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ताला हत्याकाण्ड : खेत में सोए किसान की रंजिश के चलते कुल्हाड़ी मारकर की गई थी हत्या, अंधे क़त्ल का खुलासा कर पुलिस ने 6 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

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शाहनगर थाना पुलिस की अभिरक्षा में युवा किसान जाहर प्रजापति के हत्यारोपी।

* मृतक जाहर प्रजापति की आरोपियों से जमीनी विवाद की चल रही थी रंजिश

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ताला निवासी युवा किसान की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए शाहनगर पुलिस आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए अभियुक्तों ने पूंछतांछ में जाहर प्रजापति पिता किशोरी प्रजापति 35 वर्ष की हत्या जमीनी विवाद की रंजिश के चलते करने की बात कबूल की है। गिरफ्तार हत्यारोपी ग्राम ताला के ही रहने वाले हैं। जिनमें मुख्य आरोपी तीरथ प्रजापति पिता घनुआ प्रजापति 22 वर्ष, भागीरथ पिता घनुआ प्रजापति 37 वर्ष, जगन्नाथ पिता घनुआ प्रजापति 21 वर्ष, भगवत पिता फेरन प्रजापति 50 वर्ष, सियाशरण पिता भगवत प्रजापति 31 वर्ष एवं जीता प्रसाद पिता भगवत प्रजापति 26 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने हत्या की वारदात में प्रयुक्त रक्त रंजित कुल्हाड़ी को भी आरोपियों से जप्त कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि, जाहर प्रजापति पिता किशोरी प्रजापति 35 वर्ष निवासी ताला ने ठेके पर एक खेत लेकर उसमें बोबनी कराई थी। करीब एक माह पूर्व 23 नवंबर 2019 को जाहर अपनी फसल की रखवाली करने के लिए खेत में बनी झोपड़ी में सोया हुआ था तभी देर रत अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से प्रहार कर उसकी जघन्य हत्या कर दी थी। वारदात के समय युवा किसान जाहर प्रजापति रजाई ओढ़कर सोया था। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार इतने घातक प्रहार किए थे जिससे रजाई के अंदर जाहर प्रजापति के सिर और दाहिने कान में अत्यंत ही गंभीर चोटें आने से उसकी मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज अंधे क़त्ल की सूचना 24 नवंबर को हरि सिंह यादव पिता भगवानदास यादव 55 वर्ष निवासी ताला द्वारा शाहनगर थाना पुलिस को दी गई थी। फरियादी ने पुलिस को बताया था दूसरे दिन प्रात 7:00 बजे घटनास्थल पर उसने तीरथ प्रजापति को खड़ा देखा था, जो बाद में गुपचुप नदी की ओर चला गया था। हत्या की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए शाहनगर थाना पुलिस ने हरि सिंह यादव की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 260/19 धारा 302 भादंवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
खेत में बनी झोपड़ी में सोते समय की गई थी किसान जाहर प्रजापति की जघन्य हत्या। फाइल फोटो
अंधे क़त्ल की चुनौतीपूर्ण वारदात के खुलासे के लिए पन्ना पुलिस अधीक्षक द्वारा एक टीम गठित की गई। संदेह के आधार पर पुलिस ने जब तीरथ प्रजापति पिता धनवा प्रजापति 22 वर्ष निवासी ताला को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूंछतांछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसी आधार पर अन्य हत्यारोपियों भागीरथ पिता घनुआ प्रजापति 37 वर्ष, जगन्नाथ पिता घनुआ प्रजापति 21 वर्ष, भगवत पिता फेरन प्रजापति 50 वर्ष, सियाशरण पिता भगवत प्रजापति 31 वर्ष एवं जीता प्रसाद पिता भगवत प्रजापति 26 वर्ष को शुक्रवार 27 दिसम्बर को गिरफ्तार किया गया। शाहनगर थाना में पदस्थ एसआई ए. पी. सिंह बघेल ने अंधे क़त्ल के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों का मृतक जाहर प्रजापति व उसके परिवार से पुराना जमीनी संबंधी विवाद था, जिसकी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते उक्त आरोपियों ने जाहर प्रजापति के सिर में कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस प्रकरण में अपराधियों द्वारा घटना के पूर्व अपराधिक षड़यंत्र करके रात्रि के समय घटना को अंजाम दिया गया साथ ही साक्ष्य छिपाए गए। इसलिए प्रकरण में धारा 201,120 बी, 34 भारतीय दण्ड विधान के तहत धारा बढ़ाई गई है। ताला हत्याकाण्ड के खुलासे में पवई एसडीओपी बी.एस. परिहार, एसआई ए. पी. सिंह बघेल एवं उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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राष्ट्रीय फेडरेशन कप : मध्यप्रदेश की जीत में चमके पन्ना जिले के खिलाड़ी, प्रतियोगिता में पन्ना के 15 खिलाड़ियों ने भाग लिया और 10 ने जीते मेडल

