घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने 21 पदक जीते, 12 खिलाड़ियों ने नेशनल के लिए किया क्वालीफाई

* खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई
भोपाल। जयपुर में चल रही घुड़सवारी प्रतियोगिता में जूनियर नेशनल क्वालीफायर 2024 में मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के 12 खिलाड़ियों ने नेशनल के लिए क्वालीफाई किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अकादमी के खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। जयपुर आर्मी एरिया में 61 केवलारी में चल रही घुड़सवारी प्रतियोगिता सप्त शक्ति हॉर्स शो-2024, 11 अगस्त से प्रारंभ होकर 19 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद क्रॉस कंट्री नेशनल 1 स्टार और 2 स्टार लेवल की प्रतियोगिता 21 से 29 अगस्त तक आयोजित होगी।
राजू सिंह ने 3 गोल्ड मेडल जीते

अभी तक की प्रतियोगिताओं में राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने 21 पदक जीते। इसमें 12 स्वर्ण, 7 रजत, 2 कांस्य पदक हासिल कर अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धा में 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। राजू सिंह आगामी आने वाली एशियाई चैंपियनशिप-2025 थाईलैंड के लिए वह एशियन गेम्स-2026 टोक्यो जापान के लिए तैयारी भी कर रहे हैं।
वीरांगना रानी अवंती बाई के शौर्य और साहस को नमन कर निकाली विशाल तिरंगा यात्रा

* अजयगढ़-धरमपुर अंचल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई वीरांगना की 193वीं जयंती
* रैली के दौरान रिमझिम बारिश में भी युवाओं में दिखा उत्साह, खोरा में मंचीय कार्यक्रम आयोजित
अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़-धरमपुर अंचल में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 193 वीं जयंती पर क्षेत्र के युवाओं के द्वारा राष्ट्रीय एकता भाईचारा सम्मेलन, तिरंगा यात्रा एवं विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया। बीते 21 दिनों तक चले वृहद पौधारोपण अभियान उपरांत शुक्रवार 16 अगस्त 2024 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार टिकुरहा ग्राम में क्षेत्रीय युवा एकत्र हुए जहां वीरांगना अवंती बाई और स्वामी ब्रह्मानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण कर क्षेत्रीय कलाकारों के द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में वीरांगना रानी अवंती बाई के शौर्य, अदम्य साहस और बलिदान को यादकर उनके पद चिन्हों पर चलने के युवाओं का आव्हान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के बाद तिरंगा यात्रा एवं वाहन रैली प्रारंभ हुई। इस दौरान रिमझिम बारिश में भी युवाओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। बारिश के बीच डीजे की धुन में झूमते नाचते हुए युवा आगे बढ़ते रहे। वाहन रैली का जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा, तिलक वंदन जलपान से स्वागत किया गया।
जयंती समारोह में रामजी दुल-दुल घोड़ी मंडली ने अपनी अनोखी कला की प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। तिरंगा यात्रा एवं वाहन रैली के खोरा ग्राम पहुँचने पर स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। कस्बा भ्रमण उपरांत विशाल रैली सामुदायिक भवन में पहुंची जहां निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर, पूर्व सैनिक एवं सरपंच राम शिरोमणि लोधी, डॉ. केपी राजपूत, पूर्व प्राचार्य रामकिशोर अहिरवार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी नंदपाल सिंह, मनोज प्रताप सिंह, चंद्रशेखर सिंह, संजय अहिरवार के द्वारा वीरांगना अवंती बाई लोधी और स्वामी ब्रह्मानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों के सम्मान उपरांत पूर्व सैनिक एवं ग्राम पंचायत दिया के सरपंच राम शिरोमणि लोधी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी नंदपाल सिंह लोधी, युवा नेता संजय कुमार, सेवानिवृत्ति प्राचार्य रामकिशोर अहिरवार, युवा नेता संजय अहिरवार एवं सामाजिक कार्यकर्ता शेख अंजाम ने लोगों को संबोधित करते हुए एकता भाईचारा एवं जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम की आयोजक टीम के सदस्यों राम सिंह लोधी, राजेश सिंह लोधी, रामधाम सिंह लोधी, चंदन सिंह लोधी, शुभम सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी, रोशन सिंह राजपूत, धर्मेंद्र सिंह राजपूत, रामपाल सिंह राजपूत, सतीश सिंह, विनय सिंह, संजय कुमार, रामकृष्ण गुड्डू, रतन सिंह, शुभकांत सिंह सरपंच, रजमन सिंह सरपंच, धीरेंद्र सिंह पूर्व बेटा जनपद सदस्य प्रतिनिधि, पप्पू सिंह लोधी, कौशल किशोर लोधी, दीपेंद्र सिंह राजपूत, दिनेश सिंह राजपूत, बीपी सिंह राजपूत, शिव कुमार सिंह, मलखान सिंह, अखिलेश सिंह, राहुल सिंह, अरविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, राज सिंह आदि को पुष्प माला से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड प्रचार बाबूलाल वर्मा ने की। मंच का संचालन शिक्षक चंद्रशेखर लोधी के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन संजय सिंह राजपूत ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे। इसी क्रम में अगला जिला स्तरीय कार्यक्रम 25 अगस्त को पन्ना में आयोजित किया गया है।
78वां स्वतंत्रता दिवस : कलेक्टर ने मुख्य समारोह में किया ध्वजारोहण, शान से लहराया तिरंगा

