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विश्व के लिए शोध एवं अध्ययन का केन्द्र बना पन्ना टाईगर रिज़र्व

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शावकों के साथ बाघिन का फाइल फोटो।

बाघ पुर्नस्थापना योजना की कामयाबी से मिली ख्याति बना मिसाल

 वन सेवा के अधिकारियों के अलावा विदेशों से प्रशिक्षण प्राप्त करने आ रहे हैं प्रशिक्षु

पन्ना। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश के पन्ना नेशनल पार्क की स्थापना यूँ तो वर्ष 1981 में हुई थी, जिसे वर्ष 1994 में टाईगर रिजर्व के रूप में मान्यता मिली। लेकिन इसे आकर्षण का केन्द्र पन्ना टाईगर रिजर्व द्वारा बुनी गयी बाघों की विलुप्ति से पुर्नस्थापना की कहानी ने बनाया है। आज यह न केवल देश-विदेश के पर्यटकों को लुभा रहा है बल्कि देश-विदेश के अधिकारियों व ककर्मचारियों के लिए शोध एवं अध्ययन का केन्द्र बन गया है। पन्ना टाईगर रिजर्व का कोर क्षेत्र 576 वर्ग किलोमीटर तथा बफर क्षेत्र 1021 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक पर्यटन स्थल खजुराहो से इसका पर्यटन प्रवेश द्वार मड़ला महज 25 किलोमीटर दूर है। बाघों से आबाद रहने वाला पन्ना टाईगर रिजर्व विभिन्न कारणों से फरवरी 2009 में बाघ विहीन हो गया था। जिसके बाद इन विपरीत परिस्थितियोंय में पार्क प्रबंधन के द्वारा भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों की मदद से दिसम्बर 2009 में पन्ना बाघ पुर्नस्थापना योजना की व्यापक रूप रेखा तैयार की गई। योजना के अंतर्गत 4 बाघिन व 2 वयस्क नर बाघों को बाघ पुर्नस्थापना के संस्थापक बाघों की आबादी के रूप में बांधवगढ़, कान्हा एवं पेंच टाईगर रिजर्व से पन्ना टाईगर रिजर्व में लाया गया ताकि यहां पर बाघों की वंश वृद्धि हो सके। लेकिन यह इतना आसान भी न था। योजना के मुताबिक पेंच टाईगर रिजर्व से लाया गया नर बाघ टी-3 यहां के जंगल में 10 दिन रहने के बाद यहां से दक्षिण दिशा में निकल पड़ा। यह बाघ नजदीकी जिलों के वन क्षेत्रों में लगभग 1 माह तक स्वच्छंद विचरण करता रहा। योजना के शुरूआती दौर में ही उत्पन्न हुई इस समस्या से पार्क प्रबंधन ने हार नहीं मानी। पार्क की टीम लगातार बाघ का पीछा करती रही। पार्क के 70 कर्मचारियों की टीम 4 हाथियों के द्वारा दिसम्बर 2009 को दमोह जिले के तेजगढ़ जंगल से इस बाघ को फिर से पन्ना टाईगर रिजर्व में लाया गया। पुनस्र्थापना किए गये बाघ में होमिंग (अपने घर लौटने की प्रवृत्ति) कितनी प्रबल होती है इसे पहली बार देखा गया। इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को अपने दृढ़ निश्चिय से सफल बनाकर पन्ना पार्क टीम ने अपनी दक्षता साबित की है। बाघ टी-3 की उम्र अब 15 वर्ष हो गई है और अ बवह अपने ही वयस्क शावकों से अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

70 शावकों का हुआ जन्म

मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।

बाघ टी-3 से पन्ना बाघ पुर्नस्थापना की सफतला की श्रंखला प्रारंभ हो गई। पार्क की सुरक्षा प्रबंधन एवं सृजन की अभिनव पहल को पहली ऐतिहासिक सफलता तब मिली जब बाघिन टी-1 ने वर्ष 2010 को 4 शावकों को जन्म दिया। जिसके बाद बाघिन टी-2 ने भी 4 शावकों को जन्म दिया। इसके बाद से सिलसिला निरंतर जारी है। बाघिन टी-1, टी-2 एवं कान्हा से लाई गई अर्द्ध जंगली बाघिनों टी-4, टी-5 एवं इनकी संतानों द्वारा अब तक लगभग 70 शावकों को जन्म दिया जा चुका है। जिनमें से जीवित रहे 49 बाघों में से कुछ ने विचरण करते हुए सतना, बांधवगढ़ तथा पन्ना एवं छतरपुर के जंगलों में आशियाना बना लिया है। बाघों की पुनस्र्थापना की इस सफलता की कहानी को सुनने और इससे सीख लेने प्रतिवर्ष भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को एक सप्ताह के लिए भेजा जाने लगा है। इतना ही नहीं कम्बोडिया एवं उत्तर पूर्व के देशों तथा भारत के विभिन्न राज्यों से भी बाघ पुर्नस्थापना का अध्ययन करने एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारी यहां आ रहे है।

पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि

फाइल फोटो।

पिछले वर्षों में पर्यटकों विशेषकर विदेशी पर्यटको की संख्या में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। वर्ष 2015-16 में कुल 36730 पर्यटक, वर्ष 2016-17 में कुल 38545 पर्यटक एवं वर्ष 2017-18 में मई 2018 तक की स्थिति में कुल 27234 पर्यटकों की संख्या दर्ज की गई है। इसके अलावा पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के लिए रहवास प्रबंधन, मानव एवं वन्य प्राणी द्वंद का समाधान तथा पर्यटन से लगभग 500 स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदाय किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में 30 ग्रामों में संसाधन विकसित करने हेतु 60 लाख रूपये पार्क प्रबंधन द्वारा प्रदाय किए गए है। साथ ही स्थानीय 68 युवकों को आर आतिथ्य का प्रशिक्षण खजुराहो में दिलाकर उन्हें सितारा एवं 5 सितारा होटलों में रोजगार दिलाया गया है।

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हर बच्चा जाये स्कूल, हम सबकी है यह ज़िम्मेदारी

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ग्राम सब्दुआ में मनाया गया स्कूल चलें अभियान कार्यक्रम आयोजित

अजयगढ़ । रडार न्यूज़ नेहरू युवा केन्द्र पन्ना द्वारा अजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम सब्दुआ में 27 जून 2018 को स्कूल चलें अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना के बाद अतिथियों के स्वागत के लिए मिथलेश त्यागी द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बताया कि स्कूल सभी को जाना अनिवार्य है। जिससे कोई भी बच्चा छूटा न रहे। यह भी बताया गया कि शौंचालय का घरों में होना अतिआवश्यक है। जिससे हमारे गांव तथा आस-पास गंदगी न फैले तथा वातावरण साफ स्वच्छ रहे। गांव के बच्चे निरोगी रहे तथा सभी मन साफ और निर्मल रहे यह जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा, जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष भरतमिलन पाण्डेय, उपाध्यक्ष सुरेश यादव तथा ग्राम के सरपंच श्री यादव उपस्थित रहे।

 

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कचरे के ढ़ेर में मिली कुछ घंटे पहले जन्मी मासूम

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ग्रामीणों ने पवई स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए कराया भर्ती

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज सरकार द्वारा बेटियों को बचाने और उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाने बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का नारा देते हुए बेशक तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही हों, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बच्चियों को समाज में आज भी बोझ माना जा रहा है। मानवता को तार-तार करते हुए शुक्रवार की सुबह अज्ञात निर्दयी मां ने महज कुछ घंटे पहले जन्मी अपनी बच्ची को कचरे के ढे़र पर फेंक दिया। इस चिलचिलाती उमस भरी गर्मी में बारिश के बीच अज्ञात पत्थर दिल मां ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए वहां छोड़ दिया, लेकिन कहते हैं कि जाको राखे साईंया मार सके न कोए। मामला पन्ना जिले के पवई थाना के ग्राम कृष्णगढ़ का है। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों को यहां कचरे के ढ़ेर के पास किसी मासूम बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो वहां तौलिया में लिपिटी मासूम को कचरे के ढ़ेर के बीच लावारिश हालत में पाकर दंग रह गये। मां की ममता को शर्मसार करने वाली इस घटना की सूचना आनन-फानन ग्रामीणों द्वारा डायल 100 पुलिस और 108 एम्बूलेंस को दी गई। काफी देर तक जब कोई मौके पर नहीं पहुंचा तो मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने निजी वाहन से उसे आनन-फानन सामुदायिक केन्द्र पवई ले जाकर भर्ती करा दिया। मासूम बच्ची का इलाज करने वाले डाॅक्टर एमएल चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उसका जन्म महज तीन से चार घंटे पूर्व ही हुआ है। बच्ची लगभग साढ़े 8 माह की बताई जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मासूम का प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

डाॅक्टर चौधरी के अनुसार बच्ची का वजन कम होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पवई से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफरल किया जा रहा है। इतने महीनों तक मासूम को अपनी कोख में पालने के बाद उसे बरसात के मौसम में कचरे के ढ़ेर में इस तरह लावारिश हालत में मरने के लिए छोड़ने की घटना को लोग अनैतिक संबंधों को छिपाने के लिए किये गये अपराध के तौर पर देख रहे है। कुछ लोग यह भी आशंका जता रहे है कि संभवतः बेटी को बोझ मानने वालों के द्वारा उससे पीछा छुड़ाने के लिए इस तरह फेंका गया है। सर्वविदित है कि बेटियों को लेकर हमारे समाज की सोच आज भी बहुत संकीर्ण है। विडम्बना यह है भारतीय समाज में बेटी को देवी की तरह पूजा जाता है और लक्ष्मी माना जाता है। बावजूद इसके बेटियों की शिक्षा-दिक्षा और विवाह हेतु दान-दहेज की चिंता में कतिपय अभिभावक बेटियों को बोझ मानते है। बहरहाल कुछ घंटे पूर्व जन्मी मासूम बच्ची को इस तरह कचरे के ढ़ेर में फेंके जाने के पीछे असल वजह क्या है, यह तो पुलिस की जांच पूर्ण होने पर ही पता चलेगा। इस मामले में पवई थाना पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि ऐसा कौन बेरहम व्यक्ति है, जो मासूम को मरने के लिये कचरे के ढ़ेर में फेंक गया।

