* जिपं सीईओ और मनरेगा प्रभारी ने दिल्ली पहुंचकर प्राप्त किया पुरुष्कार
* जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पहली बार मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
पन्ना। (www.radarnews.in) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के राष्ट्रीय पुरूस्कार के.सुब्रमण्यम ऑडीटोरियम नई दिल्ली में प्रदाय किये गये। जिसके अन्तर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में मध्यप्रदेश से पन्ना जिले को प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय पुरूस्कार प्रदान किया गया। यह पुरूस्कार भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं भारत सरकार की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार को भव्य समारोह में मोमेन्टो एवं प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। मनरेगा में यह राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त करने वाला मध्यप्रदेश में पन्ना एकमात्र जिला है।
इस समारोह में पुरूस्कार प्राप्ति हेतु कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा संजय सिंह परिहार को आमंत्रित किया गया था। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा अत्यावश्यक कार्य आ जाने के कारण वहां नही पहुंच सके, उनके द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल पुरूस्कार प्राप्त करने हेतु दिल्ली भेजा गया।
जिले को यह राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त होने से जिले के अधिकारी-कर्मचारियों सहित ग्रामीण विकास विभाग के समस्त अमले द्वारा बहुत प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है, क्योंकि जिले को ग्रामीण विकास विभाग में राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का पुरूस्कार पहली बार प्राप्त हुआ है। यह निश्चित रूप से जिले के लिये गौरव की बात है। भारत सरकार के इस सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, नागालैण्ड, सिक्किम राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिन्हा, अतिरिक्त सचिव अल्का उपाध्याय, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव उमाकान्त उमराव, मध्यप्रदेश की मनेरगा आयुक्त शिल्पी गुप्ता, संयुक्त आयुक्त मनरेगा प्रभात उइके, मीडिया अधिकारी अनिल गुप्ता सहित पूरे देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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उल्लेखनीय है कि विवादास्पद नागरिकता संसोधन कानून-2019 के विरोध स्वरूप अजाक्स छात्र संघ को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देना था, लेकिन गुरुवार 19 दिसम्बर को दोपहर करीब 12 बजे जब अचानक पन्ना जिले में प्रतिबंधात्मक धारा 144 को लागू किए जाने की खबर सोशाल मीडिया पर आई तो अजाक्स छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय अहिरवार ने तुरंत अपना धरना रद्द कर दिया। मगर कार्यकम पूर्व घोषित होने के चलते छात्रों के द्वारा सिर्फ ज्ञापन सौंपा गया। इस धरना-प्रदर्शन को लेकर पन्ना के आंबेडकर चौक (कोतवाली चौराहा) में आज सुबह से ही पुलिस काफी मुस्तैदी से तैनात रही।
ज्ञापन सौंपने वाले छात्रों ने बताया कि वह इसका विरोध इसलिए हैं, क्योंकि नागरिकता के इस काले कानून और देश भर में प्रस्तावित एनआरसी को लागू करने के पीछे केन्द्र सरकार की मंशा राजनैतिक लाभ के लिए नागरिकों को बांटकर धुर्वीकरण करना है। इस घिनौने षड़यंत्र के खिलाफ देश भर में छात्र-छात्राएं आंदोलित हो रहे हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों के भारत और संविधान को बचाने के लिए देश के कई विश्विद्यालयों के छात्र-छात्राएं लगातार शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन इन विरोध-प्रदर्शनों को सरकार के इशारे पर कुचला जा रहा है। दिल्ली के जामिया विश्विद्यालय, अलीगढ़ के एएमयू विश्विद्यालय और असम राज्य सहित कई जगह छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस के द्वारा बर्बरता की गई। छात्र-छात्राओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, कैम्पस में घुसकर पुलिस के द्वारा उन्हें बढ़ी ही निर्दयता के साथ पीटा गया है। छात्र-छात्राओं पर इस तरह अत्याचार करके शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का लोकतान्त्रिक अधिकार उनसे छीना जा रहा है।








