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आश्वासन : एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना मझगवां की समयावधि बढ़ाने शासन स्तर पर होंगे प्रयास

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* जिला योजना समिति की बैठक में बोले प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी

* निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण कराने दिए निर्देश

* जिपं अध्यक्ष ने पंचायतों की रेत खदानों को ठेके पर देने और ट्रामा यूनिट का मुद्दा उठाया

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डाॅ. प्रभुराम चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार 28 नवंबर को जिला योजना समिति पन्ना की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। इस बैठक में जिले के विकास एवं जन समस्याओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। बैठक मेें समिति के सदस्यों द्वारा एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना मझगवां को नेशनल पार्क क्षेत्र में कार्य करने की अवधि बढाए जाने की मांग उठाई गई। सदस्यों ने बताया कि हीरा खनन परियोजना से पन्ना की वैश्विक स्तर पर गौरवशाली पहचान है और इस परियोजना का निर्बाध तरीके से संचालन होना जिले के व्यापक हित में है। इस संबंध में प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि हीरा खनन परियोजना के सुचारु संचालन के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। बैठक में डीएमएफ अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी गयी। बताया गया कि इस मद से शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग के कार्य लिए जा रहे हैं। इसके तहत पन्ना नगर की पेयजल व्यवस्था संबंधी किलकिला फीडर के कार्य को लिया जाना प्रस्तावित है।

रेत की लूट को रोकने में प्रशासन नाकाम

जियोस की बैठक में जिला पंचायत पन्ना के अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिला चिकित्सालय की ट्रामा यूनिट शुरू न होने का मुद्दा उठाते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का ध्यान आकृष्ट कराया। ट्रामा यूनिट के भवन का दो माह पूर्व लोकार्पण होने के बाद भी इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ जिले के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। श्री यादव ने ट्रामा यूनिट को जल्द शुरू कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कराने की बात कही। प्रभारी मंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर डाॅक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया संचालित है। अब जिला स्तर पर भी स्थानीय डाॅक्टरों की भर्ती की जा सकती है। जिपं अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिले की पंचायत की रेत खदानों को अघोषित तौर पर ठेके पर खनन माफियों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि खनन माफिया पर्यावरण एवं खनन कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए प्रतिबंधित दैत्याकार मशीनों के जरिए पानी के अंदर से रेत निकाल रहे है। रेत की इस लूट को रोक पाने में जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। प्रभारी मंत्रीं ने इसे गंभीरता से लेते हुए रेत के अवैध खनन को रोकने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश गए है।
बैठक में पूर्व में 26 जून को सम्पन्न हुई बैठक में लिए गए निर्णयों पर चर्चा की गयी। इनमें लोक निर्माण विभाग ने चर्चा के दौरान बताया गया कि विभाग की 29 सड़कों का कार्य प्रगति पर है। इन सड़कों को 31 मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा। पीआईयू द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में बताया गया कि जिले में कुल 27 कार्य प्रगतिरत हैं इन प्र्रगतिरत कार्यों में 3 कार्य दिसंबर मसांत तक, 8 कार्य 31 मार्च तक तथा 4 कार्य 31 मार्च 2021 तक पूर्ण हो जाएंगे। इसके अलावा 12 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

बीपीएल सत्यापन कर रहे 989 दल

कृषि विभाग की चर्चा के दौरान बताया गया कि जिले में अच्छी गुणवत्ता वाले खाद बीज किसानों को मिल सके। इसके लिए जिले में सघन जांच अभियान चलाकर 199 बीज के एवं 95 उर्वरक के नमूने लिए गए। इन नमूनों में 4 बीज के नमूने अमानक पाए जाने पर 2 के विरूद्ध लाइसेन्स निलंबित करने एवं 2 के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ 2 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वर्तमान में जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जैविक खेती को बढावा दिया जाए और खेतिहर किसानों को ही कृषक मित्र बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में बीपीएल के पात्र राशन कार्डों को सत्यापन करने के लिए 989 दल गठित किए गए हैं। जो सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। अब तक 110 पात्रता पर्ची जारी हो गयी हैं। पात्रता पर्ची अनुसार राशन का वितरण किया जा रहा है। बैठक में गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., के साथ जिला योजना समिति के समस्त सदस्य एवं सभी संबंधित जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।
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महाराष्ट्र : उद्धव को तीनों दलों के विधायकों ने अपना नेता चुना, एक दिसंबर को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

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* फडणवीस ने बहुमत साबित करने से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया 

* उद्धव ठाकरे को शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस ने विधायक दल का नेता चुना