* जिले भर में उत्साह-उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया आजादी का महापर्व
पन्ना। देश का 78वां स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हर्षोल्लास के साथ गरिमामय तरीके से मनाया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन स्थानीय पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। ध्वजारोहण के पश्चात कलेक्टर श्री कुमार ने खुली जिप्सी में पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा के साथ परेड का निरीक्षण किया।

मुख्य अतिथि ने प्रदेश की जनता के नाम संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया और आकाश में गुब्बारे छोड़े। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा पुलिस बैण्ड की सुमधुर ध्वनि के बीच आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और प्रजातंत्र रक्षकों का सम्मान भी हुआ। मुख्य अतिथि ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परेड के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से पीटी का प्रदर्शन किया गया और सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा सामूहिक गीत का गायन किया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय सहित शहर के छः स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। सशस्त्र और गैर शस्त्र परेड का प्रदर्शन भी किया गया। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के सीनियर वर्ग में सीएम राइज स्कूल को प्रथम, शासकीय आरपी उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को द्वितीय और सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह जूनियर वर्ग में डायमंड पब्लिक स्कूल को प्रथम, महर्षि विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को द्वितीय और जवाहर नवोदय विद्यालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
होमगार्ड को परेड प्रदर्शन में प्रथम पुरुष्कार
मुख्य अतिथि द्वारा बेहतर परेड प्रदर्शन के लिए भी पुरस्कार वितरित किए गए। सशस्त्र बल परेड वर्ग में होमगार्ड की टुकड़ी को प्रथम, जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को द्वितीय और विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी सागर हॉल कैंप पन्ना को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह गैर शस्त्र परेड के सीनियर वर्ग में शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी टुकड़ी को प्रथम, उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को द्वितीय और छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी महिला टुकड़ी को तीसरा स्थान मिला, जबकि जूनियर वर्ग में शासकीय मनहर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रेड क्रॉस दल को प्रथम एवं गाइड दल को द्वितीय तथा डायमण्ड पब्लिक स्कूल के स्काउट दल को तृतीय स्थान मिला।
विशेष टर्नआउट श्रेणी के पुरुष्कार प्रदान किए

इसके अतिरिक्त विभिन्न शासकीय दायित्वों के निर्वहन में बेहतर कार्य के लिए भी अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान किया गया। जिला प्रशासन द्वारा पहली बार प्रारंभ किए गए विशेष टर्नआउट पुरस्कार की श्रेणी में उपनिरीक्षक सोनम शर्मा को प्रथम और छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी दल नायक लवली अहिरवार को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। सामूहिक पीटी प्रदर्शन के लिए भी सामूहिक रूप से व कार्यक्रम संचालन के लिए भी विशेष पुरस्कारों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण उपस्थित थे।
आजादी का पर्व अमर शहीदों के बलिदान और शौर्य के पुनर्स्मरण का दिन है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

* मुख्यमंत्री “आजादी का महापर्व” सांस्कृतिक संध्या में हुए शामिल
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य को पुन: स्मरण का दिन है। देश के वीर सपूतों ने मातृभूमि को अपने रक्त से सींचकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। रानी दुर्गावती, चंद्रशेखर आजाद, झांसी रानी लक्ष्मी बाई और पृथ्वीराज जैसे वीर बलिदानियों के शौर्य को सदैव स्मरण रखने की जरूरत है। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में पृथ्वीराज चौहान की वीरता, संघर्ष और विजय पताका का उदाहरण हमारे लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है। स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के बलिदान, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित पुस्तकें देश और प्रदेश के लिए बड़ा दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व के हमारे वीर शासकों ने नवीन तकनीक का उपयोग नहीं किया लेकिन आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देश के अभिमान को बचाए रखा। हमें समय की प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तकनीक का उपयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर रवींद्र भवन सभागार में आयोजित “आजादी का महापर्व” सांस्कृतिक संध्या को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति एवं पर्यटन धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी और प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुछाल और गायक पलाश मुछाल का स्वागत किया।
पुलिस बैण्ड ने देशभक्ति की कर्णप्रिय धुनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर बांधा समां

