राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल राजभवन में सांस्कृतिक प्रस्तुत करने वाले बच्चों के साथ।
विजेता बच्चों की कलाकृति की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया
भोपाल। रडार न्यूज राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राजभवन में कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।राज्यपाल ने उत्सुकता के साथ नन्हें बच्चों की प्रस्तुति को देखा और सराहना की।
राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल राजभवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखते हुए।
राज्यपाल ने राजभवन में आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिता में विजेता बच्चों की कलाकृति की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री डी.डी. अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। राजभवन के इतिहास में यह पहला अवसर है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ है। कार्यक्रम में बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों महात्मा गाँधी, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई आदि के व्यक्तित्व एवं बलिदान की कथाओं पर आधारित एकल नाटक प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा पर देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत की गईं।
आमजन के लिए 16 को भी खुला रहेगा राजभवन
राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल ने बच्चों द्वारा बनायी गयी पेंटिंग एवं अन्य सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने आमजनों की भीड़ तथा उत्साह को देखते हुए राजभवन को आमजन के लिए 16 अगस्त तक खोलेने के आदेश दिये हैं। पूर्व में राजभवन में आमजन के प्रवेश के लिये 11 अगस्त से 15 अगस्त तक के आदेश दिये गये थे। स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में दोपहर में शासकीय कार्यक्रमों को देखते हुए आमजन तथा बच्चों के लिए शाम 7 बजे से प्रवेश रखा गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
“एक शाम वीरों के नाम” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
प्राणों का उत्सर्ग करने वाले शहीदों की यादों को शौर्य स्मारक में संजोया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शौर्य स्मारक में गाये देश भक्ति के तराने
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सपत्नीक स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शौर्य स्मारक में आयोजित “एक शाम वीरों के नाम” कार्यक्रम में शामिल हुए। शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग, तपस्या और बलिदान से ही आज पूरा देश सुरक्षित है। राज्य सरकार ने शहीदों की शहादत को सम्मानित करने के लिये हर वर्ष 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद सैनिक, अर्द्ध सैनिक और पुलिस बल के लगभग 30 हजार जवानों ने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए प्राणों का उत्सर्ग किया है। ऐसे वीरों के प्रति श्रद्धा के केन्द्र के रूप में शौर्य स्मारक की स्थापना की गई है। स्मारक में शहीदों की यादों को संजोया गया है ताकि पूरा समाज उनका स्मरण कर सके, उन्हें नमन कर सके।
शहीद के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में देश भक्ति के गीत गाये।
श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को सम्मान निधि के रूप में एक करोड़ रूपये की राशि देने का निर्णय लिया है। इस राशि में से 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जायेगी ताकि वे अपना जीवन सुख-शांति से व्यतीत कर सके। सम्मानित निधि की शेष 60 प्रतिशत राशि शहीद की पत्नी को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में योग्यतानुसार नौकरी देगी। शहीदों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिये आवासीय भूखण्ड अथवा फ्लेट दिया जायेगा। शहीद की स्मृति में सार्वजनिक स्थानों का नामकरण किया जायेगा। शहीदों के परिजनों की सहमति से शहीद वीरों की प्रतिमा स्थापित करने का प्रावधान भी किया गया है।
राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद सम्मान दिवस पर शौर्य स्मारक में उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत “मेरा रंग दे बसंती चोला” गाया और “अपनी सेना को जानिये” विषयक आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मिलेट्री बैंड ने सलाम टू सोल्जर, जय हो गीत की, पाइप बैंड ने हन्ड्रेड-पाइपर्स, जय जन्मभूमि, जॉज बैंड ने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत की और अभिलाष म्यूजिकल ग्रुप ने सारे जहां से अच्छा, कदमों से कदम मिलते है, गीत की प्रस्तुतियां दी। प्रारंभ में अतिथियों ने प्रदेश के शहीदों के गाँवों की मिट्टी शौर्य रज पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ। इस अवसर पर सेना के लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी. सिंह, मेजर जनरल पी.पी.एस. रावत, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला और अपर मुख्य सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव, गणमान्य नागरिक, सेना के जवान, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।
अभियान में मध्यप्रदेश के 8 जिलों को मिली श्रेष्ठ रैंकिंग
भोपाल। रडार न्यूज केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के राष्ट्रीय कृषि कल्याण अभियान में चलाये जा रहे कार्यक्रमों में प्रदेश के छतरपुर और राजगढ़ जिले को संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला है। इन जिलों में अभियान के तहत बेहतर काम किया गया है। अभियान में प्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, राजगढ़, गुना, विदिशा, सिंगरौली, बड़वानी, खण्डवा और दमोह को श्रेष्ठ रैंकिंग मिली है।
छतरपुर जिले में इस वर्ष एक जून से 14 अगस्त के दौरान लक्ष्य का शत-प्रतिशत 5362 स्वाइल हेल्थ-कार्ड बाँटे गये हैं। जिले में 4104 मिनी किट्स, सामाजिक वानिकी क्षेत्र में बाँस-रोपण में निर्धारित लक्ष्य से अधिक 25 हजार पौधों का रोपण किया गया है। नाडेप में शत-प्रतिशत और कृत्रिम गर्भाधान में निर्धारित लक्ष्य 2500 के विरुद्ध 2525 की उपलब्धि हासिल की गई है। कृषि आदान में निर्धारित किये गये 250 लक्ष्य के विरुद्ध 615 और किसानों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में लक्ष्य 75 के विरुद्ध 357 उपलब्धि हासिल की गई है।
अभियान में राजगढ़ को भी पहला स्थान मिला है। यहाँ पर 16 हजार 919 स्वाइल हेल्थ-कार्ड, लक्ष्य से अधिक 4050 मिनी किट्स वितरित किये गये हैं। सामाजिक वानिकी में शत-प्रतिशत, नाडेप में लक्ष्य से अधिक 572, कृषि आदान में लक्ष्य 250 के विरुद्ध 340 और किसानों के ट्रेनिंग प्रोग्राम में 75 के लक्ष्य के विरुद्ध 101 की उपलब्धि हासिल की गई है। अभियान में गुना दूसरे स्थान पर, विदिशा को छठवाँ, सिंगरौली को सातवाँ, बड़वानी को नौवाँ, खण्डवा को 12वाँ और दमोह जिले को 16वें स्थान की रैंकिंग मिली है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय का कृषि कल्याण अभियान महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। अभियान में किसानों को कृषि आमदनी बढ़ाने के लिये विभिन्न प्रकार की मदद उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि कल्याण अभियान में देश के 112 जिलों में स्वाइल हेल्थ-कार्ड, मिनी किट्स, कृषि वानिकी, नाडेप, कृत्रिम गर्भाधान, कृषि आदान और ट्रेनिंग प्रोग्राम क्रियान्वित किये जा रहे हैं।
शौर्य वीर स्व. प्यारेलाल मिश्रा एवं स्व. बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण करतीं मंत्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री। के
मंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को दी श्रद्धाजंलि
बृजपुर में मनाया गया शौर्य दिवस,शहीदों के परिजनों का भी किया गया सम्मान
पन्ना। रडार न्यूज देश की आजादी के पर्व स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व 14 अगस्त 2018 को शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। पन्ना जिले में सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य आतिथ्य में शासकीय उमावि बृजपुर में शौर्य दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें जिले से संबंध रखने वाले शौर्य वीर स्वर्गीय प्यारेलाल मिश्रा एवं स्वर्गीय बालेन्द्र सिंह की शहादत का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। शहीदों के परिजनों को भी शॉल, श्रीफल एवं प्रमाण पत्र प्रदाय कर सम्मानित किया गया।
