* जिला योजना समिति की बैठक में बोले प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी
* निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण कराने दिए निर्देश
* जिपं अध्यक्ष ने पंचायतों की रेत खदानों को ठेके पर देने और ट्रामा यूनिट का मुद्दा उठाया
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डाॅ. प्रभुराम चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार 28 नवंबर को जिला योजना समिति पन्ना की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। इस बैठक में जिले के विकास एवं जन समस्याओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। बैठक मेें समिति के सदस्यों द्वारा एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना मझगवां को नेशनल पार्क क्षेत्र में कार्य करने की अवधि बढाए जाने की मांग उठाई गई। सदस्यों ने बताया कि हीरा खनन परियोजना से पन्ना की वैश्विक स्तर पर गौरवशाली पहचान है और इस परियोजना का निर्बाध तरीके से संचालन होना जिले के व्यापक हित में है। इस संबंध में प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि हीरा खनन परियोजना के सुचारु संचालन के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। बैठक में डीएमएफ अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी गयी। बताया गया कि इस मद से शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग के कार्य लिए जा रहे हैं। इसके तहत पन्ना नगर की पेयजल व्यवस्था संबंधी किलकिला फीडर के कार्य को लिया जाना प्रस्तावित है।
रेत की लूट को रोकने में प्रशासन नाकाम
जियोस की बैठक में जिला पंचायत पन्ना के अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिला चिकित्सालय की ट्रामा यूनिट शुरू न होने का मुद्दा उठाते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का ध्यान आकृष्ट कराया। ट्रामा यूनिट के भवन का दो माह पूर्व लोकार्पण होने के बाद भी इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ जिले के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। श्री यादव ने ट्रामा यूनिट को जल्द शुरू कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कराने की बात कही। प्रभारी मंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर डाॅक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया संचालित है। अब जिला स्तर पर भी स्थानीय डाॅक्टरों की भर्ती की जा सकती है। जिपं अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिले की पंचायत की रेत खदानों को अघोषित तौर पर ठेके पर खनन माफियों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि खनन माफिया पर्यावरण एवं खनन कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए प्रतिबंधित दैत्याकार मशीनों के जरिए पानी के अंदर से रेत निकाल रहे है। रेत की इस लूट को रोक पाने में जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। प्रभारी मंत्रीं ने इसे गंभीरता से लेते हुए रेत के अवैध खनन को रोकने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश गए है।
बैठक में पूर्व में 26 जून को सम्पन्न हुई बैठक में लिए गए निर्णयों पर चर्चा की गयी। इनमें लोक निर्माण विभाग ने चर्चा के दौरान बताया गया कि विभाग की 29 सड़कों का कार्य प्रगति पर है। इन सड़कों को 31 मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा। पीआईयू द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में बताया गया कि जिले में कुल 27 कार्य प्रगतिरत हैं इन प्र्रगतिरत कार्यों में 3 कार्य दिसंबर मसांत तक, 8 कार्य 31 मार्च तक तथा 4 कार्य 31 मार्च 2021 तक पूर्ण हो जाएंगे। इसके अलावा 12 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
बीपीएल सत्यापन कर रहे 989 दल
कृषि विभाग की चर्चा के दौरान बताया गया कि जिले में अच्छी गुणवत्ता वाले खाद बीज किसानों को मिल सके। इसके लिए जिले में सघन जांच अभियान चलाकर 199 बीज के एवं 95 उर्वरक के नमूने लिए गए। इन नमूनों में 4 बीज के नमूने अमानक पाए जाने पर 2 के विरूद्ध लाइसेन्स निलंबित करने एवं 2 के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ 2 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वर्तमान में जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जैविक खेती को बढावा दिया जाए और खेतिहर किसानों को ही कृषक मित्र बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में बीपीएल के पात्र राशन कार्डों को सत्यापन करने के लिए 989 दल गठित किए गए हैं। जो सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। अब तक 110 पात्रता पर्ची जारी हो गयी हैं। पात्रता पर्ची अनुसार राशन का वितरण किया जा रहा है। बैठक में गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., के साथ जिला योजना समिति के समस्त सदस्य एवं सभी संबंधित जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।
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वहीं अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट और एनसीपी नेता जयंत पाटिल डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने 23 तारीख (शनिवार) की सुबह राजभवन में शपथ ली थी। इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है, इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं।













पन्ना स्थित काष्ठागार कार्यालय में कहने को तो 42 कर्मचारी/श्रमिक पदस्थ हैं जिनमें 2 वनपाल, 11 वनरक्षक, 24 स्थाई कर्मी, 1 ड्रायवर और 4 पार्ट टाइम श्रमिक हैं लेकिन यहां पर नियमित रूप से वहां सिर्फ 9 कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें राजेन्द्र पाल सिंह वनपाल, राजेश कुमार सोनी, विवेक कुमार चनपुरिया वनरक्षक, संतोष तिवारी स्थाई कर्मी और सुरक्षा श्रमिक हरि गौंड़, नत्थू गौंड़, सुरेश सोनी, छोटेलाल यादव शामिल है। महिला वनरक्षक सुनीता प्रजापति न्यायालय में बतौर मोहर्रर अपनी सेवाएं दे रहीं है। सिर्फ एकमात्र हॉल में लगने वाले इस कार्यालय में इतनी जगह भी नहीं है कि वहां 42 कर्मचारी बैठकर कार्य कर सकें। लेकिन फील्ड स्टॉफ की यहां तैनाती के बहाने वन विभाग के अफसर उनसे अपनी मनमर्जी और सुविधानुसार बंगलों तथा ऑफिस कार्य करा रहे है। जानकारों के अनुसार पहले तो बड़ी तादाद में मैदानी वनकर्मियों को बगैर किसी आवश्यकता के डिपो में पदस्थ करना और फिर उन्हें अटैच कर वन मंडल कार्यालय, उप वनमंडलाधिकारी कार्यालय तथा बंगलों में काम कराना पूर्णतः अनुचित है। वैसे भी फील्ड स्टॉफ से कार्यालय में काम कराने की वन विभाग में सख्त मनाही है।


दामाद और बेटी के बीच काफी समय से चल रहे अलगाव में फिलहाल ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से रूपलाल (परिवर्तित नाम) ने इतना क्रूरतापूर्ण और हिंसक कदम उठाया है। अधिकारिक तौर पर इसका पता नहीं चल सका। उधर, अजयगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र में घायल युवक के पिता ने पत्रकारों को बताया कि उनके बेटे के ऊपर जानलेवा हमले की वारदात को उसके ससुर ने चार-पाँच अन्य लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। क्षेत्र में जो चर्चाएं है उनके अनुसार राकेश कुमार (परिवर्तित नाम) का ससुर, साले व आदि लोग वारदात को अंजाम देने में शामिल बताए जा रहे है। हैरान करने वाली यह सनसनीखेज घटना धरमपुर-अजयगढ़ इलाके में चर्चा का विषय बनी है। धरमपुर थाना पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिए है। पुलिस के द्वारा आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जारी है।