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* विभिन्न प्रदेशों के 6 हजार खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में हुए शामिल

* पन्ना और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को मिल रही बधाइयाँ

पन्ना।(www.radarnews.in) जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी डाॅ. प्रदीप अस्टेया ने बताया है कि राष्ट्रीय फेडरेशन कप -2019 का आयोजन मध्यप्रदेश के इन्दौर शहर में चमेली देवी काॅलेज और देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि पदमश्री देवेन्द्र झांझरिया (पैरा ओलंपियन गोल्ड मेडलिस्ट-2016), डाॅ. अंकित शुक्ला, राष्ट्रीय फेडरेशन अध्यक्ष हर्ष सरग रहे। इनके द्वारा प्रतियोगिता प्रारंभ की गयी जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, तमिलनाडू, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ इत्यादि प्रदेशों के 6 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश की टीम राष्ट्रीय फेडरेशन कप-2019 की विजेता रही। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की टीम में पन्ना जिले के 15 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया। जिसमें 10 खिलाड़ियों ने मेडल जीत कर जिले का नाम रोशन किया। जिला खेल प्रशिक्षक ग्रेड -1 राहुल गुर्जर के द्वारा इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मेडल प्राप्त करने वाले सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों में अन्नू चौधरी 1500 मीटर गोल्ड, ममता चौधरी 5000 मीटर गोल्ड, भूपेन्द्र सिंह मेहदेले 800 मीटर गोल्ड तथा असीम मिस्त्री 1500 मीटर गोल्ड में मेडल प्राप्त किया। इसी प्रकार यूनियर वर्ग में लालू शर्मा 200 मीटर गोल्ड, नरेन्द्र यादव 200 मीटर सिल्वर, मनीष सेन 800 मीटर सिल्वर, संतोष पाल 800 मीटर ब्राउंज, फिरोज खान 100 मीटर ब्राउंज यू-17 वर्ग तथा दीपेन्द्र कुमार 100 मीटर गोल्ड में मेडल प्राप्त किया। जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी अस्टेया एवं समस्त खेल विभाग ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए हार्दिक बधाई दी हैं।
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युवाओं ने बदली गाँव की पाठशाला की रंगत, जनसहयोग से व्यवस्थाओं को बनाया बेहतर

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* शाला भवन का रंग-रोगन और विधुत की कराई व्यवस्था

* अभिभावकों ने लिया बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजने का संकल्प

पन्ना। (www.radarnews.in) सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही हमारे जेहन में जीर्ण-शीर्ण भवन, अस्त-व्यस्त क्लास रूम और बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था की तस्वीर उभरती है। नवीन प्राथमिक पाठशाला शंकरगढ़ का हाल कुछ ऐसा ही था। लेकिन, कुछ युवाओं की सकारात्मक पहल से पाठशाला की रंगत बदल गई है। अब यह प्राथमिक पाठशाला सरकारी होते हुए भी थोड़ा अलग है। युवाओं के जज्बे और ग्रामीणों के सहयोग से आए इस बदलाव की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
पन्ना जिले के गुनौर विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक शाला की स्थिति कुछ समय पूर्व तक अच्छी नहीं थी। स्थानीय युवाओं ने जब अव्यवस्थाओं के बीच छोटे बच्चों को पढ़ते हुए देखा तो मन में शाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का ख्याल आया। युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों ने इस दिशा में काम शुरू किया तो ग्रामीण ने भी इसमें आर्थिक सहयोग प्रदान किया। जन सहयोग से एकत्र हुए रुपए 10,000/- की राशि से शाला परिसर की साफ़-सफाई और भवन का रंग-रोगन कराया गया। शाला भवन की लाइट फिटिंग कराई गई। इसके अलावा शाला परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए सुगन्धित पुष्प वाले पौधों का रोपण किया गया।
युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों दिलीप, नीरज ,पुष्पेंद्र, अनिल, नरेश, रमेश, सनी, राम चरण, तुलसी, राजकुमार, रवि, मोनिका, वंदना, नीतू, आरती, सोनिका, रामकुमारी, काजल आदि कहना है कि गाँव की पाठशाला की व्यवस्थाएं जितनी बेहतर होंगी गाँव का भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। ये युवा शाला के शिक्षकों के साथ मिलकर शैक्षणिक व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। इनके द्वारा अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए अपने बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजने का संकल्प दिलाया गया। जनभागीदारी से शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक पाठशाला की रंगत बदलने से वहाँ पढ़ने वाले बच्चे काफी खुश हैं। अपने नौनिहालों के चेहरों पर खिली मुस्कान और पढ़ाई को लेकर उनकी लगन को देखकर अभिभावकों के आँखें बेहतर कल की उम्मीदों से रोशन हो रही हैं।
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भाजपा ने “अटल जी” को जन्मदिन पर किया याद, जिला चिकित्सालय में मरीजों को बाँटे फल

