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खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल बोले- पन्ना में बनेगा डायमंड पार्क, एग्जीबिशन और ऑक्शन सेंटर के सुझावों पर करेंगे विचार

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पन्ना में डायमंड पार्क की स्थापना हेतु महेन्द्र भवन का निरीक्षण करते प्रदेश के खनिज साधन विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल।

* संतों की टोली उतारने के बयान पर कम्प्यूटर बाबा को दी नसीहत

* कम्प्यूटर बाबा अपनी बाबागिरी करें खनिज विभाग से कोई लेना देना नहीं

शादिक खान,पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग मंत्री प्रदीप जायसवाल ने पन्ना में डायमंड पार्क के निर्माण की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने का ऐलान करते हुए कहा कि इससे संबंधित आवश्यक कार्यवाही एक वर्ष के अंदर पूरी हो जाएगी। वर्ष 2020 में इस पर अमल शुरू हो जाएगा। खनिज विभाग के द्वारा पर्यटन निगम के साथ मिलकर इस दिशा में काम किया जा रहा है। पन्ना में डायमंड पार्क के ही साथ ऑक्शन और एग्जीबिशन सेंटर स्थापित करने के सुझावों पर उन्होंने गंभीरता पूर्वक विचार करने और सबके सुझाव के ही आधार पर पन्ना को विकसित करने का भरोसा दिलाया है। रविवार को खजुराहो में खनिज विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद अल्प प्रवास पर पन्ना पहुंचे प्रदेश के खनिज साधन विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल ने यहां डायमंड पार्क की स्थापना हेतु पुराना कलेक्ट्रेट भवन (महेन्द्र भवन) का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए चर्चित संत एवं नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा को नसीहत देते हुए कहा कि कम्प्यूटर बाबा धार्मिक व्यक्ति हैं वे अपनी बाबागिरी करें, खनिज विभाग से उनका कोई लेना देना नहीं है। मंत्री श्री जायसवाल यह बात कम्प्यूटर बाबा के उस बयान के संबंध कही जिसमें उन्होंने नदियों में रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए संत-महात्माओं की टोलियों को निगरानी हेतु उतारने का ऐलान किया था।

खनिज की नीलामी से भरेगा खजाना

खनिज साधन विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल ने बताया कि अभी तक मध्यप्रदेश को रेत खदानों की नीलामी से मात्र 70 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होती है। हमने नई रेत और खनिज नीति तैयार की है। इस नीति से शासन के खनिज राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी। नई नीति के अनुसार रेत खदानों की नीलामी होने पर मध्यप्रदेश को 800-900 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा अन्य खनिज संसाधनों जैसे बंदर डायमंड ब्लाक, सोना और बाक्साइट आदि की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है, जिसका ऑफसेट प्राइज 55 हजार करोड़ रूपए है। खनिज विभाग से अब तक शासन को जितना राजस्व प्राप्त हो रहा था उसे बढाकर दोगुना करने का लक्ष्य हमने निर्धारित किया है। इसके लिए गौंड़ खनिज की लीज का भी सरलीकरण करते हुए इसे 15 प्रतिशत रॉयल्टी की आधार पर देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है। जिससे लोगों को रोजगार मुहैया हो सकेगा। खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि नई खनिज एवं रेत नीति से खनिज के अवैध व्यापार पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। शासन द्वारा क्षेत्र में खनिज आधारित उद्योग भी लगाए जाएंगे।

हीरा रखने का मिले अधिकार

पन्ना में पत्रकारों से चर्चा करते प्रदेश के खनिज साधन विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुरोध किया गया कि उथली खदानों से प्राप्त होने वाले हीरे जो लोग स्वयं अपने पास रखना चाहते हैं उन्हें हीरे रखने का अधिकार दिया जाए। इस संबंध में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार टैक्स जमा करने के उपरांत हीरे को रखने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान होगा तो खदान चलाने वाला स्वयं हीरे को रख सकता है। डायमंड पार्क की स्थापना के लिए महेन्द्र भवन के अवलोकन के दौरान पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने महेन्द्र भवन के संबंध में विस्तारपूर्वक दी। इस अवसर पर उन्होंने खनिज मंत्री को बताया कि महेन्द्र भवन परिसर में डायमण्ड पार्क स्थापित करने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। खनिज मंत्री के निरीक्षण के दौरान गुनौर विधायक शिदयाल बागरी, पूर्व मंत्री कैप्टन जयपाल सिंह, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे सहित कांग्रेस नेता एवं राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले खनन कारोबारी उपस्थित थे।
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कमलनाथ जी, “पन्ना की तमन्ना पर कृपया कैंची मत चलवाइए”..! बहुप्रतीक्षित डायमंड पार्क निर्माण यहाँ तो खजुराहो में ऑक्शन सेन्टर की स्थापना क्यों ?

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सांकेतिक फोटो।

* डायमंड पार्क के आधे-अधूरे निर्माण से हीरा केन्द्र के रूप कैसे विकसित हो पाएगा पन्ना

* हीरा कारोबारियों की सुविधा के नाम पर खजुराहो की होटल मालिकों को लाभ पहुंचाने की कवायद

* हीरा खनन परियोजना मझगवाँ और पन्ना में 50 सालों से हीरों की सफलतापूर्वक हो रही नीलामी