स्थापित यूनिट का शुभारंभ कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा लोकार्पण फीटा काटकर एवं यूनिट का स्विच ऑन किया गया। इस यूनिट में 60-60 किलोवाॅट के दो सोलर संयंत्र स्थापित हैं। इनको 4 सोलर हाईग्रेड इन्वेटर से जोड़ा गया है। प्रत्येक इन्वेटर से 30 किलोवाॅट विद्युत मिलेगी। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से प्रतिदिन 450 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। माह में यह संयंत्र कुल 13500 यूनिट बिजली पैदा करेगा। जिसका मूल्य एक लाख 7 हजार 500 रूपये होता है। यह राशि प्रतिमाह बचत की जा सकेगी। इस संयंत्र के साथ एक नेट मीटर लगाया गया है। जिससे सौर ऊर्जा से उत्पादित विद्युत पन्ना के विद्युत विभाग को प्राप्त होगी। इसका लेखा-जोखा रखा जाएगा। अतिरिक्त विद्युत स्थानीय विद्युत विभाग को मिलने पर प्रत्येक माह विद्युत देयक में सम्मिलित कर विद्युत आपूर्ति करेगा।
सोलर संयंत्र से कलेक्टर चेम्बर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हाॅल, एनआईसी, व्हीसी रूम को जोड़ा जाएगा। इनमें विद्युत प्रवाह बंद होने के साथ ऑटोमेटिक सोलर पैनल से विद्युत प्रदाय प्रारंभ हो जाएगा। सोलर संयंत्र के शुभारंभ अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर सिकलचन्द परस्ते के साथ विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन्ही क्षेत्रों के मजदूरों के बच्चों में कुपोषण एवं खाद्य सुरक्षा को लेकर श्री बेग द्वारा लगातार संघर्ष की गया। जिसके फलस्वरूप खनन क्षेत्रों में काम करने वाले ऐसे मजदूर जो सिलिका डस्ट के कारण सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित होकर काल के गाल में समां रहे थे, जिसके लिए उन्होंने पन्ना से लेकर दिल्ली तक इनकी आवाज को पहुँचाया और इसी संघर्ष के कारण आज राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देशन में सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों की मौत के बाद उनके परिजनों को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि मिलना शुरू हुआ है। साथ ही सिलिकोसिस मजदूरों के लिए पुनर्वास निति भी तैयार की गयी है। जिसे मध्य प्रदेश लागू करना बाकी है। समाजसेवी युसूफ बेग को इस अवार्ड से नवाजे जाने पर प्रदेश के खनन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों एवं उनके सहयोगी और सहभागियों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है। उनकों बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है।








जिले द्वारा मनरेगा अन्तर्गत कराये गये उत्कृष्ट कार्य के लिये किये गये प्रस्तुतीकरण एवं भारत सरकार द्वारा कराये गये सत्यापन उपरान्त पन्ना जिले का चयन महात्मा गांधी नरेगा अवार्ड 2019 हेतु किया गया है। अवार्ड वितरण का कार्यक्रम 19 दिसम्बर 2019 को सी सुब्रमन्यन हाल, नई दिल्ली में आयोजित है, जिसमें जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालागुरू के. अवार्ड प्राप्त करने हेतु उपस्थित होंगे। निश्चित् रूप से राष्ट्रीय स्तर पर पुरूस्कार हेतु मध्यप्रदेश से पन्ना जिले का चयन होने पर जिले के लिये गौरव की बात है, जो जिले में बेहतर कार्य करने के लिये नई ऊर्जा का संचार करेगा।
गौरतलब है कि पन्ना जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अप्रैल 2007 से प्रारम्भ हुई। इस योजना के प्रारम्भ होने से जहां हितग्राही मूलक योजना अन्तर्गत 6974 कूपों के निर्माण के साथ साथ डीजल पम्प प्रदाय किये जाने से 10461 एकड़ सिंचित रकवे में वृद्धि हुई, जिस कारण से कृषि उत्पादन वृद्धि में अभूतपूर्व परिणाम सामने आये। साथ ही मनरेगा अभिसरण के माध्यम से 1175 सीमेन्ट कांक्रीट रोड का निर्माण हुआ, जिससे ग्रामवासियों के लिये आवागमन सुगम हुआ। जिले में प्रचलित विभिन्न कार्यो के अन्तर्गत वर्ष 2018.19 में 63114 परिवारों को 3116498 मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिसमें 1127707 मानव दिवस रोजगार महिलाओं को उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में प्रदान किये रोजगार में 36.19 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है।


जिला खनिज अधिकारी आर.के. पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर रेत का अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टर-ट्राली के खिलाफ शनिवार 14 दिसंबर की सुबह 6 से लेकर दोपहर 12 बजे तक पन्ना के आसपास जांच अभियान चलाकर बगैर पिटपास के रेत परिवहन करते 9 ट्रेक्टर-ट्राली पकड़े गए। सभी को पन्ना के होमगार्ड के मैदान में रखवाया गया था। हमारी टीम जब अन्य वाहनों की जाँच के लिए रवाना हो गई तो मौक़ा पाकर ट्रैक्टर-ट्राली क्रमाँक- एमपी-35-एए-7240 को लेकर उसका चालक मुकेश पाल और मालिक रामहित मिश्रा भाग निकले। खनिज अधिकारी ने बताया कि इसकी लिखित सूचना कोतवाली थाना एवं अजयगढ़ थाना पुलिस को भेजी जा रही है। अन्य जब्त ट्रैक्टर-ट्राली की जाँच उपरान्त नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही गई।

लहूलुहान हालत में तीनों को पुलिस और राहगीरों की मदद से इलाज के लिए अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। जहाँ राघवेन्द्र कोंदर 18 वर्ष के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसकी नाजुक हालत को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर कर दिया। राघवेन्द्र को अचेत अवस्था में पन्ना लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दोपहर करीब 2 बजे परिजन जब उसे लेकर जिला चिकित्सालय पन्ना पहुंचे तो यहाँ ड्यूटी डॉक्टर ने परीक्षण करने के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में घायल सीताराम कोंदर का दाहिना पैर टूट गया जबकि जीतेन्द्र कोंदर की नाक में चोट आई है। हादसे के समय उक्त दोनों घायल भी शराब के नशे में चूर थे। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें भी अजयगढ़ से पन्ना के लिए रेफर कर दिया गया।