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रक्षक ही बने भक्षक ! कैसे सुरक्षित रहेगा जंगल ? अवैध सागौन से भरी पिकअप मामले में फरार आरोपियों में वन कर्मचारी भी शामिल

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सागौन से लोड पिकअप को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी एवं वन विभाग का मैदानी अमला।

*  सागौन की तस्करी करते पन्ना के समीप पिकअप वाहन पकड़ाया

*  कोतवाली थाना पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई

*  पिकअप चालक समेत तीन आरोपी मौके से भाग निकलने में रहे कामयाब

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मौजूदा समय में वन विभाग लगातार सुर्ख़ियों में बना है। पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत तस्करों के द्वारा बाघ पी-123 के सिर समेत दूसरे अंगों को काटकर ले जाने के बहुचर्चित मामले के खुलासे के बाद अब जिले के उत्तर वन मण्डल से हैरान करने वालीं ख़बरें आ रहीं हैं। धरमपुर रेन्ज अंतर्गत अत्यंत ही संवेदनशील कुड़रा बीट के सीमावर्ती इलाके में कथित तौर पर वनकर्मियों के द्वारा 30-30 हजार रुपए में जंगल की जमीन को बेंचकर बड़े इलाके में खेती कराने के सुनियोजित और बेहद चालाकी भरे कारनामे के सामने आने से उठा तूफ़ान अभी शांत भी नहीं हुआ था, इस बीच शनिवार को पन्ना के समीप अवैध सागौन से भरे पिकअप वाहन के पकड़े जाने पर मौके से फरार हुए तीन तस्करों में से एक आरोपी को लेकर चर्चा है कि, वह वन विभाग का कर्मचारी है। इससे जाहिर है, पन्ना जिले के जंगल, वन्य प्राणी और वन सम्पदा वर्तमान समय में दो तरफ़ा गम्भीर संकट से घिरे हैं। बाहरी खतरे से कहीं अधिक चिंताजनक आंतरिक खतरा है। क्योंकि, जब कतिपय रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो फिर जंगल सुरक्षित कैसे रह पाएगा ?

संयुक्त कार्रवाई फिर भी भाग निकले तस्कर

पन्ना के समीप उत्तर वन मण्डल की विश्रामगंज रेन्ज अंतर्गत मांझा के नजदीक शनिवार 10 अक्टूबर की अल सुबह पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर पन्ना कोतवाली थाना पुलिस और विश्रामगंज रेन्ज के अमले ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक एम.पी. 21 जी 1976 को रोककर वाहन चालक से पूंछतांछ की गई। इस दौरान चालक ने वाहन में फार्च्यून लोड होना बताया। संदेह के चलते वाहन में लगे तिरपाल को खोलकर जब चैकिंग की गई तो उसमें सागौन के लट्ठे भरे मिले। इस बीच पिकअप चालक व उसमें सवार अन्य दो आरोपी मौके से जंगल की ओर भाग निकले। वाहन की चैकिंग के समय बरती गई लापरवाही के चलते आसानी से फरार हुए सागौन तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन वे नहीं मिल सके।
तिरपाल से ढंककर वाहन के अंदर रखे गए सागौन के लट्ठे एवं हाथ आरा।
जब्त की गई पिकअप से 21 नग सागौन के लट्ठे 2 नग हाथ आरा और 2 नग कुल्हाड़ी मिली है। प्रारंभिक जांच में सागौन के लट्ठों की कटाई आरामगंज बीट से होने की बात पता चली है। जहां सागौन के 5 पेड़ कटे हुए पाए गए। जब्तशुदा लट्ठों व सागौन के ठूंठों की नापजोख के आधार इसकी पुष्टि हुई है। इस मामले में वन अपराध क्रमांक-119/14 दिनांक 10 अक्टूबर 2020 धारा मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनिमय) अधिनियम 1969 की धारा 5 (15)(16) एवं धारा 41 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है और जब्तशुदा वाहन को राजसात करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

रिश्तेदारों को किराए पर दिया था वाहन

सागौन लट्ठों के अवैध परिवहन एवं कटाई के मामले में जब्त पिकअप वाहन के संबंध में सूत्रों से पता चला है कि जिले के ग्राम टिकरिया निवासी अली राजा अंसारी के नाम पर इसका पंजीयन है। कथित तौर पर अली राजा ने वाहन को पन्ना निवासी अपने दो रिश्तेदारों को मासिक किराए पर दिया हुआ है। वन विभाग की टीम अब वाहन को किराए पर लेने वालों की तालाश में सरगर्मी से जुटी है, ताकि सागौन तस्करी के मामले में फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी जल्द से जल्द संभव हो सके। गौरतलब हो कि, वाहन की धरपकड़ करने में शामिल रहे पुलिस के जवान और वन विभाग का अमला सागौन की तस्करी में वन विभाग के कर्मचारी की संलिप्तता को दबी जुबान स्वीकार कर रहा है।
अवैध रूप से सागौन का परिवहन करते हुए पकड़ा गया पिकअप वाहन।
लेकिन, उत्तर वन मण्डल के डीएफओ गौरव शर्मा कहना है कि उनके पास फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया, प्रकरण की विवेचना जारी है, वन अपराध में जिनकी भी संलिप्तता है उनका सुराग लगाकर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। संयुक्त कार्रवाई के बाद भी सागौन तस्करों के आसानी से भाग निकलने के सवाल पर उत्तर वन मण्डल के डीएफओ ने श्री शर्मा ने बताया, अवैध सागौन से लोड वाहन की धरपकड़ कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने की थी हमारा स्टॉफ बाद में मौके पर पहुंचा था। जबकि इसके विपरीत वन विभाग के निचले स्तर के अधिकारी और मैदानी अमला यह प्रचारित कर रहा है कि वाहन की धरपकड़ की कार्रवाई में वे शुरू से शामिल रहे हैं।

संयुक्त सीमांकन से स्पष्ट होगी भूमि की स्थिति

उत्तर वन मण्डल पन्ना की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत कुड़रा बीट में वन भूमि को कथित तौर वनकर्मियों के द्वारा सतना जिले के डेढ़ दर्जन किसानों से रुपए लेकर उन्हें बेंचने एवं खेती करने के लिए संरक्षण प्रदान करने के बेहद गंभीर और चिंताजनक आरोपों से पन्ना से लेकर वृत्त कार्यालय छतरपुर तक हड़कंप मचा है। कतिपय वनकर्मियों के इस हैरान करने वाले कारनामे से जुड़ीं ख़बरें गत दिनों प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित होने तथा मामला क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के संज्ञान में आने के बाद इसकी गहन जांच शुरू हो चुकी है।
उत्तर वन मण्डल के डीएफओ गौरव शर्मा ने मोबाइल पर अनौपचारिक चर्चा में बताया, किसानों के आरोपों की जांच हेतु नवागत एसडीओ को बयान दर्ज करने भेजा गया था लेकिन आरोप लगाने वाले किसान मौके पर नहीं मिले। अन्य लोगों ने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं कि जिस भूमि पर अतिक्रमण कराकर खेती कराई जा रही है वह वन विभाग की है। भूमि की कैफियत का पता लगाने के लिए वन और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त सीमांकन कराया जाएगा। यदि सीमांकन में वन भूमि पाई जाती है तो मौके से तुरंत अतिक्रमण हटवाकर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
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झूठे चुनावी वादों तक सिमटा मड़ैय्यन के पहुँच मार्ग का निर्माण, सड़क के आभाव ने रोकी गाँव के विकास की रफ़्तार

