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बेटों को हुई सजा का बदला लेने पिता ने की फायरिंग

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गोली लगने से दो व्यक्ति घायल

शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव की घटना

पन्ना/शाहनगर। रडार न्यूज़ पुरानी रंजिश के चलते शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव में शनिवार की रात करीब 9 बजे बिहारी पिता मूरत सिंह ठाकुर ने किराना व्यापारी लाड़ले यादव को जान से मारने की नियत से अपनी भरतल बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से किराना व्यापारी लहुलुहान हालत में मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा। वहीं गोलीवारी की इस घटना के समय किराना दुकान में गुड़ खरीदने आया ग्रामसेवक यादव पिता रामविशाल यादव 40 वर्ष की हथेली में गोली लगने से उसकी दो उंगलिया उड़ गई। फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद से बिहारी सिंह ठाकुर 60 वर्ष फरार है। उधर गोलीबारी में घायल लाड़ले यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया है। पड़ोसी जिला कटनी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती लाड़ले यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को इस घटना की सूचना मिलने पर ग्राम जुगरवारा पहुंचे शाहनगर थाना में पदस्थ उप निरीक्षक निरंकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में लाड़ले यादव के पिता रामभगत यादव की बिहारी सिंह ठाकुर के पुत्रों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में बिहारी सिंह के पुत्र वीर सिंह ठाकुर, बलवीर सिंह ठाकुर, नाति सुमेर उर्फ भूरा सिंह, जगत सिंह, बृजेन्द्र सिंह सहित पांच व्यक्ति अजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है। इसी बुराई के चलते बिहारी सिंह ठाकुर ने रामभगत यादव की तरह उसके पुत्र लाड़ले यादव की हत्या कर अपने बेटों की सजा का बदला लेने की मंशा से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है।

गांव में दहशत का माहौल-

उल्लेखनीय है कि मौके पर पहुंचे एसआई निरंकार सिंह द्वारा रात्रि में घायल लाड़ले यादव व ग्रामसेवक यादव को 108 एम्बूलेंस वाहन से उपचार हेतु शाहनगर पहुंचाया गया। इस घटना पर थाना पुलिस ने आरोपी बिहारी सिंह ठाकुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 186/18 धारा 294, 307 आईपीसी के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। शाहनगर थाना प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर ने स्थानीय संवादाता संजय त्रिपाठी से अनौपचारिक चर्चा में गोलीकाण्ड के आरोपी को शीघ्र गिरफतार करने की बात कही है। उधर इस खूनी रंजिश के चलते ग्राम जुगरवारा में तनाव और दहशत का माहौल है।

प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक सामूहिक सेवानिवृत्ति और इच्छा मृत्यु की करेंगे मांग

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पदोन्नति और पदनाम की मांग पूरी न होने से हैं नाराज

सीएम और शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी जारी नहीं हुए आदेश

एक पैसे का अतिरिक्त खर्च नहीं फिर भी लगा रहे अड़ंगा

पन्ना। रडार न्यूज आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश सरकार को लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों के विरोध और व्यापक असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। घोषणाओं के बाद भी कर्मचारी हितैषी मांगों पर अमल न होने से कर्मचारी सरकार के खिलाफ खुलकर अपना आक्रोश जता रहे है। इसी क्रम में रविवार 8 अप्रैल को मध्यप्रदेश के नियमित सहायक शिक्षक एवं शिक्षकों की वर्षों से लंबित पदोन्नति/पदनाम की मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय मुख्यालयों में प्रेसवार्ता आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश के मुखिया और शिक्षा मंत्रीद्वय की घोषणाओं पर अमल न होने से नाराज सहायक शिक्षक और शिक्षकों ने आगामी 15 जुलाई से चरणबद्ध अंदोलन करने का ऐलान किया है। पदोन्नति/पदनाम की मांग का निराकरण न होने से 35 से 40 वर्षों की सेवा के बाद भी पदोन्नति से वंचित शिक्षकों में प्रदेश सरकार के प्रति जहां गहरी नाराजगी देखी जा रही वहीं वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। सहायक शिक्षकों-शिक्षकों की पीड़ा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शीघ्र ही वे मुख्यमंत्री को सामूहिक रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने व इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान करने के लिए आवेदन सौंपेगें।