मुंबई। महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही राजनीतिक उठापटक पर पूर्ण विराम लग गया है। मंगलवार को मुंबई के ट्राइडेंट होटल में शिव सेना, कांग्रेस और एनसीपी के विधायकों ने उद्धव ठाकरे को सर्वसम्मति से अपना नेता चुन लिया है। वे एक दिसंबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आज विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत सिद्ध करने का आदेश दिया था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार का खेल महज 80 घंटे में खत्म हो गया। ऐसे में फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद और एनसीपी नेता अजित पवार को डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा।
वहीं अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट और एनसीपी नेता जयंत पाटिल डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने 23 तारीख (शनिवार) की सुबह राजभवन में शपथ ली थी। इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है, इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं।
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सुको का आदेश : महाराष्ट्र में बगैर गुप्त मतदान के कल होगा फ्लोर टेस्ट

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय का फाइल फोटो।

* सरकार गठन के खिलाफ राकांपा, कांग्रेस, शिव-सेना ने दायर की थी याचिका

मुंबई। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों की याचिकाओं पर बुधवार 27 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराने का महत्वपुर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के लिए प्रोटेम स्पीकर को तुरंत नियुक्त करने को कहा है। विधायकों के शपथ ग्रहण की कार्यवाही को कल शाम 5 बजे तक पूरा करा लिया जाए। इसके पश्चात बगैर गुप्त मतदान के फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया कराएं। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि विधानसभा की कार्यवाही का लाइव टेलीकॉस्ट कराया जाए।
इसके पहले सोमवार को कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान विपक्षी दलों (राकांपा, कांग्रेस, शिव-सेना) ने 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की थी। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के द्वारा राष्ट्रपति शासन को हटाने एवं देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री व अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के निर्णय की न्यायिक समीक्षा के मुद्दे पर कोर्ट बाद में फैसला सुनाएगा। इस संबंध में अलग-अलग पार्टियों को नोटिस भेजे गए है। विपक्षी दलों ने शीर्ष कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे भारतीय संविधान और लोकतंत्र की सच्ची जीत बताया है।
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लोकायुक्त की कार्रवाई : 27 हजार की रिश्वत के साथ जिला संयोजक अजाक गिरफ्तार

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पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रट भवन में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देती लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम।

* छात्रावास में साइकिल स्टैण्ड निर्माण राशि जारी करने मांगी थी रिश्वत

* अधीक्षिका की शिकायत पर लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई कार्यवाही

* ट्रैप कार्रवाई से पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में मचा हड़कंप

* जिला संयोजक ने आरोपों को नकारा, बोले मेरे खिलाफ हुई साजिश, नहीं रंगे हाथ

* पन्ना जिले में तीन माह के अंदर लोकायुक्त पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक साबित खान को लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने 27 हजार रूपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। कन्या छात्रावास में साइकिल स्टैण्ड निर्माण की राशि जारी करने के एवज में छात्रावास अधीक्षका से रिश्वत के रूप में कथित तौर 27 हजार रूपए लिए गए थे। सोमवार 25 नवंबर की शाम पन्ना के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में हुई लोकायुक्त की इस पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। कलेक्ट्रेट में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी फ़ैल गई। जिला संयोजक पर कार्रवाई होने से विभागीय कर्मचारी इतना घबरा गए कि कार्यालयीन समय समाप्ति के पूर्व ही वे कार्यालय छोड़कर भाग गए। पन्ना जिले में पिछले तीन माह से कम समय में यह लोकायुक्त पुलिस की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

25 में नहीं माने तो 2 हजार और दिए

इस पूरे मामले के संबंध में बताया जाता है कि पन्ना की इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक महाविद्यालय छात्रावास में छात्राओं की सुविधा हेतु साईकिल स्टैण्ड निर्माण के लिए 1 लाख 80 हजार की राशि स्वीकृत की गई थी। जिसके एवज में जिला संयोजक द्वारा 15 प्रतिशत की कमीशन की राशि रिश्वत के तौर पर मांग जा रही थी। बार-बार राशि मांगे जाने को लेकर छात्रावास में पदस्थ अधीक्षिका कृष्णा सोनी परेशान हो गईं और इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को दी। जिस पर सोमवार शाम करीब 4 बजे लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम द्वारा ट्रैप कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
शिकायतकर्ता एवं छात्रावास अधीक्षिका कृष्णा सोनी एवं समीप खड़े लोकायुक्त पुलिस टीम के सदस्य।
लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े के नेतृत्व में पन्ना पहुंची लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कैमिकल युक्त नोट का लिफाफा अधीक्षिका कृष्णा सोनी को दिया, जब अधीक्षिका द्वारा जिला संयोजक को 25 हजार की राशि दी, तो उन्होने 2 हजार रूपए और देने को कहा। इस तरह कुल 27 हजार की राशि रिश्वत के तौर पर जिला संयोजक को दी गई। अधीक्षिका रुपए देकर जैसे ही बाहर निकलीं वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने ऑफिस के अंदर पहुंचकर कैमिकल युक्त नोट बरामद किए। अधीक्षिका ने बताया कि साईकिल स्टैण्ड के निर्माण के नाम पर 15 प्रतिशत की राशि मांगी जा रही थी, जिस पर मुझे कई दिनों से परेशान किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर मैंने इसकी सूचना लोकायुक्त पुलिस को दी और उनके द्वारा आज कार्यवाही की गई। जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग पन्ना साबित खान के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

