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बिन पानी सब सून : बुंदेलखंड में पूरे गाँव ने किया पलायन, भीषण सूखे के कारण 250 दलितों ने छोड़ा गाँव

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जल स्तर नीचे जाने हवा उगल रहे हैण्डपम्प को चलाकर जल संकट की हकीकत को दिखाते छापर के ग्रामीण।

* पन्ना जिले के छापर गांव के रहवासियों ने ककरहटी के लिये किया पलायन

* झुलसाने वाली गर्मी 4 किलोमीटर दूर से लाते हैं पीने का पानी

* जलस्तर गिरने से हवा उगल रहे हैण्डपम्प, कुँआ भी सूख गया

* पीने का पानी बचाने के लिए चार से पाँच दिनों तक नहीं नहाते ग्रामीण

“बुंदेलखंड का नाम आते ही भीषण सूखा और बदहाली की तस्वीर जेहन में घूमने लगती है। हकीकत भी यही है। बेशक, यहाँ की तकदीर और तस्वीर को बदलने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए गए और कई योजनाएँ संचालित की गईं लेकिन फिर भी हालात सुधरने के बजाए बद से बद्तर हो चुके हैं। मध्यप्रदेश में व्याप्त जल संकट की सबसे भयावह तस्वीर बुंदेलखंड के इलाके में ही नजर आती है। उदाहरण सामने है। यहाँ के दमोह जिले के बाद अब पन्ना जिले के छापर गाँव से 250 लोग अपना गाँव छोड़कर पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों के पलायन का एकमात्र कारण भीषण जल संकट है। इस गांव में पानी की विकराल समस्या के चलते पिछले तीन माह से अधिकांश घरों में ताले लटक रहे हैं। छापर गाँव की गलियों में पसरे सन्नाटे पर महाकवि रहीम का कालजयी दोहा चरितार्थ होता है – “रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। पानी गये न ऊबरे मोती, मानुष, चून।।”
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले कुछ सालों से अल्प वर्षा के चलते सूखे की भीषण त्रासदी झेलने वाले बुन्देलखण्ड अंचल के पन्ना जिले में इस समय पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। ग्रामीण अंचल में प्यास बुझाने के लिये लोग बूंद-बूंद पानी तक को मोहताज है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण हालात इस हद तक ख़राब हो चुके हैं कि अब यहाँ लोगों को पानी के लिए पलायन करना पड़ रहा है। बुंदेलखंड अंचल में काम के आभाव में गाँवों से बड़ी तादाद में लोगों का महानगरों के लिए पलायन करना तो आमबात है लेकिन, पानी के लिए पलायन नया है। आग उगलती गर्मी के बीच पन्ना जिले में जल संकट से उत्पन्न त्रासदी का हाल यह है कि यहाँ के छापर ग्राम के लोग जल संकट के कारण तीन माह पहले ही अपना गाँव छोड़ कर ककरहटी में विस्थापित हो चुके हैं। ग्रामीणों के पलायन करने से यहाँ के अधिकांश घरों में ताले लटक रहे है। लगभग वीरान हो चुके इस गांव में सिर्फ तीन बुजुर्ग व्यक्ति और कुछ मवेशी ही अब शेष बचे है। जो कि जिंदा रहने की जद्दोज़हद करते हुये इस चिलचिलाती धूप में करीब 3-4 किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाने को मजबूर है।
पानी के आभाव में छापर के ग्रामीणों के ककरहटी पलायन करने से घरों में लटकते ताले।
जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम छापर पन्ना जनपद की ग्राम पंचायत जनवार के अंतर्गत आता है। पन्ना से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर सतना मार्ग पर नेशनल हाइवे क्रमाँक-39 किनारे स्थित छापर गाँव से ग्रामीणों के पानी के आभाव में पलायन करने को लेकर समूचा प्रसाशन अब तक बेखबर है। अनुसूचित जाति बाहुल्य छापर गांव में पेयजल का इतना विकराल संकट पहली बार निर्मित हुआ है। गांव के बुजुर्ग बंदी चौधरी (60) का कहना है कि उन्होने जबसे होश सम्भाला है तब से पहली बार पानी का इतना भीषण संकट अपने गांव मे देखा है। बंदी चौधरी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही जल स्तर लगातार पाताल की ओर खिसकने के कारण मची हा-हाकार के चलते करीब तीन माह पूर्व उनके गांव के अधिकांश लोग गांव छोड़ कर 20 किलोमीटर दूर ककरहटी के लिये पलायन कर गये है। बंदी को छोड़कर उसके परिवार के अन्य सदस्य भी ककरहटी में रह रहे है। बंदी चौधरी के अलावा छापर में बचे दो अन्य ग्रामीण गेंदलाल चौधरी और बुधुआ चौधरी ने बताया कि आग उगलती गर्मी में वे तीन से चार किलोमीटर दूर से जनवार गाँव या फिर मोहनगढ़ी से पीने का पानी लाते हैं। जब पानी लाने की हिम्मत नहीं रहती तो वे जंगल में स्थित प्राचीन झिरिया का गंदा पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते है। यह झिरिया भी छापर गाँव की आबादी से लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित है।

हवा उगल रहे हैण्डपम्प

ग्रामीण बंदी चौधरी।
छापर गांव में पेयजल व्यवस्था के लिये 3 हैण्डपम्प और एक प्राचीन कुआं स्थित है। लेकिन पिछले तीन-चार माह से अर्थात गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही हैण्डपम्पों का जल स्तर खिसक गया और तब से वे पानी की जगह हवा उगल रहे हैं। एक मात्र कुआं का पानी भी समाप्त हो चुका है। इसकी तलछट पर कीचड़ साफ़ नजर आ रहा है। जल समस्या के निदान के लिये ग्रामीण बंदी चौधरी ने सीएम हेल्प लाईन पर सम्पर्क किया लेकिन इन बदनसीबों को कोई हेल्प अब तक नहीं मिल सकी। इनके मुताबिक वे प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्या बताने कई बार पन्ना भी गये और पीएचई तथा जनपद पंचायत कार्यालय के कई दिनों तक चक्कर काटते रहे। लेकिन, एसी चैम्बरों में बैठे अधिकारियों ने इनकी समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया। अधिकारियों के कोरे आश्वासनों के सहारे छापर के लोग माह फरवरी तक किसी तरह गाँव में ही डटे रहे। इस बीच बूंद-बूंद पानी के लिये तरसते ग्रामीणों को जब कई दिनों तक पानी नसीब नहीं हुआ तो उन्होंने प्यास से मरने के बजाय पलायन करना ही उचित समझा। व्यवस्था की असंवेदनशीलता को लेकर नाराज छापर के बुजुर्गों का कहना है कि कोई मदद न मिलने के कारण पलायन करना गाँव के लोगों की मजबूरी बन गई थी।