मध्यप्रदेश में हावी अफरशाही लगा रही अड़ंगे –

आज पन्ना में आयोजित प्रेसवार्ता में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस जिला ईकाई पन्ना के अध्यक्ष कमलेश त्रिपाठी ने बताया कि मध्यप्रदेश के नियमित सहायक शिक्षक-शिक्षक पिछले कई वर्षों से वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अपनी एक सूत्रीय मांग पदोन्नति/पदनाम के लिए संघर्ष कर रहे है। वर्ष 2011 से सभी शिक्षक संगठनों द्वारा इस मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि 10 अप्रैल 2017 से निरंतर विभिन्न मंचों से मुख्यमंत्री, प्रदेश के शिक्षा मंत्री और शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा इस मांग को न्यायोचित ठहराते हुए इसे पूर्ण करने की घोषणा कर चुके है। श्री त्रिपाठी का कहना है कि मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में अफसरशाही इस कदर हावी है कि शीर्ष अधिकारी तमाम अड़गें लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को पूर्ण होने नहीं दे रहे है। भोपाल स्थित राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में बैठे अफसरों द्वारा बेवजह पैदा की जा रही अड़चनों से शिक्षक अपना हक पाने से वंचित है। इसकी पीड़ा और कुण्ठा के चलते परेशान शिक्षक हर पल खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। इसे बिडम्बना ही कहा जायेगा कि इस घोषणा को अमल में लाने पर प्रदेश सरकार पर एक रूपये पर बोझ नहीं पड़ना है बावजूद इसके शिक्षक हितैषी मांग झूठी घोषणाओं और वादों तक सिमट कर रह गई है। कर्मचारी नेता कमलेश त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि अब हम और बर्दास्त नहीं करेंगे। प्रति माह प्रदेशभर में 400-500 शिक्षक अपमान का घूट पीकर रिटायर्ड होने को मजबूर है। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहे है। तीन से चार दशक तक एक ही पद पर सेवा करते हुए रिटायर्ड होना हर किसी को बेचैन कर रहा है। आपने कहा कि पदोन्नति/पदनाम की मांग हमारे स्वाभिमान और हक जुड़ी है जिसे हरहाल में पूर्ण कराने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए जुलाई महीने से चरणबद्ध आंदोलन करने का ऐलान किया है।

अब और नहीं पियेंगे अपमान का घूंट –

इस अवसर पर कोर कमेटी के सदस्य राजकिशोर शर्मा ने बड़े दुख के साथ कहा कि शिक्षकों का ऐसा अपमान आज तक कहीं नहीं हुआ जैसा कि मध्यप्रदेश में हो रहा है। इसके विरोध में समस्त शिक्षक संगठन अपने अधिकारों की आवाज को बुलंद करने के लिए अब एक मंच पर आ गये है। आगामी आंदोलन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए एक कोर कमेटी का गठन पिछले दिनों भोपाल में 5 जून 2018 को किया गया है। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पदोन्नति/पदनाम की एक सूत्रीय मांग को लेकर 2 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन का आगाज करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव वित्त एवं आयुक्त लोक शिक्षण को ज्ञापन सौंपकर 14 जुलाई 2018 तक उक्त मांग को पूर्ण करने के लिए अल्टीमेटम दिया जायेगा। यदि फिर भी पदोन्नति/पदनाम के आदेश जारी नहीं किये गये तो 15 जुलाई को भोपाल में प्रदेश स्तरीय प्रेसवार्ता की जायेगी। इसके पश्चात् 22 जुलाई को सम्पूर्ण प्रदेश के शिक्षक साथी भोपाल में स्वाभिमान सत्याग्रह प्रारंभ करेंगे जोकि आदेश जारी होने तक निरंतर चलता रहेगा। इसी क्रम में 29 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकालकर सामूहिक रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इच्छामृत्यु के आवेदन पत्र सौंपे जायेगें।

व्याख्याताओं से प्राथमिक शालाओं में करा रहे पढ़ाई-

शिक्षक राजकिशोर शर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सहायक शिक्षकों-शिक्षकों को पदनाम देने से शासन के ऊपर किसी भी तरह का वित्तीय भार नहीं आयेगा। इस संबंध में तत्परता से निर्णय लेना शिक्षकों के साथ-साथ शासन के लिए भी लाभदायक साबित होगा। इसे शासकीय माध्यमिक शालाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों को विषयवार शिक्षक प्राप्त हो सकेगें। सर्वविदित है कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बड़ी तादाद में विषयवार शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण बच्चों के भविष्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। इसे विड़म्बना ही कहा जायेगा कि सभी सहायक शिक्षक क्रमोन्नति प्राप्त है और यूडीटी, व्याख्याता और प्राचार्य का वेतन प्राप्त कर रहे है लेकिन उनसे अध्यापन कार्य प्राथमिक शालाओं में कराया जा रहा है। इससे शिक्षकों की योग्यता और क्षमता का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्रमोन्नति प्राप्त सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक का पदनाम हाल ही में दिया गया है। जबकि शिक्षक पिछले 10 वर्षों से पुरजोर तरीके से यह मांग कर रहे है। मौजूदा व्यवस्था के असंवेदनशीलता और उदासीनता के कारण उक्त मांग के पूरे न होने से शिक्षकों को हर पल अपमान झेलना पड़ रहा है। श्री शर्मा का कहना है कि लगातार कई बार पदनाम परिवर्तन की मांग करने और घोषणा के बावजूद उसे पर अमल न होने से अपने स्वाभिमान, आत्म सम्मान और हितों की रक्षा के लिए हमें मजबूर होकर आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।