जिला संयोजक ने दी सफाई

लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अजाक जिला संयोजक पन्ना साबित खान को रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया है। लेकिन हांथ धुलाई में कैमिकल युक्त नोटों का रंग उनके हांथ में नहीं निकला। इस घटनाक्रम पर अपनी सफाई देते हुए साबित खान ने बताया कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनके हांथ में कोई कैमिकल नहीं मिला है, हांथ धुलाई में कोई रंग नहीं निकला। उन्होंने बताया कि शाम के समय जब मैं अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रहा था तभी अधीक्षिका आई और उसने  अचानक मेरी टेबिल पर कुछ रखा जिसे न तो मैंने ठीक से देखा न छुआ। तभी लोकायुक्त पुलिस ने आकर उसे बरामद कर लिया।

बिना रिश्वत के नहीं होते काम

मीडियाकर्मियों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े।
नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में आज लोकायुक्त पुलिस द्वारा पहली कार्यवाही की गई। जिस कार्यालय के अंदर कार्यवाही हुई उसके नीचे कलेक्टर का ऑफिस था। खबर लगते ही कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हर कोई यही कहता हुआ नजर आया कि नवीन कलेक्टे्रट में यह पहली कार्यवाही है। गौरतलब है कि जिले में रिश्वत के मामले अक्सर देखने को मिलते है। जहां पर समय समय पर लोकायुक्त पुलिस रिश्वतखोरों पर कार्यवाही करती है लेकिन इसके बाद भी रिश्वत लेने के मामले में कोई कमी नहीं आई है। पन्ना जिले के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। कई बार लोग जब रिश्वतखोरी से काफी परेशान हो जाते है तब लोकायुक्त की मदद लेते है। बहरहाल पन्ना जैसे अति पिछड़े जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ जन सामान्य में जागरूकता बढ़ी है। फलस्वरूप पिछले तीन माह से भी कम समय में जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व आरईएस के उपयंत्री संतोष जगवानी और नरदहा पुलिस चौकी में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया था। हाल के वर्षों में लोकायुक्त पुलिस ने कई ट्रैप कार्रवाईयों को अंजाम दिया है।

इनका कहना है –

“अधीक्षिका द्वारा शिकायत की गई थी कि साईकिल स्टैण्ड के नाम पर जिला संयोजक अजाक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है, शिकायत की तस्दीक की गई तो शिकायत सही पाई, जिस पर आज जिला संयोजक साबित खान को 27 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।”

– राजेश खेड़े, डीएसपी, लोकायुक्त पुलिस सागर।

“मेरे ऑफिस में अधीक्षिका आई थी और बोली कि आप छात्रावास का निरीक्षण कर लें लेकिन मैनें मना कर दिया कि मुझे मीटिंग में जाना है। तभी दोबारा आई और कुछ मेरे टेबिल में रख दिया। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस आई और कार्यवाही करने लगी। मेरे हाथों से पैसे बरामद नहीं हुए है और न ही मेरे हाथों में रंग पाया गया है।” 

– साबित खान, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, पन्ना। 

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अजित पवार के फैसले से एनसीपी का कोई संबंध नहीं, विधायक हमारे साथ, बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे फडणवीस : शरद पवार

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The Hindu

* प्रेसवार्ता में उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर किया तीखा हमला

* बोले- महाराष्ट्र में बीजेपी ने की है फर्जिकल स्ट्राइक 

मुंबई। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटने और देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद पर शपथ लेने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ शनिवार सुबह उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अपने भतीजे अजित पवार की भी आलोचना की। शरद पवार ने कहा कि उन्हें अचानक अजित के उप-मुख्यमंत्री बनने का पता चला और उनके फ़ैसले का एनसीपी से कोई संबंध नहीं है। शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाने का फ़ैसला लिया था और उनके पास लगभग 170 विधायकों का समर्थन था। उन्होंने अजित पवार के फ़ैसले को एनसीपी की विचारधारा के ख़िलाफ़ बताया और कहा कि इस संबंध में पार्टी कार्रवाई करेगी। शरद पवार ने यह भी कहा कि फडणवीस विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे।

