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गरीबों की जमीन हड़पने के आरोपों पर भाजपा नेता ने तोड़ी चुप्पी, बोले- “जमीन की खरीदी और नामांतरण में प्रक्रियाओं का किया गया पालन”

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प्रेसवार्ता करते खुद पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी।

* प्रेसवार्ता कर भाजपा नेता ने अंकुर त्रिवेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर दी सफाई

* राजनैतिक विद्वेष के चलते बदनाम करने के मकसद से की जा रहीं झूठी शिकायतें

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिला मुख्यालय पन्ना की समीपी ग्राम पंचायत मनौर के ग्राम नयापुरा अंतर्गत आने वाले मुड़िया पहाड़ की शासकीय भूमि पर कई दशकों से काबिज सैंकड़ों गरीब-परिवारों की जमीन को कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अंकुर त्रिवेदी पर हड़पने के आरोप पिछले कई दिनों से लग रहे हैं। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उक्त बेशकीमती भूमि की रजिस्ट्री और नामांतरण कराने के बाद भाजपा नेता के द्वारा वहां काबिज गरीब-मजदूरों को बेदखल करने के लिए उन्हें धमकाने की शिकायत प्रभावित लोगों के द्वारा की गई है। पन्ना जिले के चर्चा का विषय बने इस मामले पर आज भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकुर त्रिवेदी ने अपनी चुप्पी तोड़ते खुद पर लग रहे बेहद गंभीर आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनैतिक विद्वेष से प्रेरित बताया है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार 15 सितंबर को मुड़िया पहाड़ के प्रभावित परिवारों की महिलाओं ने अपने आशियाने को बचाने के लिए पन्ना राजपरिवार की सदस्य महारानी जीतेश्वरी देवी के नेतृत्व में गले में फांसी का फंदा डालकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था। महिलाओं ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं उनके करीबी माने-जाने वाले भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अंकुर त्रिवेदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।
महिलाओं के इस प्रदर्शन और अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकुर त्रिवेदी ने गुरुवार 17 सितंबर को एक प्रेसवार्ता की। होटल शानवी लैण्डमार्क में आयोजित इस प्रेसवार्ता में श्री त्रिवेदी ने पूरे मामले में अपनी ओर से साक्ष्यों के आधार पर सफाई दी गई। भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी के साथ प्रेसवार्ता कर अपने विरुद्ध गई शिकायत को पूरी तरह से असत्य बताते हुये कहा कि कतिपय लोगों द्वारा व्यक्तिगत रंजिश और राजनैतिक कारणों की वजह से इस तरह की झूठी शिकायतें की जा रही है।
इस दौरान अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी ने बताया कि जो जमीन अंकुर त्रिवेदी और वैष्णो माता विधि महाविद्यालय के नाम पर क्रय की गई है उसे शासकीय पट्टे की भूमि शिकायतकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है जबकि 1963 के राजस्व रिकार्ड में यह भूमि स्वामी व स्वत्व कब्जे की भूमि रही है। अतिक्रमण कारियों द्वारा 80-90 साल से कब्जा बताया जा रहा है जबकि राजस्व रिकार्ड से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि उस समय क्षेत्र में कोई भी रहता ही नहीं था। अधिवक्ता श्री त्रिपाठी ने कहा कि अंकुर त्रिवेदी तथा उनके पिता अवधेश त्रिवेदी उर्फ़ खुन्ना महाराज के विरूद्ध अभी तक कोई भी अपराध प्रमाणित नहीं हुये है, जबकि शिकायतकर्ताओं मे शामिल एक महिला गंगा बाई जो अपने अवैध अतिक्रमण को बचाना चाहती है उसे धारा 307 के अपराध में उसे सन् 2006 में सजा हुई थी।
पत्रकारों से बात करते हुए अपना पक्ष रखते भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी।
अधिवक्ता रामलखन त्रिपाठी ने बताया कि अंकुर त्रिवेदी व वैष्णोमाता विधि महाविद्यालय ने जो भूमि खरीदी है उस व्यक्ति ने स्वयं रजिस्टर्ड विक्रय से करीब 26 साल पहले यह भूमि खरीदी थी। शिकायतकर्तागणों ने हाईकोर्ट मे भी यह केस पेश किया किंतु हाईकोर्ट ने भी दिनांक 13/03 /2020 को उनकी याचिका को निरस्त कर दिया। जमीन की खरीदी में नियम एवं प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने बताया कि भूमि बेंचने से पहले विक्रेता द्वारा राजस्व मंडल ग्वालियर से जून 2016 में विक्रय की अनुमति प्राप्त की गई थी उस समय भी जांच हुई थी, जिसमें मौके पर कोई कब्जा नहीं होना पाया गया था और विक्रय की अनुमति प्राप्त होने के बाद ही अक्टूबर 2016 में जमीन की रजिस्ट्री हुई। नामांतरण आवेदन में कतिपय लोगों द्वारा आपत्ति की गई जिसे आयुक्त सागर ने निरस्त किया, जिस पर जमीन का नामांतरण हुआ है।

पोषण महोत्सव : सुपोषित वार्ड और नगर बनाने के लिए पोषण संकल्प दिलाया

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पोषण महोत्सव के दौरान पन्ना के वार्ड क्रमांक-15 के हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र वितरित करते हुए अतिथिगण।

* पन्ना शहरी क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 21, 22, 35, 36, 54 एवं 57 में मनाया गया पोषण महोत्सव

* लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र का किया वितरण

* पोषण मटका सजाकर महिलाओं को समझाया पोषण और स्वास्थ्य का महत्व

पन्ना।(www.radarnews.in) प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार 17 सितंबर को मंत्रालय से गरीब कल्याण सप्ताह का शुभारंभ राज्यव्यापी पोषण महोत्सव से किया। इसी कड़ी में पन्ना जिला मुख्यालय के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आज कोरोना से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पोषण महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पन्ना शहरी क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 21, 22, 35, 36, 54 एवं 57 में महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा प्रस्तुत समेकित स्वास्थ्य-पोषण वार्ड कार्ययोजना के सभी बिन्दुओं वार्ड की महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा अनुमोदन किया गया। साथ ही समेकित स्वास्थ्य-पोषण वार्ड कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए अपने वार्ड एवं नगर को एनीमिया और कुपोषण से मुक्त कर सुपोषित बनाने का संकल्प दिलाया गया। इन कार्यक्रमों में पोषण मटका तैयार कर बड़े ही रोचक तरीके से पोषण के महत्व को समझाया गया।
आज पन्ना के बल्देव वार्ड क्रमांक 15 के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 35, 36 एवं 57 में पोषण महोत्सव का आयोजन संयुक्त रूप से हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम सह बैठक में वार्ड की पार्षद श्रीमती शायरा बानों, मनोनीत पार्षद सुमन राय एवं पत्रकार शादिक खान अतिथि के रूप शामिल हुए। कार्यक्रम के शुभारंभ उपरांत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहनाज बेग़म द्वारा पोषण महोत्सव के आयोजन के उद्देश्य की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस अवसर पर आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 35, 36 एवं 57 की कार्यकर्ता क्रमशः आशा साहू, शहनाज बेग़म एवं सितारा बेग़म द्वारा अपने वार्ड की समेकित स्वास्थ्य-पोषण वार्ड कार्ययोजना प्रस्तुत की गई जिसका सभी उपस्थित जनों के द्वारा अनुमोदन किया गया।

