छतरपुर। रडार न्यूज जिले का जिला सहकारी बैंक गत चार माह से सुर्खियों में है। ऑडिटर राजेंद्र यादव एवं आरके शर्मा को लोकायुक्त में पकड़े जाने का अभी मामला शांत नहीं कि बुधवार को महाप्रबंधक जेएस ठाकुर को 50 हजार की घूस लेते हुए दबोच लिया। पकड़े गए महाप्रबंधक ने एक संविदा कर्मचारी को परमानेंट करने के एवज में बैंक के महाप्रबंधक ने एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी । जिसे बुधवार को लोकायुक्त ने रंगे हाथो पकड़ लिया । छतरपुर में जिला सहाकारी बैंक में महाप्रबंधक के पद पर पदस्थ जे एस ठाकुर ने संविदा कर्मचारी संतोष कुशवाहा को परमानेंट करने के एवज में एक लाख रुपए बतौर रिश्वत मांगे थे। संतोष ने इस बात की शिकायत लोकायुक्त पुलिस सागर से की थी। लोकायुक्त पुलिस सागर निरीक्षक बी एम द्विवेदी अपनी पुलिस टीम के साथ 23 मई को छतरपुर पहुंचे। सहाकारी बैंक में पदस्थ जे एस ठाकुर को ने जैसे ही शिकायतकर्ता संतोष कुशवाहा से रिश्वत की राशि 50 हजार रुपए ली, तत्काल लोकायुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी करके महाप्रबंधक को रंगे हाथो दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस द्वारा बैंक में महाप्रबंधक को रंगे हाथो पकड़ने से बैंक में मौजूद अधिकारियो और कर्मचारियो के होश उड़ गए। लोकायुक्त पुलिस महाप्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है और भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत कार्यवाही कर रही है।
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन की टीम ने एक महिला पटवारी को 500 रूपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भूमि विक्रय का प्रतिवेदन और नक्शा बनाने के एवज में पटवारी रितु विरवैया ने ग्रामीण अशोक यादव से रिश्वत के रूप में 500 रूपये लिये थे। सागर संभाग के ही अंतर्गत आने वाले टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई ट्रेप कार्यवाई में भी एक पटवारी के ही पकडे़ जाने की खबर मिली है। लोकायुक्त पुलिस सागर के निरीक्षक बीएम द्विवेदी ने बताया कि नामांतरण से संबंधित एक प्रकरण में ढिल्ला हल्का के पटवारी जानकी सूत्रकार को 2000 रूपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लोकायुक्त एसपी सुनील कुमार तिवारी ने घूसखोर महिला पटवारी की गिरफ्तारी के संबंध में बताया कि सेमाढाना निवासी अशोक यादव ने जमीनी बेंचने के लिए जैसी नगर तहसील के हल्का नम्बर 170 की पटवारी रितु विरवैया से भूमि का नक्शा बनवाने और प्रतिवेदन प्रदान करने के लिए आवेदन किया था। इसके एवज में महिला पटवारी द्वारा अशोक से 500 रूपये की रिश्वत की मांग की गई। इसकी शिकायत ग्रामीण ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में की। योजनाबद्ध तरीके से अशोक को 500 रूपये देकर पटवारी के घर भेजा गया। पूर्व चर्चानुसार अशोक ने जैसे ही 500 रूपये दिये तभी लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर पटवारी रितु को रंगे हाथों गिरफतार कर लिया। रिश्वत के रूप में ली गई राशि जब्त करते हुए जब पटवारी के हाथ धुलवाये गये तो गुलाबी हो गये। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस संगठन ने महिला पटवारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है।
टीकमगढ़ में दो हजार की रिश्वत लेते पकड़ा पटवारी-
टीकमगढ़ जिले की पृथ्वीपुर तहसील के ग्राम मानपुरा, भेलसा के संतोष यादव से रजिस्ट्री का नामांतरण करने एवज में 2000 रूपये की रिश्वत लेते ढिल्ला हल्का के पटवारी जानकी सूत्रकार को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है। यह कार्रवाई तहसील के सामने स्थित पटवारी के किराये के मकान में की गई है। पूर्व चर्चानुसार संतोष यादव ने पटवारी के आवास में पहुंचकर जैसे ही उसे 2000 रूपये दिये तभी लोकायुक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने मेपकास्ट की निजी विश्वविद्यालय के कुलपतियों की इंटरएक्शन बैठक को संबोधित किया।