शहीदों की विधवाओं का किया सम्मान
शौर्य वीर स्व. प्यारेलाल मिश्रा एवं स्व. बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण करतीं मंत्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री सुश्री महदेले सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा शौर्य वीर स्व. श्री प्यारेलाल मिश्रा (जिले के ग्राम रमखिरिया में जन्में) एवं स्व. श्री बालेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर किया गया। जिसके बाद मंत्री सुश्री महदेले द्वारा उनके सभी परिजनों का तिलक लगाकर, शॉल, श्रीफल एवं माल्यार्पण से सम्मानित किया। तदउपरांत दोनों शहीदों की पत्नियों को शहीद सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदाय किए गए। इस अवसर पर मंत्री सुश्री महदेले ने शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 के पूर्व हमारा देश गुलाम था। यह आजादी हमें अनेक बलिदानों और संघर्षो के बाद मिली है। इसी उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व शौर्य दिवस मनाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। यह पहली बार है जब स्वतंत्रता दिवस के पूर्व स्थानीय शहीदों को याद कर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। शहीदों की याद में ही भोपाल में शौर्य स्मरण बनाई गयी है। जब भी अवसर मिले इसे जरूर देखें।
शहीदों के परिवार के सम्मान की जिम्मेदारी हमारी
हमारे वीर जवान कुछ देश के अन्दर तो कुछ देश की सीमा पर अपने प्राणों का भय त्याग कर हमारी रक्षा करते हैं। इस दौरान कई बार उनके प्राण न्यौछावर हो जाते हैं। जिसके बाद उनके परिवार की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी हमारी है। जिसे हमें निभाना चाहिए। इससे अन्य परिवार भी प्रेरित होंगे। उन्होंने सभी से अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देशहित में जब भी कुछ करने का अवसर आए उसके लिए तत्पर रहने का प्रण लेने की अपील की। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, बुन्देलखण्ड प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह ने भी जिले के शहीदों के सम्मान में सभी उपस्थितों को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी छतरपुर मधुकर जोशी ने शहीद वीरों का स्मरण करने तथा उनके परिजनों को सम्मानित करने हेतु बड़ी संख्या में उपस्थित रहने के लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, आशुतोष महदेले, बृजेन्द्र गर्ग सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, पत्रकारबन्धु, स्कूली बच्चे तथा क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग़।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छात्र-छात्राएं देंगी प्रस्तुति
पन्ना। रडार न्यूज स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह जिला मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। समारोह प्रातः 9 बजे मुख्य अतिथि सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा ध्वजारोहण से प्रारंभ होगा। इसके बाद मुख्य अतिथि सुश्री महदेले जिला पुलिस बल, नगर सैनिक, एनसीसी की संयुक्त परेड की सलामी लेंगी। परेड के निरीक्षण के बाद वे मुख्यमंत्री जी के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगी। इसके बाद समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह का समापन पुरस्कार वितरण से होगा। समारोह में भाग लेने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सांसद, विधायकगणों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी नगरपालिका, विकासखण्डों, नगर परिषद तथा ग्राम पंचायतों में भी समारोहपूर्वक स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में विशेष मध्यान्ह भोज आयोजित किया जाएगा।
जिला पंचायत में अध्यक्ष आज करेंगे ध्वजारोहण
राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2018 को जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ध्वजारोहण करेंगे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जिला पंचायत के सभी सदस्यों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों से इस अवसर पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में शहीदों के परिजनो को सम्मानित किया।
प्रदेश में हर वर्ष 14 अगस्त को मनेगा शहीद सम्मान दिवस
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भिण्ड में शहीदो के परिजन को किया सम्मानित
भोपाल । रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भिण्ड में शहीद सम्मान दिवस समारोह में घोषणा की कि शहीदों को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली 1 करोड़ रूपये की सम्मान निधि में से 60 प्रतिशत राशि शहीद के वैधानिक वारिस और 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जायेगी ताकि वे सम्मान पूर्वक जीवन जी सकें। इसी के साथ, शहीदों के माता-पिता को जीवन-यापन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 हजार रुपये प्रति माह की पेंशन भी दी जायेगी। साथ ही शहीद के वारिस को नौकरी, फ्लैट अथवा आवासीय प्लॉट दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में छत्तीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद जितेन्द्र सिंह के पिता रामवीर सिंह को एक करोड़ रूपये की सम्मान राशि का चेक दिया।
श्री चौहान ने कहा कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक मार्ग, चौराहों और स्थलों का नामकरण किया जायेगा। स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर शहीदों की प्रतिमाएँ लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने समारोह में भिण्ड जिले के 119 शहीदों के परिजनों को शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शहीदों का राष्ट्र पर कर्ज है। हम मध्यप्रदेश में शहीदों की शहादत को नमन करते हुए परिजनों को सम्मानित करने की परंपरा कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों का स्मरण कर हम उनके कर्ज को उतारने का प्रयास करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद सीमांत की रक्षा, आतंकवाद जैसी कार्यवाहियों में देश के 30 हजार जवानों ने शहादत दी है। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश के 602 शहीदों को अब तक सूचीबद्ध किया गया है। इनमें भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर जिले के शहीदों की संख्या सर्वाधिक है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिण्ड में छतीसगढ़ सुकमा नक्सली हमले में शहीद जितेन्द्र सिंह के फोटो पर माल्यार्पण किया।
इसके पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में स्वयं का सम्मान करवाने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में शहीद सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। इसलिये आज केवल शहीदों के परिजनों और वीर नारियों का सम्मान किया जाये। समारोह में सामान्य प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी, राज्य बीज निगम के उपाध्यक्ष मुन्नासिंह भदौरिया, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष के.पी. सिंह भदौरिया, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला, मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण बोर्ड के निर्देशक बिग्रेडियर आर.एस. नौटियाल, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
पन्ना कलेक्ट्रेट से दोनों को पकड़कर पुलिस ले गई कोतवाली थाना
कतिपय संगठनों के विरोध के कारण वैवाहिक बंधन में नहीं बंध पाए दो बालिग
