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भीषण हादसा : स्कॉर्पियो चलाते समय मोबाइल फोन पर बात कर रहे सब इंजीनियर ने अधेड़ को कुचला, मौके पर हुई दर्दनाक मौत, सड़क हादसे को लेकर उपजा आक्रोश

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भीषण सड़क हादसे की कहानी को बयां करती स्थल की तस्वीर।

* पन्ना से 5 किलोमीटर दूर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुआ हादसा

* हादसे के समय अपनी पंचर की दुकान पर काम कर रहा था अधेड़

* परिवार के मुखिया की मौत होने से आश्रितों पर टूटा वज्रपात

पन्ना। (www.radarnews.in) तेज रफ्तार से स्कॉर्पियो वाहन चालते समय एक सब इंजीनियर द्वारा मोबाइल फोन पर बात करना भीषड़ सड़क हादसे का सबब बन गया। लापरवाहीपूर्वक चलाने के कारण अनियंत्रित हुई तेज रफ़्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे स्थित एक दुकान के संचालक को जोरदार ठोकर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई। सोमवार को पन्ना से 5 किलोमीटर दूर सतना मार्ग पर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे में दुकान संचालक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आरोपी वाहन चालाक सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया को मामूली चोटें आई हैं। आसपास मौजूद लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे चालक और उसके नीचे दबे पंचर एवं किराना दुकान संचालक छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष को जिला चिकित्सालय पहुँचाया।
हादसे में घायल सब इंजीनियर की सुरक्षा हेतु जिला चिकित्सालय के बाहर तैनात पुलिस के जवान।
सब इंजीनियर की कथित तौर घोर लापरवाही के चलते हुए इस हृदयविदारक हादसे को लेकर पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों जरदस्त आक्रोश देखा गया। परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित किया तो कतिपय आक्रोशित युवकों ने सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया के साथ हाथापाई कर दी। तनाव को देखते जिला चिकित्सालय और शव विच्छेदन गृह के पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।

भीषण हादसे से सहम उठे प्रत्यक्षदर्शी

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना में पदस्थ सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया 50 वर्ष निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना सोमवार 11 नवंबर को दोपहर करीब 1 बजे अपने स्कॉर्पियो वाहन क्रमाँक एमपी-17-सीए-2593 को चलाते हुए सतना से पन्ना की ओर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ मंजू रिछारिया तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। उनकी गाड़ी जैसे ही मोहनगढ़ी मंदिर के समीप पहुँची तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और वहाँ अपनी पंचर एवं किराना दुकान में काम कर रहे छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी मठ्या तालाब पन्ना को जोरदार टक्कर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई।
दुखद हादसे का पता चलने पर शव विच्छेदन गृह के बाहर जुटे मृतक के परिजन एवं रिश्तेदार।
इस भीषण हादसे को देख आसपास मौजूद लोगों का कलेजा काँप उठा। अनियंत्रित स्कॉर्पियो के रूप में आँधी की तरह आई मौत एक झटके में छोटे मोहम्मद (राईन) को अपने साथ ले गई। हादसे के समय छोटे मोहम्मद की दुकान पर मौजूद रहे उनके परिचित भी इस भयावह दृश्य को देखकर सहम उठे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे आरोपी चालक मंजू रिछारिया को एवं उसके नीचे दबे छोटे मोहम्मद को बाहर निकालकर लोगों ने तुरंत पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचाया। जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित कर दिया। इस हादसे मृतक की दुकान भी आंशिक तौर क्षतिग्रस्त हुई है।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

मोहनगढ़ी में घटनास्थल पर एहतियात के तौर पर तैनात पुलिसकर्मी।
दुखद हादसे का पता चलने पर छोटे मोहम्मद के परिजन और रिश्तेदार बड़ी तादाद में जिला चिकित्सालय में पहुँच चुके थे। हादसे को लेकर आक्रोशित लोगों को जब छोटे मोहम्मद की मौत होने की खबर मिली तो कतिपय युवक भड़क ऊठे और उन्होंने जिला चिकित्सालय में अपना इलाज करवा रहे घायल आरोपी चालक एवं सब इंजीनियर मंजू रिछारिया के साथ कथित तौर पर हाथापाई कर दी। मृतक के परिजनों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप कर विवाद को शांत करा दिया। सब इंजीनियर की घोर लापरवाही के चलते सड़क हादसे में दुकान संचालक के असमय काल कवलित होने से उपजे जबरदस्त आक्रोश के मद्देनजर जिला चिकित्सालय में और शव विच्छेदन गृह के बाहर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। मौजूदा हालात में यह हादसा और कोई रूप न लेने पाए पुलिस के अफसर इस बात को लेकर सजग रहे। शव विच्छेदन गृह के बाहर जमा भारी भीड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार, पन्ना एसडीओपी एवं कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर के द्वारा संयम बरतने की समझाइश दी गई और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। कुछ समय बाद शव का पोस्टमार्टम होने पर पुलिस सुरक्षा में उसे मृतक के घर ले जाया गया। समाचार लिखे जाने तक कोतवाली थाना पन्ना पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण पंजीबद्ध करने में जुटी थी। उधर, जब हादसे को लेकर लगे आरोपों के संबंध सब इंजीनियर मंजू रिछारिया से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

गहरे सदमे में पीड़ित परिवार

शव विच्छेदन गृह के बाहर पंचनामा आदि की कार्रवाई करते कोतवाली थाना पन्ना के पुलिसकर्मी।
छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी मठ्या तालाब पन्ना की सड़क हादसे में असमय मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मिलनसार स्वाभाव वाले छोटे मोहम्मद की मौत से उनके मोहल्ले में माहौल काफी ग़मगीन है। टायर पंचर एवं किराना दुकान चलाकर अपना और अपने परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करने वाले छोटे मोहम्मद कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे। इसलिए पूरा परिवार उन्हीं पर आश्रित था। गरीब परिवार के मुखिया की मौत होना उसके तीन बच्चों और पत्नी पर वज्रपात टूटने जैसा है। इनकी आंखों से बहते आँसू और मातमी चीख-पुकार उनके दर्द का एहसास करातीं है लेकिन इसे शब्दों में बयाँ कर पाना संभव नहीं है।

अयोध्या पर फैसला : शान्ति के टापू पन्ना जिले में अमन-चैन और भाईचारे का रहा माहौल

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पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।

* जिले में शान्ति एवं कानून व्यवस्था कायम रखने पुलिस और प्रशासन रहा मुस्तैद

* दिनभर खुले रहे बाजार सामान्य दिनों की तरह नजर आया आमजन जीवन

पन्ना। (www.radarnews.in) अयोध्या के विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने पर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पूरी तरह में अमन-चैन और भाईचारे का रहा माहौल कायम रहा। शान्ति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले के लोगों के लिए आज का दिन आम दिनों की तरह ही था। पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों के बाजार पूरी तरह खुले रहे और सभी जगह जन जीवन पूरी तरह सामान्य रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर प्रमुख स्थानों एवं बाजारों में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। शनिवार 9 नवंबर की सुबह से लेकर देर रात्रि तक पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी वाहनों से भ्रमण कर पल-पल की स्थिति का जायजा लेते रहे।
पन्ना जिले के शांति प्रिय लोगों ने आज एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की परंपरा को किसी भी कीमत पर कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में शान्ति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों ने पुलिस व प्रशासन को अपनी ओर पूर्ण सहयोग देते हुए एक ऐसी मिशाल कायम की है जिसे लम्बे समय तक याद रखा जाएगा। अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जिले के सभी वर्गों के लोगों ने संयम व धैर्य के साथ स्वीकार करते हुए इसका स्वागत किया है। दिन भर सोशल मीडिया पर कई लोगों के द्वार स्वप्रेरणा से जिले में शान्ति, अमन-चैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील पोस्ट की गई।