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* बारिश के मौसम में आवागमन में होती है सर्वाधिक असुविधा

* उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण गांव के सब्जी उत्पादक किसान हो रहे परेशान

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in)  विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज भी ऐसे कई गांव मौजूद हैं जहाँ बुनियादी सुविधाओं का आभाव है। जिला मुख्यालय पन्ना से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत इटवांकला का मड़ैय्यन गाँव ऐसे ही ग्रामों की फेहरिस्त में शामिल है। जहाँ, बुनियादी सुविधाओं में से एक बारहमासी सुगम आवागमन वाले पहुँच मार्ग के निर्माण की आज तक किसी ने सुध नहीं ली। देश की आजादी के सात दशक बाद भी इस गांव के लोगों को एक अदद पहुँच मार्ग नसीब नहीं हो सका। जिसका खामियाजा यहां के सब्जी, दूध उत्पादक प्रगतिशील किसानों-पशु पालकों और दूसरे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अत्यंत ही जर्जर उड़ब-खाबड़ कच्ची सड़क होने के कारण इस गांव के लोग अपनी सब्जी और दूध को बिक्री के लिए आसपास की मण्डी में नहीं पहुंचा पाते। इससे साफ़ जाहिर है कि प्रभावित किसानों-पशु पालकों को उनके उत्पादन तथा श्रम का वाजिब मूल्य नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना-अमानगंज मार्ग में रमपुरा नाका के आगे गुंदलहा नाला के बाजू से मड़ैय्यन गाँव के लिए कच्ची सड़क जाती है। करीब 5 किलोमीटर का यह रास्ता जंगल के बीचों-बीच से निकला है। इस उबड़-खाबड़ मार्ग से होकर आवागमन करने में जहां परेशानी होती वहीं समय भी अधिक लगता है। बारिश के मौसम में जंगल की तरफ से आने वाला पानी कई स्थानों पर मार्ग को ही जलमग्न कर बाधित कर देता है। बारिश के तीन-चार माह कीचड़ भरी दलदली सड़क से होकर गुजरना किसी सजा की तरह लगता है। इस दौरान गांव में किसी के बीमार पड़ने अथवा गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
बारिश के मौसम में ग्रामीण कष्ट दायक यात्रा से बचने के लिए आमतौर पर बेहद जरुरी काम होने की सूरत में ही गांव से बाहर जाते हैं। इस बात से समस्या की जटिलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। करीब 3000 से अधिक की आबादी वाले इस गांव में कक्षा 8वीं तक सरकारी स्कूल है। बारिश के मौसम में हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को खेतों की मेड़ों के सहारे 4 किलोमीटर दूर पंचायत मुख्यालय इटवांकला और 12वीं के लिए 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बराछ जाना पड़ता है। पहुँच मार्ग की बदहाली विद्यार्थियों के शिक्षा के मार्ग में बाधा बनीं हुई है।
मड़ैय्यन के ग्रामीण बताते हैं जब भी विधानसभा या लोकसभा के चुनाव आते हैं तो उनके गांव में आने वाले विभिन्न दलों के नेता सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे करते हैं। मगर, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सब भूल जाते हैं। नेताओं के झूठे वादों पर भरोसा कर स्वयं को कई दशकों से ठगा हुआ महसूस रहे इस गांव के लोगों की नजर में सभी पार्टियां और उनके नेता एक जैसे हैं। जिन्हें सिर्फ चुनाव के समय जनता की याद आती है। सड़क निर्माण की आस छोड़ चुके मड़ैय्यन के वाशिंदे कहते हैं जर्जर सड़क पर चलना शायद हमारी नियति में है।
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रैली निकालकर वन और वन्य प्राणी संरक्षण का दिया सन्देश

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*  वन परिक्षेत्र पन्ना में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का हुआ समापन

पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर वनमण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पन्ना अन्तर्गत ग्राम विक्रमपुर में वन मण्डलाधिकारी उत्तर गौरव शर्मा के निर्देशन में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया गया। बुधवार 7 अक्टूबर को ग्राम वन समिति विक्रमपुर की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें वनों और वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। तत्पश्चात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें गांव के बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर बच्चों ने बड़े ही प्रभावी तरीके से बेजुवान वन्य जीवों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेन्द्र पाण्डेय ने कहा वन्य प्राणियों और वनों का रिश्ता अभिन्न। वन ही वन्य प्राणियों का घर हैं। वन प्रकृति का ऐसा वरदान हैं, जिन पर मनुष्य का अस्तित्व, उन्नति और समृद्धि निर्भर है। तेजी से बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं की पूर्ति और औद्योगिकरण के कारण वनों का रकबा लगातार सिकुड़ रहा है। इसका स्वभाविक दुष्परिणाम वन्य प्राणियों की तादाद घटने, कई वन्य जीवों के विलुप्त होने और संकटग्रस्त होने के रूप में सामने आना खतरे का संकेत है। श्री पाण्डेय ने बताया, वन्य जीवों से मानव जाति को अनेक लाभ प्राप्त हो रहे है। पर्यटन के क्षेत्र में वन्य प्राणियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन्य प्राणियों से प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इसलिए हमें वनों और वन्य प्राणियों को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम विक्रमपुर में जन जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर 29 छात्र-छात्राओं को जब वनक्षेत्रपाल रजत तोमर व प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने स्कूल बैग वितरित किए तो वे ख़ुशी से चहक उठे। कार्यक्रम में देवेन्द्र सिंह वनपाल, पंकज कुशवाहा, अरुण त्रिवेदी, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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कैनवास पर कुदरत के रंग भरकर वनों, वन्य प्राणियों और पर्यावरण संरक्षण का दिया सन्देश

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शील्ड और प्रमाण पत्र लिए विजेता प्रतिभागी।

* वन परिक्षेत्र देवेन्द्रनगर में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का हुआ समापन

* विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किए

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर वनमण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र देवेन्द्रनगर अन्तर्गत शासकीय हाईस्कूल बडागांव में वन मण्डलाधिकारी उत्तर गौरव शर्मा के निर्देशन में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया गया। जिसमें वाल पेंटिंग, ड्राइंग पेंटिंग (चित्रकला) की प्रतियोगिता में वन्य प्राणियों, पेड़-पौधों तथा पर्यावरण संबंधी चित्र स्कूली बच्चों द्वारा बनाए गए। प्रतियोगिता में 20 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन कर वन्य सम्पदा, वन्य प्राणियों व पर्यावरण संरक्षण का महत्व और इसकी आवश्यकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेन्द्रनगर एस.के. शेन्डे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा, वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में वनों और वन्य जीवों के संरक्षण का सन्देश पहुँचाना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि वन सम्पदा, वन्य जीवों और पर्यावरण का संरक्षण मानव के अस्तित्व के लिए आवश्य है। पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का व्यापक दुष्प्रभाव मनुष्य और जीवों पर पूरी दुनिया में पड़ रहा है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड व प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया तथा अन्य प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। ड्राइंग पेंटिंग में कक्षा 10वीं की पारूल द्विवेदी को प्रथम स्थान, अंकिता कटेहा को द्वितीय, धीरेन्द्र कुशवाहा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार वाल पेंटिंग में कक्षा 9वीं के भूपेन्द्र यादव को प्रथम, संकृत पटेल को द्वितीय एवं कक्षा 10वीं की खुशी तोमर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में वनक्षेत्रपाल (प्रशिक्षु) परिक्षेत्र सहायक देवेन्द्रनगर वृन्दावन यादव, वनरक्षक बीटगार्ड देवेन्द्रनगर राजेश सिंह, वनरक्षक रमेश प्रसाद कोंदर, स्कूल प्राचार्य विनीत द्विवेदी, स्कूल स्टाफ डी.पी. साहू, ओ.पी. चतुर्वेदी, राजेश कोरी, सुनील केशरी उपस्थित रहे।
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अनूठा प्रदर्शन : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा, पत्रकारों को सद्बुद्धि देने “बापू” से लगाई गुहार

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पन्ना के गाँधी चौक पर पत्रकारों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिन्दे।

*  पन्ना के गाँधी चौक में नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिन्दों ने किया अनूठा विरोध-प्रदर्शन

*  भू-माफिया के द्वारा गरीबों के पुश्तैनी कब्ज़े की भूमि हड़पने के मुद्दे पर मौन है पन्ना का मीडिया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना शहर में मंगलवार को स्थानीय मीडिया कर्मियों के खिलाफ अनूठा विरोध-प्रदर्शन हुआ। जिसकी चर्चा हर ज़ुबान पर है। जिला मुख्यालय पन्ना से सटे हुए ग्राम नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिन्दों ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक बड़े धड़े की भूमिका के प्रति अपने गुस्सा ज़ाहिर करने के लिए अनोखा तरीका अपनाते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की प्रतिमा को ज्ञापन सौंपा है। इस प्रदर्शन में शामिल लोग अपने हाथों में विभिन्न अखबारों की प्रतियां लेकर खड़े रहे। उनके द्वारा “बापू” से पथ भ्रष्ट पत्रकारों को सद्बुद्धि-सन्मति देने और सदमार्ग पर चलने के लिए नैतिक आत्मबल प्रदान करने के लिए प्रार्थना की गई।
शहर के हृदय स्थल गाँधी चौक पर हुआ यह प्रदर्शन राहगीरों और आसपास के दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। दोपहर के समय तेज धूप के बीच बापू की प्रतिमा के अगल-बगल हाथों में अखबारों की प्रतियां लेकर खड़े लोगों को देखकर चौराहे से गुजरने वाले राहगीर जिज्ञासावश कुछ देर के लिए ठहरे और प्रदर्शन का सबब जानने के बाद आश्चर्यपूर्वक अफ़सोस जाहिर करते हुए आगे बढ़ गए। पन्ना जिले में पत्रकारों के खिलाफ संभवतः यह पहला विरोध-प्रदर्शन है। इसलिए गली-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना से सटे हुए ग्राम नयापुरा-मुड़िया पहाड़ की नेशनल हाइवे क्रमाँक-39 के दोनों तरफ स्थित बेशकीमती 15 एकड़ से अधिक भूमि पर कई दशकों से काबिज लोगों का आरोप है कि भू-माफिया एवं दबंग भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने उनके पुश्तैनी कब्जे की भूमि राजस्व विभाग की सांठगांठ से हड़प ली है। कथित तौर अंकुर को इस पूरे प्रकरण में सत्ताधारी दल भाजपा के एक शीर्ष नेता का राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। बेघर होने की कगार पर खड़े सैंकड़ों लोग अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ पिछले एक माह से भी अधिक समय से आंदोलित हैं।
पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट पहुंचीं नयापुरा मुड़िया पहाड़ की महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। (फाइल फोटो)
पिछले दिनों इनके द्वारा क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पन्ना कलेक्टर, भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया और कोंग्रेस विधायकों की टीम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई गई। प्रभावित परिवारों की महिलाओं के द्वारा गले में फाँसी का फंदा डालकर कलेक्ट्रट तक पैदल मार्च निकाला गया। लेकिन इन तमाम घटनाक्रमों को पन्ना के प्रिन्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक बड़े धड़े ने प्रकाशित या प्रसारित करना उचित नहीं समझा। अपवाद स्वरूप कुछ पत्रकारों द्वारा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ख़बरों को प्रमुखता से प्रकाशित या प्रसारित किया गया।

माफिया की गोद में बैठा मीडिया ?

नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के बहुचर्चित मामले की सच्चाई जानने और तथ्यों से अवगत होने के बाद भी पन्ना का मीडिया इस ज्वलंत मुद्दे पर मौन साधे हुए है। बस यही बात नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के प्रभावितों को लगातार खटक रही है। मीडिया के खिलाफ प्रदर्शन अगुवाई करने वाले बृजेश गौतम और गंगा बाई का आरोप है कि दबंग भू-माफिया और उसके राजनैतिक संरक्षणदाता की नाराजगी के डर अथवा निहित स्वार्थ पूर्ति के चलते पन्ना के अधिकांश पत्रकार उनके मुद्दे को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं। बेजुबानों की आवाज़ बनने, हक़ और इंसाफ़ की बात करने के बजाए कतिपय पत्रकार मौन रकहकर अघोषित तौर पर माफिया के साथ खड़े है।
पन्ना के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग- 39 किनारे स्थित मुड़िया पहाड़ की विवादित भूमि जिस पर गरीब तबके के सैंकड़ों लोग कई पीढ़ियों रह रहे हैं।
पत्रकारों की बदली हुई इस भूमिका व चरित्र से व्यथित और आक्रोशित लोगों को जब कुछ समझ नहीं आया तो वे मंगलवार 6 अक्टूबर को अपनी शिकायत लेकर “बापू” की शरण में पहुँच गए। इसी तरह जिले में चल रही रेत की लूट की भी पन्ना के अधिकाँश पत्रकार अनदेखी कर रहे हैं।बहरहाल, पत्रकारों के खिलाफ ग्रामीणों के द्वारा महात्मा गाँधी की प्रतिमा को ज्ञापन सौंपना, हाथों में अखबार की प्रतियां लेकर चौराहे पर प्रदर्शन करना इस बात संकेत है कि मूल्य आधारित पत्रकारिता में गिरावट आने से समाज न सिर्फ चिंतित है बल्कि इससे सीधे तौर पर प्रभावित भी हो रहा है। लगातार उठते सवालों के मद्देनजर पन्ना के पत्रकारों को आत्मावलोकन अपनी कमियों को ईमानदारी से दूर करने की तरफ ध्यान देने की जरुरत है, ताकि मीडिया की स्वतंत्रता, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और निर्भीकता बरक़रार रह सके।
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MP के खनिज मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत के अवैध उत्खनन का मामला NGT पहुंचा

