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लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई | प्लाटून कमांडर 2 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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घूसखोर प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी के बयान दर्ज करतीं लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर मंजू सिंह।

ड्यूटी यथावथ रखने नगर सैनिक से डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के नाम पर मांगी थी रिश्वत

पन्ना बस स्टैण्ड में लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से मचा हड़कंप

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में घूसखोरी चरम पर है, यहां दाम कराये काम की नीति अघोषित तौर पर लागू होने के कारण आम लोगों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक काफी परेशान हैं। इनके छोटे-मोटे जायज काम भी बगैर रिश्वत के नहीं होते हैं। रिश्वत ना देने पर लोगों के कामों में बेबजह अड़ंगे लगाकर उसे बाधित किया जाता है या फिर दूसरे हथकंडे अपनाकर लोगों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। अच्छी बात यह है कि घूसखोरी के लाइलाज हो रहे मर्ज की कुछ हद तक प्रभावी रोकथाम के लिए कतिपय लोग आगे आकर इसका विरोध कर रहे हैं। नोटों के भूखे भ्रष्ट अफसरों को सबक सिखाने के लिए उनके द्वार लोकायुक्त पुलिस की मदद लेकर रिश्वत लेने वालों को रंगे हांथ गिरफ्तार कराया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार 8 अगस्त 2018 को पन्ना में एक नगर सैनिक से ड्यूटी यथावथ रखने के एवज में 2000 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए होमगार्ड के प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने रंगे हांथ गिरफ्तार किया है। जिला मुख्यालय पन्ना के बस स्टैण्ड में हुई इस कार्रवाई से वहां हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ते देख लोकायुक्त पुलिस टीम आगे की कार्रवाई के लिए घूसखोर प्लाटून कमांडर को स्थानीय कोतवाली थाना ले गई।

थाना में वर्दी उतरवाकर जप्त की

उल्लेखनीय है कि नगर सैनिक राममोहन तिवारी वर्तमान में पन्ना के अवध बिहारी मंदिर की सुरक्षा में तैनात है। उसकी तैनाती होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट कार्यालय से 3 माह के लिए की गई थी। नगर सैनिक राममोहन तिवारी ने बताया कि इस अवधि के पूर्व ही उसे परेशान करने और रुपये ऐंठने की मंशा से अन्यत्र तैनात करने की धमकी दी जा रही थी। प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी द्वारा ड्यूटी यथावथ रखने के एवज में उससे डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया को देने के लिए 2000 रुपए की मांग की गई। पन्ना के होमगार्ड ऑफिस में ड्यूटी लगाने के नाम पर लंबे समय से जारी रिश्वत की मांग से परेशान होकर नगर सैनिक राममोहन तिवारी ने इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर से की थी। जिसकी तस्दीक करने के बाद आज दोपहर में प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप किया गया। नगर सैनिक राममोहन तिवारी से बतौर रिश्वत लिए गए कैमिकल युक्त नोटों को प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी द्वारा अपनी खाकी वर्दी की जेब में रखने पर कोतवाली थाना में उसकी वर्दी उतरवाकर उसे साक्ष्य के रूप में लोकायुक्त पुलिस ने जप्त किया है। इस मामले में फिलहाल प्लाटून कमांडर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट से हुई पूंछतांछ

रिश्वत के मामले होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया का नाम आने से लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर मंजू सिंह द्वारा कोतवाली थाना में श्री नारौलिया और आरोपी प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी से सघन पूंछतांछ की गई। बंद कमरे में हुई इस पूंछतांछ का ब्यौरा पता नहीं चल सका। लेकिन यह चर्चा जरूर है कि डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने खुद को खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए इस मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। श्री नारौलिया का कहना है कि उनके द्वारा किसी से भी रिश्वत की मांग नहीं की गई। प्लाटून कमांडर ने अपने निहित आर्थिक स्वार्थ की पूर्ती के लिए उनके नाम का उपयोग किया है, जिसका पता उन्हें लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से ही चला है। मालूम हो कि होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया अत्यंत विवादित अधिकारी हैं। इनके खिलाफ पूर्व में कई गंभीर शिकायतें पुलिस के और विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हैं। लेकिन अब तक हर बार वे बचते रहे हैं।

इनका कहना है

“प्रथम दृष्ट्या रिश्वत लेने के आरोप में प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। यह बात सही है कि रिश्वत होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के नाम पर ली गई थी लेकिन सिर्फ किसी के नाम लेने मात्र से किसी को आरोपी नहीं बना सकते यदि मामले की जांच में यदि श्री नारौलिया के खिलाफ यदि साक्ष्य पाए जाते हैं तो हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
                   मंजू सिंह, लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर

