केन नदी में मशीनों से होने वाले रेत खनन का फाइल फोटो।
* लापरवाही के चलते एक जब्तशुदा ट्रैक्टर-ट्राली को लेकर भाग निकला चालक
* सिफारिश और सेटिंग के चलते कई ट्रैक्टर-ट्रालियों को छोड़ने के लग रहे आरोप
* रेत के खेल में शामिल नेता, अफसर, पुलिस, जनप्रतिनिधि, माफिया और तथाकथित पत्रकार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बुंदेलखंड का बेल्लारी कहलाने वाले पन्ना जिले में पिछले कई वर्षों से बहुमूल्य खनिज संसाधनों का चौतरफा अनियंत्रित दोहन लागातर जारी है। रेत-पत्थर और हीरे के लिए खनन माफिया नदियों-पहाड़ों और जंगलों को खोखला कर रहे हैं। प्रशासनिक संरक्षण में बर्बादी का यह खेल बेलगाम तरीके से चल रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने पर इसमें प्रभावी अंकुश लगने की बड़ी-बड़ी बातें की गईं लेकिन मौजूदा हालात के मद्देनजर यह खोखली और बेमानीं साबित हो रहीं है। अंतर सिर्फ इतना है कि शिवराज सरकार में पन्ना जिले में व्यवस्थित तरीके से खनन माफिया राज कायम हो चुका था जबकि वर्तमान कमलनाथ सरकार में शुरूआती सख्ती के बाद यहाँ रेत-पत्थर और हीरे की बेतहाशा लूट-खसोट का सिलसिला शुरू हो गया है। इसमें भी रेत का अवैध उत्खनन-परिवहन सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में है। नई रेत नीति के तहत नीलाम होने वाली खदानों के शुरू होने के पहले पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में रेती की खेती से नोट छापने का गोरखधंधा जोरशोर से चल पड़ा है। इसमें प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नेताओं, माफियाओं और तथाकथित पत्रकारों के शामिल होने की चर्चाएं आम हैं।
पन्ना की इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित होमगार्ड के मैदान में खड़े रेत से लोड जब्तशुदा ट्रेक्टर-ट्राली।
पंचायतों की खदानों को अघोषित तौर पर माफियाओं को ठेके पर दिए जाने और केन समेत इसकी सहायक नदियों पर अन्तर्राज्जीय सीमावर्ती इलाके में कई किलोमीटर क्षेत्र दर्जनों अवैध रेत खदानों के संचालन से हाहाकार मचा है। प्रतिबंधित दैत्याकार मशीनों से रेत का खनन कर माफिया नदियों का सीना और कोख छलनी कर रहे हैं। संगीनों के साए में चल रही रेत माफिया की लूट से प्रभावित ग्रामीण इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। समाचार पत्रों में भी अवैध रेत खनन-परिवहन से जुड़ीं तथ्यपरक ख़बरें लगातार प्रमुखता से प्रकाशित हो रहीं हैं। इससे बन रहे सत्ता विरोधी माहौल को देखते हुए कांग्रेस के नेता रेत की लूट के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर भ्रष्ट अफसरों और रेत माफियाओं के नापाक गठबंधन पर निहित स्वार्थपूर्ती के लिए प्रदेश सरकार को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। परिणाम स्वरूप इससे बने दबाब के चलते जिगनी एवं फरस्वाहा पंचायत की रेत खदानों को नोटिस जारी करने, अवैध खनन करते हुए दो मशीनें को जब्त करने और बिना पिटपास के रेत परिवहन करते हुए ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ने का दिखावा शुरू हो गया है।
क्षमता से अधिक रेत परिवहन करते डम्फर।
सफ़ेद रेत की काली कमाई खाने वाले कतिपय अफसर इन हल्की-फुल्की कार्रवाइयों के जरिए खुद को पाक-साफ़ दिखाने की कवायद कर लोगों की आँखों में रेत झोंक रहे हैं। भारी मात्रा में रेत के अवैध खनन-परिवहन को लेकर हंगामा बरपा होने के बीच शनिवार को पन्ना के खनिज विभाग के अधिकारियों ने 6 घंटे की कार्रवाई में 9 ट्रेक्टर-ट्राली पकड़ी हैं। ये सभी रोज की तरह बिना पिटपास के धड़ल्ले से रेत का अवैध परिवहन कर रहे थे। बेमन से की गई इस कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि होमगार्ड के मैदान में खड़े जब्त शुदा ट्रैक्टर-ट्राली क्रमाँक- एमपी-35-एए-7240 को लेकर उसका चालक मुकेश पाल मौके से भाग निकला। यह हद दर्जे की लापरवाही नहीं तो और क्या है। विचारणीय प्रश्न यह है, ट्रैक्टर-ट्राली क्या रॉकेट से भी तेज भागा या फिर अंतरिक्ष में कहीं गायब हो गया जो उसे पुनः पकड़ा नहीं जा सका। इस घटनाक्रम से रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने को लेकर प्रशासन की इच्छाशक्ति का पता चलता है। इस मामले में लापरवाह अफसरों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा यह देखना महत्पूर्ण होगा।
कार्रवाई में पक्षपात के लगे आरोप
जिला खनिज अधिकारी आर.के. पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर रेत का अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टर-ट्राली के खिलाफ शनिवार 14 दिसंबर की सुबह 6 से लेकर दोपहर 12 बजे तक पन्ना के आसपास जांच अभियान चलाकर बगैर पिटपास के रेत परिवहन करते 9 ट्रेक्टर-ट्राली पकड़े गए। सभी को पन्ना के होमगार्ड के मैदान में रखवाया गया था। हमारी टीम जब अन्य वाहनों की जाँच के लिए रवाना हो गई तो मौक़ा पाकर ट्रैक्टर-ट्राली क्रमाँक- एमपी-35-एए-7240 को लेकर उसका चालक मुकेश पाल और मालिक रामहित मिश्रा भाग निकले। खनिज अधिकारी ने बताया कि इसकी लिखित सूचना कोतवाली थाना एवं अजयगढ़ थाना पुलिस को भेजी जा रही है। अन्य जब्त ट्रैक्टर-ट्राली की जाँच उपरान्त नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही गई।