ये रहे उपस्थित- शिक्षक संगठनों की प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से कमलेश त्रिपाठी प्रांतीय महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष शिक्षक कांग्रेस मप्र, कोर कमेटी के सदस्य राजकिशोर शर्मा, सह मुख्य अध्यक्ष अलोक खरे, रामेश्वर प्रसाद खरे, शिव कुमार मिश्रा, रवि डनायक, प्रदीप द्विवेदी, शरद श्रीवास्तव, एलबी शर्मा, प्रमोद अवस्थी, हेमंत सिंह, रंजोर सिंह, गंगा शर्मा, विनोद मिश्रा, दिनेश मिश्रा, सुनील खरे, यार मोहम्मद, राजेन्द्र श्रीवास्तव, उपेन्द्र खरे, महेन्द्र तिवारी, नाथूराम सोनी, श्याम सोनी, उदयनारायण श्रीवास्तव, धूरिया प्रसाद आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

स्वर्ण एवं रजत ईंटों से रखी जाएगी गरीबों के सपनों के घर की नींव

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पीएम शहरी आवास योजना अन्तर्गत बनेंगे 180 नवीन आवास

मुख्यमंत्री ने किया आवासों के निर्माण का ई-भूमिपूजन

 नजरबाग स्टेडियम विकास कार्य का किया गया ई-शिलान्यास

पन्ना। मध्यप्रदेश शहरी विकास महोत्सव के अन्तर्गत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सागर के बामोरा से मध्यप्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के साथ-साथ नगरपालिका परिषद पन्ना के भी विकास कार्यो का ई-शिलान्यास एवं ई-भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में नगरपालिका पन्ना अन्तर्गत मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना के योजना के तहत 3.07 करोड़ की राशि से नगर के नजरबाग खेल मैदान के विकास कार्य का ई-शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (बीएलसी) के अन्तर्गत 180 नवीन आवासों के निर्माण का ई-शुभारंभ एवं भूमिपूजन किया गया। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आवास योजना के हितग्राहियों को उनके सपनों के आवास के निर्माण हेतु प्रतीक स्वरूप स्वर्ण एवं रजत ईंट, दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के हितग्राहियों को चैक तथा सरल बिजली बिल-मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना 2018 के 11 हितग्राहियों के लगभग 55 हजार रूपये के बिल माफ करते हुए योजना के प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए।

साकार होगा घर का सपना-

कार्यक्रम का स्थानीय स्तर पर शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, विधायक पन्ना प्रतिनिधि आशुतोष सिंह महदेले, जिला योजना समिति के सदस्य सतानन्द गौतम, नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा माॅ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। जिसके बाद आवास योजना के हितग्रहियों को प्रतीकस्वरूप प्रदाय किए जाने वाले स्वर्ण एवं रजत ईंटों का पूजन किया गया। यह ईंट हितग्राहियों के आवास निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने हितग्राहियों को स्वर्ण एवं रजत ईंट प्रदाय करने की पहल के लिए नगरपालिका परिषद की सराहना करते हुए कहा कि यह ईटें शहर के 180 परिवारों के सपनों के घरों की आधारशिला बनेगी। शासन के सतत प्रयासों से ही प्रत्येक जरूरतमंद को उनके सपनों का आवास मिल पा रहा है। शासन की मंशा अनुरूप 2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद के पास अपना खुद का पक्का आवास होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा नजरबाग स्टेडियम के विकास की जो सौगात दी गयी है उससे निश्चित ही यह खेल मैदान बुन्देलखण्ड के सबसे सुन्दर एवं सुविधायुक्त खेल मैदानों में से एक होगा। उन्होंने सभी हितग्राहियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में विधायक पन्ना प्रतिनिधि आशुतोष महदेले ने कहा कि पन्ना शहर निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। सतानन्द गौतम ने भी शहरवासियों को नवीन आवासों तथा नजरबाग स्टेडियम के विकास कार्यो के लिए बधाई दी। इस दौरान कार्यक्रम में समाजसेवी श्रीमती आशा गुप्ता, मुख्य नगरपालिका अधिकारी अरूण पटैरिया, जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण, पत्रकारबन्धु तथा नगरवासी मौजूद रहे।

बड़ा खुलासा : पवई विधानसभा क्षेत्र में 22 हजार फर्जी मतदाता !

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कलेक्टर मनोज खत्री को ज्ञापन सौंपते विधायक मुकेश नायक व कांग्रेस नेतागण।

एमएलए ने पन्ना कलेक्टर को सौंपी फर्जी मतदाताओं की सूची

एक ही वोटर का नाम कई जगह पर है दर्ज, चुनाव में कैसे रूकेगी बोगस वोटिंग

पन्ना। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश में फर्जी वोटरों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। यहां के पन्ना जिले के पवई विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-58 की वोटर लिस्टों में अब तक की सबसे बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। सिर्फ पवई सीट पर ही 22 हजार फर्जी मतदाता पाए गए हैं। अधिकांश मतदाता ऐसे हैं कि जिनके नाम पवई क्षेत्र अंतर्गत कई स्थानों पर दर्ज हैं। करीब तीन माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने से निष्पक्ष चुनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। फर्जी वोटरों का यह हैरान करने वाला खुलासा पवई के विधायक एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता मुकेश नायक ने किया है। उन्होंने शनिवार को पन्ना में पार्टी नेताओं के साथ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसके साथ फर्जी मतदाताओं की सूची भी संलग्न है। एकमात्र विधानसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी तादाद बोगस वोटर मिलने से जाहिर मतदाता सूचियों को यदि शीघ्र ही त्रुटि रहित नहीं बनाया गया तो चुनाव आयोग की मंशानुरूप स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे संभव हो पाएंगे। सवाल यह भी जब पवई अकेले में 22 हजार फर्जी मतदाता हैं तो पन्ना जिले के शेष दो विधानसभा क्षेत्रों गुनौर और पन्ना की स्तिथि क्या होगी, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। जानकारों का मानना है कि बोगस वोटरों की इतनी बड़ी फ़ौज चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है।