* आधारहीन तथ्यों के सहारे डायमंड ऑक्शन और एग्जीबिशन सेन्टर को छीनने का षड़यंत्र

* पन्ना के हीरा व्यापारी संघ का ऐलान खजुराहो में हीरों की नीलामी का करेंगे विरोध

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) लम्बे इंतजार के बाद पन्ना में डायमंड पार्क निर्माण का रास्ता साफ़ हो चुका है। रविवार को खजुराहो में होने वाली बैठक में मध्य प्रदेश के खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल इसकी घोषणा कर सकते है। खनिज मंत्री इस दौरान पन्ना में देश के एकमात्र डायमंड टूरिस्ट सर्किट को मंजूरी देंगे। यह सौगात पन्ना जिले में पर्यटन गतिविधियों के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है ऐसा दावा किया जा रहा है। मुद्दतों बाद पन्ना की डायमंड पार्क की तमन्ना पूरी होने जा रही है लेकिन इसे लेकर स्थानीय जानकारों ख़ुशी कम और असंतोष ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह पन्ना में बनने वाले डायमंड पार्क से डायमंड ऑक्शन और एग्जीबिशन सेंटर को जुदा (अलग) कर इनकी स्थापना खजुराहो में करना है। पन्ना के डायमंड पार्क से डायमंड ऑक्शन और एग्जीबिशन सेंटर को पृथक कर खजुराहो में निर्मित करने की सरकार की योजना पन्ना के लोगों को रास नहीं आ रही है। इनका मानना है कि डायमंड पार्क के अंतर्गत डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट से ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर को अलग किए जाने के कारण हीरे से संबंधित समग्र गतिविधियों के केन्द्र के रूप में पन्ना कैसे विकसित हो पाएगा। यह सवाल काफी हद बाजिब है।
पन्ना का महेन्द्र भवन जहाँ डायमंड पार्क का निर्माण होना प्रस्तावित है।
सर्वविदित है कि, बेशकीमती रत्न हीरा पूरे देश में सिर्फ पन्ना जिले में निकलता है। यहाँ मिलने वाले उज्जवल किस्म के हीरों की चमक की पूरी दुनिया दीवानी है। पन्ना जिले के मझगवां क़स्बा में एशिया महाद्वीप की इकलौती मैकेनाइज्ड हीरा खदान स्थित है। एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना द्वारा कई दशकों से बड़े पैमाने पर यहां हीरों का उत्पादन किया जा रहा है। इसके अलावा पन्ना की उथली हीरा खदानों में अच्छी-खासी तादाद में हीरे मिलने का सिलसिला जारी है। यहाँ हीरों का खनन और उसकी नीलामी राजशाही ज़माने से चल रही है। इसलिए पन्ना और हीरा एक दूसरे के पर्याय बन चुके है। पूरी दुनिया में पन्ना की पहचान डायमंड सिटी के रुप में है। प्रकृति की गोद में बसा पन्ना विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा वनाच्छादित जिला है। वन संपदा और खनिज संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता वाले पन्ना को हीरे के रूप में प्रकृति ने अनुपम उपहार दिया है। पन्ना और मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव की बात है। पर्यावरण संरक्षण पर आधारित विकास के लिहाज से पन्ना में डायमंड पार्क निर्माण की मांग करीब दो दशक से भी अधिक समय से हो रही है। वर्ष 2005 में इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था लेकिन कतिपय कारणों इसे अमान्य कर दिया गया था। पन्ना के लोग इससे निराश नहीं हुए और अपनी इस न्यायोचित मांग को लगातार उठाते रहे। क्योंकि, डायमंड पार्क की स्थापना पन्ना का अधिकार है।
खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार एवं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
प्रदेश की कमलनाथ सरकार पन्ना के विकास को गति प्रदान करने के लिए अब जबकि डायमंड पार्क की स्थापना की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करने का ऐलान करने जा रही है तो इस आधी-अधूरी सौगात को लेकर यहां के लोग निराश और नाराज है। इसका कारण है कि पन्ना जिले के लोग कई वर्षों से जिस डायमंड पार्क का सपना संजो रहे है उसमें डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट (कटिंग-पॉलिशिंग-ज्वैलरी निर्माण) के साथ-साथ डायमंड ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर भी शामिल रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार ने डायमंड पार्क को दो हिस्सों में बाँट दिया है। इसके तहत पन्ना में सिर्फ प्रोसेसिंग यूनिट (कटिंग-पॉलिशिंग-ज्वैलरी निर्माण) की गतिविधियों की स्थापना करना है। जबकि डायमंड ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर खजुराहो में बनाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि हीरों की नीलामी अब खजुराहो में होगी और व्यापरियों तथा आम लोगों के अवलोकन के लिए हीरों को खजुराहों में ही प्रदर्शित किया जाएगा। पन्ना का हीरा व्यापारी संघ को इस पर सख्त एतराज है। हीरा व्यापरियों का मानना है कि मध्यप्रदेश में हीरे से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पन्ना में ही होनी चाहिए है। क्योंकि, हीरा सिर्फ पन्ना में है। हीरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्रीनिवास रिछारिया का कहना है कि हीरों की नीलामी यदि खजुराहो में होगी तो हमसब मिलकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे, यदि बहिष्कार भी करना पड़ेगा तो इससे पीछे नहीं हटेंगे।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि खनिज साधन विभाग के शीर्ष अधिकारी हीरा व्यापारियों के ठहरने, हवाई एवं रेल यात्रा आदि की सुविधाओं का हवाला देकर डायमंड ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर खजुराहो में स्थापित करने के अपने फैसले को सही ठहराने में लगे है। हीरा व्यापरी संघ पन्ना के अध्यक्ष श्रीनिवास रिछारिया इससे बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। उनका आरोप है कि कतिपय लोग निहित स्वार्थों की पूर्ती के लिए इस तरह के कुतर्क पेश कर सरकार को गुमराह कर रहे है। इनका असल मकसद खजुराहो की होटल मालिकों को लाभ पहुँचाना है।
श्रीनिवास रिछारिया, अध्यक्ष, हीरा व्यापारी संघ पन्ना।
आपने बताया कि पन्ना जिले के मझगवां क़स्बा में एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान से निकलने वाले हीरों की नीलामी मझगवाँ में ही 50 वर्षों से सफलतापूर्वक आयोजित हो रही है है। करीब 3-4 दिनों तक चलने वाली इस नीलामी में पूरे देश से हीरा व्यापारी शामिल होते है। पन्ना में होने वाली उथली खदानों के हीरों नीलामी भी तकरीबन 200 चल रही है। इसमें भी देश भर के हीरा कारोबारी भाग लेते है। यह सब तब से चल रहा है जब पन्ना में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं था पर आज तो हीर व्यापारियों के ठहरने के लिए अच्छे होटल है।
पन्ना के महेन्द्र भवन में कुछ माह पूर्व लगी बंदर डायमण्ड ब्लॉक के हीरों की एग्जिबिशन का फाइल फोटो।
हीरा व्यापारी संघ पन्ना के अध्यक्ष श्रीनिवास रिछारिया के अनुसार हीरा व्यापारी हीरे खरीदने के लिए सात समुंदर पार कर अफ्रीकी देशों तंजानिया, घाना, सियरा लियोन और दुबई तक जाते है। अफ्रीका महाद्वीप के देशों के जो हालात है उसके मद्देनजर पन्ना की स्थिति तो काफी बेहतर है। रहा सवाल हवाई यात्रा और रेल यात्रा सुविधा का तो अधिकांश हीरा व्यापारी पन्ना की नीलामी में शामिल होने के लिए रेल मार्ग से पहले सतना आते थे पर अब तो इसकी आधी दूरी पर खजुराहो में रेल सुविधा हो गई है। हीरा व्यापारी संघ पन्ना के अध्यक्ष श्री रिछारिया का कहना है कि महानगरों में एयरपोर्ट भी आमतौर पर 40-50 किलोमीटर दूर होते हैं इसलिए जिसे हवाई यात्रा करनी है उसे पन्ना से खजुराहो जाने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। आपका मानना है कि प्रदेश सरकार यदि वाकई पन्ना का समग्र विकास चाहती है तो उसे अपने फैसले पर गम्भीरता पूर्वक पुनर्विचार करते हुए डायमंड ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर यहाँ स्थापित करना चाहिए। क्योंकि डायमंड पार्क में ही हीरों की नीलामी होना बेहद जरुरी है।