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फाइल फोटो।

*  पन्ना कलेक्टर, एसपी, खनिज अधिकारी समेत अन्य को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

*  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सेन्ट्रल जोनल बेंच भोपाल की मुख्य पीठ ने याचिका की सुनवाई कर जारी किए नोटिस

*  रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा पर निजी कृषि भूमियों में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन करने का आरोप

*  ठेकेदार और किसानों के बीच रेत खनन को लेकर हुए अनुबंध के दस्तावेज याचिका के साथ साक्ष्य के रूप में किए संलग्न

शादिक खान, भोपाल/पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के खनिज संसाधन विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप प्रताप सिंह के गृह जिले एवं निर्वाचन क्षेत्र पन्ना में पिछले चार माह से बड़े पैमाने पर जारी रेत के अवैध उत्खनन का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) पहुँच चुका है। रेत के अवैध कारोबार की शिकायतों पर जिला प्रशासन पन्ना के स्तर पर प्रभावी करवाई न होने से निराश होकर सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय, उप सरपंच ग्राम पंचायत बीरा जनपद पंचायत अजयगढ़ एवं भरत मिलन पाण्डेय निवासी ग्राम पिष्टा तहसील अजयगढ़ जिला पन्ना ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेन्ट्रल जोनल बेंच भोपाल में अपने अधिवक्ता रोहित कुमार शर्मा के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की है।
एनजीटी के द्वारा पन्ना कलेक्टर को ज़वाब प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस की कॉपी।
इस याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मुख्य पीठ न्यायायिक सदस्य जस्टिस शेओ कुमार सिंह एवं सम्मानीय डॉ. सत्यवान सिंह गर्ब्याल (विशेषज्ञ सदस्य) के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार 01 अक्टूबर को प्रारंभिक सुनवाई की गई। एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच ने याचिका में उल्लेखित बिंदुओं, संलग्न साक्ष्यों, प्रकाशित समाचारों आदि पर गौर करने के उपरांत इसे सुनवाई हेतु स्वीकार किया है। याचिका को दर्ज करते हुए ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी कर प्रतिवादी मध्य प्रदेश शासन की ओर से कलेक्टर पन्ना, पुलिस अधीक्षक पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पन्ना, जिला खनिज अधिकारी पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ़ एवं रेत ठेकेदार रसमीत सिंह मल्होत्रा को 3 अक्टूबर 2020 को नोटिस जारी कर जवाब माँगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 20 नवम्बर 2020 को होगी।

इन बिंदुओं पर माँगा जवाब

एनजीटी के द्वारा पन्ना के जिला खनिज अधिकारी को ज़वाब प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस की कॉपी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रारंभिक सुनवाई में उपस्थित हुए एडवोकेट रोहित शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मुख्य पीठ ने याचिका पर सुनवाई उपरान्त तीन पेज का आदेश जारी कर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रतिवादियों से जवाब माँगा है। आदेश में कहा गया है, मूल आवेदन पत्र में उल्लेख है कि पन्ना जिले की रेत खदानों के समूह ठेकेदार रसमीत सिंह मल्होत्रा के द्वारा किसानों की निजी कृषि भूमि को उनसे लीज पर लेकर खेतों में अवैध तरीके से रेत खदान संचालित की जा रही है। जबकि खनन कार्य हेतु राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति एवं राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण से मंजूरी लेना अनिवार्य है। रेत ठेकेदार के द्वारा बगैर लीज स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के मनमाने तरीके से निजी कृषि भूमि से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद वर्षाकाल में भी रेत का अनियंत्रित दोहन जारी है। हैवी मशीनों से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन कराए जाने के संबंध में हाल में ही प्रकाशित समाचारों की कटिंग, फोटो, वीडियो जोकि साक्ष्य के रूप में पेश किए गए हैं, इससे स्पष्ट है कि मानसून सीजन में भी उत्खनन कार्य क्षेत्र में जारी है।
पन्ना जिले के ग्राम जिगनी एवं रामनई में निजी भूमि पर संचालित अवैध रेत खदानों से वर्षाकाल में भी रेत का खनन है जारी। (देखिए चित्र)
बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से रेत खनन कर पर्यावरण संबंधी नियम-कानूनों का उल्लंघन कर रहे ठेकेदार के विरुद्ध जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उचित कार्रवाई करने में जानबूझकर उदासीनता बरती जा रही है। खेतों में रेत खदान संचालित करते हुए ठेकेदार के द्वारा 50 मीटर गहरे गड्ढे खोदने के कारण निश्चित ही भू-जल स्तर में कमी आ सकती है। निकट भविष्य में गांव के लोगों को इसका दुष्परिणाम पेयजल संकट के रूप में झेलना पड़ सकता है। गुणवत्ता युक्त रेत खनन के लिए पानी के अंदर से प्रेशर के जरिए रेत निकालने वाली नौकाओं (पनडुब्बी) का उपयोग करके केन नदी के तल से रेत निकाली जा रही है। इस कारण केन नदी का मुक्त प्रवाह प्रभावित हो रहा है, इससे क्षेत्र में बाढ़ जैसी आपदा का खतरा बढ़ जाता है।
पन्ना जिले में नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बड़े पैमाने पर जारी है रेत का अवैध उत्खनन।
उल्लेखनीय है कि, याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने बताया कि पन्ना जिले में निजी कृषि भूमियों में रेत का खनन होने के अहम साक्ष्य के तौर पर ठेकेदार रसमीत सिंह मल्होत्रा और किसानों के बीच निष्पादित हुए अनुबंध की कॉपी याचिका में विशेष रूप से संलग्न की गई हैं। एनजीटी के आदेश और नोटिस की कॉपी पन्ना में प्रतिवादियों को ईमेल के माध्यम से प्राप्त होने और सोशल मीडिया पर इनके वायरल होने से रेत की लूट को नजरअंदाज करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों तथा बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन के गंभीर आरोपों से घिरे रेत ठेकेदार सिंह रसमीत मल्होत्रा के स्थानीय कर्मचारियों में हड़कम्प मचा है।
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गुंदलहा नाला हत्याकाण्ड का खुलासा : युवती का होने वाला पति ही निकला कातिल, किसी और के सम्पर्क में होने के संदेह पर दुपट्टे से गला दबाकर की थी हत्या