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* अटल जी के जीवन से हमें सीखना चाहिए : बृजेन्द्र प्रताप

* हमारी पार्टी ने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया : रामबिहारी

पन्ना। (www.radarnews.in) पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर भारतीय जनता पार्टी नगर मण्डल द्वारा बुधवार को जिला चिकित्सालय पन्ना में मरीजों को फल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पन्ना बृजेन्द्र प्रताप विधायक सिंह एवं भाजपा जिला अध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया उपस्थित रहे। जिला चिकित्सालय पहुंचे भाजपा नेताओं ने वहाँ भर्ती मरीजों का हालचाल लिया और फिर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए फल वितरण किया गया। इसके उपरान्त भाजपा के जिला कार्यालय में अटल जी के जीवन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अटल जी का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा। विपक्ष के लोग भी उनका हृदय से सम्मान करते थे। अटल जी 13 दिन 13 माह की सरकार में प्रधानमंत्री बने थे तब लोग कहते थे कि भाजपा को सरकार चलाना नहीं आता पर वह हमेशा कहते थे कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता में नेतृत्व की क्षमता है। आज पार्टी के साधारण कार्यकर्ता देश के बड़े-बड़े पदो पर निर्वाचित होकर पहुँचे और सफलतापूर्वक शासन को चला रहे है। आपने कहा हम सब को उनके जीवन से सीखते हुए राजनैतिक क्षेत्र में काम करना है।
भाजपा जिला अध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई अपनी राजनैतिक प्रतिबद्धता के लिये जाने जाते थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया था। श्री बाजपेई ने अपने जीवन की शुरूआत पत्रकार के रूप में प्रारंभ की थी। सन 1951 मेें भारतीय जनसंघ में शामिल होने के बाद उन्होने राजनैतिक क्षेत्र में काम किया। उन्होने अपने जीवन में विभिन्न विषयों पर कवितायेँ लिखी, वे एक अच्छे राजनेता होने के साथ -साथ एक अच्छे कवि भी थे। श्री बाजपेई को वर्ष 1994 में भारत का सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया था। भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, हमें अटल जी की जीवनी को पढ़ना चाहिए और उनके जीवन से सीखना चाहिए ताकि हम राजनैतिक क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम कर सकें।

इनकी रही उपस्थिति

संगोष्ठी में पूर्व जिला अध्यक्ष सतानंद गौतम ,पूर्व जिला महामंत्री द्वय विनोद तिवारी एडवोकेट, सुशील त्रिपाठी, निजाम खान, श्रीमति रूप नागायच ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्टी के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन विवेक मिश्रा द्वारा व आभार प्रदर्शन नगर मंण्डल अध्यक्ष राजेन्द्र कुशवाहा द्वारा किया गया।
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मसीह समाज का मानव जाति को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गोविंदपुरा चर्च में क्रिसमस समारोह को संबोधित किया।

* गोविंदपुरा चर्च में क्रिसमस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोपाल।(www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज गोविंदपुरा चर्च में आयोजित क्रिसमस कार्यक्रम में कहा कि मसीह समाज ने मानव जाति को जोड़ने और प्रेम तथा सहयोग की भावना को मजबूत बनाने में जो योगदान दिया है, उसे पूरी दुनिया याद रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया को शांति, भाईचारे और आपसी प्यार की जरूरत है। इसलिए यह जरूरी है कि हम प्रभु यीशु के मार्ग को अपनाएं और जाति, धर्म, भाषा तथा सीमाओं को लेकर जो विवाद हैं, उन्हें खत्म कर मनुष्य के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए काम करें।

सभी वर्गों के लोग मनाते हैं क्रिसमस

मुख्यमंत्री कमलनाथ का मसीह समाज ने गोविंदपुरा चर्च में आयोजित क्रिसमस समारोह में स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न धर्म ग्रंथों के समान बाईबल प्रभु यीशु द्वारा रचित एक ऐसा ग्रंथ है, जिसका लक्ष्य है कि सम्पूर्ण मानव जाति के बीच में एकता हो और समाज के सबसे अंतिम वर्ग के उत्थान के लिए सभी लोग एकजुट होकर काम करें। उन्होने कहा कि क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है, जो पूरी दुनिया में मनाया जाता है। हमारे देश में भी सिर्फ मसीह समाज नहीं, अन्य वर्गों के लोग भी अपनी शानदार भाईचारे की परम्परा का पालन करते हुए इस पर्व में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं बचपन से क्रिसमस के त्यौहार में शामिल होता रहा हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेल-जोल की यही संस्कृति हमारे देश और पूरी दुनिया को एक रखने के लिए जरूरी है।