इनका कहना है –

“एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना मझगवां में कई दशकों से हीरों की नीलामी सफलतापूर्वक आयोजित की जा रही है। जिसमें देश के कोने-कोने से हीरा कारोबारी भाग लेते है। पहले यह नीलामी 5-6 दिनों तक चलती थी पर अब कुछ वर्षों से ई-ऑक्शन होने लगा है। अब हीरा व्यापारी ऑनलाइन बोली लगाने के पूर्व मझगवां आकर हीरों का अवलोकन करते हैं, यह प्रक्रिया 3 दिनों तक चलती है। मझगवां की हीरा नीलामी में शामिल होने में हीरा व्यापारियों ने आज तक कभी भी किसी तरह की कोई असुविधा या समस्या होने की बात नहीं कही है।”

– समर बहादुर सिंह, श्रमिक नेता, हीरा खनन परियोजना मझगवां।

“हीरा सिर्फ पन्ना में निकलता है इसलिए हीरे से संबंधित प्रत्येक गतिवधि पन्ना में ही होना चाहिए, डायमंड पार्क पन्ना में और डायमंड ऑक्शन तथा एग्जीबिशन सेंटर खजुराहो में स्थापित किया जाना पूर्णतः अनुचित है। इस बात को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाया जाएगा। डायमंड पार्क को दो हिस्सों में बांटने संबंधी प्रदेश सरकार का निर्णय पन्ना के हितों पर कुठाराघात है, हम इसका डटकर विरोध करेंगे।”

– बृजेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक पन्ना।

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अजब-गजब : MP में रेत के अवैध खनन को रोकने के लिए संत-महात्माओं की टोली संभालेगी कमान, डेरा डालकर करेंगे नदियों की निगरानी

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पन्ना के सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते संत कम्प्यूटर बाबा।

* नदी न्यास अध्यक्ष एवं चर्चित संत कम्प्यूटर बाबा ने किया बड़ा ऐलान

* कम्प्यूटर बाबा ने बनाई चार टोली, प्रत्येक टोली में रहेंगे 250-300 संत-महात्मा

* पत्रकारों से बोले- शिवराज के 15 साल के कचरे को हटाने में थोड़ा समय लगेगा

* शिवराज और उनके रिश्तेदारों पर रेत के अवैध उत्खनन के लगाए गंभीर आरोप

पन्ना। (www.radarnews.in) अपने ज्ञान से समाज को सद्मार्ग दिखाने वाले, धर्म-अध्यात्म की शिक्षा देने और जगत के कल्याण की कामना करने वाले संत-महात्मा जल्द ही मध्यप्रदेश में अलग ही भूमिका में नजर आएंगे। उन्हें एक नए तरह के मोर्चे पर तैनात करने की तैयारी चल रही है। जीवनदायनी नदियों के लिए नासूर बन चुके रेत के अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में अब संत-महात्माओं की फ़ौज को उतारा जाएगा। यह ऐलान मध्य प्रदेश शासन से कैबिनेट मंत्री दर्ज प्राप्त चर्चित संत महामंडलेश्वर एवं अध्यक्ष नदी न्यास कम्प्यूटर बाबा ने किया है। उन्होंने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण काम के लिए संत-महात्माओं की चार टोलियाँ बनाई गई है। प्रत्येक टोली में 250-300 संत-महात्मा शामिल रहेंगे। बाबाओं की फ़ौज नदियों में डेरा डालकर रेत के अवैध उत्खनन की सख्त निगरानी करेगी। हम देखेंगे चोर कैसे चोरी करते है। इस दौरान यदि कोई रेत का अवैध उत्खनन करते पकड़ा गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

शिवरराज ने नदियों को बेंच खाया

पन्ना में कांग्रेस नेताओं एवं खनन कारोबारियों के साथ मध्य प्रदेश शासन के नदी न्यास के अध्यक्ष संत कम्प्यूटर बाबा।
टीकमगढ़ और छतरपुर के दौरे के बाद शनिवार 16 नवंबर को दोपहर में कम्प्यूटर बाबा अध्यक्ष, नदी न्यास मध्यप्रदेश शासन अल्प प्रवास पर पन्ना पहुंचे। यहाँ सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर जमकर निशाना साधा। आपने कहा कि शिवराज ने नर्मदा और दूसरी नदियों को बेंचकर खा गए। उनके रिश्तेदारों ने रेत का बेतहाशा अवैध उत्खनन किया है। शिवराज के 15 साल तक प्रदेश में जो कचरा फैलाया है उसे हटाने में थोड़ा समय तो लगेगा। कंप्यूटर बाबा ने अवैध खनन कारोबार के लिए प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई है।
गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी एवं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से गुफ्तगू करते हुए चर्चित संत कम्प्यूटर बाबा।
कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि शिवराज के समय रेत का सौ फीसदी अवैध उत्खनन होता था वर्तमान में इसमें 15 से 20 फीसदी की कमी आई है। इन पांच सालों में रेत के अवैध उत्खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाएगा। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर-1800-120-106-106 पर सूचना सेवा शुरू की गई है। आमजन इस नंबर पर किसी भी समय रेत के अवैध उत्खनन की सूचना दे सकते हैं जिस पर एक्शन लिया जाएगा।
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खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल और कम्प्यूटर बाबा आज आएंगे पन्ना, रेत के अवैध खनन का करेंगे निरीक्षण, क्या इन माननीयों को सुनाई-दिखाई देगी केन नदी की चींख-पुकार और बदहाली…?

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना जिले में शासन-प्रशासन के संरक्षण में पिछले कई वर्षों से जारी है रेत की लूट

* बड़े पैमाने पर रेत के अनियंत्रित दोहन से बढ़ा प्रदूषण, संकट में नदी का अस्तित्व

