* पन्ना के लखनपुर सेहा में हुए अंधे क़त्ल का खुलासा
* अवैध संबंधों के चलते की गई संतोष कुशवाहा की हत्या
* आरोपी इन्द्रकुमार की पत्नी से थे मृतक संतोष के अवैध संबंध
* विवाह के पूर्व से थी पहचान इसलिए शादी के बाद भी संतोष करता था परेशान
* गर्लफ्रेंड और पत्नी के साथ मिलकर इन्द्र कुमार ने बनाया था हत्या का प्लान
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनपुर सेहा जंगल के नकटा नाला में 7 दिसंबर को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। मृतक की पहचान संतोष कुशवाहा निवासी कछियाना मोहल्ला अजयगढ़ के रूप हुई थी। गुरुवार को पन्ना पुलिस ने उसके अंधे क़त्ल का खुलासा करने का दावा करते हुए इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मृतक संतोष कुशवाहा की पूर्व प्रेमिका, उसका पति इन्द्र कुमार कुशवाहा और पति की गर्लफ्रेंड शामिल है। चुनौतीपूर्ण अंधे क़त्ल का पाँच दिन में खुलासा करते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि संतोष कुशवाहा की हत्या प्रेम त्रिकोण के चलते सुनियोजित तरीके से की गई थी।
आपने जानकारी देते हुए बताया कि अजयगढ़ के लापता युवक संतोष कुशवाहा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लखनपुर सेहा जंगल के नकटा नाला में चट्टानों के पास मिलने पर पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया था। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा घटना स्थल के निरीक्षण में मामला हत्या का पाए जाने पर कोतवाली थाना में ही अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमाँक 819/19 धारा 302,201 भादवि का प्रकरण कायम कर विवेचना मे लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उनके द्वारा अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाने एवं उनकी धरपकड़ के लिए कोतवाली थाना प्रभारी एवं निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।
कड़ाई से पूँछतांछ करने पर कबूला जुर्म

पुलिस के साइबर सेल के सहयोग एवं मुखबिर से जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक संतोष कुशवाहा घटना दिनांक 6 दिसंबर को दहलान चौकी निवासी इन्दु उर्फ इन्द्र कुमार कुशवाहा के घर के आसपास देखा गया है। पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना को आधार मानते हुये इन्द्र कुमार कुशवाहा को पूँछताछ हेतु थाना लाया गया। पूँछताछ में इन्द्र कुमार ने बताया कि वह शाहनगर में रहकर सेफ शॉप नाम की कंपनी मे काम करता है। उसके साथ उसकी पत्नी सुशीला कुशवाहा एवं पूजा यादव 18 वर्ष निवासी इटवांकला भी इसी कंपनी मे काम करती है।
कड़ाई से पूँछताछ करने पर इन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि उसकी पत्नी का मायका अजयगढ़ में रिपटा के पास स्थित है। मेरी पत्नी शादी के पूर्व से मृतक संतोष कुशवाहा निवासी अजयगढ़ को जानती थी। संतोष के साथ पत्नी के अवैध संबंध थे, इस बात की जानकारी मुझे कुछ समय पहले पता चली थी। पत्नी से पूँछने पर उसने बताया कि शादी के पूर्व मेरी संतोष से जान-पहचान थी उसी को लेकर संतोष मुझे शादी के बाद भी परेशान कर रहा है । पुलिस के अनुसार तब इंद्र कुमार ने अपनी सहकर्मी एवं गर्लफ्रेंड पूजा यादव व अपनी पत्नी सुशीला के साथ मिलकर संतोष को जान से मारने का शाहनगर में प्लान बनाया गया। इसे अंजाम देने के लिए दिनाँक 5 दिसंबर 2019 को तीनों लोग ग्राम दहलान चौकी आए।
दुपट्टा से गला दबाकर की थी हत्या

