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पन्ना में शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा कृषि महाविद्यालय : वीडी शर्मा

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पन्ना में जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा।

* क्षेत्रीय सांसद ने कहा- पन्ना जिले के विकास के लिए हर संभव प्रयास करूँगा

* जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा

पन्ना।(www.radarnews.in) खजुराहो-पन्ना-कटनी क्षेत्र के सांसद वीडी शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों में जहां भी मेरे सहयोग की आवश्यकता है मुझे बताया जाए, मैं हरसंभव मदद करूंगा। केन्द्र एवं राज्य से आवश्यक बजट आवंटन उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग के मंत्रियों से बात करके बजट उपलब्ध कराऊंगा जिससे चल रहे विकास कार्य तेजी से चलते रहें।

हीरा खनन परियोजना के लिए प्रयास जारी

सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि जो भी सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए उसे समयसीमा में पूर्ण किया जाना चाहिए। जिससे लोगों को असुविधा न हो। उन्होंने सतना से पन्ना एवं पन्ना से खजुराहो रेल लाईन के कार्य के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बजट अभाव के संबंध में जानकारी दी जानी चाहिए थी। जिससे में केन्द्र शासन से बजट उपलब्ध करा देता। शीघ्र ही बजट की उपलब्धता कराने का प्रयास करूंगा। कार्य में तेजी लाएं। स्थानीय स्तर पर कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को समय-समय पर दी जानी चाहिए जिससे व्यवधान को दूर कर कार्य को गति प्रदान की जा सके। बैठक में एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना मझगंवा को आगामी समय में संचालित रखने के लिए स्वीकृति दिलाए जाने की बात कही।

कोरोना की रोकथाम इसी तरह जारी रखें

सांसद श्री शर्मा ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए की गयी कार्यवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन अधिकारी, कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ कहा कि आगामी आने वाले समय में भी सक्रिय रूप से कार्यवाही जारी रखें जिससे जिले में कोरोना वायरस से कोई भी मौत न हों। उन्होंने जिले में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने की बात कही। जिससे जिले के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिससे क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कृषि महाविद्यालय के अधिकारियों से चर्चा करने के उपरांत कहा कि क्षेत्र में शीघ्र ही कृषि महाविद्यालय प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाए।

पर्यटन से होगा विकास

कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा बैठक में बताया गया कि जिले में विभिन्न तरह के पर्यटन क्षेत्र यहां उपलब्ध है। जिसमें प्राकृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन की अनेक संभावनाएं हैं। अभी पर्यटक खजुराहो आते हैं और खजुराहो से मड़ला होते हुए राष्ट्रीय उद्यान भ्रमण कर वापस चले जाते हैं। इन पर्यटकों को पन्ना तक लाने की योजना तैयार की जा रही है। जिससे पर्यटक यहां आकर कम से कम दो दिवस ठहरने के साथ यहां के पर्यटक स्थलों का भ्रमण करें। उन्होंने बताया कि जिले में जल निगम द्वारा परियोजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत ग्रामीण अंचलों में पाइप लाइन एवं नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। वर्तमान में जिले के 113 गांव में इस परियोजना के तहत कार्य किया जा रहा है। जिले में आगामी आने वाले समय में विभिन्न जल स्त्रोतों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल परिवहन न करना पड़े। मिनी स्मार्ट सिटी के कार्यों पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि जो भी कार्य पूर्ण हो गए है या प्रगतिरत हैं उन पर विवरण पट्टिका लगाई जाए। मिनी स्मार्ट सिटी के कार्यो में तेजी लाएं।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक में सांसद आदर्श ग्राम जमुनहाई पर चर्चा की गयी। ग्राम के सरपंच द्वारा मांग रखते हुए कहा गया कि ग्राम में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां के प्राथमिक पाठशालाओं का उन्नयन कर हाई स्कूल बनाया जाए। बैठक में राष्ट्रीय राज्य मार्ग, खजुराहो-सतना रेल मार्ग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कोविड-19, जल जीवन मिशन, मिनी स्मार्ट सिटी, पर्यटन विकास, कृषि महाविद्यालय, हीरा खनन परियोजना, सिंचाई विभाग के साथ सांसद आदर्श ग्राम जमुनहाई के संबंध में चर्चा की गयी। बैठक में पवई विधानसभा क्षेत्र विधायक प्रहलाद लोधी, क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व के.एस. भदौरिया पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, क्षेत्रीय संचालक राष्ट्रीय उद्यान के.एस. भदौरिया, वन मण्डलाधिकारी उत्तर गौरव शर्मा, वन मण्डलाधिकारी दक्षिण मीना मिश्रा, एसडीएम पन्ना शेर सिंह मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन पन्ना बीएल दादोरिया, कार्यपालन यंत्री पीएचईडी के साथ जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