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हत्याकाण्ड के खुलासे की जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान एवं पन्ना कोतवाली थाना पुलिस की अभिरक्षा में हत्या का आरोपी राजकुमार पटेल।

*  बलात्कार होने की आशंका के चलते जांच हेतु फोरेंसिक लैब भेजी सीमेन स्लाइड

*  आरोपी के कब्जे से उसका और मृतिका का मोबाइल फोन, कपड़े, बाइक जब्त

*  पुलिस कण्ट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने दी जानकारी

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मड़ैयन से लापता युवती का शुक्रवार को गुंदलहा नाला में अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने 24 घण्टे के अंदर खुलासा करने का दावा करते हुए हत्या के आरोप में मृतिका के होने वाले पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजकुमार पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहन्द्रा जिला पन्ना को संदेह था उसकी होने वाली पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के सम्पर्क में है, क्योंकि कॉल करने पर उसका मोबाइल फोन रिसीव नहीं होता था। इस बात से परेशान राजकुमार पटेल ने 27 सितंबर को युवती से मिलने के लिए उसे गुंदलहा नाला बुलाया था। जहां दोनों के बीच बातचीत के दौरान अचानक बहस होने पर राजकुमार ने अपनी होने वाली पत्नी का उसी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। और फिर लाश को नाले में फेंक दिया था। चुनौतीपूर्ण अंधे क़त्ल के इस खुलासे को पन्ना पुलिस की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। हर कोई यह जानकार हैरान है कि, युवती का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका होने वाला पति ही है, जिसने महज संदेह के आधार इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
पुलिस कण्ट्रोल रूम में आयोजित प्रेससवार्ता में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना कोतवाली थाना की पुलिस चौकी बराछ के अंतर्गत आने वाले ग्राम मड़ैयन में रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती दिनांक 27 सितंबर की सुबह  किसी को कुछ बताए बगैर घर से कहीं चली गई थी। काफी देर तक युवती जब वापस घर नहीं पहुंची तो चिंतित परिजनों ने गांव में ही उसकी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 28 सितम्बर को युवती के भाई ने पुलिस चौकी बराछ में गुमशुदगी की सूचना दी। जिस पर पुलिस के द्वारा गम इंसान का मामला कायम किया गया। जवान बेटी के इस तरह अचानक लापता होने से चिंतित और परेशान परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन लगातार जारी रखी। इस दौरान शुक्रवार 2 अक्टूबर की सुबह मड़ैयन गांव से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर जंगल में नाला के समीप युवती का शव अर्ध नग्न अवस्था में मिलने से परिजनों के होश उड़ गए। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
जघन्य हत्याकांड के खुलासे एवं अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी के द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना निरीक्षक अरूण कुमार सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। मृतिका के मोबाइल नम्बर की सायबर इन्टेलीजेन्स से जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि मृतिका अंतिम बार राजकुमार पटेल निवासी ग्राम इटहा मोहन्द्रा से बात हुई थी। राजकुमार के साथ मृतिका का विवाह तय हुआ था। घटनास्थल के पास मृतिका एवं संदेही राजकुमार पटेल के मोबाइल की लोकेशन भी पाई गई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पन्ना में छतरपुर-अजयगढ़ बाइपास मार्ग से शनिवार 3 अक्टूबर को राजकुमार पटेल को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार राजकुमार मोटरसाइकिल से छतरपुर भागने की फिराक में था।
संदेही युवक से कड़ाई से पूंछतांछ करने पर उसने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व मेरी शादी मृतिका के साथ तय हुई थी। जिसके बाद वह लगातार मृतिका से फोन पर बात करता था। कुछ समय बाद जब मैं मृतिका को फोन लगाता था तो कई बार वह मेरा फोन नहीं उठाती थी जिससे मुझे उस पर शंका होने लगी। इसी कारण मैंने दिनांक 27 सितंबर को सुबह 10-11 बजे के बीच मृतिका को फोन पर गुंदलहा नाला के पास बुलाया। जहां कुछ देर बात हुई इस दौरान हम लोगों मे बहस शुरू हो गई जिसको लेकर मैनें उसी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को नाले में फेंक दिया था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर इटहा लौट गया। इस जानकारी के आधार पर आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीव्ही फुटेज को चेक किया गया जिसमें राजकुमार घटना दिनांक को अपनी मोटर साइकिल से घटनास्थल तरफ जाते हुये दिखा है ।
पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी ने जानकारी देते हए बताया कि मृतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालात्कार होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी का सीमेन स्लाइड सुरक्षित कर जाँच हेतु फारेंसिक लैब भेजा जा रहा है जिसके अनुसार जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने पर बालात्कार की पुष्टी हो सकेगी। जिसके अनुसार अग्रिम विवेचना कार्यवाही की जाएगी। घटना के समय राजकुमार के द्वारा पहने गए कपड़े, उसका मोबाइल, मृतिका का मोबाइल फोन एवं बाइक को पुलिस ने जब्त किया है।
अंधे क़त्ल का ततपरता से खुलासा करने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरूण सोनी, उपनिरीक्षक जे.एम. सिहं, उप निरीक्षक राहुल यादव, उप निरीक्षक व्ही.के. अहिरवार, उप निरीक्षक जया सोनी, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पाण्डे , शिवेन्द्र सिहं , प्रेमलाल पाण्डेय , सायबर सेल से नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी , धर्मेन्द्र सिंह राजावत एवं पुलिस टीम से आरक्षक राजेश सिहं ,बीरेन्द्र कुमार, रामपाल बागरी, राजीव मिश्रा, मोहन सिंह, दीप प्रकाश, प्रदीप पाण्डेय, रविकरन, केशव, सुनील, रोहित, मुन्ना, रवि खरे का विशेष योगदान रहा । पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा उक्त पुलिस टीम को नगद पुरूस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है ।
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मध्यप्रदेश के पन्ना में “हाथरस” जैसी वारदात सामने आई, लापता युवती का जंगल के नाला में अर्धनग्न अवस्था में मिला शव, तौलिया से गला घोंटकर निर्ममतापूर्वक की गई हत्या, बलात्कार की आशंका

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घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी।