उल्लेखनीय है कि खनिज विभाग की टीम पर ट्रेक्टर-ट्राली की धरपकड़ में भेदभाव करने के आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तीखी आलोचना हो रही है। व्हाट्सएप ग्रुपों में आई पोस्ट के अनुसार बगैर पिटपास के ही रेत परिवहन करते हुए पकड़े गए कुछ ट्रैक्टर-ट्राली को सिफारशी फोन आने के बाद खनिज अधिकारियों ने छोड़ दिया। बाद में जब इस पर सवाल उठने शुरू हुए तो खनिज अधिकारी बहानेबाजी करने लगे। हलाँकि मामले को तूल पकड़ते देख उन्होंने दबी जुबान अपनी गलती स्वीकार कर ली। विचारणीय प्रश्न यह है कि ऐसे अफसरों के रहते हुए क्या रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लग पायेगा, जोकि मुँह देखकर लूट की छूट दे रहे हैं।
अजयगढ़ के नजदीक सिंहपुर घाटी के मोड़ पर घायल अवस्था में पड़े बाइक सवार युवकों को देखते हुए पुलिसकर्मी।
* अजयगढ़-पन्ना मार्ग पर सिंहपुर घाटी में हुआ हादसा
* इलाज के लिए पन्ना लाते समय रास्ते में हुई नवयुवक की मौत
पन्ना/अजयगढ़ (www.radarnews.in) शराब पीकर बाइक चला रहे एक नवयुवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जबकि बाइक में सवार रहे उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा अजयगढ़ से महज दो किलोमीटर दूर पन्ना मार्ग पर सिंहपुर घाटी के पहले मोड़ पर तेज रफ़्तार बाइक के अनियंत्रित होने से सड़क पर गिरने के कारण हुआ। मृतक की पहचान राघवेंद्र कोंदर पुत्र मोतीलाल कोंदर 18 वर्ष निवासी ग्राम हनमतपुर टौरिया थाना अजयगढ़ जिला पन्ना के रूप में हुई है। घायलों में इसी गाँव के सीताराम कोंदर पुत्र दुर्जन कोंदर 30 वर्ष एवं जीतेन्द्र कोंदर पुत्र लक्ष्मण कोंदर शामिल हैं। हादसे के समय तीनों युवकों ने शराब पी राखी थी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में घायलों का इलाज करते चिकित्सक।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक मोतीलाल कोंदर का पुत्र राघवेंद्र कोंदर 18 वर्ष निवासी ग्राम हनमतपुर टौरिया पिछले दो दिनों से अपने घर नहीं पहुंचा था। शराब पीने के आदी राघवेन्द्र को लेकर उसके परिजन काफी चिंतित थे। इस बीच शुक्रवार 13 दिसंबर को दोपहर करीब 1 परिजनों को सूचना मिली कि अजयगढ़ के समीप राघवेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। आनन-फानन परिजन अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे जहाँ राघवेन्द्र और उसके घायल साथियों का प्राथमिक उपचार चल रहा था। दुर्घटना के संबंध में परिजनों ने जब पूँछतांछ की तो उन्हें पता चला कि सीताराम कोंदर की बाइक से राघवेन्द्र, जीतेन्द्र कोंदर और सीताराम कोंदर दोपहर करीब 12 बजे पन्ना की ओर जा रहे थे। शराब के नशे में धुत राघवेन्द्र कोंदर बाइक को काफी तेज गति से लापरवाही पूर्वक चला रहा था जबकि उसके दोनों साथी पीछे बैठे थे। जैसे ही ये लोग सिंहपुर घाटी के पहले मोड़ पर पहुँचे तभी अचानक बाइक के अनियंत्रित होने से तीनों सड़क पर धड़ाम से गिर गए।
लहूलुहान हालत में तीनों को पुलिस और राहगीरों की मदद से इलाज के लिए अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। जहाँ राघवेन्द्र कोंदर 18 वर्ष के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसकी नाजुक हालत को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर कर दिया। राघवेन्द्र को अचेत अवस्था में पन्ना लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दोपहर करीब 2 बजे परिजन जब उसे लेकर जिला चिकित्सालय पन्ना पहुंचे तो यहाँ ड्यूटी डॉक्टर ने परीक्षण करने के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में घायल सीताराम कोंदर का दाहिना पैर टूट गया जबकि जीतेन्द्र कोंदर की नाक में चोट आई है। हादसे के समय उक्त दोनों घायल भी शराब के नशे में चूर थे। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें भी अजयगढ़ से पन्ना के लिए रेफर कर दिया गया।
पत्रकारों को अंधे क़त्ल के खुलासे की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी एवं पीछे खड़े तीनो हत्यारोपी।
* पन्ना के लखनपुर सेहा में हुए अंधे क़त्ल का खुलासा
* अवैध संबंधों के चलते की गई संतोष कुशवाहा की हत्या
* आरोपी इन्द्रकुमार की पत्नी से थे मृतक संतोष के अवैध संबंध
* विवाह के पूर्व से थी पहचान इसलिए शादी के बाद भी संतोष करता था परेशान
* गर्लफ्रेंड और पत्नी के साथ मिलकर इन्द्र कुमार ने बनाया था हत्या का प्लान
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनपुर सेहा जंगल के नकटा नाला में 7 दिसंबर को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। मृतक की पहचान संतोष कुशवाहा निवासी कछियाना मोहल्ला अजयगढ़ के रूप हुई थी। गुरुवार को पन्ना पुलिस ने उसके अंधे क़त्ल का खुलासा करने का दावा करते हुए इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मृतक संतोष कुशवाहा की पूर्व प्रेमिका, उसका पति इन्द्र कुमार कुशवाहा और पति की गर्लफ्रेंड शामिल है। चुनौतीपूर्ण अंधे क़त्ल का पाँच दिन में खुलासा करते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि संतोष कुशवाहा की हत्या प्रेम त्रिकोण के चलते सुनियोजित तरीके से की गई थी।