शान्ति बनाए रखने दूसरों को किया प्रेरित

जिले के हालत एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं पुलिस अधिकारीगण।
उल्लेखनीय है कि एक सदी से भी अधिक समय से चल रहे अयोध्या के विवाद की अहमियत और संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के पूर्व पन्ना जिले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे वहीं लोगों से लगातार यह अपील की जाती रही कि संयम और समझदारी दिखाते हुए आपसी सौहार्द की विरासत को बनाए रखें। प्रशासन की इस अपील का पन्ना के लोगों ने तो अक्षरश: पालन किया ही साथ ही दूसरों को भी ऐसा करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए लगातार प्रेरित किया गया। इसकी जितनी भी प्रसंशा की जाए शायद वह कम है। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा जिले के सभी थानों में शान्ति समिति की बैठकें आयोजित करते हुए शान्ति और क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए और प्रशासन की चिंताओं के मद्देनजर यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी सूरत में शांति और भाईचारे के माहौल को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

शाम के समय दिखी चहल-पहल

फैसला आने के बाद जैसा की सभी को भरोसा था, पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों जन जीवन पूरी तरह सामान्य रहा। एहतियात के तौर पर आज स्कूल-कॉलिज की छुट्टी घोषित किये जाने से सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय चहल-पहल थोड़ी कम रही। लेकिन शाम के समय रोज जैसी भीड़-भाड़ नजर आई। आज सुबह से ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी खासे सक्रिय रहे। सड़कों पर जब सायरन बजाते हुए जब पुलिस और प्रशासन की गाड़ियां निकलती थीं उस समय जरूर यह एहसास होता था कि आज का दिन कुछ विशेष है।

इसी तरह आगे भी करें प्रदर्शन

पन्ना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एवं शांति में वातावरण बनाए रखने के लिए नगर मुख्यालय, जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा ने जिले के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों ने जिस तरह का शांति एवं भाईचारे का प्रदर्शन किया है इसी तरह आगामी आने वाले समय में भी बनाए रखेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी कहा कि आम आदमी की हिफाजत करना हमारा दायित्व है। इसके लिए हम सभी निरंतर सक्रिय हैं। सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाएं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला : अयोध्या की विवादित जमीन पर हिन्दू पक्ष को अधिकार, ट्रस्ट के जरिए मंदिर का निर्माण कराएँ, मुसलमानों को मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन मिले

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई।

* देश के सबसे अहम और पुराने विवाद का हुआ अंत

* अदालत ने विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का फैसला सुनाया

नई दिल्ली। (www.radarnews.in) सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ में शनिवार को अयोध्या विवाद पर सर्वसम्मति से अपना फैसला सुनाया। अदालत ने अयोध्या की 2.77 एकड़ विवादित जमीन हिंदू पक्ष (रामलला विराजमान) को देने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाया जाए और इसकी योजना 3 माह में तैयार की जाए। अदालत ने मुस्लिम पक्ष (सुन्नी वक्फ बोर्ड) को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ उपयुक्त वैकल्पिक जमीन आवंटित करने का फैसला दिया। 40 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद शनिवार 9 नवंबर को दशकों पुराने एवं राजनैतिक रूप से बेहद संवेदनशील इस विवाद पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आया है। अयोध्या की विवादित जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 1045 पेज के अपने फैसले से देश के सबसे अहम और एक सदी से भी अधिक पुराने विवाद का अंत कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि रामलला विराजमान को दी गई विवादित जमीन का स्वामित्व केन्द्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की महत्वपूर्ण बातें –

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था में में तैनात जवान।

* विवादित ढांचे पर शिया वक्फ बोर्ड का दावा ख़ारिज।

* जहां पर बाबरी मस्जिद के गुंबद थे वह जगह हिन्दू पक्ष को मिली।

* अदालत ने कहा कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ अलग उपयुक्त           ज़मीन दी जाए।

* ज़मीन पर हिंदुओं का दावा उचित है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर               अयोध्या पर एक कार्ययोजना तैयार करने का कहा है।

* पक्षकार गोपाल विशारद को मिला पूजा-पाठ का अधिकार।

* कोर्ट ने कहा है कि बनायी गई ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को शामिल करना है या नहीं ये फ़ैसला         केंद्र सरकार करेगी।

* आस्था के आधार पर मालिकाना हक़ नहीं दिया जा सकता।

* निर्मोही अखाड़ा का दावा खारिज।

* बाबरी मस्जिद के नीचे एक संरचना पाई गई है जो मूलतः इस्लामी नहीं थी। विवादित भूमि पर      अपने फ़ैसले में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि पुरातत्व विज्ञान को नकारा       नहीं जा सकता।

* अंदर के चबूतरे पर कब्ज़े को लेकर गंभीर विवाद रहा है। 1528 से 1556 के बीच मुसलमानों ने       वहां नमाज़ पढ़े जाने का कोई सबूत पेश नहीं किया गया।

* बाहरी चबूतरे पर मुसलमानों का क़ब्ज़ा कभी नहीं रहा। 6 दिसंबर की घटना से यथास्थिति टूट       गई।
  सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड इस स्थान के इस्तेमाल का सबूत नहीं दे पाया।

* बाहरी चबूतरे पर हमेशा से हिन्दुओं का क़ब्ज़ा रहा। ऐतिहासिक यात्रा वृतांतों को भी ध्यान में         रखा गया है।
 * ऐतिहासिक यात्रा वृतांत बताते हैं कि सदियों से मान्यता रही है कि अयोध्या ही राम का                 जन्मस्थान है।

* हिन्दुओं की इस आस्था को लेकर कोई विवाद नहीं है। आस्था उसे मानने वाले व्यक्ति की निजी     भावना है।
   मस्जिद मीर बाक़ी ने बनाई थी, अदालत के लिए धर्मशास्त्र के क्षेत्र में दख़ल देना अनुचित होगा।

फैसले पर किसने क्या कहा –

रामभक्ति हो या रहीमभक्ति हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना अहम : मोदी

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है. यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में क़ानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है।”
”हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया. न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीक़े से समाधान कर दियादेश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फ़ैसला सुना दिया है
”इस फ़ैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का हैदेशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें

अयोध्या में राम मंदिर बने: कांग्रेस

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस ने कहा कि इस फ़ैसले का स्वागत करना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण का पक्षधर है