पीने का पानी बचाने के लिये नहीं नहाते

ग्रामीण गेंदलाल चौधरी।
छापर गांव में निर्मित पेयजल संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीने का पानी बचाने के लिये गांव के रहवासी इस प्रचंड गर्मी में चार से पांच दिन तक नहीं नहाते है। बुजुर्ग बुधुआ चौधरी ने बताया कि उनके गाँव स्थित तीन हैण्डपम्पों में से एक हैण्डपम्प पूरी तरह बंद पड़ा है जबकि दो हैण्डपम्प में चौबीस घण्टे में बमुश्किल 1-2 डिब्बा मटमैला पानी निकलता है। जिससे वे अपने मवेशियों की प्यास बुझाते हैं। अपने पीने के लिए वे समीपी ग्राम जनवार अथवा मोहनगढ़ी से पानी लाते है। पानी की व्यवस्था के लिये तीन से चार किलोमीटर दूर भटकने के कारण वे चार-पांच दिन तक सिर्फ इसलिये नहीं नहाते ताकि पीने का पानी बचा रहे। चिलचिलाती धूप में जब ये पानी लेने जाते है तभी वहां से नहा कर आते हैं। उल्लेखनीय है कि गर्मी के सीजन में पेयजल संकट के मद्देनजर प्रत्येक बसाहट में पेयजल की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित कराने के प्रसाशन के दावे यहाँ हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय पन्ना के नजदीक ही जब जल संकट की इतनी विकराल स्थिति से प्रसाशन अनभिज्ञ हैं तो फिर सुदूर पहुँचविहीन पठारी गाँवों के हालत कैसे होंगे, कहना मुश्किल पर समझना आसान है। छापर में पानी को लेकर 250 ग्रामीणों का पलायन करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस मुश्किल घड़ी में जिम्मेदार अधिकारी और मैदानी अमला भीषण जल संकट के निदान को लेकर कितना सजगता और ईमानदारी से अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन कर रहा है ?
सूख चुके छापर गाँव के कुँए की तलछट नजर आने लगी है।

इनका कहना है

आपके माध्यम से छापर गाँव में जल संकट के कारण ग्रामीणों का सामूहिक पलायन होने जानकारी मिली है, मैं तुरंत सीईओ जनपद और कार्यपालन यंत्री पीएचई को अवगत कराता हूँ। गाँव की समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे।

जे.पी. धुर्वे, प्रभारी कलेक्टर जिला पन्ना।

छापर से ग्रामीणों का तीन माह पूर्व पानी के अभाव मे पलायन करना बेहद गम्भीर मामला है। मुझे आपके माध्यम से यह जानकारी मिल रही है। क्षेत्र के हमारे सब इंजीनियर और हैण्डपम्प तकनीशियन के संज्ञान में ये मामला अब तक क्यों नहीं आया मैं उनसे चर्चा करता हूं और समस्या का तत्परता से समाधान कराता हूँ।

एस.के. जैन, कार्यापालन यंत्री पीएचई पन्ना।

 

जन जागरण : रैली निकालकर व्यसन मुक्ति का दिया सन्देश, व्यसन छोड़ने के लिये भराये संकल्प पत्र

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* समस्याओं की जड़ है व्यसन इसलिए इसे अपना दुश्मन समझें – ब्रह्माकुमारीज़

पन्ना।(radarnews.in) “विश्व तम्बाकू निषेध दिवस” के उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय पन्ना के तत्वाधान में नगर में व्यसन मुक्ति का सन्देश देने के लिए एक विशाल जन जागरूकता रैली निकली गई। इसके माध्यम से नागरिकों को व्यसनों के कारण जीवन पर पड़ने वाले व्यापक दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें नशे की लत तथा बुरी आदतों को छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। फ़लस्वरुप कई लोगों के द्वारा व्यसन छोड़ने के लिए संकल्प पत्र भरे गए। शुक्रववार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना से शुरू हुई जन जागरूकता रैली को पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, समाजसेवी मनोज गुप्ता, प्राचार्य निशा जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर रवाना किया गया।
इस अवसर पर पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने अपने उद्बोधन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा सभ्य, सुसंस्कृत, व्यसन मुक्त और मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण हेतु निरंतर किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कण्ठ से सराहना की गई। उन्होंने कहा कि यहां आकर मुझे अनोखी शांति की अनुभूति हुई है। व्यसन मुक्ति जन जागरूकता रैली नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए निकली। इस दौरान रैली में शामिल भाई-बहिनें व्यसन(बुरी लत) के कारण जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभवों से लोगों को जागरूक करने के लिए नारे लगाते हुए और हाथों में तख्तियाँ लेकर कतारबद्ध चल रहे थे। रैली में आगे चल रहे रथ पर नशे के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सचित्र प्रदर्शित किया गया। साथ ही झकझोरने वाले स्लोगन लिखे पोस्टरों से सुसज्जित रथ लोगों को अपने अनमोल जीवन को व्यसन रुपी बुराई में बर्बाद होने से बचाने के लिए सन्देश दे रहा था।

पूरे विश्व को पहुँचाता है क्षति

जन जागरण यात्रा नगर का भ्रमण करते हुए राजेन्द्र उद्यान पहुंचीं जहाँ राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना की प्रमुख बी.के. सीता बहिन जी द्वारा चित्रों के माध्यम से सभी को व्यसन छोड़ने की विधि सिखायी गई एवं संकल्प पत्रों को भरवाकर व्यसन छोड़ने का संकल्प कराया गया। इस अवसर पर बहिन जी ने व्यसन सेवन के नुकसान के प्रति लोगों को आगाह करते हुए बताया कि व्यसन सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और पूरे विश्व को क्षति पहुंचाता है। परिवार की अशांति का कारण व्यसन ही है। अधिकांश समस्यायें और परेशानियों की जड़ व्यसन ही हैं, व्यसन रूपी बुराई के बढ़ने से ही सड़क हादसों में ग्राफ तेजी से बढ़ा है। आज व्यसन करना एक फैशन बन गया है जबकि इनसे सिर्फ हमारा पतन ही हुआ है। उन्होंने लोगों से सभी व्यसनों को अपना दुश्मन समझते हुए तुरन्त इन्हें छोड़ने का निर्णय लेने की बात कही।