एनएमडीसी लिमिटेड ने पन्ना जिला अस्पताल को सौंपा ‘शव वाहन’

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सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. उपाध्याय की उपस्थिती में सी.ई.ओ., जनपद पंचायत पन्ना सुश्री तपस्या जैन को वाहन सहित अन्य दस्तावेज़ सौंपते हीरा खनन परियोजना के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा।

नैगम सामाजिक दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते रहेंगे- श्री शर्मा

पूर्व में भी जिला चिकित्सालय को दिया था शव वाहन और आर्थिक सहयोग

पन्ना। रडार न्यूज  नैगम सामाजिक दायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहने वाली एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना ने सी.एस.आर मद के तहत पन्ना जिला चिकित्सालय को नया ‘शव वाहन’ प्रदान किया है। मंगलवार 7 अगस्त, 2018 को पन्ना कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने पन्ना जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. उपाध्याय की उपस्थिती में पन्ना जिला कलेक्टर के अधिकृत प्रतिनिधि एवं सी.ई.ओ. जनपद पंचायत पन्ना सुश्री तपस्या जैन को वाहन सहित अन्य दस्तावेज़ सौंपे गए। नया ‘शव वाहन’ मिलने से पन्ना जिला चिकित्सालय की अत्यंत ही महत्पूर्ण आवश्यकता की पूर्ती हो गई है। जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान जिन मरीजों की मृत्यु हो जाती है उनके पार्थिव शरीर (शव) को अब आसानी से उनके घर पहुंचाना संभव हो जायेगा। जिससे शोक संतृप्त परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

उल्लेखनी है कि ‘हीरक जयंती वर्ष’ में प्रवेश कर चुकी सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड की मझगवां, पन्ना में स्थापित हीरा खनन परियोजना जिले के विकास हेतु समय-समय पर जिला प्रशासन को अपना सहयोग प्रदान करती आई है । परियोजना द्वारा पूर्व में भी पन्ना जिला चिकित्सालय को एक शव वाहन’ प्रदान किया था। इसके अलावा एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना ने पन्ना जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सी.एस.आर मद से उपकरण, पलंग आदि सामग्री की खरीदी हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया था।

पन्ना जिला चिकित्सालय प्रबंधन को नया ‘शव वाहन’ सौंपते हुए हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने कहा कि एनएमडीसी लिमिटेड अपने नैगम सामाजिक दायित्व को लेकर सदैव सजग और संवेदनशील रहते हुए उसे ईमानदारी के साथ पूरा भी करती है। परियोजना के आस-पास के क्षेत्र में समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास सहित लोगों आवश्यक सुविधाएं एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा प्रदान की जा रहीं हैं। परियोजना प्रबंधक श्री शर्मा ने कहा कि हम आगे भी इसी तरह अपने नैगम सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे। इस अवसर पर जिला अस्पताल, पन्ना के प्रशासक हरीशंकर त्रिपाठी, हीरा खनन परियोजना के उप महाप्रबंधक वित्त करुण नांगिया, श्रमिक संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे ।

छतरपुर और सिवनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्वीकृत | कैबिनेट ने लगाई मुहर

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सांकेतिक फोटो।

पुलिस विभाग में क्षमता वृद्धि के लिए 6350 नये पद मंजूर 

45 हजार शालाओं को एकीकृत कर 20 हजार स्कूलों के रूप में होगा संचालन

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय 

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में छतरपुर और सिवनी में नये शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी दी गई। मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर कैबिनेट की मुहर लगते ही छतरपुर जिले की जनाकांक्षाओं से जुड़ी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई। मालूम हो कि यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग बड़ा मुद्दा बन चुकी थी जिसे लेकर पिछले कई महीनों से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन चल रहे थे। आज मेडिकल कॉलेज को मंत्रि-परिषद की मंजूरी मिलने की खबर आने के बाद से छतरपुर जिले में हर्ष की लहर व्याप्त है। मौजूदा प्रदेश सरकार से छतरपुर को यूनिवर्सिटी के बाद मिली इस दूसरी बड़ी सौगात पर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया है। आज आयोजित हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इसके आलावा शैक्षणिक सत्र 2018-19 से स्कूल शिक्षा विभाग के एक ही परिसर में संचालित 45 हजार 384 स्कूलों को एकीकृत कर 20 हजार 656 स्कूल के रूप में संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत एक ही परिसर में संचालित विभिन्न शालाओं को एकीकृत करते हुये एक शाला के रूप में संचालित किया जायेगा।

