* पन्ना से 5 किलोमीटर दूर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुआ हादसा
* हादसे के समय अपनी पंचर की दुकान पर काम कर रहा था अधेड़
* परिवार के मुखिया की मौत होने से आश्रितों पर टूटा वज्रपात
पन्ना। (www.radarnews.in) तेज रफ्तार से स्कॉर्पियो वाहन चालते समय एक सब इंजीनियर द्वारा मोबाइल फोन पर बात करना भीषड़ सड़क हादसे का सबब बन गया। लापरवाहीपूर्वक चलाने के कारण अनियंत्रित हुई तेज रफ़्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे स्थित एक दुकान के संचालक को जोरदार ठोकर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई। सोमवार को पन्ना से 5 किलोमीटर दूर सतना मार्ग पर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे में दुकान संचालक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आरोपी वाहन चालाक सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया को मामूली चोटें आई हैं। आसपास मौजूद लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे चालक और उसके नीचे दबे पंचर एवं किराना दुकान संचालक छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष को जिला चिकित्सालय पहुँचाया।

सब इंजीनियर की कथित तौर घोर लापरवाही के चलते हुए इस हृदयविदारक हादसे को लेकर पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों जरदस्त आक्रोश देखा गया। परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित किया तो कतिपय आक्रोशित युवकों ने सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया के साथ हाथापाई कर दी। तनाव को देखते जिला चिकित्सालय और शव विच्छेदन गृह के पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।
भीषण हादसे से सहम उठे प्रत्यक्षदर्शी
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना में पदस्थ सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया 50 वर्ष निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना सोमवार 11 नवंबर को दोपहर करीब 1 बजे अपने स्कॉर्पियो वाहन क्रमाँक एमपी-17-सीए-2593 को चलाते हुए सतना से पन्ना की ओर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ मंजू रिछारिया तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। उनकी गाड़ी जैसे ही मोहनगढ़ी मंदिर के समीप पहुँची तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और वहाँ अपनी पंचर एवं किराना दुकान में काम कर रहे छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी मठ्या तालाब पन्ना को जोरदार टक्कर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई।

इस भीषण हादसे को देख आसपास मौजूद लोगों का कलेजा काँप उठा। अनियंत्रित स्कॉर्पियो के रूप में आँधी की तरह आई मौत एक झटके में छोटे मोहम्मद (राईन) को अपने साथ ले गई। हादसे के समय छोटे मोहम्मद की दुकान पर मौजूद रहे उनके परिचित भी इस भयावह दृश्य को देखकर सहम उठे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे आरोपी चालक मंजू रिछारिया को एवं उसके नीचे दबे छोटे मोहम्मद को बाहर निकालकर लोगों ने तुरंत पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचाया। जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित कर दिया। इस हादसे मृतक की दुकान भी आंशिक तौर क्षतिग्रस्त हुई है।
भारी पुलिस बल रहा तैनात

दुखद हादसे का पता चलने पर छोटे मोहम्मद के परिजन और रिश्तेदार बड़ी तादाद में जिला चिकित्सालय में पहुँच चुके थे। हादसे को लेकर आक्रोशित लोगों को जब छोटे मोहम्मद की मौत होने की खबर मिली तो कतिपय युवक भड़क ऊठे और उन्होंने जिला चिकित्सालय में अपना इलाज करवा रहे घायल आरोपी चालक एवं सब इंजीनियर मंजू रिछारिया के साथ कथित तौर पर हाथापाई कर दी। मृतक के परिजनों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप कर विवाद को शांत करा दिया। सब इंजीनियर की घोर लापरवाही के चलते सड़क हादसे में दुकान संचालक के असमय काल कवलित होने से उपजे जबरदस्त आक्रोश के मद्देनजर जिला चिकित्सालय में और शव विच्छेदन गृह के बाहर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।
मौजूदा हालात में यह हादसा और कोई रूप न लेने पाए पुलिस के अफसर इस बात को लेकर सजग रहे। शव विच्छेदन गृह के बाहर जमा भारी भीड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार, पन्ना एसडीओपी एवं कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर के द्वारा संयम बरतने की समझाइश दी गई और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। कुछ समय बाद शव का पोस्टमार्टम होने पर पुलिस सुरक्षा में उसे मृतक के घर ले जाया गया। समाचार लिखे जाने तक कोतवाली थाना पन्ना पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण पंजीबद्ध करने में जुटी थी। उधर, जब हादसे को लेकर लगे आरोपों के संबंध सब इंजीनियर मंजू रिछारिया से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
