बोलती तस्वीरें : गौरवशाली अतीत की कहानी बयां कर रहे ऐतिहासिक स्मारकों के छायाचित्र

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विश्व सहग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में लगाई गई प्राचीन स्मारकों की छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्य अतिथि कैलाश सोनी।

*    विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर आज जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें मध्य प्रदेश के प्रमुख पुरातत्वीय स्मारकों के छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। 24 मई तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में बेजोड़ स्थापत्य कला, उत्कृष्ट पाषाण शिल्प के एक से बढ़कर एक नायाब नमूने माने जाने वाले भव्य प्राचीन स्मारकों के छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। ऐतिहासिक स्मारकों के छायाचित्र प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजवंशों के प्रमाणित इतिहास, उनके योगदान के साथ-साथ प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली अतीत की कहानी को बयां कर रहे हैं। छायाचित्र प्रदर्शनी प्राचीन इतिहास एवं कला में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनीं है।
संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन भोपाल के तत्वाधान में विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार 18 मई को जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी उद्घाटन कैलाश सोनी, पूर्व योजना अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट, सेवानिवृत्त शिक्षक कुंजबिहारी शर्मा, पूर्व पार्षद योगेन्द्र सिंह परमार, कवि सुरेश सौरभ उपस्थित रहे। 18 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी के पहले दिन लोगों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहा। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शिवपुरी, टीकमगढ़, ओरछा, रायसेन, सांची, उज्जैन, भोजपुर, ग्वालियर, भोपाल, खरगौन, छतरपुर आदि स्थानों के भव्य प्राचीन स्मारकों की बोलती हुई तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों, किलों, मकबरों, हवेली, छतरियां, राजमहल के खूबसूरत छायाचित्र शामिल हैं।
छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सोनी ने कहा कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को समेटे खूबसूरत स्मारकों के चित्रों में झलकती उनकी वास्तुकला मन मोहने वाली है। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में अनेक स्मारकों के संरक्षण हेतु कराए गए कार्यों को भी छायाचित्रों के जरिए सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया है। स्मारक की जर्जर स्थिति वाले चित्र के ही बगल में संरक्षण कार्य उपरांत उनका वैभव जीवंत होने का छायाचित्र लगाया गया है, ताकि धरोहर को सहेजने के लिए लगातार किये जा रहे गंभीर प्रयासों के बारे में लोग जान सकें।
जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय स्मारकों पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी का भारतीय पर्यटक सिर्फ 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क पर शुक्रवार 24 मई तक प्रातः 10 बजे से लेकर सायंकाल 5 बजे तक अवलोकन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि, छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के सभी कर्मचारियों एवं सिक्योरिटी गार्ड मुख्य रूप से रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, कामता प्रसाद रैकवार, आदित्य विश्वकर्मा, कमल वियोगी, धर्मेन्द्र साहू विशेष सहयोग रहा।