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कमलनाथ ने टेण्डर डालकर खरीदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद -अभिलाष

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भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस और पीसीसी चीफ पर किया शाब्दिक प्रहार

आमसभा को संबोधित करते हुए बोले मध्यप्रदेश में एक बार फिर खिलेगा कमल

भाजयुमो की युवा संकल्प यात्रा के पन्ना पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत्

पन्ना। रडार न्यूज भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा पूरे प्रदेश में निकाली जा रही युवा संकल्प यात्रा-2018 के बुधवार को पन्ना पहुंचने पर स्थानीय युवा नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर नगर में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा बाईक रैली निकाली गई। 15 जून को नलखेड़ा से भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा के पन्ना पहुंचने पर यहां इन्द्रपुरी काॅलोनी स्थित पार्क मेें एक आमसभा आयोजित हुई। जिसे संबोधित करते हुए भाजयुमों के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय ने प्रदेश की भाजपा सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि विकास के पर्याय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए योजनायें बनाई है। जिनका धरातल ईमानदारी से क्रियान्वयन होने के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश और यहां के लोगों की तकदीर और तस्वीर बदली है। कांग्रेस के शासनकाल में बीमारू राज्य रहे मध्यप्रदेश में सड़क, बिजली, पानी की स्थिति खस्ताहाल थी। लेकिन शिवराज सिंह चाैहान के कुशल नेतृत्व मेें मध्यप्रदेश विकास के नये आयाम स्थापित करते हुए आज विकासशील राज्यों की श्रेणी में आ गया है।

संकल्प यात्रा को लेकर युवाओं में है उत्साह-

आपने जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में कार्यकर्ताओं की मेहनत और जन-जन के आर्शीवाद से भाजपा की सरकार बनने पर मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने का सपने को साकार किया जायेगा। श्री पाण्डेय ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर कमल खिलाने के ही उद्देश्य को लेकर प्रदेशभर में युवा संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा को लेकर युवाओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने विशेष पहल करते हुए युवा कांट्रेक्टर योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिये युवाआेें के हुनर को निखारते हुए उन्हें बेहतर रोजगार दिलाने सहित बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां निकाली है।

कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के नेता-

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस द्वारा पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के फैसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज कांग्रेस को पांच-पांच अध्यक्ष बनाने की आवश्यकता पड़ रही है। पहले कांग्रेस में तिकड़ी थी अब छकड़ी हो गई है। अब युवक कांग्रेस में भी इसी तर्ज पर छकड़ी बनाई जा रही है। जब कांग्रेस के मुख्य अध्यक्ष के अंदर नेतृत्व की क्षमता नहीं थी तो फिर उन्हें अध्यक्ष क्यों बनाया गया। भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष श्री पाण्डेय यहीं नहीं रुके उन्होंने मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ पर शाब्दिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में कामदार नहीं बल्कि दामदार चलता है, इसलिए सेठ जी को अध्यक्ष बना दिया गया। मुझे लगता है कि कांग्रेस के अध्यक्ष को टेंडर खोलकर बनाया गया है। पीसीसी चीफ के लिए जिसने टेंडर में सबसे ज्यादा दर भरी उसे पद दिया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को छिंदवाड़ा के बाहर किसी ने नहीं देखा क्योंकि वे हवाई जहाज से आते-जाते है। मीडिया के कुछ लोग मुझसे कह रहे थे कि आपको कमलनाथ को छिंदवाड़ा में जाकर घेरने की आवश्यकता क्यों पड़ी। मैंने उन्हें बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वास्तव में मण्डल अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष के लायक है। क्योंकि वे छिंदवाड़ा के बाहर जाते नहीं है इसलिए मैं उनके घर में ही उन्हें घेरने जा रहा हूं।