अमित शाह ने फ़ैसले का किया स्वागत

केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कहा, ”मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगायह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा
”दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस क़ानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला हैमैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूँ

फ़ैसले पर सलाह मश्विरा करेंगे- सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील ने ज़फ़रयाब ज़िलानी ने फ़ैसले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ”हम फ़ैसले पर अभी मश्विरा करेंगे और बाद में तय करेंगे कि इसकी समीक्षा के लिए याचिका दायर करेंगे या नहींइस फ़ैसले का आदर करना चाहिएहमें इसके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं करना चाहिए

फ़ैसले को हार-जीत की तरह न देखें: भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन भागवत ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की है और ‘झगड़ा-विवाद’ समाप्त करने की बात कही हैउन्होंने यह भी अपील की है कि इसे हार-जीत की तरह नहीं देखना चाहिएउन्होंने कहा, “हम योगदान करने वाले सभी सहयोगियों और बलिदानियों को याद करते हैंभाईचारा बनाए रखने के लिए सरकारी और समाज स्तर पर हुए प्रयासों का भी हम स्वागत और अभिनंदन करते हैंसंयमपूर्वक न्याय का इंतज़ार करने वाली भारतीय जनता भी बधाई की पात्र हैइसे जय-पराजय के रूप में नहीं देखना चाहिएसभी से अनुरोध है कि संयमित और सात्विक तरीके से अपने आनंद को व्यक्त करेंअतीत की सभी बातों को भुलाकर हम सभी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे

मस्जिद नहीं गिरी होती तो क्या फ़ैसला आता: ओवैसी

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राजीव धवन और मुस्लिम पक्ष की बात सुप्रीम कोर्ट में रखने वाले दूसरे लोगों को शुक्रिया कहते हुए अपनी बात शुरू की और फ़ैसले पर असंतोष जताते हुए तथ्यों के ऊपर आस्था की जीत बताया है।
उन्होंने कहा, “ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह मेरा भी यह मानना है कि हम इससे संतुष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम ज़रूर है पर अचूक नहीं है। ये जस्टिस जेएस वर्मा ने कहा था। जिन्होंने 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराया, आज उन्हीं को सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि ट्रस्ट बनाकर मंदिर का काम शुरू कीजिए। मेरा कहना ये है कि अगर मस्जिद नहीं गिराई गई होती तो कोर्ट क्या फ़ैसला देता?”
ओवैसी ने शीर्ष अदालत की ओर से मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले पर भी असहमति जताई है।

ओवैसी की कही और अहम बातें –

अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे का फाइल फोटो।
* हम अपने क़ानूनी अधिकार के लिए लड़ रहे थे। मुसलमान ग़रीब है और भेदभाव भी उसके साथ हुआ है।        लेकिन इन तमाम मजबूरियों के बावजूद मुसलमान इतना गया गुज़रा नहीं है कि वो अपने अल्लाह के घर के    लिए पांच एकड़ ज़मीन न ख़रीद सके. हमें किसी को ख़ैरात या भीख की ज़रूरत नहीं है।
* देखना होगा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पांच एकड़ ज़मीन को क़बूल करेंगे या नहीं, मेरी निजी राय ये है कि     हमें इस प्रस्ताव को ख़ारिज़ करना चाहिए।
* मुल्क अब हिंदू राष्ट्र के रास्ते पर जा रहा है। संघ परिवार और बीजेपी अयोध्या में इसे इस्तेमाल करेगी।
* वहां शरीयत के ऐतबार से मस्जिद थी, है और रहेगी। हम अपनी नस्लों को ये बताते जाएंगे कि यहां 500        साल तक मस्जिद थी। लेकिन 1992 में संघ परिवार ने और कांग्रेस की साज़िश की वजह से उस मस्जिद को    शहीद किया गया।
                                                                                                                       साभार : बीबीसी हिन्दी।

अयोध्या विवाद : आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, लगातार 40 दिनों तक चली सुनवाई

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय का फाइल फोटो।

* सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज की प्रशासन घोषित की छुट्टी

नई दिल्ली/पन्ना। (www.radarnews.in) राजनैतिक रूप से बेहद संवेदनशील राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की जमीन के मालिकाना हक़ के विवाद पर 40 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद शनिवार 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने जा रहा है। इस मामले की सुनवाई पिछले महीने 16 अक्टूबर को पूरी हुई थी। शनिवार को जिन मामलों पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आना है, उनकी सूची अयोध्या विवाद को शामिल किया गया है। यह अनुमान लगाया जा रहा था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला 7 नवंबर 16 के बीच आ सकता है क्योंकि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे है। अयोध्या केस की सुनवाई देश के सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लम्बे समय तक चलने वाली सुनवाई रही थी। इससे पहले केशवानंद भारती केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 68 दिनों तक चली थी।
सांकेतिक फोटो।
राम मंदिर और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ के द्वारा की गई। जिसमें अन्य चार माननीय न्यायाधीशों में जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर शामिल है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 में इस मामले में अपना फैसले में विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में तीनों पक्षकारों यानी निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी वक्फ बोर्ड और रामलला विराजमान को बाँटने का फैसला सुनाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को तीनों ही पक्षकारों ने मानने से इंकार करते हुए, इसके खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया था और इसमें बदलाव की अपील की थी।

कलेक्टर ने की शांति बनाए रखने की अपील

पन्ना कलेक्टर, कर्मवीर शर्मा।
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अयोध्या विवाद के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के शनिवार 9 नवंबर को आने वाले फैसले को नागरिकों से शांति-संयम और धैर्य के साथ स्वीकार करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावनात्मक अपील पोस्ट करते हुए उसमें लिखा है कि- हमारी गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की पन्ना की परंपरा को निभाने का समय आ गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमसब मिलकर जिले मे भाईचारा व शांति को बनाय रखेंगे। सभी से इसमें सहयोग देने की अपील करते हुए कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि शनिवार 9 नवंबर को जिले के सभी सरकारी-निजी स्कूल, कॉलिज, आंगनवाड़ी एवं शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। सभी प्रकार की रैली, सार्वजनिक आयोजन जिनकी अनुमति पूर्व मे दी गई थी उन सभी को कल के लिए तत्काल प्रभाव से उन्होंने निरस्त कर दिया है। कलेक्टर जिले कर्मवीर शर्मा ने बताया कि जिले में धारा 144 का सख्ती से लागू की जाएगी।

फालोअप : BJP नेता के मृत्यु पूर्व कथन के आधार पर 8 के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का प्रकरण दर्ज, थाना में जहर खाकर जान देने का मामला

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भाजपा नेता के द्वारा अमानगंज थाना में जहर खाकर जान देने की घटना के बाद थाना में निर्मित हड़कंप की स्थित को बयां कारता चित्र।

* छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट कर महिला व उसके परिजन कर रहे थे प्रताड़ित