महिलाएं पोषित होंगीं तो बच्चे होंगे सुपोषित

पोषण महोत्सव के कार्यक्रम में सम्मलित हुईं वार्ड क्रमांक-15 की महिलाएं एवं बच्चे।
अतिथियों ने पोषण महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कुपोषण से मुक्ति की लड़ाई में समाज का साथ आवश्यक है। कमजोर बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर को बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी दी गई। अतिथियों ने कहा कि पूर्ण रूप से स्वस्थ और पोषित माँ ही सुपोषित बच्चे को जन्म दे सकती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की विशेष देखभाल बेहद आवश्यक है। हमें हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलें और इस अवधि में उनका नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण-टीकाकरण कराया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्र पर दी जाने वाली सलाह पर अमल करके एवं आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपने पोषण स्तर को बेहतर कर सकतीं हैं।
अतिथियों ने बताया कि बच्चों से जुड़ीं कुपोषण की समस्या के निदान के लिए आंगनवाड़ी से सतत सम्पर्क जरूरी है। जहां बच्चों को आवश्यकतानुसार विशेष पोषण आहार उपलब्ध कराकर उन्हें सुपोषित बनाने के सार्थक प्रयास किए जाते हैं। जो बच्चे अत्याधिक कमजोर होते हैं उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जाता है। कार्यक्रम के अंत में अथितियों के द्वारा तीनों आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज बेटियों की माताओं को “लाड़ली लक्ष्मी योजना” के प्रमाण पत्र (एनएससी) का वितरण किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी सहायिका सुधा शिवहरे, जूही खान एवं वार्ड की महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

आंगनवाड़ी की सेवाओं की दी गई जानकारी

पोषण महोत्सव के दौरान पन्ना के वार्ड क्रमांक-10 के हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र वितरित करते हुए शिक्षक कमलेश त्रिपाठी।
पन्ना के सुभाष वार्ड क्रमांक-10 के आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 54 पर केन्द्र क्रमांक 21, 22 एवं 54 का पोषण महोत्सव कार्यक्रम संयुक्त रूप से उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम वरिष्ठ शिक्षक कमलेश त्रिपाठी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शासन के इस महत्वकांक्षी कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नाज़नीन बानों ने समेकित स्वास्थ्य-पोषण वार्ड कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए पोषण का महत्व बताया। पोषण मटका के माध्यम से समझाया गया कि शरीर के लिए पोषण तत्व कितने आवश्यक है। एनीमिया और कुपोषण को मिटाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा आंगनवाड़ी के माध्यम प्रदान की जाने वाली सेवाओं एवं संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।

सुपोषित प्रदेश बनाने करें सामूहिक प्रयास – कमलेश

पोषण महोत्सव के उपलक्ष्य पर महिलाओं को पोषण का महत्व समझाने के लिए आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक- 54 में सजाया गया पोषण मटका।
इस अवसर पर अतिथि शिक्षक कमलेश त्रिपाठी अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस प्रकार मजबूत मकान बनाने के लिए नींव का मजबूत होना जरूरी है उसी प्रकार जो बच्चे बचपन से ही पोषण युक्त भोजन लेते हैं वे ही आगे चलकर स्वस्थ्य युवा बनते हैं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका बच्चों की देखभाल माँ की तरह करती हैं। वह बच्चों को पोषण आहार प्रदान करती हैं। कमजोर परिवार के बच्चों को आंगनवाड़ी तक पहुंचाने का कार्य सबको करना है। कुपोषण को खत्म करने के लिए हम सबकों सामूहिक प्रयास करने होंगे। जब बच्चों को पोषण आहार मिलेगा तभी उनका मानसिक व शारीरिक विकास संभव होगा। कार्यक्रम के अंत में केन्द्र क्रमांक- 21, 22 एवं 54 की समेकित स्वास्थ्य-पोषण वार्ड कार्ययोजना के सभी बिन्दुओं का अनुमोदन उपस्थित जनों के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शिक्षक श्री त्रिपाठी द्वारा अपने वार्ड एवं नगर को एनीमिया और कुपोषण से मुक्त कर सुपोषित बनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम सह बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना के 4 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए। आयोजित कार्यक्रम में मालती साहू, इरफ़ाना खातून, गोविन्द रैकवार, आलिया, सुशीला साहू, धीरेन्द्र खरे एवं इमरान खान सहित वार्ड की महिलायें और बच्चे संबंधित केन्द्रों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित रहीं।

केन्द्र एवं प्रदेश सरकार गरीबों के कल्याण के लिए निरंतर कर रही है कार्य – मंत्री बृजेन्द्र सिंह

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अन्न उत्सव कार्यक्रम में नवीन हितग्राहियों को राशन की पात्रता पर्ची प्रदान करते हुए मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं पन्ना जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव।

* अन्न उत्सव कार्यक्रम में हितग्राहियों को राशन की पात्रता पर्ची का वितरण

पन्ना।(www.radarnews.in) जिला मुख्यालय के साइंस काॅलेज के नवनिर्मित सभाकक्ष में मुख्यमंत्री कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची, राशन एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण का वितरण आयोजित कार्यक्रम में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य शासन द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की गयी हैं। कोरोना त्रासदी के दौरान भी शासन द्वारा गरीबों का हक दिलाया जा रहा है। आगामी आने वाले समय में भी गरीबों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
अन्न उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राही तथा भाजपा नेता।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन द्वारा प्रत्येक वर्ग के कल्याण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। कोरोना महामारी से प्रदेश के संक्रमित होने के साथ ही शासन द्वारा गरीबों की ओर ध्यान दिया गया। पहले उन्हें परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ भोजन की व्यवस्था की गयी। विभिन्न राज्यों एवं महानगरों से वापस आए श्रमिकों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। फुटपाथ पर ठेली पर व्यवसाय करने वाले छोटे-छोटे व्यवसायियों की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक व्यवसायी के बैंक खातों में 10-10 हजार रूपये की राशि अंतरित कराई गयी। इस राशि से वे अपने व्यवसाय को पुनः शुरू करें और धीरे-धीरे शासन को राशि वापस करता रहेगा यह क्रम निरंतर जारी रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों को बगैर ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन की श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित संबल योजना में जन्म लेने से योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाता है। गरीबों के कल्याण के लिए हर तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से सावधान रहना हम सब की जिम्मेदारी है। सभी को शासन द्वारा कोरोना संक्रमण रोकने के लिए दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए।
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गरीबों की हरसंभव सहायता की जा रही है। प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 41959 नवीन पात्र सदस्यों की पहचान की गयी है। उनमें 38528 सदस्यों को नवीन पात्रता पर्ची वितरित की जा रही है। नवीन पात्रता पर्ची वितरण का कार्यक्रम जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति सदस्य 4 किलो गेंहू, 1 किलो चावल के मान से प्रतिमाह वितरित किया जाता है।
इसी प्रकार अन्त्योदय योजना के परिवारों को 30 किलो गेंहू, 5 किलो चावल, 1 किलो शक्कर, 1 किलो चना, 2 लीटर कैरोसिन दिया जाता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 25 प्रकार के परिवारों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना काल में 7 हजार 745 परिवारों को 4 किलो गेंहू, 1 किलो चावल के मान से प्रतिमाह उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवीन पात्रता सदस्यों में पर्ची वितरण के शेष सदस्यों को मशांत तक पर्ची का वितरण कर दिया जाएगा। आगामी आने वाले समय में भी शासन की योजनाओं का निरंतर लाभ हितग्राहियों को मिलता रहेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सम्बोधित किया गया।
कार्यक्रम में विकलांगों को सहायक उपकरण का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से 10 लोगों को पात्रता पर्ची का वितरण किया गया। इसी प्रकार दिव्यांगों को सहायक उपकरण में धीरज गौंड़, सनमती गौंड़ को ट्राइसायकिल, मुकेश कुशवाहा, भरत यादव को वैशाखी और रमेश साहू को श्रवण यंत्र वितरित किए गए। सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह, रामबिहारी चौरसिया, जयप्रकाश चतुर्वेदी, राजेन्द्र प्रधान, पुष्पेन्द्र लटौरिया राजेन्द्र कुशवाहा एवं प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अशोक चतुर्वेदी, प्रभारी खाद्य अधिकारी सुश्री सरिता अग्रवाल, संजय सिंह परियोजना अधिकारी के साथ हितग्राही एवं आमजन उपस्थित रहे।