गहरे सदमे में पीड़ित परिवार






फैसला आने के बाद जैसा की सभी को भरोसा था, पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों जन जीवन पूरी तरह सामान्य रहा। एहतियात के तौर पर आज स्कूल-कॉलिज की छुट्टी घोषित किये जाने से सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय चहल-पहल थोड़ी कम रही। लेकिन शाम के समय रोज जैसी भीड़-भाड़ नजर आई। आज सुबह से ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी खासे सक्रिय रहे। सड़कों पर जब सायरन बजाते हुए जब पुलिस और प्रशासन की गाड़ियां निकलती थीं उस समय जरूर यह एहसास होता था कि आज का दिन कुछ विशेष है।
पन्ना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एवं शांति में वातावरण बनाए रखने के लिए नगर मुख्यालय, जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा ने जिले के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों ने जिस तरह का शांति एवं भाईचारे का प्रदर्शन किया है इसी तरह आगामी आने वाले समय में भी बनाए रखेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी कहा कि आम आदमी की हिफाजत करना हमारा दायित्व है। इसके लिए हम सभी निरंतर सक्रिय हैं। सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाएं।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है. यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में क़ानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है।”
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस ने कहा कि इस फ़ैसले का स्वागत करना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण का पक्षधर है।
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कहा, ”मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा।यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।”
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील ने ज़फ़रयाब ज़िलानी ने फ़ैसले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ”हम फ़ैसले पर अभी मश्विरा करेंगे और बाद में तय करेंगे कि इसकी समीक्षा के लिए याचिका दायर करेंगे या नहीं। इस फ़ैसले का आदर करना चाहिए। हमें इसके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन भागवत ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की है और ‘झगड़ा-विवाद’ समाप्त करने की बात कही है। उन्होंने यह भी अपील की है कि इसे हार-जीत की तरह नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम योगदान करने वाले सभी सहयोगियों और बलिदानियों को याद करते हैं। भाईचारा बनाए रखने के लिए सरकारी और समाज स्तर पर हुए प्रयासों का भी हम स्वागत और अभिनंदन करते हैं।संयमपूर्वक न्याय का इंतज़ार करने वाली भारतीय जनता भी बधाई की पात्र है। इसे जय-पराजय के रूप में नहीं देखना चाहिए। सभी से अनुरोध है कि संयमित और सात्विक तरीके से अपने आनंद को व्यक्त करें। अतीत की सभी बातों को भुलाकर हम सभी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे।“
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राजीव धवन और मुस्लिम पक्ष की बात सुप्रीम कोर्ट में रखने वाले दूसरे लोगों को शुक्रिया कहते हुए अपनी बात शुरू की और फ़ैसले पर असंतोष जताते हुए तथ्यों के ऊपर आस्था की जीत बताया है।






भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय का पन्ना में इलाज के दौरान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर और पत्रकारों को बता रहे हैं कि, पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी एक महिला और उसके परिजन जब मेरी हत्या नहीं करवा पाए तो मुझे प्रताड़ित करने लगे। यह सब पिछले एक साल से चल रहा था। वीडियो में कृष्ण कुमार ने बताया कि मैंने इस संबंध में कई बार थाना में शिकायत की और पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया। उनका आरोप है कि उक्त महिला ने विजय ओमरे निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना और शानू मिर्जा निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना से पहले मेरी हत्या कराने का लगातार प्रयास किया। जब मैं बच गया तो मेरी झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। इससे मैं बहुत ज्यादा प्रताड़ित हो गया। आज फिर मेरी झूठी रिपोर्ट हो रही थी। मैं थाना गया और मैडम (थाना प्रभारी) को रो-रोकर बताया। बाद में वहीं जहर खा लिया। मैंने मैडम से कहा परेशान मत करो मुझे, वह बोलीं तुझे जेल भेजना है। वीडियो में जो बातें भाजपा नेता बताईं है उन्हें अपनी मृत्यु पूर्व दर्ज