उद्योग संवर्धन नीति

मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति 2014 एवं म.प्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। संशोधन अनुसार बंद ईकाईयों के प्रबंधन में परिवर्तन के बाद पुनर्संचालित करने पर विशेष पैकेज का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार औद्योगिक रूप से पिछड़े प्राथमिकता वाले विकासखण्डों में स्थापित होने वाली इकाईयों को विशेष सहायता के लिये निवेश प्रोत्साहन सहायता के तहत भौगोलिक गणक मान्य किया जायेगा। उद्योग संवर्धन नीति 2014 के तहत अपात्र उद्योगों की सूची की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किये गये है। म.प्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 के तहत पट्टे की अवधि में वृद्धि के लिये नियमों में संशोधन किया गया है। उद्योग संवर्धन नीति अंतर्गत निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों को रोजगार देने पर वित्तीय सहायता के लिये प्रावधान और पर्यटन परियोजनाओ को उद्योग के समान लाभ देने पर वित्तीय सहायता का विकल्प शामिल करने का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण उद्योगो के विकास की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद भी वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 120 करोड़ रूपये की सीमा तक निरंतर रखने की अनुमति प्रदान की।

मंत्रि-परिषद के अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने पुलिस विभाग की क्षमता में वृद्धि के लिये 6350 नये पदो की मंजूरी दी है। बैठक में 12वीं पंचवर्षीय योजना में क्रियान्वित नर्मदा नदी के दोनों तटों पर एक-एक किलोमीटर पट्टी तक फल-पौधरोपण की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद भी वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 346 करोड़ 86 लाख रूपये की व्यय सीमा तक निरंतर रखने की स्वीकृति भी दी गई।

इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई स्थापित करने और शासन व्यय पर इसके लिये 102 नये पदों के सृजन की मंजूरी बैठक में दी गई। सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित ”नवीन सहकारी संस्थाओं को अंशपूजी सहायता योजना” को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक कुल 11 करोड़ 20 लाख की व्यय सीमा में निरंतर रखने की मंजूरी मंत्रि-परिषद ने दी। बैठक में मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना 2018 के तहत ”सरल बिजली बिल स्कीम” एवं ”मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम, 2018” में संन्निर्माण कर्मकारों को शामिल करने का अनुसमर्थन किया गया।

भाषाई शिक्षकों के लिये 286 पद सृजित

मंत्रि-परिषद ने जिला छिंदवाडा की तहसील चाँद और चौरई की वर्तमान सीमाओं में परिवर्तन करते हुये 27 ग्रामों को तहसील चाँद से अपवर्जित करते हुये तहसील चौरई में शामिल कर तहसीलों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया। विशेष पिछड़ी जनजाति के भाषाई शिक्षकों के लिये 286 संविदा शिक्षक वर्ग-3 के नये पद सृजित करने की मंजूरी भी दी। तहसील खनियादाना जिला शिवपुरी स्थित ग्राम अछरोनी में स्टेडियम निर्माण के लिये खेल एवं युवक कल्याण विभाग को भूमि उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया।

छोटे किसानों को नगरीय क्षेत्रों में सब्जी और मौसमी फलों के विक्रय में सहायता के लिये मंत्रि-परिषद ने राज्य के सभी 379 नगरीय निकायों में किसान बजार निर्मित करने के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया। किसान बाजारों का संचालन और संधारण नगरीय निकायों द्वारा करने के निर्णय को भी मंजूरी दी गई।

फर्जीवाड़ा | मृत लोगों के शौंचालय बनवाये, दूसरे की फोटो लगाई, तीसरे के खाते में राशि डाली

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फाइल फोटो।

पन्ना जिले की पवई जनपद अंतर्गत गूढ़ा ग्राम पंचायत का मामला

स्वच्छ एमपी अभियान को पलीता लगा रही भ्रष्टाचार की गंदगी

पन्ना/मोहन्द्रा। रडार न्यूज  व्यक्तिगत शौंचालयों का निर्माण कराकर गावों को खुले में शौंच से मुक्त कर उन्हें हर-हाल में ओडीएफ घोषित कराने की उपलब्धि हांसिल करने के प्रशासनिक टॉरगेट ने इस महत्कांक्षी अभियान को अनियमितताओं की गंदगी से पाट कर रख दिया है। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में पन्ना जिले में लगातार व्यापक पैमाने पर गंभीर अनियमिततायें आरहीं हैं।जिम्मेदार अधिकारी इन गड़बड़ियों को जानबूझकर नजरअंदाज करते हुए किसी तरह अपने नंबर बढ़ाने के लिए ओडीएफ का कागजी तमगा हांसिल करने की जुगत भिड़ाने में जुटे हैं। जमीनी हकीकत की अनदेखी कर गावों को अगर ओडीएफ घोषित कर भी दिया गया तो क्या वे वाकई खुले में शौंच से पूर्णतः मुक्त हो पायेंगे? यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल है। पन्ना जिले में शौंचालय निर्माण की अनियमितताओं पर गौर करें तो यहां की पवई जनपद पंचायत अंतर्गत गूढ़ा ग्राम पंचायत का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है। यहां कई वर्ष पूर्व मर चुके व्यक्तियों के नाम पर शौंचालय का निर्माण करवाया गया। मृत व्यक्तियों के नाम से बने इन शौंचालयों में गांव के दूसरे व्यक्तियों को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई और फिर किसी तीसरे व्यक्ति के खाते में शौंचालयों की राशि डालकर उसका आहरण किया गया। कथित तौर पर गूढ़ा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव द्वारा की गई इस अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों ने करीब एक माह पूर्व 9 जुलाई 2018 को जनसुनवाई में पन्ना के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और पवई एसडीएम से की थी। इस मामले अब तक क्या कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी शिकायतकर्ताओं को नहीं दी जा रही है। उधर जनपद पंचायत पवई के सीईओ इस गड़बड़ी के संज्ञान में आने के बाद भी मामले से अनभिज्ञ होने का अभिनय कर रहे हैं।

