* मुख्यमंत्री कमलनाथ की आई.टी.सी. कंपनी से हुई चर्चा में सहमति
भोपाल। (www.radarnews.in) विदेशों से आयात की जाने वाली 800 करोड़ की अगरबत्ती की काड़ी अब मध्यप्रदेश में ही बनाई जाएगी। प्रदेश के 3 लाख 70 हजार बिगड़े वनों में पंचायत एवं वन समितियों से अच्छे किस्म के बाँस के पौधों का रोपण करवाया जाएगा। आई.टी.सी. कंपनी इसके लिए प्रदेश में अगरबत्ती की काड़ी बनाने का प्लांट स्थापित करेगी। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मंत्रालय में आई.टी.सी. कंपनी के चेयरमेन संजीव पुरी एवं सीईओ चितरंजन दास के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के तामिया में कैंसर के उपचार के लिए वनौषधियों की पहचान कर उनके दवाओं में उपयोग के लिए प्र-संस्करण इकाई लगाई जाए। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में औषधीय फसलों के लिए 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का डिहाइड्रेशन प्लांट लगाने के संबंध में चर्चा की।
बाँस की खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगरबत्ती के लिए उपयोग होने वाली काड़ी के लिए प्रदेश के बिगड़े वनों का उपयोग कर बाँस की खेती को बढ़ावा दें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और विदेशों में जाने वाली 800 करोड़ की राशि मध्यप्रदेश को मिलेगी। इससे प्रदेश में ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा फूड प्रोसेसिंग यूनिट के विस्तार से हम किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिला सकेंगे और इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बाई-बैक व्यवस्था से किसानों को होगा लाभ
आई.टी.सी. कंपनी के चेयरमेन संजीव पुरी ने बताया कि औषधि फसलों की खेती करने वाले किसानों के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग कर बाई-बैक व्यवस्था के तहत खरीदी कर इन उत्पादों का प्र-संस्करण किया जाएगा। नूडल्स में उपयोग होने वाली सब्जी गाजर, मटर, बींस और आलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायगा। बाई-बैक व्यवस्था से किसानों को इन सब्जियों का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने औषधीय फसलों, अगरबत्ती की काड़ी बनाने एवं सब्जी आदि की प्र-संस्करण इकाई स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों को समयबद्ध योजना बनाकर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही के लिए अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग को इसका नोडल अधिकारी बनाया है।
बैठक में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग इक़बाल सिंह बेंस, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी डॉ. एम. कालीदुरई, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मुकेश कुमार शुक्ला, एग्री बिजनेस, आई.टी.सी. के रजनीकांत राय, उप संचालक, उद्यानिकी राजेन्द्र कुमार एवं डॉ. विजय अग्रवाल उपस्थित थे।
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इस अवसर पर उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्य, कार्यकर्ता व कार्यालय तीनों का दिया और बाती की तरह आपस में संबंध है। तीनों मिलकर भाजपा के विचार को मजबूत करते है। कार्यकर्ता अपना सर्वस्व पार्टी के लिये लगाता है और कार्यालय से पार्टी का नियंत्रण होता है, कार्यालय हमारे कार्य का मंदिर है। भाजपा में कार्यालय का स्थान सर्वश्रेष्ठ है। कार्यालय में पार्टी के अध्यक्ष, पदाधिकारी, पूर्ण कार्यकालिक कार्यकर्ता रहते है और पार्टी की विचारधारा के अनुसार गतिविधियों का संचालन करते है और इस कार्यालय में इनके साथ भाजपा का विचार रहता है जो हमें दिखाई नहीं देता। हमारी पार्टी में कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचार अन्तोदय पर आज पार्टी काम कर रही है और इससे सकारात्मक परिवर्तन देश में दिखाई पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में अन्तोदय की कल्पना के अनुसार योजनायें तैयार की जा रही है जिनका लाभ सीधे लोगों को मिल रहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारा विचार कार्यालय का प्राण है और हमें अपने जीवन में आगे बढ़ना है तो सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिये। हमारे पूर्वजों ने विपरीत समय में पार्टी के लिये काम किया है। आज मैं उन पूर्वजों को श्रृद्धापूर्वक याद करते हुए सिर झुका रहा हॅू। हमारे पूर्वजों ने कार्यकर्ताओं का निर्माण किया और अनेकों वर्ष तक देश के उत्थान का सपना देखते हुए पार्टी को मजबूत किया जबकि उन्होंने बदले में कुछ भी पाने की इच्छा नहीं की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि हम रहें न रहें पार्टी रहनी चाहिये, पार्टी का झण्डा ऊँचा रहना चाहिए।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि सारे देश में मध्य प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं की तारीफ होती है और कहा जाता है कि मध्य प्रदेश का संगठन मजबूत व अनुशासित है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए आपने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास की योजनाएं सरकार ने बंद कर दी है। विधुत कटौती शुरू हो गई है। अब लाइट आती है जाती है तो लोगों को याद आ जाता है कि कांग्रेस की सरकार प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को हर समय संघर्ष करना चाहिए क्योंकि आने वाला कल हमारा-भाजपा का है।
पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मंच से अपन उद्बोधन में कहा कि इस जिले के कार्यकर्ताओं ने यह लक्ष्य रखा था कि हम शीघ्र ही अपने कार्यालय का निर्माण करेंगे और आज वह दिन पूरा हो गया है। पार्टी जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम ने स्वागत भाषण में बताया कि पन्ना जिला कार्यालय का भूमिपूजन 2012 में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा द्वारा किया गया था और पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं ने समर्पण भाव से इस कार्यालय के निर्माण में सहयोग किया है। मैं उन सभी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हॅू।
इस अवसर पर पर पूर्व मंत्री कुसुम सिंह महदेले, संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी, विधायक बृजेन्द्रप्रताप सिंह, प्रहलाद लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव, पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष संजय नगायच, पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी, बाबूलाल यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष छतरपुर पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, सहकारी बैंक अध्यक्ष छतरपुर करूणेन्द्र प्रताप सिंह, नगरपालिक अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, पूर्व विधायक राजेश वर्मा, महेन्द्र बागरी, गोरेलाल अहिरवार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष महदेले, जिला पंचायत अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह, नगरपंचायत अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, जिला सदस्यता प्रभारी बृजेन्द्र गर्ग मुख्य रूप से मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन पार्टी महामंत्री विवेक मिश्रा द्वारा किया गया व आभार प्रदर्शन पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चतुर्वेदी द्वारा किया गया। अपने पन्ना प्रवास के दौरान आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने स्व.बृजेन्द्र सिंह बुन्देला व दिलीप शिवहरे के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।







इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी स्व.श्री अरुण जेटली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने श्री जेटली के साथ अपने संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि अरुण जी ने अपना राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू किया था और मैं तब से उनसे संपर्क में था। उनसे मेरा पुराना और गहरा मित्रवत् सम्पर्क था और हम कई बार साथ बैठकर कई विषयों पर चर्चा करते थे। वे मुझसे कई विषयों पर सलाह मांगते थे। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि हर पार्टी में उनके मित्र थे और उन्होंने सभी से मित्रता निभाई। आज अरुण जी नहीं हैं। उन्होंने देश की राजनीति में अपना स्थान बनाया है। उन्होंने देश के आर्थिक और कानूनी विषयों में अपनी विशेष छाप छोड़ी है। बहुत कम लोग होते हैं, जो अपना स्थान इतने सारे क्षेत्रों में बना पाते हैं।