कार्तिकेय ने किया युवाओं को प्रभावित-

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान के पुत्र युवा नेता कार्तिकेय सिंह चाैहान भाजयुमो की युवा संकल्प यात्रा में लगातार शामिल हो रहे है। बुधवार को वे यात्रा के साथ पन्ना पहुंचे। एक आम कार्यकर्ता की तरह कार्तिकेय सिंह चाैहान बड़ी ही सादगी के साथ संकल्प यात्रा की बाईक रैली में शामिल रहे। इस दौरान वे काफी उत्साह में नजर आये। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार्तिकेय सिंह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के साथ बाईक में पीछे सवार होकर हांथ में पार्टी का झण्डा पकड़े हुए उसे लहराते नजर आये। युवाओं में उत्साह भरने के लिए बीच-बीच में बाईक पर खड़े होकर वे झण्डा लहराते रहे। संकल्प यात्रा की आमसभा में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष ने कार्तिकेय सिंह के पार्टी के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए बताया कि वे लगातार संकल्प यात्रा में आम कार्यकर्ता की तरह शामिल हो रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के स्टार नेता शिवराज सिंह चाैहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह की सादगी और विनम्रता की चर्चा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी रही। कार्यक्रम के दौरान जगह-जगह युवा मोर्चा के स्थानीय पदाधिकारियों ने कार्तिकेय सिंह साथ सेल्फी ली और जमकर फोटो भी खिंचवाये।

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चिकित्सकों की कमी से उपचार के आभाव में बेमौत मर रहे मरीज

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डॉक्‍टरों के रिक्‍त पदों को भरने कांग्रेस ने दिया धरना

कमीशन के चक्‍कर में गुणवत्‍ताविहीन दवाओं की खरीदी केे लगाये आरोप 

पन्ना। रडार न्‍यूज पन्ना जिला चिकित्सालय में चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी तथा दवाओं की खरीदी में अनियमिततायें एवं भ्रष्टाचार को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पन्ना स्थित जिला चिकित्सालय के सामने किसान कांग्रेस के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित के नेतृत्व में किसान कांग्रेस द्वारा धरना देकर उग्र प्रदर्शन करते हुये राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा गया आयोजित धरना कार्यक्रम प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। दोपहर 12 बजे से शुरू हुए धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के नेताओं भास्कर देव बुंदेला, रविन्द्र शुक्ला, रामकिशोर मिश्रा, पुष्पेन्द्र सिंह, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, शिवजीत सिंह भईया राजा, शारदा पाठक, मीना यादव, केशव प्रताप सिंह, लक्ष्मी दहायत, मनोज गुप्ता, मुरारी थापक, आशीष बागरी, अजयवीर सिंह, रामकरण पाण्डेय, जीतेन्द्र जाटव, धीरेन्द्र पाठक, मनीष मिश्रा, रामवीर तिवारी आदि ने संबंधित करते हुये कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के मामले में पन्ना जिले की हालत सबसे खराब है जिला अस्पताल में लोग मरीजों को उपचार के लिये लेकर आते है ताकि वह ठीक हो जाये गंभीर रूप से बीमार मरीजों की अस्पताल में मिलने वाले इलाज से उनकी जान बच जाये किंतु पन्ना जिला चिकित्सालय की जो स्थिति है उसे हर कोई जानता है अस्पताल में आने के बाद मरीजों को देखने के लिये डॉक्टर नहीं मिलते। विशेषज्ञ एवं अनुभवी चिकित्सकों के नही होने से अस्पताल में मरीजों को उपचार के अभाव में दम तोडऩा पड़ता है। हालत है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में देखने के लिये जो डॉक्टर उपलब्ध है वे उन्हे अस्पताल से रिफर कर देते है और नतीजा यह हो रहा है कि बाहर के अस्पताल तक पहुंचने के दौरान ही अब तक जिले में कई लोगों की मौत हो चुकी है।

चौपाट है व्‍यवस्‍थायें-

किसान कांग्रेस के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित ने कहा कि पन्ना जिला चिकित्सालय की हालत से मरीज एवं उनके परिजन भयभीत है, वजह यह है कि अस्पताल में आधे से अधिक चिकित्सक नही है हृदय रोगी तथा अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को अस्पताल में पहुंचने के बाद दयनीय दौर से गुजरना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों का इलाज अस्पताल में सर्जिकल तथा अस्थि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते नहीं किया जाता है। जिला अस्पताल में ओपीडी तथा आईपीडी की व्यवस्थाये पूरी तरह से लड़खड़ाई रहती है। नर्सिंग स्टाफ की भी स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा पद खाली है। श्री दीक्षित ने कहा कि पन्ना के साथ सरकार तथा जिले से जिन भाजपा के जनप्रतिनिधियों को इस जिले के लोगों ने चुन कर ताकत दी है वे पूरी तरह से अकर्मण्य साबित हुये है। इस जिले की जनता ने न जाने कितने अपने लोगों को उपचार के अभाव में खो दिया है। इसके लिये भाजपा के जनप्रतिनिधि और भाजपा की सरकार दोषी है। श्री दीक्षित ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में घटिया दवाओं की खरीदी हो रही है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टार हो है जिससे कि अस्पताल की दवाओं से लोगों का भरोसा पूरी तरह से उठ चुका है। श्री दीक्षित ने जिला अस्पताल में दवा सहित अन्य खरीदी के कार्यो में बड़े पैाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये तथा इसकी उच्च स्तरीय जांच की गयी है। प्रदर्शन के दौरान जिले में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की बदहाली को भी उठाया गया तथा कहा गया कि जिले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे है जहां डॉक्टर और स्टाफ नही होने से ताला लगा रहता है।