दूसरों को भी करें प्रेरित

ब्रह्माकुमारी सीता बहिन जी ने विद्यालय का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी विद्यालय का लक्ष्य है सभी को सुसंस्कृत, निर्व्यसन जीवन जीने की कला सिखाना है। इसलिए यहां पर प्रतिदिन आध्यात्मिक शिक्षा दी जाती है एवं राजयोग ध्यान (मेडीटेशन) सिखाया जाता है। जिससे हमारे अन्दर शक्तियों का विकास होता है, मनोबल बढ़ता है और व्यक्ति अन्दर से शक्तिशाली मजबूत अनुभव करता है। जिससे सभी बुराईयों एवं व्यसनों को छोड़ना उसके लिए आसान हो जाता है। आपने कहा कि अगर हमारे अन्दर कोई भी नशीले पदार्थों की लत नहीं है तो अच्छा है। लेकिन, कोई कुसंस्कृत, गलत आदत जैसे – गुस्सा करना, अधिक सोना… आदि है तो उसे भी मन, वचन, कर्म से छोड़ने का संकल्प लें। साथ ही अपने आसपास के एक-दो व्यक्तियों का व्यसन छोड़ने के लिए अवश्य प्रेरित करें।

“मोदी है मुमकिन है” : बीजेपी की ऐतिहासिक विजय, 303 सीटें जीतकर रचा इतिहास

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बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के नायक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुष्पहार से स्वागत करते पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं वरिष्ठ नेता।

* चुनावी नतीजों पर मोदी ने कहा- देश ने फ़कीर की झोली भर दी

* पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी दल की बहुमत के साथ सत्ता में वापसी

* मोदी की सुनामी में डूबे विपक्षी दलों को मिली करारी शिकस्त

* राहुल गाँधी अपनी परम्परागत सीट अमेठी सीट से चुनाव हारे

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी इतिहास में पहली बार तीन सौ लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कराई है। 17वीं लोकसभा के चुनाव के सामने आए नतीजों में भाजपा को 303 और उसके नेतृत्व वाले एनडीए को 352 सीटें मिलीं। जबकि वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा को 282 सीटें मिलीं थीं। देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी की बहुमत के साथ सत्ता में दोबारा शानदार वापसी हुई है। इस चुनाव में सबसे अधिक चौंकाने वाली हार कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष राहुल गांधी की रही। वे केरल की वायनाड सीट तो तो जीत गए, लेकिन गाँधी परिवार का गढ़ कहलाने वाली अमेठी सीट में स्मृति ईरानी ने उन्हें हरा दिया। अमेठी लोकसभा सीट पर 35 साल बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य की हार हुई। वर्ष 1984 में राजीव गांधी ने अमेठी में गांधी परिवार की सदस्य और संजय गांधी की पत्नी मेनका को हराया था।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी।
प्रचण्ड बहुमत से मिली जीत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- देश ने फकीर की झोली भर दी। राहुल गांधी ने कहा कि जनता मालिक है और मैं जनादेश का सम्मान करता हूं। श्री गाँधी ने मोदी और भाजपा को जीत पर बधाई दी। अमेठी में भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने राहुल को 55 हजार 120 वोटों से हराया। अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए स्मृति बोलीं- कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता।

मोदी ने कहा- नम्रता विवेक, आदर्श नहीं छोड़ेंगे

चुनावी जीत के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा- देश ने फकीर की झोली भर दी। भाजपा की विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए। आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया। ना रुके, ना थके और ना झुके। हम दो हो गए तो भी और आज दोबारा आ गए तो भी। दो से दोबारा आने की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए। दो थे, तब भी निराश नहीं हुए। दोबारा आए तो भी नम्रता विवेक, आदर्श और संस्कार नहीं छोड़ेंगे।

542 निर्वाचन क्षेत्रों में राजनैतिक दलों के प्रदर्शन की स्थिति

दल का नाम
विजयी सीट
आम आदमी पार्टी 1
आजसु पार्टी 1
ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कड़गम 1
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन 2
आल इण्डिया तृणमूल कांग्रेस 22
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 1
बहुजन समाज पार्टी 10
भारतीय जनता पार्टी 303
बीजू जनता दल 12
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 2
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्‍ससिस्‍ट) 3
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 23
इंडियन नेशनल कांग्रेस 52
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग 3
जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस 3
जनता दल (सेक्युलर) 1
जनता दल (यूनाइटेड) 16
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा 1
केरल कांग्रेस (एम) 1
लोक जन शक्ति पार्टी 6
मिजो नेशनल फ्रंट 1
नागालैंड पीपुल्स फ्रंट 1
नेशनल पीपुल्‍स पार्टी 1
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी 5
नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी 1
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 1
समाजवादी पार्टी 5
शिरोमणि अकाली दल 2
शिवसेना 18
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 1
तेलंगाना राष्ट्रीय समिति 9
तेलुगु देशम 3
युवजन श्रमिक रयाथु कॉंग्रेस पार्टी 22
अन्य 8
कुल 542

खजुराहो सीट पर “मोदी की सुनामी” : 2014 में बीजेपी प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह को 4,74,966 वोट मिले थे… इस बार बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा चुनाव ही 4,92,382 मतों के विशाल अंतर से जीते… अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक विजय का बनाया रिकार्ड

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बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान रिटर्निंग ऑफिसर मनोज खत्री।

* चुनाव में नहीं चला कांग्रेस के क्षेत्रवाद का मुद्दा

* भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने में नाकाम रही कांग्रेस

* अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय जीत ने सबको चौंकाया

शादिक खान, पन्ना/खजुराहो। (www.radarnews.in) देश ने दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर अपना भरोसा जताया है। 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों की चल रही मतगणना के रुझानों तथा नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि देश में मोदी का मैजिक बरकरार है। भाजपा को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त करते हुए पिछली बार से अधिक 303 सीटें प्राप्त की हैं।  बीजेपी ने वर्ष 2014 के अपने 282 लोकसभा सीटों के रिकार्ड को तोड़ते हुए इस चुनाव नया कीर्तिमान बनाया है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपने शानदार प्रदर्शन दोहराते हुए पिछली बार से 16 सीट ज्यादा 352 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई है। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल की चर्चित खजुराहो लोकसभा सीट की बात करें तो यहाँ मोदी की अंडर ग्राउण्ड सुनामी दर्ज़ हुई है। इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा ने सबको चौंकाते हुए 4,92,382 मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हांसिल की है। चुनाव परिणाम के अनुसार बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को 8,11,135 और उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार महारानी कविता सिंह को सिर्फ 3,18,753 वोट मिले हैं। रात्रि 8:10 बजे तक की स्थिति में ईव्हीएम मशीनों के 12,57,783 मतों एवं डाक मतपत्रों के 1013 मतों की गिनती पूरी हो चुकी थी।
बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र के चुनावी नतीजों की पन्ना में आधिकारिक तौर पर रिटर्निंग ऑफिसर मनोज खत्री ने घोषणा करते हुए बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। बीजेपी प्रत्याशी वी. डी. शर्मा को सुबह से ही मतगणना के हर राउण्ड में प्रचण्ड मत मिलने और निकटम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की कविता सिंह के लगातार पिछड़ने से बढ़ते विशालतम अंतर को देखते हुए दोपहर बाद से ही माना जा रहा था कि खजुराहो सीट पर इस बार सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत का रिकार्ड बनना तय है। परिणामस्वरूप खजुराहो संसदीय क्षेत्र के चुनावी इतिहास में आज वी. डी. शर्मा का नाम हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो जाएगा। दरअसल इस चुनाव में उन्होंने दो बेहद शानदार रिकार्ड अपने नाम किए हैं। पहला खजुराहो सीट पर किसी भी प्रत्याशी को पहली बार रिकॉर्ड तोड़ 8,11,135 वोट प्राप्त हुए और दूसरा उसकी जीत का अंतर 4,92,382 मतों का रहा जो कि सबसे अधिक है।
चुनावी जीत के बाद पत्नी के साथ बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे नागेन्द्र सिंह को 4,74,966 कांग्रेस प्रत्याशी राजा पटैरिया को 2,27,476 वोट मिले थे। इस तरह पिछला चुनाव भाजपा प्रत्याशी रहे नागेन्द्र सिंह ने 2,47,490 वोटों के अंतर से जीता था। यह जीत कांग्रेस प्रत्याशी को प्राप्त कुल वोटों से भी ज्यादा से हुई थी। बेशक उस समय नागेन्द्र सिंह की जीत बड़ी जीत थी। लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी की सुनामी के सहारे बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा ने 4,92,382 मतों के विशाल अंतर् से चुनावी जीत की सुनहरी इबारत लिखकर सबको चौंकाया दिया है। श्री शर्मा ने जितने मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई है, यह वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिले मतों के अंतर से भी कहीं अधिक है।

उम्मीद से कहीं अधिक बड़ी जीत

खजुराहो संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने मोदी के नाम पर दिल खोलकर जितना प्रचण्ड बहुमत दिया है इतने उम्मीद खुद वी. डी. शर्मा और भाजपा ने नहीं की थी। यह अलग बात है कि श्री शर्मा चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में ही अपनी जीत को लेकर पूर्णतः आश्वस्त नजर आ रहे थे। फलस्वरूप मतदान सम्पन्न होने के बाद उन्होंने अपनी जीत का दावा करते हुए पत्रकारों से कहा था कि 2014 के चुनाव में मोदी जी की लहर थी लेकिन 2019 में खजुराहो सीट पर मोदी जी की अंडर ग्राउण्ड सुनामी चल रही है। केन्द्र में पुनः मोदी सरकार बनाने के लिए संकल्पित मतदाताओं की भावनाओं के मद्देनजर भाजपा प्रत्याशी ने करीब दो-ढ़ाई लाख मतों के अंतर् से अपनी जीत का दावा किया था। लेकिन गुरुवार 23 मई की देर शाम चुनावी नतीजों पर जब आधिकारिक मुहर लगी तो जीत का अंतर् उनकी उम्मीद से लगभग दोगुना हो गया।

15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त

खजुराहो लोकसभा सीट से इस बार चुनावी समर में 17 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। आज सम्पन्न हुई चुनाव की मतगणना के पश्चात घोषित चुनावी नतीजों के अनुसार बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को 64.49 प्रतिशत एवं कांग्रेस प्रत्याशी महारानी कविता सिंह को 25.34 प्रतिशत वोट हांसिल हुए हैं। जबकि समजवादी पार्टी प्रत्याशी वीर सिंह पटेल समेत शेष सभी 15 उम्मीदवारों में किसी को भी 4 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिले। परिणामस्वरूप सभी 15 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल महज 40,077 वोट पर सिमट गए। चुनाव के दौरान सपा के प्रचार की बेहद कमजोर स्थिति को देखकर शुरू से ही माना जाने लगा था कि वह त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति निर्मित नहीं कर पाएगी। लेकिन बसपा का समर्थन प्राप्त होने के बाद भी सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल को उतने वोट भी नहीं मिले जितने पिछले चुनावों में बसपा प्रत्याशियों ने प्राप्त किए थे। इस तरह खजुराहो सीट पर जहाँ कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है वहीं सपा प्रत्याशी का प्रदर्शन अत्यंत ही निराशाजनक रहा।