क्या है मामला           केस क्रमांक-1:-

मृतक तांतू तनय सुलईयां रैकवार के शौंचालय के सामने फोटो में नजर आता कुंजी चौधरी।

ग्राम पंचायत गूढ़ा के तांतू तनय सुलईयां रैकवार की मृत्यु पांच वर्ष पूर्व सितंबर 2013 में हो गई थी। तांतू की समग्र आईडी क्रमांक 35000181 पर उसके नाम से शौंचालय बनवाया गया। मजेदार बात यह है कि तांतू के शौंचालय के सामने गांव के ही कुंजी चौधरी को खड़ा कराकर सत्यापन के लिए उसकी फोटो उतारी गई और खाता क्रमांक- 30716336582 पर शौंचालय निर्माण की राशि 12000 रुपये दिनांक 4 मार्च 2017 को जारी की गई। उल्लेखनीय है कि गांव में अब तांतू के परिवार का कोई सदस्य भी जिंदा नहीं है। पंचायत ने फिर शौंचालय किसका बनया यह जांच का विषय है।

केस क्रमांक-2 :-

मृतिका तुलसियांबाई के नाम स्वीकृत शौंचालय के सामने फोटो खड़ी द्रोपती पति निंदू ढीमर।

तुलसियां पिता मंजू ढीमर की मृत्यु नवंबर 2012 में हो गई थी। उसकी समग्र आईडी क्रमांक 35000009 पर शौंचालय स्वीकृत कर बनवाया गया। फोटो खिंचवाने के लिये गांव की द्रोपती पति निंदू ढीमर को शौंचालय के सामने खड़ा कराया गया। जबकि किसी तीसरे व्यक्ति के खाता क्रमांक- 3466723586 में 4 मार्च 2017 को शौंचालय निर्माण की राशि जारी की गई। अर्थात मृत व्यक्ति तुलसियां पिता मंजू ढीमर के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के लिए दो अन्य लोगों की इस्तेमाल किया गया। यहां गौर करने बाली बात ये है कि 6 वर्ष मर चुकी महिला का न तो पति था न कोई संतान। फिर भी उसके नाम पर फर्जी शौंचालय बनवाकर राशि का बंदरबांट किया गया।

केस क्रमांक-3 :-

मृतक किशोर पिता मरुआ चौधरी की जगह पुसऊआ पिता घमंडी चौधरी की फोटो अपलोड है।

किशोर पिता मरुआ चौधरी की मृत्यु जुलाई 2015 में हो गई थी। पर उसकी समग्र आईडी क्रमांक 34998937 पर रोजगार फर्जी तरीके से व्यक्तिगत शौंचालय स्वीकृत किया गया। जबकि शौंचालय के सामने जिस व्यक्ति को खड़ाकर फोटो उतारी गई वह गांव का ही पुसऊआ पिता घमंडी चौधरी है। किशोरा चौधरी के शौंचालय की राशि किसी अन्य के खाता क्रमांक- 30716336752 पर 24 अप्रैल 2017 को जारी की गई। बताते चलें कि किशोरा के परिजन जीवित हैं लेकिन उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर नहीं की गई। इस खुलासे के बाद से मृतक के परिजन हैरान हैं। मृतक किशोरा के नाम की राशि उसके आश्रितों के बजाय किसी अन्य व्यक्ति खाते जारी कराने से साफ जाहिर है कि यह सब बड़े ही सुनियोजित तरीके से गबन की मंशा से किया गया है।

केस क्रमांक- 4 :-

मृतक धुक्का पिता गयादीन राय के स्थान पर उसके पुत्र रामप्रकाश को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई।