राज्‍यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन –

धरना प्रदर्शन के उपरांत स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर जम कर नारेबाजी करते हुये ज्ञापन लेने के लिये उपस्थित तहसीलदार श्रीमती बबीता राठौर को राज्यपाल के नाम संबंधित ज्ञापन सौपा गया तथा समस्याओं के निराकरण नही होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गयी। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिवदयाल बागरी, सरदार सिंह यादव, अभिषेक शर्मा, मनोज सेन, दीपू दीक्षित, आशीष मिश्रा, सौरभ रैकवार, अंका रिछारिया, दीपक तिवारी, हीरालाल विश्वकर्मा, जनमेजय अरजरिया, दयाशंकर दीक्षित, रिंकू सिद्दीकी, पप्पू दीक्षित, सुनील अवस्‍थी,  धर्मेन्‍द्र प्रताप सिंह, विमलेश सेन, महेन्द्र पाण्डेय, मुस्ताक हुसैन, चंदन रावत, चंद्र प्रकाश पाल, राज प्रताप शर्मा, शहीद चच्चा, डमरू लाल सेन, केशरी अहिरवार, गोकुल विश्वकर्मा, अंकित शर्मा, नृपेन्द्र सिंह, मृगेन्द्र सिंह, रामप्रसाद यादव, विनय कांत पाण्डेय, जीतू तिवारी, रसीद सौदागार, पूनम मिश्रा, लोकेन्द्र यादव, सचिन चैरहा, हिमांशु परौहा, पार्षद जयशंकर व्यास, रनमत सिंह यादव, नीलेश शुक्ला, अंकित दीक्षित, वीरेन्द्र सिंह, पुष्पराज सिंह, पुन्ना सहित कांग्रेस एवं किसान काग्रेस के कार्यकर्ता, पदाधिकारी गण एवं किसान उपस्थित रहे।

 

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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में मध्यप्रदेश को मिलेगा अवार्ड

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सांकेतिक फोटो

स्वास्थ्य मंत्री श्री रुस्तम सिंह को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने लिखा पत्र 

मातृ मृत्यु दर घटने पर अवार्ड सेरेमनी का दिया आमंत्रण 

भोपाल। मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मातृ मृत्यु दर कम करने पर पुरस्कृत किया जायेगा। इसके लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह को पत्र लिखकर 29 जून को होने वाली अवार्ड सेरेमनी के लिये आमंत्रित किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह को इसके लिये बधाई भी दी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देश में 3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पहले देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये शुरू किया गया है।

राज्य शासन द्वारा प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के प्रयास अब सार्थक परिणाम देने लगे हैं। भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 से 2016 तक के विशेष बुलेटिन में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु में 48 अंकों की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश में वर्ष 2011-13 में मातृ मृत्यु दर 221 थी, जो अब घटकर मात्र 173 रह गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

संस्थागत प्रसव, ए.एन.एम., आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, दस्तक अभियान आदि निरंतर जारी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम अब आने लगे हैं। आने वाले वर्षों में यह गिरावट और अधिक स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य संस्था स्तर से लेकर समुदाय स्तर तक प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया गया है कि गर्भ का पता चलते ही शीघ्र स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भधात्री महिला का पंजीयन करवायें। इससे प्रसव के पहले आवश्यक जाँचें, टीकाकरण, खून की कमी आदि का उपचार होने के साथ ही अन्य जटिलताओं पर काबू पाने में आसानी हुई है।

मध्यप्रदेश में उच्च जोखिम प्रसव की संभावनाओं वाली महिलाओं का नियमित फॉलोअप करके उनका सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट्स और अत्यधिक खून की कमी होने पर आयरन के इंजेक्शन दिये जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को खून भी चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थाओं में नर्सिंग सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सिंग मेंटर्स की तैनाती की गई है।

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रेत खदानों पर पड़े छापे। 5 एलएनटी, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त

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देर रात पुलिस टीमों ने दबिश देकर की कार्यवाही