पहले भी चुने गए बाहरी नेता

मुरैना जिले के निवासी विष्णु दत्त शर्मा को खजुराहो सीट से बीजेपी द्वारा उम्मीदवार घोषित करने के बाद उन्हें यहाँ चुनाव के शुरूआती दौर में अपनी ही पार्टी के कतिपय नेताओं का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था। जिसे देखते हुए कांग्रेस की क्षेत्रीय प्रत्याशी और राजपरिवार से ताल्लुक रखने वालीं कविता सिंह के सामने उन्हें कमजोर करके आँका जा रहा था। लेकिन मोदी के मैजिक और बीजेपी के चुनावी प्रबंधन के चलते विष्णु दत्त शर्मा को मतदाताओं से इतना प्यार और समर्थन मिला कि बाहरी और क्षेत्रीय का मुद्दा टिक नहीं पाया। आज ईव्हीएम से जिस तरह वी. डी. शर्मा के पक्ष में मतदाताओं का भरोसा बाहर आया उससे यह साबित हो गया है कि राजनैतिक हितों के टकराव में उनकी अपनी पार्टी के नेता या फिर विपक्षी दलों के लोग बाहरी बताकर भले ही उनका विरोध करते रहे हों लेकिन यहाँ के मतदाताओं ने उन्हें अपना माना है। यह पहली बार नहीं है कि जब खजुराहो सीट से इस संसदीय क्षेत्र के बाहर का कोई व्यक्ति सांसद निर्वाचित हुआ है। भाजपा के टिकट पर पूर्व में भी कई बाहरी नेता यहाँ से सांसद चुने गए। खजुराहो सीट करीब तीन दशक से भाजपा के सांसद निर्वाचीर होने के कारण इस सीट को मध्यप्रदेश में भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है।

खजुराहो संसदीय सीट पर प्रत्याशियों को प्राप्त मत एवं मत प्रतिशत –

                                                 – परिणाम –
क्रम संख्या अभ्यर्थी दल का नाम ई.वी.एम. मत डाक द्वारा मत कुल मत प्रतिशत मत
1 महारानी कविता सिंह नातीराजा इंडियन नेशनल कांग्रेस 318526 227 318753 25.34
2 वी0 डी0 शर्मा (विष्णु दत्‍त शर्मा) भारतीय जनता पार्टी 810410 725 811135 64.49
3 अश्‍वनी कुमार दुबे सर्वोदय भारत पार्टी 10552 2 10554 0.84
4 जगदीश कुमार पटेल अखिल भारतीय अपना दल 4222 1 4223 0.34
5 देश पाल पटेल अम्‍बेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया 5881 3 5884 0.47
6 मनीष मिश्रा राष्ट्रीय आदर्श मैम्बर पार्टी 1964 1 1965 0.16
7 एडवोकेट राकेश कुमार शुक्ला ऑल इंडिया फारवर्ड ब्‍लॉक 2154 0 2154 0.17
8 वीर सिंह पटेल समाजवादी पार्टी 40029 48 40077 3.19
9 संत कुमार शर्मा सम्रग उत्थान पार्टी 2481 0 2481 0.2
10 अब्दुल इमरान निर्दलीय 3304 1 3305 0.26
11 गिरिराज किशोर (राजू) पोद्दार निर्दलीय 2953 0 2953 0.23
12 नरेन्द्र पाण्डे (राम जी) निर्दलीय 2942 0 2942 0.23
13 पर्वत सिंह निर्दलीय 3970 0 3970 0.32
14 भूपत कुमार आदिवासी निर्दलीय 6999 0 6999 0.56
15 मीना/ललित रायकवार निर्दलीय 12450 0 12450 0.99
16 राजकुमार निर्दलीय 11691 0 11691 0.93
17 विनोद कुमार निर्दली 5941 0 5941 0.47
18 NOTA इनमें से कोई नहीं 10301 5 10306 0.82
Total 1256770 1013 1257783

खजुराहो लोकसभा सीट : बीजेपी प्रत्याशी वीडी शर्मा 1 लाख 35 हजार वोट से आगे, 2014 की जीत का तोड़ सकते हैं रिकार्ड

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भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।
पन्ना/खजुराहो। (www.radarnews.in) बुंदेलखंड की खजुराहो संसदीय सीट पर अब तक हुई मतगणना के रूझानों के अनुसार फिलहाल भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी बीडी शर्मा करीब 135,463 वोटों से आगे चल रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी को अब तक 224244 मत प्राप्त हुए है। उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी  कविता सिंह  को 88781 वोट मिले हैं। फिलहाल ईव्हीएम के 347919 मतों की गिनती पूरी हुई है। मतगणना अभी भी लगातार जारी है। बीजेपी प्रत्याशी की बम्फर बढ़त को देखते हुए यहां उनकी प्रचंड बहुमत से जीत होने की संभावना जताई जा रही है। बहुत संभव है कि वे अपने दावे के अनुसार वर्ष 2014 कि भाजपा की जीत को भी पीछे छोड़ कर नया रिकॉर्ड बनाएं। रडार न्यूज़ को अब तक संपन्न हुई मतगणना के प्राप्त रूझानों के अनुसार बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को 64.45 प्रतिशत वोट और कांग्रेस की उम्मीदवार महारानी कविता सिंह को 25.52 प्रतिशत वोट मिले हैं। ईव्हीएम के मतों की गिनती लगातार जारी है। अंतिम चुनाव परिणाम आने में अभी कुछ घंटे का वक्त लगेगा फिलहाल जो तस्वीर सामने आई है उससे भारतीय जनता पार्टी के खेमे में जश्न का माहौल है। वहीं करारी शिकस्त की ओर बढ़ रही कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक निराश नजर आ रहे हैं।

खजुराहो संसदीय क्षेत्र के सभी 17 प्रत्याशियों को अब तक मिले वोटों का ब्योरा-

Madhya Pradesh-KHAJURAHO
Results
O.S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 MAHARANI KAVITA SINGH NATIRAJA INC 88781 0 88781 25.52
2 V.D. SHARMA (VISHNU DATT SHARMA) BJP 224244 0 224244 64.45
3 ASHWANI KUMAR DUBEY SABHP 2811 0 2811 0.81
4 JAGDESH KUMAR PATEL AKBHAD 1139 0 1139 0.33
5 DESH PAL PATEL APoI 1564 0 1564 0.45
6 MANISH MISHRA RTAMP 541 0 541 0.16
7 ADVOCATE RAKESH KUMAR SHUKLA AIFB 605 0 605 0.17
8 VEER SINGH PATEL SP 10751 0 10751 3.09
9 SANT KUMAR SHARMA SGUP 642 0 642 0.18
10 ABDUL IMRAN IND 909 0 909 0.26
11 GIRIRAJ KISHOR (RAJU) PODDAR IND 819 0 819 0.24
12 NARENDRA PANDEY (RAM JI) IND 772 0 772 0.22
13 PARWAT SINGH IND 1113 0 1113 0.32
14 BHOOPAT KUMAR ADIWASI IND 1884 0 1884 0.54
15 MEENA/LALIT RAIKWAR IND 3554 0 3554 1.02
16 RAJKUMAR IND 3159 0 3159 0.91
17 VINOD KUMAR IND 1761 0 1761 0.51
18 NOTA NOTA 2870 0 2870 0.82
Total 347919 0 347919

अनूठी शादी : चौकी में सजा मण्डप, पुलिस वाले बने बाराती, 3 साल बाद मुकम्मल हुआ कच्ची उम्र का प्यार !