आपने जानकारी देते हुए बताया कि अजयगढ़ के लापता युवक संतोष कुशवाहा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लखनपुर सेहा जंगल के नकटा नाला में चट्टानों के पास मिलने पर पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया था। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा घटना स्थल के निरीक्षण में मामला हत्या का पाए जाने पर कोतवाली थाना में ही अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमाँक 819/19 धारा 302,201 भादवि का प्रकरण कायम कर विवेचना मे लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उनके द्वारा अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाने एवं उनकी धरपकड़ के लिए कोतवाली थाना प्रभारी एवं निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।
कड़ाई से पूँछतांछ करने पर कबूला जुर्म
लखनपुर सेहा में मृत मिला अजयगढ़ क़स्बा का कछियाना मोहल्ला निवासी युवक संतोष कुशवाहा।फाइल फोटो।
पुलिस के साइबर सेल के सहयोग एवं मुखबिर से जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक संतोष कुशवाहा घटना दिनांक 6 दिसंबर को दहलान चौकी निवासी इन्दु उर्फ इन्द्र कुमार कुशवाहा के घर के आसपास देखा गया है। पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना को आधार मानते हुये इन्द्र कुमार कुशवाहा को पूँछताछ हेतु थाना लाया गया। पूँछताछ में इन्द्र कुमार ने बताया कि वह शाहनगर में रहकर सेफ शॉप नाम की कंपनी मे काम करता है। उसके साथ उसकी पत्नी सुशीला कुशवाहा एवं पूजा यादव 18 वर्ष निवासी इटवांकला भी इसी कंपनी मे काम करती है।
कड़ाई से पूँछताछ करने पर इन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि उसकी पत्नी का मायका अजयगढ़ में रिपटा के पास स्थित है। मेरी पत्नी शादी के पूर्व से मृतक संतोष कुशवाहा निवासी अजयगढ़ को जानती थी। संतोष के साथ पत्नी के अवैध संबंध थे, इस बात की जानकारी मुझे कुछ समय पहले पता चली थी। पत्नी से पूँछने पर उसने बताया कि शादी के पूर्व मेरी संतोष से जान-पहचान थी उसी को लेकर संतोष मुझे शादी के बाद भी परेशान कर रहा है । पुलिस के अनुसार तब इंद्र कुमार ने अपनी सहकर्मी एवं गर्लफ्रेंड पूजा यादव व अपनी पत्नी सुशीला के साथ मिलकर संतोष को जान से मारने का शाहनगर में प्लान बनाया गया। इसे अंजाम देने के लिए दिनाँक 5 दिसंबर 2019 को तीनों लोग ग्राम दहलान चौकी आए।
दुपट्टा से गला दबाकर की थी हत्या
लखनपुर सेहा में पड़े संतोष के शव को देखते लोग। फाइल फोटो।
प्लान के मुताबिक़ इन्द्र कुमार ने रात में पत्नी से फोन करवाकर संतोष कुशवाहा को मिलने के बहाने कौंड़िया बाबा के स्थान पर बुलाया गया। अगले दिन 6 दिसंबर को संतोष कुशवाहा जब अपनी पूर्व प्रेमिका सुशीला से मिलने जंगल में पहुंचा तो वहाँ झाड़ियों में पहले से छिपे इन्द्र कुमार और पूजा यादव ने सुशीला के साथ मिलकर दुपट्टे से संतोष कुशवाहा का गला दबाकर उसे मार डाला। तीनों ने लाश को लखनपुर सेहा नकटा नाला में गहरी खाई मे फेंक दिया जो चट्टान पर जाकर गिरी थी। सुनियोजित तरीके से हत्याकण्ड को अंजाम देने के बाद तीनों लोग वापिस शाहनगर चले गए थे। पुलिस के समक्ष पूंछतांछ में इंद्रकुमार एवं दोनों महिला आरोपियों के द्वारा अपना जुर्म कबूल करने आधार पर इन्द्र कुमार कुशवाहा पिता बालाप्रसाद कुशवाहा 26 वर्ष निवासी दहलान चौकी उसकी पत्नी सुशाली कुशवाहा उम्र 25 वर्ष एवं पूजा यादव पिता रन्जोर सिंह यादव 18 वर्ष निवासी इटवांकला चौकी बराछ सभी निवासी जिला पन्ना को गुरुवार 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया है।
बताते चलें कि मृतक संतोष कुशवाहा भी विवाहित था। उसके और आरोपी इन्द्र कुमार के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। आज जब इन्द्र कुमार और उसकी पत्नी सुशीला को गिरफ्तार किया गया तो उसकी गोद एक मासूम बेटी थी। जिसे देखकर कतिपय संवेदनशील लोग बच्चों के भविष्य के बारे में सोचकर चिंतित हो उठे और कहने लगे कि माँ-बाप के अपराध की सजा निर्दोष मासूम बच्चों को बेबजह भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की घोषणा
उल्लेखनीय है कि संतोष कुशवाहा की अंधी हत्या के सनसनीखेज प्रकरण का तत्परता से खुलासा करते हुए इसमें शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को पन्ना कोतवाली थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण सफलता के रुप में देखा जा रहा है। जिसमें थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर, चौकी प्रभारी सिविल लाइन उप निरीक्षक कृष्णा मावई, उप निरीक्षक एम. एल. यादव, उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पाण्डेय, शिवेन्द्र सिंह, अशोक शर्मा, हाकिम सिंह, आरक्षक दुलीचन्द जैन, बीरेन्द्र कुमार, लक्ष्मी यादव, राजेश सिंह, रामपाल बागरी, सतेन्द्र बागरी, राजीव मिश्रा, शोभाराम, प्रदीप पाण्डेय, राकेश सोनी, ब्रह्मदत्त शुक्ला, महिला आरक्षक सीतू सिंह, निधी सिंह, उर्मिला, मीना, चालक सुनील मिश्रा, रवि खरे एवं साइबर सेल आरक्षक नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द सिह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी ने उक्त पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है।
पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में ज्ञापन सौंपने के लिए खड़े तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी।
* एक-दूसरे के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर जाँच एवं कार्रवाई की कर रहे माँग
* उत्तर-दक्षिण वन मण्डल कार्यालयों में बुधवार को रहा अघोषित अवकाश
* ज्ञापन सौंपने के लिए अधिकारी-कर्मचारी कई घंटे तक कार्यालय से रहे नदारत
* दक्षिण वन मंडल के अफसरों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया झूठा और निराधार