प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से निकाली जा रही थी रेत

केन नदी के जिगनी घाट में नहीं थम रहा रेत का अवैध उत्खनन

अजयगढ़/पन्ना। रडार न्यूज केन नदी कोख को छलनी कर रेत का अनियंत्रित तरीके से बेइंतहां दोहन कर रहे माफियाओं पर नकेल कसने के लिए गुरूवार देर रात पुलिस की चार टीमों ने अजयगढ़ की रेत खदानों पर दबिश देते हुए 5 एलएनटी मशीनें, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त किये है। इन खदानों में लम्‍बेे समय से प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से रेत का खनन कराया जा रहा था। पन्ना पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल के निर्देशन में की गई छापामार कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम देने के लिए पन्ना से खासतौर पर पुलिस टीमों को भेजा गया। कथिततौर पर अजयगढ़  केे पुलिस व राजस्व अधिकारियों को इस कार्यवाई से दूर रखते हुए उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। फलस्वरूप गुरूवार देर रात से लेकर सुबह तक सुनहरा, बीरा, जिगनी आदि खदानों पर पुलिस के छापे पड़े तो समूचे अजयगढ़ क्षेत्र मेें हड़कम्प मच गया।  छापामार कार्रवाई से खदान क्षेत्रों में अफरा-तफरी फैल गई। प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से रेत उत्खनन कराये जाने से पुलिस ने सुनहरा और डिजयाना कम्पनी की बीरा रेत खदान से दो-दो एलएनटी मशीनें और केन नदी के जिगनी घाट में पूर्णतः अवैध रूप से संचालित खदान से एक एलएनटी एवं एक जेसीबी मशीन जब्त की है। इसके अलावा रेत से भरे 12 ट्रक भी पुलिस ने पकड़े है। जप्तशुदा मशीनरी और वाहनों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।

प्रशासन के संरक्षण में चल रहा था अवैध उत्खनन-

उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत केन नदी पर स्वीकृत अधिकांश रेत खदानों मेें कई माह पहले ही रेत समाप्त हो चुकी थी। किन्तु स्थानीय पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की सांठगांठ से ठेकेदारों द्वारा खदान क्षेत्र के बाहर कई किलोमीटर में दैत्याकार मशीनों के जरिये पानी से रेत निकाली जा रही थी। पिछले तीन-चार माह से रेत के डम्पों की आड़ में केन नदी की रेत पर खुलेआम डकैती डाले जाने की खबर को रडार न्यूज ने दो दिन पूर्व प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये थे। खबर मेें उन खदानाेें के नामों का भी उल्लेख किया गया था जिनकी रेत समाप्त हो चुकी है। पुलिस की छापामार कार्यवाही से यह साबित हो गया है कि मानसून के सक्रिय होने के बावजूद रेत खदान ठेकेदार केन की बहुमूल्य खनिज सम्पदा को लूटकर अपनी तिजोरी भरने के लिए रातदिन मशीनों से रेत खनन करा रहे थे। केन नदी के जिगनी घाट में एक भी खदान स्वीकृत न होने के बावजूद वहां से भी एक जेसीबी और एक एलएनटी मशीन रेत निकालते हुए पकड़ी गई इससे स्पष्ट है कि पूर्व में कई बार कार्यवाई होने के बावजूद जिगनी घाट में संचालित अवैध रेत खदानों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। जबकि पुलिस चाैकी चंदौरा से जिगनी घाट की दूरी पांच किलोमीटर से भी कम है।

छापाेें की खबर मिलने पर पहुंचे स्थानीय अधिकारी-

पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल द्वारा पन्ना से भेजी गई पुलिस टीमों द्वारा रेत खदानों पर बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम देते ही इसकी खबर जंगल की आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। अल सुबह जब इस कार्यवाई की जानकारी अजयगढ़ के पुलिस और राजस्व अधिकारियों को लगी तो वे दंग रह गये। कथिततौर पर रेत खदान ठेकेदारों से सांठगांठ के चलते छापामार कार्यवाही से दूर रखे गये स्थानीय अधिकारी खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए कार्यवाई का जायजा लेते और पन्ना से आई टीमों का सहयोग करते नजर आये। छापामार कार्यवाई मुख्य रूप से पन्ना कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर, सलेहा थाना प्रभारी शैलेन्द्र यादव एवं देवेन्द्रनगर थाना प्रभारी मनीष मिश्रा व उनकी टीम शामिल रही। समाचार लिखेे जानेे तक अजयगढ़ में रूक-रूक कर रहे रही बारिश के बीच पुलिस अधिकारी-कर्मचारी जब्तशुदा वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कराने के लिए मशक्कत करते रहे।

इनका कहना है-

      ‘‘पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चार पुलिस टीमों ने छापामार कार्यवाई करते हुए रेत खदानों से 5 एलएनटी, 1 जेसीबी और 12 ट्रक जब्त किये है। इस मामले में अग्रिम कार्यवाई हेतु प्रतिवेदन जिला खनिज अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा।‘‘
                                                                     -बीके सिंह परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना

 

 

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सीएम के पुत्र और युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष ने बिना हैलमेट बाईक रैली निकाली

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भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के पीछे बैठे सीएम के पुत्र कार्तिकेय सिंह।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर मूकदर्शक बनी रही पन्ना पुलिस