कराए गए कथनों में भी दोहराया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में फिलहाल यह साफ़ नहीं हो सका है कि, उक्त महिला भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय के खिलाफ छेड़खानी जैसे गंभीर मामले की कथित तौर पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर उन्हें इस हद तक प्रताड़ित क्यों कर रही थी। इस घिनौने कृत्य में महिला के परिजन उसका साथ क्यों दे रहे थे। कृष्ण कुमार से इनकी आखिर ऐसी क्या बुराई थी जिस वजह से उसे पूरा परिवार मिलकर इस प्रताड़ित कर रहा था। सवाल यह भी है कि विजय ओमरे और शानू मिर्जा भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय की हत्या करना क्यों चाह रहे थे। क्या इन दोनों ने उक्त महिला से हत्या की लिए सुपारी ले रखी थी या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। प्रकरण की जांच पूर्ण होने और फरार आरोपियों के पकड़े जाने पर पुलिस को इन सब सवालों के जबाब मिलने की उम्मीद है।







दरअसल, पिछले दिनों अजयगढ़ के पत्रकार अमित जड़िया व थाना प्रभारी के बीच हुए विवाद के चलते स्थानीय पत्रकार इस बैठक से दूर रहे। मीडियाकर्मियों के द्वारा फिलहाल थाना अजयगढ़ की समस्त बैठकों व ख़बरों का भी अघोषित तौर पर बहिष्कार किया जा रहा है। बताते चलें कि विगत दिनों अजयगढ़ के थाना प्रभारी ने स्थानीय पत्रकार अमित जड़िया के साथ कथित तौर अभद्र व्यव्हार करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। अमित का आरोप है कि उसके साथ यह सब इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ समय से लगातार क्षेत्र में चल रही रेत की लूट में पुलिस की संलिप्तता होने तथा अवैध धंधों को संरक्षण दिए जाने की तथ्यपरक ख़बरें प्रकाशित कर रहा था। इससे नाराज होकर थाना प्रभारी के द्वारा उसे चुप कराने के लिए धमकाया गया। इस घटनाक्रम के संबंध स्थानीय पत्रकारों के द्वारा पन्ना कलेक्टर व एसपी को आवेदन दिया गया। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही न होने से अजयगढ़ के अधिकांश पत्रकार नाराज है।
पत्रकारों का कहना है कि मीडिया की आवाज को दबाने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता निराश करने वाली है। इस स्थिति में मीडियाकर्मी स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से अपना काम कैसे कर पाएंगे। अजयगढ़ के पत्रकारों का कहना है कि यदि शीघ्र ही उनके आवेदन पत्र पर कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ के थाना के निरीक्षक डीके सिंह की गिनती कर्मठ पुलिस अधिकारियों में होती है। अपने अब तक के सेवाकाल में वे जहां भी रहे हैं आमतौर पर मीडिया के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं। लेकिन अजयगढ़ में विवादित स्थिति क्यों बनीं इस पर दोनों पक्षों को गंभीरता से गौर करने की जरूरत है। यह बात सौ फीसदी सच है कि अजयगढ़ क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों के अघोषित संरक्षण में होता है। पर सभी पुलिसकर्मी रेत माफियाओं से सांठगांठ रखते हों ऐसा भी नहीं है। बहरहाल आगामी चुनौतियों के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि इस प्रकरण को लेकर अजयगढ़ में मीडिया और पुलिस के बीच बने गतिरोध को दूर करने के लिए तत्परता से आवश्यक कदम उठाए जाएं।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा सोमवार 4 नवम्बर को संपूर्ण मध्यप्रदेश में विशाल किसान आक्रोश आंदोलन का आवाहन किया गया था। इसी क्रम में पन्ना की इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित चन्द्रशेखर पार्क के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार की वादखिलाफ़ी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना दिया। धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले दस माह से कांग्रेस की सरकार है। निश्चित ही कांग्रेस के पास सरकार चलाने के लिए अपना स्वयं का बहुमत नहीं है इसलिए वह अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों की मान-मनुहार पर टिकी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने निरंतर एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई है। कांग्रेस ने किसानों से वादा किया था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ कर दिया जायेगा। लेकिन आज तक कर्जमाफी नहीं हुई। किसान दोहरे और तिहरे धोखे का शिकार हुआ है। पहला कर्जमाफी के झूठ ने उसे डिफाल्टर बना दिया और वह आगामी फसल के लिए खाद-बीज खरीद नहीं पा रहा है । वहीं दूसरी ओर बैंक वाले वसूली के नोटिस भेज कर किसान के पीछे पड़ गए हैं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव के पहले कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में म.