* मृतक जाहर प्रजापति की आरोपियों से जमीनी विवाद की चल रही थी रंजिश
पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ताला निवासी युवा किसान की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए शाहनगर पुलिस आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए अभियुक्तों ने पूंछतांछ में जाहर प्रजापति पिता किशोरी प्रजापति 35 वर्ष की हत्या जमीनी विवाद की रंजिश के चलते करने की बात कबूल की है। गिरफ्तार हत्यारोपी ग्राम ताला के ही रहने वाले हैं। जिनमें मुख्य आरोपी तीरथ प्रजापति पिता घनुआ प्रजापति 22 वर्ष, भागीरथ पिता घनुआ प्रजापति 37 वर्ष, जगन्नाथ पिता घनुआ प्रजापति 21 वर्ष, भगवत पिता फेरन प्रजापति 50 वर्ष, सियाशरण पिता भगवत प्रजापति 31 वर्ष एवं जीता प्रसाद पिता भगवत प्रजापति 26 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने हत्या की वारदात में प्रयुक्त रक्त रंजित कुल्हाड़ी को भी आरोपियों से जप्त कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि, जाहर प्रजापति पिता किशोरी प्रजापति 35 वर्ष निवासी ताला ने ठेके पर एक खेत लेकर उसमें बोबनी कराई थी। करीब एक माह पूर्व 23 नवंबर 2019 को जाहर अपनी फसल की रखवाली करने के लिए खेत में बनी झोपड़ी में सोया हुआ था तभी देर रत अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से प्रहार कर उसकी जघन्य हत्या कर दी थी। वारदात के समय युवा किसान जाहर प्रजापति रजाई ओढ़कर सोया था। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार इतने घातक प्रहार किए थे जिससे रजाई के अंदर जाहर प्रजापति के सिर और दाहिने कान में अत्यंत ही गंभीर चोटें आने से उसकी मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज अंधे क़त्ल की सूचना 24 नवंबर को हरि सिंह यादव पिता भगवानदास यादव 55 वर्ष निवासी ताला द्वारा शाहनगर थाना पुलिस को दी गई थी। फरियादी ने पुलिस को बताया था दूसरे दिन प्रात 7:00 बजे घटनास्थल पर उसने तीरथ प्रजापति को खड़ा देखा था, जो बाद में गुपचुप नदी की ओर चला गया था। हत्या की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए शाहनगर थाना पुलिस ने हरि सिंह यादव की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 260/19 धारा 302 भादंवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

अंधे क़त्ल की चुनौतीपूर्ण वारदात के खुलासे के लिए पन्ना पुलिस अधीक्षक द्वारा एक टीम गठित की गई। संदेह के आधार पर पुलिस ने जब तीरथ प्रजापति पिता धनवा प्रजापति 22 वर्ष निवासी ताला को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूंछतांछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसी आधार पर अन्य हत्यारोपियों भागीरथ पिता घनुआ प्रजापति 37 वर्ष, जगन्नाथ पिता घनुआ प्रजापति 21 वर्ष, भगवत पिता फेरन प्रजापति 50 वर्ष, सियाशरण पिता भगवत प्रजापति 31 वर्ष एवं जीता प्रसाद पिता भगवत प्रजापति 26 वर्ष को शुक्रवार 27 दिसम्बर को गिरफ्तार किया गया। शाहनगर थाना में पदस्थ एसआई ए. पी. सिंह बघेल ने अंधे क़त्ल के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों का मृतक जाहर प्रजापति व उसके परिवार से पुराना जमीनी संबंधी विवाद था, जिसकी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते उक्त आरोपियों ने जाहर प्रजापति के सिर में कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस प्रकरण में अपराधियों द्वारा घटना के पूर्व अपराधिक षड़यंत्र करके रात्रि के समय घटना को अंजाम दिया गया साथ ही साक्ष्य छिपाए गए। इसलिए प्रकरण में धारा 201,120 बी, 34 भारतीय दण्ड विधान के तहत धारा बढ़ाई गई है। ताला हत्याकाण्ड के खुलासे में पवई एसडीओपी बी.एस. परिहार, एसआई ए. पी. सिंह बघेल एवं उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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पन्ना जिले के गुनौर विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक शाला की स्थिति कुछ समय पूर्व तक अच्छी नहीं थी। स्थानीय युवाओं ने जब अव्यवस्थाओं के बीच छोटे बच्चों को पढ़ते हुए देखा तो मन में शाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का ख्याल आया। युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों ने इस दिशा में काम शुरू किया तो ग्रामीण ने भी इसमें आर्थिक सहयोग प्रदान किया। जन सहयोग से एकत्र हुए रुपए 10,000/- की राशि से शाला परिसर की साफ़-सफाई और भवन का रंग-रोगन कराया गया। शाला भवन की लाइट फिटिंग कराई गई। इसके अलावा शाला परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए सुगन्धित पुष्प वाले पौधों का रोपण किया गया।