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) और प्रदेश स्थित निजी विश्वविद्यालय प्रदेश के हित में रिसर्च को प्रोत्साहित करें। राजस्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यहा बात मेपकास्ट और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की इंटरएक्शन बैठक में कही। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति-प्रतिनिधि शामिल हुए। श्री गुप्ता ने कहा कि बैठक को सिर्फ चर्चा तक ही सीमित नहीं रखें। चर्चा के बाद निकलने वाले निष्कर्षों को कार्यरूप में परणित करने के भी प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करें। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए विषय निर्धारित किये जायें। बैठक में मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा और विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश पाण्डेय ने भी विचार व्यक्त किये। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने रिसर्च के लिए अनुदान और प्रोजेक्ट निर्माण आदि के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लाल सिंह आर्य ने नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की।
राज्य मंत्री श्री आर्य ने की नर्मदा घाटी पुनर्वास कार्यों की समीक्षा
भोपाल। रडार न्यूज नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं से संबंधित पुनर्वास कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लाल सिंह आर्य ने निर्देश दिये हैं कि पुनर्वास स्थलों पर मानसून पूर्व सभी सुविधाएँ सुदृढ़ करें। श्री आर्य ने पुनर्वास कार्यों की जिलेवार जानकारी ली। बैठक में जानकारी दी गई कि सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार 60 लाख रूपये की पात्रता वाले 92 प्रतिशत परिवारों को धन राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रति परिवार 15 लाख रुपये की पात्रता वाले परिवारों में से 93 प्रतिशत परिवारों को भुगतान किया जा चुका है। राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने पुनर्वास स्थलों पर पुल-पुलिया पहुँच मार्गों के निर्माण की स्थिति की समीक्षा करते हुये कहा कि जो कार्य चल रहे हैं, उन्हे गति देकर मानसून पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाये। सरदार सरोवर परियोजना जलाशय क्षेत्र के मछुआरों को जलाशय से मत्स्याखेट करने के लिये आवश्यक प्रावधान किया जाये। श्री आर्य ने सरदार सरोवर परियोजना पुनर्वास स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा भी की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि परियोजना के 35 पुनर्वास स्थलों को सीधे नर्मदा से उद्वहन पेयजल योजनाओं द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा। इसके लिये एजेन्सी का निर्धारण हो गया है और कार्य आरम्भ हो चुका है। समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय पुनर्वास आयुक्त सरदार सरोवर परियोजना प्रबल सिपाहा, संचालक पुनर्वास संजय गुप्ता, सदस्य अभियांत्रिकी आरपी मालवीय तथा विभिन्न जिलों से आये पुनर्वास अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य जैव विविधता बोर्ड ने अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य मछली महाशीर संरक्षण के लिए खरगौन जिले के बड़वाह वन मंडल को पुरस्कृत किया।
पहली बार राज्य स्तरीय जैव विविधता पुरस्कार वितरित
भोपाल। रडार न्यूज अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने जैव विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने की नई पहल की है। बोर्ड ने आज इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शासकीय-अशासकीय संस्थान, व्यक्ति और जैव विविधता वाले विभागों को राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार योजना-2018 के तहत पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव वन केके सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख रवि श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का संचालन बोर्ड के सदस्य सचिव आर श्रीनिवास मूर्ति ने किया।
एक छात्र एक पौधा लगायें अभियान के प्रमुख पुरस्कृत
अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने एक छात्र एक पौधा लगाए अभियान के पं. उदित नारायण शर्मा को पुरस्कृत किया।