अभिलाष बोले, पगड़ी पहन ली तो हैलमेट की जरूरत क्या है

पन्ना। रडार न्यूज़   भारतीय जनता युवामोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय के नेतृत्व मे निकाली जा रही युवा संकल्प यात्रा यातायात नियमों के खुले उल्लंघन के चलते विवादों मे घिर गई है। प्रदेशव्यापी अपनी यात्रा के तहत बुधवार को पन्ना पहुंचे भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के स्वागत मे स्थानीय भाजयुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा नगर में बगैर हैलमेट के बाईक रैली निकाली गई। विवादों से घिरी इस रैली मे युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डेय बिना हैलमेट लगाये बाईक चला रहे थे, उनके पीछे बैठे सीएम के पुत्र कार्तिकेय सिंह ने भी बिना हैलमेट के बाईक की सवारी की । आश्चर्य तो तब हुआ जब सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे इन युवा नेताओं पर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई।

युवा नेताओं को यातायात नियमो के उल्लंघन की छूट दिये जाने से पन्ना जिले मे पिछले एक साल से सुरक्षित यातायात को लेकर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे वाहन चैकिंग अभियान के नेतृत्वकर्ताओं पर दायित्व के निर्वाहन में दोहरे मापदण्ड अपनाने के आरोप लग रहे है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की टीम पूरे समय रैली के साथ रही लेकिन किसी ने भी बिना हैलमेट के बाईक चलाने वाले नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करने का नैतिक साहस नही दिखाया। पन्ना में सतत हैलमेट अभियान चलाकर पिछले साल एक करोड़ से अधिक के चालान काटकर अपनी पीठ थपथपाने वाले पुलिस के अफसर भी युवा मोर्चा की बाइक रैली को लेकर ख़ामोश हैं। पुलिस की चुप्पी पर लोग सोशल मीडिया में सवाल उठाते हुए पूंछ रहे हैं यातायात नियम क्या सिर्फ़ आमआदमी पर ही लागू होते हैं।

उधर भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष से पत्रकारों ने जब इस सबंध मे बात की तो उन्होने बेतुका जवाब देते हुये कहा कि- आपने गौर से नहीं देखा मैंने पगड़ी पहनी थी, हमने तय किया है कि इन रैलियों मे साफे, पगड़ी, गमछे आदि सब चीजों का उपयोग करेंगे। क्योंकि 10 की स्पीड से मोटर साईकिल चल रही है इसलिये हम सुरक्षित है, साफे के साथ भगवा संदेश देते हुये निकल रहे है। बाईक मे पीछे बैठे कार्तिकेय सिंह के भी हैलमेट न पहनने के सवाल पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने जवाब दिया कि पीछे जो बैठता है वह हैलमेट नहीं लगाता। इससे पता चलता कि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष भले ही बाइक-कार चलाते हैं पर उन्हें यातायात नियमों की जानकारी नहीं है या फिर वे सत्ता के मद मे नियम-कानूनों की अपनी सुविधानुसार नई परिभाषा गढ़ रहे है।

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पवई से मुकेश नायक होगें प्रत्याशी, पन्ना से ओबीसी या क्षत्रिय को टिकिट देगी कांग्रेस

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पन्ना। रडार न्यूज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में अपने विधानसभा उम्मीदवार समय से पूर्व घोषित करने की रणनीति के तहत् कई सीटों पर अपने मौजूदा विधायकों और जीत की प्रबल संभावना वाले कुछ पार्टी नेताओं को चुनावी तैयारियां शुरू करने के संकेत दे दिये है। इसके पीछे मंशा यह है कि नवम्बर में होने वाले चुनाव से पहले प्रत्याशियों को जनसम्पर्क करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही वे अपना चुनावी प्रबंधन भी बेहतर तरीके से कर सकें। दरअसल मध्यप्रदेश में पिछले साढ़े 14 साल से सत्ता का वनवास काट रही कांग्रेस इस बार के चुनाव में वापिसी की उम्मीद लगाये हुए है। मिशन 2018 की सफलता को हरहाल में सुनिश्चित करने के लिए ही समय पूर्व संभावित प्रत्याशियों को प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से चुनावी तैयारी में जुटने के संकेत दिये जा रहे है। ताकि सघन जनसम्पर्क के मामले में वे सत्ताधारी दल भाजपा के उम्मीदवारों से पीछे न रहें। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बाहर आ रहीं खबरों पर भरोसा करें तो पन्ना की पवई सीट से मौजूदा विधायक मुकेश नायक ही पुनः प्रत्याशी हो सकते है। पिछले दिनों एकता यात्रा के तहत् पन्ना के प्रवास पर आये पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और न्याय यात्रा के तहत् पन्ना पहुंचे नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने भी स्थानीय स्तर पर इस बात के संकेत दिये थे। खबर यह भी है कि पन्ना विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी इस बार स्वच्छ छवि के किसी क्षत्रिय या फिर ओबीसी नेता को अपना उम्मीदवार बना सकती है। मालूम हो कि वर्ष 2013 के चुनाव में पन्ना सीट से मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग की ही उच्च शिक्षित महिला नेत्री एडवोकेट मीना सिंह यादव को प्रत्याशी घोषित किया था लेकिन उन्हें भारी मतों के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा था। पिछले चुनाव में पन्ना सीट से बसपा के उम्मीदवार महेन्द्र पाल वर्मा अप्रत्याशित रूप से दूसरे नम्बर पर रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के तीसरे स्थान पर खिसकने से जमानत जब्त हो गई थी। वर्मा और मीना को मिले वोटों का अंतर महज दो हजार के आसपास ही रहा है। जबकि भाजपा की विजयी उम्मीदवार रहीं सुश्री कुसुम मेहदेले की जीत का अंतर इन दोनों प्रत्याशियों को मिले वोटों से कहीं ज्यादा था। उधर पवई सीट की मौजूदा सियासी हलचल को देखते हुए वहां एक बार फिर कांग्रेस केे मुकेश नायक और भाजपा से पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के बीच चुनावी मुकाबला होना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि इन दोनों ही दिग्गज नेताओं को अपनी-अपनी पार्टी के बागियों-भितरघातियों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। दोनों ही दलों के बागी तेवर वाले नेताओं ने इस बार भी चुनाव के पहले संयुक्त रूप से पवई में क्षेत्रीय प्रत्याशी की अपनी पुरानी मांग तेज कर दी है। पन्ना-पवई सीट से चुनावी मुकाबले को लेकर लगाये जा रहे इन कायासों के बीच वास्तविक स्थिति तो आने वाले महीनों में विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के नामों का अधिकारिकतौर पर ऐलान के बाद ही साफ हो पायेगी।