* महिला पर दो युवकों के साथ मिलकर हत्या का प्रयास करवाने का आरोप

* तनावपूर्ण शांति के बीच गृह ग्राम कमताना में हुआ पार्थिव देह का अंतिम संस्कार

पन्ना/अमानगंज। (www.radarnews.in) एक महिला और उसकी छोटी बहिन द्वारा कथित तौर छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट कर प्रताड़ित किए जाने और इन मामलों में पुलिस के रवैये से तंग आकर भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय 45 वर्ष निवासी ग्राम कमताना ने गुरुवार 7 नवम्बर को आत्मघाती कदम उठाते हुए अमानगंज थाना में जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। इस सनसनीखेज अप्रत्याशित घटना को लेकर उपजे तनाव के बीच पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने (उकसाने) का मामला पंजीबद्ध किया है। आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय के मृत्यु पूर्व कथन के आधार पर उनके छोटे भाई भरत पाण्डेय 30 वर्ष की रिपोर्ट पर की गई है। उधर, शुक्रवार 8 नवम्बर को ही सतना से कृष्ण कुमार पाण्डेय का शव पोस्टमार्टम पश्चात गृह ग्राम कमताना पहुँचने पर मातमी माहौल में तनावपूर्ण शान्ति के बीच विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जहां सैंकड़ों लोगों के द्वारा नम आँखों से स्वर्गीय श्री पाण्डेय को अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घटना के बाद से ही पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय।
इस दौरान भारी पुलिस की तैनाती के चलते पूरा कमताना ग्राम पुलिस छावनी में तब्दील रहा। घटना को लेकर लोगों में व्याप्त आक्रोश के मद्देनजर एहतियात के तौर गुरुवार शाम से ही अमानगंज और कमताना में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। उधर, अमानगंज सहित समूचे जिले को स्तब्ध कर देने वाली इस घटना की चर्चा दिन भर लोगों की जुबान पर रही।
भाजपा नेता की अंतिम यात्रा में शामिल होने लिए बड़ी संख्या में कमताना ग्राम में उपस्थित लोग।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार 7 नवम्बर को ग्राम कमताना की ही एक युवती ने छेड़छाड़ की कथित तौर झूठी रिपोर्ट भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय के विरुद्ध अमानगंज थाना प्रभारी सुनीता जाटव को दी थी। इस रिपोर्ट को लेकर पुलिस की प्रतड़ना से तंग आकर भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय द्वारा आत्मघाती कदम उठाते हुए पुलिस थाना अमानगंज में ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। शरीर में जहर फैलने पर उसके असर से कृष्ण कुमार की हालत कुछ ही देर में तेजी से बिगड़ने लगी थी। कथित तौर अमानगंज पुलिस की संवेदनहीनता के कारण कृष्ण कुमार पाण्डेय को प्राथमिक स्तर तत्परता से समुचित उपचार नहीं मिल सका। अत्यंत ही नाजुक हालत में उसे पन्ना जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद कृष्ण कुमार पाण्डेय की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे मेडीकल कॉलिज रीवा के लिए रेफर किया गया। गुरुवार की देर शाम पन्ना से रीवा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला

पन्ना जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान कृष्ण कुमार के मृत्यु पूर्व कथन दर्ज किए गए थे। जिनके आधार पर अमानगंज थाना पुलिस ने शुक्रवार 8 नवम्बर को कुल 8 व्यक्तियों के खिलाफ नामजद अपराध क्रमांक 389/19 धारा 306, 34 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। प्रकरण में पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला में रहने वाली एक महिला, ग्राम कमताना निवासी उसकी छोटी बहिन-भाई, माता-पिता और विजय ओमरे निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना तथा शानू मिर्जा निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना को आरोपी बनाया गया है। विदित हो कि भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय के विरुद्ध पन्ना निवासी महिला ने दिनाँक 01 जून 2019 को थाना अमानगंज में धारा 354,506 आईपीसी के तहत छेड़छाड़ का आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। गुरुवार 7 नवम्बर को उस महिला की छोटी बहिन अमानगंज थाना में कृष्ण कुमार के खिलाफ छेड़छाड़ की लिखित रिपोर्ट देने आई थी। जिसका पता चलने पर कृष्ण कुमार पाण्डेय भी थाना पहुँच गया। अपने खिलाफ लिखाई जा रही रिपोर्ट को कृष्ण कुमार पाण्डेय ने झूठा बताते हुए थाना प्रभारी सुनीता जाटव को यह समझाने काफी कोशिश की गई कि उसे फंसाया जा रहा है। लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ। कथित तौर पर थाना प्रभारी ने कहा कि अब तो प्रकरण दर्ज हो गया है अब तुम्हें जेल जाना पड़ेगा। इससे आहत कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ कित्ते पाण्डेय ने शाम करीब 4 बजे थाना में ही जहर खा लिया था।

हत्या नहीं करवा पाए तो प्रताड़ित करने लगे

भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय का पन्ना में इलाज के दौरान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर और पत्रकारों को बता रहे हैं कि, पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी एक महिला और उसके परिजन जब मेरी हत्या नहीं करवा पाए तो मुझे प्रताड़ित करने लगे। यह सब पिछले एक साल से चल रहा था। वीडियो में कृष्ण कुमार ने बताया कि मैंने इस संबंध में कई बार थाना में शिकायत की और पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया। उनका आरोप है कि उक्त महिला ने विजय ओमरे निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना और शानू मिर्जा निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना से पहले मेरी हत्या कराने का लगातार प्रयास किया। जब मैं बच गया तो मेरी झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। इससे मैं बहुत ज्यादा प्रताड़ित हो गया। आज फिर मेरी झूठी रिपोर्ट हो रही थी। मैं थाना गया और मैडम (थाना प्रभारी) को रो-रोकर बताया। बाद में वहीं जहर खा लिया। मैंने मैडम से कहा परेशान मत करो मुझे, वह बोलीं तुझे जेल भेजना है। वीडियो में जो बातें भाजपा नेता बताईं है उन्हें अपनी मृत्यु पूर्व दर्ज कराए गए कथनों में भी दोहराया है।

अनुत्तरित हैं कई सवाल

पुलिस की प्रारंभिक जांच में फिलहाल यह साफ़ नहीं हो सका है कि, उक्त महिला भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय के खिलाफ छेड़खानी जैसे गंभीर मामले की कथित तौर पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर उन्हें इस हद तक प्रताड़ित क्यों कर रही थी। इस घिनौने कृत्य में महिला के परिजन उसका साथ क्यों दे रहे थे। कृष्ण कुमार से इनकी आखिर ऐसी क्या बुराई थी जिस वजह से उसे पूरा परिवार मिलकर इस  प्रताड़ित कर रहा था। सवाल यह भी है कि विजय ओमरे और शानू मिर्जा भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय की हत्या करना क्यों चाह रहे थे। क्या इन दोनों ने उक्त महिला से हत्या की लिए सुपारी ले रखी थी या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। प्रकरण की जांच पूर्ण होने और फरार आरोपियों के पकड़े जाने पर पुलिस को इन सब सवालों के जबाब मिलने की उम्मीद है।

BJP नेता ने पुलिस थाना में खाया जहर, हालत बिगड़ने पर तड़पने लगा तो थाना प्रभारी बोलीं- ड्रामा कर रहा है, मौत होने से उपजा तनाव

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भाजपा नेता के द्वारा अमानगंज थाना में जहर खाकर जान देने की घटना के बाद थाना में निर्मित हड़कंप की स्थित को बयां कारता चित्र।