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के खनिज साधन विभाग के मंत्री प्रदीप जायसवाल और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त चर्चित संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा, अध्यक्ष नंदी न्यास मध्यप्रदेश शासन शनिवार 16 नवंबर को अल्प प्रवास पर पन्ना आएंगे। संत कम्प्यूटर बाबा पन्ना में अधिकारियों के साथ बैठक कर नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने, पौधरोपण करने आदि विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा केन नदी में पिछले कई वर्षों से लगातार जारी रेत की बेतहाशा लूट (अवैध उत्खनन) की वास्तविकता को जानने के लिए नदी का निरीक्षण करेंगे। खनिज मंत्री और कम्प्यूटर बाबा के पन्ना दौरे को लेकर जिले के प्रशासनिक एवं राजनैतिक हल्कों में अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं है। उधर, अवैध रेत खनन के इनके निरीक्षण के दौरान काफी हद तक स्थिति नियंत्रण में नजर आए प्रशासन ने पहले से ही इसकी तैयारियां कर रखीं है। विगत दिनों केन नदी में रेत के अवैध-उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ राजस्व-खनिज एवं पुलिस विभाग द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई को सबकुछ बेहतर दिखाने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्री, प्रदीप जायसवाल।
सर्वविदित है कि पन्ना जिले में विगत 5 वर्षों से बड़े पैमाने पर रेत के अनियंत्रित दोहन का खेल शासन-प्रशासन के संरक्षण में खुलेआम चल रहा है। जिससे सदानीरा केन नदी का अस्तित्व, जलीय जीव-वनस्पति जहां गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। नदी के गहरे पानी से रेत निकालने के लिए दैत्याकार मशीनों के जबड़ों से केन का सीना और कोख को छलनी किया जा रहा है। रेत के कण-कण को नदी से बाहर लाने के लिए हैवी प्रेशर वाली लिफ्टर मशीनें चलाई जा रहीं है। स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर की रेत उठाने अथवा अथवा मनमाने तरीके से इसका परिवहन करने के लिए केन नदी में बारिश के बाद जगह-जगह नदी के प्रवाह को रोककर अवैध रपटा का निर्माण किया जाता है। इन सबका दुष्परिणाम केन नदी के जलीय जीवों-वनस्पति पर तो पड़ ही रहा है साथ ही साथ केन नदी में साल दर साल प्रदूषण भी बढ़ रहा है। केन का कछार भी पूरी तरह नष्ट हो चुका है। एक साफ़-स्वच्छ और निर्मल जलधारा वाली सदानीरा नदी का प्रदूषित और बरसाती नदी में तेजी से तब्दील होना बेहद चिंताजनक है।
सांकेतिक फोटो।
बहरहाल देर से ही सही लेकिन प्रदेश सरकार ने केन नदी की सुध ली है। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रदेश के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल व संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबाजी, अध्यक्ष नदी न्यास मध्यप्रदेश शासन को केन में रेत के अवैध खनन के निरीक्षण के दौरान इस जीवनदायिनी नदी की चींख-पुकार अवश्य ही सुनाई देगी और इसकी बदहाली को भी वे देखेंगे। पन्ना-छतरपुर एवं बाँदा जिले की जीवनरेखा कहलाने वाली इस नदी के अस्तित्व को रेत खदान ठेकेदारों और माफियाओं की लूट से बचाने के लिए निश्चित इन माननीयों के द्वारा तत्परता से कठोर कदम उठाने का न सिर्फ ऐलान किया जाएगा बल्कि ईमानदारी से उन पर अमल भी सुनिश्चित कराया जाएगा।

खनिज मंत्री और कम्प्यूटर बाबा का प्रोग्राम

संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबाजी।
कलेक्टर कार्यालय पन्ना से प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज साधन विभाग मंत्री प्रदीप जायसवाल 16 नवंबर को शाम 6:30 बजे कटनी से पन्ना आएंगे। पन्ना सर्किट हाउस पहुंचकर पार्टी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट करेंगे। मंत्री श्री जायसवाल शाम 7 बजे पन्ना से खजुराहो के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबाजी कैबिनेट मंत्री दर्जा, अध्यक्ष नदी न्यास मध्यप्रदेश शासन शनिवार 16 नवंबर 2019 को दोपहर 1:30 बजे पन्ना आएंगे। पन्ना पहुंचकर दोपहर 2 बजे कलेक्टर एवं अधिकारियों के साथ बैठक, पौधारोपण पर चर्चा एवं वृक्षारोपण करना, नदियों का प्रदूषण से मुक्त तथा अवैध रेत खनन का निरीक्षण करेंगे। शाम 6 बजे पन्ना से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।
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उथली हीरा खदानों के सत्यापन एवं सीमांकन कार्य से मचा हड़कंप, प्रशासन ने बताया- शासकीय राजस्व बढ़ाने की प्रभावी कार्यवाही

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सांकेतिक फोटो।

* पहले दिन बृजपुर क्षेत्र की 79 खदानों का हुआ सत्यापन एवं सीमांकन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) दुनिया भर में बहुमूल्य रत्न हीरों के खनन के लिए विख्यात पन्ना में सफ़ेद हीरों का काला कारोबार पिछले कई दशकों से बड़े पैमाने पर चल रहा है। यहां की उथली हीरा खदानों से निकलने वाले 95 फीसदी हीरों की तस्करी होती है। इन हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा न कर चोरी छिपे ब्लैक मार्केट में अर्थात गैर कानूनी तरीके से स्थानीय व्यापारियों या फिर मुंबई के बड़े हीरा कारोबारियों को बेंचा जाता है। परिणामस्वरूप पन्ना जिला मुख्यालय में स्थित देश के एकमात्र हीरा कार्यालय में वर्ष भर में इतने हीरे भी जमा नहीं पा होते कि जिनकी नीलामी से इस कार्यालय का स्थापना व्यय निकल सके। इसके अलावा हीरों के खनन में भी कई तरह की गड़बड़ी यहां चल रही है, कई लोग हीरा कार्यालय से उथली खदान का पट्टा लेने के बाद निर्धारित स्थल पर खुदाई नहीं करते बल्कि वन भूमि या फिर किसी की निजी भूमि में हीरों की खदान खोदते है। यदि वहां हीरा मिला तो उसे सरकारी पट्टे के आधार पर हीरा कार्यालय में नीलामी हेतु जमा करा देते हैं।
स्वीकृत उथली हीरा खदानों की नापजोख कर सत्यापन करतीं डाॅ. अवंतिका तिवारी नायब तहसीलदार एवं उनकी टीम के सदस्य।
हीरा खदान के पट्टों के इस दुरूपयोग और हीरों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोकथाम के उद्देश्य से पन्ना जिला प्रशासन द्वारा उथली हीरा खदानों का सत्यापन एवं सीमांकन कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन ने इस कार्यवाही को शासकीय राजस्व बढ़ाने की प्रभावी कवायद बताया है। बहरहाल हीरा खदानों का सीमांकन एवं सत्यापन शुरू होने से फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मचा है। पन्ना जिले में चारों तरफ मची खनिज संपदा की बेतहाशा लूट के बीच सरकारी राजस्व को बढ़ाने का प्रशासन का यह प्रयास क्या रंग लाता है यह देखना महत्वपूर्ण होगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा स्वीकृत उथली हीरा खदानों के सत्यापन एवं सीमांकन की कार्यवाही करने के लिए तीन दल गठित किए गए हैं।

गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्यवाही

इस कार्य के लिए पन्ना तहसील अन्तर्गत तीन दल गठित किए गए हैं। प्रथम दल की प्रभारी डाॅ. अवंतिका तिवारी नायब तहसीलदार को बनाया गया है। द्वितीय दल की प्रभारी श्रीमती ममता मिश्रा नायब तहसीलदार तथा तृतीय दल में जे.पी. रावत प्रभारी बनाए गए हैं। प्रत्येक दल में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, हीरा कार्यालय के कर्मचारियों को रखा गया है। गठित किए गए दलों द्वारा हीरा खदानों के सत्यापन एवं सीमांकन का कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रथम दिवस बृजपुर वृत्त के पटवारी हल्का रमखिरिया में आवंटित 79 खदानों के सत्यापन एवं सीमांकन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। इस कार्यवाही में नजूल तहसीलदार डाॅ. अवंतिका तिवारी, श्रीमती ममता मिश्रा के साथ दल के राजस्व निरीक्षक, पटवारी, हीरा विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्यवाही की जा रही है। सत्यापन एवं सीमांकन के दौरान अवैध पाई जाने वाली खदानों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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गुस्से में दलित-आदिवासी वर्ग के छात्र-छात्राएं, क्यों बोले- सड़कों पर उतरकर करेंगे विशाल आंदोलन…?