*  पन्ना कोतवाली थाना अंतर्गत गुंदलहा नाला की घटना

*  मृतिका के परिचित युवक पर पुलिस को संदेह

*  आखिरी बार संदेही युवक से मृतिका की हुई थी बात

*  कॉल डिटेल के आधार पर विवेचना में जुटी पुलिस, जल्द हो सकता है खुलासा

पन्ना।(www.radarnews.in) हाथरस की निर्भया के लिए इंसाफ की मांग को लेकर देश भर में जबरदस्त उबाल और उग्र प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में भी एक बेटी को बड़ी ही दरिंदगी के साथ क़त्ल कर दिया गया। दहला देने वाली इस घटना का पता पांच दिन बाद शुक्रवार 2 अक्टूबर को युवती का शव जंगल में स्थित नाला में अर्धनग्न अवस्था में मिलने पर चला। युवती के गले में डली तौलिया में गांठ लगी मिलने और उसकी शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि, गला दबाकर बड़ी ही बेरहमी से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है।
घटनास्थल का सघन निरीक्षण कर आवश्यक तथ्यों को दर्ज करते हुए पुलिस अधिकारी।
मृतिका के साथ बलात्कार होने के संबंध में फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। लेकिन युवती का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने के कारण से रेप के बाद उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने भी इससे इंकार नहीं किया है, मगर युवती की मेडिकल रिपोर्ट और उसके कपड़ों की केमिकल जांच रिपोर्ट के आने पर ही घटना की सच्चाई का पता चलने की बात कही जा रही है। अंधे क़त्ल की इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने पर पन्ना पुलिस ने मृतिका के परिचित युवक को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। आज सुबह इस जघन्य वारदात की खबर आने के बाद से बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर लोग काफी आक्रोशित और चिंतित नजर आए।
घटनास्थलपर मौजूद आसपास रहने वाले ग्रामीणजन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना कोतवाली थाना की पुलिस चौकी बराछ के अंतर्गत आने वाले ग्राम मड़ैयन में रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती दिनांक 27 सितंबर की सुबह अपनी भतीजी से यह कहकर घर से निकली थी कि मैं थोड़ी देर से आती हूँ। काफी देर तक युवती जब वापस घर नहीं पहुंची तो चिंतित परिजनों ने गांव में ही उसकी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 28 सितम्बर को युवती के भाई ने पुलिस चौकी बराछ में गुमशुदगी की सूचना दी। जिस पर पुलिस के द्वारा गम इंसान का मामला कायम किया गया। जवान बेटी के इस तरह अचानक लापता होने से चिंतित और परेशान परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन लगातार जारी रखी। इस दौरान शुक्रवार 2 अक्टूबर की सुबह मड़ैयन गांव से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर जंगल में नाला के समीप युवती का शव अर्ध नग्न अवस्था में मिलने से परिजनों के होश उड़ गए। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बराछ और पन्ना से पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किया।
मामला बेहद संवेदनशील होने के मद्देनजर पन्ना से पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी घटनास्थल गुंदलहा नाला पहुंचे। युवती की मौत 5 दिन पूर्व होने की वजह उसका शव सड़ने के बाद गलने लगा था। युवती के सिर के बाल और शरीर की चमड़ी नाले के पानी के प्रवाह में लगातार बह रही थी। जंगल में मृतिका का शव अर्ध नग्न अवस्था में मिलने और गले में तौलिया बंधा होने से रेप के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पन्ना पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के क्षेत्र की डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग कराई गई। पन्ना में पोस्टमार्टम कराने के बाद युवती के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

परिचित युवक संदेह के घेरे में

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक पुलिस जांच में पता चला है कि युवती ने घटना दिनांक 27 सितंबर को अपने पूर्व परिचित युवक से आखरी बार बात की थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। वहीं संदेही युवक के मोबाइल की लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास पाई गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए संदेही युवक को हिरासत में ले लिया है। उससे घटना के संबंध में पूंछतांछ की जा रही है। साथ ही मृतिका और संदेही युवक के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है। वहीं मृतिका के गांव में दबी जुबान यह चर्चा है कि प्रेम प्रसंग के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पता चला कि युवती का विवाह तय हो चुका था और कुछ समय बाद उसकी शादी होनी थी। इस बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात सामने आने से हर कोई हैरान है। वारदात की वजह को लेकर तमाम चर्चाओं के चलते पुलिस हर एंगल मामले की गहन जांच में जुटी है। ऐसी खबर मिल रही है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा कर सकती है।

इनका कहना है –

“युवती की अंतिम बार जिस व्यक्ति से बात हुई थी उसकी लोकेशन घटना दिनांक को घटनास्थल के पास मिली है। हम घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। फिलहाल मृतिका का गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। उसके साथ रेप होने के संबंध स्पष्ट तौर पता नहीं चल सका। मेडिकल जांच रिपोर्ट और मृतिका के कपड़ों की कैमिकल जांच उपरांत ही आधिकारिक तौर सच्चाई का पता चल सकेगा। इस केस का जल्द से जल्द खुलासा करने की दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं।”

– मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, पन्ना।

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बाघ का सिर और प्रायवेट पार्ट काटने वाले छतरपुर जिले के 3 आरोपी गिरफ्तार, पकड़े जाने के डर से नदी में फेंक दिया था सिर और जमीन में गाड़ दिए थे अन्य अंग

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केन नदी में सर्चिंग के दौरान बाघ पी-123 का शव इस स्थिति में बरामद हुआ था, उसका सिर गायब था। (फाइल फोटो)

* कुल्हाड़ी और हंसिया का उपयोग कर काटे थे अंग

* पकड़े गए शिकारियों में झोलाछाप डॉक्टर भी शामिल

* पन्ना के बाघ पी-123 के सिर और अन्य अवयवों को काटने वाले आरोपी गिरफ्तार

* बाघ के अंगों की तस्करी से जुड़े इस अपराध की सच्चाई को छिपाने का पूर्व क्षेत्र संचालक पर है आरोप