व्यक्तिगत श्रेणी में छिन्दवाड़ा के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवा निवृत्त शिक्षक पं. उदित नारायण शर्मा को प्रथम पुरस्कार के रूप में 3 लाख रूपये, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। श्री शर्मा पिछले 38 सालों से एक छात्र एक पौधा लगाये अभियान का संचालन कर रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं में पर्यावरण जैव विविधता एवं जल संरक्षण जागरूकता के लिये वह अनवरत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हरियाली गीत माला की भी रचना की है।
डॉ. कनोजिया ने भोपाल में विकसित किया वन
व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. डीपी कनोजिया को भोपाल की आवासीय कालोनी रचना नगर में साल, सागौन, शीशम, हर्रा, बहेड़ा, अचार, महुआ, गूलर, पाखर, पीपल, नीम आदि के 60 से अधिक पौधे रोपने के लिये 2 लाख रूपये के द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. कनोजिया पौधों से वृक्ष में तब्दील हो चुके पेड़ों की पिछले 20 सालों से नियमित सिंचाई और सुरक्षा कर रहे हैं। वहीं शासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन जिले के वन मण्डल बड़वाह को मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर के संरक्षण एवं संवर्धन कर कृत्रिम प्रजनन द्वारा संख्या बढ़ाने के लिये द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
मटकुली की जैवविविधता प्रबंधन समिति पुरस्कृत
जैव विविधता प्रबंधन समिति श्रेणी में एक लाख रूपये का पुरस्कार होशंगाबाद जिले की जैव विविधता प्रबंधन समिति मटकुली को दिया गया। समिति द्वारा जैव विविधता से आजीविका को जोड़ते हुए लेंटाना से फर्नीचर निर्माण, पॉलीथीन के स्थान पर नॉन वोवेन बेग बढ़ावा देने, पौधरोपण, गर्मियों में पक्षियों के लिये दाना-पानी इंतजाम और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता के काम किये जा रहे है।
खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट प्रथम पुरस्कार-
अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अशासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को 3 लाख रूपये प्रशंसा पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। ट्रस्ट वर्ष 1999 से बारह एकड़ बंजर भूमि पर वृक्षारोपण, वॉटरशेड प्रबंधन, जैविक खेती, ड्रिप इरीगेशन और केचुआ खाद निर्माण कर जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र का विकास कर रहा है। ट्रस्ट ने क्षेत्र में जैव संसाधनों के संवहनीय उपयोग के लिये विविध प्रयास किये हैं।
मुरैना की समाजसेवी संस्था को द्वितीय पुरस्कार-
अशासकीय संस्थागत क्षेणी में दो लाख रूपये का द्वितीय पुरस्कार मुरैना के सुजाग्रति समाज सेवी संस्था को दिया गया। संस्था पिछले 15 सालों से जैव विविधता संरक्षण, संवर्धन, वृक्षारोपण के साथ विशेष रूप से चम्बल क्षेत्र में संकटग्रस्त औषधीय प्रजाति गुग्गुल के संरक्षण और संवर्धन के कार्य कर रही हैं।
अदभुत चित्रकारी करने वाले विद्यार्थी पुरस्कृत-
अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह ने राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
बोर्ड द्वारा जैव विविधता संरक्षण एवं संवंर्धन के प्रति स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिये गत् 12 मई को श्जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता एवं मानव अस्तित्वश् विषय पर चार श्रेणी में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 1 से 5 तक की श्रेणी में शीतल गुप्ता, निरंजन थापा और तनीषा डोंगरे को क्रमशरू प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 6 से 8 तक की श्रेणी में कार्तिक शर्मा को प्रथम, प्रियल जैन को द्वितीय, मीत चावला को तृतीय, कक्षा 9 से 12 तक श्रेणी में रिचा शाक्य को प्रथम अन्तरिक्ष सेठिया को द्वितीय और आयुष विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 12 से ऊपर की श्रेणी में विजय गहरवार को पहला, साबिर हलीम को दूसरा और शुभम वर्मा को तीसरा पुरस्कार मिला।
जैव विविधता दिवस के 25 वर्ष हुए पूरे-
अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के 25 साल पूरे होने पर इस बार संयुक्त राष्ट्र के निर्णयानुसार 25 साल – जैविक विविधता सम्मेलन – पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में इस अवसर पर कार्यशाला, सेमिनार, बैठक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान मुख्य संरक्षक शाहबाज अहमद, राजेश श्रीवास्तव, एमके सप्रा, जेके मोहन्ती, सुधीर कुमार, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निर्देशक डॉ. पंकज श्रीवास्तव सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विद्यार्थी उपस्थित थे। आभार डॉ. बकुल लाड ने प्रकट किया।
एमपी में 5,987 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एमपीआरडीसी के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न
भोपाल। रडार न्यूज केन्द्र सरकार की भारतमाला योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 5 हजार 987 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इस योजना में भोपाल-इंदौर 6 लेन एक्सप्रेस-वे और भोपाल बायपास की स्वीकृति भी दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बीपी सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चैहान ने निर्देश दिये कि सड़क निर्माण के कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में पूरे किये जायें।
जिला मार्गों का होगा उन्नयन-
बैठक में बताया गया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से प्रदेश के 1487 किलोमीटर राज्य राजमार्गों तथा 2365 किलोमीटर मुख्य जिला मार्गों का उन्नयन किया जायेगा। इसमें 6 हजार करोड़ रूपये व्यय किये जायेंगे। प्रदेश में सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा 13 हजार 166 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई गई हैं तथा 5 हजार 51 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का कार्य चल रहा है। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण इसी वर्ष अक्टूबर माह तक पूरा हो जायेगा। देवास बायपास का निर्माण कार्य चल रहा है। दमोह-जबलपुर और सागर-दमोह मार्ग की क्षमता वृद्धि और 2 लेन के प्रस्ताव बनाये जायेंगे।
सीएसआर पर खर्च होगें एक करोड़-
निगम द्वारा गत वर्ष कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी गतिविधि के तहत करीब एक करोड़ रूपये के कार्य किये गये हैं। इस वर्ष भी निगम द्वारा इतनी ही राशि से कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी गतिविधि के तहत किये जायेंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन केके सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण मोहम्मद सुलेमान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव खनिज नीरज मण्डलोई और सड़क विकास प्राधिकरण के प्रबंध संचालक डीपी आहूजा भी उपस्थित थे।
वन कर्मचारी संघ ने किया 24 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
पन्ना। रडार न्यूज पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों की तरह वेतन-भत्तों की मांग कर रहे वन कर्मचारी संघ की सरकार से वार्ता बेनतीजा रहने पर मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने 24 मई 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निणर्य लिया है। इस प्रांतव्यापी आंदोलन के तहत पन्ना में भी वन कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है। वन कर्मचारियों की हड़ताल इस बार ऐसे समय पर हो रही जब प्रदेश के कई जिलों में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है, जिसमें पन्ना भी शामिल है।
महीप कुमार रावत, जिलाध्यक्ष, वन कर्मचारी संघ पन्ना