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* कॉलेज के लाइब्रेरियन पर जातिगत अपमान करने का आरोप

* निःशुल्क पुस्तकें और स्टेशनरी वितरण न होने की शिकायत पर की थी अभद्रता

* लाइब्रेरियन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर निलंबित करने सौंपा ज्ञापन

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइब्रेरियन द्वारा अजाक्स छात्र संघ अध्यक्ष को जातिसूचक अपशब्द कहते हुए अपमानित करने की घटना के बाद से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं कुछ दिनों से काफी गुस्से में है। जिले भर के छात्र-छात्राएं जातिगत अपमान के विरोध में एकजुट होकर लाइब्रेरियन हरि किशोर शुक्ला के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और उन्हें निलंबित करने की मांग कर रहे है। इस संबंध में जिले की सभी तहसीलों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में जातिवाद की अमानवीय और दूषित सोच रखने तथा जातिगत विद्वेष फैलाने वाले ना-काबिले बर्दाश्त है। इसलिए हमारी मांग पर शासन-प्रशासन ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए यदि तत्परता से कार्रवाई नहीं की तो हमें अपने सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर विशाल आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

शिकायत करने पर किया अपमान

छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइब्रेरियन खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करते छात्र।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए बतौर प्रोत्साहन एवं सहयोग हेतु निःशुल्क पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराने का प्रावधान है। लेकिन शैक्षणिक सत्र 2019-20 के करीब 5 माह गुजरने के बाद भी छत्रसाल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन हेतु महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से निःशुल्क पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। इसकी शिकायत प्राचार्य से करते हुए शीघ्र पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। प्राचार्य ने इसे गंभीरता से लेते हुए सामग्री वितरित करने के आदेश दिए गए। फलस्वररूप सोमवार 11 नवंबर 2019 को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष संजय अहिरवार के पुस्तकालय में पहुँचने पर लाइब्रेरियन हरि किशोर शुक्ला अचानक भड़क ऊठे। उन्होंने कथिततौर पर छात्र संघ अध्यक्ष को जातिसूचक अपशब्द कहते हुए शिकायत करने के लिए लिए अपमानित किया। कॉलेज परिसर में हुई इस घटना से एससी-एसटी के छात्र आक्रोशित हो ऊठे और उनके द्वारा नारेबाजी करते हुए लाइब्रेरियन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर महाविद्यालय प्राचार्य को शिकायती आवदेन पत्र सौंपा गया।

कोतवाली थाना में दी शिकायत

पन्ना कोतवाली में लाइब्रेरियन हरि किशोर शुक्ला के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायत देते दलित-आदिवारी वर्ग के छात्र-छात्राएं।
लाइब्रेरियन हरि किशोर शुक्ला पर जातिगत अपमान करने का आरोप लगाने वाले छात्र-छात्राओं ने उनके खिलाफ कोतवाली थाना पन्ना में भी लिखित शिकायत दी है। जिसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई है। शिकायत करने वालों में घनश्याम सिंह गौंड़, रामदयाल अनुरागी, राजेश चौधरी, राजेश अनुरागी, रोहित वर्मा, राम सिंह, राजाराम गौंड़, अनंतराम प्रजापति, दीपा वर्मा, शीला चौधरी, दिशा वर्मा, दुर्गा अहिरवार, पंकज बागरी, सुनील प्रजापति, आरती अहिरवार, नीरज अहिरवार, रूपलाल प्रजापति, नितेश अहिरवार आदि छात्र-छात्राएं शामिल थे।
गुनौर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते दलित-आदिवारी वर्ग के छात्र-छात्राएं।
अजाक्स छात्र संघ अध्यक्ष संजय अहिरवार का कहना है कि कमजोर वर्गों के साथ जातिगत अपमान और भेदभाव की घटनाओं के पीछे एक ख़ास तरह की सोच रहती है। जिसमें दूसरे को जाति के आधार पर हीन भावना का एहसास कराकर समाज में खुद को जाति के आधार पर श्रेष्ठ साबित करने की मानसिकता अंतर्निहित है। संजय का मानना है कि, अति पिछड़े पन्ना जिले के प्रशासन में जातिगत भावनाओं का उभार होने के कारण कमजोर वर्गों के अपमान और उनके साथ होने वाले भेदभाव की दुर्भायपूर्ण व अमानवीय घटनाओं पर ईमानदारी से कार्रवाई नहीं होती है। शायद यही वजह है कि लाइब्रेरियन हरि किशोर शुक्ला के क़ानून और संविधान विरोधी कृत्य के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

तहसील स्तर पर सौंपे ज्ञापन

छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना के लाइब्रेरियन खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकरपवई में एसडीएम को ज्ञापन सौंपने जाते छात्र-छात्राएं।
अजाक्स छात्र संघ अध्यक्ष को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किए जाने की घटना के विरोध में जिले भर के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं लामबंद हो गए है। इनका कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि पूरे समाज के अपमान का मामला है। यह अक्षम्य अपराध है। इसलिए ऐसा करने वाले को जब तक उनके कृत्य की सजा नहीं मिल जाती तब तक हम चैन से नहीं बैंठेंगे।
कार्रवाई की मांग को लेकर अमानगंज में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते छात्र।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना के पुस्तकालय प्रभारी हरि किशोर शुक्ला पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए अनुसूचितजाति-जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे है। अब तक शाहनगर, गुनौर, अजयगढ़, अमानगंज, सिमरिया, पवई और देवेन्द्रनगर में ज्ञापन सौंपे जा चुके है। ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को यह चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही लाइब्रेरियन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें निलंबित नहीं किया गया तो सड़कों पर उतरकर विशाल आंदोलन किया जाएगा।