* “आजादी के रंग खाकी के संग” अभियान के तहत् पन्ना के गांधी चौक पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) देश की आजादी के महापर्व को पन्ना जिले में पुलिस के द्वारा बड़े ही उत्साह-उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार 13 अगस्त की शाम पन्ना नगर के हृदय स्थल गांधी चौक पर पन्ना पुलिस बैण्ड द्वारा देशभक्ति की अत्यंत मधुर और कर्णप्रिय धुनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इस कार्यक्रम का आयोजन “आजादी के रंग खाकी के संग” अभियान के तहत किया गया। विदित हो कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर 09 अगस्त से 15 अगस्त तक “आजादी के रंग खाकी के संग” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य देशवासियों को देश भक्ति की भावना से जोड़ना और उन्हें देश की आजादी के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
आजादी के महापर्व के उपलक्ष्य पर पुलिस अधीक्षक पन्ना साईं कृष्ण एस. थोटा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना आरती सिंह के मार्गदर्शन में जिले मे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार शाम शहर के गांधी चौक पर आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम में पन्ना पुलिस बैण्ड द्वारा लोकप्रिय देशभक्ति धुनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पुलिस बैण्ड ने एक से बढ़कर एक बेहद शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने के साथ देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत कर दिया।
पुलिस बैण्ड की सुमधुर प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि शहर के प्रमुख चौराहे पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक थमा गया। दरअसल, वहां से गुजरने वाले राहगीर कुछ मिनिट के लिए सड़क पर ही खड़े होकर पुलिस बैण्ड की संगीत प्रस्तुतियों का आनंद उठाते नजर आए। उक्त प्रस्तुति जिला पुलिस बल एवं विशेष सशस्त्र बल के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से दी गई थी। जिसमें मुख्य रूप से प्रधान आरक्षक गजेन्द्र बेन, हसन खान, बृजेश सेन, रघुराज धुर्वे, आर. जयहिंद सिंह, सोहन भिलाला, योगेन्द्र, शैलेन्द्र, विनोद, भूपेन्द्र, अंजनी, विनोद कुमार, अनित, राहुल शर्मा, राजेश मौर्य, महेश टिकरिया आदि जवान शामिल रहे।
आपातकाल में त्वरित चिकित्सकीय सेवाओं के लिए मरीजों को मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा

* प्रदेश में मऊगंज के गोविंदलाल को सर्वप्रथम सुविधा का लाभ
* पन्ना जिले के रामगोपाल को एयर एम्बुलेंस से किया गया एयरलिफ्ट
भोपाल। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार हर नागरिक को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा अधोसंरचना और चिकित्सकीय उन्नत तकनीक की व्यवस्था के साथ मैन पॉवर उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ आपातकाल में नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। आपात स्थिति में उचित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता से गंभीर पीड़ितों की जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।
उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मऊगंज के श्री तिवारी को गंभीर हार्ट अटैक की शिकायत में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा की आवश्यकता को संज्ञान में लिया। उन्होंने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को आसानी से सेवा मुहैया कराने के निर्देश दिये। वे इस विषय से जुड़े रहे ताकि मरीज़ और परिजनों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मरीज़ के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करते रहें। प्रदेश के पन्ना जिले में पूर्व खनिज निरीक्षक रामगोपाल तिवारी एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्राप्त करने वाले पन्ना के प्रथम मरीज बन गए हैं। सड़क दुर्घटना में श्री तिवारी के गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें खजुराहो एयरपोर्ट से भोपाल के लिए एयर लिफ्ट किया गया।
आपात स्थिति में मिलेगी सुविधा
पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा से प्रदेश में कहीं भी चिकित्सा आपात स्थिति उत्पन्न होने या चिन्हित विशेष प्रकार की चिकित्सा सुविधा या चिकित्सा विशेषज्ञों की आवश्यकता निर्मित होने पर कठिन भौगोलिक परिस्थिति में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचकर उन्नत आपातकालीन चिकित्सा द्वारा मरीजों को स्थिर कर उच्च चिकित्सा केन्द्रों तक एयर लिफ्ट किया जाता है। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा सड़कों एवं औद्योगिक स्थलों में होने वाले हादसों, प्राकृतिक आपदा में गंभीर पीड़ित, घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध करायेगी। हृदय सम्बंधित अथवा अन्य विभिन्न गंभीर बीमारियों जिसमें रोगी/ पीड़ित को तत्काल इलाज की आवश्यकता होने की स्थिति में मरीजों को अच्छे एवं उच्चतम चिकित्सा संस्थानों में त्वरित उपचार के लिये हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए 01 ‘हेली एम्बुलेंस’ एवं 01 ‘फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस’ का संचालन किया जा रहा है, जो कि प्रदेश के सभी जिलों एवं प्रशासनिक विभागों के नागरिकों की सेवा में तैनात हैं। एयर एम्बुलेंस में उ उच्च स्तरीय प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हमेशा तैनात रहती है।
दुर्घटना अथवा आपदा पीड़ित को होगी पात्रता

सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीड़ित को राज्य के अंदर एवं बाहर में निःशुल्क परिवहन किया जाएगा। आयुष्मान कार्डधारी के उपचार के लिये राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन किया जाएगा। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परिवहन जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस से परिवहन इमरजेंसी हेल्थ कंडीशन की स्थिति में किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा अनुशंसित चिकित्सालय तक ले जाने के लिए होगी। सशुल्क सेवा की स्थिति में सेवाप्रदाता एजेंसी को हेलीकाप्टर के लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,94,500 एवं फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस के लिये लिये प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से रूपए 1,78,900 का भुगतान करना होगा।
एयर एम्बुलेंस सुविधा के लिए नोडल अधिकारी
दुर्घटना/आपदा के प्रकरण में संभाग के अंदर पीड़ित को निःशुल्क परिवहन के लिये जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे तथा संभाग के बाहर जाने के लिये स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा दी जायेगी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर रोगी/ पीड़ित को संभाग के बाहर एयर एम्बुलेंस की स्वीकृति अधिष्ठाता की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त द्वारा तथा राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा दी जायेगी। अन्य समस्त सशुल्क परिवहन के प्रकरण में एयर एंबुलेंस की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्तर पर दी जायेगी।
चंदे का धंधा ! धार्मिक अनुष्ठान के लिए चंदा वसूली मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

* आशा कार्यकर्ता संघ और संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चंदा कर जुटाई थी बड़ी राशि
* आशा सुपरवाइजर ने कलेक्टर को आवेदन देकर खुद लगे आरोपों को निराधार बताया
* बोलीं- किसी भी कार्यकर्ता से नकद या मोबाइल बैंकिंग से नहीं ली चंदा राशि
पन्ना। (www.radarnews.in) आशा एवं आशा सहयोगिनी संघ तथा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना द्वारा संयुक्त रूप धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन हेतु की गई चंदा वसूली मामले ने तूल पकड़ लिया है। चंदा राशि के बंदरबांट की शिकायत के बाद अब इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कथित तौर चंदे के धंधे में चांदी काटने के आरोपों का सामना कर रहे दोनों ही कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के अपने-अपने तथ्य, तर्क और दावे हैं, जिनके आधार पर वह खुद को पाक-साफ़ बताते हुए दूसरे पर उंगली उठा रहे है। अब इसी क्रम में आशा संघ की पदाधिकारी एवं आशा सुपरवाइजर रुक्मणी प्रजापति का बयान आया है। उन्होंने, अपने ऊपर लगे आरोपों को पूर्णतः असत्य और निराधार बताया है। साथ ही अपने खिलाफ हुई शिकायत को भी फर्जी करार दिया है। आशा सुपरवाइजर का कहना है, मेरी छवि को धूमिल करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने इस सम्बंध में पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार को आवेदन पत्र देकर मामले की जांच करवाने की पुरजोर मांग की है।
उल्लेखनीय है कि, लोकसभा चुनाव के पूर्व राज्य सरकार के द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की गई थी। बहुप्रतीक्षित मांग के पूर्ण होने पर पन्ना जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ और आशा-ऊषा कार्यकर्ता संघ द्वारा संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित शिव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान (हवन-पूजन), भक्तिगीत-संगीत और भंडारे का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए दोनों ही कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा जिले भर में अपने साथी कर्मचारियों और संघ के सदस्यों से बड़े पैमाने पर चंदा वसूली की गई थी। विगत दिनों कुछ महिलाओं सावित्री लोध, शीला सिंह, रचना पटेल ने पन्ना कलेक्टर को आवेदन पत्र देकर चंदा वसूली करने वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे। कलेक्टर को दी गई शिकायत में बताया है कि अजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र के कीरतपुर मे पदस्थ आशा सुपरवाईजर रुक्मणी प्रजापति व अन्य के द्वारा जिले की आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं और आशा सुपरवाइजर पर कथित तौर पर दबाव बनाकर कार्यक्रम के धार्मिक आयोजन हेतु चंदा वसूली की गई। चंदा राशि से महज कुछ हजार रुपये धार्मिक आयोजन पर खर्च करके शेष बड़ी रकम का बंदरबांट कर लिया गया।