जनकल्याण में सफलता की कामना

मुख्यमंत्री कमलनाथ का इस मौके पर मसीह समाज ने सम्मान किया। फादर अनिल मार्टिन ने मसीह समाज की ओर से प्रभु यीशु से कमल नाथ को गरीबों, किसानों, युवाओं और हर वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे काम में सफलता प्रदान करने की कामना की। इस मौके पर सुश्री शोभा ओझा थॉमस एवं बड़ी संख्या में मसीह समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आर्च बिशप से की मुलाकात

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आर्च बिशप डॉ. लियो कार्नेलियो से मुलाकात कर उन्हें क्रिसमस की बधाई दी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कोहेफिजा स्थित आर्च बिशप हाऊस पहुँचकर आर्च बिशप डॉ. लियो कार्नेलियो एसवीडी से मुलाकात कर उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केक काटा और आर्च बिशप को अपने हाथों से खिलाया। आर्च बिशप डॉ. लियो कार्नेलियो ने मुख्यमंत्री को प्रदेश और यहाँ के नागरिकों की भलाई के लिए किए जा रहे कामों के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर सुश्री शोभा ओझा थॉमस भी उपस्थित थीं।
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क्रिसमस पर्व : जीवन ज्योति और शांति देने जन्मे मानवता के रक्षक “प्रभु यीशु”, मसीही समाज के लोगों ने मनाई खुशियाँ

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क्रिसमस के उपलक्ष्य में रंगबिरंगी लाइटों से सजा पन्ना का संत जोसेफ कैथोलिक चर्च।

* क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य पर गिरजाघरों में हुई विशेष प्रार्थना

* हाथ मिलाकर और केक खिलाकर दी क्रिसमस की शुभकामनाएं

ईश्वर के अगाध प्रेम एवं मानवता का सन्देश देने वाला पर्व क्रिसमस शहर के दोनों चर्च में मध्य रात्रि परम्परा अनुसार धूमधाम के साथ मनाया गया। बुधवार रात्रि 12 बजे जब चर्च में बनी चरनी में प्रभु के पुत्र यीशु मसीह (जीसस क्राइस्ट) का जन्म हुआ तो  वहाँ मौजूद रहे मसीही समाज के लोग धन्यता का अनुभव करते हुए ख़ुशी से झूम उठे।
सतरंगी रोशनी से जगमगाता हुआ पन्ना का इवैंजलिकल चर्च।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के मसीही समाज द्वारा प्रभु यीशु के जन्मोत्सव क्रिसमस पर्व की तैयारी पिछले तीन सप्ताह से की जा रहीं थी। मंगलवार 24 दिसम्बर की शाम से ही शहर के संत जोसफ चर्च और इवेन्जाॅलिकल चर्च में मसीही समाज के लोग ईश्वर के पुत्र के जन्मोत्सव की खुशियां मनाने के लिए जुटने लगे थे। दोनों ही चर्च में प्रभु के भक्तों ने पूरे श्रृद्धाभाव से कैरोल सिंगिंग करके माहौल खुशनुमा बना दिया। प्रभु के जन्मोत्सव की खुशियों को लेकर भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। कड़ाके की सर्दी-शीट लहर के बावजूद इनका उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ, बल्कि प्रभु यीशु के जन्म की घड़ी जैसे-जैसे नजदीक आ रही थी, भक्तों का उत्साह भी उसी गति से बढ़ रहा था।
पन्ना के संत जोसेफ कैथोलिक चर्च के अंदर का दृश्य।
संत जोसेफ चर्च और सिविल लाईन काॅलोनी में स्थित इवैंजाॅलिकल चर्च में विशेष रूप से बनाई गई चरनी में मध्य रात्रि में ईश्वर के इकलौते पुत्र प्रभु यीशु ने जब जन्म लिया तो उनकी एक झलक पाने श्रृद्धालु उमड़ पड़े। इस आपार उत्सव के उपलक्ष्य में अपनी खुशी व्यक्त करते हुए भक्तों ने रंग-बिरंगी आतिशबाजी की। गिरजाघर मोमबत्तियाँ जलाईं साथ ही एक-दूसरे को केक खिलाकर और हाथ मिलाकर मेरी क्रिसमस कहते हुये क्रिसमस की बधाईयां दी। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर इवैंजलिकल चर्च पन्ना में पादरी रेव्ह. सालोमन थापा ने पवित्र बाइबिल का विशेष पाठ कराया गया। इस पावन उपलक्ष्य पर कैथोलिक चर्च में फादर एन्टोनी की अगुवाई में श्रृद्धालुओं द्वारा चर्च परिसर में कैण्डल मार्च भी निकाला गया।