कोरोना अपडेट : चिकित्सक और सीएमएचओ कार्यालय के लिपिक समेत 14 नए पॉजिटिव मरीज मिले

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सांकेतिक फोटो।

* संक्रमितों में दो वर्ष का मासूम बच्चा भी शामिल

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में नोवल कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) संक्रमण के मामलों में वृद्धि का सिलसिला लगातार जारी है। जिले में आज 161 कोरोना सैम्पल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें 146 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शेष 14 सैम्पल की रिपोर्ट में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। नए संक्रमित मरीजों में पन्ना के 8 और आंचलिक क्षेत्रों के 6 मरीज बताए जा रहे हैं। जिनमें मुख्य रूप से देवेन्द्रनगर के चिकित्सक, सीएमएचओ कार्यालय पन्ना में पदस्थ लिपिक, दो वर्षीय मासूम बच्चा और बैंककर्मी शामिल हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 314 हो गए हैं। आज कोरोना के 5 मरीजों के इलाज पश्चात स्वस्थ होने पर उन्हें कोविड सेंटर से डिस्चार्ज किया गया। इस तरह जिले में अब तक 272 मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 42 पॉजिटिव मरीजों का पन्ना के विभिन्न कोविड केयर सेंटरों और दूसरे जिलों में स्थित अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कोरोना के 146 सैम्पल की जांच होना फिलहाल शेष है।

पन्ना में यहां मिले संक्रमित

पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 7 सितंबर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-01)
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा सोमवार 7 सितंबर को जारी कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन के अनुसार पन्ना में बड़ा बाजार निवासी 63 वर्षीय पुरुष, टिकुरिया मोहल्ला निवासी 56 वर्षीय स्वास्थ्य विभाग के लिपिक, 56 वर्षीय पुरुष, मोहल्ला बेनीसागर में 2 वर्षीय मासूम बालक, जिला जेल पन्ना में 22 वर्षीय पुरुष, 47 वर्षीय एवं 28 वर्षीय पुरुष बैंककर्मी पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा देवेन्द्रनगर में 38 वर्षीय चिकित्सक के साथ 60 वर्षीय वृद्ध पुरुष, 28 वर्षीय एवं 23 वर्षीय पुरुष की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 7 सितंबर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-02)
शाहनगर क़स्बा के वार्ड क्रमांक-8 में रहने वाले 74 वर्षीय वृद्ध पुरुष, ग्राम देवरी में 22 तथा विकासखण्ड अजयगढ़ के ग्राम देवगांव में 32 वर्षीय युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई है। आज कोरोना पॉजिटिव पाए गए सभी व्यक्तियों के संबंधित क्षेत्र को कन्टेनमेंट एरिया निर्धारित करने एवं उनके सम्पर्क में आने वालों को चिन्हित करने की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीमों द्वारा की जा रही है।

आज 9 नए संक्रमित मरीज मिले जिसमें प्रदेश के खनिज मंत्री के परिवार के 5 सदस्य, पन्ना में कोरोना संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 300 हुए

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सांकेतिक फोटो।

* जिला चिकित्सालय के 2 स्वास्थ्य कर्मी भी पॉजिटिव निकले

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) देश और प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण के जबरदस्त प्रकोप के बीच पन्ना जिले में भी संक्रमितों की संख्या धीरे-धीरे लगातार बढ़ रही है। कोरोना जांच लैब से आज 144 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें जिले में 9 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। शेष 135 सैम्पल निगेटिव पाए गए। पॉजिटिव निकले केस में 8 मरीज पन्ना और एक मरीज एनएमडीसी मझगंवा का निवासी है। पन्ना में मिले संक्रमितों में प्रदेश के खनिज एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के परिवार के 5 सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमण के अब तक मिले पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 300 हो गई है। आज कोरोना के 4 मरीजों के इलाज के बाद स्वस्थ होने पर कोविड सेंटर से छुट्टी दे दी गई। रविवार 6 सितम्बर तक की स्थिति में जिले में कुल 267 मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 33 संक्रमित मरीजों का इलाज जिले के विभिन्न कोविड केयर सेंटरों में जारी है। कोरोना के 155 सैम्पल की जांच होना फिलहाल शेष है।