इसी तरह धुक्का पिता गयादीन राय की मृत्यु 19 नवंबर 2016 को हो गई थी। उसके शौंचालय के सामने उसके पुत्र रामप्रकाश को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई। मालूम हो कि रामप्रकाश राय का बैंक में खाता ही नहीं है। उसके पिता के शौंचालय निर्माण की राशि 12000 रुपये का भुगतान अन्य परिजनों के नाम पर ना करके अन्य किसी के बैंक खाता क्रमांक- 31745313788 में दिनांक 1 अप्रैल 2017 को जारी की गई। मृतक धुक्का के नाम पर शौंचालय निर्माण की राशि किसी अन्य व्यक्ति को जारी होने के खुलासे के बाद से उसके परिजन उक्त राशि प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत के नुमाइंदों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अपने कारनामों को छिपाने के लिए उन्हें गोलमोल जबाब दिए जा रहे हैं।

इसलिए नहीं होती कार्यवाही

शौंचालय निर्माण में फर्जीवाड़े को उजागर कर उसकी शिकायत करने वाले ग्रामीण इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के चलते परेशान हैं। इनका आरोप है कि फर्जी समग्र आईडी से लेकर कागजों पर शौंचालय बनवाने तक कई स्तर पर हुए घपले को दबाने के लिए अफसर शिकायत पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। दरअसल पन्ना में पंचायतों व्याप्त अथाह भ्रष्टाचार को लेकर यह आम धारणा है कि विकास कार्यों की राशि जारी होने पर जनपदों में लगने वाले 20-25 प्रतिशत कमीशन के चलते यहां भ्रष्टाचार की जानबूझकर अनदेखी की जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों या फिर किसी अन्य अवसरों पर वरिष्ठ अधिकारियों के अघोषित निर्देशों पर ग्राम पंचायतों से जो भीड़ लाई जाती है उसका कोई बजट तो पृथक से होता नहीं है, इसलिए उक्त अतिरिक्त खर्चों की पूर्ती के लिए जनपद से लेकर जिला पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन्हें मनमानी करने की खुली छूट दे रखी है। शिकवा-शिकायत होने पर जांच की आड़ में भी पंचायतों के नुमाइंदों से आमतौर पर वसूली ही होती है। भ्रष्टाचार को लेकर बनी इस मूक सहमति के कारण जीरो-टॉलरेंस के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। आमजन को सुनवाई की झूठी तसल्ली देने के लिए यहां जनसुनवाई हर सप्ताह की जाती है, जिसमें आने वाले 95 फीसदी आवेदनों को एक प्रतिवेदन लगाकर नस्तीबद्ध कर दिया जाता है। इन हालत क्या ग्राम पंचायत गूढ़ा के फर्जीवाड़े पर कार्यवाही होगी, अगर होगी तो कब तक? कहना मुश्किल पर समझना आसान है।

इनका कहना है

आपने जनपद सीईओ सर से शौंचालय निर्माण की शिकायत के संबंध चर्चा की थी, इसलिए मिलने आया हूं। मैनें जानबूझकर कोई गड़बड़ी नहीं की है, जिनके खातों में राशि जारी की गई है वे मृतकों के परिजन हैं। कतिपय लोग जानबूझकर झूठी शिकायत कर मुझे बदनाम और परेशान कर रहे हैं।” 

                     जेपी चनपुरिया, जीआरएस ग्राम पंचायत गूढ़ा।

पूर्व की शिकायत कहां गई आप इसमें ना पड़ें, मैं जो कह रहा हूं उसे सुनें ग्रामीणों से पुनः शिकायत करवा दें, क्या मामला है मैं उसे देख लूंगा, आप परेशान ना हों।

                       सतीष सिंह नागवंशी, सीईओ जपं पवई।

मुझे शिकायत का तो याद नहीं है लेकिन आपके द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण जानकारी की जांच कराई जाएगी, उसमें यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

                                                गिरीश मिश्रा, सीईओ जिपं पन्ना।

प्रदेश के 6 जिलों में सामान्य से अधिक, 34 में सामान्य वर्षा दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

सर्वाधिक वर्षा 665.6 मिलीमीटर मंडला में दर्ज 

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 5 अगस्त तक 6 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 34 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है। कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 11 है। सर्वाधिक वर्षा 665.6 मिलीमीटर मंडला में और सबसे कम 238.6 मिलीमीटर अलीराजपुर में दर्ज की गई है। सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले मुरैना, सिंगरौली, टीकमगढ़, नीमच, दतिया और भिण्ड हैं।

सामान्य वर्षा वाले जिले जबलपुर, सिवनी, मण्डला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, रीवा, छतरपुर, शिवपुरी, सतना, उमरिया, मंदसौर,, झाबुआ, इंदौर, खण्डवा, बुरहानपुर, बड़वानी, उज्जैन, रतलाम, देवास, शाजापुर, श्योपुरकलां, आगर-मालवा, ग्वालियर, गुना, भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, होशंगाबाद और सीधी हैं। कम वर्षा वाले जिले बालाघाट, डिण्डोरी, कटनी, अनूपपुर, धार, अलीराजपुर, हरदा, बैतूल, शहडोल खरगोन और अशोकनगर हैं।