प्र. के सभी किसानों का दो लाख रूपये तक का कर्ज माफ करने का वचन दिया था लेकिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के वचन पर भी कांग्रेस सरकार खरी नहीं उतरी और उसने 10 माह तक किसी भी किसान का कर्ज माफ नहीं किया है। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के किसानों पर भारी वर्षा के कारण भीषण बाढ़ का कहर टूटा इस बाढ़ में मध्यप्रदेश के 32 जिलों के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया किसानों की सोयाबीन मूंग-उड़द-कपास और मक्का जैसी खरीफ की फसल जो खेतों में पड़ी थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई और घर में रखा गेंहू-सरसों-चना भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया । कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में गरीबों किसानों के बिल हाफ करने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने पर इस वादे को हवा में उड़ा दिया बल्कि गरीब और किसानों को बड़े-बड़े बिल थमा दिए।
कांग्रेस नेता मनोज गुप्ता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह किसान आक्रोश आंदोलन के नाम पर किसानों और आमजनता को गुमराह कर रही है। भाजपा के नेता प्रदेश को केंद्र से राहत राशि जानबूझकर नहीं दिलवा रहे है, ताकि आपदा प्रभावित किसानों को राहत नहीं मिले और इस स्थिति में वे आक्रोशित हों। जिसका राजनैतिक लाभ उठाया जा सके। कांग्रेस नेता श्री गुप्ता ने कहा कि भाजपाई घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें और केन्द्र की मोदी सरकार से मध्यप्रदेश को राहत राशि सहित विभिन्न मदों में लंबित राशि दिलवाने में मदद करें ताकि किसानों को तत्परता से राहत पहुंचाई जा सके। आपने बताया कि अतिवृष्टि से प्रदेश में फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसानी के बाबजूद केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अब तक किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गई। भाजपा के नेताओं को यदि वाकई किसानों की चिंता है तो उन्हें मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव करने के मामले में केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना चाहिए।
कांग्रेस नेता आनंद शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के 21 लाख किसानों की अब तक कर्जमाफी हो चुकी है, बाबजूद इसके भाजपा के नेता कर्जमाफी के नाम पर सरासर झूठ बोल रहे हैं। जिन किसान परिवारों को कर्जमाफी का लाभ मिला है उन्हें पता चल गया है कि भाजपाई किस हद तक झूठ बोलते हैं। आपने कहा कि किसानों पर गोलियां चलवाने वाली पार्टी के नेताओं द्वारा किसानों के मुद्दों पर प्रदर्शन के नाम पर सिर्फ राजनैतिक नौटंकी की गई। मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार के खिलाफ इनके पास कोई ठोस मुद्दा ही नहीं है। क्योंकि हमारी सरकार के द्वारा आम नागरिकों से किए गए वचनों को पूरी ईमानदारी के साथ पूरा किया जा रहा है। बिजली बिल हाफ करने के लिए प्रदेश सरकार वचनवद्ध है। श्री शुक्ला ने कहा कि खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा को चाहिए कि वे केन्द्र की सरकार से यह सवाल पूंछें कि मध्यप्रदेश में इतनी बड़ी आपदा आने के बाद भी प्रदेश को किसी तरह की कोई आर्थिक मदद अब तक क्यों नहीं दी गई।
मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि खेल स्वस्थ जीवन के लिये निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। हार-जीत से ज्यादा महत्व प्रतियोगिता में सहभागिता का होता है। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के सर्वांगीण विकास और चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं। डॉ. चौधरी ने कहा कि अभिभावको को चाहिए कि बच्चों को खेल के लिये प्रोत्साहित करें। खेल के माध्यम से बच्चे देश, प्रदेश एवं परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं। आजकल बच्चे खेलों को कैरियर के रूप में अपना रहे हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि स्कूलों में भी र्स्पोट्स एवं योग शिक्षकों की भर्ती की जा रही है ताकि बच्चों को शिक्षा के साथ खेल एवं योग की शिक्षा भी दी जा सके।
आयुक्त लोक-शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने कहा कि पूरे देश से स्कूली बच्चे इस प्रतियोगिता में भाग लेने आए हैं। ये सभी बच्चे अपने प्रदेश के हीरे हैं। उन्होंने खिलाड़ी बच्चों से कहा कि प्रतियोगिता में खेल भावना के साथ एकाग्रचित होकर खेलें, अवश्य सफल होंगे। असफलता मिलने पर भी निराश न होते हुए आगे बढते जाना है, यही खेल भावना है। मंत्री द्वय ने एसजीएफआई का ध्वज फहराकर प्रतियोगिता का शुभांरभ किया। प्रतिभागी खिलाड़ियों को नियमाधीन खेल भावना से खेलने की शपथ दिलाई।