बताया क्रिसमस का महत्व

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर इवैंजलिकल चर्च पन्ना में पादरी रेव्ह. सालोमन थापा ने पवित्र बाइबिल का विशेष पाठ कराया।
परमपिता परमेश्वर के पुत्र प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर संत जोसेफ चर्च में फादर एन्टोनी ने तथा इवेन्जाॅलिकल चर्च में फादर सालोमन थापा द्वारा विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई । इस अवसर पर उपस्थित श्रृद्धालुओं को क्रिसमस पर्व का महत्व और संदेश बताया गया। फादर एन्टोनी ने कहा कि ईश्वर ने संसार को इतना प्यार किया कि उसने उनके लिए अपने इकलौते पुत्र को अर्पित कर दिया, ताकि जो उनमें विश्वास करता है उनका सर्वनाश न हो बल्कि अनंत जीवन प्राप्त करें। ईश्वर ने मनुष्य बनकर हमारे बीच जन्म लिया जिसको क्रिसमस पर्व के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। ईश्वर ने मनुष्य को अपनी छाया एवं सदृश्य बनाया है। इसलिए हरेक मनुष्य ईश्वर का प्रतिबिंब है।
फादर एन्टोनी।
ईश्वर मनुष्य की महानता की घोषणा करता है, क्रिसमस मानवता का महत्व दर्शाता है। उन्होंने सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए कहा कि- “सर्वोच्च में ईश्वर की महिमा, पृथ्वी पर मानवों को शांति व शुभ आशा” यही क्रिसमस का संदेश है। फादर एन्टोनी ने कहा कि परमेश्वर के पुत्र जीसस क्राइस्ट के जन्म से दुनिया में शांति और सद्भावना का प्रसार होगा। जो लोग श्रद्धापूर्वक पूरे भक्तिभाव के साथ यीशु को याद करेंगे कष्ट दूर होंगे और उनके जीवन में अवश्य ही शांति आएगी।

विशेष प्रार्थना सभा आज

नगर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित इवैंजलिकल चर्च ऑफ इण्डिया के तत्वाधान में क्रिसमस के पावन उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन बुधवार 25 दिसम्बर 2019 को प्रातः 9ः30 बजे से किया गया है। ईसीआई चर्च पन्ना के पादरी रेव्ह. सालोमन थापा ने नगर के समस्त नागरिकों एवं मसीही समाज के लोगों से विशेष प्रार्थना सभा में शामिल होने की अपील की है। वहीं ईसीआई चर्च में मंगलवार की शाम को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर विशेष प्रार्थना की गई। जिसमेें बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग श्रद्धापूर्वक शामिल हुये।
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एक और तेंदुए की संदिग्ध मौत, बंद पड़ी पत्थर खदान के मलबे में मिला शव

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सरकोहा बीट के धुबयाई क्षेत्र में स्थित बंद पड़ी पत्थर खदान में मृत पड़ा नर तेंदुआ। फ़ाइल फोटो।

* उत्तर वन मण्डल पन्ना की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत सरकोहा बीट की घटना

