* निराश्रित गौ-वंश को संरक्षण देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध – मंत्री लाखन सिंह यादव
* भोपाल में 29वीं भारतीय वेटनरी कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को किया संबोधित
भोपाल। (www.radarnews.in) केन्द्रीय पशुपालन राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यिमान ने बताया है कि पशुपालन और डेयरी उद्योग को लाभकारी बनाने के लिये उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्षेत्र में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिये पीपीपी मोड पर प्रोजेक्ट क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री बालियान आज यहाँ 29वीं भारतीय वेटनरी कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पशुधन का संरक्षण मानव जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिये बहुत जरूरी है। वेटनरी डॉक्टर्स और विशेषज्ञों को यह बात समझते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये। पशुधन संरक्षण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास भी करना चाहिये।
प्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने शत-प्रतिशत निराश्रित गौ-वंश को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके लिये हाईटेक गौ-शालाएँ बनाई जा रही हैं। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी उद्योग अपनाने के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कॉन्फ्रेंस में देश के 20 राज्यों के वेटनरी डॉक्टर्स और विशेषज्ञों ने भाग लिया। लुधियाना विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. गुरुदयाल सिंह, वेटनरी एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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मंत्री पी.सी.शर्मा ने पंचशील नगर, नया बसेरा, राजीव नगर तथा अन्य गरीब बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कलेक्टर और नगर निगम अमले को निर्देश दिये कि लगातार बारिश को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल-रूम को 24 घंटे चालू रखें। जल-भराव वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखें। बाढ़ नियंत्रण दस्ता इन क्षेत्रों में मुस्तैदी से तैनात रहे। श्री शर्मा के साथ स्थानीय पार्षद और गणमान्य नागरिक भी जल-भराव से प्रभावित बस्तियों में पहुँचे और लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।


मंत्री जीतू पटवारी ने जनजातीय एवं सुदूर इलाकों में स्थित महाविद्यालयों को बन्द नहीं करने की मांग की और हाइब्रिड मॉडल अपनाये जाने की वकालत की। उन्होंने नवीन शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा प्राधिकरण प्रस्तावित होने के बाद राज्यों में निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग की भूमिका स्पष्ट करने के साथ ही उच्च शिक्षा के नियमन में राज्य सरकार की भूमिका को भी समुचित रूप से शामिल किये जाने की माँग की। राष्ट्रीय शिक्षा परिषद अधिनियम 2019 के अनुसार प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं को मान्यता प्रदान करने के पहले परिषद द्वारा अभिमत के लिए राज्य शासन से उनका मत लिये जाने को आवश्यक बताया।
सोमवार की देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रतिनिधि के रूप में बड़वानी जिले के छोटा बड़दा आये पूर्व मुख्य सचिव श्री बैहार ने धरना स्थल पर पहुँचकर सुश्री पाटकर और उनके साथियों से चर्चा कर उन्हें मुख्यमंत्री के संदेश और सरदार सरोवर परियोजना के जल स्तर को कम करवाने के प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बैहार ने सुश्री पाटकर एवं डूब प्रभावितों से भी चर्चा कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने अनुरोध किया कि सुश्री पाटकर और अन्य साथी अपने स्वास्थ्य एवं मध्यप्रदेश सरकार के पूर्ण समर्थन को देखते हुए अपना अनशन और धरना समाप्त कर दें। इसके बाद तय हुआ कि सुश्री पाटकर और साथी 9 सितम्बर को भोपाल में एनवीडीए के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में उनके मुद्दों का निराकरण नहीं होने पर भोपाल में धरने का निर्णय लेंगे। सुश्री पाटकर और उनके साथी विगत 25 अगस्त से अनशन और धरना आंदोलन पर थे।








मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि आश्रम और छात्रावासों में इंटरनेट समेत सभी आधुनिक संचार सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने अधीक्षकों और शाला प्रभारियों से कहा कि वे शैक्षणिक संस्थाओं में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुरूप पाठ्यक्रम, खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिये। मंत्री श्री मरकाम ने आदिवासी क्षेत्रों के सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरे किये जाने के लिये कहा।
मंत्री श्री मरकाम ने स्पेन के मेड्रिड में विश्व तीरंदाजी युवा चेम्पियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली सुश्री रागिनी मार्को का सम्मान किया। उन्होंने सम्मान स्वरूप विभाग की ओर से सोने की चेन, पेन और कॉपी भेंट की। सुश्री मार्को जबलपुर के विकासखण्ड कुण्डम के ग्राम छपरा करौंदी की निवासी हैं।