इनका कहना है –

“मैं पन्ना कॉलेज में 30-32 साल निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहा हूँ, इस दौरान हजारों छात्र आए लेकिन मैंने कभी किसी से अनुचित व्यवहार नहीं किया। लेकिन कुछ छात्र मुझे बेबजह बदनाम कर रहे है, इससे आघात पहुँचा है। मैंने किसी को जातिसूचक अपशब्द नहीं कहे सब झूठ है, यह सब मुझे बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।”

– हरि किशोर शुक्ला, ग्रंथपाल, छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना।

“छात्रों के द्वारा दी गई शिकायत की जांच हेतु प्रोफेसरों की एक कमेटी गठित की गई है। जोकि दोनों पक्षों से बात करने के पश्चात शीघ्र ही अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। शासन से अब तक जितनी भी पुस्तकें प्राप्त हुई थीं उन्हें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को वितरित कराया जा चुका है।

– सी.एम. अग्रवाल, प्राचार्य, छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना।

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समिति के प्रभार को लेकर चल रही खींचतान में फंसे निर्दोष किसान, कृषि सीजन के समय खाद-बीज के लिए हो रहे परेशान, सैंकड़ों एकड़ कृषि भूमि में रबी फसलों की बोबनी पर गहराया संकट

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सांकेतिक फोटो।

* स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने से भटक रहे अन्नदाता

* पन्ना जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिंगवारा का मामला

* मैदानी हकीकत से बेखबर हैं विकासखण्ड और जिला स्तर के अधिकारी

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर सही तरीके से नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मैदानी स्तर हालात काफी खराब है। योजनाओं को धरातल पर लागू करने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है वही लोग अपने आर्थिक हितों को साधने के चक्कर में अनियमितताएं और लूट-खसोट मचाकर अराजकतापूर्ण स्थिति निर्मित कर रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि विकासखण्ड और जिला स्तर पर बैठे कथित जिम्मेदार अधिकारी फील्ड की अंधेरगर्दी से या तो पूरी तरह बेखबर है या फिर वे अपनी मासिक इनकमिंग के चक्कर में जानबूझकर कर इसकी अनदेखी कर रहे है। परिणामस्वरूप ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर से गुहार लगानी पड़ रही है।
जिले की सहकारी बैंक शाखा सिमरिया के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिंगवारा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। इस समिति के अंतर्गत आने वाली पवई विकासखण्ड की चार ग्राम पंचायतों के पात्र किसान बोबनी के लिए खाद-बीज को लेकर परेशान है। कृषि सीजन के समय समिति से खाद-बीज न मिलने के कारण रबी की बोबनी में देरी को लेकर किसान खासे चिंतित है। वैसे भी इस बार देर से सक्रिय हुए मानसून की वजह से खरीफ की फसल को जिले के किसान पहले ही गँवा चुके है। अब यदि समय पर खाद-बीज नहीं मिला तो रबी की फसल से भी हाथ धोना पड़ सकता है। हर गुजरते दिन के साथ सिंगवारा समिति से जुड़े किसानों में यह चिंता गहरी हो रही है। क्योंकि रबी फसल से वंचित होने की स्थिति में अन्नदाता किसानों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण कर पाना आसान नहीं होगा।

प्रभार के चक्कर में चरमराई व्यवस्था

फाइल फोटो।
गौरतलब है कि, सिमरिया क्षेत्र की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिंगवारा के अंर्तगत आने वालीं चार ग्राम पंचायतों सिंगवारा, पड़वार, पड़रिया और दनवारा के सैंकड़ों अन्नदाता कृषि आदानों के लिए इस समिति पर निर्भर है। खाद बीज न मिलने से परेशान किसानों ने चारों ग्राम पंचायतों के सरपंचों का हस्ताक्षरित एक ज्ञापन मंगलवार 12 नवंबर को पन्ना आकर कलेक्टर की जनसुनवाई में दिया है। इस ज्ञापन में उल्लेख है कि सिंगवारा में पदस्थ सहायक समिति प्रबंधक उमा प्रसाद दुबे को अनियमित्ताओं के आरोप में हटाकर समिति प्रबंधक मोहन्द्रा रामदास साहू को अतिरिक्त प्रभार लेने का आदेश दिया गया था। लेकिन सहकारी समितियों में जारी मनमानी और अंधेरगर्दी अफसरों के आदेश पर भारी पड़ रही है। हटाए गए सहायक समिति प्रबंधक समिति का प्रभार और कार्यालय की चाबी आज तक रामदास साहू को नहीं सौंपी गई। इस दौरान सहायक समिति प्रबंधक उमा प्रसाद दुबे खुद को सिंगवारा से हटाए जाने के आदेश के खिलाफ स्थगन ले आए है। फलस्वरूप सिंगवार समिति में प्रभार को लेकर पिछले काफी समय से जारी खींचतान में क्षेत्र के किसान बेबजह पिस रहे हैं। जब इस संबंध में सहकारी बैंक शाखा सिमरिया के ब्रांच मैनेजर से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।

पन्ना आकर सुनाई व्यथा

नए कार्यालय भवन में अपने कर्मचारियों के साथ फोटो खिंचवाते राजयश वर्धन कुरील, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें जिला पन्ना।
जन सुनवाई में पन्ना पहुंचे किसानों की मानें तो इस स्थिति के चलते उन्हें पिछले एक माह से समिति से खाद-बीज नसीब नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत सिंगवारा सरपंच जगदीश पटेल, पड़वार सरपंच पूना बाई, पड़रिया सरपंचा नीमा सिंह व दनवारा सरपंच अखिलेश आदिवासी तथा क्षेत्र के कृषक दुजिंया, बिहारी चौधरी, उत्तम सिंह, मूरत प्रसाद, देवेंद्र, मातादीन, हिसाबी, दयाशंकर, मुन्ना, प्रतापी, कृपाल, रघुवर सहित अन्य लोगों ने बताया पिछले एक माह से क्षेत्र सैंकड़ों किसान खाद-बीज के लिये कभी सिंगवारा तो कभी दनवारा के चक्कर लगा रहे है। समिति से जुड़े पात्र किसानों को यदि समय पर खाद-बीज उपलब्द नहीं हुआ तो इनकी रबी की फसल बोबनी में देरी होने के कारण प्रभावित हो सकती है। लेकिन किसानों को समय कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की उन्हें सिंगवारा समिति के किसानों की तनिक भी चिंता नहीं है। इन परिस्थितियों में प्रभावित किसान दर-दर भटकने को मजबूर है।मजेदार बात तो यह है कि प्रदेश में किसान हितैषी सरकार होने के दावों के बीच अन्नदाता किसानों को स्थानीय स्तर से जुड़ीं छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों की उदासीनतापूर्ण रवैया बरकरार है।