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के परिजन निकले संक्रमित

पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 6 सितम्बर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-01)
पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना बुलेटिन के अनुसार दिनांक 6 सितम्बर दिन रविवार को 9 नए मरीज मिले हैं। जिसमें 8 मरीज जिला मुख्यालय में पाए गए। प्रदेश के खनिज एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के पन्ना में कुमकुम टॉकीज के समीप स्थित निवास में रहने वाले परिवार के 5 सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना पॉजिटिव निकले मंत्री के परिवार के सदस्यों में 48 वर्षीय पुरुष, 70 वर्षीय महिला, 47 वर्षीय महिला, 15 वर्षीय बालिका और 19 वर्षीय नवयुवक शामिल है। इसकी पुष्टि पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी ने की है। कोरोना पॉजिटिव पाए गए इन सदस्यों में 3 के चिरायु हॉस्पिटल भोपाल में भर्ती होने एवं 2 लोगों के होम आईसोलेशन में होने की भी चर्चा है। लेकिन, समाचार लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।
पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 6 सितम्बर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-02)
इसके अलावा जिला चिकित्सालय पन्ना के दो स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 32 वर्षीय महिला और 35 वर्षीय पुरुष शामिल है। शहर के रानीबाग इलाके में रहने वाले एक 22 वर्षीय युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वहीं एनएमडीसी मझगवां में तैनात एक 48 वर्षीय सुरक्षाकर्मी संक्रमित निकला है। आज पॉजिटिव पाए गए सभी व्यक्तियों से सम्बंधित क्षेत्र को कन्टेनमेंट एरिया निर्धारित करने एवं उनके कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीमों के द्वारा की जा रही है।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के दल ने पन्ना पहुंचकर बाघ की मौत और सिर समेत अन्य अंग गायब होने की शुरू की जांच

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केन नदी में सर्चिंग के दौरान बाघ पी-123 का शव इस स्थिति में बरामद हुआ था, उसका सिर गायब था। (फाइल फोटो)

* घटनास्थल का दौरा कर सम्बंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए

* बाघ पी-123 की मौत पर पर्दा डालने के आपराधिक कृत्य का क्या हो पाएगा भण्डाफोड़ ?

* पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले 9 माह में 5 बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में हो चुकी है मौत

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व की हिनौता रेन्ज अंतर्गत करीब एक माह पूर्व केन नदी में बहे बाघ पी-123 का शव तीसरे दिन पानी में तैरता हुआ मिला था। इस युवा बाघ का सिर समेत अन्य अंग गायब थे। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बाघ का सिर गायब होने की बात को स्वीकार करते हुए नदी में मगरमच्छ के द्वारा सिर को खाने की आंशका जताई थी लेकिन अन्य दूसरे अंगों के गायब होने के मामले में चुप्पी साधते हुए इसे कथित तौर पर जानबूझकर दबाया गया। बहरहाल अब जाकर इस संवेदनशील मामले की वास्तविकता का पता लगाने की सुध प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी भोपाल ने ली है। उन्होंने मामले की जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स को सौंपी है। जांच के आदेश जारी होने 24 घण्टे के अंदर शुक्रवार 4 सितंबर की शाम टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स की टीम ने पन्ना में अपनी आमद दर्ज कराई है।
बाघ पी-123 के पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान लिया गया चित्र। (फाइल फोटो)
जांच टीम ने आज दूसरे दिन शनिवार 5 सितंबर को घटनास्थल का दौरा करने के बाद पार्क के उन सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से विस्तृत पूंछतांछ की और बयान दर्ज किये हैं जोकि बाघ की सर्चिंग, शव बरामद होने एवं पोस्टमार्टम कार्रवाई में शामिल रहे हैं। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स की जांच को लेकर यह सवाल उठ रहे हैं कि जूनियर अधिकारियों के द्वारा की जा रही इस जांच से क्या बाघ की मौत का सच सामने आ पाएगा ? बाघ की मौत से जुड़े तथ्यों पर पर्दा डालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के आपराधिक कृत्यों का क्या वाकई भण्डाफोड़ हो पायेगा ? या फिर पिछले चार बाघों की मौत की तरह इस बार भी जांच के नाम पर लीपापोती कर मामले को रफादफा कर दिया जाएगा ? इन तमाम महत्पूर्ण सवालों के जबाव तो जांच रिपोर्ट आने पर ही मिल पाएंगे। लेकिन फिलहाल बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके अंग गायब होने के मामले की जांच शुरू होने से पन्ना से लेकर भोपाल तक हलचल तेज हो गई है।