* पूर्व में वन कर्मचारी संघ एवं रेंजर एसोसिएशन ने विभगीय अफसरों पर लगाए थे संगीन आरोप
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के वन विभाग में व्याप्त अराजकता के बीच यहाँ ज्ञापन पॉलिटिक्स के चलते आपसी घममसान तेज हो गया है। जिसके चलते वन कर्मचारियों के साथ-साथ जिले के अन्य कर्मचारी संगठन भी दो धड़ों में बंट गए हैं। कुछ समय पूर्व वन कर्मचारी संघ जिला शाखा पन्ना के अध्यक्ष महीप कुमार रावत एवं रेंजर एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष राम सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से पन्ना के दक्षिण वन मण्डल में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं व्याप्त होने एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा वनकर्मियों को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्यारह सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया था। ज्ञापन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर दक्षिण वन मण्डल की डीएफओ मीना मिश्रा, उप वनमण्डलाधिकारी कल्दा हेमन्त यादव, उप वनमण्डलाधिकारी पवई राम कुमार अवधिया एवं मुख्य लिपिक बी.पी. परौहा की जाँच कराने और इन्हें पन्ना से स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। इससे मचे हड़कंप की प्रतिक्रिया स्वरूप आज तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बैनर तले कतिपय वनकर्मियों द्वारा जवाबी ज्ञापन सौंपा गया। मजेदार बात यह है कि जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं वही लोग इसका नेतृत्व करते नजर आए।
फाइल फोटो।
वन विभाग के अधिकारियों के पक्ष में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम के चलते बुधवार 11 दिसंबर को पन्ना के दक्षिण वन मण्डल एवं उत्तर वन मण्डल में अघोषित तौर पर अवकाश की स्थिति देखी गई। दोपहर लगभग 12 बजे से लेकर 3:30 बजे तक इन दोनों ही कार्यालयों के सभी कक्षों में टेबिल-कुर्सियाँ खाली होने से सन्नाटा पसरा रहा। अपवाद स्वररूप एक-दो कर्मचारियों को छोड़कर शत-प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय से नदारद थे। इसकी भनक लगने पर मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुँचकर दोनों कार्यालयों का आँखों देखा हाल अपने कैमरों में कैद कर लिया। दक्षिण वन मण्डल कार्यालय में उपस्थित मिले वनरक्षक रमेश साहू ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सभी कर्मचारी ज्ञापन सौंपने गए हैं। उत्तर वन मण्डल में मुख्य लिपिक और एक स्थाईकर्मी उपस्थित मिला। स्थाईकर्मी ने भी सच्चाई बयां करते हुए बताया कि सभी कर्मचारी ज्ञापन देने गए हैं।
दक्षिण वन मण्डल कार्यालय में ऑफिस टाइम पर खाली पड़ीं कर्मचारियों टेबिल-कुर्सी।
यहां अहम सवाल यह है, क्या सभी अनुपस्थित वन कर्मचारी-अधिकारी अवकाश लेकर ज्ञापन सौंपने गए थे। कहीं ऐसा तो नहीं, चूँकि ज्ञापन अफसरों के पक्ष में दिया गया और वे स्वयं भी इसमें शामिल रहे इसलिए कार्यालयीन समय में कार्यालय एवं फील्ड ड्यूटी से गायब रहे कर्मचारियों को इसके लिए विशेष छूट दी गई। कथित तौर ज्ञापन में भीड़ जोड़ने के के लिए दक्षिण वन मण्डल के सभी वन परिक्षेत्र कार्यालयों से एवं उत्तर वन मण्डल के कुछेक वन परिक्षेत्रों से भी फील्ड स्टॉफ एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को सादे कपड़ों में बुलाया गया था। इतना ही नहीं उप वन मंडलाधिकारी कल्दा के कार्यालय में एक विभागीय जाँच के सिलसिले में बतौर अभियोजन साक्ष्य हेतु अपने कथन दर्ज कराने पन्ना आए आधा दर्जन वनकर्मी भी ज्ञापन सौंपने वाली भीड़ में शामिल थे। इससे साफ़ जाहिर है, अघोषित अवकाश की स्थिति वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मूक सहमति के चलते ही रही है।
मीडियाकर्मियों से बात करते एसडीओ फारेस्ट हेमन्त यादव एवं चित्र बाईं और खड़े एसडीओ रामकुमार अवधिया।
पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट भवन में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ का ज्ञापन सौंपने के पश्चात इसी संगठन के लेटर पैड पर मुख्यमंत्री के नाम वन विभाग से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उप वनमण्डलाधिकारी कल्दा हेमन्त यादव से उत्तर वन मण्डल एवं दक्षिण वन मण्डल कार्यालय से कर्मचारियों के गैरहाजिर होने का सवाल पूँछा तो उन्होंने बचाव करते हुए अपने जबाब में कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी लंच की छुट्टी में यहाँ आए हैं। एसडीओ की इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी तस्दीक पन्ना के जयस्तंभ पार्क से लेकर कलेक्ट्रट तक और उनके कार्यालयों में लगे सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज से की जा सकती है। इससे पता चल जाएगा कि लंच की छुट्टी की आड़ में वन कर्मचारी-अधिकारी मनमाने तरीके से कितने घंटे तक कार्यालय से गायब रहे।
विभाग की छवि कर रहे धूमिल