इनका कहना है –

“किसानों को खाद-बीज के लिए कृषि सीजन के समय भटकना पड़े यह खेद का विषय है, वैसे यह स्थिति एक माह से निर्मित हो ऐसा संभव नहीं है। निश्चित ही किसानों के प्रति हमारा उत्तरदायित्व है, मैं भोपाल से लौटकर शीघ्र ही व्यवस्था बनाता हूँ।”

– एम. सहस्त्रबुद्धे, महाप्रबंधक सहकारी बैंक जिला पन्ना।

“सिंगवारा से जिस सहायक समिति प्रबंधक को हटाया गया था उसने प्रभार नहीं सौंपा और इस बीच वह स्टे ले आया है। मैंने उससे बात की तो मुझे बताया गया कि खाद-बीज का वितरण किया गया है जिसकी पुष्टि ऑनलाइन दर्ज जानकारी से की जा सकती है, धरातल पर क्या स्थिति है फिलहाल मुझे मालूम नहीं है।”

– राजयश कुरील, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें जिला पन्ना।

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अब चमकेगा पन्ना जिला चिकित्सालय, एनएमडीसी ने साफ-सफाई के लिए भेंट की स्क्रबर मशीन

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पन्ना जिला चिकित्सालय प्रबंधन को स्क्रबर मशीन सौंपते एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना के प्रबंधक कार्मिक, राहुल कुमार मौर्य।

* चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने लगातार दिया जा रहा सहयोग

पन्ना।(www.radarnews.in) एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना द्वारा पन्ना जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए नैगम सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर.) मद के तहत चिकित्सालय प्रबंधन को लगातार सहयोग प्रदान किया जा रहा है। ताकि वहाँ आने वाले मरीजों एवं उनके अटेंडरों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। इसी कड़ी में हीरा खनन परियोजना ने पन्ना जिला चिकित्सालय को स्क्रबर मशीन भेंट की है । स्क्रबर मशीन उपलब्ध होने से जिला चिकित्सालय में फर्श की बेहतर साफ-सफाई में सुविधा होगी । शनिवार 9 नवंबर को परियोजना की ओर से प्रबंधक कार्मिक, राहुल कुमार मौर्य ने चिकित्सालय प्रबंधन को यह मशीन सौंपी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. त्रिपाठी, अस्पताल प्रशासक एच.एस. त्रिपाठी, मेट्रन श्रीमती चंदा महदेले सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित थे । चिकित्सालय प्रबंधन ने एनएमडीसी लिमिटेड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए चिकित्सालय परिसर को स्वच्छ रखने में स्क्रबर मशीन की उपलब्धता को एक महत्वपूर्ण कदम बताया ।
जिला चिकित्सालय पन्ना। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि, इसके पूर्व भी पन्ना जिले में जनहित कार्यों के अंतर्गत एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा पन्ना जिला चिकित्सालय को कैंटीन, मॉड्यूलर किचेन और शौचालय के निर्माण, विद्युत लाइन के जीर्णोद्धार हेतु अनुदान प्रदान करने के साथ-साथ रोगियों हेतु वार्ड में बेड की व्यवस्था, परिजनों की सुविधा हेतु बैठने के लिए स्टील की कुर्सियाँ, एम्बुलेन्स और शव-वाहन प्रदान किया गया था ।
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भीषण हादसा : स्कॉर्पियो चलाते समय मोबाइल फोन पर बात कर रहे सब इंजीनियर ने अधेड़ को कुचला, मौके पर हुई दर्दनाक मौत, सड़क हादसे को लेकर उपजा आक्रोश

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भीषण सड़क हादसे की कहानी को बयां करती स्थल की तस्वीर।

* पन्ना से 5 किलोमीटर दूर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुआ हादसा

* हादसे के समय अपनी पंचर की दुकान पर काम कर रहा था अधेड़

* परिवार के मुखिया की मौत होने से आश्रितों पर टूटा वज्रपात

पन्ना। (www.radarnews.in) तेज रफ्तार से स्कॉर्पियो वाहन चालते समय एक सब इंजीनियर द्वारा मोबाइल फोन पर बात करना भीषड़ सड़क हादसे का सबब बन गया। लापरवाहीपूर्वक चलाने के कारण अनियंत्रित हुई तेज रफ़्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे स्थित एक दुकान के संचालक को जोरदार ठोकर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई। सोमवार को पन्ना से 5 किलोमीटर दूर सतना मार्ग पर एनएच-39 किनारे मोहनगढ़ी के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे में दुकान संचालक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आरोपी वाहन चालाक सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया को मामूली चोटें आई हैं। आसपास मौजूद लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे चालक और उसके नीचे दबे पंचर एवं किराना दुकान संचालक छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष को जिला चिकित्सालय पहुँचाया।
हादसे में घायल सब इंजीनियर की सुरक्षा हेतु जिला चिकित्सालय के बाहर तैनात पुलिस के जवान।
सब इंजीनियर की कथित तौर घोर लापरवाही के चलते हुए इस हृदयविदारक हादसे को लेकर पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों जरदस्त आक्रोश देखा गया। परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित किया तो कतिपय आक्रोशित युवकों ने सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया के साथ हाथापाई कर दी। तनाव को देखते जिला चिकित्सालय और शव विच्छेदन गृह के पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।

भीषण हादसे से सहम उठे प्रत्यक्षदर्शी

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना में पदस्थ सब इंजीनियर मनोज रिछारिया उर्फ़ मंजू रिछारिया 50 वर्ष निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना सोमवार 11 नवंबर को दोपहर करीब 1 बजे अपने स्कॉर्पियो वाहन क्रमाँक एमपी-17-सीए-2593 को चलाते हुए सतना से पन्ना की ओर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ मंजू रिछारिया तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। उनकी गाड़ी जैसे ही मोहनगढ़ी मंदिर के समीप पहुँची तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और वहाँ अपनी पंचर एवं किराना दुकान में काम कर रहे छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी मठ्या तालाब पन्ना को जोरदार टक्कर मारते हुए उसी के ऊपर पलट गई।
दुखद हादसे का पता चलने पर शव विच्छेदन गृह के बाहर जुटे मृतक के परिजन एवं रिश्तेदार।
इस भीषण हादसे को देख आसपास मौजूद लोगों का कलेजा काँप उठा। अनियंत्रित स्कॉर्पियो के रूप में आँधी की तरह आई मौत एक झटके में छोटे मोहम्मद (राईन) को अपने साथ ले गई। हादसे के समय छोटे मोहम्मद की दुकान पर मौजूद रहे उनके परिचित भी इस भयावह दृश्य को देखकर सहम उठे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे आरोपी चालक मंजू रिछारिया को एवं उसके नीचे दबे छोटे मोहम्मद को बाहर निकालकर लोगों ने तुरंत पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचाया। जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जब परीक्षण उपरांत छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी पन्ना को आधिकारिक तौर मृत घोषित कर दिया। इस हादसे मृतक की दुकान भी आंशिक तौर क्षतिग्रस्त हुई है।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