वन कर्मचारी संघ पन्ना के अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने बताया कि 20 मई को भोपाल में हुई बैठक में लंबित मांगों के निराकरण को लेकर हड़ताल पर जाने के सामुहिक निर्णय से सभी वन कर्मचारियों को तत्परता से अवगत कराते हुए उनसे यह कहा गया था कि वे तेंदूपत्ता संग्रहण परिदान को तत्काल क्रेता को सौंप दें, ताकि उनके ऊपर किसी तरह की कोई जबाबदारी न रहे। ऐसा इस लिए कहा गया क्योंकि हड़ताल पर जाने की स्थिति में परिदान में कमी या गड़बड़ी होने के आरोप लगाकर वनकर्मियों से बाद में रिकवरी की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि वनकर्मियों के हड़ताल पर जाने से पन्ना सहित समूचे प्रदेश में बाघों, दूसरे वन्यप्राणियों और जंगलों की सुरक्षा कौन करेगा, यह महत्वपूर्ण सवाल फिलहाल अनुत्तरित है। शासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए क्या प्रबंध किये गये इसकी कोई जानकारी नहीं है। वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत ने 24 मई से प्रस्तावित हड़ताल के प्रभाव के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की हड़ताल आर-पार के संघर्ष जैसी होगी। जिसका व्यापक असर आने वाले दिनों में देखा जायेगा। दरअसल वर्तमान में तेंदूपत्ता संग्रहण के साथ-साथ संग्राहकों को बोनस वितरण और चरण पादुका आदि सामग्री वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं, हड़ताल शुरू होने पर उक्त सभी कार्य पूरी तरह ठप्प हो जाएगें। इसके अलावा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों को पानी की आपूर्ति भी बाधित होगी। श्री रावत ने बताया कि प्रदेश वन कर्मचारी संघ की बैठक में हड़ताल की रूपरेखा को लेकर यह निर्णय लिया गया है कि इस बार हड़ताल तभी समाप्त होगी, जब सरकार की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि हमारे मंच पर आकर लंबित मांगों का समयसीमा में निराकरण करने का आश्वासन देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी जायज मांगे जब तक पूरी नहीं होती, तब तक हम एकजुटता के साथ संघर्ष करते रहेंगे।
चित्र में राजीव गांधी के बायीं ओर खड़े दमोह-पन्ना के तत्कालीन सांसद डालचंद जैन और उनके ठीक बाजू में खड़े कांग्रेस नेता राममिशोर मिश्रा।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 27वें शहीदी दिवस पर ‘विशेष’
पन्ना। रडार न्यूज सोमवार 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 27वें शहीदी दिवस पर देशभर में लोगों ने उनका पुण्य स्मरण करते हुए श्रृद्धांजलि दी गई। आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा और संचार क्रांति के अग्रदूत कहलाने वाले राजीव गांधी की आज के ही दिन वर्ष 1991 में तमिलनाडू के श्रीपेरंबदूर में भीषण बम धमाके में हत्या कर दी गई थी। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के वयोवृद्ध कांग्रेसी रामकिशोर मिश्रा ने अपने प्रिय नेता को याद करते हुए एक पुराना फोटो फेसबुक पर शेयर किया है। जिसे खूब पसंद किया जा रहा है। इस फोटो में वे तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ खड़े नजर आ रहे है। वर्ष 1987 में ली गई यह फोटो नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास के लाॅन की है। जिसमें राजीव गांधी पन्ना जिले के प्रतिनिधि मण्डल से भेंट कर रहे है। इस फोटो में दमोह-पन्ना संसदीय क्षेत्र के तत्कालीन सांसद व अपने जमाने के मध्यप्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता रहे डालचंद जैन श्री गांधी के ठीक बाजू में खड़े है। दरअसल उस समय पन्ना जिले की समस्याओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराने के लिए क्षेत्रीय सांसद डालचंद जैन के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली गया था। जिसमें रामकिशोर मिश्रा के अलावा एडवोकेट परशुराम गर्ग, भास्कर दीक्षित व डाॅ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के छात्र संघ अध्यक्ष भी शामिल रहे। श्री मिश्रा ने राजीव गांधी से अपनी यादगार मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उस समय दिल्ली का मौसम थोड़ा सर्द था। देश के प्रधानमंत्री और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से अपनी भेंट को लेकर उत्साहित हम सभी लोग ठीक 11 बजे प्रधानमंत्री आवास पहुंच गये। जहां हमें स्वागत् कक्ष में बैठाया गया। कुछ समय बाद एक कर्मचारी आया और उसने हम लोगों से लाॅन में चलने को कहा। जहां पहले से चंद लोग मौजूद थे। श्री मिश्रा बताते है कि राजीव जी से मुलाकात का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा था कि हमारी धड़कने तेज होने लगी थी। हमारे लिए यह अनुभव अविश्वासनीय-अकल्पनीय और