पन्ना। रडार न्यूज हमारा समाज चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो, पर आज आम सोच यही है कि बच्चों की जिंदगी पर माता-पिता का पूरा अधिकार है। बच्चों को अपनी जिंदगी हर फैसला उनसे पूंछकर ही लेना चाहिए। बात अगर शादी की हो तो माता-पिता की राय का काफी महत्व समझा जाता है। जिसे जीवनसाथी चुना है अगर वह अंतरजातीय है तो उससे विवाह के लिए परिवार को राजी करना आसान नहीं होता है। यदि प्रेमी जोड़ा अंतरधार्मिक है तो समस्या कहीं अधिक जटिल हो जाती है। दरअसल समाज में स्वीकार्यता ना होने के कारण अंतरधार्मिक विवाह को किसी गंभीर अपराध या पाप की तरह देखा जाता है। यही वजह है कि अंतरधार्मिक जोड़े की शादी के लिए प्रायः उनके परिवार के लोग ही राजी नहीं होते और समाज तो हमेशा ही इनके खिलाफ रहता है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में तो अंतरधार्मिक विवाहों पर खासा बबाल मचता है। कतिपय संगठन अपने राजनैतिक उद्देश्य की पूर्ती के लिए युवक और युवती का धर्म देखकर इनका समर्थन या विरोध करते हैं। मध्यप्रदेश के पन्ना में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ। यहां एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े को कानूनी रूप से विवाह करने के लिए हर कदम पर विरोध और अड़चनों का सामना करना पड़ा।
अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाला प्रेमी युगल कतिपय संगठनों के विरोध और उसके दबाब में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के कारण कानूनी रूप से विवाह बंधन में नहीं बंध सका। दोनों बालिगों को पुलिस कानून व्यवस्था बिगड़ने व डायल 100 पर युवती के परिजनों द्वारा की गई शिकायत का हवाला देकर पन्ना कलेक्ट्रेट कर्यालय से कोतवाली थाना ले गई। उधर युवती को खोजते हुए उसके भाई कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए। दोनों भाईयों ने पुलिस की मौजूदगी में बहिन से जब घर चलने को कहा तो उसने प्रेमी को छोड़कर कहीं भी जाने से साफ़ इंकार कर दिया।
सांकेतिक फोटो।
युवती ने बड़े ही बेबाक अंदाज में सबके सामने एक महिला एएसआई को बताया कि वे दोनों अजयगढ़ थाना क्षेत्र के एक ही गांव में पड़ोस में रहते हैं। उनके बीच पिछले पांच साल से प्रेम संबंध हैं। इसकी जानकारी दोनों के परिवार वालों को है। युवती ने बताया कि घर के लोग मेरे ऊपर इच्छा के विरुद्ध विवाह करने का दबाब डाल रहे हैं। मना करने पर उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई। युवती के अनुसार वह कक्षा 11वीं उत्तीर्ण है, अंकसूची के आधार पर वर्तमान में उसकी उम्र 20 वर्ष है, इसलिए वह अपने जीवन का निर्णय लेने में सक्षम व स्वतंत्र है। इस दौरान वह बार-बार यह आरोप लगाती रही कि कथिततौर पर उसके अधिवक्ता ने उनके साथ धोखा किया है। विवाह कराने के नाम पर मोटी फीस लेने के बाद भी संकट में हमारी कोई मदद नहीं की। युवती ने कोतवाली पुलिस से चेतावनी भरे लहजे कहा कि यदि उसे किसी के दबाब में प्रेमी से विवाह करने से रोका गया तो वह अपनी जान दे देगी।
सांकेतिक फोटो।
युवती के इन तेवरों को देखते हुए पुलिस ने उसके गुम होने संबंधी डायल 100 पर हुई शिकायत की जाँच का हवाला देकर काफी समझाइश के बाद बमुश्किल भाइयों के साथ अजयगढ़ थाना जाने के लिए राजी किया। सोमवार की शाम युवती को अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसके दोनों भाई अजयगढ़ के लिए रवाना हो गए। जबकि युवक को पूंछतांछ के लिए थाना में रातभर रोक कर रखा गया। उक्त युवक की आयु करीब 23 वर्ष है। वर्तमान में वह इंदौर में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग कर रहा है। मंगलवार की सुबह युवक के परिजनों के आने पर कोतवाली थाना पुलिस ने उसे भी सुपुर्दगी में देकर छोड़ दिया। इस प्रकरण में कोतवाली थाना पुलिस की भूमिका को लेकर जब पन्ना एसपी से पूंछा गया तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए अधीनस्थों से जानकारी लेकर जबाब देने की बात कही। कुछ समय बाद पुलिस कप्तान से पुनः सम्पर्क करने पर उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। उधर अजयगढ़ थाना प्रभारी ने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया।
इनका कहना है-“कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ संगठनों के लोग उनकी कोर्ट मैरिज का विरोध करने के लिए एकत्र हो गए थे जिससे युवक-युवती पर खतरे को देखते हुए कोतवाली थाना लाया गया था। साथ ही उक्त युवती के लापता होने के संबंध उसके परिजनों ने डायल 100 पर सूचना दी थी। युवती के संदिग्ध अवस्था कलेक्ट्रेट परिसर में देखे जाने की सूचना मिलने पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर अग्रिम कार्रवाई हेतु अजयगढ़ थाना भेजा गया। युवक को भी आज सुबह छोड़ दिया है।”