 प्रदेश के प्रमुख जलाशयों का जल-स्तर

जलाशय

उच्चतम जल-स्तर
(मीटर में)

वर्तमान जल-स्तर

(मीटर में)

बरगी-जबलपुर

422.76

420.55

तवा-होशंगाबाद

355.39

347.22

बारना-रायसेन

348.55

342.87

इंदिरा सागर-खण्डवा

262.13

253.19

ओंकारेश्वर

196.60

192.22

बाणसागर-शहडोल

341.64

335.28

संजय सरोवर-सिवनी

519.38

514.30

राजीव सागर-बालाघाट

344.40

339.80

गांधी सागर-मंदसौर

399.89

388.44

मनीखेड़ा-शिवपुरी

346.25

334.55

गोपीकृष्ण-गुना

434

428.63

माही-झाबुआ

451.50

443.30

हलाली सम्राट अशोक सागर-विदिशा

459.61

455.85

कोलार-सीहोर

462.20

448.04

केरवा-भोपाल

509.93

507.25

राजघाट-ललितपुर

371

368.00

पेंच-छिन्दवाड़ा

625.75

622.70

कलियासोत-भोपाल

505.67

494.20

 

मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में किया 86 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

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सांकेतिक फोटो।

 जावद विधानसभा क्षेत्र के मोरवन में आयोजित हुआ कार्यक्र

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नीमच जिले में 85 करोड 96 लाख रुपये लागत के 44 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्री चौहान ने जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरवन में आयोजित कार्यक्रम में 80 करोड़ 35 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मनासा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ 61 लाख रुपये लागत के 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, पर्यटन राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा, सांसद प्रभात झा और सुधीर गुप्ता, विधायक  कैलाश चावला, ओमप्रकाश सकलेचा और दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका जाट, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, अन्य जन-प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

बुलडोजर चलवाकर 5 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया

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वनभूमि पर अतिक्रमण कर बनाये गए मकानों को ध्वस्त करता बुलडोजर।

पन्ना जिले की पवई रेंज अंतर्गत पड़रहा बीट में हुई कार्रवाई

बाँध प्रभावित लाखों का मुआवजा लेकर वन भूमि में बना रहे थे मकान

पन्ना। रडार न्यूज  तेजी से उजड़ते जंगल और सिकुड़ती वन भूमि को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बचाये रखना वर्तमान समय में बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। तमाम विषम परिस्थितियों और व्यवहारिक कठिनाईयों से जूझते हुए वन विभाग के कतिपय अधिकारी-कर्मचारी वन और वन्यजीवों के संरक्षण के अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल की पवई रेंज अंतर्गत पड़रहा बीट की पांच हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई ऐसी ही एक ईमानदार कोशिश है। पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में की गयी इस कार्यवाही की जितनी भी सराहना की जाये शायद वह कम है। इसकी वजह दरअसल यह है कि भारी दबाब-तनाव के बीच वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्यवाही को बड़ी ही सूझबूझ और संवेदनशीलता के साथ अंजाम दिया गया। जिससे मौके पर कोई विवाद या खास विरोध की स्थिति निर्मित नहीं हो पाई। । यह वन विभाग की चाक-चौबंद व्यवस्था का ही असर था कि अतिक्रमणकारियों की आंखों के सामने बुलडोजर उनके आधे-अधूरे बने आशियानों को ध्वस्त करता रहा लेकिन किसी ने भी इसमें बाधक बनना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं सभी अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बकायदा भारतीय वन अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण भी पंजीबद्ध किया गया है।

रोकने के बाद भी जारी रखा अतिक्रमण

अपना गृहस्थी का सामान समेटते अतिक्रमणकारी।

उल्लेखनीय है कि पड़रहा ग्राम के पवई मध्यम सिंचाई परियोजना प्रभावित 30-35 ग्रामीणों को उनकी भूमि के अधिग्रहण के एवज में लाखों का मुआवजा मिला है। इनका विस्थापन समीपी ग्राम बिसानी के राजस्व क्षेत्र में किया गया था। बाबजूद इसके उक्त ग्रामीणों द्वारा पवई रेंज अंतर्गत पड़रहा बीट के कक्ष क्रमांक पी-701 में अवैध कब्जा कर झोपड़ी और मकानों का निर्माण कर स्थाई अतिक्रमण किया जा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार द्वारा समस्त अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध 27 जुलाई 2018 को सर्वप्रथम नियमनुसार वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु नोटिस जारी किये गए। लेकिन इनके द्वारा अतिक्रमण करना बंद नहीं किया गया। तत्पश्चात डीएफओ को इसकी जानकारी देते हुए उनके निर्देशन में कार्यवाही हेतु एक दल गठित किया गया। साथ ही पुलिस से भी अतिक्रमण हटाने में सहयोग मांगा गया।