हटाए जाएं फर्जी नाम-

पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में फर्जी मतदाताओं का नाम दर्ज होने का मामला क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने उठाया है। उन्होने बकायदा ऐसे मतदाताओं वाली सूची भी कलेक्टर को सौपी। उन्होंने शनिवार 7 जुलाई को कांग्रेसी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ जिले के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज खत्री को एक ज्ञापन सौंप कर इसकी जांच करवाते हुए बोगस वोटरों के नाम काटने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश की पवई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कुल मिलाकर 22 हजार ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में सम्मिलित है जो दो-दो और तीन-तीन ग्रामों के पोलिंग बूथों की सूची में दर्ज है। एक ही मतदाता दो-दो जगह अपना नाम दर्ज कराये हुये है। कुछ तो ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज है जो न तो उस पोलिंग बूथ में निवास करते है और न ही पवई विधानसभा के मतदाता है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया है कि लोकतंत्र में मतदान एक निष्पक्ष प्रक्रिया है दो-दो पोलिंग बूथों में नाम दर्ज होने से एक ही मतदाता दो स्थानों पर मतदान करेगा जो कि निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण रूप से अवैधानिक है। ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जाना अति आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से तत्काल कार्यवाही कर मतदाता सूची में सम्मिलित फर्जी नाम एवं दो-दो पोलिंग बूथों में शामिल नाम को निरस्त कर एक ग्राम की पोलिंग बूथ में रखे जाने का आग्रह किया गया है। विधायक के खुलासे के बाद मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की कार्यवाही पर सवालों के घेरे में आगई है।

ये रहे शामिल-

फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने विधायक श्री नायक के साथ ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस नेता शिवजीत सिंह, शिवदयाल बागरी, अनुराधा शेन्डगे, अजयवीर सिंह, डी.के.दुबे, पुरूषोत्तम जड़िया , मनीष मिश्रा, अनीस खान, दीपक तिवारी, शशिकांत दीक्षित, जगतपाल सिंह, अक्षय तिवारी, आशीष बागरी, मनोज गुप्ता, नरेन्द्र खरे, हेतराम शर्मा, डॉ.संतोष जैन, दिनेश गंगेले, लोकेन्द्र यादव, अब्दुल हमीद, जीतू तिवारी, वैभव थापक, विनयकांत पाण्डेय, दीपू दीक्षित, हीरालाल विश्वकर्मा, भोले कुशवाहा, चंदन रावत, रसीद सौदागर, हक्कुन दहायत, अजय श्रीवास्तव, काजी रूकबुद्दीन, सूर्यप्रताप अरजरिया, सरदार मान सिंह, चंद्रभान नगायच, राजाराम सिंगरौल, महेश बढ़ौलिया, डमरू लाल सेन, शहीद चच्चा, सत्येन्द्र जैन, दिनेश जैन, दीपक द्विवेदी, बृजपाल बागरी, पिंकू सिद्दीकी, धीरेन्द्र लटौरिया, माखनलाल पटेल, रम्मू चौधरी, जीवन सिंगरौल, केदार कुररिया, अंका रिछारिया, अज्जू बागरी, कल्लू वर्मन, रवि कुशवाहा, देवा कुशवाहा, अंगद प्रजापति, कदिर खान, अजय अहिरवार, अनुराग मिश्रा मुख्य रूप से शामिल रहे।

इनका कहना है-

      “वर्तमान में घर-घर मतददताओं के सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है, विधायक पवई द्वारा दिए गए ज्ञापन की                जाँच कराकर मतदाता सूचियों को पूर्णतः त्रुटि रहित बनाया जायेगा।”

                                                           -मनोज खत्री, कलेक्टर जिला पन्ना

“गोल्डन जुबली गार्डन” में फलदार पौधों का हुआ रोपण

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पौधारोपण करते हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा एवं समीप खड़े सीआईएसफ मझगवां इकाई के सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा।

सीआईएसएफ एनएमडीसी इकाई मझगवां द्वारा आयोजित किया गया पौधारोपण कार्यक्रम

मझगवां(पन्ना)|रडार न्यूज़  अपनी स्थापना का स्वर्ण जयंती मना रही केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) मझगवां इकाई ने शनिवार 7 जुलाई 2018 को वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। बल के इकाई लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि एवं हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने किया। इस अवसर पर कैओसुब बल के सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा, परियोजना के सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, श्रमिक संघों के पदाधिकारी सहित बल के जवान उपस्थित थे।