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नौरादेही को आबाद करेेंगे कान्हा की रानी और बांधवगढ़ का वनराज

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नौरादेही के बाड़े में एक साथ विश्राम करते बाघ-बाघिन

 देश के सबसे बड़े अभ्यारण्य में जल्‍द आयेगें नन्‍हें मेहमान

पन्ना टाईगर रिजर्व की तर्ज पर शुरू हुआ बाघ पुर्नस्थापना कार्यक्रम

नौरादेही में कान्हा की रानी को मिला बांधवगढ़ के राजा का साथ

भोपाल। मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघ पुर्नस्थापना कार्यक्रम के अनूठे प्रयोग से वहां बाघों का उजड़ा हुआ संसार सफलतापूर्वक पुनः आबाद हो चुका है। दुनियाभर के लिए मिसाल बन चुकी पन्ना की सफलता से उत्साहित मध्यप्रदेश के वन विभाग द्वारा इस प्रयोग को अब नौरादेही अभयारण्य में दोहराया जा रहा है। कुछ माह पूर्व नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुर्नस्थापना शुरू की गई थी। यहाँ के बाड़े में बाघिन को कान्हा टाइगर रिजर्व और बाघ को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाकर छोड़ा गया था। मध्यप्रदेश के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है, जब नौरादेही अभयारण में बाघ-बाघिन एक दूसरे के करीब आ गये हैं। इससे प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। अब वन विभाग द्वारा जारी किये गये वीडियो से उम्मीद की जा रही है कि निश्चित ही नौरादेही अभ्यारण में अगले कुछ महीनों में नन्हें मेहमान आयेगें और मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा बढ़ेगा।

अभयारण्याेें में बसाये जा रहे बाघ-

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में निरंतर किये जा रहे प्रयासों से बाघों की संख्या बढ़ रही है। किशोर होते बाघों को वर्चस्व की लड़ाई और मानव द्वदं से बचाने के लिये वन विभाग ने अभिनव योजना अपनायी है। वन विभाग अनुकूल वातावरण का निर्माण कर बाघों को ऐसे अभयारण्यों में शिफ्ट कर रहा है, जहाँ वर्तमान में बाघ नहीं हैं। पन्ना में बाघ पुर्नस्थापना से विश्व में मिसाल कायम करने के बाद वन विभाग ने सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी 6 बाघों का सफल स्थानांतरण किया है। वर्ष 2009 में बाघ शून्य हो चुके पन्ना में आज लगभग 30-35 बाघ हैं। अब नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुर्नस्थापना का कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी बाघों का कुनबा बढ़ रहा है।

सदियों तक रहा बाघों का प्राकृतिक रहवास-

जबलपुर से 140 किलोमीटर दूर दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिले में 1197 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही अभ्यारण्य में बहुत पहले कभी बाघ रहे होंगे। यह जंगल देश की दो बड़ी नदियों गंगा और नर्मदा का कछार होने के कारण यहाँ पानी की कमी नहीं है। वन विभाग ने पन्ना की तर्ज पर देश के सबसे बड़े इस अभ्यारण्य में बाघ आबाद करना शुरू किया है। पिछले 18 अप्रैल को यहाँ कान्हा से ढाई वर्षीय एक बाघिन और 29 अप्रैल को बाँधवगढ़ से लगभग पाँच वर्षीय बाघ का स्थानांतरण किया गया है।

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