मुक्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी नेता।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ पन्ना के तत्वाधन में सौंपे गए वन विभाग से संबंधित ज्ञापन में दक्षिण वन मंडल की डीएफओ मीना मिश्रा, दोनों एसडीओ हेमन्त यादव, राम कुमार अवधिया एवं मुख्य लिपिक बी.पी. परौहा पर लगे फर्जीवाड़े के आरोपों को पूर्णतः झूठा और निराधार बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि वन कर्मचारी संघ शाखा पन्ना के अध्यक्ष अध्यक्ष महीप कुमार रावत एवं पन्ना जिले से स्थानांतरित हो चुके रेंजर शिशुपाल अहिरवार मीडियाकर्मियों से मिलकर अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ झूठी ख़बरें प्रकशित कराते हैं। उक्त दोनों लोग अपने कर्तव्य से अनुपस्थित रहकर पन्ना में विभाग की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं। विभाग के विरुद्ध प्रकशित होने वाली ख़बरों को इनके द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है। दिनांक 27 नवम्बर को वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध झूठा ज्ञापन सौंपने की जांच कराकर महीप कुमार रावत, रेंजर शिशुपाल अहिरवार, रेंजर राम सिंह पटेल, रेंजर इंद्र सिंह धाकड़ के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई है।
दो धड़ों में बंटे कर्मचारी संगठन
दक्षिण वन मण्डल के अधिकारियों के कारनामों की जाँच की मांग को लेकर पूर्व में वन कर्मचारी संघ एवं रेंजर एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपा था।
पन्ना जिले के वन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच शुरू जंग में जहां वन कर्मचारी दो धड़ों में बंट गए हैं वहीं अन्य कर्मचारी संघ भी साफ़ तौर पर इन दो खेमों में बंट चुके हैं। मालूम हो कि तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा प्रांतीय आव्हान पर बुधवार को अपनी मांगों को लेकर दूसरे चरण के कार्यक्रम के तहत ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन इस कार्यक्रम से अन्य कर्मचारी संघों के अधिकाँश अध्यक्षों ने शायद इसलिए दूरी बना ली क्योंकि इस ज्ञापन के पश्चात पृथक से वन विभाग से संबंधित ज्ञापन वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष और रेंजर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ सौंपा जाना था। वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत को मंगलवार शाम को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने न सिर्फ दूसरे कर्मचारी संघ अध्यक्षों से बात कर पूरे विवाद पर वस्तुस्थिति स्पष्ट की बल्कि अधिकाँश वनकर्मियों को भी इससे दूर रखने में वे काफी हद तक सफल रहे। हालाँकि अभी हाल ही में काष्ठागार पन्ना में पदस्थ जिन 33 अतिरिक्त मैदानी वनकर्मियों के डीएफओ एवं एसडीओ कार्यालय में वर्षों से अटैच होने का मुद्दा जोरशोर से उछला था वे सभी वनकर्मी आज ज्ञापन सौंपने के दौरान विभागीय अफसरों के पक्ष में मुस्तैदी से खड़े नजर आए।
* होशंगाबाद जिले की रेत खदानें सर्वाधिक 217 करोड़ में हुईं नीलाम
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई नई रेत खनन नीति के तहत हुई रेत खदानों की ई-नीलामी से इस कारोबार में नई कंपनियों की एन्ट्री हुई है। तेलंगाना और उत्तर प्रदेश की कंपनियों ने सर्वोच्च बोली लगाकर अधिकाँश जिलों की रेत खदानें हांसिल की है। इस बार की नीलामी से रेत के पुराने बड़े कारोबारी बाहर हो गए है। पिछली भाजपा सरकार में रेत के रसूखदार बड़े कारोबारी रहे शिवा कार्पोरेशन को इस बार एक भी रेत खदान नहीं मिली है। दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना की कंपनी पावरमैक प्रोजेक्ट लिमिटेड को प्रदेश के सीहोर, भिंड एवं होशंगाबाद जिले की सभी महत्वपूर्ण रेत खदानें मिलीं है। इसी तरह उत्तर प्रदेश की कंपनी मेसर्स केपी सिंह भदौरिया को दतिया, मंडला डिंडोरी और वीरेंद्र सिंह जादौन ने टीकमगढ़, धार व अलीराजपुर जिले की रेत खदानें हांसिल की हैं।
सांकेतिक फोटो।
छतरपुर जिले की खदानें आनंदेश्वर एग्रो फ्रूड्स कंपनी को मिलीं है। फिलहाल पन्ना समेत कुछ जिलों की रेत खदानों की नीलामी कतिपय कारणों अटकी हुई हैं। बहुमूल्य खनिज सम्पदा की नीलमी से प्रदेश के खाली खजाने को भरने के उद्देश्य से लागू की गई नई रेत नीति के तहत रेत खदानों की नीलमी से कंपनियों और कारोबारियों ने बढ़चढ़ कर बोली लगाई है उससे सरकार को उम्मीद से अधिक राजस्व मिलना तय है।
पन्ना में शव विच्छेदन गृह के समाने बैठे मृतक मोहन गौंड़ के परिजन घटना के संबंध में पुलिस को जानकारी देते हुए।
* पन्ना कोतवाली थाना के समीपी ग्राम कुंजवन की घटना
* अजयगढ़ के युवक की दो दिन पूर्व लखनपुर सेहा में मिली थी लाश
पन्ना। (www.radarnews.in) खेत जाने के लिए सुबह-सुबह घर से निकले एक वृद्ध की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। घटना कोतवाली थाना के समीपी ग्राम कुंजवन की है। मृतक की पहचान मोहन गौंड़ पुत्र शंकर गौंड़ 60 वर्ष निवासी ग्राम चीमट के रूप में हुई है। घटना के समय मोहन ग्राम कुंजवन में स्थित खेत की रखवाली करने जा रहा था। सोमवार की सुबह जब कुंजवन के लोग नींद से जागे तो हत्या की खबर का पता चलते ही दहशत में आ गए। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में फिलहाल हत्या की वजह और अज्ञात कातिल का सुराग नहीं लग सका। मृतक के परिजनों का कहना है उनकी किसी से कोई बुराई नहीं थी, फिर इतनी बेरहमी वृद्ध मोहन की हत्या क्यों की गई यह रहस्य बरकरार है।
मृतक मोहन गौंड़।