मझगवां स्थित लाइन में उत्साहपूर्वक पौधारोपण करते सीआईएसफ के जवान।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने प्रतीकात्मक रूप से मानसून का स्वागत करते हुए कैओसुब के स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में इकाई लाइन के पार्क का नामकरण “गोल्डन जुबली गार्डन” किया। साथ ही उन्होंने सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा के साथ पौधारोपण किया। इसके उपरांत उपस्थित अतिथियों सहित बल के जवानों ने भी पौधारोपण किया। कार्यक्रम में छायादार पौधों के साथ.साथ फलदार पौधे जैसे आम, अमरूद, आंवला, नींबू के पौधे लगाए गए । परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने सीआईएसएफ मझगवां इकाई दवारा पौधे रोपित करने की पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है, हम पौधे रोपित करके पर्यावरण संरक्षण की अपनी जिम्मेदारी अच्छे तरीके निभा सकते हैं। आपने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कम से कम पांच पौधे इस संकल्प के साथ रोपित करने चाहिए कि हमें उन्हें वृक्ष बनाना है। पौधों के वृक्ष बनने पर ही पौधारोपण का उद्देशय पूरा हो सकेगा ।

ममनीपुरवा हत्याकांड : चार आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य को बचाने का आरोप

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धरमपुर थाना पुलिस टीम की अभिरक्षा मई पकड़े गए हत्यारोपी।

मृतक के परिजनों का आरोप दो हत्यारोपियों के एफआईआर में नहीं लिखे नाम

24  घंटे में हत्यारोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसपी ने किया पुरुस्कृत करने का एलान

धरमपुर। रडार न्यूज़ पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी खोरा के ग्राम ममनीपुरवा में बुधवार 4 जुलाई को कृषक राजकुमार लोध पिता मंगल सिंह लोध 45 वर्ष की लाठी-डण्डों से पीट-पीटकर जघन्य हत्या करने के चार आरोपियों को पुलिस ने वारदात के चौबीस घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का दावा किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार मकान बनाने को लेकर राजकुमार लोध और संतराम लोध के बीच विवाद चल रहा था। घटना दिनांक को राजकिशोर लोध पिता मंगल सिंह लोध उम्र 45 वर्ष निवासी ममनीपुरवा अपने भाई राजकुमार लोध के साथ उसके खेत मे ट्रेक्टर से जुताई कर रहा था तभी सुबह करीब 10 बजे संतराम लोध, विजय लोध, अशोक लोध, राजकुमार लोध वहां आए और पुराने जमीनी विवाद को लेकर चारोँ ने एक राय होकर राजकुमार लोध पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। खून से लथपथ राजकुमार लोध के जमीन पर गिरते ही हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। मरणासन्न स्तिथि में राजकुमार पिता मंगल सिंह लोध को समुचित उपचार हेतु परिजन पन्ना ले गए। जहां बुधवार को ही जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान शाम करीब 4 बजे राजकुमार की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कृषक राजकुमार लोध के सिर और पैर में गंभीर आईं थीं। हत्या के इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पन्ना में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि फरार आरोपियों की तलाश पतारसी बाबत वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा धरमपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजकुमार यादव के नेतृत्व मे पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस टीम द्वारा दिन-रात आरोपियों की तत्परता से तलाश पतारसी के हर संभव प्रयास के पश्चात मामले के चारों फरार आरोपियों संत कुमार उर्फ संतराम लोध, विजय लोध, अशोक लोध, राजकुमार लोध सभी निवासी ममनीपुरवा खोरा को पुलिस द्वारा गुरुवार 5 जुलाई 2018 को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों को पुलिस द्वारा न्यायालय जे.एम.एफ.सी. अजयगढ़ में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

जैसा बताया वैसी नहीं लिखी रिपोर्ट-
मृतक राजकुमार लोध।

हत्यारोपियों को चौबीस घंटे के अंदर गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के इस सराहनीय कार्य के लिए नवागत एसपी विवेक सिंह द्वारा उक्त टीम को पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है । उधर इस वाहवाही के बीच मृतक राजकुमार लोध के परिजन हत्या जैसे जघन्य मामले में धरमपुर थाना पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए वारदात में शामिल रहे दो अन्य हत्यारोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सुनियोजित तरीके से राजकुमार के पर हमला कर हत्या करने कुल छः आरोपी शामिल रहे जबकि पुलिस ने एफआईआर में जानबूझकर सिर्फ चार नाम ही दर्ज किये। शेष हत्यारोपियों को बचाने के मकसद से उनके नाम एफआईआर में शामिल नहीं किये गए। इस संबंध में जब थाना प्रभारी धरमपुर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। मृत किसान के परिजनों के बेहद गंभीर आरोपों पर धरमपुर थाना पुलिस को चाहिए आगे आकर अपना पक्ष रखे ताकि सच्चाई सामने आ सके।

शहीद पिता को मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, नम हुई आंखें

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शहीद जवान आशीष त्रिपाठी के शव को सलामी देती सशस्त्र जवानों की गारद।

बीएसएफ जवान आशीष का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

पन्ना के सपूत को नम आंखों से दी विदाई, अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैंकड़ों लोग