प्रेस नोट जारी कर बताई थी यह कहानी

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया।
क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व श्री भदौरिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि दिनांक 7 अगस्त को प्रातः परिक्षेत्र गहरी घाट के बीट झालर के सकरा में नदी के किनारे बाघ पी-431 एवं बाघिन टी-6 मेंटिंग में थे, तभी वहां पर नर बाघ पी -123 पहुंच गया। दूसरे नर बाघ पी- 123 के पहुंचने पर बाघ पी-431 आक्रामक हो गया। फलस्वरूप दोनों बाघों के बीच संघर्ष होने पर नर बाघ पी-123 को जान गवानी पड़ी। वनरक्षक दिलीप सिंह द्वारा दोनों बाघों की लड़ाई देखकर तत्काल हाथी कसवा कर मौके पर पहुंचने की तैयारी की गई तथा वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया। सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक व सहायक संचालक सहित परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन्य प्राणी चिकित्सक मौके पर पहुंचे। मौके पर नर बाघ पी-431 एवं बाघिन टी-6 पाए गए, किंतु तीसरे बाघ का पता नहीं चला। तीसरे बाघ के न दिखने पर घटनास्थल के आसपास जंगलों में सर्चिंग की गई साथ ही नाव से नदी क्षेत्र में गश्ती की गई तथा जाल डालकर घटनास्थल के आसपास नदी में खोजा गया किंतु बाघ नहीं मिला। दिनांक 9 अगस्त को शाम के समय नदी में तैरता हुआ बाघ का शव मिला जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उप संचालक एवं अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे।
बाघ पी-123 का फाइल फोटो।
नर बाघ पी-123 एवं नर बाघ पी-431 के बीच काफी संघर्ष हुआ था तथा आपसी संघर्ष में घायल होने के कारण नर बाघ पी -123 मृत होने के पश्चात पानी में सकरा से बहकर करीब 8 किलोमीटर दूर हिनौता क्षेत्र के पठाई कैंप के पास नदी में तैरता हुआ पहुँच गया। पानी में रहने के कारण बाघ का शव फूल चुका था तथा उसका सिर नहीं था। संभवतः पानी के अंदर मगरमच्छों के द्वारा खा लिया गया होगा। नर बाघ की आपसी संघर्ष में हुई मृत्यु की सूचना दूरभाष द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक मध्य प्रदेश एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को दी गई। रात्रि होने के कारण प्रातः पोस्टमार्टम का निर्णय लिया गया। दिनांक 10 अगस्त सोमवार को प्रातः मौके पर जाकर मृत बाघ का पोस्टमार्टम डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता वन्य प्राणी चिकित्सक पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान ही नर बाघ पी -123 के रूप में बाघ की पहचान की गई। पोस्टमार्टम में बाघों के बीच आपसी संघर्ष के निशान मृत बाघ के शव पर पाए गए हैं। बाघ के विसरा आदि के सैंपल लिए गए। पोस्टमार्टम उपरांत समस्त की उपस्थिति में मृत बाघ का अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाघ की मृत्यु आपसी संघर्ष में होना पाया गया है।

राजापुर ग्राम में कोंग्रेस सेवादल ने मनाई संस्थापक डॉ. हार्डीकर की पुण्यतिथि

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पन्ना जिले की देवेन्द्रनगर तहसील के ग्राम राजापुर में कोंग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. हार्डीकर की पुण्यतिथि मनाते हुए कोंग्रेस नेतागण एवं ग्रामीणजन।

* कोंग्रेस कार्यकर्ता और आदिवासी ग्रामीण रहे उपस्थित

देवेन्द्रनगर/पन्ना।(www.radarnews.in) अखिल भारतीय कोंग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कोंग्रेस कमेटी निर्देशानुसार गत दिनों कांग्रेस सेवादल के जिला प्रभारी रामप्रताप कुशवाहा के मार्गदर्शन में जिले की देवेन्द्रनगर तहसील के ग्राम राजापुर में स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी एवं कोंग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. नारायण सुब्बाराव हार्डीकर की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शेख मोहम्मद एवं विशिष्ट अतिथि सर्व श्री रामबहादुर द्विवेदी तथा वरिष्ठ नेता जीवनलाल सिद्धार्थ उपस्थित रहे। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष पन्ना रामबहादुर द्विवेदी ने कोंग्रेस के सेवादल संगठन के संस्थापक डॉ. नारायण सुब्बाराव हार्डीकर के व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने बताया कि स्व. श्री हार्डीकर ने पुनीत उद्देश्य से समाज की सही अर्थों में सेवा करने और लोगों के बीच सद्भाव एवं सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सेवादल की स्थापना की थी। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र बागरी, विजय चतुर्वेदी, गुलजारी लाल पटेल एवं कार्यक्रम के व्यवस्थापक देवेन्द्रनगर के ब्लॉक अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी नेताओं ने स्व. श्री हार्डीकर छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए मौन धारण कर उन्हें श्रद्धंजलि दी गई। साथ ही कोंग्रेस के सेवादल संगठन के संस्थापक डॉ. नारायण सुब्बाराव हार्डीकर का पुण्य स्मरण करते हुए योगदान को याद किया गया।

बारिश के मौसम में टापू में तब्दील हो जाते हैं दर्जन भर गांव, जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं ग्रामीण

