* तीनों पार्टियों के दो-दो नेताओं ने मंत्री पद की ली शपथ
मुंबई। उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री की शपथ ली। 56 विधायकों वाली शिव सेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बने हैं। उद्धव के साथ एनसीपी से जयंत पाटिल, छगन भुजबल शिव सेना से एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई और कांग्रेस से बालासाहेब थोराट और नितिन राउत ने मंत्री पद की शपथ ले रहे है।
कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष का पद मिलना है। इसके लिए पृथ्वीराज चव्हाण का नाम चल रहा है। महाराष्ट्र में कुल 43 मंत्री बन सकते हैं। कहा जा रहा है कि शिव सेना के 15, एनसीपी के 16 और कांग्रेस के 12 विधायक मंत्री बनेंगे। अभी किसको कौन मंत्रालय मिलेगा इस पर फ़ैसला होना बाक़ी है। शपथ ग्रहण के बाद ही महाराष्ट्र की नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी। शपथ ग्रहण समारोह में जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी पत्नी नीता अंबानी के साथ शरीक हुए। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल और उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे भी मौजूद थे।
महाराष्ट्र में विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में शिव सेना 56 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक पत्र जारी कर उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने पर ख़ुशी जताई है। इस पत्र में मनमोहन सिंह ने लिखा है, ”मैं बहुत ख़ुश हूं कि आपने महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री की शपथ ली। यह एक ऐतिहासिक मौक़ा है और मैं आपके दूरदर्शी नेतृत्व की तारीफ़ करता हूं।”
एनसीपी के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44। वहीं बीजेपी 105 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। शिव सेना और बीजेपी मिलकर चुनाव लड़ी थी और दोनों को स्पष्ट बहुमत भी मिला था लेकिन शिव सेना मुख्यमंत्री का पद ढाई साल के लिए चाहती थी और बीजेपी तैयार नहीं हुई। इसी को लेकर दोनों पार्टियों का तीन दशक का साथ टूट गया था।
साभार : बीबीसी हिन्दी




प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने ने देवेन्द्रनगर में 52.56 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण वैदिक रीति से पूजन करने के उपरांत नामपट्टिका अनावरण एवं फीता काटकर किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की कर्ज माफी योजना के तहत अब तक लगभग 21 लाख किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। आगामी दिनों में 12 लाख अन्य नये किसानोें को कर्ज मुक्ति का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्युत की 100 यूनिट तक खपत होने पर 100 रूपये तथा किसानों की विद्युत खपत का आधा बिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेरोजगारों को प्रशिक्षित कर रोजगार स्थापित कराए जा रहे हैं। जिस तरह किसानों को खर्ज माफी योजना का लाभ दिया गया है। इसी तरह आदिवासी भाईयों को साहूकारों के कर्ज से मुक्ति दिलाई गयी है। मुख्यमंत्री कन्यादान/निकाह योजना की राशि को बढाकर 51 हजार रूपये कर दिया गया है।
प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शिक्षा व्यवस्था के लिए माता-पिता एवं शिक्षकों की बैठक प्रत्येक विद्यालय में कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। वहीं कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर लिए जाने का निर्णय लिया गया है। अच्छी शिक्षा एवं शिक्षित होकर बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओें में सफल हो सके इसके लिए नवीन एनसीआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास है कि हमारा प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल करे। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के शिक्षकों को शैक्षणिक व्यवस्था के अवलोकन के लिए दिल्ली एवं साउथ कोरिया भेजा गया था। शिक्षकों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण परीक्षाएं ली जा रही है। जिन शिक्षकों का स्तर बच्चों को पढ़ाने योग्य नहीं है उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जा रही है। बच्चों के पठन-पाठन स्तर की जांच कर पढाई में कमजोर बच्चों को नियमित क्लास के अलावा पृथक से पढाने की व्यवस्था की गयी है।