“अगर इंसाफ नहीं दे सकते, तो हमें फाँसी दे दो साहब,” गले में फाँसी का फंदा डालकर कलेक्ट्रेट पहुँची गरीब महिलाएं

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पन्ना में नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के बाहर महारानी जीतेश्वरी देवी के नेतृत्व में जमकर नारेबाजी करती हुईं मुड़िया पहाड़ की महिलाएं।

* भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

* दशकों से जिस भूमि पर हैं काबिज उसे हड़पने और बेदखल करने का लगाया आरोप

* करीब 400 गरीबों के आशियाने से जुड़े मुद्दे पर पन्ना का मीडिया और विपक्ष है खामोश

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को मध्यप्रदेश में गरीब कल्याण सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। लेकिन इसके विपरीत पन्ना जिले में भारतीय जनता पार्टी के ही एक नेता पर गरीबों की भूमि को हड़पने का आरोप लग रहा है। जिस भूमि पर सैंकड़ों गरीब परिवार कई दशकों से काबिज हैं उसकी रजिस्ट्री और नामांतरण भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंकुर त्रिवेदी ने कथित तौर पर तथ्यों को छिपाकर फर्जी तरीके से अपने नाम करा ली। इससे प्रभावित गरीब-श्रमिक परिवारों के सामने बेघर होने की नौबत आ गई है।
हाथ में फाँसी का फंदा रुपी रस्सी लिए कलेक्टर संजय कुमार को अपनी फ़रियाद सुनाते हुए जमुनाबाई।
अपने आशियाने से बेदखल किए जाने की साजिश के खिलाफ पन्ना के समीपी ग्राम नयापुरवा के वाशिंदें पिछले एक पखवाड़े से आंदोलित हैं। मंगलवार 15 सितंबर को प्रभावित परिवारों की महिलायें गले में फाँसी का फंदा डालकर पैदल मार्च करते हुए जब संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के लिए निकलीं तो लोग इन्हें देखकर हतप्रभ रह गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा और उनके करीबी माने-जाने वाले भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी के खिलाफ जमकर तीखी नारेबाज़ी की। इन महिलाओं ने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से भेंटकर उन्हें अपने साथ हुई साजिश की सिलसिलेवार जानकारी दी और उनसे फ़रियाद करते हुए कहा कि- “हमें इंसाफ चाहिए, हमें इंसाफ दें, अगर इंसाफ नहीं मिल सकता तो हमें फाँसी दे दो साहब।” कलेक्टर द्वारा मामले की संवेदनशीलता दृष्टिगत रखते हुए प्रदर्शनकारी महिलाओं को हताश और निराश न होने की समझाईश दी गई साथ मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया। वहीं गरीब महिलाओं ने न्याय न मिलने पर कलेक्ट्रेट में ही फांसी लगाने का ऐलान किया है।
नयापुरवा के मुड़िया पहाड़ में कई दशकों से काबिज ग्रामीणों को बेदखल किये जाने का विरोध दर्ज कराने के लिए मौके पर पहुंचीं पन्ना राज परिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी।
अपने आशियाने को बचाने की जद्दोजहद करतीं अनपढ़ गरीब महिलाओं का विरोध-प्रदर्शन कल से जिले के राजनैतिक हल्क़ों, प्रशासनिक गलियारों, आमलोगों और पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लम्बे समय से चरागाह बने अति पिछड़े पन्ना जिले में सिस्टम और सियासत के नापाक गठजोड़ के काले कारनामों के खिलाफ शायद पहली बार कमजोर तबके की महिलाओं ने इतना उग्र प्रदर्शन किया है। लेकिन जिला मुख्यालय के पत्रकारों एक बड़ा तबका और कोंग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेतागण इस ज्वलंत मुद्दे पर मौन साधे हुए बैठे हैं। सोशल मीडिया के रायचंद और व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के विद्वानजन भी इस मुद्दे पर बात करने से क़तरा रहे हैं। दरअसल, इस मामले में प्रभावित लोग सीधे तौर पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद वीडी शर्मा और उनके करीबी नेता अंकुर त्रिवेदी पर बेहद गंभीर आरोप लगा रहे हैं। सत्ता में बैठे ताकतवर लोगों के खिलाफ पन्ना में आमतौर पर खुलकर कोई सामने नहीं आता है, यह परम्परा इस मांमले भी फिलहाल कायम है। अपवाद स्वरूप कुछेक प्रकरणों को छोड़ दें तो मीडिया और विपक्ष का ज्वलंत मसलों की जानबूझकर अनदेखी करना कोई नई या अचरज भरी बात नहीं है। इन परिस्थितियों में पन्ना राजघराने की सदस्य महारानी जीतेश्वरी देवी मुड़िया पहाड़ के गरीबों के समर्थन में आगे आई हैं।

क्या है पूरा मामला

पन्ना जिला मुख्यालय की नजदीकी ग्राम पंचायत मनौर के ग्राम नयापुरा के अंतर्गत आने वाले मुड़िया पहाड़ एवं आसपास की शासकीय भूमि में करीब 400 गरीब-मजदूर परिवार निवास कर रहे हैं। इनका दावा है कि वे उक्त भूमि पर पिछले पांच-छह दशक से रह रहे हैं। इनमें से कई लोगों के पास उक्त भूमि के शासन द्वारा प्रदाय किये गए पट्टा और कब्जे से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके कब्जे की भूमि को हथियाने के लिए भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी के द्वारा राजस्व के अधिकारियों-कर्मचारियों से सांठगांठ कर कूट रचित दस्तावेजों के आधार अपने ही एक करीबी वृद्ध हीरालाल आदिवासी के नाम पर 12 एकड़ भूमि को दर्ज कराया गया। बाद में हीरालाल से वर्ष 2015-16 में अंकुर त्रिवेदी पुत्र अवधेश त्रिवेदी ने यह भूमि 95 लाख रुपए में खरीद ली। इसके अलावा दूसरी रजिस्ट्री सुमित्रा त्रिवेदी पति अवधेश त्रिवेदी के नाम पर कराई गई।
प्रभावित लोगों से बातचीत करते हुए महारानी जीतेश्वरी देवी।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के भूमि विक्रेता हीरालाल की भूमि की रजिस्ट्री हेतु क्रेता द्वारा तत्कालीन कलेक्टर से स्वीकृति मांगी गई थी लेकिन कलेक्टर ने स्वीकृति प्रदान नहीं की थी। बाद में राजस्व निरीक्षक मण्डल ग्वालियर से स्वीकृति प्राप्त हो गई। उक्त भूमि के नामंतरण के खिलाफ स्थानीय रहवासियों द्वारा तसीलदार और एसडीएम पन्ना के न्यायलय में आपत्ति प्रस्तुत की गई जिसके आधार पर क्रमशः दोनों ही न्यायालयों ने भूमि का नामांतरण निरस्त कर दिया था। इसके पश्चात अपर आयुक्त सागर के न्यायलय में जब मामला पहुंचा तो वहां से अंकुर के पक्ष में नामांतरण का फैसला हो गया। कथित तौर पर हल्का पटवारी के द्वारा अपने प्रतिवेदन में जमीनी सच्चाई को छिपाकर उक्त भूमि को रिक्त (खाली) और बंजर बताए जाने से भूमि का नामांतरण संभव हो सका। हाईकोर्ट में इस मामले के विचाराधीन होने के बावजूद तत्कालीन पन्ना तहसीलदार के द्वारा नामांतरण की कार्रवाई कर दी गई।