चिट्ठी का खेल

शरद पवार ने यह दावा भी किया जो भी विधायक अजित के साथ गए थे, वे वापस आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि विधायकों को पता नहीं था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है और उन्हें शपथ लेने का भी पता नहीं था। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कुछ विधायक भी शरद पवार साथ थे। पार्टी एमएलए राजेंद्र शिंगने ने इस दौरान कहा कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि देवेंद्र फडणवीस शपथ लेंगे। शरद पवार ने कहा कि एनसीपी विधायकों के समर्थन की जिस चिट्ठी के आधार पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने का दावा किया है, उसे ग़लत ढंग से पेश किया गया है।
शरद पवार के मुताबिक़, उस पत्र में 54 विधायकों के हस्ताक्षर थे मगर अजित ने उसका कवर बदल दिया. उन्होंने कहा कि वे लोग सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सरकार बना सकते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है. सरकार बनाएंगे, नंबर हमारे पास हैं.” एनसीपी प्रमुख ने इन अटकलों को भी ग़लत बताया कि भतीजे अजित इस बात से नाराज़ थे कि शिव सेना के साथ समझौते के तहत ढाई साल सुप्रिया सुले को सीएम बनाने का प्रस्ताव रखा गया था।

उद्धव ठाकरे क्या बोले

Livemint
शिव सेना प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि ‘जो खेल चल रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है। उन्होंने कहा, “हम जो करते हैं, दिन के उजाले में करते हैं। वो लोगों को तोड़ते हैं, हम जोड़ते हैं। इन्होंने महाराष्ट्र में ‘फ़र्जिकल स्ट्राइक’ की है।”

 साभार : बीबीसी हिन्दी

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महाराष्ट्र में बीजेपी और एनसीपी की सरकार ! देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

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फोटो ANI

* शिव सेना की उम्मीदों को लगा तगड़ा झटका

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर बना सस्पेंस समाप्त हो गया है। नाटकीय घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे दिया है। एनसीपी के नेता अजित पवार ने भी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब एक दिन पहले ही शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने को लेकर सहमति बनने की खबरें आ रहीं थी। आज ये तीनों पार्टियां मिलकर न्यूनतम साझा कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करने वाली थीं मगर सुबह-सुबह देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने मुंबई के राजभवन पहुंचकर पहुंचकर शपथ ग्रहण कर ली। महारष्ट्र में सत्ता के लिए बने इस सियासी गठबंधन के अचानक अस्तित्व में आने से सब हैरान है। महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने की कवायद में जुटी शिव सेना को इससे तगड़ा झटका लगा है।

फडणवीस बोले स्थाई सरकार के लिए एनसीपी साथ आई

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “हमारे साथ चुनाव लड़ने वाली शिव सेना ने जनादेश का निरादर करते हुए और दलों के साथ सरकार बनाने की कोशिश की जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा। महाराष्ट्र में स्थायी सरकार चाहिए थी, इसलिए एनसीपी हमारे साथ आई है।” उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के नतीजे आए काफ़ी दिन हो गए थे और सरकार न बनने के कारण लोगों को समस्या हो रही थी। उन्होंने कहा कि, “राज्य में कई समस्याएं हैं, ख़ासकर किसानों की. अगर मिलकर स्थिर सरकार बनती है तो यह महाराष्ट्र के लिए अच्छा है।”
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दिल दहला देने वाला हादसा : थ्रेसर में फंसा नाबालिग का तौलिया, पलक झपकते ही धड़ से अलग हुई गर्दन

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हृदय विदारक हादसे का पता चलने के बाद मृतक के घर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे लोगों की भीड़।