आशा सुपरवाइजर रुक्मणी ने खुद पर लगे आरोपों के संबंध 19 जून को कलेक्टर के नाम पर आवेदन पत्र देकर अपनी ओर वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। साथ ही मीडिया को आवेदन पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने धार्मिक आयोजन के नाम से जबरन चंदा वसूली के आरोपों को सरासर झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना है, मैनें धार्मिक अनुष्ठान में स्वेच्छापूर्वक तन-मन और धन से सहभागिता निभाई थी। लेकिन किसी से भी अपने बैंक खाते या मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से चंदा वसूली का एक पैसा भी नहीं नहीं लिया। जिसकी तस्दीक मेरे बैंक खाते और खाते के बैंक स्टेटमेंट की जांच से की जा सकती है। सुनियोजित साजिश के तहत व्यक्तिगत तौर पर मेरी छवि धूमिल करने एवं नौकरी से निकलवाने की मंशा से महिलाओं से फर्जी शिकायत कराई गई है। रुक्मणि का दावा है, शिकायती आवेदन पत्र में सावित्री’ लोध आशा कार्यकर्ता के हस्ताक्षर फर्जी है जिसकी पुष्टि स्वयं सावित्री लोध के द्वारा की गई है। आवेदन में अन्य जिन नामों का उल्लेख है जिले में उस नाम की कोई आशा कार्यकर्ता ही नहीं है।