जमीन खाली करने के लिए मिल रही धमकी

कुछ दिन पूर्व पन्ना में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को मुड़िया पहाड़ के रहवासियों ने अपनी समस्या सुनाई थी।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी के द्वारा क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की धौंस देकर उस जमीन को खाली करने की धमकी दी जा रही है, जिस जमीन पर वे पिछली 2-3 पीढ़ियों से काबिज हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें और उनके परिजनों को झूठे आपराधिक प्रकरण में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। भयभीत महिलाओं ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा कि अगर उनके साथ कोई घटना-दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार भाजपा नेता और उनके पिता को माना जाए। विदित हो कि सप्ताह भर पूर्व मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों ने पन्ना में दिशा की बैठक में शामिल होने आए क्षेत्रीय सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के काफिले को रोककर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया था।
ग्रामीणों ने सांसद को बताया था कि उनका नाम लेकर कैसे उन्हें बेदखल करने की धमकी लगातार दी जा रही है। इस पर सांसद श्री शर्मा ने प्रभावितों से उनके मामले को देखने और इस समस्या से उन्हें निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन मंगलवार 15 सितंबर को मुड़िया पहाड़ के प्रभावित परिवारों की महिलाओं ने पैदल मार्च के दौरान जिस तरह से सांसद विष्णु दत्त शर्मा और उनके करीबी भाजपा नेता के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए उससे तो यही साबित होता है कि इन्हें सांसद पर भरोसा नहीं है। बहरहाल अब इस बहुचर्चित मामले में सबकी नजरें कलेक्टर की जांच पर टिकीं हैं। देखना यह है कि जांच कब तक पूरी होती है और इससे क्या नतीजा निकलकर आता है।

इनका कहना है –

“मुझे इस मामले में जो कुछ भी कहना है उसे 17 सितंबर को प्रेसवार्ता कर बताऊंगा। आप लोगों के समक्ष तथ्यों और साक्ष्यों के साथ अपनी बात को रखूँगा। इस मामले में मेरे ऊपर पूर्णतः निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।”

– अंकुर त्रिवेदी, भाजपा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पन्ना।

“यह मामला मेरे संज्ञान में है, संबंधितों को जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया है। प्रकरण चूंकि पुराना है इसलिए यह नहीं बता सकता हूँ कि जांच कब तक पूर्ण होगी। शासकीय कार्य है पुराने दस्तावेज़ देखनें पड़ेंगे। जांच के लिए अभी किसी तरह की कमिटी गठित नहीं की गई, यदि गठन किया जाएगा तो आप लोगों को सूचित करूँगा। प्रशासन किसी तरह के दबाव में नहीं है, हमें तो सिर्फ दस्तावेजी साक्ष्यों से मतलब है, दस्तावेजों में जो भी दर्ज होगा उसे सामने लाया जाएगा।”

– संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर, पन्ना।

प्रदेश में गरीब की थाली अब नहीं रहेगी खाली, 25 श्रेणियों के लगभग 37 लाख गरीबों को भी मिलेगा उचित मूल्य राशन

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सांकेतिक तस्वीर।

* मुख्यमंत्री करेंगे पात्रता पर्ची एवं राशन वितरण प्रारंभ

भोपाल।(www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प है कि “प्रदेश की धरती पर कोई भी भूख नहीं सोएगा” तथा गरीब की थाली कभी खाली नहीं रहेगी। इसके लिए उन्होंने निर्णय लिया कि प्रदेश के ऐसे 36 लाख 86 हजार 856 गरीब, जिनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्रता पर्ची नहीं है, उन्हें पात्रता पर्ची जारी कर उचित मूल्य राशन प्रदान किया जाएगा। प्रदेश में इस दिशा में त्वरित गति से कार्य प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान 16 सितम्बर को इन नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्चियों एवं राशन वितरण का भोपाल से राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विधिवत शुभारंभ करेंगे। वहीं जिला, ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसे “अन्न उत्सव- का नाम दिया गया है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दोपहर 12:15 से 1:30 तक होगा।
सभी नवीन हितग्राहियों को अन्य उचित मूल्य उपभोक्ताओं की तरह ही सितम्बर माह से प्रति सदस्य 5 किलो गेहूँ/चावल तथा प्रति परिवार एक किलो आयोडीन नमक 1 रूपये किलो की दर से मिलेगा। इसी प्रकार प्रत्येक परिवार को 1.5 लीटर केरोसीन कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर दिया जाएगा। इसके अलावा नए, पुराने सभी उचित मूल्य उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के अंतर्गत आगामी नवम्बर माह तक प्रति सदस्य 5 किलो नि:शुल्क गेहूँ/चावल एवं 1 किलो दाल भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में “वन नेशन वन राशन कार्ड योजना” का भी त्वरित गति से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। इसके अंतर्गत उचित मूल्य उपभोक्ताओं की आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण हो जाने के पश्चात किसी भी राशन की दुकान से उचित मूल्य राशन प्राप्त हो सकेगा। इस व्यवस्था का सर्वाधिक लाभ उन प्रवासी मजदूरों को मिलेगा जो मजदूरी के लिए देश के कई हिस्सों में जाते हैं।
मध्यप्रदेश में वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 1 करोड़ 16 लाख 89 हजार 136 पात्र परिवार हैं, जिनके कुल सदस्य 5 करोड़ 44 लाख 31 हजार 183 हैं। नवीन जोड़े जा रहे पात्र परिवारों की संख्या 1 करोड़ 66 लाख 253 है, जिनके अभी नवीन जोड़े जा रहे पात्र हितग्राहियों की संख्या 35 लाख 24 हजार 443 है। कुल लगभग 37 लाख नए हितग्राहियों का नाम जोड़े जाने हैं।

जिलावार हितग्राहियों की सूची संलग्न है….क्लिक करे

मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में समस्या | बीएमओ ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा- “ऑक्सीजन सिलेण्डर रिफिल में एजेन्सी की लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है”

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सांकेतिक फोटो। getty images

* पन्ना जिले की पवई सीएचसी में खाली पड़े 13 सिलेण्डर

* कोरोना संकटकाल में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर गंभीर नहीं एजेंसी

* फिलहाल व्यवस्था बनाने के लिए पन्ना से मंगाने पड़े 3 ऑक्सीजन सिलेण्डर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में कोरोना संकटकाल में मेडिकल ऑक्सीजन का संकट पैदा हो गया है। कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामले (एक्टिव केस) बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की मांग भी तेजी के साथ बढ़ गई है। गत दिनों प्रदेश के कई जिलों से ऑक्सीजन की किल्लत से जुड़ीं ख़बरें आईं थीं। ऐसी ही समस्या अब पन्ना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई में सामने आई है। पवई में ऑक्सीजन के 13 सिलेण्डर खाली हो गए हैं, जिनकी रिफलिंग ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली गुरु मेडिकल एजेंसी कटनी की घोर लापरवाही के चलते समय पर संभव नहीं हो पा रही है।
पवई में ऑक्सीजन की कमी होने से चिंतित खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमहरी शर्मा ने तात्कालिक व्यवस्था बनाने के लिए जिला मुख्यालय पन्ना के विभागीय स्टोर से 3 ऑक्सीजन सिलेण्डर मंगाए हैं। साथ ही उन्होंने पन्ना कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली गुरु कृपा एजेंसी कटनी की बेहद गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली और उसके दुष्परिणाम से अवगत कराने के लिए एक पत्र भी लिखा है। बीएमओ ने पत्र में उल्लेख किया है कि, कोरोना संकटकाल में ऑक्सीजन की आपूर्ति में एजेन्सी के द्वारा की जा रही लापरवाही किसी बड़ी और अप्रिय घटना का कारण बन सकती है। इस तरह की किसी भी स्थिति से बचा जा सके इसके लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड मुख्यालय पवई में कोविड केयर सेण्टर स्थित है। जहां कोरोना संक्रमित एवं संदिग्ध मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार तथा सैम्पल लिए जाते हैं। गत दिनों पवई क्षेत्र में कोरोना के 4 मरीज भी मिले हैं। वर्तमान इनका उपचार जारी है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल ऑक्सीजन का उपयोग स्वास्थ्य संस्थाओं के आईसीयू में होता है। ये ऑक्सीजन मरीज को कृत्रिम सांस देने के काम आती है। सर्विदित है कि कोरोना वायरस संक्रमण व्यक्ति के फेंफड़ों पर हमला करता है, इसलिए मरीज की जान बचाने के लिए इनहेलेशन थेरेपी में ऑक्सीजन का उपयोग किया जाता है।