* जमीन पर कटा सिर गिरने का भयावह दृश्य देख लोगों का काँप उठा कलेजा

* पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के बीरमपुरा गावं की घटना

आकाश बहरे, पन्ना/मोहन्द्रा।(www.radarnews.in) जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोठी पहाड़ के बीरमपुरा गावं में फसल की गहाई के दौरान थ्रेसर से चारा-डंठल आदि हटाते समय एक नाबालिग का तौलिया (गमछा) उसमें फंस गया, फिर क्या था थ्रेसर की चपेट में आने से उसकी गर्दन पलक झपकते ही धड़ से अलग हो गई और तेज आवाज के साथ नाबालिग का कटा हुआ सिर दूर जा गिरा। इस भयावह हादसे के समय मौके पर मौजूद रहे लोगों की पलभर के लिए की साँसे थम गईं। जमीन पर खून से लथपथ पड़े नाबलिग आशीष पिता पप्पू यादव 17 वर्ष निवासी ग्राम रानीपुरा (मोहन्द्रा) के शव को दो हिस्सों में जिसने भी देखा उसका कलेजा काँप उठा। इस हृदय विदारक हादसे के बाद से कोठी पहाड़ क्षेत्र और मृतक नाबालिग के गृह ग्राम मोहन्द्रा में शोक की लहर व्याप्त है।
दर्दनाक हादसे में मृत नाबालिग आशीष यादव का शव।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार 21 नवंबर को अनिल पौराणिक निवासी मोहन्द्रा का ट्रैक्टर कोठी पहाड़ के गांव बीरमपुरा में गहाई का कार्य कर रहा था। ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के बाद अनिल पौराणिक ने मोहन्द्रा से प्लास्टिक की केन में डीजल भरवाया और केन को पकड़ने के लिए परिचित आशीष पिता पप्पू यादव 17 वर्ष निवासी ग्राम रानीपुरा (मोहन्द्रा) को वह अपने साथ बीरमपुरा ले गया। जहां शाम करीब 4 बजे फसल की गहाई का कार्य पुनः शुरू होने पर आशीष यादव ट्रेक्टर व थ्रेसर के बीच में लगी साफ़्ट का कचरा (फसल का चारा-डंठल) हटाने लगा। तभी उसके गले में पड़ा तौलिया अचानक थ्रेसर में फंस गया और पलक झपकते ही उसकी गर्दन तेज आवाज के साथ धड़ से अलग हो गई।
सांकेतिक फोटो।
दिल दहला देने वाले इस भयावह हादसे के समय मौके पर मौजूद रहे लोग काफी डर गए। फलस्वरूप पुलिस को डायल 100 पर शाम लगभग 6 बजे इस हादसे की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे रैपुरा थाना प्रभारी द्वारका प्रसाद कुशवाहा ने बताया पंचनामा कार्यवाही पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए रैपुरा भेजा गया। इस हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। नाबालिग आशीष यादव का शव आज जब मोहन्द्रा पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अत्यंत ही ग़मगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। उधर, जवान बेटे की दुखद हादसे में मौत होने का पता चलने के बाद से ही पीड़ित परिजन गहरे सदमे में हैं।
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अंधेरगर्दी : रेंजर के वायरल पत्र से वन विभाग में मची खलबली, काष्ठागार डिपो में पदस्थ 42 में से 33 वनकर्मी लम्बे समय से हैं गायब…!

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फाइल फोटो।

* काष्ठागार डिपो में तैनाती कराकर जिला मुख्यालय में वर्षों से जमे हैं कामचोर

* जंगल की ड्यूटी से बचने अफसरों की चाकरी और ऑफिस में बाबूगिरी कर रहे वनकर्मी

* पन्ना जिले में दक्षिण वन मण्डल में वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा से हो रहा समझौता

* वर्षों से कई बीटें पड़ीं है खाली लेकिन जिम्मेदारों को नहीं जंगल की परवाह

* दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत पिछले दो सालों में पांच तेंदुओं और भालू का हो चुका है शिकार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के वन विभाग में अराजकतापूर्ण स्थिति निर्मित है। यहां के संरक्षित एवं सामान्य वन मंडलों में तैनात शीर्ष अधिकारियों को वनों, वन्य जीवों एवं बहुमूल्य वन सम्पदा की जरा भी परवाह नहीं है। वे सिर्फ अपने एक सूत्रीय एजेण्डे के तहत निहित स्वार्थपूर्ति में जुटे है। विभाग प्रमुख अफसरों की अकर्मण्यता, उदासीनता और लचर प्रबंधन के कारण जंगल विभाग अब जंगल राज में तब्दील हो चुका है। दिनों-दिन बद से बद्तर होते हालात के चलते पन्ना जिले के उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मंडलों एवं पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत अवैध कटाई, हीरा-पत्थर के अवैध खनन, वन्यजीवों के शिकार एवं उनके अंगों की तस्करी सरीकी बेहद चिंताजनक घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर पन्ना में पुनः आबाद हुए बाघों के संसार का भविष्य सुरक्षित प्रतीत नहीं होता। मीडिया और जानकार लगातार इस संबंध में आगाह कर रहे हैं लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था में इनकी आवाज नक्कारखाने की तूती बनकर रह गई है।
अपने कार्यालय में शासकीय कार्य करते हुए उप वनमंडलाधिकारी कल्दा, हेमंत यादव।
पन्ना के वन विभाग में अंधेरगर्दी किस कदर हावी है, यहां के दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आने वाले काष्ठागार डिपो के नवागत प्रभारी अधिकारी राम सिंह पटेल द्वारा डीएफओ को लिखा गया पत्र इसका एक उदाहरण मात्र है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस पत्र में काष्ठागार अधिकारी ने बताया है कि उनके कार्यालय में 42 कर्मचारी कार्यरत है। डिपो का आकर बेहद छोटा होने बाबजूद 42 कर्मचारियों का वेतन/पारिश्रमिक का आहरण नियमित रूप से काष्ठागार पन्ना से किया जा रहा है। मजेदार बात तो यह है कि, नवागत काष्ठागार अधिकारी अब तक जितनी बार भी पन्ना आए हैं उन्हें काष्ठागार में काम करते हुए सिर्फ 9 कर्मचारी ही मिले है। अन्य 33 कर्मचारी कर्तव्य पर कभी उपस्थित ही नहीं मिले। अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में पूँछने पर उन्हें बताया गया कि वे आए थे पर चले गए।

42 कर्मचारियों की नहीं आवश्यकता

काष्ठागार अधिकारी पन्ना द्वारा डीएफओ को प्रेषित पत्र।
मालूम हो कि दक्षिण वन मंडल के वन परिक्षेत्र सलेहा के रेंजर राम सिंह पटेल के पास वर्तमान में काष्ठगार डिपो पन्ना का अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने डीएफओ को 15 नवंबर को लिखे गए अपने पत्र में बड़ी ही स्पष्टता के साथ काष्ठागार डिपो कार्यालय की हकीकत और तथ्यों को उजागर करते हुए बताया है कि अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी मनमाने ढंग से कार्य करने के आदी हो चुके। उन्होंने इस बात का विशेष तौर उल्लेख किया है कि पन्ना के काष्ठागार का आकार छोटा है और काष्ठ (लकड़ी) की आमद कम होने के साथ कार्यालय का कार्य भी अत्यंत ही सीमित है। ऐसे में काष्ठागार डिपो में 42 कर्मचारियों की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। कर्मचारियों की इतनी संख्या क्षेत्रीय रेन्ज (वन परिक्षेत्र) में पदस्थ कर्मचारियों से भी ज्यादा है। काष्ठागार अधिकारी ने अनुपस्थित रहने वाले सभी 33 अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता न होने का पत्र जिक्र करते हुए इन्हें अन्यंत्र पदस्थ करने की शिफारिश की है।

वनकर्मियों में पनप रहा असंतोष

फाइल फोटो।
प्रभारी काष्ठागार अधिकारी के पत्र से पन्ना के दक्षिण वन मंडल में हड़कंप मचा है। पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने से पन्ना में जहां कई वर्षों से जमे कामचोर मैदानी वनकर्मियों की धड़कनें तेज हो गई हैं वहीं विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इससे जंगल की कठिन ड्यूटी से कथित तौर पर चहेतों को राहत देने के आरोप अफसरों पर लग रहे है। काष्ठागार डिपो पन्ना में मनमाने तरीके से मैदानी अमले को पदस्थ कर विभागीय अफसर उनसे अपने घरों में चाकरी-अर्दली और कार्यालयों में बाबूगिरी करा रहे है। कतिपय मैदानी वनकर्मियों को जंगल ड्यूटी से मिली इस विशेष छूट को लेकर दूसरे वनकर्मियों में तीव्र असंतोष व्याप्त है।

सिर्फ 9 कर्मचारी दे रहे सेवायें

पन्ना स्थित काष्ठागार कार्यालय में कहने को तो 42 कर्मचारी/श्रमिक पदस्थ हैं जिनमें 2 वनपाल, 11 वनरक्षक, 24 स्थाई कर्मी, 1 ड्रायवर और 4 पार्ट टाइम श्रमिक हैं लेकिन यहां पर नियमित रूप से वहां सिर्फ 9 कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें राजेन्द्र पाल सिंह वनपाल, राजेश कुमार सोनी, विवेक कुमार चनपुरिया वनरक्षक, संतोष तिवारी स्थाई कर्मी और सुरक्षा श्रमिक हरि गौंड़, नत्थू गौंड़, सुरेश सोनी, छोटेलाल यादव शामिल है। महिला वनरक्षक सुनीता प्रजापति न्यायालय में बतौर मोहर्रर अपनी सेवाएं दे रहीं है। सिर्फ एकमात्र हॉल में लगने वाले इस कार्यालय में इतनी जगह भी नहीं है कि वहां 42 कर्मचारी बैठकर कार्य कर सकें। लेकिन फील्ड स्टॉफ की यहां तैनाती के बहाने वन विभाग के अफसर उनसे अपनी मनमर्जी और सुविधानुसार बंगलों तथा ऑफिस कार्य करा रहे है। जानकारों के अनुसार पहले तो बड़ी तादाद में मैदानी वनकर्मियों को बगैर किसी आवश्यकता के डिपो में पदस्थ करना और फिर उन्हें अटैच कर वन मंडल कार्यालय, उप वनमंडलाधिकारी कार्यालय तथा बंगलों में काम कराना पूर्णतः अनुचित है। वैसे भी फील्ड स्टॉफ से कार्यालय में काम कराने की वन विभाग में सख्त मनाही है।