प्रस्तुति गायिका सुश्री ममता शर्मा एवं साथी बनारस द्वारा अवधी गीतों की प्रस्तुति दी गई।
श्रीरामकथा के नव कलाप्रयोगों पर एकाग्र ‘‘रामायणम’’ समारोह का हुआ समापन
पारम्परिक नृत्य शैलियों के समन्वय से श्रीरामकथा नृत्य नाट्य की प्रस्तुति
अवधी गीतों में राम जन्म से लेकर राम वनवास तक के प्रसंगो को सुनाया
चित्रकूट। रडार न्यूज मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा तुलसी शोध संस्थान, चित्रकूट में श्रीरामकथा के नव कलाप्रयोगों पर एकाग्र तीन दिवसीय प्रतिष्ठा आयोजन ‘रामायणम’ का आयोजन 11 से 13 अगस्त 2018 तक तुलसी भवन के नवनिर्मित ऑडिटोरियम में किया गया। श्रीरामकथा के कलारूपों की भारत के अनेक प्रान्तों की गायन, नृत्य, नाट्य आदि शौलियों में गान, मंचन और अभिनय की सुदीर्ध परम्परा है। रामकथा आख्यान विश्व की ऐसी मूल्य निर्मिति की कथा है जिसका विस्तार अन्य देशों में भी हैं। समकाल में हो रहे परिवर्तनों से कलाएँ भी अछूती नहीं है। ऐसे समय में हमारा दायित्व है कि नई पीढ़ी को मूल्यों के इस महाग्रन्थ की शास्वत जीवन उपयोगिता और महत्व के बारे में बताया जाये।
समकाल में कलाएँ इसका सशक्त माध्यम है। इस दृष्टि से रामकथा के नव कलाप्रयोगों को आधार बनाकर तीन दिवसीय ‘रामायणम’ समारोह की परिकल्पना की गई हैं। जिस तहर से पिछले दो दिनों में नवाचारी प्रयोगों को सुधि दर्शक-श्रोताओं की सराहना और प्रतिक्रिया मिली है तथा बच्चों और युवाओं ने जिस गभीरता के साथ कथा को देखा-सुना है, उससे इस आयोजन की सार्थकता श्री राम की लीला चित्रकूट में आशाजनक लगती है। बशर्ते इसकी गंभीरता को समझा जाये।
समारोह के समापन दिवस 13 अगस्त, 2018 को पहली प्रस्तुति गायिका -सुश्री ममता शर्मा एवं साथी -बनारस द्वारा अवधी गीतों में राम जन्म से लेकर राम वनवास तक के प्रसंगो पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियाँ दी गई। दूसरी प्रस्तुति तिरूअनंतपुरम केरल से पधारे जॉय कृष्नन और साथियों द्वारा केरल की पारम्परिक नृत्य शैली केरलानादनम और शास्त्रीय नृत्य शैली भरतनाट्यम और कुचीपुड़ी के समन्वय से श्रीरामकथा नृत्य नाट्य की प्रस्तुतियाँ प्रकाश और ध्वनि के साथ कलाकारों के अद्भुत कला को देखकर दर्शकों द्वारा बार-बार तालियों से अभिवादन एवं मंत्रमुग्ध कथा का श्रवण करते रहे।
भोपाल। रडार न्यूज पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि ग्रामसभा पंचायत राज व्यवस्था का आधार है। इनके जरिये प्रत्येक ग्रामवासी ग्राम विकास में भागीदार बन सकता है। ग्राम सभा निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके कार्यों का सामाजिक मूल्यांकन करती है। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक ग्रामवासी अनिवार्य रूप से ग्राम सभा में भागीदारी दर्ज करवाये।
मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि मध्यप्रदेश पंचायत राज और ग्राम स्वराज अधिनियम-1993 के प्रावधानों के तहत 15 अगस्त, 2018 से चरणबद्ध ग्राम-सभाएँ की जायेगी। ग्राम-सभाओं में पंच परमेश्वर योजना की प्रगति, प्रधानमंत्री आवास की प्रगति, आवास एप, पंजीयन पर चर्चा, ग्राम को खुले में शौच से मुक्त और कचरा-मुक्त, कीचड़-मुक्त करने ग्राम पंचायत में अनिवार्य करारोपण एवं वसूली, आँगनवाड़ी पोषण आहार, मध्यान्ह भोजन, पेंशन योजनाओं, नशामुक्ति, स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी। आयुक्त पंचायत राज शमीमउद्दीन ने बताया कि ग्राम-सभाओं में जिला कलेक्टर की ओर से एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। ग्रामसभा की सूचना पंचायत भवन के सूचना-पटल और सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
युवक कांग्रेस ने निकाली नफरत छोड़ो-गांधी संदेश यात्रा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा पर किया मल्यापर्ण