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तीन साल चले प्रेम सम्बंध के बाद पुलिस के सहयोग से विवाह बंधन में बंधे सोनू और इमरत कौंदर।

* एक बेमिशाल लव स्टोरी जो पुलिस के सहयोग से लव मैरिज में तब्दील हुई

* पुलिस की समझाईस के बाद शादी के लिये राजी हुए प्रेमी युगल के परिजन

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सम्पन्न हुई एक लव मैरिज जनचर्चा का विषय बनी है। यह मैरिज अनूठी इसलिए है क्योंकि, शादी आमतौर पर आमतौर पर घर से, मैरिज गार्डन, होटल, मंदिर या फिर विषम परिस्थितियों मे कोर्ट में होते है। लेकिन मंगलवार की देर रात पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम हनुमतपुर में एक प्रेमी युगल का विवाह हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हर्षोल्लास के साथ पुलिस चौकी में सम्पन्न हुआ। सोनू कौंदर और उसी के गाँव की इमरत कौंदर के लव अफेयर में पुलिस ने जो भूमिका निभाई है वह मिशाल बन गई और उससे लड़की की जिंदगी भी बच गई। दो धड़कते दिल सदा के लिए एक दूजे के हो गए। कच्ची उम्र में शुरू हुई इनकी लव स्टोरी तीन साल बाद बालिग होने पर इतने नाटकीय तरीके से शादी के रूप में मुकम्मल होगी इसकी उम्मीद आदिवासी प्रेमी युगल को नहीं थी। किशोरवय सोनू और इमरत की आँखें क्या मिलीं इनके बीच प्यार हो गया। दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की ठान ली। इन्हें लगता था कि इसमें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वे एक ही जाति के हैं।
इसकी जानकारी जब लड़की के घरवालों को मिली तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। लड़की को धमकी मिलने लगी और घर पर उसके साथ मारपीट भी होने लगी। परिजनों के विरोध के अलावा सोनू और इमरत के विवाह में दूसरी बड़ी अड़चन इमरत का नाबालिग होना था। किसी तरह तीन साल बालिग होने तक वह सबकुछ बर्दाश्त करती रही। बुधवार को यह प्रेमी युगल अजयगढ़ थाना अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी हनुमतपुर पहुँचा। जहाँ चौकी प्रभारी को दोनों ने अपने प्रेम सम्बंधों की जानकारी देते हुए विवाह के लिए इमरत के परिजनों के इंकार की बात बताई। चौकी प्रभारी ने सारी स्थिति को समझा और दोनों बालिगों की इच्छानुसार उनका विवाह कराने के लिए उनके परिजनों को बुलाया। कई घण्टे की समझाईस के बाद अपने बच्चों की ख़ुशी और जिंदगी के खातिर बमुशिकल परिजन विवाह के लिए राजी हुए। फिर क्या था बिना किसी देरी के पुलिसकर्मियों द्वारा विवाह की आवश्यक तैयारियाँ की गई। मंगलवार 21 मई को पुलिस चौकी परिसर में मण्डप सजाया गया और वर एवं वधु पक्ष की ओर से जिम्मेदारी सम्भाल रहे पुलिसकर्मियों द्वारा ख़ुशी-खुशी सोनू और इमरत का विवाह संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ उनके परिजनों की सहमति और उपस्थिति में सम्पन्न कराया गया।
सादे कपड़ों में विवाह समारोह में शामिल पुलिकर्मी।
पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि सोनू और इमरत के परिजन अगर विवाह के लिए राजी नहीं होते तो वे दोनों अपने जीवन को जोखिम में डाल सकते थे। पुलिस ने जब यह बात दोनों के परिजनों को समझाई तो उनकी बेपनाह मोहब्बत को देख परिजन अपनी जिद छोड़कर आखिरकार विवाह के लिए ख़ुशी-ख़ुशी राजी हो गए। बात कहीं फिर न बिगड़े इसलिए पुलिस ने चौकी परिसर में ही कुछ ही घण्टे के अंदर सबकी सहमति से चट मँगनी पट ब्याह सम्पन्न करा दिया। लम्बी जद्दोजहद के बाद सामाजिक रूप से विवाह बंधन में बंधकर एक-दूजे के हुए सोनू और इमरत बेहद खुश हैं। और हनुमतपुर चौकी पुलिस का आभार व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस इस अनूठी पहल से उसका मानवीय और समाजिक चेहरा सामने आया है, जिसकी हर तरफ प्रसंशा हो रही है।

“देश में बनेगी मोदी सरकार, खजुराहो सीट पर फिर खिलेगा कमल”… भाजपा प्रत्याशी विष्णुदत्त शर्मा ने किया जीत का दावा

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भगवान श्री जुगल किशोर के दर्शन करते खजुराहो सीट से भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।

