शाहनगर/अजयगढ़। रडार न्यूज 24 घंटे के अंदर हुए दो भीषण सड़क हादसों से पन्ना जिला दहल उठा है। यहां शाहनगर-बोरी मार्ग पर एक बस अचानक अनियंत्रित होकर सूखे पड़े उमेही नाला में गिर गई। इस हादसे में बस में सवार रहे 22 यात्री घायल हुए है। जिनमें आधा यात्रियों की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी जिला कटनी रेफरल किया गया है।
बेलगाम ट्रक की ठोकर लगने से मृत युवक।
सड़क हादसा रविवार की सुबह 9ः30 बजे मेहगवां सरकार ग्राम के समीप हुआ। घायलाेें में महिलायें, बच्चे और वृद्ध शामिल है। वहीं मध्य रात्रि में जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अजयगढ़-बीरा मार्ग पर एक तेज रफतार ट्रक के चालक ने अत्यंत ही लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से आ रहे तीन बाईक सवारों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के दो युवाओं का दुखांत हो गया। जबकि बाईक में पीछे बैठे तीसरे युवक रामचन्द्र यादव 21 वर्ष की बेहद गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल काॅलेज के लिए रेफरल किया गया है। प्रत्यक्षदर्शी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि ट्रक की ठोकर इतनी भीषण थी कि बाईक सवार रामकिशन यादव की मौके पर ही मौत हो गई। इलाज में लापरवाही पर परिजनों ने किया हंगामा-
गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को देर रात उपचार हेतु जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ लाया गया तो वहां ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर व पैरामेडिकल कर्मचारियों की घोर लापरवाही के चलते समय पर समुचित इलाज न मिलने के कारण घायल जगतराज यादव की मौत हो गई। स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं और इलाज के आभाव में घायल युवक की मौत होने से बेहद तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। दो-दो जवान बेटों को खोने से आक्रोशित परिजन भड़क उठे और स्वास्थ्य केन्द्र में जमकर हंगामा करते हुए घायल की मौत के लिए चिकित्सक को दोषी ठहराने लगे। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि घायल जगतराज और रामचंद्र यादव का सही तरीके से उपचार नहीं किया गया। जिन्दगी और मौत से जूझ रहे रामचन्द्र को मेडिकल काॅलेज रीवा ले जाने के लिए तत्परता से वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। प्राईवेट वाहन से घायल रामचन्द्र को ले जाने के लिए उसकी जीवन सुरक्षा और मानवता को दरकिनार करते हुए आक्सीजन सिलेण्डर देने से अस्पताल प्रबंधन ने मना कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सूझबूझ काम लेते हुए किसी तरह स्थिति को संभाला। बेलगाम ट्रक की सीधी ठोकर लगने से असमय कालकवलित हुअा रामकिशन यादव पिता राममिलन यादव 35 वर्ष दो मासूम बच्चियों का पिता था। जबकि मृतक जगतराज यादव और घायल रामचन्द्र यादव अविवाहित बताये जा रहे है। हादसा उस समय हुआ जब बेहद तेज गति से दौड़ रहा ट्रक रेत लेेने के लिए बीरा खदान की ओर जा रहा था। ठीक उसी समय एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर रामकिशन यादव और जयराम यादव या एक अन्य युवक मोटरसाईकिल से वापिस अपने गांव मझगांय लौट रहे थे। रास्ते में तेज रफतार ट्रक ने इन बाईक सवारों को कुचल दिया। खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले यात्री-
रविवार की सुबह करीब 9ः30 बजे मुन्ना राजा कम्पनी की बस क्रमांक-एमपी-19पी – 0271 रैपुरा से वाया बोरी कटनी जा रही थी। रास्ते में ग्राम मेहगवां सरकार के समीप उमेही नाला के रपटे पर बस अचानक अनियंत्रित होकर सूखे नाले में गिर गई। हादसे के समय बस मेें सवार रहे यात्रियों के घायल होने की चीख-पुकार गूंजने लगी। दुर्घटनग्रस्त बस से बाहर निकलने के लिए भगदड़ सी मच गई। बस के क्लीनर की ओर पलटने के कारण दोनों गेट नीचे दब गये। इस स्थिति में यात्री खिड़कियों को तोड़कर किसी तरह बाहर निकल सके। शाहनगर के समीप हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही डायल 100 पुलिस और संजीवनी 108 एम्बूलेंस थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंच गई। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलाेें को शाहनगर लाकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मेें प्राथमिक उपचार कराया गया। इस हादसे में आधा दर्जन ग्रामीणों की नाजुक हालत देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय कटनी के लिए रेफरल किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजगढ़ में मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के लोकार्पण समरोह में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र भी उपस्थित थे।
वर्ष 2022 तक देश के हर परिवार के पास अपना घर होगा : प्रधानमंत्री श्री मोदी
4,713 करोड़ रूपये से अधिक के कार्य लोकार्पित स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के विजेता पुरस्कृत सूत्र सेवा का शुभारंभ