* पन्ना जिले में पिछले दो साल में दर्जन भर तेंदुए मरे, जिसमें अधिकांश का हुआ शिकार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में तेंदुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां के उत्तर वन मण्डल की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत सरकोहा बीट में धुबयाई नामक स्थान पर  बंद पड़ी पत्थर खदान के मलबे में मंगलवार 24 दिसम्बर की सुबह एक नर तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृत तेंदुआ की उम्र लगभग 8 वर्ष बताई जा रही है। पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरकोहा ग्राम का धुबयाई नामक स्थान पन्ना टाईगर रिजर्व के बफर जोन की सीमा के नजदीक है। वर्तमान में यहां आसपास बड़ी तादाद में हीरे की वैध-अवैध खदानें संचालित हो रहीं है। जनचर्चा के अनुसार सुबह-सुबह हीरा खदान जाने वाले मजदूरों ने तेंदुए को मृत पड़ा हुआ देखा। कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फ़ैल गई। तेंदुए की मौत की भनक लगने पर उत्तर वन मण्डल के मैदानी वन कर्मचारी-अधिकारी मौके पर पहुँच गए। दोपहर होने तक डीएफओ मीना मिश्रा डॉग स्क्वॉड टीम के साथ मौके पर पहुँची और घटना स्थल का जायजा लिया। उनके द्वारा स्थानीय लोगों से घटना के संबंध पूंछतांछ की गई। तेंदुए के शिकार की आशंका के मद्देनजर पूरे इलाके की डॉग स्क्वॉड से गहन छानबीन कराई गई।
उप वन मण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार तेंदुए की मौत किसी अज्ञात बीमारी व भूख के कारण हुई है। आपने बताया कि पन्ना टाईगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव गुप्ता के द्वारा तेंदुआ के शव का पोस्टमार्टम किया गया है। उसके पेट में कुछ नहीं मिला। देखने से भी मृत नर तेंदुआ काफी कमजोर नजर आ रहा था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि बीमारी, भूख व कड़ाके की ठण्ड के कारण उसकी मौत हुई है। मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर आर.पी. राय भी मौके पर पहुँचे और उनकी मौजूदगी में ही मृत तेंदुये का दाह संस्कार किया गया। शव का पोस्टमार्टम करने वाले वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. एस.के. गुप्ता ने बताया कि मृत तेंदुये के शरीर में सभी मुख्य अवयव पूर्णतः सुरक्षित पाये गये हैं। जाँच के लिये इसके सेम्पल को अलग-अलग प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। इनकी रिपोर्ट आने पर ही तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत विगत दो वर्षों एक दर्जन से अधिक तेंदुओं की मौत के मामले सामने आए हैं। जिसमें अधिकाँश की मौत शिकार के कारण होना पाया गया। करीब दो माह पूर्व पन्ना जिले के दक्षिण वन मण्डल की शाहनगर रेन्ज अंतर्गत टिकरिया बीट में क्लिच वायर का फंदा लगाकर एक युवा तेंदुए का शिकार किया गया था। कथिततौर शाहनगर रेन्जर ने अपने स्तर पर इस घटना को दबाने का प्रयास किया था लेकिन स्थानीय मीडियाकर्मियों की सक्रियता के चलते तेंदुए के शिकार की घटना को दबाया नहीं जा सका। पन्ना जिले के संरक्षित एवं सामान्य वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं निगरानी में बरती जा रही घोर लापरवाही का दुष्परिणाम बड़े पैमाने पर लकड़ी की अवैध कटाई, अवैध उत्खनन, वन क्षेत्र में अतिक्रमण एवं बेजुबान वन्य जीवों के शिकार की तेजी से बढ़ती घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है। इन संवेदनशील मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर जबाबदेही का आभाव होने से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
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जागरूकता : सामग्री क्रय करने अथवा सेवा लेने पर उसका बिल-रशीद अवश्य लें, ठगी होने पर उपभोक्ता फोरम में दर्ज करा सकेंगे प्रकरण

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* राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर लोगों को दी गयी उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी

* ऑनलाइन शॉपिंग में बरतें सावधानी, लुभावने ऑफर दिखाकर ठगे जा रहे ग्राहक

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के उपलक्ष्य पर मंगलवार को पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में उपभोक्ताओं के हित संरक्षण में शासन द्वारा बनाए गए कानून एवं उपभोक्ताओं के अधिकारों के संबंध में चर्चा की गई। जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य उमेश पटेल ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह सभी लोग उपभोक्ता की श्रेणी में आते है जो किसी से सेवाएं भुगतान कर प्राप्त करते हैं अथवा कोई भी सामग्री क्रय करते हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश होते हैं। उपभोक्ता संरक्षण के लिए भारत में सर्वप्रथम उपभोक्ता अधिकार अधिनियम 1986 बनाया गया था। इसके उपरांत उपभोक्ता सेवाओं का क्षेत्र विस्तारित होने से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू है। इस अधिनियम के तहत सभी तरह की आधुनिक सेवाएं जो उपभोक्ता तकनीकी तरीके से प्राप्त करता है वे भी इसके दायरे में आ जाती हैं।

90 दिन में होगा प्रकरण का निराकरण

जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य उमेश पटेल ने बताया कि इस अधिनियम के तहत एक करोड़ रूपये तक के प्रकरणों की सुनवाई की जाती है। उपभोक्ता संबंधी प्रकरणों में 5 लाख रूपये तक के उपभोक्ता प्रकरणों में कोई भी न्यायालयीन शुल्क नहीं लगता। 5 लाख से 10 लाख रूपये तक 200 रूपये के साधारण शुल्क देने पर प्रकरण फोरम में दायर किया जा सकता है। उपभोक्ता फोरम में प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण 90 दिन के अन्दर किया जाता है। जिससे उपभोक्ता को शीघ्र न्याय मिल जाता है। इन प्रकरणों में एक वर्ष से तीन वर्ष तक के कारावास एवं अर्थदण्ड का प्रावधान है।

प्रभावी और व्यापक है नया अधिनियम

उपभोक्ता मामलों के अधिवक्ता राजेश निगम द्वारा उपभोक्ता अधिकारों के इतिहास एवं अधिनियमों के संबंध में जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम 1986 में 24 दिसंबर को यह अधिनियम पारित किया गया था। इस अधिनियम का दायरा बहुत छोटा और इसका सिद्धांत क्रेता सावधान रहें इस बात को प्रतिवादित करता था। इसके उपरांत उपभोक्ता हित संरक्षण के लिए नियम-2019 लागू किया गया। यह अधिनियम बहुत अधिक प्रभावी एवं विस्तृत है। जिसकी वर्तमान समय में आवश्यकता है। इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को किसी सेवा के लेने एवं सामग्री क्रय करते समय बिल जरूर लेना चाहिए। सेवा या सामग्री क्रय में किसी तरह की ठगी होने पर प्राप्त बिल या रसीद के द्वारा ही हम उपभोक्ता फोरम के प्रकरण दर्ज करा सकते हैं।