अद्भुद था, कि हम प्रधानमंत्री आवास के अंदर खड़े है और चंद कदम की दूरी पर भवन के अंदर राजीव जी मौजूद है। हम अपनी भावनाओं को संभाल पाते कि तभी सामने की ओर से प्रधानमंत्री राजीव गांधी के रूप में रियल हीरो की इंट्री होती है। फिर क्या था उनके आकर्षक व्यक्तित्व और सौम्य मुस्क्रुराहट को लाॅन में मौजूद लोग कुछ समय के लिए बस देखते ही रह गये। राजीव जी ने सभी का अभिवादन किया। फिर एक-एक करके बड़ी ही सहजता, शालीनता और पूरे धैर्य के साथ लोगों से मिलते हुए उनकी बातें सुनने लगे। थोड़ी देर बाद राजीव जी जब हमारे पास आये तो हम लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनसे सीधे मुखातिब होना, उनके साथ खड़ा होना हमारे लिए किसी सपने का सच होने जैसा था। उनकी सरलता, विनम्रता और आत्मीयता देख यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि हम देश के प्रधानमंत्री के साथ खड़े है। कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा का कहना है कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार लम्हा था। जिसके बारे में सोचकर वे आज भी रोमांचित हो उठते है। श्री मिश्रा ने बताया कि प्रतिनिधि मण्डल के नेतृत्वकर्ता के नाते सांसद ‘दादा‘ डालचंद जैन ने हम लोगों का प्रधानमंत्री से परिचय कराया और फिर पन्ना की समस्याओं के संबंध में अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा। बात चल ही रही थी कि इस बीच मैंने राजीव जी से मुखातिब होते हुए कहा कि हमारे लिए यह क्षण अविस्मर्णीय है, हमारा सौभाग्य है कि हम देश के हीरे से मिल रहे है। इतना सुनते ही राजीव जी ने मुस्कुराते हुए कहा – ‘‘मैंने तो सुना है कि हीरे सिर्फ पन्ना में है। पन्ना में मिलने वाले हीरे नायाब होते है, जिनकी प्रसिद्धी तो पूरे दुनिया में है‘‘। देश के प्रधानमंत्री के इस शानदार जवाब ने पन्ना जिले के प्रतिनिधि मण्डल को और अधिक गर्व से भर दिया। श्री मिश्रा कहते है कि हीरों से जुड़ी पन्ना की पहचान पर हम सबको नाज है। शायद यही वजह है कि प्रधानमंत्री के मुंह से पन्ना की तारीफ में निकले शब्द आज भी उनके कानों में गूंज रहे है। उनका मानना है कि आज यदि राजीव गांधी जीवित होते तो निश्चित ही पन्ना जिले को वह मुकाम हांसिल होता जिसका वह हकदार है। बताते चलें कि पन्ना जिले के वयोवृद्ध कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा उन चुनिंदा नेताओं में शामिल है जोकि नेहरू-गांधी परिवार की चैथी पीढ़ी के नेतृत्व में पार्टी में सक्रिय है। उन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में हुए स्वतंत्रता संग्राम के उस ऐतिहासिक संघर्ष के अंतिम दिनों को देखा है। उनका मानना है कि राजीव गांधी को नियति के क्रूर हाथों ने यदि हमसे छीना नहीं होता तो आज भारत देश दुनिया का नेतृत्व कर रहा होता। संचार-सूचना क्रांति और तकनीक के मामले में हम विश्व में अग्रणी होते। श्री मिश्रा का कहना है कि राजीव गांधी उस व्यक्तित्व का नाम है जिसमें पण्डित जवाहर लाल नेहरू की दूरदृष्टि व इंदिरा गांधी की तरह जनहित-राष्ट्रहित से जुड़े फैसले लेने तथा उन्हें लागू करने में दृढ़ता-प्रतिबद्धता का गजब का समन्वय था।
मंदिर के कर्मचारियों ने छीनी सोने की चेन, पुलिस ने किया मामला दर्ज
भुवनेश्वर, एजेंसी। ओड़िशा के जगन्नाथपुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ के विश्व प्रसिद्ध मंदिर के परिसर में वहां के कर्मचारियों द्वारा एक भक्त के साथ मारपीट करने और सोने की चेन छुड़ाने का मामला सामने आया है। यह अप्रत्याशित घटना रविवार की है। पीड़ित चेतन जी का आरोप है कि मंदिर में ज्यादा चढ़ोत्री चढ़ाने मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। चेतन ने बताया कि जब हम वहां के कर्मचारियों द्वारा मांगे गए रूपयों को देने से इनकार करते हैं, तो हमें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस अधिकारी गोकुल रंजन दास ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे चेतन ने कहा- कितनी चढ़ोत्री चढ़ानी है यह भक्त की श्रद्धा पर निर्भर करता है। लेकिन, वे हमें अधिक से अधिक देने के लिए मजबूर करते हैं। पुलिस में की गई शिकायत में