* छेड़छाड़ की झूठी रिपोर्ट पर को लेकर पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप

* पन्ना जिले के अमानगंज थाना में हुई अप्रत्याशित घटना

* जन आक्रोश को देखते हुए एसपी ने थाना प्रभारी को किया निलंबित

पन्ना/अमानगंज। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पुलिस थाना अमानगंज में गुरुवार को एक भाजपा नेता ने जहर खा लिया। छेड़छाड़ की कथित झूठी रिपोर्ट को लेकर पुलिस की प्रतड़ना से तंग आकर भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की सनसनीखेज खबर आते ही अमानगंज सहित इलाके में तनाव फ़ैल गया। जहर के असर से कृष्ण कुमार की तेजी से बिगड़ती हुई हालत को देखते उसकी पत्नी और भाई तत्परता से इलाज हेतु चिकित्सालय ले जाने की गुहार पुलिस से लगाते रहे लेकिन कथित तौर संवेदनहीन थाना प्रभारी ने इसे ड्रामेबाजी बताते हुए समय रहते इलाज नहीं कराया। परिणामस्वरूप कृष्ण कुमार की हालत काफी नाजुक होने पर देर शाम उसकी मौत हो गई। स्तब्ध कर देने वाली इस अप्रत्याशित दुखद घटना को लेकर अमानगंज क़स्बा सहित आसपास के इलाके में जबरदस्त तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है।
भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय।
घटना में अमानगंज थाना पुलिस की भूमिका को लेकर पीड़ित परिजनों में तीव्र आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। उनके द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों एवं झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की जा रही है। अमानगंज थाना प्रभारी सुनीता जाटव की घोर लापरवाही और उसे लेकर लोगों के गुस्से को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने गुरुवार 7 नवम्बर की रात्रि में ही थाना प्रभारी को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया। बाबजूद इसके हालत अभी भी बेहद तनावपूर्ण होने के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर अमानगंज क़स्बा सहित कमताना ग्राम में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।

छेड़छाड़ की रिपोर्ट होने से था आहत

मृत भाजपा नेता की पत्नी जयश्री पाण्डेय।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा पन्ना के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ कित्ते पाण्डेय 45 वर्ष निवासी ग्राम कमताना की पत्नी जयश्री पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला और उसके परिजन मेरे पति को लम्बे समय से परेशान कर रहे थे। महिला द्वारा कई बार उनके पति की झूठी शिकायत की गई। गुरुवार 7 नवम्बर को उस महिला की छोटी बहिन अमानगंज थाना में मेरे पति के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने आई थी जिसका पता चलने पर कृष्ण कुमार पाण्डेय भी थाना पहुँच गया। अपने खिलाफ लिखाई जा रही रिपोर्ट को कृष्ण कुमार पाण्डेय ने झूठा बताते हुए थाना प्रभारी सुनीता जाटव को यह समझाने काफी कोशिश की गई कि उसे फंसाया जा रहा है। लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ। कथित तौर पर थाना प्रभारी ने कहा कि अब तो प्रकरण दर्ज हो गया है अब तुम्हें जेल जाना पड़ेगा। इससे आहत कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ कित्ते पाण्डेय ने शाम करीब 4 बजे थाना में ही जहर खा लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

समय पर नहीं पहुंचाया अस्पताल

अमानगंज थाना में पीड़ित परिजनों एवं स्थानीय लोगों से बातचीत करते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना बीकेएस परिहार।
अमानगंज थाना में मौजूद रहीं कृष्ण कुमार की पत्नी जयश्री आरोप है कि उनके पति चिल्लाते हुए बताते रहे कि मैंने जहर खा लिया है। पति को इलाज हेतु तुरंत चिकित्सालय भेजने के लिए जब उसने थाना प्रभारी से कहा तो वह बोलीं कि कृष्ण कुमार को कुछ नहीं हुआ वह ड्रामा कर रहा है। जयश्री और उसके देवरों ने रोते हुए बताया कि कृष्ण कुमार ड्रामा नहीं कर रहा है, उसने वाकई कुछ खा लिया है। लेकिन थाना में उनकी बात किसी ने नहीं सुनीं। कुछ देर बाद कृष्ण कुमार को उसके जीजा की मदद से उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार होने एवं मृत्यु पूर्व कथन दर्ज किए जाने के बाद उसे मेडीकल कॉलिज रीवा के लिए रेफर कर दिया गया। रीवा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए रात्रि में सतना में रखा गया। परिजनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए अमानगंज में ही पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इससे कुछ देर के लिए सतना में पुलिस के समक्ष विचित्र स्थिति निर्मित हो गई। हालाँकि पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद बमुश्किल परिजन शुक्रवार को सतना में पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए।

हत्या नहीं करवा पाए तो प्रताड़ित करने लगे

पन्ना जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय।
भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय का पन्ना में इलाज के दौरान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर और पत्रकारों को बता रहे हैं कि, पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी एक महिला और उसके परिजन जब मेरी हत्या नहीं करवा पाए तो मुझे प्रताड़ित करने लगे। यह सब पिछले एक साल से चल रहा था। वीडियो में कृष्ण कुमार ने बताया कि मैंने इस संबंध में कई बार थाना में शिकायत की और पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया। उनका आरोप है कि उक्त महिला ने विजय ओमरे निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना और शानू मिर्जा निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना से पहले मेरी हत्या कराने का प्रयास किया गया। जब मैं बच गया तो मेरी झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। मैं बहुत ज्यादा प्रताड़ित हो गया। आज फिर मेरी झूठी रिपोर्ट हो रही थी। मैं थाना गया और मैडम (थाना प्रभारी) को रो-रोकर बताया। बाद में वहीं जहर खा लिया। मैंने मैडम से कहा परेशान मत करो मुझे, वह बोलीं तुझे जेल भेजना है।

पुलिस ने इलाज के लिए भेजा पन्ना

भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय द्वारा मृत्यु के पूर्व मीडियाकर्मियों को दिए गए बयान और उनकी पत्नी के आरोपों के संबंध में जब उप निरीक्षक सुनीता जाटव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें यह पता चला कि कृष्ण कुमार पाण्डेय ने कुछ खा लिया है तो तुरंत ही मैंने उसे उपचार के लिए पुलिस वाहन से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रवाना किया। इस बात की तस्दीक थाना के सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को दोपहर में एक युवती अपने परिजनों के साथ थाना में आई थी उसने कृष्ण कुमार के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। कुछ देर बाद कृष्ण कुमार अपने परिजनों के साथ थाना आए और बोले की यह शिकायत झूठी है। वह मुझसे बोले कि आप उक्त युवती के भाई के खिलाफ मेरी पत्नी की ओर से भी छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करें। मैंने उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए समझाया कि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, आवेदन पत्र जांच में है।
भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ़ कित्ते पाण्डेय की मौत के संबंध में उनके जीजा द्वारा थाना पुलिस को दी गई शिकायत।
उप निरीक्षक सुनीता जाटव ने बताया कि इस युवती की बड़ी बहिन की रिपोर्ट पर भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय के विरुद्ध दिनाँक 01 जून 2019 को थाना में धारा 354,506 आईपीसी के तहत आपराधिक प्रकरण पूर्व में दर्ज हुआ था। इसके कुछ माह पहले भाजपा की ही महिला नेत्री अमिता बागरी ने भी कृष्ण कुमार पाण्डेय के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन इस पर क्या कार्रवाई हुई थी मुझे जानकारी नहीं है। आपने कृष्ण कुमार को धमकाने और अपशब्द कहते हुए अपमानित करने के आरोपों को पूर्णतः असत्य और निराधार बताया है।