आपदा में अपने वादे से मुकरी एजेन्सी

ऑक्सीजन सिलेण्डर की आपूर्ति में आ रही समस्या के संबंध में खण्ड चिकित्सा अधिकारी पवई के द्वारा पन्ना कलेक्टर को भेज गए पत्र की कॉपी।
मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में हो रही समस्या के संबंध में पवई बीएमओ द्वारा पन्ना कलेक्टर और जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शनिवार 12 सितंबर को भेजे पत्र से पता चलता है कि गुरु मेडिकल एजेन्सी ऑक्सीजन सिलेण्डर रिफिल करने में न सिर्फ जानबूझकर लापरवाही कर रही है बल्कि यह आपदा को अतिरिक्त आर्थिक लाभ अर्जित के अवसर के रूप में देखते हुए स्वास्थ्य विभाग से किये गए अपने वादों से भी मुकर गई है। बीएमओ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना के पत्र क्र./अ/प्रशा/2020/1041-42 पन्ना दिनांक 08/08/2020 का हवाला देते हुए बताया है कि इस पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था कि गुरु मेडिकल एजेंसी कटनी प्रति ऑक्सीजन सिलेण्डर 270/- रुपए की दर से रिफिल करके संस्था को खुद पहुंचा के दिया जाएगा। पवई में ऑक्सीजन सिलेण्डर की कमी और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 13 खाली ऑक्सीजन सिलेण्डर रिफिल हेतु एजेन्सी के कहने पर पन्ना भेजे गए। इसके बाद एजेन्सी में बात करने के पश्चात दिनांक 12 सितंबर 2020 को ऑक्सीजन सिलेण्डर लाने के लिए वाहन को पुनः पन्ना भेजा गया। पन्ना में एजेन्सी के कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि भूलवश ऑक्सीजन सिलेण्डर भरवाना भूल गए। यहां महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता के मद्देनजर क्या इस तरह की गंभीर लापरवाही संकटकाल में स्वीकार्य योग्य है ? इस सवाल का जवाब निःसंदेह नहीं है।

वरिष्ठ अधिकारियों से की गई कार्रवाई की मांग

सांकेतिक फोटो।
पवई बीएमओ डॉ. ओमहरी शर्मा ऑक्सीजन सिलेण्डर रिफिल को लेकर गुरु मेडिकल एजेन्सी कटनी के कर्मचारियों के लापरवाही पूर्ण रवैये खासे हैरान और चिंतित हैं। शायद इसीलिये उन्होंने इस तरह की लापरवाही के दुष्परिणाम की ओर इशारा करते हुए पत्र में लिखा है कि- “कोविड-19 महामारी में इस प्रकार की लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। महामारी में भी एजेन्सी अपने कार्य और जवाबदेही के प्रति गंभीर नहीं है। इस संबंध में बात करने पर एजेन्सी की ओर से कोई संतोषप्रद जवाब भी उन्हें नहीं दिया गया।” बीएमओ ने वरिष्ठ अधिकारियों इस मामले में उचित कार्रवाई का आग्रह किया है ताकि ऑक्सीजन सिलेण्डर की कमी के कारण होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अपनी व्यवसायिक प्रतिबद्धता और वादों से मुकरते हुए बेहद गंभीर लापरवाही करने वाली गुरु मेडिकल एजेन्सी के विरुद्ध जिले के कलेक्टर क्या एक्शन लेते हैं और भविष्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति में किसी तरह की कोई समस्या न हो इसके लिए वे क्या व्यवस्था बनाते हैं यह देखना महत्पूर्ण होगा।

इनका कहना है-

“बीएमओ पवई का पत्र मुझे अभी नहीं मिला है, आपने जानकारी दी है तो उनसे बात करके ही बता पाऊंगा क्या समस्या है। ऑक्सीजन की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जायेगी।”

– डॉ. व्ही.एस. उपाध्याय प्रभारी सीएमएचओ पन्ना।

‘राष्ट्रीय वन शहीद दिवस’ | जंगल और वन्य जीवों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले “शहीदों” को लापरवाह अफसरों ने भुलाया ?

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फाइल फोटो।

* पन्ना टाइगर रिजर्व और उत्तर वन मण्डल अंतर्गत विभाग के शहीदों नहीं दी गई श्रद्धांजलि

* प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश के बाद भी श्रद्धांजलि सभा का नहीं किया गया आयोजन

* सिर्फ जिले के दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत आयोजित हुए शहीद दिवस के कार्यक्रम

* पन्ना टाइगर रिजर्व में कुछ दिन पूर्व ही रेन्जर बी.आर. भगत हाथी के हमले में हो गए थे शहीद

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व बीते कुछ महीनों से गलत कारणों को लेकर लगातार सुर्ख़ियों में बना है। पार्क के वरिष्ठ अधिकारी अपने कुप्रबंधन और लारपावहियों को छिपाने का अपराध करने सरीके गंभीर आरोपों के चलते जांच के घेरे में हैं। इनकी कारगुजारियों की चौतरफा कड़ी आलोचनायें हो रहीं है जोकि पन्ना के साथ-साथ वन विभाग की बदनामी का सबब बन रहीं हैं। इसके बाद भी पन्ना टाइगर रिजर्व के जिम्मेदार अफसरों की कार्यप्रणाली में किसी तरह का कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। इनकी बेपरवाही अभी जारी है। बड़े ही अफ़सोस की बात यह है कि इनकी बेपरवाही या उदासीनता पूर्ण रवैये पर जब भी सवाल उठते हैं तो साहब सच्चाई को स्वीकार करने के बजाए अपनी फितरत के मुताबिक बड़ी ही बेशर्मी के साथ कुतर्क पेश कर उसे छिपाने की कोशिश करने लगते हैं। सिर विहीन बाघ का शव मिलने का हैरान करने वाला घटनाक्रम इसका प्रमाण है।
इसी कड़ी में ताजा मामला ‘राष्ट्रीय वन शहीद दिवस’ का सामने आया है। शुक्रवार 11 सितम्बर 2020 ‘राष्ट्रीय वन शहीद दिवस’ के उपलक्ष्य पर पन्ना टाइगर रिजर्व के अफसरों को उन शहीद वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के श्रद्धांजलि देने लिए दो मिनिट का समय नहीं मिला जिन्होंने कर्त्तव्य परायणता के दौरान अपनी आहूति देकर वन एवं वन्यप्राणी सुरक्षा की मिशाल कायम की है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव के लिखित निर्देश के बाद भी पन्ना टाइगर रिजर्व और पन्ना के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत किसी भी कार्यालय में राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर शहीद वन अधिकारियों/कर्मचारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित नहीं किये।
रेन्जर बी.आर. भगत। (फाइल फोटो)
विदित हो कि यह वही पन्ना टाइगर रिजर्व जहां बाघ की सुरक्षा के दौरान 14 अगस्त 2020 को हिनौता वन परिक्षेत्र के रेंजर बी.आर भगत हाथी के हमले में शहीद हो गए थे। रेन्जर श्री भगत की शहादत को अभी एक माह भी नहीं हुआ और इतनी जल्दी पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन समेत पन्ना के उत्तर वन मण्डल अपने जिले के शहीद रेंजर के साथ-साथ दूसरे शहीदों के योगदान को भी भुला दिया। लापरवाह अफसरों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल के निर्देश का पालन करना भी उचित नहीं समझा। इससे पता चलता है कि स्थानीय अधिकारियों की अंतर्मन में विभागीय शहीदों के प्रति कितना सम्मान है और विभाग के मुखिया के निर्देशों के पालन को लेकर वे वाकई कितने गंभीर हैं ?