शिकार की घटनाओं से नहीं लिया सबक

दक्षिण वन मंडल के शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत हाल ही में शिकार हुए तेंदुए का झाड़ियों के बीच पड़ा शव। (फाइल फोटो)
दक्षिण वन मंडल अंतर्गत काष्ठागार डिपो में तैनाती की आड़ में मैदानी वनकर्मियों से बंगलों में चाकरी-अर्दली और ऑफिस में बाबूगिरी ऐसे समय पर कराई जा रही है जबकि वन्य जीवों के शिकार, पत्थर के अवैध खनन एवं कटाई की हैरान करने वाली घटनाएं तेजी से बढ़ रहीं है। और दक्षिण वन मंडल के सभी छः वन परिक्षेत्रों में कई बीटें तथा सर्किल कर्मचारियों की कमी के कारण खाली पड़े है। परिणामस्वरूप कई वनकर्मियों को एक से अधिक बीटों का प्रभार संभालना पड़ रहा है। मैदानी अमले की कमी के कारण कार्य की अधिकता के दबाब में वनों की सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था धरातल पर दम तोड़ चुकी है। जिसका दुष्परिणाम यह है कि दक्षिण वन मंडल अंतर्गत पिछले दो वर्षों में पाँच तेंदुओं, एक भालू और एक मोर का शिकार हो चुका है। यहाँ के वन क्षेत्रों में कुछ समय से जहां शिकारी गिरोहों, वन्यजीवों के अंगों के तस्करों की सक्रियता तेजी से बढ़ी है वहीं पत्थर खनन माफिया और अतिक्रमणकारी भी बड़े पैमाने पर जंगल को लगातार क्षति पहुंचा रहे है। इसके बाबजूद दक्षिण वन मंडल के बड़े अधिकारी जंगल और वन्य प्राणियों की सुरक्षा की घोर अनदेखी करते हुए मैदानी अमले को मुख्यालय में तैनात कर उनसे दीगर कार्य करा रहे है।

कैसे आबाद रह पाएंगे बाघ ?

सांकेतिक फोटो।
सर्व विदित है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों का संसार पुनः आबाद होने व इनकी तादाद वर्तमान में 50 से अधिक होने के चलते कई बाघ अपने लिए सुरक्षित ठिकाने और भोजन की तलाश में दक्षिण वन मंडल के जंगलों में डेरा डाले हुए हैं। यहां जंगल में कदम-कदम पर बिछे शिकारियों के जाल और वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था के पूरी तरह चौपट होने के मद्देनजर विचरण करने वाले बाघ संकट में है। लेकिन वन विभाग में शीर्ष स्तर पर जबाबदेही का घोर आभाव होने से दक्षिण वन मंडल के अफसरों को फील्ड की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करने एवं उपलब्ध मानव संसाधन का सही तरीके से उपयोग कर वन अपराधों की प्रभावी रोकथाम करते हुए जंगल की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को पुख्ता करने से कोई सरोकार नहीं है। अफसरों की यह बेपरवाही और मनमानी शायद इसलिए भी है, क्योंकि सत्तासीनों से उन्हें अघोषित तौर यह आश्वासन प्राप्त है कि यदि वे समय-समय पर अपना रीचार्ज कराते रहे तो चाहे जो भी हो जाए उन पर किसी तरह की आँच नहीं आएगी।

इनका कहना है –

“काष्ठागार में पदस्थ कर्मचारी कहीं गायब नहीं है उनसे बंगलों की सुरक्षा, वन मंडल कार्यालय एवं मेरे कार्यालय में लिपकीय कार्य कराया जा रहा है। ऐसा आज से नहीं है कई वर्षों से चल रहा है, विभाग में कर्मचारियों की कमी होने के कारण व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से यह किया गया है। शिकार की जो घटनाएं हुई है वे दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन मैदानी कर्मचारियों से दूसरे कार्य कराने का यह मतलब नहीं है कि हमें वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा की परवाह नहीं है। यह तो हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

हेमंत यादव, उप वनमंडलाधिकारी कल्दा।

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क्राइम : ससुर ने दामाद का गुप्तांग काटा, गंभीर हालत में युवक जिला चिकित्सालय रेफर

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घटना के संबंध में अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जानकारी प्राप्त करते पुलिसकर्मी।