रडार न्यूज़ से चर्चा में आशा सुपरवाइजर रुक्मणी प्रजापति ने धार्मिक अनुष्ठान के लिए सीमित स्तर पर चंदा होने की बात स्वीकार की है। लेकिन वह जोर देते हुए कहती हैं कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बताते चलें कि, चंदा वसूली को लेकर कलेक्टर से की गई शिकायत के साथ प्रमाण के तौर पर मोबाइल से राशि ट्रांसफर संबंधी दस्तावेज संलग्न किये गए थे। इस मामले की शिकवा-शिकायत के बाद भी अब तक आशा-ऊषा एवं आशा सहयोगिनी संघ तथा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना के जिम्मेदार पदाधिकारियों की ओर से आगे आकर कुल चंदा वसूली (आय) और व्यय की गई राशि का विवरण सार्वजानिक नहीं किया गया। उधर, स्वास्थ्य कर्मचारियों के कारनामे पर विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्हीएस उपाध्याय लगातार तमाशबीन बने हुए हैं। पूरे प्रकरण में सीएमएचओ की उदासीनता न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि इससे विभाग की बदनामी होने के साथ प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर अराजकता को बढ़ावा मिल रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि टीम गठित कर चंदा उगाही मामले की गहन जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विषय से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई लिंक को क्लिक करके खबर पढ़ें –
मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कर रही है हमला : एसकेएम
* प्रतिष्ठित लेखिका अरुंधति रॉय और शिक्षाविद शेख शौकत हुसैन पर यूएपीए लगाने की निंदा
* यूएपीए के दुरूपयोग पर संयुक्त किसान मोर्चा ने चिंता जताते हुए इसे समाप्त करने उठाई मांग
नई दिल्ली। प्रतिष्ठित लेखिका अरुंधति रॉय और शिक्षाविद शेख शौकत हुसैन पर 14 साल बाद यूएपीए के तहत केस दर्ज करने स्वीकृति दिए जाने की चौतरफा कड़ी आलोचना हो रही है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) इसे घिनौनी हरकत बताते हुए कहा, लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने देश में असहमति जताने वालों पर अवैध मुकदमा चलाना शुरू कर दिया है। इस बार तानाशाही का हथौड़ा प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति रॉय और कानून के पूर्व प्रोफेसर डॉ. शेख शौकत हुसैन पर गिरा है। 14 साल के अंतराल के बाद दोनों व्यक्तियों पर कठोर यूएपीए लगाया गया है। दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने 14 जून को दिल्ली पुलिस को 2010 में दर्ज एक एफआईआर पर कार्रवाई करने की मंजूरी दी है।
जबकि रॉय पर कश्मीर के बारे में ‘अलगाववादी भाषण’ देने का आरोप लगाया जा रहा है, हुसैन के मामले में ऐसा कोई बयान उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, पिछले 14 वर्षों में, हिंसा की कोई ऐसी घटना नहीं हुई है, जिसका कथित भाषण से संबंध हो। रॉय द्वारा दिए गए भाषण की सावधानीपूर्वक जांच से पता चलता है कि उन्होंने कश्मीर, पूर्वोत्तर और मध्य भारत सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में मौजूद लोकतंत्र की कमी को दर्शाया था। अपने भाषण में, उन्होंने लोगों से न्याय के पक्ष में रहने का और समाज के सबसे कमजोर वर्गों के लिए भी न्याय की अपील की है। इस प्रकार, यह एक सच्चे लोकतंत्र की स्थापना का आह्वान था, जहाँ लोगों को खतरे में रहने की ज़रूरत नहीं होगी।
एसकेएम ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में कहा है कि, हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में भले ही भाजपा एनडीए आकार में कटौती हुई है, फिर भी रॉय और हुसैन के मामले में यूएपीए लगाने से पता चलता है कि मौजूदा सरकार किसी भी असहमति को दबाने और उसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार देने की अपनी पुरानी नीति को जारी रखना चाहती है। इसी प्रकार, हमने देखा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भीमा-कोरेगांव मामले में झूठे आरोपों के साथ 16 प्रमुख बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं को जेल भेजा है। उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य जैसे छात्र कार्यकर्ता भी कई सालों से सलाखों के पीछे हैं। हमें यह भी याद रखना होगा कि पिछले साल न्यूज़क्लिक के संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था।
प्रसिद्ध भारतीय विद्वान और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक प्रोफेसर प्रोफेसर जीएन साईबाबा को यूएपीए के तहत 10 साल जेल में बिताने के बाद न्यायपालिका ने बरी कर दिया है, लेकिन उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है और इस तरह के अवैध कामों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस ने सार्वजनिक रूप से सत्ताधारी पार्टी से देश के विपक्ष का सम्मान करने को कहा है। रॉय और हुसैन पर यूएपीए के तहत प्रतिबंध लगने से तीन दिन पहले नागपुर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि लोकतंत्र में विपक्ष को विरोधी नहीं समझा जाना चाहिए और उनके विचार भी सामने आने चाहिए। ऐसे ऊँचे शब्द सराहनीय हैं, लेकिन तभी जब उनका कोई वास्तविक अर्थ हो। सच्चाई यह है कि आरएसएस न तो असहमति जताने वालों का सम्मान करता है और न ही विपक्ष का। रॉय और हुसैन को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के आगे बढ़ने पर उनकी खामोशी इसका सबूत है।
इस सरकार द्वारा विपक्ष पर हमला करने के लिए बनाया गया सबसे कठोर कानून यूएपीए है। यह स्पष्ट रूप से असंवैधानिक है और भारतीय लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार करता है। अतः इस कानून को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया जाना चाहिए। एसकेएम मांग करता है कि यूएपीए के तहत जेल में बंद सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए और यूएपीए को ही खत्म किया जाए। एसकेएम अरुंधति रॉय और डॉ. शेख शौकत हुसैन के साथ पूरी तरह से एकजुटता से खड़ा है।
दर्दनाक हादसा | ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चालक समेत 2 की मौत, आधा दर्जन से अधिक मजदूर घायल
* पन्ना-अमानगंज मार्ग पर पन्ना के समीप हुई भीषण सड़क दुर्घटना
* गंभीर रूप से घायल मजदूरों का इलाज पन्ना जिला चिकित्सालय में जारी
* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना
पन्ना। (www.radarnews.in) जिला मुख्यालय के नजदीक पन्ना-अमानगंज मार्ग पर 18-19 जून की दरम्यानी रात मझपहरा घाटी (अमानगंज घाटी) में ईंटों से लोड एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को पन्ना जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क दुर्घटना में श्रमिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है।