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बारिश के चार माह टापू में तब्दील रहने वाले भदैयां क्षेत्र के लोगों का हालचाल जानने के लिए नदी का पानी उतरने पर नाव में सवार होकर भदैयां जाते हुए अजयगढ़ क्षेत्रीय विकास संघ के संयोजक श्रीराम पाठक।

* पन्ना जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत भदैयां क्षेत्र का मामला

* खोरा-भदैयां के बीच बागै नदी पर पुल निर्माण न होने की सजा भुगत रहे क्षेत्रवासी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) प्रदेश में पिछले कुछ सालों में ग्रामीण अंचल में सड़क निर्माण सहित दूसरे विकास कार्य तेजी से हुए हैं, लेकिन अभी भी ऐसे हजारों गांव हैं जिनमें बुनियादी सुविधाओं का आभाव बना हुआ है। पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील का सीमावर्ती भदैयां क्षेत्र ऐसा ही एक अति पिछड़ा इलाका है, जहां के दर्जन भर गांवों का सम्पर्क बारिश के मौसम में चार माह के लिए तहसील और जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट जाता है। ग्राम खोरा और भदैयां के बीच प्रवाहित बागै नदी पर पुल निर्माण न होने से मानसून के सीजन में हर साल भदैयां और इसके आसपास के गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं। बारिश के मौसम में भदैयां क्षेत्र के लोग आज भी अपनी जान जोखिम में डालकर या फिर नाव से नदी पार करके किसी तरह खोरा पहुँचते जहां उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, बैंक, डाकघर, हायर सेकेण्ड्री स्कूल समेत अन्य सेवाएं-सुविधाएं मिलती हैं।
बारिश के मौसम में अघोषित तौर काले पानी सरीकी सजा भुगतने को मजबूर इस क्षेत्र के लोगों का हालचाल जानने बीते दिवस अजयगढ़ क्षेत्रीय विकास संघ के संयोजक श्रीराम पाठक नाव से भदैयां पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की बदहाली के सम्बंध में बताया कि एक अदद पुल के आभाव में अन्तर्राज्जीय सीमा के नजदीक स्थित दर्जन भर गांवों के लोग इस दौर में भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
बारिश के सीजन में इस इलाके का तहसील मुख्यालय अजयगढ़, थाना मुख्यालय धरमपुर और जिला मुख्यालय पन्ना से सम्पर्क पूरी तरह कट जाता है। इस दौरान भदैयां क्षेत्र के लोगों को खोरा पहुँचने के लिए जान जोखिम में डालकर उफनती हुई नदी पार करनी पड़ती है। क्योंकि नाव हर समय नहीं चलती इसलिए जिन्दा रहने के लिए मौत के दरिया को पार करना इनकी मजबूरी है। मानसून सीजन में जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है या फिर किसी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाना होता है तब खतरा और चुनौती कई गुना बढ़ जाती है। उल्लेखनीय है कि खोरा एवं भदैयां के बीच में बहने वाली बागै नदी पर पुल न होने से परेशान ग्रामीण अपनी समस्या की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए पूर्व में कई बार धरना-प्रदर्शन-आन्दोलन भी कर चुके हैं।
खोरा-भदैयां के बीच बागै नदी पर पुल निर्माण की मांग लम्बे समय से उठ रही है।
अजयगढ़ क्षेत्रीय विकास संघ द्वारा भी दो बार बागै नदी पर जल सत्याग्रह आन्दोलन कर जनहित एवं छात्र हित में इस ज्वलंत समस्या के समाधान की पुरजोर मांग की गई। परिणामस्वरूप लोक निर्माण विभाग के सेतु सम्भाग सागर के तकनीकी अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर पुल निर्माण का डीपीआर तैयार किया। इस प्रस्ताव को बजट की स्वीकृति हेतु 3 वर्ष पूर्व भोपाल भेजा जा चुका है। लेकिन नदी के दोनों तरफ प्रधानमंत्री योजना की सड़क होने से बजट का स्वीकृत नहीं हो पा रहा। अजयगढ़ क्षेत्रीय विकास संघ के संयोजक श्रीराम पाठक ने क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद बी.डी. शर्मा, नवागत कलेक्टर पन्ना एवं लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव से खोरा एवं भदैयां के बीच बहने वाली बागै नदी पर पुल निर्माण को जनहित में स्वीकृति दिलाने की मांग की है। श्री पाठक ने कहा कि पुल के बनने से जहां भदैयां क्षेत्र में बारहमासी आवागमन संभव हो सकेगा वहीं क्षेत्र के हाई स्कूल और हायर सेकेण्ड्री के बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।