बताया गया- पंडितों को उनकी सेवा के लिए वेतन मिल रहा है लेकिन वे देवताओं के दर्शन के नाम पर भक्तों से भारी भरकम राशि मांगते हैं। खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र के ठाणे के निवासी चेतन जी। अमोलकर ने सिंहद्वार में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मंदिर परिसर में सेवकों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। ओड़िशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर के कर्मचारियों ने एक भक्त की पिटाई कर उसकी सोने की चेन छीन ली। पुलिस ने बताया कि घटना उस वक्त हुई जब भक्त ने प्रार्थना के लिए भारी चढ़ावा चढ़ाने से इनकार कर दिया।
चोरी के संदेह पर फैक्ट्री के मालिक ने महिलाओं को भी पीटा
जिग्नेश बोले दलितों के लिए सुरक्षित नहीं है गुजरात
राजकोट, एजेंसी। गुजरात के राजकोट में एक 40 वर्षीय दलित व्यक्ति को लोहे की राॅड से पीट-पीटकर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के मालिक ने चोरी के आरोप में दलित की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। गुजरात के युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने दलित की बेरहमी से पिटाई के वीडियो सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है। गुजरात के राजकोट में एक फैक्ट्री मालिक पर दलित को पीट पीटकर मार डालने का आरोप लगा है। वायरल हो रहे वीडियो में दलित युवक को दीवार से बांधकर कुछ लोग बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक ने पीड़ित को बांधकर रस्सी से पकड़ा है और दूसरा व्यक्ति लोहे के रॉड से उसकी पिटाई कर रहा है। बाद में फैक्ट्री का मालिक आता है और दलित की पिटाई कर रहे युवक के हाथ से रॉड लेकर खुद बेरहमी से दलित को पीटने लगता है।
महिलाओं को भी जानवरों की तरह पीटा-
पीड़ित का नाम मुकेश वान्या है। वीडियो सामने आने के बाद शापर वेरावल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक अखबार को बताया कि मुकेश वान्या 40 वर्ष, उसकी पत्नी और सविता नाम की एक अन्य महिला फैक्ट्री परिसर में कचरा बीन रहे थे तभी फैक्ट्री के कर्मचारियों ने उन पर हमला कर दिया। शापर के पीएसआई रमेश सिंधू ने बताया कि, कर्मचारियों ने दोनों महिलाओं को बेल्ट से पीटकर भगा दिया। इसके बाद वान्या को रस्सी से बांधकर लोहे के रॉड से उसकी पिटाई की। जानकारी के मुताबिक, कुछ देर में दोनों महिलाएं अपने रिश्तेदारों के साथ वान्या को छुड़ाने के लिए आईं। राजकोट सिविल अस्पताल ले जाते समय वान्या की मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों को बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही वान्या को मृत्यु हो गई थी।
परिजनों ने किया शव लेने से इंकार-
पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वान्या के परिजनों ने डेड बॉडी लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक तीनों आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक वह वान्या का शव लेकर नहीं जाएंगे।
‘‘गुजरात इज नॉट सेफ फॉर दलित‘‘-
युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने अपने ट्विटर हैंडल से वान्या की पिटाई के वीडियो को ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, इन अनुसूचित जाति के मुकेश वान्या की राजकोट में फैक्ट्री मालिकों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी। मेवाणी ने लिखा है, उनकी पत्नी को भी बुरी तरह से पीटा गया। उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा है ‘‘गुजरात इज नॉट सेफ फॉर दलित‘‘।
ऊना में भी हुई थी इसी तरह बर्बरता –
मालूम हो कि गुजरात के ऊना में वर्ष 2016 में भी दलितों के साथ बर्बरता की गई थी। तब कथित गौरक्षकों द्वारा दलितों की पिटाई करने का वीडियो सामने आया था। जिसके बाद पूरे देश में इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई थी। कुछ दिन पहले खबर आयी थी कि ऊना कांड के 4 पीड़ितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का ऐलान किया है। पीड़ित वशराम सर्वइया ने कहा कि केवल वह ही नहीं बल्कि अत्याचार के शिकार बाकी लोगों को भी बौद्ध धर्म अपनाने को कहेंगे।