मोहनगढ़ी में घटनास्थल पर एहतियात के तौर पर तैनात पुलिसकर्मी।
दुखद हादसे का पता चलने पर छोटे मोहम्मद के परिजन और रिश्तेदार बड़ी तादाद में जिला चिकित्सालय में पहुँच चुके थे। हादसे को लेकर आक्रोशित लोगों को जब छोटे मोहम्मद की मौत होने की खबर मिली तो कतिपय युवक भड़क ऊठे और उन्होंने जिला चिकित्सालय में अपना इलाज करवा रहे घायल आरोपी चालक एवं सब इंजीनियर मंजू रिछारिया के साथ कथित तौर पर हाथापाई कर दी। मृतक के परिजनों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप कर विवाद को शांत करा दिया। सब इंजीनियर की घोर लापरवाही के चलते सड़क हादसे में दुकान संचालक के असमय काल कवलित होने से उपजे जबरदस्त आक्रोश के मद्देनजर जिला चिकित्सालय में और शव विच्छेदन गृह के बाहर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। मौजूदा हालात में यह हादसा और कोई रूप न लेने पाए पुलिस के अफसर इस बात को लेकर सजग रहे। शव विच्छेदन गृह के बाहर जमा भारी भीड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार, पन्ना एसडीओपी एवं कोतवाली थाना टीआई अरविंद कुजूर के द्वारा संयम बरतने की समझाइश दी गई और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। कुछ समय बाद शव का पोस्टमार्टम होने पर पुलिस सुरक्षा में उसे मृतक के घर ले जाया गया। समाचार लिखे जाने तक कोतवाली थाना पन्ना पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर प्रकरण पंजीबद्ध करने में जुटी थी। उधर, जब हादसे को लेकर लगे आरोपों के संबंध सब इंजीनियर मंजू रिछारिया से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

गहरे सदमे में पीड़ित परिवार

शव विच्छेदन गृह के बाहर पंचनामा आदि की कार्रवाई करते कोतवाली थाना पन्ना के पुलिसकर्मी।
छोटे मोहम्मद (राईन) पिता नत्थू मोहम्मद 45 वर्ष निवासी मठ्या तालाब पन्ना की सड़क हादसे में असमय मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मिलनसार स्वाभाव वाले छोटे मोहम्मद की मौत से उनके मोहल्ले में माहौल काफी ग़मगीन है। टायर पंचर एवं किराना दुकान चलाकर अपना और अपने परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करने वाले छोटे मोहम्मद कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे। इसलिए पूरा परिवार उन्हीं पर आश्रित था। गरीब परिवार के मुखिया की मौत होना उसके तीन बच्चों और पत्नी पर वज्रपात टूटने जैसा है। इनकी आंखों से बहते आँसू और मातमी चीख-पुकार उनके दर्द का एहसास करातीं है लेकिन इसे शब्दों में बयाँ कर पाना संभव नहीं है।
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अयोध्या पर फैसला : शान्ति के टापू पन्ना जिले में अमन-चैन और भाईचारे का रहा माहौल

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पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।

* जिले में शान्ति एवं कानून व्यवस्था कायम रखने पुलिस और प्रशासन रहा मुस्तैद

* दिनभर खुले रहे बाजार सामान्य दिनों की तरह नजर आया आमजन जीवन

पन्ना। (www.radarnews.in) अयोध्या के विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने पर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पूरी तरह में अमन-चैन और भाईचारे का रहा माहौल कायम रहा। शान्ति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले के लोगों के लिए आज का दिन आम दिनों की तरह ही था। पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों के बाजार पूरी तरह खुले रहे और सभी जगह जन जीवन पूरी तरह सामान्य रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर प्रमुख स्थानों एवं बाजारों में पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। शनिवार 9 नवंबर की सुबह से लेकर देर रात्रि तक पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी वाहनों से भ्रमण कर पल-पल की स्थिति का जायजा लेते रहे।
पन्ना जिले के शांति प्रिय लोगों ने आज एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की परंपरा को किसी भी कीमत पर कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में शान्ति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों ने पुलिस व प्रशासन को अपनी ओर पूर्ण सहयोग देते हुए एक ऐसी मिशाल कायम की है जिसे लम्बे समय तक याद रखा जाएगा। अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जिले के सभी वर्गों के लोगों ने संयम व धैर्य के साथ स्वीकार करते हुए इसका स्वागत किया है। दिन भर सोशल मीडिया पर कई लोगों के द्वार स्वप्रेरणा से जिले में शान्ति, अमन-चैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील पोस्ट की गई।

शान्ति बनाए रखने दूसरों को किया प्रेरित

जिले के हालत एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं पुलिस अधिकारीगण।
उल्लेखनीय है कि एक सदी से भी अधिक समय से चल रहे अयोध्या के विवाद की अहमियत और संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के पूर्व पन्ना जिले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे वहीं लोगों से लगातार यह अपील की जाती रही कि संयम और समझदारी दिखाते हुए आपसी सौहार्द की विरासत को बनाए रखें। प्रशासन की इस अपील का पन्ना के लोगों ने तो अक्षरश: पालन किया ही साथ ही दूसरों को भी ऐसा करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए लगातार प्रेरित किया गया। इसकी जितनी भी प्रसंशा की जाए शायद वह कम है। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा जिले के सभी थानों में शान्ति समिति की बैठकें आयोजित करते हुए शान्ति और क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए और प्रशासन की चिंताओं के मद्देनजर यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी सूरत में शांति और भाईचारे के माहौल को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

शाम के समय दिखी चहल-पहल

फैसला आने के बाद जैसा की सभी को भरोसा था, पन्ना जिला मुख्यालय सहित आंचलिक क्षेत्रों जन जीवन पूरी तरह सामान्य रहा। एहतियात के तौर पर आज स्कूल-कॉलिज की छुट्टी घोषित किये जाने से सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय चहल-पहल थोड़ी कम रही। लेकिन शाम के समय रोज जैसी भीड़-भाड़ नजर आई। आज सुबह से ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी खासे सक्रिय रहे। सड़कों पर जब सायरन बजाते हुए जब पुलिस और प्रशासन की गाड़ियां निकलती थीं उस समय जरूर यह एहसास होता था कि आज का दिन कुछ विशेष है।

इसी तरह आगे भी करें प्रदर्शन

पन्ना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एवं शांति में वातावरण बनाए रखने के लिए नगर मुख्यालय, जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा ने जिले के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों ने जिस तरह का शांति एवं भाईचारे का प्रदर्शन किया है इसी तरह आगामी आने वाले समय में भी बनाए रखेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी कहा कि आम आदमी की हिफाजत करना हमारा दायित्व है। इसके लिए हम सभी निरंतर सक्रिय हैं। सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाएं।
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