जन-जन तक पहुंचाएं जानकारी

इस अवसर पर विधि की छात्रा सुश्री आपूर्वा तिवारी एवं नितीश ने उपभोक्ता अधिनियम एवं सेवाओं के प्रकार की जानकारी देते हुए ई-कामर्स पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज कल लुभावने ऑफर दिखाकर ऑनलाइन सेवाओें द्वारा ग्राहकों को ठगा जा रहा है। इसलिए उपभोक्ता को ऑनलाइन खरीददारी करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी वर्तमान समय की आवश्यकता है। इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष कुशवाहा ने कहा कि हम सभी जानकार लोगों को आपस में इस अधिनियम की चर्चा करनी चाहिए जिससे धीरे-धीरे यह जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके।
आयोजित कार्यक्रम का संचालन आशीष बोस द्वारा किया गया। उन्होंने संचालन के दौरान उपभोक्ता फोरम के संबंध में जानकारी दी गयी। सम्पन्न हुए कार्यक्रम में उपस्थितों के प्रति आभार सहायक खाद्य अधिकारी श्री तिवारी द्वारा ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर कनिष्ठ खाद्य अधिकारी सुश्री सरिता अग्रवाल, पत्रकारगण, व्यवसायी एवं उपभोक्तागण उपस्थित रहे।
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पन्ना में टाईगर रिजर्व के बाद घड़ियाल सेंचुरी भी पुनः हुई आबाद, मुरैना से 25 घड़ियाल लाकर केन नदी में छोड़े गए

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केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो के मोहारी घाट में घड़ियालों को केन नदी में छोड़ते वनकर्मी।

* प्रजनन केन्द्र देवरी से लाए गए 20 मादा व 5 नर घड़ियाल

* कई वर्षों से केन घड़ियाल सेंचुरी में एक मात्र मादा घड़ियाल की रही मौजूदगी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्य प्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों के उजड़े हुए संसार को पुनः आबाद करने की ऐतिहासिक सफलता के बाद यहां की केन घड़ियाल सेंचुरी को पुनः आबाद करने का कार्यक्रम शुरू हो गया है। मुरैना जिले के देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केन्द्र से 25 घड़ियालों को लाकर केन नदी के मोहारी घाट में सुरक्षित तरीके से छोड़ा गया। इनमें 20 मादा व 5 नर घड़ियाल शामिल हैं। देशी और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहने वाली पन्ना टाईगर रिजर्व की केन घड़ियाल सेंचुरी में अब पर्यटक आसानी से घड़ियालों का दीदार कर सकेंगे।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खजुराहो के नजदीक स्थित रनेह फॉल एवं केन घड़ियाल सेंचुरी को देखने के लिए बड़ी तादाद में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से से यहां पर एक मात्र मादा घड़ियाल ही नजर आती रही है। नर घड़ियाल के आभाव में प्रजनन न होने से पन्ना की केन घड़ियाल सेंचुरी का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया था। पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए घड़ियाल सेंचुरी को पुनः आबाद करने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष के सतत प्रयास के फलस्वरूप मुरैना जिले के देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केन्द्र से 25 घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाबी मिली है। शनिवार 21 दिसम्बर को विशेषज्ञों की एक टीम 20 मादा व 5 नर घड़ियालों को लेकर पन्ना पहुँची, जिन्हें केन नदी के मोहारी घाट में सफलतापूर्वक छोड़ा गया।
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि यहाँ आने के बाद मुझे पता चला कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में सिर्फ एक मात्र मादा घड़ियाल की ही मौजूदगी है। सेंचुरी में घड़ियालों को पुनः बसाने के लिए प्लान तैयार कर मुरैना से घड़ियाल प्राप्त करने के प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष की मेहनत के बाद आखिरकार हम घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाब रहे। श्री भदौरिया ने कहा कि नर व मादा घड़ियाल पर्याप्त संख्या में मिल जाने से अब सूनी पड़ी केन घड़ियाल सेंचुरी भी आबाद हो गई है। आपने बताया कि शनिवार को केन घड़ियाल सेंचुरी के मोहारी घाट में मुरैना से प्राप्त घड़ियालों को रिलीज करने के लिये सभी अनुमतियां व आवश्यक तैयारियां पार्क प्रबन्धन द्वारा पूर्व से ही कर ली गई थीं। घड़ियालों के यहां आने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। अब इनकी सतत निगरानी की जा रही है।