सड़क दुर्घटना में घायल पुलिस आरक्षक का उपचार के दौरान जबलपुर में दुखद निधन

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आरक्षक अजय जाटव। (फाइल फोटो)
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बीती रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवा पुलिस आरक्षक अजय सिंह जाटव की आज सुबह इलाज के दौराज जबलपुर में मृत्यु हो गई। 24 वर्षीय आरक्षक अजय के असामयिक दुखद निधन की खबर आते ही जिले के पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। जिले के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने युवा आरक्षक अजय सिंह जाटव की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे विभाग के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत पुलिस चौकी मोहन्द्रा में पदस्थ आरक्षक अजय जाटव बीते दिवस किसी कार्य के सिलसिले में थाना सिमरिया गए हुए थे। दरम्यानी रात को जब वह वापस मोहन्द्रा चौकी लौट रहे थे तो रास्ते में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी सूचना मिलते ही मोहन्द्रा चौकी प्रभारी सरिता तिवारी द्वारा हमराही स्टाफ की मदद से घायल आरक्षक का अचेत हालत में तत्परता से प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में समुचित इलाज हेतु आरक्षक अजय जाटव को गंभीर हालत में जबलपुर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान आज सुबह युवा आरक्षक की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। सुबह-सुबह आई इस दुखद खबर से जिले के पुलिस महकमे और सिमरिया-मोहन्द्रा अंचल में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत पुलिस आरक्षक अजय जाटव मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिले के ग्राम डेथेली थाना गड़ौर के मूल निवासी थे। पन्ना जिले में काफी समय से अपनी सेवाएं दे रहे थे। अजय की अच्छी परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें मोहन्द्रा चौकी में पदस्थ किया गया था।
आरक्षक अजय जाटव। (फाइल फोटो)
पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने आरक्षक अजय जाटव की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए इसे पुलिस विभाग के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। उन्होंने मृत आत्मा की शान्ति और शोक संतृप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। पुलिस लाइन पन्ना में एक शोक सभा आयोजित हुई जिसमें युवा आरक्षक अजय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके अलावा जिले के अन्य थानों में भी पुलिस आरक्षक अजय जाटव के असमय दुखद निधन पर शोक सभा का आयोजित हुई। उल्लेखनीय है कि दिवंगत पुलिस आरक्षक के शव को जबलपुर से ही उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया था। जहां पर सम्मान के साथ अजय की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया। मालूम हो कि कुछ माह पूर्व जिले के धरमपुर थाना प्रभारी एमडी शाहिद का भी सड़क हादसे में दुखद निधन हो गया था।

मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी ने की हैवानियत, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

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सांकेतिक फोटो।
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत दूरस्थ ग्राम नरदहा में एक मासूम बच्ची के साथ उसके ही पड़ोसी के द्वारा हैवानियत की गई। सभ्य समाज को शर्मसार करने और छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा करने वाली यह घटना सोमवार 1 सितम्बर की शाम की है। धरमपुर थाना पुलिस ने इस घिनौने अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्परता से कार्रवाई कर आरोपी प्रौढ़ के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मासूम बच्ची अपने साथ हुई दरिंदगी के बाद से अत्यंत ही डरी-सहमी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीमावर्ती ग्राम नरदहा में सोमवार को एक महिला अपने बच्चों को घर पर छोड़कर समीप के गांव में रिश्तेदारी में हुई मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए गई थी। शाम करीब 5 बजे महिला की 6 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी और उसके अन्य बच्चे गावं में ही खेलने के लिए गए हुए थे। इस दौरान बच्ची को अकेला पाकर मोहल्ले में रहने वाला नत्थू उर्फ़ फर्रे सोनकर 42 वर्ष उसे जबरन उठाकर अपने घर ले गया। जहां कथित तौर पर इस कामान्ध ने मासूम के साथ हैवानियत की। शाम के समय जब पीड़िता की माँ रिश्तेदारी से वापस घर लौटी तो उसने रोते हुए घटना की पूरी जानकारी दी। शाम को ही महिला ने स्थानीय नरदहा चौकी पहुंचकर चौकी प्रभारी एएसआई रामफल शर्मा को घटना के सम्बंध में बताया।
बच्ची से दुष्कर्म के साथ करने का आरोपी नत्थू उर्फ़ फर्रे सोनकर पुलिस टीम की गिरफ्त में।
नरदहा पुलिस के सहयोग से महिला रात्रि में ही अपनी बच्ची को लेकर धरमपुर थाना पहुंची। जहां महिला सम्बंधी अपराधों पर कार्रवाई हेतु नियुक्त उप निरीक्षक पीएसआई स्मिता सिंह बघेल के समक्ष मासूम के द्वारा आपबीती बताई गई। घटना की संवेदनशीलता के मद्देनजर रात्रि में ही आरोपी नत्थू उर्फ़ फर्रे सोनकर 42 वर्ष निवासी नरदहा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 167/ 20 धारा 363, 366, 376-a, 376-b, 342 आईपीसी 5/6 पोक्सो एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया। उधर पुलिस ने रात्रि में ही तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी नत्थू उर्फ़ फर्रे सोनकर 42 वर्ष निवासी नरदहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के द्वारा आज आरोपी नत्थू को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल वारण्ट पर जिला जेल पन्ना में दाखिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि पीड़ित बच्ची का पिता दमोह जिले में मजदूरी करता है। जबकि बच्चे ग्राम नरदहा में अपनी माँ के साथ रहते हैं।