* विवाह के बाद से ही पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद

* अपने-अपने घरों में रह रहे थे नव विवाहित दंपत्ति

पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है। यहां के पुखरा गांव में रहने वाले एक युवक के ससुर और कुछ लोगों ने मिलकर उसका गुप्तांग काट डाला। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की खबर आते ही इलाके में सनसनी और तनाव फ़ैल गया। ससुराल पक्ष के हमले में घायल युवक की हालत गंभीर बनी है। अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धरमपुर थाना अंतर्गत आने वाले पुखरा गांव के एक युवक का विवाह करीब दो वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के ही गांव रमनापुरवा में हुआ था। विवाह के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर युवती अपने मायके चली गई। इस तरह नव विवाहित दंपत्ति एक-दूसरे से अलग अपने-अपने घरों में रहने लगे। इनकी कोई संतान भी नहीं है। पति-पत्नी के बीच जारी अलगाव को लेकर गाँव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।

पीछे से किया हमला

घटना के संबंध में पता चला है कि, बुधवार 20 नवंबर को राकेश कुमार 25 वर्ष (परिवर्तित नाम) की शाम करीब 5 बजे जब अपने खेत पर काम कर रहा था तभी उसका ससुर रूपलाल (परिवर्तित नाम), व चार-पाँच अन्य लोग मौके पर आए और बगैर किसी बात के अचानक पीछे से हमला कर उसे जमीन पर पटक दिया। राकेश कुछ समझ पाता कि अगले ही पल आरोपियों ने धारदार हथियार से उसका गुप्तांग काट डाला। असहनीय पीड़ा व अत्याधिक रक्तस्त्राव के चलते राकेश कुमार (परिवर्तित नाम) बेहोश हो गया और इस बीच आरोपीगण उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। उधर, काफी देर तक बेटे के घर न लौटने से चिंतित पिता ने जब खेत जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। राकेश अचेत अवस्था में खून से लथपथ खेत में पड़ा था। आनन-फानन पुलिस के डायल 100 वाहन से उसे उपचार हेतु अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर पुष्पेंद्र कुशवाहा ने उसे जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर कर दिया गया।

आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास जारी

दामाद और बेटी के बीच काफी समय से चल रहे अलगाव में फिलहाल ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से रूपलाल (परिवर्तित नाम) ने इतना क्रूरतापूर्ण और हिंसक कदम उठाया है। अधिकारिक तौर पर इसका पता नहीं चल सका। उधर, अजयगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र में घायल युवक के पिता ने पत्रकारों को बताया कि उनके बेटे के ऊपर जानलेवा हमले की वारदात को उसके ससुर ने चार-पाँच अन्य लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। क्षेत्र में जो चर्चाएं है उनके अनुसार राकेश कुमार (परिवर्तित नाम) का ससुर, साले व आदि लोग वारदात को अंजाम देने में शामिल बताए जा रहे है। हैरान करने वाली यह सनसनीखेज घटना धरमपुर-अजयगढ़ इलाके में चर्चा का विषय बनी है। धरमपुर थाना पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिए है। पुलिस के द्वारा आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जारी है।
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वारदात : गोली लगने से किसान घायल, किसी विरोधी ने किया हमला या फिर शिकारियों की चूक से बना निशाना !

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गोली लगने से घायल किसान रामखिलावन गौंड़ को गंभीर हालत में इलाज के लिए मंगलवार की देर रात पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया।

* पन्ना जिले के मड़ला थाना क्षेत्र के वन ग्राम हरसा की घटना

* रात के अंधेरे में किसने की फायरिंग जांच में जुटी पुलिस

पन्ना। (www.radarnews.in) अपने घर से खेत की ओर जा रहे एक किसान को मंगलवार की रात किसी ने गोली मार दी। कमर के नीचे गोली लगने से किसान रामखिलावन गौंड़ पुत्र जीवनलाल गौंड़ 42 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग की सनसनीखेज घटना जिले के मड़ला थाना क्षेत्र के वन ग्राम हरसा की है। खून से लथपथ रामखिलावन गौंड़ को नाजुक हालत में इलाज के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलिज रीवा के लिए रेफर कर दिया गया। उधर, इस वारदात के करीब 30 घंटे बाद भी थाना पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि किसान के ऊपर गोली किसने चलाई है। रामखिलावन के किसी विरोधी ने उसे जान से मारने की नियत से गोली चलाई अथवा जंगल के इलाके में बेजुबान वन्यजीवों के शिकार के लिए घात लगाए बैठे शिकारियों की चूक के कारण चली गोली उसे लगी है। पुलिस के द्वारा घटना की सभी पहलुओं से बारीकी से जांच-पड़ताल कर वास्तविकता को जल्द उजागर करने का दावा किया जा रहा है।
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