पन्ना। रडार न्यूज़ त्रिपुरा के आरकेपुर में तैनात बीएसएफ के जवान पन्ना निवासी आशीष त्रिपाठी पुत्र शिवसागर त्रिपाठी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। तिरंगे में लिपटा उनका शव गुरूवार देर रात्रि पन्ना लाया गया। यहां इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित मुक्तिधाम में भारत माता की जय और शहीद आशीष त्रिपाठी अमर रहे के जयकारों के बीच राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पन्ना के सपूत को विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। छः वर्षीय बेटे अस्तित्व त्रिपाठी ने अपने चाचा सौरभ का हांथ पकड़कर जब शहीद पिता को दी मुखाग्नि दी तो यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे।

तिरंगे में लिपटे पिता के शव को चूमता मासूम अस्तित्व त्रिपाठी।

दाह संस्कार से पूर्व सशस्त्र जवानों की गारद ने सैन्य सम्मान के साथ जवान के शव को सलामी दी। इस मौके पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, राजनेताओं, पत्रकारों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बीएसएफ की 164 बटालियन में निरीक्षक के पद पर त्रिपुरा के आरकेपुर में पदस्थ रहे आशीष त्रिपाठी की 3 जुलाई को अचानक तबियत बिगड़ने पर मिलेट्री हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उनका दुखद निधन हो गया। आशीष की इस तरह अचानक मृत्यु होने की दुखद सुचना जब उनके परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। जांबाज आशीष को करीब से जानने वालों को तो इस ख़बर पर यकीन ही नहीं हो रहा था। गुरुवार देर रात जब सेना के जवान अपने साथी का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे तो शहीद के माता-पिता, पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपट कर रोने लगे।

पैतृक गांव में शोक की लहर-
बीएसफ जवान आशीष त्रिपाठी को अंतिम विदाई देने उमड़े सैंकड़ों लोग।

आज शहीद आशीष की अंतिम यात्रा में उनके पैतृक ग्राम फरस्वाहा से भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजली अर्पित की। अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोग शामिल हुए इस दौरान सबकी आंखें नम थीं। मालूम हो कि श्री त्रिपाठी अपने पीछे भरे-पूरे परिवार के साथ 6 वर्षीय पुत्र व पत्नि को छोड़ गये। उनके निधन पर शहर के गणमान्य नागरिकों व पत्रकारों ने शोक संवेदनाए व्यक्त कीं है।

12 वर्षों तक की देश की सेवा-
अपने शहीद पिता को मुखाग्नि देता मासूम अस्तित्व त्रिपाठी।

राष्ट्रप्रेम की प्रबल भावना और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले आशीष ने आज से करीब 12 वर्ष पूर्व 2006 में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। कश्मीर, पंजाब व त्रिपुरा पदस्थापना के दौरान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने सदैव पूरी कर्तव्यनिष्ठा, मेहनत और लगन के साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा के दायित्व को बखूबी निभाया। मुख्यालय में तैनाती के दौरान भी उनकी सेवाएं उत्कृष्ट रहीं। फलस्वरूप शानदार सर्विस रिकार्ड के चलते आशीष त्रिपाठी को सेना में निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली थी।

इसलिए नोटबंदी से ज्यादा जरूरी है पोर्नबंदी….!

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-साँच कहै ता..जयराम शुक्ल

अब यह बताने की जरूरत नहीं कि बलात्कार फिर हत्या जैसे अपराधों का सैलाब यकायक क्यों फूट पड़ा। जवाब है वर्जनाएं टूट गईं सबकुछ खुल्लमखुल्ला हो गया। पहले कैसेट्स में ब्लू फिल्में आईं,फिर ये कम्प्यूटर में घुसीं और अब इनकी जगह जेब के मोबाइल फोन में बन गई। बीबीसी की एक रिपोर्ट बताती है कि कुल नेट सामग्री में तीस फीसद पोर्न सामग्री। है। दो साल पहले मैक्स हास्पिटल ने स्कूली छात्रों के बीच सर्वे के बाद पाया कि 47 फीसद छात्र रोजाना पोर्न की बात करते हैं। नेट के सामान्य उपयोगकर्ता को प्रतिदिन कई बार पोर्न सामग्री से वास्ता पड़ता है। वजह प्रायः नब्बे फीसद समाचार व अन्य जानकारियों की साइट पोर्नसाईटस से लिंक रहती हैं या बीच में विज्ञापन घुसे रहते हैं। कई प्रतिष्ठित अखबारों पर यह आरोप लग चुका है कि वे यूजर्स, लाईक,हिट्स बढ़ाने के लिए पोर्न सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि यूजर्स की संख्या के आधार पर ही विज्ञापन मिलते हैं। यानी कि वर्जनाओं को वैसे ही फूटने का मौका मिला जैसे कि बाढ़ में बाँध फूटते हैं। सारी नैतिकता इसके सैलाब में बह गई।