शिक्षक भर्ती-2018 के चयनित अभ्यर्थियों की मांग- “महामहिम, अब नियुक्ति दे दो या इच्छा मृत्यु की अनुमति”

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शीघ्र नियुक्ति प्रदान करने की मांग को लेकर अजयगढ़ में ऱाज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षक भर्ती में चयनित युवा।

* चुनावी वर्ष में निकाली गई शिक्षक भर्ती 2 साल बाद भी नहीं हो पाई पूर्ण

* नियुक्ति न होने से मध्य प्रदेश के 30594 बेरोजगार युवा हैं प्रभावित

* शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री की चुप्पी से हताश और निराश है चयनित शिक्षक

* शिक्षक दिवस को मनाएंगे काला दिवस और भूख हड़ताल से शुरू करेंगे आमरण अनशन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में राजनैतिक लाभ के लिए चुनावी वर्ष 2018 में निकाली गई शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया 2 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। भर्ती में चयनित शिक्षक नियुक्ति के इंतजार में कई माह से बैठे हैं। लेकिन इनका इंतजार ख़त्म होने के बजाए लगातार लम्बा होता जा रहा है। इस अनिश्चितता से उपजी बैचेनी के कारण प्रभावित बरोजगार युवा काफी हताश और निराश हो चुके हैं। इन्हें सबसे ज्यादा जो बात चुभ रही है वह प्रदेश के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री की ख़ामोशी है, जोकि प्रदेश के 30594 चयनित शिक्षकों के सवाल पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस उपेक्षा और छलावे से आहत चयनित शिक्षकों ने प्रदेश के ऱाज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर उनसे शीघ्र नियुक्ति दिलाने या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।
पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के चयनित शिक्षकों ने सोमवार 1 सितम्बर को अजयगढ़ एसडीएम के माध्यम से ऱाज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया गया है कि प्रदेश में वर्ष 2011 के 8 वर्ष बाद 2018 में सितम्बर माह से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन 2 साल बाद भी यह भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों का दिनांक 1 जुलाई 2020 से दिनांक 3 जुलाई 2020 तक वेरिफिकेशन कराया गया। मगर, बाद में कोरोना वायरस संक्रमण का बहाना बनाकर इस प्रक्रिया को रोक दिया गया। इससे प्रदेश के 19200 उच्च माध्यमिक तथा 11374 माध्यमिक के चयनित शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हैं। काफी समय से इनके द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से और ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखते हुए ज्वाइनिंग के लिए आवाज़ बुलंद की जा रही है लेकिन स्वयं को युवाओं का हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री इस ज्वलंत मुद्दे मौन साधे हुए हैं। हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल पर प्रदेश सरकार की चुप्पी न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण भी है।

शिक्षक दिवस से करेंगे आमरण अनशन

पिछले दो वर्ष से नियुक्ति को लेकर परेशान शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की कॉपी।
चयनित शिक्षकों ने ऱाज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में यह उल्लेख किया है कि वे आगामी 5 सितम्बर शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाते हुए अजयगढ़ में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनके द्वारा यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में बेरोजगारी से तंग आकर और प्रदेश सरकार की बेरुखी के चलते उठाने की बात कही जा रही है। प्रभावित युवाओं का कहना है कि अब कोरोना का बहाना और नहीं चलेगा क्योंकि कोरोना काल में जब प्रदेश में सरकार बन सकती है, मंत्रिमण्डल का विस्तार हो सकता और वे सभी कार्य हो रहे हैं जो सकरार चाहती है तो फिर शिक्षकों की नियुक्ति क्यों नहीं हो सकती ? न्याय पाने के लिए संघर्षरत चयनित शिक्षकों ने ऐलान किया है कि, वे आमरण अनशन पर तब तक डटे रहेंगे जब तक कि शिक्षक भर्ती हेतु सम्पूर्ण शेड्यूल के साथ आदेश या मृत्यु प्राप्त न हो जाए। ज्ञापन में ऱाज्यपाल से मांग की गई है कि हमें शीघ्र नियुक्ति प्रदान करें या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दें।
ज्ञापन सौंपने वालों में कमल प्रजापति, किशोरी लाल, हरीचरण यादव, अरविन्द प्रजापति, धर्मेन्द्र कुमार सुनकर, सुशील कुमार, आरती अहिरवार, प्रशंसा विश्वकर्मा, राजाजी बुंदेला, निशा प्रजापति, कविता प्रजापति, दीपक मिश्रा, रिंकू अहिरवार एवं राजकरण प्रजापति शामिल रहे।