इनका कहना है –

“यह घटना अत्यंत ही दुखद है, इसकी हर पहलू से बारीकी से जांच कराई जा रही है जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अमानगंज थाना प्रभारी सुनीता जाटव को निलंबित कर लाइन अटैच किया गया है।”

बीकेएस परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना।

अयोध्या विवाद पर फैसले से पहले पन्ना में अलर्ट, तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर होगी कार्रवाई

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किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात पुलिस जवान। फाइल फोटो

* अग्रिम आदेश तक प्रभावशील रहेगा प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा आदेश

* पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर जिला मजिस्ट्रेट ने लिया निर्णय

* शांति और सद्भाव बनाए रखने कलेक्टर पुलिस अधीक्षक ने की अपील 

पन्ना। (www.radarnews.in) अयोध्या विवाद मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आने से पहले संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी के तहत कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा द्वारा आगामी त्योहारों और अयोध्या विवाद पर फैसले से पहले जनकल्याण तथा लोकशान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार 5 नवंबर को पन्ना जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर का यह आदेश अग्रिम आदेश तक प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

लोकशान्ति बनाए रखने लिया निर्णय

पन्ना कलेक्टर, कर्मवीर शर्मा।
धारा 144 लागू करने का फैसला पुलिस अधीक्षक पन्ना के प्रतिवेदन के आधार लिया गया है। जिसमें यह आशंका व्यक्त की गई है कि आगामी समय में महत्वपूर्ण त्योहारों जैसे देवउठनी ग्यारस, ईद मिलादुन्नबी, गुरुनानक जयंती, क्रिसमस तथा सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अयोध्या विवाद पर आने वाले फैसले तथा अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच जारी विवादों को दृष्टिगत रखते हुए कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने एवं विभिन्न समुदायों के मध्य संघर्ष-वैमनस्य की स्थिति निर्मित करने के लिए आपत्तिजनक सन्देश आदि सामग्री पोस्ट की जा सकती है। इससे समुदायों के बीच वैमनस्य का वातावरण निर्मित हो सकता है, कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की संभावना बन सकती है। इन कारणों से मानव जीवन व लोक संपत्ति क्षति की संभावना और लोक शान्ति भंग होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसलिए असमाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत पन्ना जिले के सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में जनकल्याण एवं लोकशान्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश को जारी किया गया है।

सोशल मीडिया पर इनसे बचें

सांकेतिक फोटो।
धारा 144 को लागू करने के साथ ही कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अप्रिय स्थित से बचने के लिए सोशल मीडिया पर किसी तरह की कोई अफवाह न फैलाएं, आपत्तिजनक सन्देश, चित्र, वीडियो, ऑडियो पोस्ट या फारवर्ड न करें। विशेषकर ऐसे संदेशों से बचें जिनसे साम्प्रदायिक सद्भाव को खतरा हो, व्यक्तिगत आक्षेप होकर दुष्प्रचार की श्रेणी में आते हो, आतंकवाद, जातिवाद, साम्प्रदायिकता एवं वर्ग विशेष से संबंधित हो। जिनमें महिला, अल्पसंख्यक वर्ग या समुदाय, जाती विशेष के विरुद्ध प्रतिकूल टिपण्णी हो। कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित करने से संबंधित हो अथवा अफवाह को उद्वेलित करते हो। दोनों अधिकारियों लोगों से हर हाल शांति और सद्भाव को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

इन पर भी रहेगा प्रतिबंध

पुलिस अधीक्षक पन्ना, मयंक अवस्थी।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कर्मवीर शर्मा द्वारा जारी किए प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा आदेश के तहत पन्ना जिले में धारा 144 को लागू रहने के दौरान बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन एवं भण्डारण आदि करना प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजानिक स्थानों पर सभी तरह के आयोजन पर भी रोक रहेगी। कोई भी व्यक्ति अपने साथ हथियार लेकर नहीं चल सकेगा। होटल, लॉज आदि में रुकने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी देनी होगी। स्थानीय थाना में सूचना दिए बगैर किसी को भी कोई भी व्यक्ति अपने मकान में किरायेदार नहीं रख सकेगा और होटल आदि में रुकने वालों के पहचान पत्र व जानकारी रजिस्टर में अंकित कर प्रतिदिन थाना में इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। लम्बे समय तक नए एवं बाहरी व्यक्ति होटल, लॉज आदि में नहीं रुकेंगे। पांच या इससे अधिक व्यक्तियों व्यक्तियों का एकत्रित होना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर किसी भी प्रकार के भण्डारण पर प्रतिबंध रहेगा।

शांति समिति की बैठक से पत्रकारों ने क्यों बनाई दूरी…?

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अजयगढ़ में आयोजित शांति समिति की बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, प्रशासनिक -पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक।