प्लान के मुताबिक़ इन्द्र कुमार ने रात में पत्नी से फोन करवाकर संतोष कुशवाहा को मिलने के बहाने कौंड़िया बाबा के स्थान पर बुलाया गया। अगले दिन 6 दिसंबर को संतोष कुशवाहा जब अपनी पूर्व प्रेमिका सुशीला से मिलने जंगल में पहुंचा तो वहाँ झाड़ियों में पहले से छिपे इन्द्र कुमार और पूजा यादव ने सुशीला के साथ मिलकर दुपट्टे से संतोष कुशवाहा का गला दबाकर उसे मार डाला। तीनों ने लाश को लखनपुर सेहा नकटा नाला में गहरी खाई मे फेंक दिया जो चट्टान पर जाकर गिरी थी। सुनियोजित तरीके से हत्याकण्ड को अंजाम देने के बाद तीनों लोग वापिस शाहनगर चले गए थे। पुलिस के समक्ष पूंछतांछ में इंद्रकुमार एवं दोनों महिला आरोपियों के द्वारा अपना जुर्म कबूल करने आधार पर इन्द्र कुमार कुशवाहा पिता बालाप्रसाद कुशवाहा 26 वर्ष निवासी दहलान चौकी उसकी पत्नी सुशाली कुशवाहा उम्र 25 वर्ष एवं पूजा यादव पिता रन्जोर सिंह यादव 18 वर्ष निवासी इटवांकला चौकी बराछ सभी निवासी जिला पन्ना को गुरुवार 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया है।
बताते चलें कि मृतक संतोष कुशवाहा भी विवाहित था। उसके और आरोपी इन्द्र कुमार के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। आज जब इन्द्र कुमार और उसकी पत्नी सुशीला को गिरफ्तार किया गया तो उसकी गोद एक मासूम बेटी थी। जिसे देखकर कतिपय संवेदनशील लोग बच्चों के भविष्य के बारे में सोचकर चिंतित हो उठे और कहने लगे कि माँ-बाप के अपराध की सजा निर्दोष मासूम बच्चों को बेबजह भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की घोषणा
उल्लेखनीय है कि संतोष कुशवाहा की अंधी हत्या के सनसनीखेज प्रकरण का तत्परता से खुलासा करते हुए इसमें शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को पन्ना कोतवाली थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण सफलता के रुप में देखा जा रहा है। जिसमें थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर, चौकी प्रभारी सिविल लाइन उप निरीक्षक कृष्णा मावई, उप निरीक्षक एम. एल. यादव, उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पाण्डेय, शिवेन्द्र सिंह, अशोक शर्मा, हाकिम सिंह, आरक्षक दुलीचन्द जैन, बीरेन्द्र कुमार, लक्ष्मी यादव, राजेश सिंह, रामपाल बागरी, सतेन्द्र बागरी, राजीव मिश्रा, शोभाराम, प्रदीप पाण्डेय, राकेश सोनी, ब्रह्मदत्त शुक्ला, महिला आरक्षक सीतू सिंह, निधी सिंह, उर्मिला, मीना, चालक सुनील मिश्रा, रवि खरे एवं साइबर सेल आरक्षक नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द सिह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी ने उक्त पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है।
2













रामसजीवन गौंड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि उसका परिवार कुंजवन ग्राम में स्थित एक खेत की रखवाली करता है। रविवार 8 दिसंबर को उसकी चाची की मौत हो गई थी। दोपहर में शव का अंतिम संस्कार होने के बाद वह और उसका भाई अपनी पत्नियों को लेकर कुंजवन स्थित खेत चले गए। रामसजीवन के अनुसार शाम के समय पिता मोहन गौंड़ 60 वर्ष को भी खेत पहुँचना था लेकिन देर रात तक जब वह नहीं आए तो दोनों भाई खेत में ही फसल की रखवाली के लिए रुक गए। जबकि उनके माता-पिता चीमट स्थित घर में रहे। सोमवार की अलसुबह रामसजीवन की माँ अघनिया बाई भी खेत पहुँच गई। कुछ ही देर बाद गोलू शर्मा नाम के युवक ने रामसजीवन को कॉल कर बताया कि उसके पिता खून से लथपथ हालत में दुबे ताल के नजदीक पड़े है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराना मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिये स्वास्थ्य विभाग के बजट में 33 प्रतिशत वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम लागू करने का निर्णय मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का परिणाम है।
प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थाओं से अधिक दूर बस्तियों में खोले जा रहे संजीवनी क्लीनिक रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चालू रहेंगे। इनमें नि:शुल्क ओपीडी, परामर्श, गर्भवती महिलाओं की जाँच और टीकाकरण, रेफरल सेवाएँ, संचारी रोग उपचार, वृद्धजनों के लिये उपचार सुविधाएँ और कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और सुगर स्क्रीनिंग और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।













लोकपाल सागर तालाब की सिंचाई क्षमता वैसे तो 520 हैक्टेयर है लेकिन पिछले कई सालों से तालाब में पूर्ण क्षमता तक जल भराव ना होने के कारण महज 220 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस तालाब की जल भराव क्षमता 6.20 मिलियन क्यूबिक मीटर है। लेकिन इस झीलनुमा विशाल तालाब को भरने वाली किलकिला फीडर नहर के वर्ष 1984 के बाद बंद होने के बाद यह तालाब अपनी पूर्ण क्षमता तक नहीं भर सका। शहर के नजदीक स्थित होने से लोकपाल सागर तालाब से पन्ना में पेयजल की आपूर्ति के लिए 01 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आरक्षित रहता है। इसलिए अल्प वर्षा की स्थिति में तालाब में कम भराव होने से जहां पेयजल संकट से लोगों को जूझना पड़ता है वहीं किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है।