लकड़ी जप्त कर बनाये प्रकरण

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में शामिल वन विभाग का अमला।

रविवार 5 अगस्त को पूरी तैयारी के साथ रेंजर शिशुपाल अहिरवार बुलडोजर लेकर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और अतिक्रमणकारियों को गृहस्थी का सामान निकालने का मौका देते हुए कुछ ही देर बाद उनके मकानों और झोपड़ियों पर बुलडोजर चलवाकर उन्हें ध्वस्त करवा दिया। अतक्रमणकारियों द्वारा झोपड़ी बनाने के लिए जंगल से काटी गई लकड़ियों को जप्त करते हुए उनके खिलाफ वन अपराध के प्रकरण पंजीबद्ध किये गए। समस्त कार्यवाही की वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कराते हुए पड़रहा बीट की 5 हेक्टयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया । इस कार्यवाही में दक्षिण वन मंडल पन्ना की पवई , मोहन्द्रा, शाहनगर और रैपुरा रेंज के वनकर्मी शामिल रहे।

बालरंग महोत्सव में दिखेगी स्कूली बच्चों की प्रतिभा

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सांकेतिक फोटो।

शाला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएँ

23 अगस्त से स्कूली बच्चों के लिये बालरंग महोत्सव होगा प्रारंभ 

भोपाल। रडार न्यूज  प्रदेश में स्कूली छात्र-छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा को विकसित करने के मकसद से स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 में बालरंग महोत्सव का शैक्षणिक कैलेण्डर जारी कर दिया है। बालरंग महोत्सव के दौरान शाला, विकासखण्ड, जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। ये प्रतियोगिताएँ इस माह से प्रारंभ होकर आगामी दिसम्बर माह तक चलेंगी। संस्कृत विद्यालय और मदरसा तथा नि:शक्त बच्चों की प्रतियोगिताएँ और योग प्रतियोगिता 23 अगस्त को शाला स्तर, 24 सितम्बर को विकासखण्ड, 26 अक्टूबर को जिला, 5 दिसम्बर को संभाग, 19 दिसम्बर को राज्य और 20 तथा 21 दिसम्बर को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएंगी।

स्कूली बच्चों के लिये तात्कालिक भाषण, स्व-रचित काव्य-पाठ, सुगम संगीत, वादन, शास्त्रीय नृत्य, एकल अभिनय, चित्रकला, लोक-नृत्य, वेदपाठ, कव्वाली, सुलेख, निबंध लेखन प्रमुख प्रतियोगिताएँ होंगी। जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करें।

प्रदेश में वर्ष 2005 से राष्ट्रीय बालरंग का आयोजन भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में निरंतर किया जा रहा है। आयोजन में विभिन्न प्रदेशों के बच्चे लोक-नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ देते हैं। इसके अलावा, बालरंग उत्सव में प्रदेश के पुरस्कृत बच्चों की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रस्तुतियाँ भी होती हैं।

नौकरी मांगने वाले युवा आज दूसरों को दे रहे नौकरी : मंत्री मिश्र

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जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में रोजगार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन को संबोधित किया।

जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में बाँटे 13 करोड़

भोपाल। रडार न्यूज   जनसम्पर्क और जल संसाधन  मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में आज रोजगार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन में 881 हितग्राहियों को 13 करोड़ 9 लाख रूपये की राशि ऋण और अनुदान के रूप में बांटी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा सीहोर जिले के बुधनी में राज्य-स्तरीय समारोह का सीधा का प्रसारण किया गया।

मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में नौकरी मांगने वाले नौजवान खुद अपने उद्योग, व्यवसाय शुरू कर अन्य लोगों को नौकरियां दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने युवाओं को स्व-रोजगार के लिए पूरे अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करवाकर अपने पैरो पर खड़े होने में मदद की है। कार्यक्रम में योजनावार प्रगति की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 332 प्रकरण में 147 लाख, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में 523 प्रकरण में 1038 लाख, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में चार प्रकरण में 68 लाख, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में 22 प्रकरण में 54 लाख रूपये की राशि मंजूर की गई। कार्यक्रम में विधायक सेवढ़ा प्रदीप अग्रवाल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

मैथिली शरण गुप्त जयंती 

जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में शुक्रवार को देर शाम राष्ट्रकवि श्री मैथिली शरण गुप्त की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि श्री गुप्त राष्ट्र की धरोहर हैं। उनका साहित्य देश भक्ति से ओतप्रोत था। डॉ. मिश्र ने नागरिकों को राष्ट्रकवि रचित ‘पंचवटी’ के कुछ छंद भी सुनाए। उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों और महिला मण्डल के सदस्यों को इस अवसर पर पुरस्कृत और सम्मानित किया।