जियोस की बैठक में जिला पंचायत पन्ना के अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिला चिकित्सालय की ट्रामा यूनिट शुरू न होने का मुद्दा उठाते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का ध्यान आकृष्ट कराया। ट्रामा यूनिट के भवन का दो माह पूर्व लोकार्पण होने के बाद भी इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ जिले के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। श्री यादव ने ट्रामा यूनिट को जल्द शुरू कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कराने की बात कही। प्रभारी मंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर डाॅक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया संचालित है। अब जिला स्तर पर भी स्थानीय डाॅक्टरों की भर्ती की जा सकती है। जिपं अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने पन्ना जिले की पंचायत की रेत खदानों को अघोषित तौर पर ठेके पर खनन माफियों को दिए जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि खनन माफिया पर्यावरण एवं खनन कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए प्रतिबंधित दैत्याकार मशीनों के जरिए पानी के अंदर से रेत निकाल रहे है। रेत की इस लूट को रोक पाने में जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। प्रभारी मंत्रीं ने इसे गंभीरता से लेते हुए रेत के अवैध खनन को रोकने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश गए है।
कृषि विभाग की चर्चा के दौरान बताया गया कि जिले में अच्छी गुणवत्ता वाले खाद बीज किसानों को मिल सके। इसके लिए जिले में सघन जांच अभियान चलाकर 199 बीज के एवं 95 उर्वरक के नमूने लिए गए। इन नमूनों में 4 बीज के नमूने अमानक पाए जाने पर 2 के विरूद्ध लाइसेन्स निलंबित करने एवं 2 के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ 2 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वर्तमान में जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जैविक खेती को बढावा दिया जाए और खेतिहर किसानों को ही कृषक मित्र बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में बीपीएल के पात्र राशन कार्डों को सत्यापन करने के लिए 989 दल गठित किए गए हैं। जो सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। अब तक 110 पात्रता पर्ची जारी हो गयी हैं। पात्रता पर्ची अनुसार राशन का वितरण किया जा रहा है। बैठक में गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के., के साथ जिला योजना समिति के समस्त सदस्य एवं सभी संबंधित जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।
वहीं अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट और एनसीपी नेता जयंत पाटिल डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने 23 तारीख (शनिवार) की सुबह राजभवन में शपथ ली थी। इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है, इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं।













पन्ना स्थित काष्ठागार कार्यालय में कहने को तो 42 कर्मचारी/श्रमिक पदस्थ हैं जिनमें 2 वनपाल, 11 वनरक्षक, 24 स्थाई कर्मी, 1 ड्रायवर और 4 पार्ट टाइम श्रमिक हैं लेकिन यहां पर नियमित रूप से वहां सिर्फ 9 कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें राजेन्द्र पाल सिंह वनपाल, राजेश कुमार सोनी, विवेक कुमार चनपुरिया वनरक्षक, संतोष तिवारी स्थाई कर्मी और सुरक्षा श्रमिक हरि गौंड़, नत्थू गौंड़, सुरेश सोनी, छोटेलाल यादव शामिल है। महिला वनरक्षक सुनीता प्रजापति न्यायालय में बतौर मोहर्रर अपनी सेवाएं दे रहीं है। सिर्फ एकमात्र हॉल में लगने वाले इस कार्यालय में इतनी जगह भी नहीं है कि वहां 42 कर्मचारी बैठकर कार्य कर सकें। लेकिन फील्ड स्टॉफ की यहां तैनाती के बहाने वन विभाग के अफसर उनसे अपनी मनमर्जी और सुविधानुसार बंगलों तथा ऑफिस कार्य करा रहे है। जानकारों के अनुसार पहले तो बड़ी तादाद में मैदानी वनकर्मियों को बगैर किसी आवश्यकता के डिपो में पदस्थ करना और फिर उन्हें अटैच कर वन मंडल कार्यालय, उप वनमंडलाधिकारी कार्यालय तथा बंगलों में काम कराना पूर्णतः अनुचित है। वैसे भी फील्ड स्टॉफ से कार्यालय में काम कराने की वन विभाग में सख्त मनाही है।