उल्लेखनीय है कि पन्ना कोतवाली थाना अंतर्गत तीन दिन में जघन्य हत्या की यह दूसरी वारदात है। इसके पूर्व शनिवार 7 दिसंबर की शाम अजयगढ़ क़स्बा से लापता युवक संतोष कुशवाहा पुत्र बाबूलाल कुशवाहा 30 वर्ष का शव लखनपुर सेहा में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। हत्या की दो वारदातों के सामने आने के बाद से कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सनसनी व्याप्त है। कोतवाली थाना पन्ना के नवागत निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर के लिए इन दोनों अंधे हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा कर वास्तविक कातिलों को पकड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है।
तालाब के पास मिली लाश
रामसजीवन गौंड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि उसका परिवार कुंजवन ग्राम में स्थित एक खेत की रखवाली करता है। रविवार 8 दिसंबर को उसकी चाची की मौत हो गई थी। दोपहर में शव का अंतिम संस्कार होने के बाद वह और उसका भाई अपनी पत्नियों को लेकर कुंजवन स्थित खेत चले गए। रामसजीवन के अनुसार शाम के समय पिता मोहन गौंड़ 60 वर्ष को भी खेत पहुँचना था लेकिन देर रात तक जब वह नहीं आए तो दोनों भाई खेत में ही फसल की रखवाली के लिए रुक गए। जबकि उनके माता-पिता चीमट स्थित घर में रहे। सोमवार की अलसुबह रामसजीवन की माँ अघनिया बाई भी खेत पहुँच गई। कुछ ही देर बाद गोलू शर्मा नाम के युवक ने रामसजीवन को कॉल कर बताया कि उसके पिता खून से लथपथ हालत में दुबे ताल के नजदीक पड़े है।
जांच में जुटी पुलिस
आनन-फानन में अघनिया बाई और उसका देवर धरमू गौंड़ जब मौके पर पहुँचे तब तक मोहन गौंड़ की मौत हो चुकी थी। उसकी गर्दन में चाक़ू सरीके किसी धारदार हथियार से प्रहार किए जाने के घाव पाए गए। इसके अलावा सिर के पिछले हिस्से व अण्डकोष में भी गंभीर चोटें होने की जानकारी मिली है। यह कयास लगाया जा रहा है कि मोहन गौंड़ की हत्या खेत जाते समय की गई। हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुँच गए। सनसनीखेज अंधे क़त्ल का सुराग लगाने के लिए पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। आसपास रहने वालों से भी घटना के संबंध में पूँछतांछ की गई। पुलिस के द्वारा घटना के हर पहलू की बारीकी से जाँच की जार रही है।
गले में बंधा था दुपट्टा
लखनपुर सेहा में मृत मिला अजयगढ़ क़स्बा का कछियाना मोहल्ला निवासी युवक संतोष कुशवाहा।
अजयगढ़ का कछियाना मोहल्ला निवासी संतोष कुशवाहा पुत्र बाबूलाल कुशवाहा 30 वर्ष शुक्रवार 6 दिसंबर हरदी जाने की बात कहकर अपने घर से निकला था। लेकिन वह रात्रि में वापिस घर नहीं लौटा। इससे चिंतित परिजनों द्वारा शनिवार सुबह से खोजबीन शुरू की गई। अजयगढ़ थाना पुलिस को भी जानकारी दी गई। इस दौरान लखनपुर सेहा में एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना मिलने पर संतोष के परिजन जब वहाँ पहुँचे तो एक पल के लिए उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। जवान बेटे को मृत अवस्था में पड़ा हुआ देख परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। संतोष की गर्दन पर एक दुपट्टा बंधा हुआ पाया गया। हालांकि वह उसका नहीं था। मृतक का मोबाइल फोन पुलिस को मौके पर नहीं मिला। संदिग्ध परिस्थितियों में संतोष की लाश जंगल के अंदर 40 फिट गहरी खाई में मिलने से पीड़ित परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि संतोष की अज्ञात आरोपियों द्वारा सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है।
मोबाइल फोन से हो सकता है खुलासा
लखनपुर सेहा में पड़े संतोष के शव को देखते लोग।
संतोष के गले व चहरे के आसपास चोट के कई निशान पाए गए थे। अंधे क़त्ल की इस वारदात में किसी करीबी का हाथ होने संभावना जताई जा रही है। संतोष के गले में दुपट्टा मिलने से यह सनसनीखेज वारदात किसी युवती से भी जुड़ी हो सकती है। शव से कुछ ही दूरी पर उसकी बाइक खड़ी मिली थी। घटनास्थल पर तीन-चार अन्य गाड़ियों के भी पहुँचने की जानकारी मिली है। ऐसा माना जा रहा है कि संतोष कुशवाहा की हत्या करने के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन लेकर अन्य गाड़ियों से फरार हुए हैं। जानकारों का मानना है संतोष के मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाल कर बड़ी आसानी से अंधे क़त्ल का खुलासा किया जा सकता है। लेकिन 48 घण्टे बाद भी पन्ना कोतवाली थाना पुलिस अज्ञात कातिलों को पकड़ना तो दूर उनका सुराग तक नहीं लगा पाई है।
प्रधानमंत्री के नाम मोहन्द्रा पुलिस चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपते स्थानीय युवा एवं समाजसेवी।
* हैदराबाद एनकाउंटर का समर्थन बशर्ते प्रभावशाली रेपिस्टों के साथ भी हो यही सलूक
* कानून सबके लिए सख्त होने और त्वरित न्याय में समानता का देश में जाएगा संदेश
* युवाओं ने रैली निकालकर बलात्कारी सांसदों-विधायकों का एनकाउंटर करने की नारेबाजी