* जिले में पिछले कुछ समय से मीडिया और पुलिस के लगातार बिगड़ रहे संबंध

पन्ना/अजयगढ़ (www.radarnews.in) अपराधों के प्रभावी नियंत्रण हेतु मीडिया और पुलिस के बीच बेहतर संबंध होना आवश्यक है। दोनों के परस्पर सामंजस्य व सहयोग से अपराध मुक्त समाज की परिकल्पना को काफी हद तक साकार किया जा सकता है। पन्ना जिले की बात करें तो यहाँ प्रेस और पुलिस के रिश्ते पिछले कुछ समय से लगातार खराब हो रहे हैं। बेशक इस मामले में हर बार पुलिस की गलती नहीं होती लेकिन अधिकांश प्रकरणों में पुलिस का व्यवहार मीडिया के साथ अनुचित और आपत्तिजनक रहा है। कुछ मामलों में यह बात सामने आई है कि कतिपय पुलिस अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली की मीडिया में आलोचना होने पर अपनी कमियों पर गौर कर उन्हें दूर करने के बजाए बौखलाहट में पत्रकारों के साथ अभद्रता करते हैं। कई बार सोची-समझी रणनीति के तहत पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा सलूक करते हुए उन्हें खाकी वर्दी का रौब दिखाया जाता है। दुर्भाग्य से पन्ना में पुलिस और पत्रकारों के बीच तेजी से बिगड़ते संबंधों को लेकर पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी बेखबर हैं।
आज विकासखण्ड मुख्यालय अजयगढ़ में संपन्न हुई शान्ति समिति की बैठक में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई शांति समिति की बैठक का अजयगढ़ के पत्रकारों ने एकजुटता के साथ बहिष्कार किया। अपवाद स्वरूप एक-दो पत्रकार बैठक में शामिल हुए। अजयगढ़ के थाना परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक में एसडीएम सुरेश गुप्ता, एडीशनल एसपी बीकेएस परिहार, एसडीओपी इसरार मंसूरी सहित प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग शामिल हुए। बैठक में अधिकाँश मीडियाकर्मियों की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय रही।दरअसल, पिछले दिनों अजयगढ़ के पत्रकार अमित जड़िया व थाना प्रभारी के बीच हुए विवाद के चलते स्थानीय पत्रकार इस बैठक से दूर रहे। मीडियाकर्मियों के द्वारा फिलहाल थाना अजयगढ़ की समस्त बैठकों व ख़बरों का भी अघोषित तौर पर बहिष्कार किया जा रहा है। बताते चलें कि विगत दिनों अजयगढ़ के थाना प्रभारी ने स्थानीय पत्रकार अमित जड़िया के साथ कथित तौर अभद्र व्यव्हार करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। अमित का आरोप है कि उसके साथ यह सब इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ समय से लगातार क्षेत्र में चल रही रेत की लूट में पुलिस की संलिप्तता होने तथा अवैध धंधों को संरक्षण दिए जाने की तथ्यपरक ख़बरें प्रकाशित कर रहा था। इससे नाराज होकर थाना प्रभारी के द्वारा उसे चुप कराने के लिए धमकाया गया। इस घटनाक्रम के संबंध स्थानीय पत्रकारों के द्वारा पन्ना कलेक्टर व एसपी को आवेदन दिया गया। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही न होने से अजयगढ़ के अधिकांश पत्रकार नाराज है।
पत्रकारों का कहना है कि मीडिया की आवाज को दबाने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता निराश करने वाली है। इस स्थिति में मीडियाकर्मी स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से अपना काम कैसे कर पाएंगे। अजयगढ़ के पत्रकारों का कहना है कि यदि शीघ्र ही उनके आवेदन पत्र पर कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि अजयगढ़ के थाना के निरीक्षक डीके सिंह की गिनती कर्मठ पुलिस अधिकारियों में होती है। अपने अब तक के सेवाकाल में वे जहां भी रहे हैं आमतौर पर मीडिया के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं। लेकिन अजयगढ़ में विवादित स्थिति क्यों बनीं इस पर दोनों पक्षों को गंभीरता से गौर करने की जरूरत है। यह बात सौ फीसदी सच है कि अजयगढ़ क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों के अघोषित संरक्षण में होता है। पर सभी पुलिसकर्मी रेत माफियाओं से सांठगांठ रखते हों ऐसा भी नहीं है। बहरहाल आगामी चुनौतियों के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि इस प्रकरण को लेकर अजयगढ़ में मीडिया और पुलिस के बीच बने गतिरोध को दूर करने के लिए तत्परता से आवश्यक कदम उठाए जाएं।

किसान आक्रोश आंदोलन : बिजली बिल जलाने पर भाजपाइयों और पुलिस के बीच हुई झड़प, कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन को बताया नौटंकी, कांग्रेसी बोले- “किसानों की चिंता है तो मोदी सरकार के खिलाफ करें प्रदर्शन”

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पन्ना में किसान आक्रोश आंदोलन को संबोधित करते खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा।

* प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में भाजपा ने किया प्रदर्शन

* किसानों और आमजन के साथ धोखाधड़ी करने के लगाए आरोप

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश व्यापी किसान आक्रोश आंदोलन के तहत सोमवार को पन्ना में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। बीजेपी ने प्रदेश की सरकार पर दो लाख तक की फसल ऋण माफ़ी, बिजली बिल हाफ करने के मुद्दे पर किसानों से वादखिलाफ़ी करने और बाढ़ तथा अतिवृष्टि से 32 जिलों में बर्बाद हुई खरीफ की फसलों का मुआवजा न देने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के दवारा बिजली के बिलों को जलाकर विरोध दर्ज कराने के दौरान पुलिस से उनकी झड़प हो गई। नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए भाजपाइयों ने जैसे ही बढ़े हुए बिजली बिलों में आग लगाई वैसे ही पुलिस ने उन पर पानी डाल दिया। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से तीखी नोंकझोंक हो गई। तनाव के बीच क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने स्थिति को संभालते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।

कर्जमाफी न होने से बने डिफॉल्टर : सांसद 

भारतीय जनता पार्टी द्वारा सोमवार 4 नवम्बर को संपूर्ण मध्यप्रदेश में विशाल किसान आक्रोश आंदोलन का आवाहन किया गया था। इसी क्रम में पन्ना की इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित चन्द्रशेखर पार्क के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार की वादखिलाफ़ी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना दिया। धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले दस माह से कांग्रेस की सरकार है। निश्चित ही कांग्रेस के पास सरकार चलाने के लिए अपना स्वयं का बहुमत नहीं है इसलिए वह अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों की मान-मनुहार पर टिकी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने निरंतर एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई है। कांग्रेस ने किसानों से वादा किया था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ कर दिया जायेगा। लेकिन आज तक कर्जमाफी नहीं हुई। किसान दोहरे और तिहरे धोखे का शिकार हुआ है। पहला कर्जमाफी के झूठ ने उसे डिफाल्टर बना दिया और वह आगामी फसल के लिए खाद-बीज खरीद नहीं पा रहा है । वहीं दूसरी ओर बैंक वाले वसूली के नोटिस भेज कर किसान के पीछे पड़ गए हैं।

कांग्रेस ने नहीं निभाया वचन

भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव के पहले कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में म.प्र. के सभी किसानों का दो लाख रूपये तक का कर्ज माफ करने का वचन दिया था लेकिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के वचन पर भी कांग्रेस सरकार खरी नहीं उतरी और उसने 10 माह तक किसी भी किसान का कर्ज माफ नहीं किया है। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के किसानों पर भारी वर्षा के कारण भीषण बाढ़ का कहर टूटा इस बाढ़ में मध्यप्रदेश के 32 जिलों के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया किसानों की सोयाबीन मूंग-उड़द-कपास और मक्का जैसी खरीफ की फसल जो खेतों में पड़ी थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई और घर में रखा गेंहू-सरसों-चना भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया । कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में गरीबों किसानों के बिल हाफ करने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने पर इस वादे को हवा में उड़ा दिया बल्कि गरीब और किसानों को बड़े-बड़े बिल थमा दिए।

किसानों की सुध लेने की नहीं फुर्सत : गौतम

भाजपा जिला अध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तभी से प्रदेश के किसानों पर उपेक्षा के बादल मंडराने लगे है। कांग्रेस से चुनाव से पहले जो वादे किये थे वह सभी वादों से मुकर गई है। मध्यप्रदेश में जब भाजपा की सरकार हुआ करती थी तब कोई भी विपत्ति आने पर मुख्यमंत्री सबसे पहले पहुंचते थे। लेकिन अब तक तो कांग्रेस के मंत्री-विधायकों ने किसानों की समस्याओं की सुध तक नहीं ली। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी खेतों में नहीं पहुंचे, ये है कांग्रेस की सरकार ?

