गोली लगने से दो व्यक्ति घायल
शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव की घटना
पन्ना/शाहनगर। रडार न्यूज़ पुरानी रंजिश के चलते शाहनगर थाना के जुगरवारा गांव में शनिवार की रात करीब 9 बजे बिहारी पिता मूरत सिंह ठाकुर ने किराना व्यापारी लाड़ले यादव को जान से मारने की नियत से अपनी भरतल बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से किराना व्यापारी लहुलुहान हालत में मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा।
वहीं गोलीवारी की इस घटना के समय किराना दुकान में गुड़ खरीदने आया ग्रामसेवक यादव पिता रामविशाल यादव 40 वर्ष की हथेली में गोली लगने से उसकी दो उंगलिया उड़ गई। फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद से बिहारी सिंह ठाकुर 60 वर्ष फरार है। उधर गोलीबारी में घायल लाड़ले यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया है। पड़ोसी जिला कटनी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती लाड़ले यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को इस घटना की सूचना मिलने पर ग्राम जुगरवारा पहुंचे शाहनगर थाना में पदस्थ उप निरीक्षक निरंकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में लाड़ले यादव के पिता रामभगत यादव की बिहारी सिंह ठाकुर के पुत्रों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में बिहारी सिंह के पुत्र वीर सिंह ठाकुर, बलवीर सिंह ठाकुर, नाति सुमेर उर्फ भूरा सिंह, जगत सिंह, बृजेन्द्र सिंह सहित पांच व्यक्ति अजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है। इसी बुराई के चलते बिहारी सिंह ठाकुर ने रामभगत यादव की तरह उसके पुत्र लाड़ले यादव की हत्या कर अपने बेटों की सजा का बदला लेने की मंशा से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है।
गांव में दहशत का माहौल-
उल्लेखनीय है कि मौके पर पहुंचे एसआई निरंकार सिंह द्वारा रात्रि में घायल लाड़ले यादव व ग्रामसेवक यादव को 108 एम्बूलेंस वाहन से उपचार हेतु शाहनगर पहुंचाया गया।
इस घटना पर थाना पुलिस ने आरोपी बिहारी सिंह ठाकुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 186/18 धारा 294, 307 आईपीसी के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। शाहनगर थाना प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर ने स्थानीय संवादाता संजय त्रिपाठी से अनौपचारिक चर्चा में गोलीकाण्ड के आरोपी को शीघ्र गिरफतार करने की बात कही है। उधर इस खूनी रंजिश के चलते ग्राम जुगरवारा में तनाव और दहशत का माहौल है।




वर्ष 2011 से सभी शिक्षक संगठनों द्वारा इस मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि 10 अप्रैल 2017 से निरंतर विभिन्न मंचों से मुख्यमंत्री, प्रदेश के शिक्षा मंत्री और शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा इस मांग को न्यायोचित ठहराते हुए इसे पूर्ण करने की घोषणा कर चुके है। श्री त्रिपाठी का कहना है कि मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में अफसरशाही इस कदर हावी है कि शीर्ष अधिकारी तमाम अड़गें लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को पूर्ण होने नहीं दे रहे है। भोपाल स्थित राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में बैठे अफसरों द्वारा बेवजह पैदा की जा रही अड़चनों से शिक्षक अपना हक पाने से वंचित है। इसकी पीड़ा और कुण्ठा के चलते परेशान शिक्षक हर पल खुद को अपमानित महसूस कर रहे है। इसे बिडम्बना ही कहा जायेगा कि इस घोषणा को अमल में लाने पर प्रदेश सरकार पर एक रूपये पर बोझ नहीं पड़ना है बावजूद इसके शिक्षक हितैषी मांग झूठी घोषणाओं और वादों तक सिमट कर रह गई है। कर्मचारी नेता कमलेश त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि अब हम और बर्दास्त नहीं करेंगे। प्रति माह प्रदेशभर में 400-500 शिक्षक अपमान का घूट पीकर रिटायर्ड होने को मजबूर है। प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहे है। तीन से चार दशक तक एक ही पद पर सेवा करते हुए रिटायर्ड होना हर किसी को बेचैन कर रहा है। आपने कहा कि पदोन्नति/पदनाम की मांग हमारे स्वाभिमान और हक जुड़ी है जिसे हरहाल में पूर्ण कराने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए जुलाई महीने से चरणबद्ध आंदोलन करने का ऐलान किया है।



ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश की पवई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कुल मिलाकर 22 हजार ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में सम्मिलित है जो दो-दो और तीन-तीन ग्रामों के पोलिंग बूथों की सूची में दर्ज है। एक ही मतदाता दो-दो जगह अपना नाम दर्ज कराये हुये है। कुछ तो ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज है जो न तो उस पोलिंग बूथ में निवास करते है और न ही पवई विधानसभा के मतदाता है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया है कि लोकतंत्र में मतदान एक निष्पक्ष प्रक्रिया है दो-दो पोलिंग बूथों में नाम दर्ज होने से एक ही मतदाता दो स्थानों पर मतदान करेगा जो कि निर्वाचन प्रक्रिया में पूर्ण रूप से अवैधानिक है। ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जाना अति आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से तत्काल कार्यवाही कर मतदाता सूची में सम्मिलित फर्जी नाम एवं दो-दो पोलिंग बूथों में शामिल नाम को निरस्त कर एक ग्राम की पोलिंग बूथ में रखे जाने का आग्रह किया गया है। विधायक के खुलासे के बाद मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की कार्यवाही पर सवालों के घेरे में आगई है।