पन्ना। रडार न्यूज केंद्र की मोदी सरकार की ध्रुवीकरण की राजनीति के कारण हाल के कुछ वर्षों में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच कटुता और संघर्ष बढ़ा है। देश की एकता-अखंडता, शांति और सौहार्द को खतरे में डालने वाले घृणा के इस माहौल के खिलाफ मानववीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए युवक कांग्रेस के 48 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पन्ना में जिला युवक कांग्रेस के तत्वाधान में नफरत छोड़ो गांधी संदेश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा स्थानीय गल्ला मण्डी से जिला युवक कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष वैभव थापक के नेतृत्व में निकाली गयी जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुये गांधी चौक पहुंची जहां पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मल्यापर्ण कर उन्हे श्रृद्धांलजली अर्पित की गयी। यात्रा के माध्यम से युवाओं ने नगर के लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। यात्रा में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागण आगे-आगे चल रहे थे। साथ ही युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने हाथों में बड़े-बड़े तिरंगा झण्डा लिये थे। आयोजित की गयी संदेश यात्रा में जिला युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शिवजीत सिंह भैया राजा ने कहा कि यह देश सभी जाति सम्प्रदायों धर्मों का देश है यहां पर सभी एक साथ मिल कर रहते है इसीलिये हमें नफरत फैलाने वालों से दूर रहते हुये देश की रक्षा करना है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुंवर ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत की एकता-अखण्डता को कायम रखते हुये सांप्रदायिक शक्तियों को बेनकाब करना है।
कांग्रेस सबको साथ लेकर चलती है
पूर्व नपा अध्यक्ष शारदा पाठक ने कहा कि कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जो सभी जाति धर्मों समाज के लोगों को लेकर एक साथ चलती है। कांग्रेस उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा ने युवक कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुये कहा कि युवक कांग्रेस पार्टी की मुख्य रीड़ है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनीष खान ने कहा कि इतिहास साक्षी है, संकट के समय युवा शक्ति में इस देश को भारतीय और मानवीय मूल्यों के अनुसार हमेशा ही सही दिशा देने का काम किया। अपने महान बलिदानी नेताओं के पदचिन्हों पर चलते हुए युवा कांग्रेस आज वही काम कर रही है। किसान कांग्रेस अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम होने से आम जनमानस में अच्छा संदेश जाता है। युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष दीपक तिवारी ने नफरत छोड़ो गांधी संदेश यात्रा को पूरे जिले में ले जाने की बात कही। यात्रा के संयोजक वैभव थापक ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति पूरी दुनिया को एक परिवार मानती है। हम किसी से धर्म, जाति, भाषा या नस्ल आदि के आधार पर भेद नहीं करते। लेकिन वर्तमान में सत्ता में बैठी ताकतें अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए लगातार साम्प्रदायिक राजनीति को प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है। चुनावी लाभ के लिए नफरत और हिंसा की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की जानबूझकर अनदेखी की जा रही। समाज को तोड़ने वाले मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध कर हैं। इन्हें बेनकाब करने और इनके घृणित कृत्यों को असफल करने का काम युवा कांग्रेस सदैव करती रहेगी। श्री थापक ने कहा कि हम तोड़ने कि नहीं बल्कि जोड़ने की राजनीति करते हैं।
ये रहे शामिल
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में डी.के.दुबे, मुरारी लाल थापक, कमलेश रावत, मनोज सेन, पुष्पेन्द्र सिंह, मौसम खान, रामदास जाटव, शिवप्रकाश दीक्षित, के.पी.ङ्क्षसह बुंदेला, बाला प्रसाद लोधी, सरदार सिंह यादव, उमाशंकर बाजपेयी, भोले कुशवाहा, सौरभ पटैरिया, दीपू दीक्षित, भूरे आदिवासी, अंका रिछारिया, के.डी.बुंदेला, आकाश पराशर, लोकेन्द्र यादव, पिंकू सिद्दीकी, मोहम्मद जाफर, शेख मोहम्मद, राजा तिवारी, राजेश कुशवाहा, अनुराग मसीह, विकास तिवारी, सिद्धार्थ शर्मा, अंकित रजक सहित काफी संख्या में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल थे।