके (केन पट्टी क्षेत्र) में लंबे समय से रेत माफिया की हुकूमत चलने से जुड़े हैरान करने वाले तथ्य सामने आए थे। जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में खुलेआम चल रही बहुमूल्य खनिज संसाधन की सबसे बड़ी लूट का खुलासा होने पर पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक सत्ता प्रतिष्ठान की जमकर किरकिरी हुई थी। वहीं अंचल के जनप्रतिनिधियों भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, पूर्व खनिज मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह और चंदला विधायक एवं राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सत्ताधारी दल के इन ताकतवर जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन क्षेत्र में अघोषित तौर पर माफियाराज कायम होना, बिना किसी ठेका के बड़े पैमाने खुलेआम रेत का अवैध कारोबार संचालित होना, दिनदहाड़े माफियाओं का अपने वाहनों को छुड़ाकर ले जाना और माफियाओं पर नकेल कसने वाले कर्मठ अधिकारी को सिर्फ 3 माह में ही अजयगढ़ विकासखंड से हटाकर पन्ना अटैच किए जाने पर माननीयों का मौन साधे रहना स्वतः ही सबकुछ बयां कर रहा है। विदित हो कि, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने अपने पन्ना दौरे पर खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) और पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह पर रेत माफियाओं को संरक्षण देकर काली कमाई करने के आरोप लगाए थे।