50 की उम्र पार कर चुके बाबूओं को मिलेगा अवसर
भोपाल। करीब दो दशक बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों को सीधे अफसर यानी नायब तहसीलदार बनने का मौका मिलेगा। इसके लिए 30 जून को प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बार्ड (पीईबी) परीक्षा आयोजत करने जा रहा है। इसमें प्रदेशभर के करीब 5 हजार 365 बाबुओं ने आवेदन किया है। खास यह है कि इसमें से 30 फसदी से ज्यादा आवेदन ऐसे बाबुओं ने किया है जो 50 की उम्र पार कर चुके है। या फिर इनके आसपास के है। यह परीक्षा राजधानी के 18 सेंटरों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी हिस्सा ले सकें, इसके लिए सरकार ने कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट दी है। राजस्व विभाग ने विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाने वाले लगभग 160 नायब तहसीलदार के पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की है।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा-
परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित कराई जाएगी। प्रथम शिफ्ट 9 से 11ः30 बजे तक और द्वितीय शिफ्ट 3 से 5ः30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। प्रथम शिफ्ट में 100 अंकों का पेपर होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान, तार्किक योग्यता, सामान्य अंग्रेजी सहित कंप्यूटर ज्ञान से संबंधितप्रश्न पूूंछे जाएंगे वहीं द्वितीय शिफ्ट में शासकीय सेवा से संबंधित नियमों का ज्ञान, वेतन, भत्ते, राजस्व शब्दावली, भू-राजस्व संहिता, भू-अभिलेख नियमावली के प्रश्न पूंछे जाएंगे यह प्रश्न पत्र भी 100 अंकों का होगा
वर्ष 996 में हुई थी परीक्षा-
बता दें कि 1996 में आखिरी बार इस तरह की परीक्षा थी। इससे गोपनीय चरित्रावली के साथ सामान्य तरीके से परीक्षा लेकर नायब तहसीलदार बनाया जात है। पर इस बार पीईबी के माध्यम से परीक्षा कराई जाएगी। इसमें कमिश्नर व कलेक्टर कार्यालय के बाबुओं (लिपिक) के साथ पटवारी और राजस्व निरीक्षक हिस्सा ले रहे है। इस परीक्षा में विभागीय ज्ञान के अलावा सामान्य ज्ञान अंग्रेजी और कम्प्यूटर से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
इनका कहना है –
”परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। राजधानी के 18 सेंटरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। 25 जन तक प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएगें।”
एकेएस भदौरिया, परीक्षा नियंत्रक पीईबी भोपाल






बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने ही पार्टी पर एक बार फिर से हमला किया है। उन्होने बीजेपी पर पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि इस गठजोड़ का टूटना तय था। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद भाजापा इस मुद्दे का इस्तेमाल देश के सांप्रदायिकता फैलाने के लिए करेगी। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि बीजेपी-पीडीपी गठबंधन को टूटना ही था।





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