श्रद्धांजलि सभा का होना था आयोजन

प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल के द्वारा जारी पत्र।
मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव ने दिनांक 8 सितम्बर 2020 को समस्त मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय) को शहीद दिवस मनाए जाने के संबंध में एक पत्र जारी किया था। इस पत्र में उल्लेख है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए 11 सितंबर 2020 को अपने कार्यालय स्तर पर वन शहीद दिवस के कार्यक्रम अंतर्गत समय पूर्वाह्न 11:00 बजे दो मिनिट का मौन रख कर शहीद वन अधिकारियों/कर्मचारियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धासुमन अर्पित करें। इस पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के समस्त मुख्य वन संरक्षक अनुसंधान एवं विस्तार/कार्य-आयोजना, समस्त क्षेत्र संचालक राष्ट्रीय उद्यान, समस्त वन मण्डलाधिकारी (सामान्य/उत्पादन) वन मण्डल की ओर सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई थी।

अपनी सफाई में क्या बोले अधिकारी

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया से मोबाइल फोन पर चर्चा कर यह पूंछा गया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल के निर्देश के बाद भी पार्क में कार्यालयों में वन शहीद दिवस क्यों नहीं मनाया गया ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उक्त आयोजन राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तर पर होना था। वन मण्डल या रेन्ज कार्यालय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं होना था। उन्हें जब पीसीसीएफ के पत्र का हवाला देते हुए कार्यक्रम को कार्यालय स्तर पर आयोजित किये जाने का स्पष्ट उल्लेख होने के संबंध में बताया गया तो श्री भदौरिया ने अज़ीबो-गरीब जवाब देते हुए कहा कि हाल ही में पार्क में शहीद हुए वन क्षेत्रपाल बी.आर. भगत के परिजनों को प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सम्मलित होने के लिए छत्तीसगढ़ से भोपाल भेजा गया है। इस कार्यक्रम में स्व. श्री भगत की पत्नी को वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक लाख रूपए और सम्मान पट्टिका देकर सम्मानित किया है।
भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शहीद रेंजर बी.आर. भगत की पत्नी को एक लाख रूपए का चैक और सम्मान पट्टिका देकर सम्मानित करते हुए प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह।
चूँकि शहीद के आश्रित परिजन भोपाल के कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे इसलिए पन्ना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन नहीं किया गया। स्थानीय स्तर पर वन शहीदों के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन करना तब शायद सही रहता जब इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व के शहीद वन क्षेत्रपाल के परिजन सम्मलित होते। क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया से पूंछा गया कि यह आपकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है लेकिन पीसीसीएफ भोपाल ने पत्र में तो यह कहीं लिखा ही नहीं कि शहीदों के आश्रितों/परिजनों के श्रद्धांजलि सभा में सम्मलित होने पर ही शहीद वन अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाए। इतना सुनते “एफडी साहब” उखड़ गए और पन्ना के पत्रकारों पर टाइगर रिजर्व से जुड़े मसलों को अनावश्यक तूल देकर छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए फोन काट दिया।

अगले साल अवश्य करेंगे आयोजन

फाइल फोटो।
उधर, जब इसी संबंध में उत्तर वन मण्डल के डीएफओ गौरव शर्मा से मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने भी पहले यही कहा कि पन्ना जिले में हाल ही में शहीद हुए वन क्षेत्रपाल बी.आर. भगत के परिजन चूंकि प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में सम्मलित होने भोपाल गए हुए थे, यदि वे पन्ना आते तब कार्यक्रम का आयोजन किया जाना सही था। स्व. श्री भगत के अलावा पन्ना जिले में एक वर्ष की अवधि में अन्य कोई भी वन अधिकारी/कर्मचारी शहीद नहीं हुआ है। डीएफओ श्री शर्मा से सवाल किया कि वे श्रद्धांजलि सभा आयोजित न करने को लेकर जो तर्क दे रहे हैं, ऐसी किसी शर्त या अनिवार्यता का जिक्र तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल ने अपने पत्र में किया ही नहीं है। उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ को तब तक शायद यह एहसास हो चुका था कि वे अपनी लापरवाही को छिपाने के लिए जो दलील दे रहे हैं वह सही नहीं है।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना के रैपुरा रेन्ज कार्यालय में मोमबत्ती जलाकर और मौन धारण कर विभागीय शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए वन अधिकारी-कर्मचारी।
इसलिए उन्होंने बात पलटते हुए बताया कि शुक्रवार 11 सितम्बर को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक उनके वन मण्डल अंतर्गत हुए पौधारोपण कार्यों का निरीक्षण करने जिले के दौरे पर आए हुए थे, फील्ड में उनके साथ मेरे और स्टॉफ के भ्रमण पर रहने के कारण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन नहीं हो सका। लेकिन अगली बार शहीद वन अधिकारियों/कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम हर हाल में आयोजित किया जाएगा। यहां पर यह विशेष उल्लेखनीय है कि पीसीसीएफ भोपाल के पत्र की अपनी-अपनी सुविधानुसार मनमानी व्याख्या के बीच पन्ना जिले में अपवाद स्वरुप दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत सभी वन परिक्षेत्र कार्यालयों में शहीद वन अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए दो मिनिट का मौन धारण कर उनके बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसकी विभागीय अमले बीच सराहना हो रही है। अधिकांश वन कर्मचारी यह कह रहे हैं कि पन्ना में शहीद वन अधिकारियों-कर्मचारियों को जब सबने भुला दिया तब किसी ने तो उनकी शहादत को याद रखा।

विधवा से मोबाइल पर बातें कर दोस्ती की और फिर मिलने के बहाने से बुलाकर करा दी हत्या, फ़िल्मी अंदाज में बड़े ही शातिराना तरीके हत्या करने वाले आरोपी आखिरकार पकड़े गए

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विधवा महिला के अंधे हत्याकाण्ड के खुलासे की जानकारी देते हुए पन्ना एसपी मयंक अवस्थी एवं पीछे पुलिस टीम की अभिरक्षा में खड़ा हत्यारोपी।

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत चार माह पूर्व हुए अंधे क़त्ल का खुलासा