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल की टीम ने पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ पी-123 का सिर और अन्य अंगों को काटकर ले जाने के बहुचर्चित मामले का खुलासा करते हुए छतरपुर जिले के तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में छतरपुर जिले के ग्राम पलकोहा निवासी एक झोलाछाप घनश्याम कुशवाह उर्फ डॉक्टर भी शामिल है। जिसके बहकावे में आकर अन्य दो आरोपियों ने बाघ की गर्दन को कुल्हाड़ी से काटा था। इसके अलावा उसके प्रायवेट पार्ट को हंसिया से काटा गया था। बाघ के कुछ अवशेष भी जब्त हुए हैं। बाघ पी-123 के सिर के साथ अन्य अंगों भी गायब होने और उन्हें धारदार हथियार से काटे जाने का खुलासा होने के बाद वन्यजीवों के अंगों की तस्करी से जुड़े इस सनसीखेज अपराध की जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल को सौंपी गई थी।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल की टीम के द्वारा गिरफ्तार किये गए आरोपी।
करीब एक माह कड़ी मशक्कत के बाद इस मामले का खुलासा करते एसटीएसएफ ने छतरपुर जिले के तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है। प्रधान वन संरक्षक वन्य-प्राणी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपियों छतरपुर जिले के ग्राम पलकोहा निवासी घनश्याम कुशवाह उर्फ डॉक्टर, अच्छेलाल पिता भूरा और नत्थू मोती ने अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि बाघ के अंगों को काटने के बाद पकड़े जाने के डर से केन नदी में उसका सिर फेंक दिया था और अन्य अंगों को नदी के ही पास गाड़ दिया था। उस स्थल से भी एसटीएफ द्वारा कुछ अवशेष जब्त किये गये हैं। इन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिये भेजा रहा रहा है। प्रधान वन संरक्षक वन्य-प्राणी आलोक कुमार ने एसटीएसएफ की टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित करने की घोषणा की है।
के.एस. भदौरिया।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व की हिनौता रेन्ज अंतर्गत बाघ पी-123 आपसी संघर्ष में घायल होकर केन नदी में गिर गया था। घटना के तीसरे दिन 10 अगस्त, 2020 को बाघ का शव नदी में तैरता हुआ मिला था। उसका सिर गायब था। पन्ना टाइगर रिजर्व के तत्कालीन क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि बाघ के तीन दिन तक नदी के पानी में रहने से उसके सिर को शायद मगरमच्छ ने खा लिया। बाघ का शव मिलने के लगभग 20 दिन बाद जब यह खुलासा हुआ कि उसके सिर के साथ अन्य प्रायवेट पार्ट भी गायब थे और सभीअंगों को धारदार हथियार से काटा गया है, तो यह सच्चाई जानकार हर कोई दंग रह गया। पन्ना टाइगर रिजर्व के तत्कालीन क्षेत्र संचालक ने बाघ के अंगों की तस्करी से जुड़े इस संगीन अपराध को छिपाते हुए बाघ के अंगों को धारदार हथियार से काटे जाने तथा सिर के अलावा भी दूसरे अंग गायब होने की बात को आधिकारिक तौर पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में छिपाया था।
पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)
इस घटनाक्रम को लेकर विभाग के अंदरखाने यह चर्चा रही है कि तत्कालीन क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बाघ पी-123 के मामले में हुई घोर लापरवाही पर पर्दा डालने के इरादे से घटना की सच्चाई को जानबूझकर छिपाया था। मालूम हो कि पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पी-123 के पूर्व महज 8 माह के अंदर 4 बाघों की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले सामने आए थे। जिसे लेकर पार्क प्रबंधन की मीडिया में तीखी आलोचना हो रही थी साथ ही बाघों की निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे थे। ऐसे माहौल में पार्क के अधिकारियों ने बाघ पी-123 के मामले में अपनी बड़ी लापरवाही को छिपाने के लिए बाघ के सिर को मगरमच्छों के द्वारा अपना निवाला बनाने की मनगढ़ंत कहानी और आधी-अधूरी सच्चाई का प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया था। भोपाल में बैठे शीर्ष अधिकारियों को भी इस मामले पर गुमराह किया गया था। जिसके चलते पिछले दिनों सीनियर आईएफएस अफसर के.एस. भदौरिया को पन्ना टाइगर रिजर्व से हटाकर भोपाल स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में अटैच किया गया है।
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कोंग्रेस विधायकों की टीम ने किया पन्ना की बेशकीमती विवादित भूमि का दौरा, बोले- “राजनैतिक संरक्षण प्राप्त भू-माफिया ने सिस्टम से सांठगांठ कर गरीबों के साथ अन्याय किया”

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पन्ना के नयापुरवा और मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों से चर्चा करते हुए कोंग्रेस विधायकों की टीम।

* करोड़पति हीरालाल की झोपड़ी और परिवार की बदहाली देखकर दंग रह गए विधायकगण

* भू-माफिया को एक करोड़ की जमीन बेंचने वाला आदिवासी परिवार फांके करने को मजबूर

* गरीब आदिवासी को मोहरा बनाकर जमीन हड़पने की साजिश से जुड़े तथ्यों-साक्ष्यों को खंगाला

* विधायकों की टीम ने बताया अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपेंगे

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव की प्रकिया जारी है। प्रदेश के भविष्य के फैसले के लिहाज से बेहद अहम और निर्णायक माने जा रहे इन चुनावों के नतीजों से ही यह तय होगा कि सत्ता की कमान भारतीय जनता पार्टी के हाथ में ही रहेगी या फिर कोंग्रेस पुनः वापसी करेगी ! इन चुनावों में दोनों ही पार्टियों के प्रदेश के नेतृत्व का राजनैतिक भविष्य और प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। उप चुनाव के जबरदस्त घमासान के बीच प्रदेश कोंग्रेस कमिटी ने पन्ना में गरीब परिवारों के पुस्तैनी कब्जे की बेशकीमती भूमि को हड़पने के मामले की जांच-पड़ताल के सिलसिले में विधायकों की एक टीम को भेजा है। इससे पता चलता है कि गरीबों की जमीन से जुड़ा यह मुद्दा राजनैतिक रूप से काफी संवेदनशील हो चुका है।
विधायकों की टीम को तत्काल प्रभाव से पन्ना भेजने का दांव चलकर कोंग्रेस ने इस पर भाजपा के खमे में चिंता और परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल, पन्ना की इस बेशकीमती जमीन को हड़पने का आरोप भाजपा के नेता अंकुर त्रिवेदी पर है, जिसे लोग खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का बेहद करीबी बताते हैं। सुर्ख़ियों में बने नयापुरा और मुड़िया पहाड़ की जमीन के विवाद की सच्चाई जानने के लिए बरगी के पूर्व विधायक नन्हेंलाल धुर्वे, गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी और पूर्व विधायक फुन्दर चौधरी ने गुरुवार 1 अक्टूबर को पन्ना से सटी हुई नेशनल हाइवे क्रमांक-39 के किनारे स्थित नयापुरा और मुड़िया पहाड़ की बस्ती का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान वहाँ रहने वाले लोगों से विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए भूमि पर दशकों पुराने उनके कब्जे की तस्दीक करने वाले साक्ष्य देखे गए।
भमि पर कब्जे के संबंध में दस्तावेज देखते और स्थानीय लोगों बात सुनते हुए कोंग्रेस विधायकगण।
प्रभावित ग्रामीणों ने कोंग्रेस विधायकों की टीम को इस जटिल जमीनी विवाद से जुड़े उन तमाम पहलुओं की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह से उनके पुस्तैनी कब्जे की जमीन को राजस्व विभाग की सांठगांठ से हेराफेरी करते हुए हड़पा गया है। बस्ती के लोगों ने अपने आरोपों एवं दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। तमाम तथ्यों एवं साक्ष्यों पर गौर करने के बाद विधायकों की टीम ने भी यह माना कि गरीबों के कब्जे की जमीन छीनने के लिए बड़े पैमाने पर जालसाजी की गई है।
पन्ना के मुड़िया पहाड़ में निर्माणाधीन जिस आलीशान मकान को खजुराहो सांसद का प्रचारित किया जा रहा है उसके सामने खड़े कोंग्रेस नेता।
मालूम हो कि, उक्त भूमि को भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने अपनी संस्था के नाम पर क्रय कर नामांतरण करा लिया है। भाजपा नेता के द्वारा इस भूमि पर कई दशकों काबिज गरीबों को डरा-धमका कर बेदखल किया जा रहा है। बेघर होने की कगार पर खड़े प्रभावित गरीब परिवार बार-बार खुलकर यह आरोप लगा रहे हैं कि भू-माफिया अंकुर त्रिवेदी को कथित तौर पर खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का संरक्षण प्राप्त होने के कारण उनके साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। मजेदार बात यह कि गरीबों की इस बस्ती में एक भव्य और आलीशान मकान निर्माणाधीन है, जिसे स्थानीय लोग सांसद जी का मकान बताते हैं। विधायकों ने इस बस्ती का भ्रमण उन घरों को भी देखा जिनमें रहने वाले परिवार कथित तौर पर दबंग भू-माफिया के आतंक के कारण अपना घर छोड़कर भागने को विवश हुए।