युवा सामजसेवी संजय अहिरवार और उनके साथियों दिलीप, नीरज ,पुष्पेंद्र, अनिल, नरेश, रमेश, सनी, राम चरण, तुलसी, राजकुमार, रवि, मोनिका, वंदना, नीतू, आरती, सोनिका, रामकुमारी, काजल आदि कहना है कि गाँव की पाठशाला की व्यवस्थाएं जितनी बेहतर होंगी गाँव का भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। ये युवा शाला के शिक्षकों के साथ मिलकर शैक्षणिक व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। इनके द्वारा अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए अपने बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजने का संकल्प दिलाया गया। जनभागीदारी से शंकरगढ़ की नवीन प्राथमिक पाठशाला की रंगत बदलने से वहाँ पढ़ने वाले बच्चे काफी खुश हैं। अपने नौनिहालों के चेहरों पर खिली मुस्कान और पढ़ाई को लेकर उनकी लगन को देखकर अभिभावकों के आँखें बेहतर कल की उम्मीदों से रोशन हो रही हैं।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अटल जी का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा। विपक्ष के लोग भी उनका हृदय से सम्मान करते थे। अटल जी 13 दिन 13 माह की सरकार में प्रधानमंत्री बने थे तब लोग कहते थे कि भाजपा को सरकार चलाना नहीं आता पर वह हमेशा कहते थे कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता में नेतृत्व की क्षमता है। आज पार्टी के साधारण कार्यकर्ता देश के बड़े-बड़े पदो पर निर्वाचित होकर पहुँचे और सफलतापूर्वक शासन को चला रहे है। आपने कहा हम सब को उनके जीवन से सीखते हुए राजनैतिक क्षेत्र में काम करना है।
भाजपा जिला अध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई अपनी राजनैतिक प्रतिबद्धता के लिये जाने जाते थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया था। श्री बाजपेई ने अपने जीवन की शुरूआत पत्रकार के रूप में प्रारंभ की थी। सन 1951 मेें भारतीय जनसंघ में शामिल होने के बाद उन्होने राजनैतिक क्षेत्र में काम किया। उन्होने अपने जीवन में विभिन्न विषयों पर कवितायेँ लिखी, वे एक अच्छे राजनेता होने के साथ -साथ एक अच्छे कवि भी थे। श्री बाजपेई को वर्ष 1994 में भारत का सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया था। भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, हमें अटल जी की जीवनी को पढ़ना चाहिए और उनके जीवन से सीखना चाहिए ताकि हम राजनैतिक क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम कर सकें।
संगोष्ठी में पूर्व जिला अध्यक्ष सतानंद गौतम ,पूर्व जिला महामंत्री द्वय विनोद तिवारी एडवोकेट, सुशील त्रिपाठी, निजाम खान, श्रीमति रूप नागायच ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्टी के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन विवेक मिश्रा द्वारा व आभार प्रदर्शन नगर मंण्डल अध्यक्ष राजेन्द्र कुशवाहा द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री कमलनाथ का इस मौके पर मसीह समाज ने सम्मान किया। फादर अनिल मार्टिन ने मसीह समाज की ओर से प्रभु यीशु से कमल नाथ को गरीबों, किसानों, युवाओं और हर वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे काम में सफलता प्रदान करने की कामना की। इस मौके पर सुश्री शोभा ओझा थॉमस एवं बड़ी संख्या में मसीह समाज के लोग उपस्थित थे।





नगर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित इवैंजलिकल चर्च ऑफ इण्डिया के तत्वाधान में क्रिसमस के पावन उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन बुधवार 25 दिसम्बर 2019 को प्रातः 9ः30 बजे से किया गया है। ईसीआई चर्च पन्ना के पादरी रेव्ह. सालोमन थापा ने नगर के समस्त नागरिकों एवं मसीही समाज के लोगों से विशेष प्रार्थना सभा में शामिल होने की अपील की है। वहीं ईसीआई चर्च में मंगलवार की शाम को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर विशेष प्रार्थना की गई। जिसमेें बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग श्रद्धापूर्वक शामिल हुये।



विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खजुराहो के नजदीक स्थित रनेह फॉल एवं केन घड़ियाल सेंचुरी को देखने के लिए बड़ी तादाद में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से से यहां पर एक मात्र मादा घड़ियाल ही नजर आती रही है। नर घड़ियाल के आभाव में प्रजनन न होने से पन्ना की केन घड़ियाल सेंचुरी का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया था। पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए घड़ियाल सेंचुरी को पुनः आबाद करने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष के सतत प्रयास के फलस्वरूप मुरैना जिले के देवरी स्थित घड़ियाल प्रजनन केन्द्र से 25 घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाबी मिली है। शनिवार 21 दिसम्बर को विशेषज्ञों की एक टीम 20 मादा व 5 नर घड़ियालों को लेकर पन्ना पहुँची, जिन्हें केन नदी के मोहारी घाट में सफलतापूर्वक छोड़ा गया।
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि यहाँ आने के बाद मुझे पता चला कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में सिर्फ एक मात्र मादा घड़ियाल की ही मौजूदगी है। सेंचुरी में घड़ियालों को पुनः बसाने के लिए प्लान तैयार कर मुरैना से घड़ियाल प्राप्त करने के प्रयास शुरू किए गए। करीब एक वर्ष की मेहनत के बाद आखिरकार हम घड़ियाल प्राप्त करने में कामयाब रहे। श्री भदौरिया ने कहा कि नर व मादा घड़ियाल पर्याप्त संख्या में मिल जाने से अब सूनी पड़ी केन घड़ियाल सेंचुरी भी आबाद हो गई है। आपने बताया कि शनिवार को केन घड़ियाल सेंचुरी के मोहारी घाट में मुरैना से प्राप्त घड़ियालों को रिलीज करने के लिये सभी अनुमतियां व आवश्यक तैयारियां पार्क प्रबन्धन द्वारा पूर्व से ही कर ली गई थीं। घड़ियालों के यहां आने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। अब इनकी सतत निगरानी की जा रही है।
पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बताया कि केन घड़ियाल सेंचुरी, खजुराहो में आखिरी बार वर्ष 2007 में घड़ियाल लाकर छोड़े गए थे। महज 12 वर्ष में यहाँ पुनः घड़ियालों का वजूद खतरे में क्यों आया ? इस सवाल पर वे कहते हैं, केन नदी के दोनों किनारों पर रेत का आभाव होने तथा बारिश के मौसम नदी के तेज बहाव में घड़ियालों के बहकर उत्तर प्रदेश चले जाने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनी है। विदित हो कि घड़ियालों के प्रजनन हेतु नदी के दोनों किनारों पर पर्याप्त मात्रा में रेत होना आवश्यक है, क्योंकि घड़ियाल रेत में ही अपने अण्डे देते हैं। पिछले कुछ वर्षों से केन नदी के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने में रेत का वैध-अवैध खनन होने का दुष्परिणाम घड़ियालों के सदियों पुराने प्राकृतिक रहवास पर पड़ा है। नदी के बड़े क्षेत्र को रेत खनन के लिए मशीनों से जिस तरह खोखला किया गया उससे घड़ियालों के लिए हालात काफी मुश्किल हो गए। सूत्र बताते हैं, घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में भी चोरी-छिपे रेत का अवैध उत्खनन लम्बे समय तक जारी रहा। इस विनाशलीला के चलते घड़ियालों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुँच गया।
क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया ने केन नदी पर रेत के बड़े पैमाने पर होने वाले अवैध उत्खनन पर चिन्ता प्रकट करते हुये कहा कि केन नदी के किनारों पर रेत नहीं रह गई है। रेत के अभाव में घड़ियालों का लम्बे समय तक जीवित रह पाना बड़ा कठिन हो जाता है। केन घड़ियाल सेंचुरी,खजुराहो के आस-पास नदी के किनारों से रेत मिल ही नहीं रही, जो चिन्ता की बात है। केन घड़ियाल सेंचुरी में छोड़े गये घड़ियालों को अनुकूल व सुरक्षित परिस्थितियां मिलें, इसके लिये जरूरी उपाय किए जा रहे हैं, ताकि प्रजनन की प्रक्रिया बिना बाधा के जारी रहे। आपने बताया कि केन नदी में छोड़े गए घड़ियाल अभी दो से ढाई वर्ष की आयु के है। ये लगभग 8-10 वर्ष बाद प्रजनन के लिए तैयार हो जाएंगे। यानी घड़ियालों की नई पीढ़ी को आने में अभी काफी वक्त लगेगा।