* मतगणना में बरती जाने वाली सावधानियों पर पार्टी नेताओं के साथ की चर्चा

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड अंचल की चर्चित खजुराहो लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा का दावा है कि गुरूवार को होने वाली मतगणना के जब नतीजे आयेंगे तो एक बार फिर भाजपा की प्रचंड बहुमत से जीत होगी। केन्द्र में मतबूत सरकार के लिये भाजपा को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त होगा। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के चलते इस चुनाव में उनकी अंडरग्राउंड सुनामी महसूस की गई है। गुरूवार 23 मई को यह नतीजों के तौर पर जब सामने आयेगी तो एक नया इतिहास रचेगा। श्री शर्मा का दावा है कि केन्द्र में लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। एक्जिट पोल और पोस्ट पोल सर्वेक्षण के नतीजे पहले ही इसकी घोषणा कर चुके है।
भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।
मतगणना की पूर्व संध्या पर भाजपा उम्मीदवार विष्णु दत्त शर्मा ने नतीजो के सबंध में “रडार न्यूज” से चर्चा करते हुये कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र के पार्टी कार्याकर्ताओ की अटूट मेहनत और मतदाताओं के आर्शीवाद से यहां एक बार फिर भाजपा का परचम पूरी बुलंदी के साथ लहरायेगा। उन्होंने सम्भावना जताई है के वर्ष 2014 के चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा की खजुराहो सीट से कहीं अधिक भी बड़ी जीत होगी। क्योंकि भगवान जुगल किशोर का आर्शीवाद उनके साथ है। अपनी जीत को लेकर पूर्णतः आश्वस्त नजर आ रहे बीडी शर्मा ने बुधवार सुबह से लेकर देर शाम तक का समय पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों के साथ बिताया। इस दौरान उन्होंने गुरूवार को होने वाली मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। शाम के समय उन्होंने पन्ना स्थित बुन्देलखंड के प्रसिद्ध श्री जुगल किशोर जी मंदिर मे माथा टेका। श्री शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि गुरुवार सुबह मतगणना के लिए जाने से पूर्व भी वे श्री जुगल किशोर जी मंदिर में माथा टेकेंगे।

जैव विविधता संरक्षण के लिए पेड़ लगाएँ जैविक खेती को अपनाएँ : डीएफओ श्री यादव

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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर संगोष्ठी को सम्बोधित करते डीएफओ उत्तर वनमण्डल पन्ना नरेश सिंह यादव।

* अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर संगोष्ठी सम्पन्न

पन्ना। (www.radarnews.in) उत्तर वनमण्डल पन्ना में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के उपलक्ष्य पर गुरुवार 22 मई 2019 को टाईगर रिजर्व पन्ना के सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वनमण्डलाधिकारी उत्तर पन्ना नरेश सिंह यादव, सीनियर सांइटिस्ट कृषि विज्ञान केन्द्र बी.एस. किरार, उपवनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। वनमण्डलाधिकारी उत्तर पन्ना नरेश सिंह यादव ने जैव विविधता के संबंध में बताया कि भारत विश्व के 12 मेगा विविधतापूर्ण देशों में से एक है, दुनिया में 2.5 प्रतिशत भू-क्षेत्रवाला भारत वैश्विक प्रजातियों में से 7.5 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। श्री यादव द्वारा जैव विविधता अधिनियम एवं नियम व जैव विविधता के कार्य में शामिल संस्था एवं कर्मचारियों-अधिकारियों को शासन द्वारा पुरस्कार के संबंध में भी बताया गया। उन्होंने बताया कि भारत एक ऐसा देश है जहां पर पूरे विश्व में पाए जाने वाले 25 बायोस्फीयर रिजर्व में से 4 केवल भारत में है। जैव विविधता का अस्तित्व बचाये रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ लगाने व जैविक कृषि को महत्व देने संबंधी अपने विचार व्यक्त किये।

रसायनों के उपयोग से हो रहा नुकसान

कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के सीनियर सांइटिस्ट बी.एस. किरार ने जैव विविधता के संबंध में बताया कि किसानों को कृषि जैव विविधता में कृषि की बहुत सी ऐसी प्रजातियां है जो लुप्त हो रहीं है उनको सुरक्षित रखकर उनका संवर्द्धन किया जाना चाहिए। लोगों को आयुर्वेद की तरफ प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कृषि में रसायनों का प्रयोग कम करके जैव उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ाना चाहिए जिससे कि जैव विविधता पर विपरीत प्रभाव न पड़े। क्योंकि रसायनों के अत्याधिक बढ़ते उपयोग से कृषि से संबंधित पुरानी प्रजातियों में गिरावट आ रही व मृदा की उत्पादक क्षमता भी क्षींण हो रही है। जिससे जैव विवधता का विनाश हो रहा है व मानव शरीर में अनेक बीमारियों की उत्पत्ति का कारण भी बन रहा है। पर्यावरण में भी प्रदूषण का कारण बन रहा है। संगोष्ठी में सभागार में उपस्थित हुए किसानों को यह भी बताया कि जैव विविधता और कृषि में किस प्रकार सामंजस्य बनाया जाये व उन्होंने फसल कटाई के उपरांत खेत में स्थित नरवाई को जलाये जाने से मृदा में स्थित सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पेड़ों से फलों को परिपक्व होने से पूर्व न तोड़ा जाये जिससे जैव विविधता प्रभावित न हो ।

वनों को आग और कटाई से बचाएँ

उप वनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह परिहार ने जैव विविधता के संबंध में बताया कि हर गांव में तालाब खुदवाए जाए और तालाबों में मछलीयों को लाया जाए जिससे कि तालाब के अंदर और मृदा में सूक्ष्मजीव विकसित हों। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि जंगलों में लगने वाली आग पर रोकथाम लगाया जाए क्योंकि आग लगने से बहुत से सूक्ष्म जीव, कीड़े-मकोड़े मर जाते हैं जिससे जैव विविधता बाधित होती है। श्री सिंह ने यह भी बताया कि हर आदमी को वृक्षारोपण करना चाहिए और पेड़ों की कटाई पर रोकथाम लगाई जाये जिससे जैव विविधता प्रभावित न हो। कार्यक्रम में शासकीय अधिवक्ता श्री निगम ने भी जैव विविधता अधिनियम से संबंधित धाराओं के के बारे में अवगत कराया। संगोष्ठी कार्यक्रम में पन्ना उत्तर पन्ना परिक्षेत्राधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, ग्राम वन समिति के सदस्य एवं कृषकों ने भी भाग लिया और जैव विविधता के संबंध में चर्चा की।

खजुराहो लोकसभा सीट | बीजेपी जीत को लेकर आश्वस्त, कांग्रेस को बदलाव की उम्मीद ! चुनावी नतीजों का सबको है बेसब्री से इंतजार

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* सोशल मीडिया पर भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा की जीत का दावा