मध्य प्रदेश में सिलीकोसिस पीड़ित मजदूरों के लिए लागू होगी पुनर्वास नीति : बृजेन्द्र प्रताप

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सिलीकोसिस पीड़ित श्रमिकों के लिए पुनर्वास नीति लागू करने प्रदेश के खनिज एवं श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए पृथ्वी संस्था के युसूफ बेग।

* प्रदेश के खनिज एवं श्रम मंत्री ने सिलीकोसिस पीड़ितों के लिए संघर्षरत संस्था को दिया आश्वासन

पन्ना। (www.radarnews.in) खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों में जानलेवा सिलीकोसिस बीमारी के प्रसार को देखते हुए पीड़ित श्रमिकों की जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं इनके कल्याण के लिए मध्य प्रदेश में सिलीकोसिस पुनर्वास नीति को जल्द ही लागू किया जायेगा। यह आश्वासन प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने सिलीकोसिस पीड़ितों के लिए संघर्षरत संस्था को दिया है। पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना के द्वारा प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि मध्य प्रदेश सिलीकोसिस पीड़ित मंच की और से पृथ्वी ट्रस्ट के डायरेक्टर यूसुफ बेग नें पन्ना विधायक एवं मध्य प्रदेश के खनिज एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह से पत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश में सिलीकोसिस पीड़ित मजदूरों के लिए पूर्व से प्रस्तावित सिलीकोसिस पुनर्वास नीति को लागू करने की मांग रखी।
श्री बेग ने मंत्री के समक्ष पन्ना में सिलीकोसिस की स्थिति एवं प्रदेश में सिलीकोसिस की स्थिति को रखा और आग्रह किया की प्रदेश में खनन क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूरों में सिलिकोसिस भयावह रूप लेती जा रही है, इसकी जांच एवं उपचार के माकूल इंतजामात किये जाने चाहिए और राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में सिलीकोसिस पुनर्वात नीति लागू हो। जिससे इन पीड़ित खनन मजदूरों को न्याय मिल सके। पन्ना में पत्थर खदान मजदूर संघ द्वारा इन्विरोनिक्स ट्रस्ट दिल्ली के सहयोग से पन्ना जिले में 2010 एवं 2011 में हॉलैंड से आये डॉक्टर व्ही मुरली द्वारा दो कैम्प लगाए गए जिसमें 162 मजदूरों को सिलीकोसिस बीमारी से प्रभावित होने की रिपोर्ट दी थी। सरकार ने 39 मजदूरों को सिलीकोसिस होने का प्रमाण-पत्र दिया है | इन मजदूरों को दीनदयाल उपचार योजना कार्ड में सिलीकोसिस पीड़ित होने की सील लगाकर दिया है, तभी से पन्ना जिले में इस बीमारी की जांच और उपचार के साथ साथ इन मजदूरों को मुआवजा देने के लिए संघर्ष किया जाता रहा है।

चिन्हित 25 श्रमिकों की हो चुकी है मौत

उल्लेखनीय है कि अभी तक पन्ना में 25 मजदूरों की सिलीकोसिस बीमारी से मौत हो चुकी है। जिसके फलस्वरूप 2014 में सिलीकोसिस से हुई मौतों पर उनके परिवार को 3-3 लाख रूपये की सहायता राशि दिए जाने के निर्देश मध्य प्रदेश सरकार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा दिए गए थे। उसी के तहत 2015 में 4 और 2019 में 7 सिलीकोसिस पीड़ित मजदूरों के परिवार को 3-3 लाख रूपये की सहायता राशि मध्य प्रदेश सरकार ने मजदूरों के सिलीकोसिस बीमारी से मरणोपरांत दी गई। लेकिन अभी भी इस बीमारी की जांच और उपचार की उपयुक्त व्यवस्था नहीं है और न ही पन्ना में सिलीकोसिस बीमारी की जांच के लिए कोई विशेषज्ञ डाक्टर ही है । पृथ्वी संस्था के युसूफ बेग द्वारा मांग रखी गई है कि प्रदेश में सिलीकोसिस पुनर्वास नीति लागू किया जाए। इस पर मध्य प्रदेश के खनिज एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बहुत जल्द ही खनन क्षेत्रों में काम करने वासे मजदूरों के सिलीकोसिस पीड़ित मजदूरों के लिए सिलीकोसिस पुनर्वास नीति बनाए जाने और लागू किये जाने का आश्वासन दिया है |