पन्ना। (www.radarnews.in) तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नजदीक एक महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और उसकी हत्या के चार अभियुक्तों को शुक्रवार 6 दिसंबर की सुबह कथित मुठभेड़ के दौरान स्थानीय पुलिस ने गोली मार दी थी जिसे बहुत से लोगों ने वीरतापूर्ण बताते हुए इसकी प्रशंसा की है। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो इस कथित एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहे हैं। अभियुक्तों के एनकाउंटर की पूरे देश में चर्चा हो रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रहीं है उससे स्पष्ट है एनकाउंटर पर आम लोगों की राय बँटी हुई है। देश के अति पिछड़े और सूखा प्रभावित इलाके मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के युवाओं की राय हैदराबाद एनकांटर को लेकर थोड़ी अलग है। ये हैदराबाद एनकाउंटर का समर्थन करते हैं लेकिन उनकी यह माँग है देश में जितने भी सांसद-विधायकों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों पर बलात्कार का आरोप है उन सभी का इसी तरह एनकाउंटर किया जाए। अपनी इस माँग को उचित ठहराते हुए ये बताते हैं कि इससे सबके लिए कानून सख्त होने और पीड़ित पक्ष को त्वरित न्याय देने में समानता का सकारात्मक संदेश देश में जाएगा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन्दौर जिले के ग्राम निपानिया में संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ किया।
* मुख्यमंत्री ने इंदौर के ग्राम निपानिया में किया प्रथम संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर जिले के ग्राम निपानिया में संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अनेक चुनौतियाँ हैं। इसके बावजूद हमारी कोशिश है कि सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। इसलिये पूरे प्रदेश में ऐसी बस्तियों में संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य संस्थाओं से बहुत अधिक दूरी पर स्थित हैं।
आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने का जरिया है निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक बड़ी चुनौती नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित करना है। नौजवानों में तड़प है व्यवसाय करने की। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर प्रदेश में निवेश के माध्यम से आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं क्योंकि निवेश ही आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने का सशक्त जरिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ेगा क्योंकि निवेश, विश्वास चाहता है। उन्होंने किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोगों से कहा कि मैं घोषणा नहीं करता हूँ, मैं चाहता हूँ कि आप लोग घोषणा करें। मुझे आपका सर्टिफिकेट चाहिए कि काम हो गया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण करने के लिये तत्पर हैं, जहाँ के रहवासी प्रदेश पर गर्व करें।
नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराना प्राथमिकता
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराना मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिये स्वास्थ्य विभाग के बजट में 33 प्रतिशत वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम लागू करने का निर्णय मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का परिणाम है।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि मोहल्ला क्लीनिक योजना के अंतर्गत पहले चरण में इंदौर, सागर, ग्वालियर और जबलपुर में आज संजीवनी क्लीनिक शुरू किये गए हैं। दूसरे चरण में शेष संभागों में संजीवनी क्लीनिक शुरू किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुभारंभ समारोह में संजीवनी सामग्री का विमोचन किया और क्लीनिक के कक्षों का अवलोकन किया। इस अवसर पर इंदौर जिले के प्रभारी गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक संजय शुक्ला, सदाशिव यादव, विनय बाकलीवाल, प्रमोद टंडन और नरेन्द्र सलूजा उपस्थित थे।
संजीवनी क्लीनिक में सुविधाएँ
प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थाओं से अधिक दूर बस्तियों में खोले जा रहे संजीवनी क्लीनिक रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चालू रहेंगे। इनमें नि:शुल्क ओपीडी, परामर्श, गर्भवती महिलाओं की जाँच और टीकाकरण, रेफरल सेवाएँ, संचारी रोग उपचार, वृद्धजनों के लिये उपचार सुविधाएँ और कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और सुगर स्क्रीनिंग और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।
यहाँ नि:शुल्क लेबोरेटरी जाँच और औषधि वितरण की व्यवस्था रहेगी। क्लीनिक में सभी मरीजों का पंजीयन कार्ड बनाया जाएगा। चिकित्सक के पास क्लीनिक संचालन के लिये आवश्यक सॉफ्टवेयरयुक्त टेबलेट होंगे, जिनमें प्रत्येक नए मरीज का फोटो भी संरक्षित किया जाएगा। रजिस्टर में मरीज की सामान्य जानकारी के साथ उसकी बीमारी की जानकारी भी संधारित की जाएगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन्दौर में रोटरी इंटरनेशनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
* समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा भाव को दर्शाते हैं रोटरी क्लब के कार्य