इसलिए संकट में आए घड़ियाल

पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में आखिरी बार वर्ष 2007 में घड़ियाल लाकर छोड़े गए थे। महज 12 वर्ष में यहाँ पुनः घड़ियालों का वजूद खतरे में क्यों आया ? इस सवाल पर वे कहते हैं, केन नदी के दोनों किनारों पर रेत का आभाव होने तथा बारिश के मौसम नदी के तेज बहाव में घड़ियालों के बहकर उत्तर प्रदेश चले जाने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनी है। विदित हो कि घड़ियालों के प्रजनन हेतु नदी के दोनों किनारों पर पर्याप्त मात्रा में रेत होना आवश्यक है, क्योंकि घड़ियाल रेत में ही अपने अण्डे देते हैं। पिछले कुछ वर्षों से केन नदी के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने में रेत का वैध-अवैध खनन होने का दुष्परिणाम घड़ियालों के सदियों पुराने प्राकृतिक रहवास पर पड़ा है। नदी के बड़े क्षेत्र को रेत खनन के लिए मशीनों से जिस तरह खोखला किया गया उससे घड़ियालों के लिए हालात काफी मुश्किल हो गए। सूत्र बताते हैं, घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में भी चोरी-छिपे रेत का अवैध उत्खनन लम्बे समय तक जारी रहा। इस विनाशलीला के चलते घड़ियालों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया।

8-10 वर्ष बाद शुरू होगा प्रजनन

क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया ने केन नदी पर रेत के बड़े पैमाने पर होने वाले अवैध उत्खनन पर चिन्ता प्रकट करते हुये कहा कि केन नदी के किनारों पर रेत नहीं रह गई है। रेत के अभाव में घड़ियालों का लम्बे समय तक जीवित रह पाना बड़ा कठिन हो जाता है। केन घड़ियाल सेंचुरी,खजुराहो के आस-पास नदी के किनारों से रेत मिल ही नहीं रही, जो चिन्ता की बात है। केन घड़ियाल सेंचुरी में छोड़े गये घड़ियालों को अनुकूल व सुरक्षित परिस्थितियां मिलें, इसके लिये जरूरी उपाय किए जा रहे हैं, ताकि प्रजनन की प्रक्रिया बिना बाधा के जारी रहे। आपने बताया कि केन नदी में छोड़े गए घड़ियाल अभी दो से ढाई वर्ष की आयु के है। ये लगभग 8-10 वर्ष बाद प्रजनन के लिए तैयार हो जाएंगे। यानी घड़ियालों की नई पीढ़ी को आने में अभी काफी वक्त लगेगा।
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देश की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव : मंत्री डॉ. चौधरी

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बालरंग महोत्सव में सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति देतीं छात्राएं।

* बाल कलाकारों की सांस्कृतिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को आत्म-विभोर किया

* सांस्कृतिक नृत्य में सिक्किम प्रथम, हरियाणा द्वितीय और हिमाचल प्रदेश तृतीय स्थान पर रहा

भोपाल। (www.radarnews.in) स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि यह महोत्सव वास्तव में देश की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। इस विरासत के संवाहक हैं आज के बच्चे। महोत्सव इन बच्चों के लिये अपने-अपने क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक विशेषताओं तथा वेश-भूषा, कला, नृत्य, खान-पान आदि की विविधताओं को साझा करने का मंच है।

बच्चों द्वारा बनाए व्यंजनों का लिया स्वाद

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए।
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता भी बहुत जरूरी है। इससे बच्चे अनुशासन, आत्म-निर्भरता, प्रबंधन आदि सीखते हैं। डॉ. चौधरी ने समर्थ एवं लघु भारत प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा लगाई गई स्टीम शिक्षा पद्धति एवं उमंग मॉड्यूल की सराहना की। उन्होंने फूड जोन के विभिन्न स्टॉल्स में बच्चों द्वारा बनाए गए लज़ीज़ व्यंजनों का स्वाद लिया और प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा एवं आयुक्त लोक-शिक्षण जयश्री कियावत भी उपस्थित थीं।

बाल पत्रकारों ने लिया अतिथियों का इंटरव्यू

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
महोत्सव में सांस्कृतिक नृत्य में सिक्किम प्रथम, हरियाणा द्वितीय और हिमाचल प्रदेश तृतीय स्थान पर रहा। मध्यप्रदेश को प्रथम और छत्तीसगढ़ को द्वितीय सांत्वना पुरस्कार मिला। समर्थ एवं लघु भारत प्रदर्शनी, फूड जोन, क्रॉफ्ट आदि के पुरस्कार भी वितरित किये गए। बाल पत्रकारों ने सभी अतिथियों का इंटरव्यू लिया और उन्हे बाल-पत्र भेंट किया। बाल कलाकारों की प्रथम 5 सांस्कृतिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को आत्म-विभोर किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव में लघु भारत एवं समर्थ भारत प्रदर्शनी का अवलोकन किया
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