अनूठी शादी : चौकी में सजा मण्डप, पुलिस वाले बने बाराती, 3 साल बाद मुकम्मल हुआ कच्ची उम्र का प्यार !

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तीन साल चले प्रेम सम्बंध के बाद पुलिस के सहयोग से विवाह बंधन में बंधे सोनू और इमरत कौंदर।

* एक बेमिशाल लव स्टोरी जो पुलिस के सहयोग से लव मैरिज में तब्दील हुई

* पुलिस की समझाईस के बाद शादी के लिये राजी हुए प्रेमी युगल के परिजन

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सम्पन्न हुई एक लव मैरिज जनचर्चा का विषय बनी है। यह मैरिज अनूठी इसलिए है क्योंकि, शादी आमतौर पर आमतौर पर घर से, मैरिज गार्डन, होटल, मंदिर या फिर विषम परिस्थितियों मे कोर्ट में होते है। लेकिन मंगलवार की देर रात पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम हनुमतपुर में एक प्रेमी युगल का विवाह हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हर्षोल्लास के साथ पुलिस चौकी में सम्पन्न हुआ। सोनू कौंदर और उसी के गाँव की इमरत कौंदर के लव अफेयर में पुलिस ने जो भूमिका निभाई है वह मिशाल बन गई और उससे लड़की की जिंदगी भी बच गई। दो धड़कते दिल सदा के लिए एक दूजे के हो गए। कच्ची उम्र में शुरू हुई इनकी लव स्टोरी तीन साल बाद बालिग होने पर इतने नाटकीय तरीके से शादी के रूप में मुकम्मल होगी इसकी उम्मीद आदिवासी प्रेमी युगल को नहीं थी। किशोरवय सोनू और इमरत की आँखें क्या मिलीं इनके बीच प्यार हो गया। दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की ठान ली। इन्हें लगता था कि इसमें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वे एक ही जाति के हैं।
इसकी जानकारी जब लड़की के घरवालों को मिली तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। लड़की को धमकी मिलने लगी और घर पर उसके साथ मारपीट भी होने लगी। परिजनों के विरोध के अलावा सोनू और इमरत के विवाह में दूसरी बड़ी अड़चन इमरत का नाबालिग होना था। किसी तरह तीन साल बालिग होने तक वह सबकुछ बर्दाश्त करती रही। बुधवार को यह प्रेमी युगल अजयगढ़ थाना अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी हनुमतपुर पहुँचा। जहाँ चौकी प्रभारी को दोनों ने अपने प्रेम सम्बंधों की जानकारी देते हुए विवाह के लिए इमरत के परिजनों के इंकार की बात बताई। चौकी प्रभारी ने सारी स्थिति को समझा और दोनों बालिगों की इच्छानुसार उनका विवाह कराने के लिए उनके परिजनों को बुलाया। कई घण्टे की समझाईस के बाद अपने बच्चों की ख़ुशी और जिंदगी के खातिर बमुशिकल परिजन विवाह के लिए राजी हुए। फिर क्या था बिना किसी देरी के पुलिसकर्मियों द्वारा विवाह की आवश्यक तैयारियाँ की गई। मंगलवार 21 मई को पुलिस चौकी परिसर में मण्डप सजाया गया और वर एवं वधु पक्ष की ओर से जिम्मेदारी सम्भाल रहे पुलिसकर्मियों द्वारा ख़ुशी-खुशी सोनू और इमरत का विवाह संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ उनके परिजनों की सहमति और उपस्थिति में सम्पन्न कराया गया।
सादे कपड़ों में विवाह समारोह में शामिल पुलिकर्मी।
पुलिस चौकी प्रभारी ने बताया कि सोनू और इमरत के परिजन अगर विवाह के लिए राजी नहीं होते तो वे दोनों अपने जीवन को जोखिम में डाल सकते थे। पुलिस ने जब यह बात दोनों के परिजनों को समझाई तो उनकी बेपनाह मोहब्बत को देख परिजन अपनी जिद छोड़कर आखिरकार विवाह के लिए ख़ुशी-ख़ुशी राजी हो गए। बात कहीं फिर न बिगड़े इसलिए पुलिस ने चौकी परिसर में ही कुछ ही घण्टे के अंदर सबकी सहमति से चट मँगनी पट ब्याह सम्पन्न करा दिया। लम्बी जद्दोजहद के बाद सामाजिक रूप से विवाह बंधन में बंधकर एक-दूजे के हुए सोनू और इमरत बेहद खुश हैं। और हनुमतपुर चौकी पुलिस का आभार व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस इस अनूठी पहल से उसका मानवीय और समाजिक चेहरा सामने आया है, जिसकी हर तरफ प्रसंशा हो रही है।