* पुलिस ने दो हत्यारोपियों को किया गिरफ्तार, मामले में एक आरोपी फरार

* महिला अपनी नाबालिग बेटी को भगा ले जाने का लगाती थी आरोप इसलिए की थी हत्या

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की बृजपुर थाना पुलिस ने ग्राम चैनसिहं धरमपुर में एक विधवा महिला की चार माह पूर्व हुई अंधी हत्या के बेहद चुनौतीपूर्ण मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए इस सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। हत्या की इस बहुचर्चित और सनसनीखेज वारदात को आरोपियों के द्वारा फ़िल्मी कहानी की तरह बड़े ही सुनियोजित और शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। शायद यही वजह है कि अंधे क़त्ल के इस खुलासे की चर्चा लोगों की जुबान पर है ।
पुलिस के अनुसार विधवा महिला से बदला लेने के लिए आरोपियों ने बाहर रहने वाले अपने एक रिश्तेदार राजकरण का सहारा लिया। पन्ना से सैंकड़ों किलोमीटर दूर जम्मू में बैठे राजकरण ने मोबाइल फोन पर महिला से बातें कर उसे अपनी दोस्ती के जाल में फंसाया और फिर पूर्व निर्धारित योजना के तहत अपने दोस्तों के द्वारा बताए गए स्थान पर रात्रि में उसे मिलने के लिए बुलाया। विधवा महिला कुन्ता बाई जब वहां पहुंची तो मौके पर घात लगाए बैठे राजकरण के रिश्तेदार सोमचन्द्र कोरी पिता सुनुवा कोरी 23 साल निवासी बड़ी मडैयन और उसके नाबालिग साथी ने प्राणघातक हमला कर महिला को मौत के घाट उतार दिया था।
पन्ना के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बुधवार 9 सितम्बर को अंधे हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए बताया कि दिनांक 28 अप्रैल 2020 की सुबह बृजपुर थाना के ग्राम चैन सिंह धरमपुर निवासी कुन्ता बाई गौंड़ पति स्व. सोबरन गौंड़ 43 वर्ष का खून से लथपथ शव सिरसी हार में उसके खेत के बगल में सड़क के किनारे पड़ा हुआ मिला था। अज्ञात अपराधियों ने लाठी-डण्डों से पीट-पीट कर निर्ममता पूर्वक महिला की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इस सनसनीखेज अंधे हत्याकाण्ड की सूचना सिज्जू गौंड़ पिता स्व. दरबारी गौंड़ 58 साल निवासी चैनसिहं धरमपुर के द्वारा पुलिस को दी गई। बृजपुर पुलिस ने घटना पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
इस जघन्य हत्याकाण्ड से बृजपुर एवं उसके आसपास के क्षेत्र में भय व दहशत का महौल उत्पन्न होने और वारदात की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक के द्वारा थाना प्रभारी बृजपुर एवं उप निरीक्षक सिद्धार्थ शर्मा के नेतृत्व में अन्धे कत्ल के खुलासे एवं इसे अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गठित की गई। हत्याकाण्ड के हर पहलू की बारीकी से जांच-पड़ताल करते हुए संदेह के आधार पर पुलिस ने सोमचन्द्र कोरी पिता सुनुवा कोरी 23 साल निवासी बडी मडैयन एवं उसके नाबालिक साथी को हिरासत में लेकर दोनों से कड़ाई से पूंछतांछ की। इस दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डण्डा, मोबाइल एवं मृतिका कुन्ता बाई का मोबाइल फोन जप्त किया गया है।

इस कारण की थी हत्या

पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने प्रेसवार्ता में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों हत्यारोपियों ने पूंछतांछ में बताया है कि मृतिका कुन्ता बाई की नाबालिंक बेटी कुछ माह पूर्व घर से बिना बताये कहीं चली गई थी। जिसकी रिपोर्ट महिला के द्वारा थाना बृजपुर मे दर्ज कराई गई थी। चूँकि पूर्व में सोमचन्द्र एवं उसका नाबालिग दोस्त कुन्ता बाई की पुत्री के साथ मजदूरी करते थे, इस वजह से उसे दोनों पर शक था कि उसकी पुत्री को भगाने में इन्हीं दोनों लोगो का हाथ है। महिला ने बेटी के लापता होने की सूचना पुलिस को देते हुए उक्त दोनों लोगों पर उसे भगा ले जाने का संदेह जताया था। जिस पर पुलिस ने सोमचन्द्र एवं उसके नाबालिग दोस्त को थाना में बुलाकर पूंछतांछ की गई थी।
इस दौरान कुन्ता बाई की बेटी का इन दोनों के साथ जाना नहीं पाया गया। कुछ दिन बाद नाबालिग युवती खुद ही वापस घर लौट आई और उसने अपने बयान में बताया कि वह अपनी मर्जी से सहेली के साथ गई थी। उधर, कुन्ता बाई जहाँ कहीं भी सोमचन्द्र कोरी एवं उसके नाबालिक दोस्त से मिलती थी तो उलाहना देते हुए कहती थी तुम दोनों ने मेरी लड़की को भगाया है, मैं तुम लोगों को नहीं छोड़ूंगी। बस इसी बात को लेकर सोमचन्द्र और उसका दोस्त कुन्ता बाई से बुराई मानने लगे और दोनों ने अपने रिश्तेदार राजकरण निवासी छतरपुर के साथ मिलकर फिल्मी स्टाइल में शातिराना ढंग से योजना बनाकर कुन्ता बाई की लाठी-डंडो से पीटकर निर्मम हत्या कर दी थी।

इस तरह दिया वारदात को अंजाम

पुलिस का दावा है कि सोमचन्द्र कोरी एवं उसके नाबालिक साथी के द्वारा कुन्ता बाई को मौत के घाट उतार कर अपना बदला लेने के लिए जम्मू में रह रहे अपने रिश्तेदार राजकरण को कुन्ता बाई का मोबाइल नम्बर देकर उससे दोस्ती बढ़ाने के लिए कहा गया। योजना के तहत राजकरण ने मोबाइल फोन पर बातें कर विधवा महिला को अपने जाल में फंसा लिया। घटना दिनांक को सोमचन्द्र और उसके नाबालिग दोस्त ने देखा कि आसपास खेतों में फसल की थ्रेसरिंग हो रही है जिससे इन्हें लगा कि यही सही समय है कुन्ता को मारने का थ्रेशर चलने के कारण उसके चिल्लाने की आवाज किसी को भी सुनाई नहीं देगी। दोनों ने जम्मू में बैठे राजकरण से बात करके उसे कुन्ता को मिलने के लिए सिरस्वाहा मोड़ की तरफ बुलाने के लिए कहा। राजकरण जिस फोन से कुन्ता बाई से बात कर रहा था उसका स्पीकर खोलकर दूसरे फोन से पूरी बातचीत को ग्राम चैनसिंह धरमपुर में मौजूद अपने रिश्तेदारों को सुना रहा था।
रात्रि में करीब 9:30 बजे महिला जब सिरस्वाह मोड़ के समीप पहुंची तो वहाँ खेत में छिपे बैठे सोमचन्द्र ने कुन्ता की राजकरण से हुई बातचीत के मुताबिक मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर उसे पास आने का इशारा दिया। कुन्ता के नजदीक आते ही सोमचन्द्र ने उसे पीछे से पकड लिया और साड़ी से मुंह बांध दिया ताकि वह चिल्ला न सके । नाबालिग आरोपी ने कुन्ता का मोबाइल छुड़ा लिया। और फिर सोमचन्द्र व उसके नाबालिंक साथी ने मिलकर कुन्ता की लाठी-डण्डों से पीट-पीट कर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। मृतिका की लाश को मौके पर ही छोड़कर दोनों आरोपी वहाँ से भाग निकले थे। पुलिस के लिए चुनौती बने इस सनसनीखेज अंधे हत्याकाण्ड खुलासे में साइबर सेल की अहम् भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा हत्याकाण्ड का खुलास करने वाली पुलिस टीम को पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है ।

कोरोना से पन्ना के एक और वृद्ध की मौत, आज 8 नए पॉजिटिव मरीज मिले, मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 324 हुई

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(फाइल फोटो)