इनकी रही उपस्थिति

ज्ञापन सौंपने के लिए पैदल मार्च कर नवीन कलेक्ट्रेट भवन जाते भाजपा नेता।
धरना-प्रदर्शन को भाजपा के नेता जय प्रकाश चतुर्वेदी, पूर्व विधायक राजेश वर्मा, संजय नगायच, माधवेन्द्र सिंह, आशीष तिवारी, सुदीप श्रीवास्तव, श्रीमती रूप नगायच, बृजेन्द्र गर्ग, श्रीकांत त्रिपाठी, निजाम खान, उमेश शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज यादव, राजेश गौतम, महेन्द्र बागरी, गोरेलाल अहिरवार, नेमीचंद्र जैन, गुलाब सोनी, नारायण शाह, मलखान सिंह, रामलाल लखेरा, संजीत सरकार, तरूण पाठक, मोहन लाल कुशवाहा, बृजेन्द्र मिश्रा, संतोष सोनी, अमित गुप्ता, अनिल सिंह बुन्देला, विजय श्रीवास्तव, बाल कृष्ण शुक्ला, जमुना खटीक रामायण लोधी, माधवेन्द्र सिंह मद्दू सोनी, राजेन्द्र कुशवाहा, प्रशांत चतुर्वेदी, रामकरण द्विवेदी, राजू चौबे, प्रदीप अवस्थी, अनुराग पाठक, लल्लू लाल रावत, दिलीप शिवहरे, रिंकू तिवारी, कान्हू राजा, दुर्गेश शिवहरे, अमिता बागरी, वीरू चतुर्वेदी, केश कुमार लोधी, कैलाश गुप्ता, राकेश शर्मा, तिलक राज शर्मा, दीपक शर्मा, पार्थ महदेले आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें : मनोज

कांग्रेस नेता मनोज गुप्ता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह किसान आक्रोश आंदोलन के नाम पर किसानों और आमजनता को गुमराह कर रही है। भाजपा के नेता प्रदेश को केंद्र से राहत राशि जानबूझकर नहीं दिलवा रहे है, ताकि आपदा प्रभावित किसानों को राहत नहीं मिले और इस स्थिति में वे आक्रोशित हों। जिसका राजनैतिक लाभ उठाया जा सके। कांग्रेस नेता श्री गुप्ता ने कहा कि भाजपाई घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें और केन्द्र की मोदी सरकार से मध्यप्रदेश को राहत राशि सहित विभिन्न मदों में लंबित राशि दिलवाने में मदद करें ताकि किसानों को तत्परता से राहत पहुंचाई जा सके। आपने बताया कि अतिवृष्टि से प्रदेश में फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसानी के बाबजूद केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अब तक किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गई। भाजपा के नेताओं को यदि वाकई किसानों की चिंता है तो उन्हें मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव करने के मामले में केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना चाहिए।

21 लाख किसानों का कर्जा हुआ माफ़ : शुक्ला

कांग्रेस नेता आनंद शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के 21 लाख किसानों की अब तक कर्जमाफी हो चुकी है, बाबजूद इसके भाजपा के नेता कर्जमाफी के नाम पर सरासर झूठ बोल रहे हैं। जिन किसान परिवारों को कर्जमाफी का लाभ मिला है उन्हें पता चल गया है कि भाजपाई किस हद तक झूठ बोलते हैं। आपने कहा कि किसानों पर गोलियां चलवाने वाली पार्टी के नेताओं द्वारा किसानों के मुद्दों पर प्रदर्शन के नाम पर सिर्फ राजनैतिक नौटंकी की गई। मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार के खिलाफ इनके पास कोई ठोस मुद्दा ही नहीं है। क्योंकि हमारी सरकार के द्वारा आम नागरिकों से किए गए वचनों को पूरी ईमानदारी के साथ पूरा किया जा रहा है। बिजली बिल हाफ करने के लिए प्रदेश सरकार वचनवद्ध है। श्री शुक्ला ने कहा कि खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा को चाहिए कि वे केन्द्र की सरकार से यह सवाल पूंछें कि मध्यप्रदेश में इतनी बड़ी आपदा आने के बाद भी प्रदेश को किसी तरह की कोई आर्थिक मदद अब तक क्यों नहीं दी गई।

जीवन के सर्वांगीण विकास के लिये खेल महत्वपूर्ण : मंत्री डॉ. चौधरी

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* भोपाल में 65वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ

* खेल ही सिखाते हैं जीवन की चुनौतियों से सहजता से निपटना : मंत्री श्री पटवारी

भोपाल। (www.radarnews.in) स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने आज टी.टी. नगर स्टेडियम में चार दिवसीय 65वीं राष्ट्रीय शालेय हूपक्वांडो एवं राइफल शूटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में 19 राज्यों एवं 6 इकाईयों के एक हजार 141 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में राइफल ओपन साइड एवं पिस्टल प्रतियोगिताएँ मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग एकादमी गोरेगाँव, भोपाल तथा हूपक्वांडो शासकीय कन्या उ.मा. विद्यालय (बरखेड़ी) जहाँगीराबाद में होंगी।
मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि खेल स्वस्थ जीवन के लिये निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। हार-जीत से ज्यादा महत्व प्रतियोगिता में सहभागिता का होता है। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के सर्वांगीण विकास और चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं। डॉ. चौधरी ने कहा कि अभिभावको को चाहिए कि बच्चों को खेल के लिये प्रोत्साहित करें। खेल के माध्यम से बच्चे देश, प्रदेश एवं परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं। आजकल बच्चे खेलों को कैरियर के रूप में अपना रहे हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि स्कूलों में भी र्स्पोट्स एवं योग शिक्षकों की भर्ती की जा रही है ताकि बच्चों को शिक्षा के साथ खेल एवं योग की शिक्षा भी दी जा सके।

खिलाड़ी करते हैं नाम रोशन

उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि खिलाड़ी जीवन की कठिनाईयों को हमेशा सहजता से निपटाता है, क्योंकि खेल ही हर चुनौती से निपटना सिखाते हैं। खिलाड़ी अपने तन और मन को कड़ी मेहनत से तपाकर तैयार करता है और देश तथा प्रदेश का नाम रोशन करता है। श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल स्पोर्ट्स नर्सरी तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गेम्स मध्यप्रदेश में भी आयोजित होंगे, इसकी तैयारी की जा रही है।

खेल भावना से मिलेगी सफलता

आयुक्त लोक-शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने कहा कि पूरे देश से स्कूली बच्चे इस प्रतियोगिता में भाग लेने आए हैं। ये सभी बच्चे अपने प्रदेश के हीरे हैं। उन्होंने खिलाड़ी बच्चों से कहा कि प्रतियोगिता में खेल भावना के साथ एकाग्रचित होकर खेलें, अवश्य सफल होंगे। असफलता मिलने पर भी निराश न होते हुए आगे बढते जाना है, यही खेल भावना है। मंत्री द्वय ने एसजीएफआई का ध्वज फहराकर प्रतियोगिता का शुभांरभ किया। प्रतिभागी खिलाड़ियों को नियमाधीन खेल भावना से खेलने की शपथ दिलाई।