* बुन्देलखण्ड में भाजपा का मजबूत गढ़ है खजुराहो लोकसभा सीट

* चुनाव परिणाम आने पर साफ होगा मोदी फैक्टर चला या क्षेत्रवाद

शादिक खान, पन्ना(www.radarnews.in)   लोकसभा चुनाव की मतगणना की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मैराथन चुनाव प्रक्रिया के बाद लोकसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने और नतीजे आने में महज कुछ घण्टे ही अब शेष बचे हैं। ऐसे में लोगों की उत्सुकता चरम पर है। दरअसल, मतदान सम्पन्न होने के बाद न्यूज चैनलों पर प्रमुखता से प्रसारित हुए एग्जिट पोल-पोस्ट पोल सर्वेक्षणों ने चुनावी नतीजों को लेकर जहाँ पूरे देश की जिज्ञासा जगाई है वहीं सियासतदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। अधिकांश एग्जिट पोल ने भाजपा और एनडीए पूर्ण बहुमत मिलने की तस्वीर पेश की है। जबकि कांग्रेस और महागठबंधन को सत्ता से दूर बताया गया है। इससे भाजपा के खेमे में जहाँ उत्साह का माहौल देखा जा रहा है वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेतागण आशा और निराशा के असमंजस से जूझ रहे हैं। हालाँकि, एग्जिट पोल के शोर-शराबे के बीच इससे जुड़े पुराने अनुभवों को देखते हुए कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अधिकारिक चुनावी नतीजे आने तक उम्मीद नहीं छोड़ी है।
मतगणना का सांकेतिक फोटो।
जीत-हार की अटकलों के बीच कयास खजुराहो लोकसभा सीट को लेकर भी खूब लगाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल में भाजपा का मजबूत गढ़ कहलाने वाली इस सीट पर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी की चुनाव में कमजोर स्थिति रहने के मद्देनजर सीधे मुकाबले में फंसी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियाँ यहाँ अपनी जीत का दावा कर रहीं हैं। भाजपा को जहाँ मोदी फैक्टर, राष्ट्रवाद पर जनभावनाओं के उभार और अपने चुनावी प्रबंधन पर पूरा भरोसा है, वहीं कांग्रेस की उम्मीद बदलाव की बयार, किसानों की कर्जमाफी, न्याय योजना तथा बाहरी बनाम क्षेत्रीय प्रत्याशी के मुद्दे पर जनसमर्थन मिलने पर टिकीं है। लेकिन चुनावी विश्लेषकों मानना है कि जीत उसी की होगी जो यहाँ के जटिल जातिगत समीकरणों को साधने में कामयाब हुआ होगा।
मतगणना का सांकेतिक फोटो।
सर्वविदित है कि खजुराहो सीट पर भाजपा के प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को बाहरी होने के कारण चुनाव के शुरुआती दौर में विरोध का सामना करना पड़ा था। उन्हें, कांग्रेस की क्षेत्रीय प्रत्याशी कविता सिंह के मुकाबले में कमजोर आँका जा रहा था। लेकिन, चुनाव जब अपने रंग में आया तो क्षेत्रवाद की लड़ाई जातिवाद में बदल गई। फलस्वरूप ब्राह्मणवाद बनाम ठाकुरवाद के इस अघोषित संघर्ष ने पूरे चुनावी परिदृश्य को ही बदल डाला था। इसका स्वाभाविक असर कुछ हद तक बहुसंख्यक पिछड़ा वर्ग पर भी पड़ा। सवर्णों की अपनी जाति के प्रत्याशी के पक्ष में गोलबंदी को देखते हुए पिछड़े वर्ग की कुछ जातियों में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी वीर सिंह पटेल के समर्थन में सुगबुगाहट रही है। सपा प्रत्याशी को बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त होने से कुछ हद तक दलितों में भी उनके प्रति आंतरिक झुकाव रहा है। इन परिस्थितियों में सपा को मिलने वाले वोटों की संख्या पर भी भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हार काफी हद तक निर्भर करेगी। वोटों की गिनती शुरू होने में अब 24 घण्टे से भी कम समय बचा है, इसलिए यहाँ प्रत्याशियों के साथ-साथ आम लोगों की धड़कनें भी तेज होने लगीं हैं। खजुराहो सीट की प्रतिष्ठापूर्ण चुनावी लड़ाई को इस बार कौन जीतेगा, गुरुवार 23 मई को आने वाले चुनावी नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा।

तेज रफ्तार बस अचानक अनियंत्रित होकर पलटी, आधा दर्जन से अधिक यात्री हुए घायल

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अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटी तेज रफतार पन्ना-कटनी बस।

* ककरहटी-गुनौर मार्ग पर ग्राम पड़ेरी के समीप हुई सड़क दुघर्टना

पन्ना।(www.radarnews.in) रविवार की शाम जब ककरहटी-गुनौर मार्ग पर ग्राम पड़ेरी के समीप एक तेज रफ्तार बस के अनियंत्रित होकर पलटने की खबर आई तो इलाके के लोग सहम उठे। दरअसल, दो दिन पूर्व ही ककरहटी के समीप हुए एक भीषण हादसे में कार में सवार पांच महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। रविवार की बस दुघर्टना में संतोषजनक बात यह रही कि कोई भी हताहत नहीं हुआ। सिर्फ आधा दर्जन से अधिक यात्रियों चोटें आईं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर गुनौर थाना क्षेत्रान्तर्गत बस क्रमांक सीजी-04-ई-0889 कटनी से पन्ना आते समय पड़ेरी के समीप अनियंत्रित होकर अचानक पलट गई।
जिला चिकित्सालय रेफर घायल यात्री।
इससे बस के अंदर यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुघर्टना में सात व्यक्ति घायल हुए हैं। जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सड़क दुघर्टना की सूचना मिलते ही तहसीलदार गुनौर राजेन्द्र मिश्रा एवं टीआई गुनौर दिलीप पाण्डेय तुरंत मौके पर पहुंच गये। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को 108 एम्बूलेंस एवं पुलिस के 100 डायल वाहन से उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुनौर लाया गया। जहां मेडिकल ऑफिसर आशीष तिवारी द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। कुछ घायलों को प्राथमिक उपाचर के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि कुछ को गुनौर में ही भर्ती उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं गंभीर रूप से घायल तीन मरीजों को जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर किया गया है। घायलों में कंछेदी पाल निवासी ककरहटा, साधना विश्वकर्मा निवासी ककरहटा, बतेशा बाई निवासी खजुरी, धनपत यादव निवासी ककरहटी, भूरी बाई निवासी जसवंतपुरा, रमेश दहायत निवासी जसवंतपुरा, बेबी सेन निवासी कुपना शामिल है।