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इंदौर में रोटरी इंटरनेशनल द्वारा ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी, अपने तरीके बदलने होंगे। उन्होंने कहा कि वे रोटरी की संस्कृति और उद्देश्यों से बहुत अच्छी तरह परिचित हैं। वे स्वयं रोटरी क्लब के कोलकाता मिड टर्म सेशन के वक्त चार्टर मेम्बर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री ने रोटरी इंटरनेशनल द्वारा विगत दिनों मण्डला जिले में आयोजित स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए कहा कि रोटरी के सेल्फलेस कमिटमेंट समाज के प्रति उसके निस्वार्थ सेवा भाव को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वैश्विक परिदृश्य और उससे जुड़ी चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो सपने भारत आजादी के वक्त देखता था, वे आज के सपनों से एकदम अलग और चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि आज का युवा ऊर्जा और आशाओं से पूर्ण एक नए भारत की तस्वीर दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ही नहीं, सम्पूर्ण विश्व के सामने तकनीकी और पर्यावरण की नई चुनौतियाँ उभरकर सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्त्तव्य है कि वह आपसी भाईचारे तथा बदलते परिदृश्य में स्वयं के भीतर बदलाव लाकर इन चुनौतियों का सामना करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटेरियन्स की पहुँच छोटे से गाँव से लेकर बड़े शहरों तक है। उन्होंने विश्वास जताया कि रोटेरियन्स देश की एकजुटता के साथ चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से करने का संदेश लोगों तक पहुँचाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं नौजवान पीढ़ी से अपेक्षा करता हूँ कि हमारे आज के प्रयास ऐसे हों, जिससे हम कल के युवाओं को बेहतर अवसर तथा बेहतर जिंदगी दे सकें।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, इंदौर जिले के प्रभारी गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन, लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी तथा विधायक संजय शुक्ला, सदाशिव राव, विनय बाकलीवाल, प्रमोद टंडन, नरेन्द्र सलूजा और देश-विदेश से आये रोटेरियन्स उपस्थित थे।
* चर्चाओं में नहीं था नाम फिर भी दिग्गजों को मात देकर हांसिल किया महत्वपूर्ण पद
* रामबिहारी बोले, आमजन के हितों का संरक्षण और जिले के विकास के लिए करेंगे संघर्ष
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्षों के चुनावी प्रक्रिया हाल ही में संपन्न होने के पश्चात गुरुवार देर रात्रि इनके नामों की घोषणा कर दी गई है। भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारी हेमंत खण्डेलवाल एवं प्रदेश चुनाव सह अधिकारी विजेश लूनावत के हस्ताक्षर से जारी सूची में प्रदेश के दस संभागों के 32 जिलाध्यक्षों के नाम शामिल है। जिसमें पन्ना से ओबीसी नेता रामबिहारी चौरसिया को बीजेपी का निर्वाचित जिलाध्यक्ष घोषित किया गया है। रामबिहारी भाजपा के जमीन से जुड़े सक्रिय एवं अनुभवी नेता है। लेकिन पन्ना में भाजपा जिलाध्यक्ष पद हेतु मीडिया में जिन आधा दर्जन से अधिक नामों की चर्चा रही है उनमें रामबिहारी चौरसिया का नाम शामिल नहीं था।
भाजपा जिलाध्यक्षों के नामों की सूची।
इसलिए गुरुवार 5 दिसम्बर की रात्रि में जब भाजपा जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई तो उसमें पन्ना से रामबिहारी चौरसिया का नाम आने पर लोगों का चौंकना स्वाभाविक था। भाजपा जिलाध्यक्ष की रेस में पूरी तरह गुमनाम रहे श्री चौरसिया कई धुरंधर दावेदारों को मात देकर इस पद तक पहुंचने कामयाब हुए है। पन्ना में इस पद के लिए भाजपा के कई गुटों में शुरू से ही काफी खींचतान रही है। सहकारी नेता संजय नगायच जहां अध्यक्ष पद के स्वयं भी प्रबल दावेदार रहे वहीं उनके करीब माने जाने वाले नेताओं के नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल थे। पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह से जुड़े कुछ नेता भी भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए बढ़चढ़ कर अपना दावा ठोंक रहे थे। भाजपा सूत्रों की मानें तो रामबिहारी चौरसिया जिलाध्यक्ष पद के लिए जिनकी पंसद हैं उन्होंने सियासी गहमागहमी के माहौल को देखते हुए ख़ास रणनीति के तहत उनके नाम पर मुहर लगने तक गुप्त रखा ताकि किसी तरह का कोई विरोध न हो।
भाजपा जिलाध्यक्षों के नामों की सूची।
उल्लेखनीय है कि जिले की पन्ना और पवई विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक है जबकि गुनौर विधानसभा सीट कांग्रेस के पास है। गुनौर विधानसभा क्षेत्र से आने वाले ओबीसी नेता रामबिहारी चौरसिया को जिलाध्यक्ष बनाने का फैसला कर भाजपा के रणनीतिकारों एक साथ कई हितों को साधने का चातुर्य दिखाया है। इस फैसले को जातिगत एवं सामाजिक संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ कमजोर क्षेत्र में भाजपा संगठन को मजबूत बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर ओबीसी मतदाताओं की तादाद सबसे अधिक है। कुछ लोगों का यह भी मानना है, अगर भाजपा जिलाध्यक्ष पवई या फिर पन्ना से होता तो शायद पार्टी के विधायक असहज महसूस करते है। इसलिए कर्मठ और जमीनी नेता की छवि वाले रामबिहारी चौरसिया के निर्वाचन को हर लिहाज से भाजपा संगठन के लिए मुफीद बताया जा रहा है।
रामबिहारी चौरसिया।
मालूम होकि, रामबिहारी चौरसिया पूर्व में भाजपा गुनौर मंडल के अध्यक्ष रह चुके है। इसके अलावा भाजपा जिला मंत्री के रूप में भी उन्होंने संगठन का काम किया है। उनकी पत्नी रेखा चौरसिया गुनौर जनपद पंचायत की अध्यक्ष है। रामबिहारी चौरसिया ने पन्ना भाजपा जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि संगठन ने मुझे जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है उसका पूरी निष्ठां और ईमानदारी के साथ निर्वहन करूँगा। पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जिले में संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। श्री चौरसिया ने कहा कि हम विपक्ष की सकारात्मक भूमिका अदा करते हुए आमजन के हितों के संरक्षण एवं जिले के विकास के लिए संघर्ष करेंगे।