* शावकों के जन्म की ख़ुशी पर भारी पड़ रही सुरक्षा की चिंता और भय !
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बाघों की संदेहास्पद परिस्थतियों में लगातार मौत व शिकार की बेहद हैरान करने वाली घटनाओं और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल की जांच के चलते सुर्ख़ियों में बने मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से कुछ अच्छी ख़बरें भी आ रहीं हैं। हथिनी रूपकली के द्वारा तीन दिन पूर्व मादा शिशु को जन्म देने के बाद पार्क की बाघिन पी-141 को दो नन्हें शावकों के साथ चहलकदमी करते हुए देखा गया है। इस युवा बाघिन ने दूसरी बार शावकों को जन्म दिया है। बाघिन के साथ विचरण करते कैमरे में कैद हुए नवजात शावक करीब ढाई माह के हो चुके हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व की हिनौता रेन्ज अंतर्गत उत्तर हिनौता क्षेत्र में गश्ती दल के द्वारा पहली बार इन्हें देखा गया है।

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों, दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा एवं निगरानी की बेहद लचर स्थिति को उजागर करने वाली घटनाओं के मद्देनजर बाघ के कुनबे में वृद्धि की ख़ुशी पर इनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंता और भय भारी पड़ रहा है। इसकी ठोस वजह भी है। पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले 9 माह में 4 बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के कई दिन बाद इनके सड़े-गले कंकाल में तब्दील हो चुके शव बरामद होना, पिछले माह आपसी संघर्ष में घायल होने के बाद केन नदी में गिरे बाघ पी-123 का सिर विहीन शव मिलना एवं उसके अन्य अंगों के गायब होने और पिछले करीब 3 साल में जिले के उत्तर वन मण्डल, दक्षिण वन मण्डल, पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत करीब दो दर्जन तेंदुओं की संदेहास्पद मौत व शिकार की घटनाओं के सामने आने तथा इनसे जुड़े एसटीएसएफ के हालिया खुलासों को देखते हुए बाघ और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा की चिंता होना स्वाभाविक है।
60 से अधिक हुई बाघों की संख्या

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बाघिन पी-141 ने दो शावकों को जन्म दिया है। बिना रेडियो कॉलर वाली इस बाघिन को शावकों के साथ हिनौता रेन्ज के उत्तर हिनौता क्षेत्र में पहली बार नवजात शावकों के साथ विचरण करते हुए देखा गया है। शावकों की आयु करीब ढाई माह है। बाघिन और उसके शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 47 व्यस्क बाघ-बाघिन हैं। शावकों के साथ पन्ना में बाघों की तादाद 60 से अधिक हो चुकी है। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की यह रिकार्ड संख्या है।
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इस अवसर पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि वनाधिकार पट्टों के लिए जिले में त्रिस्तरीय समिति गठित की गयी थी। ग्राम स्तर की समिति द्वारा प्रकरणों को तैयार कर विकासखण्ड स्तरीय समिति को भेजा गया। इसके उपरांत विकासखण्ड स्तर पर जांच करने के उपरांत अनुशंसा सहित जिला स्तर पर भेजा गया। जिला स्तरीय समिति द्वारा 1264 वनाधिकार के प्रकरणों का अनुमोदन कर पट्टे तैयार किए गए। जिनका वितरण आज से किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर 50 पट्टों का वितरण कर वनाधिकार पट्टे वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि हमारे आदिवासी भाईयों की लम्बे समय से मांग थी कि उन्हें जिस भूमि पर खेती कर रहे हैं उसका मालिकाना हक मिले। उन्होंने वनाधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि राजस्व और वन भूमि के विवाद का निराकरण किया जाना चाहिए। जिससे क्षेत्र के विकास कार्य न रूकें।
जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि समूह द्वारा उत्पादित उत्पादन की उचित मार्केंटिग की व्यवस्था की जाए। इस ओर कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया। तद्पश्चात् चैक वितरण कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय सिंह परिहार, परियोजना अधिकारी नरेगा जिला पंचायत पन्ना द्वारा किया गया। जबकि आजीविका मिषन पन्ना के जिला परियोजना प्रबंधक डी.के. पाण्डेय ने सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम बैंकर्स अंतर्गत सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया पन्ना, यूनियन बैंक पन्ना एवं मध्यांचल बैंक का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, श्रीमती तपस्या जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना, राजेन्द्र दुबे, अरविन्द सिंह यादव, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत पन्ना, घनश्याम शर्मा, राज्य ग्रामीण आजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुशील शर्मा, ओ.पी. त्रिवेदी, विवेक कुमार मिश्रा, अंकित पाण्डेय, रोहिणी रमन द्विवेदी, वेदप्रकाश, आकाश शर्मा, हरिराम एवं लाखन यादव उपस्थित थे।
वैश्विक महामारी नोबल कोरोना वायरस (COVID-19) संक्रमण के कारण उत्पन्न चुनौतियों को स्वीकारते हुए एवं राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पखवाड़े के अंतर्गत परियोजना अधिकारी और कर्मचारियों, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पन्ना के सदस्य कार्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और गृहिणियों के लिए 09 विविध प्रतियोगिताओं काआयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।‘हिन्दी दिवस’14 सितंबर 2020को परियोजना अधिकारी और कर्मचारियों के लिए ‘राजभाषा कार्यशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें एनएमडीसी लिमिटेड, हैदराबाद से राजभाषा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं उप महाप्रबंधक (राजभाषा) रूद्रनाथ मिश्र अतिथि वक्ता के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।








मंत्री श्री सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन से पूरे प्रदेश में एक साथ गरीब कल्याण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान गरीब कल्याण के अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे गरीब परिवार गरीबी से ऊपर उठकर सामान्य जनजीवन जिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य शासन द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कोरोना महामारी संक्रमण के साथ प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव तक पहुंचने के लिए परिवहन एवं भोजन की व्यवस्था की गयी। उन सब गरीब श्रमिकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। आगामी आने वाले समय में गरीबों के कल्याण की अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिससे गरीबों को शीघ्र लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने संबल योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के अन्तर्गत श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आगामी 23 सितंबर को संबल योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के खाते में राशि अंतरण की कार्यवाही पूरे प्रदेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि जिले की मातृ एवं शिशु मृत्युदर को घटाकर नीचे लाने के लिए कुपोषण के चक्र को तोड़ना होगा। इन सब कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने नारा दिया है ’’स्वस्थ बचपन सुरक्षित मातृत्व’’ इसे लागू करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अतिकम वजन वाले 1391 बच्चे हैं एवं कम वजन वाले 10381 बच्चे हैं इन सभी बच्चों को आगामी 6 माह में कुपोषण से मुक्ति दिलाई जाएगी। इस कार्य में महिला बाल विकास के साथ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास अभिकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि एवं कृषक कल्याण, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग को साथ लेकर कार्ययोजना बनाई गयी है। इसके अन्तर्गत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार, खून की कमी का निवारण किया जाएगा। कार्ययोजना में नवाचार के रूप में जिले में प्रोजेक्ट संजीवनी-2 की शुरूआत की गयी है। जिसमें कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर के सुधार के लिए बच्चों को 14 दिवस तक पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराया जाएगा।
जिले के कुपोषित बच्चों को दो माह तक पौष्टिक दुग्ध पाउडर एवं पौष्टिक आहार का वितरण एवं लाडली लक्ष्मी योजना की अध्ययनरत बालिकाओं को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। जिले की एक हजार नवीन लाडली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 15 नवनिर्मित आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण किया गया।