* इलेक्ट्रिक उपकरण विक्रेता की मेडिकल कॉलिज सागर में हुई मृत्यु

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के बीच अब संक्रमितों मौत की दुखद ख़बरें आने लगीं हैं। जिससे आमलोगों के साथ-साथ जिले के स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। पन्ना के टिकुरिया मोहल्ला निवासी कोरोना संक्रमित वृद्ध की कुछ दिन पूर्व जबलपुर मेडिकल कॉलिज में हुई मौत की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि आज सुबह सागर के मेडिकल कॉलिज से आई एक दुखद खबर ने पन्नावासियों को स्तब्ध कर दिया। शहर के रानीगंज मोहल्ले में गोविन्द चौक समीप रहने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विक्रेता का बुधवार 9 सितंबर की सुबह सागर के मेडिकल कॉलिज इलाज के दौरान दुखद निधन हो गया।
पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 9 सितंबर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-01)
पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी ने 63 वर्षीय व्यवसाई के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि 7 सितंबर को पन्ना में उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। गंभीर रूप से बीमार होने के मद्देनजर उन्हें समुचित इलाज के लिए मेडिकल कॉलिज सागर रेफर किया गया था। व्यवसाई की मृत्यु होने की पुष्टि सागर मेडिकल कॉलिज प्रबंधन के द्वारा की गई है। आपने बताया कि पन्ना जिले में कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) संक्रमण से किसी मरीज की मृत्यु का यह पहला मामला है।
पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिनांक 9 सितंबर 2020 की स्थिति में। (कोरोना बुलेटिन पेज-02)
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व पन्ना के टिकुरिया निवासी जिस वृद्ध की मेडिकल कॉलिज जबलपुर में कोरोना से मृत्यु हुई थी उनकी कोरोना की जांच भी जबलपुर में ही कराई गई थी। वृद्ध के बीमारी पड़ने पर परिजनों ने उन्हें पन्ना जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था लेकिन यहां उनका इलाज करने वाले चिकित्सक द्वारा कथित तौर घोर लापरवाही बरतते हुए कोरोना जांच के लिए सैम्पल ही नहीं लिया। बाद में जब वृद्ध की तबियत बिगड़ी तो पहले उन्हें पन्ना से आनन-फानन में सागर और फिर वहां जबलपुर मेडिकल कॉलिज के लिए रेफर किया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

यहां मिले नए संक्रमित मरीज

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले में नोवल कोरोना वायरस महामारी (कोविड-19) की स्थिति पर गौर करें तो आज लैब से 88 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं। जिसमें 8 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 324 हो गई है। आज कोरोना के 2 मरीजों के इलाज के बाद स्वस्थ होने पर उन्हें कोविड सेंटर से छुट्टी दे दी गई। जिले में अब तक 275 मरीज कोरोना को हराकर पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 48 संक्रमित मरीज जिले में एवं जिले के बाहर स्थित स्वास्थ्य संस्थाओं में इलाज हेतु भर्ती है। जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन के अनुसार 9 सितम्बर को पन्ना के टिकुरिया मोहल्ला में 50 वर्षीय महिला, 20 वर्षीय पुरुष, रानीगंज मोहल्ले में 45 वर्षीय पुरुष, मोहन निवास में 42 वर्षीय पुरुष के साथ 70 वर्षीय पुरुष एवं 40 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। इसके आलावा तहसील मुख्यालय देवेन्द्रनगर में 62 वर्षीय महिला एवं 37 वर्षीय पुरुष की जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।

कोंग्रेस नेताओं की उपेक्षा और अंतर्कलह के कारण गिरी थी कमलनाथ सरकार, BJP को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं : वीडी शर्मा

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पन्ना के सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (मध्य में) एवं अगल-बगल बैठे स्थानीय भाजपा नेतागण।

* खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पन्ना में पत्रकारों से हुए रूबरू

* आसन्न उपचुनाव में सभी 27 सीटों पर भाजपा की जीत का किया दावा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश की पिछली कमलनाथ सरकार कोंग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की घोर उपेक्षा किये जाने और आंतरिक असंतोष(अन्तर्कलह) के कारण गिरी थी, भारतीय जनता पार्टी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना कहीं से भी उचित नहीं है। कोंग्रेस सरकार के पतन के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं सबसे बड़े दोषी हैं। क्योंकि, उनके पास अपने विधायकों और पार्टी के नेताओं से मिलने का समय तक का नहीं रहता था। डेढ़ साल के कार्यकाल में कभी यह लगा ही नहीं कि कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, वे अपने पूरे कार्यकाल में सिर्फ छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे हैं। यह बात खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंगलवार को पन्ना में कही।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने के लिए पन्ना पहुंचे खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने मंगलवार को यहां सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कोंग्रेस सरकार पर प्रदेश के विकास की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार के समय सिर्फ छिंदवाड़ा के विकास को प्राथमिकता दी गई। कमलनाथ जी को पूरे समय सिर्फ छिदवाड़ा की चिन्ता रही, यही कारण है कि उन्होंने बहुत बड़े बजट के निर्माण कार्य केवल छिदवाड़ा के लिये स्वीकृत किये। उन्हें प्रदेश के अन्य जिलों से कोई सरोकार नहीं रहा। इतना ही नहीं पन्ना के एग्रीकल्चर कॉलिज को भी छिंदवाड़ा ले जाया गया। आपने कहा कि वे पन्ना में स्वीकृत एग्रीकल्चर कॉलिज को यहां शीघ्र शुरू कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने एक सवाल के जबाव में दावा किया कि आगामी समय में प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले विधानसभा के उप चुनावों में बीजेपी सभी सीटों पर प्रचण्ड बहुमत से जीत दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि उप चुनाव में हम प्रदेश में मजबूत एवं स्थाई सरकार, विकास के मुद्दे वोट मांगेंगे और कोंग्रेस सरकार ने डेढ़ साल के अपने कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार-वादाखिलाफी की है, उसे जनता के बीच प्रमुखता से रखेंगें। श्री शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसानों की ऋण माफी कांग्रेस का मुख्य मुद्दा रही है लेकिन सरकार बनने के बाद ईमानदारी से किसानों की कर्ज माफ़ी नहीं की गई। किसानों के साथ छलावा किया गया जिससे वे नाराज है। समाज के अन्य तबकों में भी कमलनाथ सरकार को लेकर नाराजगी रही है, जिससे उप चुनावों में भाजपा की विजय सुनिश्चित है।
अथिति विद्वानों, अथिति शिक्षकों से किये गए वादों और शिक्षकों की लंबित भर्ती के सम्बंध पूंछे गए सवाल पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि शिवराज सरकार को बने हुए अभी सिर्फ पांच माह ही हुए हैं। इस दौरान कोरोना वायरस महामारी ने दस्तक दे दी जिसकी रोकथाम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा हमने शिक्षाकर्मियों व रोजगार सहायकों की चिन्ता की है तो निश्चित ही अतिथि विद्वान व अतिथि शिक्षकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। सही समय आने पर इनकी मांगों के सम्बंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रत्येक कर्मचारी और प्रत्येक नागरिक की चिंता करने वाली सरकार है। नागरिकों के कल्याण, कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। शिवराज सरकार ने सरकारी नौकरियों में मध्य प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर यह साबित किया है कि, हम अपने शिक्षित-बेरोजगार युवाओं के भविष्य को सँवारने के लिए उन्हें बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी संवेदनशील हैं।

रेत के अवैध खनन को रोकेंगे अधिकारी

पत्रकारों के सवालों के जबाव देते हुए खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (मध्य में) एवं अगल-बगल बैठे स्थानीय भाजपा नेतागण।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा से जब उनके निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत पन्ना और छतरपुर जिलों में केन नदी में एवं निजी भूमियों पर बड़े पैमाने पर रेत का खुलेआम अवैध खनन होने सम्बंधी सवाल पूंछा गया तो उन्होंने अपने जबाव में कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। रेत के नियम विरुद्ध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में पिछले तीन माह से रेत ठकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा बगैर वैधानिक स्वीकृति के आधा दर्जन ग्रामों में निजी भूमियों पर रेत खदानें संचालित करते हुए मशीनों से बड़े पैमाने पर रेत का खनन किया जा रहा है। पन्ना जिले में रेत के ठेके की आड़ में रेत की लूट का खेल बेखौफ तरीके से चल रहा है। जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों पर इसकी अनदेखी करने के आरोप लगते रहे हैं। बहरहाल क्षेत्रीय सांसद के द्वारा इसे रोकने का भरोसा दिलाने के बाद अब देखना यह है कि, पन्ना में रेत ठेकेदार की मनमानी पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया, वरिष्ठ नेता सुधीर अग्रवाल, संजय नगायच एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी उपस्थित रहे।