                        कमाल की बात यह कि साँस्कृतिक झंडाबरदारी करने वाली सरकार ने इस पर दृढ़ता नहीं दिखाई। इंदौर हाईकोर्ट के वकील कमलेश वासवानी की जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 850 पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को कहा। सरकार ने दृढ़ता के साथ कार्रवाई शुरू तो की लेकिन जल्दी ही कदम पीछे खींच लिए। कथित प्रगतिशीलों और आधुनिकता वादियों ने इसे निजत्व पर हमला बताया और कहा कि इससे अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है। नेशनल क्राईम ब्यूरो के भयावह रिकॉर्ड के बाद भी सरकार ने आसानी से कदम पीछे खींच लिए। जनहित के अपने निर्णय पर वैसी नहीं डटी जैसी कि नोटबंदी में डट गई। तत्कालीन एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष कहा-पोर्नसाईटस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर समाज और संसद में व्यापक बहस की जरूरत है। सरकार की ओर से रोहतगी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री डिजटलाजेशन की बात कर रहे हैं तब पोर्न को बैन करना संभव नहीं है। अभी सिर्फ चाईल्ड पोर्न पर पाबंदी है। प्रायः समाजशास्त्री और मनोवैज्ञानिक यह मानते हैं कि यौनिक अपराधों की बढोत्तरी के पीछे पोर्नसाईटस हैं जो हर उम्र के लिए खुली हैं। गूगल ट्रेन्ड के मुताबिक पोर्न शब्द की खोज करने 10 शीर्ष देशों में एक भारत भी है। नैतिक श्रेष्ठता का दम भरने वाली सरकार को चाहिए कि इस मामले में चीन से सीख ले। चीन ने अश्लीलता के खिलाफ अभियान चलाते हुए 180000 ऑनलाइन प्रकाशन रोके। पोर्नसाईटस के खिलाफ कड़ी कार्वाइयां की। कैमरून जब इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री थे तब माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को धमकाया था कि यदि पोर्नसाईटस पर लगाम नहीं लगाई तो उनका डेरा-डकूला देश से बाहर फेक देंगे। दुनिया के हर समझदार देश इस गंदी सड़ाँध के खिलाफ है एक सिवाय भारत के। तमाम घटनाओं के बाद भी कोई सबक नहीं ले रहा। आधुनिकता और प्रगतिवादी सिर्फ पोर्नसाईटस के मामले में ही सुने जाते हैं। अन्य मामलों में तो ये भोकते ही रह जाते हैं सरकार को जो करना होता है कर लेती है। कौन पता लगाए इसके पीछे क्या रहस्य है? समाज और नई पीढी को पतनशीलता से बचाना है तो नोटबंदी जैसी दृढ़ता के साथ ही टोटल पोर्नबंदी करनी होगी।

(लेख़क वरिष्ठ पत्रकार और टिप्पणीकार हैं)

(डिस्क्लेमर :- इस आलेख में व्यक्त किये गए विचार लेख़क के निजी विचार हैं)

फालोअप: टपरियन खूनी संघर्ष। दोनों गुटों के 12 हत्यारोपी गिरफ्तार

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हत्यारोपियों का मेडीकल परीक्षण कराने उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाते पुलिसकर्मी।

पुलिस ने पाँच महिलाओं को भी बनाया आरोपी

जमीनी विवाद को लेकर हुई तीन हत्याओं के बाद से सिमराखुर्द में तनाव बरक़रार

पवई। रडार न्यूज़  पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन में दो परिवारों के बीच चल रहे जमीनी विवाद में दबंगों के हस्तक्षेप करने से उपजे झगड़े के ख़ूनी संघर्ष का रूप लेने से दोनों ही पक्षों के तीन लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी। दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ी इस वारदात की गंभीरता को और इलाके में पूर्व में हुए अत्यंत ही जघन्य हत्याकाण्डों के रक्त रंजित इतिहास के मद्देनजर पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए महज चौबीस घंटे के अंदर दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पिछले 36 घण्टों से सिरामरखुर्द ग्राम पुलिस छावनी बना हुआ है। पवई में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। दो परिवारों के बीच का यह विवाद कोई और रूप ना लेने पाये साथ ही इस पर कोई सियासत भी ना हो इसे लेकर पुलिस पूरी तरह हाईअलर्ट पर है। शांति और कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाये रखने के लिए पुलिस के आला अफसर पल-पल की खबर ले रहे हैं साथ ही हालात पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। उधर ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। ख़ूनी संघर्ष में मरने वालों के अंतिम संस्कार के बाद ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन में तनावपूर्ण शांति बरक़रार है। इस मामले में पुलिस ने गुरूवार 5 जुलाई 2018 को एक पक्ष की और से आठ आरोपियों अकरम खाॅन पिता अकबर, मुन्ना खाॅ पिता अनार खाॅ, अकबर खाॅ पिता अनार खाॅ, शकूरन बानो पति अनार खाॅ, मदीना बानो पति अकबर, रीनू पति शहीद खाॅ, अमजद पिता अकबर खाॅ, शायरा बानो पति मुन्ना खाॅ, गुलाब खाॅ पति शफी खाॅ, अनार खाॅ पिता अमीर खाॅ को धारा 302, 147, 342 आईपीसी व दूसरे पक्ष की और से चार लोगों रघुवीर सिंह उर्फ छोटे राजा, किशन चौधरी पिता सुकईयां चौधरी, रामेश्वरी चौधरी पिता किशन चौधरी, गुलाब बाई पति किशन चौधरी को दर्ज आपराधिक प्रकरण में धारा 302, 34 आईपीसी और धारा 25/27 आर्म्स के तहत गिरफ्तार किया है। इन्हें आज पुलिस द्वारा न्यालय में पेश किया गया। जहां से सभी 12 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

