* शहीद भगत सिंह की जयंती पर एमपीएमएसआरयू ने उन्हें याद कर अर्पित किए श्रद्धा सुमन
सतना।(www.radarnews.in) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की 113 जयंती पर सोमवार को मध्य प्रदेश मेडिकल एण्ड सेल्स रिप्रजेंटेटिव्स यूनियन की सतना इकाई के द्वारा स्थानीय पन्नीलाल चौक में मोमबत्तियां जलाकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। एमपीएमएसआरयू सतना इकाई के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया कि जयंती कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं के प्रेरणा स्रोत शहीद भगत सिंह ऐसे क्रांतिकारी हैं जो देश को अंग्रेजी हुकूमत की जंजीरों की कैद से आजाद कराने के लिए महज 23 वर्ष की आयु में हँसते-हँसते फांसी पर चढ़ गए थे।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की अदिव्तीय मिशाल के तौर अमिट अक्षरों में दर्ज है। उनका पूरा जीवन ही देश के मजदूरों-किसानों के लिए समर्पित था, तो ऐसे वक्त में जब हमारी अपनी ही सरकार जब देश के मेहनतकशों, मजदूर-किसानों पर साजिशन हमला बोल रही है, वो भी महामारी के दौर में तो निश्चित तौर पर उनका वंशज का दावा करने वाले ट्रेड यूनियन लीडर्स और सदस्यों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके विचारों को हम देश के जनमानस तक पहुंचाएं। शहीद भगत सिंह के संदेशों को ज्यादा से ज्यादा प्रचारित और प्रसारित करें।
कार्यक्रम के अंत में उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर एमपीएमएसआरयू के अध्यक्ष कॉमरेड संजय सिंह तोमर, प्रदेश सचिव वीरेन्द्र सिंह रावल, कार्यकारिणी सदस्य पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन से कॉमरेड योगेश शर्मा, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ अध्यक्ष आर.डी. दिव्वेदी सहित एमपीएमएसआरयू के कई सदस्यों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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शासन-प्रशासन की इस मेहरबानी पूरा लाभ उठाते वर्षाकाल में भण्डारण से रेत बिक्री की आड़ में रेत खनन का जारी है। अजयगढ़ के सीमावर्ती ग्राम रामनई, जिगनी, बरौली, चंदौरा, बीरा, भानपुर, मझगांय, बरकोला आदि में केन नदी किनारे स्थित खेतों को रेत खदानों में तब्दील कर दिया गया है। बिना स्वीकृति और वैधानिक अनुमति के निजी भूमि (खेतों) पर संचालित दर्जनों रेत खदानों से दैत्याकार मशीनों के जरिए रात-दिन रेत का खनन कराया जा रहा है। पूर्णतः अवैध तरीके से रेत खदानें संचालित करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर राजस्व की चोरी भी की जा रही है। अजयगढ़ क्षेत्र से उत्तर प्रदेश व पन्ना एवं सतना के लिए प्रतिदिन रेत का परिवहन करने वाले 90 फीसदी से अधिक वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक और बगैर ईटीपी के रेत की ढुलाई कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि, प्रदेश के खनिज संसाधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के गृह जिले और निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत यह सब बड़े मजे से चल रहा है।
वहीं रेत माफिया रसमीत के स्थानीय कर्मचारी अथवा पार्टनर पन्ना के उन पत्रकारों का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं जिनके पास रेत की ढुलाई के लिए ट्रेक्टर-ट्रॉली उपलब्ध नहीं है। माह जून 2020 से इनकी भी मासिक संतुष्टि का कार्यक्रम लगातार जारी है। कोरोना की आपदा में मल्होत्रा की मासिक मिठाई की खुराक पन्ना के अधिकांश पत्रकारों के लिए बड़ा सहारा बनीं है। रेत के अवैध कारोबार को लेकर सदैव चिंतित रहने वाले पत्रकारों पर मल्होत्रा की मिठाई ने ऐसा असर दिखाया है कि उनके जेहन से फिलहाल रेत शब्द ही गायब हो चुका है। हालांकि अपवाद स्वरूप कुछेक पत्रकार इस नक्कारखाने में तूती की आवाज़ बने हुए हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के कतिपय नेताओं-जनप्रतिनिधियों को भी रेत माफिया ने रोजगार मुहैया करा दिया है। रेत के अवैध खनन के कुछ प्वाइंट में पन्ना के नेताओं की हिस्सेदारी और इनके माध्यम से रेत खनन करने वाली मशीनरी को भी काम पर लगाया गया है। राजधानी भोपाल से लेकर पन्ना तक मल्होत्रा के मैनजमेंट के चलते रेत की लूट से प्रभावित अजयगढ़ क्षेत्र के वाशिंदों की शिकायतें हर जगह धूल खा रहीं हैं। परिणामस्वरूप तराई अंचल में रेत लूटपाट के खिलाफ बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है।
जिले के अजयगढ़ अनुभाग अंतर्गत आने वाले धरमपुर थाना की पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर ग्राम काजीपुर में स्थित एक घर पर दबिश देकर वहाँ से 55 किलोग्राम हरा गांजा जप्त किया है। थाना प्रभारी धरमपुर सुधीर कुमार बैगी ने बताया कि ग्राम काजीपुर में रामसनेही लोध अपने मकान के पीछे बाउण्ड्री के अंदर अवैध रूप से गांजा की खेती कर रहा था। शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जब रामसनेही लोध से प्रतिबंधित गांजा की खेती से जुड़े अनुमति सम्बंधी दस्तावेज मंगाए तो उसके द्वारा किसी तरह के दस्तावेज होने से इंकार किया गया। मौके पर गांजा की खेती की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। पुलिस ने रामसनेही पिता सुखलाल लोध 59 साल निवासी काजीपुर के घर से 107 नग छोटे-बड़े गांजे के पेड़ जप्त किए। जिसकी ऊंचाई 8 से 10 फुट के बीच और वजन 55 किलोग्राम है। हरे गांजे का मूल्य साढ़े पांच लाख रुपये बताया गया है।
