हीरालाल का किया शोषण !

एक करोड़ की जमीन भूमाफिया को बेंचने वाले हीरालाल आदिवासी की पत्नी फूलबाई से बातचीत करते हुए कोंग्रेस विधायकगण।
विधायकों की टीम जमीनी विवाद के अहम किरदार वृद्ध हीरालाल आदिवासी से मिलने उसके घर भी पहुंची। कुछ वर्ष पूर्व नयापुरा और मुड़िया पहाड़ की तकरीबन 15 एकड़ जमीन अंकुर त्रिवेदी को लगभग 1 करोड़ रुपए बेंचने वाले हीरालाल की अत्यंत ही जर्जर झोपड़ी और परिवार की बदहाल स्थिति देखकर विधायकगण दंग रह गए। हीरालाल घर पर नहीं मिला, उसकी पत्नी ने बताया कि वह कहीं गए हैं लेकिन उसे यह पता नहीं कहां गए हैं। फूलाबाई ने बताया कि उनके पास कृषि भूमि कभी नहीं रही, विवाह के बाद से ही वह अपने परिवार के साथ झोपड़ी में रह रही है। फूलाबाई का कहना है कि उसके पति ने कब कौन सी जमीन बेंची मुझे कुछ पता नहीं, जमीन बेंचने पर अगर 1 करोड़ रुपया मिला होता तो आज हमारी यह हालत नहीं होती। उसने ज्यादा कुछ न बताते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि आप लोग काफी समझदार हैं, सबकुछ समझ सकते हैं।
फूलाबाई की बदहाली के मद्देनजर फौरी तौर पर मदद करते हुए उसे राशन के लिए रुपए देते हुए कोंग्रेस के पूर्व विधायक नन्हेंलाल धुर्वे।
बताते चलें कि हीरालाल की झोपड़ी जिस भूमि पर स्थित है उसके वनाधिकार पट्टा के लिए उसने आवेदन किया हुआ है। विधायकों को बताया गया कि हीरालाल अघोषित तौर पर भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी का बंधुआ मजदूर है, उसे मोहरा बनाकर बेशकीमती जमीन को हड़पकर उसका शोषण किया गया है। इस दौरान पूर्व विधायक नन्हेलाल धुर्वे ने हीरालाल की पत्नी को अपनी बहन बताते हुए उसकी दयनीय हालत को देखकर राशन आदि की व्यवस्था के लिए अपनी ओर से 1500 रुपए दिए।

कोंग्रेस जमीन देती है, भाजपा करती है बेदखल

पन्ना के नयापुरवा और मुड़िया पहाड़ में भूमाफिया के आतंक के कारण घर छोड़कर जाने वालों के बंद पड़े घरों को देखते हुए कोंग्रेस विधायकों की टीम।
जबलपुर जिले के बरगी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कोंग्रेस नेता नन्हेलाल धुर्वे ने नयापुरा और मुड़िया पहाड़ के प्रभावित परिवारों को बताया कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भेजा है। कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता आप लोगों के मुद्दे को लेकर गंभीर हैं। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि आपके साथ राजनैतिक दबाव में किसी भी तरह का अन्याय न होने पाए। उन्होंने कहा कि कोंग्रेस पार्टी गरीबों-किसानों-श्रमिकों और कमजोर तबकों की सच्ची हितैषी है।कोंग्रेस पार्टी ने ही समय-समय पर गरीबों-भूमिहीनों को आवासीय एवं कृषि भूमि के पट्टे दिए हैं। वनाधिकार कानून बनाकर कब्जे की वन भूमि का भी पट्टा देने का काम कोंग्रेस ने ही किया है। कोंग्रेस गरीबों को जमीन देती है जबकि भाजपाई गरीबों की जमीन छीनने का काम करते हैं। हमार बीच में यही बुनियादी अंतर है।

अधिकांश कोंग्रेसियों और मीडिया ने बनाई दूरी

तीनों विधायकों ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए बताया कि इस मामले की तथ्यपरक रिपोर्ट शीघ्र ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपी जाएगी। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई का निर्णय उन्हें ही लेना है। बताते चलें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सर्वप्रथम सोशल मीडिया के माध्यम से सैंकड़ों गरीबों से जुड़े पन्ना के इस ज्वलंत मुद्दे को उठाते हुए कोंग्रेसजनों से प्रभावितों के पक्ष में खड़े होने का आव्हान किया था। जिसके बाद तत्काल प्रभाव से विधायकों की टीम को मौके पर जांच करने के लिए भेजा गया। विधायकों की टीम के साथ वरिष्ठ कोंग्रेस नेता सरमन रजक, रामकिशोर मिश्रा, दीपचंद्र अग्रवाल, आनंद शुक्ला, मनीष शर्मा एवं जुबैर खान मौजूद रहे। जबकि पन्ना के कोंग्रेस के अधिकांश चर्चित चेहरों ने इस टीम से पूरे समय दूरी बनाए रखी। वहीं पन्ना का मीडिया भी कथित तौर पर सत्ता से जुड़े ताकतवर लोगों के कारण इस प्रकरण को कवर करने से परहेज कर रहा है।
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