क्या है मामला-

उल्लेखनीय है कि ग्राम सिमराखुर्द के टपरियन निवासी किशुन चौधरी और अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष के बीच लम्बे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। बुधवार 4 जुलाई को  गांव के दबंग रघुवीर सिंह ठाकुर उर्फ़ छोटे राजा द्वारा किशुन चौधरी की ओर से जमीनी विवाद में हस्तक्षेप करते हुए अनार खान के घर उसे धमकाने पहुंचे। अनार खान ने विवादित भूमि पर अपना दवा छोड़ने से इंकार करते हुए जब इस मामले में दखलंदाजी न करने की बात कही तो उनके बीच मुहँवाद हो गया । इसे अपना अपमान समझकर बौखलाहट में रघुवीर सिंह ठाकुर अनार खान से उसके घर में ही झगड़ने लगा। जब इस बात की भनक रघुवीर सिंह के बड़े भाई जगदीश सिंह को लगी तो वह तुरंत अपनी रायफल लेकर मौके पर पहुंचा और गालियाँ देते हुए दिनदहाडे़ फायरिंग कर वृद्ध अनार खान पिता अमीरा खान 70 वर्ष व उसकी बहू हसीना बानो पत्नी अमजद खान 25 वर्ष के सीने में गोलियां उतर दीं। जिसमें अनार खान की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी बहू हसीना बानो ने पवई स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचते ही दम तोड़ दिया। अनार खान को बचाने आया अकरम खान पुत्र अकबर खान 20 वर्ष गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दबंगों से पिता और भाभी की मौत का बदला लेने के लिए अनार खान के परिजनों ने जगदीश सिंह उर्फ बड़े राजा की बंदूक छुड़ाकर लाठियों से पीट-पीटकर और पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। इस सनसनीखेज घटना में रघुवीर सिंह को भी चोटें आयीं है। मालूम हो कि बुधवार को दो पक्षों के बीच हुए ख़ूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत होने की सूचना मिलते ही आईजी सागर संभाग सतीष कुमार सक्सेना व छतरपुर रेंज के डीआईजी अनिल महेश्वरी कुछ ही घंटे बाद मौके पर पहुँच गए थे और स्तिथि को नियंत्रण में रखने के लिए देर रात तक भारी पुलिस बल के साथ स्वयं कमान संभाले रहे।

पानी में डूबने से दो मासूम बहनों की मौत, भाई की हालत गंभीर

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अचेत हालत में पड़े मासूम रोहित गौंड़ का उपचार करती नर्स और समीप बैठे शोकमग्न माता-पिता।

पन्ना जिले के गांधी ग्राम में हुआ हृदय विदारक हादसा

पन्ना। रडार न्यूज़ कोतवाली थाना के समीपी गांव गांधी ग्राम में स्थित एक चैपरा के पानी में डूबने से दो सगी मासूम बहनों का दर्दनाक दुखांत हो गया। जबकि उनके छोेटे भाई रोहित गौंड़ की हालत नाजुक बनी है। उसे इलाज के लिए जिला अस्तपाल पन्ना में भर्ती कराया गया है। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के बाद से आदिवासी परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांधी ग्राम सहित आसपास के गांव में शोक की लहर व्याप्त है। ट्रेक्टर चालक राजेश गौंड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 10 बजे उसके बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे कब चैपरा के पास चले गये किसी को पता ही नहीं चला।

श्रमिकों ने निकाला पानी से बाहर-

चैपरा में भरे पानी में नहाते समय रीता गौंड़ 8 वर्ष, विनीता गौंड़ 6 वर्ष और रोहित गौंड़ 5 वर्ष पानी में डूबने लगे। अपने सगे भाई-बहनों को पानी में डूबता हुआ देख राजेश की सबसे छोटी बेटी राधिका गौंड़ जोकि घटना के समय चैपरा के ही पास खड़ी थी, अचानक जोर-जोर से रोने लगी। समीप स्थित एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख दंग रह गये। आनन-फानन तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकालकर श्रमिक उनके घर ले गये।

पन्ना लाते समय रास्ते में हुई मौत-

अत्यंत ही गंभीर हालत में बच्चों को इलाज के लिए निजी वाहन से पन्ना लाते समय रास्ते में रीता और विनीता ने दम तोड़ दिया। जबकि उनके छोटे भाई रोहित की हालत गंभीर बनी है। जिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में भर्ती मासूम रोहित जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। वहीं दो बेटियों को खोने और बेटे के अचेत अवस्था में होने से आदिवासी दम्पत्ति गहरे सदमे में है। राजेश ने रोते हुए बताया कि उसकी दोनों बड़ी बेटियां गांव के ही प्राथमिक शाला में पढ़ती थी। कोतवाली थाना पुलिस ने इस हादसे पर मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।