सीएम शिवराज ने खुद को बताया मदारी | बोले, मेरे डमरू बजाते ही हो जाते हैं कई काम

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी में राज्य स्तरीय रोजगार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन को संबोधित किया।

स्व-रोजगार क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने किया सराहनीय कार्य – हेगड़े

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 2150 युवाओं को स्व-रोजगार के लिए दी सहायता

 बुधनी में सम्पन्न हुआ राज्य-स्तरीय रोजगार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन 

भोपाल। रडार न्यूज  प्रदेश के युवाओं के लिए आज चार अगस्त का दिन उपहारों से भरा दिन रहा, जब 2 लाख 84 हजार से ज्यादा  युवाओं का अपना रोज़गार स्थापित करने का सपना पूरा हुआ। सीहोर जिले के बुधनी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय रोज़गार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन में 2150 युवाओं ने मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के हाथों लोन स्वीकृति एवं रोज़गार के आशय-पत्र प्राप्त किये। मुख्यमंत्री ने अन्य योजनाओं के 13 हजार 600 हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे  ऐसे मदारी हैं, जिनके डमरु बजाते ही बड़े-बड़े बिजली के बिल शून्य हो जाते हैं। वे ऐसे मदारी हैं, जो बच्चों की फीस भरते हैं और मध्यप्रदेश को बदलने के लिये संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबी दूर करने का काम किया है। प्रदेश को बीमारू राज्य के कलंक से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश विकसित राज्य बन गया है। अब इसे समृद्ध राज्य बनाने में कोई प्रयास अधूरे नहीं छोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में 7.50  लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इनमें से दो लाख 60 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। प्रदेश में अब गरीबी नहीं रहेगी। अगले 4 साल में गरीब झोपड़ी में नही, पक्के घरों में रहेंगे। श्री चौहान ने कहा कि रोजगार देने की नई योजनाएँ बनाई गई हैं। केवल 2 महीने के भीतर प्रदेश में 2 लाख 52 हजार 122 लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिले हैं। बच्चों को विदेशों में नौकरी करने के अवसर भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का अभियान जारी रहेगा।

गरीबी हटाने में सरकार का हाथ बँटायें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी में राज्य-स्तरीय रोजगार, स्व-रोजगार हितग्राही सम्मेलन में हितग्राहियों को रोजगार संबंधी आशय प्रमाण-पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं के स्व- सहायता समूहों को हरसंभव सहायता देकर आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल उन्हें शालाओं के गणवेश बनाने और पोषण आहार तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। अब उन्हें 5 करोड़ के बैंक लोन पर गारंटी दी जाएगी और इस पर लगने वाले ब्याज की 3 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में सरकार देगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की जिंदगी बदलना है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि प्रदेश से गरीबी हटाने में सरकार का हाथ बँटाये, सहयोग करें।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं में सीहोर जिले के हितग्राहियों को 84 करोड़ रूपये के हित लाभ का वितरण किया। उन्होंने बुधनी में ई-अस्पताल पोर्टल का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 10 करोड़ 40 लाख लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। 

हर गाँव में पहुँचेगा कौशल रथ

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी में ई-अस्पताल पोर्टल का शुभारंभ किया।

केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने राज्य सरकार के रोजगार निर्माण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में युवाओं को रोजगार देने का मिशन पूरा हो रहा है। युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था। आज लाखों युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के भरपूर अवसर मिल रहे हैं।

श्री हेगड़े ने कहा कि केन्द्र सरकार का सपना है कि सभी नौजवानों को रोजगार के अवसर मिलें। युवाओं को कौशल संबंधी मार्गदर्शन देने और उन्हें कौशल मिशन से जोड़ने के लिये कौशल रथ तैयार किया गया है, जो मध्यप्रदेश के हर गाँव में पहुँचेगा। इस रथ के माध्यम से युवाओं को मार्गदर्शन दिया जायेगा कि वे पढ़ाई के बाद किस दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर युवाओं के लिये रोजगार निर्माण का काम कर रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य यही है कि हर गाँव से उद्यमी तैयार होना चाहिये।

इस अवसर पर अखिल भारतीय किरार महासभा की अध्यक्षा श्रीमती साधना सिंह चौहान, सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री रामपाल सिंह, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष रमाकांत भार्गव, मध्यप्रदेश रोज़गार बोर्ड के अध्यक्ष  हेमंत देशमुख, वन विकास निगम के अध्यक्ष  गुरु प्रसाद शर्मा, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला बरेठा और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे।