पिकअप वाहन पलटने से 4 की मौत, 26 गंभीर घायल
नई बहू की विदा कराकर मालवाहक से वापिस लौट रहे थे आदिवासी
मातम में बदली विदाई की खुशियां, घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल
पन्ना। रडार न्यूज बुन्देलखण्ड का पचमड़ी कहलाने वाले पन्ना के कल्दा पठार में बुधवार 16 मई को दोपहर करीब 12 बजे चांपा मोड़ के समीप यात्रियों से खचाखच भरा एक तेज रफतार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। पिकअप चालक की घोर लापरवाही के कारण हुए इस दर्दनाक हादसे में चार व्यक्ति असमय कालकवलित हो गये। जबकि 26 लोगों को चोटें आई हैं। नई-नवेली बहू की विदाई (गौना) कराकर वापिस लौटते समय हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद से कल्दा-श्यामगिरी पठार क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल है। दूरस्थ पठारी इलाके में हुए सड़क हादसे के घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र सलेहा एवं पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दोनों ही जगह घायलों का उपचार जारी है। हादसे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पोसी निवासी आदिवासी परिवार अपनी बहू की विदाई कराकर कल्दा पठार से पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-21-जी-2088 में सवार होकर खुशी-खुशी वापिस घर लौट रहा था। तभी रास्ते में कल्दा-श्यामगिरी मार्ग पर चापा मोड़ के समीप अचानक पिकअप वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गड़ारी का संतुलन बिगड़ गया जिससे तेज रफतार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे इस तहर पलटा कि वह चारों खाने चित्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चींख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि पिकअप में पीछे बैठे कई यात्री इसके नीचे दब गये और कई लोग दूर-दूर तक जा गिरे। जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को उपचार हेतु पन्ना लाते समय उनमें से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि दूसरे घायल का इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय पन्ना में दुखांत हो गया। समाचार लिखे जाने तक पिकअप वाहन पलटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई और 26 यात्री घायल बताये जा रहे है। मृतकों में भैया लाल आदिवासी पिता कड़ोरा आदिवासी 60 वर्ष, पचोला आदिवासी पिता निर्पत आदिवासी 75 वर्ष, नरेश आदिवासी पिता लालमणी आदिवासी 30 वर्ष तीनों निवासी ग्राम पोसी एवं कुल्लन आदिवासी 40 वर्ष निवासी मगरपुरा शामिल है।
महिलाएं और बच्चे भी शामिल –
पिकअप हादसे के घायलों में मुख्य रूप से कल्लू आदिवासी 70 वर्ष, रामा आदिवासी 50 वर्ष, रामनाथ आदिवासी 50 वर्ष, राजेश आदिवासी 12 वर्ष, शिव आदिवासी 18 वर्ष, अभिषेक 8 वर्ष, राहुल 8वर्ष, मोहित आदिवासी, रवि आदिवासी 12 वर्ष, संदीप आदिवासी 7 वर्ष, लल्ली आदिवासी 12 वर्ष, बाबूलाल 70 वर्ष, तेजबाई आदिवासी 22 वर्ष, सोनेलाल आदिवासी 12 वर्ष, कुंजीलाल 48 वर्ष, रतन लाल, दयाराम 50 वर्ष, मंत्री आदिवासी 40 वर्ष, सुखबीर आदिवासी 10 वर्ष, बाबूलाल 35 वर्ष और वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गडा़री शामिल है। सभी घायलों के हाथ-पैर ,सिर में गंभीर चोट आईं हैं। घायलों का प्राथमिक उपचार सलेहा प्राथमिक स्वास्थ्य में डॉक्टर अजय अजय चैधरी द्वारा किया गया। तत्पश्चात गंभीर घायलांे को समुचित उपचार हेतु एम्बूलेंस तथा निजी वाहनों से तत्परता से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर किया गया। सड़क हादसे के मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हेतु सलेहा में रखा गया है। लोगों का मानना है दूरस्थ पठारी इलाके में हुऐ इस भीषण सड़क हादसे के गंभीर घायलों को यदि तत्परता से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। हालांकि इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य को लेकर तुरंत सक्रिय हो गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल, गुनौर एसडीएम अभिषेक ठाकुर, गुनौर एसडीओपी बीएस धुर्वे ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों एवं घटनास्थल का जायजा लिया।
घायलों को देखने पहुंचे कमिश्नर-
शाहनगर के श्यामगिरी मोड़ पर हुई दुःखद घटना के घायलों से मिलने सागर संभाग के संभागायुक्त मनोहरलाल दुबे, पुलिस महानिरीक्षक सतीश कुमार सक्सेना, कलेक्टर मनोज खत्री एवं जिला पंचायत सीईओ गिरीश मिश्रा जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों को आश्वासन देते हुए जिला चिकित्सालय की टीम को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे। इस घटना में गंभीर रूप से घायल पुरूषोत्तम आदिवासी को मेडिकल काॅलेज रीवा रिफर किया गया है। जबकि शेष घायलों को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती किया गया है। यह सभी जुगरवारा पंचायत के पोसी गांव के निवासी हैं। कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि इस हादसे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के व्यक्ति सहानुभूति प्रकट की है। मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता और गंभीर घायलों को 25-25 हजार रूपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई।
एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी-
आदिवासी समाज में शादी के एक वर्ष बाद बहू का गौना (विदाई) होने की परम्परा चली आ रही है। फलस्वरूप बहू का गौना कराने ग्राम पोसी के आदिवासी अपने रिश्तेदारों के साथ मालवाहक पिकअप वाहन में सवार होकर 15 मई को कल्दा आये थे। आदिवासी परम्पराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में पूरी होने पर बहू को लेकर पिकअप वाहन से बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे पोसी के आदिवासी रवाना ही हुए थे कि थोड़ी ही देर बाद आई भीषण हादसे की दुःखद खबर से विदाई की खुशियां मातम में बदल गईं। इस हादसे की खबर जब लड़की तेज बाई के परिजनों को लगी तो हा-हाकार मच गया। थोड़ी ही देर में यह दुःखद समाचार जंगल की आग की तरह पूरे पठारी इलाके में फैल गया। जिससे देखते ही देखते घटना स्थल पर सैकड़ों लोग जमा हो गये।








र श्री खत्री द्वारा सुबह-सुबह लोकपाल सागर पहुंचकर गहरीकरण कार्य का पहाड़कोठी में चल रहे कुड़िया नाला नहर निर्माण का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेन्सी प्रमुख कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग पन्ना को लोकपाल सागर तालाब में जलभराव बढ़ाने के लिए कुडिया नाला डायवर्जन का कार्य 10 दिन के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि इस प्रचीन तालाब के गहरीकरण कार्य में नगरवासी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है। अब तक गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए अपनी ओर से आर्थिक सहयोग और मशीनरी उपलब्ध कराई है। लोकपाल सागर तालाब पन्ना शहर की आधी से अधिक आबादी की पेयजल और निस्तार हेतु पानी की जरूरत को पूरा करता है। इसके अलावा पन्ना के समीपी करीब दर्जनभर गांवों के किसान इस तालाब के पानी से अपने खेतों की सिंचाई करते है। झीलनुमा लोकपाल सागर को भरने के लिए बनी किलकिला फीडर नहर के दोनों तरफ जबरदस्त अतिक्रमण होेने तथा नहर के ध्वस्त हो जाने के कारण बारिश का पानी इसमें नहीं पहुंच पा रहा है। परिणामस्वरूप पिछले दो दशक से भी अधिक समय से लोकपाल सागर तालाब में निर्धारित क्षमता तक जलभराव न होने के कारण अल्पवर्षा की स्थिति में किसानों और लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। कुड़िया नाला से होकर निकलने वाली नहर से लोकपाल सागर तालाब के जलभराव में वृद्धि होने की उम्मीद की जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर ने अपनी जान बचाने के लिये ट्रक से उतरने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक के नीचे ही फंस गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना शाहनगर थाना पुलिस को दी। मौके पर एम्बुलेंस के साथ पहुंची पुलिस ने ट्रक में फंसे क्लीनर रामजी यादव 25 वर्ष निवासी जमुनहाई को बचाने के लिये काफी मशक्कत की गई। लेकिन क्लीनर का पैर ट्रक के नीचे फंसा होने के कारण सारे प्रयास नाकाम रहे। अंततः थाना प्रभारी शाहनगर रामेश्वर दयाल आठ्ईया ने पड़ोसी जिला कटनी में फोन कर क्रेन की मदद मांगी। कटनी से कटनी से आई हैवी के्रन ने जब ट्रक को सावधानीपूर्वक ऊपर उठाया, तब कहीं जाकर उसके नीचे दबे गंभीर घायल क्लीनर रामजी को बाहर निकाला गया और उसे उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में भर्ती कराया गया। इस कवायद में करीब 3 घंटे लग गये। इस दौरान ट्रक के नीचे दबा क्लीनर जिंदगी और मौत से जूझता रहा। क्लीनर को ट्रक से निकालने के बाद उसे तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद शाहनगर थाना प्रभारी ने आये दिन हो रहे हादसों को रोकने के लिये आमा मोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने की बात कही. यदि प्रशासन इस दिशा में समय रहते कार्रवाही करता तो इन हादसों को रोका जा सकता था।

स्थानीय अखबारों में इससे जुड़ी खबरें प्रकाशित होने के बाद हरकत में आये प्रशासन ने पठार में संचालित अवैध खदानों पर छापामार कार्रवाई की है। नवागत नायब तहसीसलदार दीपा चतुर्वेदी द्वारा खनिज विभाग की टीम के साथ ग्राम जैतूपुरा सहित कल्दा क्षेत्र में संचालित 8 अबैध पत्थर खदानों पर कार्यवाई की। राजस्व, खनिज विभाग की संयुक्त टीम के साथ सलेहा थाना पुलिस भी मौके पर उपस्थित रही। ग्राम पंचायत सगरा के अंतर्गत ग्राम जैतूपुरा के राजस्व खसरे में संचालित इन अबैध खदानों पर लगभग दो ट्रक फर्सी, पत्थर तोडनें की कार्यवाही की गई। मौका से खदान संचालक नदारद मिले। इसलिए पूरा मामला अज्ञात पर दर्ज किया गया है। यहां पत्थर खदानों में प्रयुक्त होने वाले औजार जिसमें रम्भा, छेनी, हथोडा, ड्रिल मशीन एवं स्पलेंडर मोटरसाईकिल भी जप्त की गई। नायब तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी नें बताया की मोटर साईकिल के नंबर के आधार पर उनके मालिकों की तलाश की जाकर पत्थर माफियाओं के नाम उजागर करने में सहायता मिलेगी। इस पूरी कार्यवाई में राजस्व अमले की ओर से पटवारी रमभद्र चौरसिया, राजेन्द्र सोनी, जागेश्वर वर्मा, खनिज विभाग की ओर से नूतन जैन निरीक्षक एवं थाना प्रभारी सलेहा आरके यादव, पूरे दलबल के साथ उपस्थित रहे।