भोपाल/इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हर देशवासी के लक्ष्य के अनुरूप भारत स्वच्छ होकर रहेगा। महात्मा गाँधी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश, समाज और व्यक्ति को बदलने से पहले सोच को बदलना होता है। स्वच्छता की सोच में बदलाव लाकर देश ने दिखा दिया है। वर्ष 2022 में देश में ऐसा कोई परिवार नहीं होगा, जिसके पास अपना घर नहीं हो। आने वाले तीन-चार वर्षों में देश में दो करोड़ से ज्यादा आवास बनाये जायेंगे। पिछले चार वर्ष में देश में एक करोड़ पन्द्रह लाख आवास का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी आज इंदौर में मध्यप्रदेश शहरी विकास महोत्सव एवं स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने करीब 4 हजार 700 करोड़ रूपये की नगरीय विकास परियोजनाओं का ई-लोकार्पण तथा मध्यप्रदेश सरकार की अरबन ट्रांसपोर्ट स्कीम ‘सूत्र सेवा’ का शुभारंभ किया। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को ई-गृह प्रवेश करवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता एक दिन में नहीं आती। बल्कि जब सारे नागरिक मिलकर चौबीसों घंटे इसे प्राप्त करने के लिये काम करते हैं, तब यह प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश ने अपने पराक्रम और पुरूषार्थ से इस गौरव को प्राप्त किया है। दो शहर इंदौर और भोपाल देश के प्रथम और द्वितीय स्वच्छ शहर है। इंदौर की सफलता की कहानी यहां की जनता की जीवटता, सहयोग और शहर के प्रति अपनेपन का उदाहरण है।
देश की आत्मा गाँव है तो शहर ऊर्जा के केन्द्र-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजगढ़ जिले के मोहनपुरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजना पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र उपस्थित थे।
श्री मोदी ने कहा कि देश की आत्मा गाँव है तो शहर ऊर्जा के केन्द्र हैं। पिछली केन्द्र सरकार ने शहरों की तरफ ध्यान नहीं दिया जिससे आबादी तो बढ़ती गई पर सुविधाएं नहीं बढ़ी। पिछले चार सालों में शहरी विकास के लिये दो लाख 30 हजार करोड़ रूपये मंजूर किये। जबकि पिछली केन्द्र सरकार ने दस वर्ष में केवल 95 हजार करोड़ रूपये स्वीकृत किये थे। देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। अगले पांच वर्षों में स्मार्ट सिटी योजना में 20 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। मध्यप्रदेश के शहरों में एक लाख से ज्यादा गरीबों ने अपने घरों में गृह प्रवेश किया, यह एक ऐतिहासिक घटना है। बीते चार वर्षों में पिछली सरकार के दस वर्ष की तुलना में तीन गुना आवास स्वीकृत किये गये। पहले आवास निर्माण का समय 18 माह था अब एक वर्ष के भीतर निर्माण पूरा हो रहा है।
मध्यप्रदेश में विकास के नये आयाम-
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास के नये आयाम तय किये गये हैं। मानवीय आकांक्षाओं को पूरा करने वाली योजनाएं बनाई गई हैं। नये मध्यप्रदेश और नये भारत के निर्माण की ठोस नीव तैयार की गई है। इसे और गति देने के प्रयास किये जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश अब स्मार्ट राज्य – मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले बीमारू राज्य था, पर आज प्रदेश स्मार्ट राज्य बन गया है। उन्होंने इंदौर शब्द की व्याख्या करते हुये कहा कि इंदौर का अर्थ इंडियाज नीट, डिसीप्लिंड, आर्गेनाइज्ड, रेडिएंट और इंटरप्राइजड शहर है। श्री मोदी के नेतृत्व में सम्पन्न और समृद्ध भारत के निर्माण के सपने को पूरा किया जा रहा है। स्वच्छता के उनके संकल्प को पूरे देश के साथ मध्यप्रदेश में भी प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना पूरे देश को निरोग करेगी। अब प्रदेश का हर शहर स्वच्छ और हरा-भरा होगा।
इंदौर सबसे स्वच्छ शहर – श्रीमती महाजन-
लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर सबके सहयोग से बना है। विश्व में हिन्दुस्तान की बेहतर छवि बनी है। आज हर देश भारत के साथ मित्रता चाहता है। देश में सबके सहयोग से विकास, समृद्धि और सृजन की नयी कहानी लिखी जा रही है। केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वे में देश के 73 शहरों, वर्ष 2017 के स्वच्छता सर्वे में 430 शहरों और वर्ष 2018 के स्वच्छता सर्वे में 4032 शहरों ने भाग लिया। देश के 71 प्रतिशत शहरों ने खुले में शौच से मुक्ति के लक्ष्यों को पूरा किया है। नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश शहरी विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, वित्त मंत्री जयंत मलैया, छत्तीसगढ़ के मंत्री अमर अग्रवाल, सांसद राकेश सिंह, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर इंदौर श्रीमती मालिनी गौड़, महापौर भोपाल आलोक शर्मा, मुख्य सचिव बी.पी. सिंह उपस्थित थे।
हितग्राही हुये गदगद-
प्रधानमंत्री से छिन्दवाड़ा, बुरहानपुर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, रतलाम, होशंगाबाद, डिण्डौरी, धरमपुरी, कटनी, भोपाल, भिण्ड, बीजावर, सीहोर और ब्यौहारी के प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों ने बात की। हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आवास के लिये आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने हितग्राहियों को
16 जिलों के कार्यों का इंदौर से ई-लोकार्पण-
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के 16 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न कार्यों का ई-लोकार्पण किया। सभी 374 नगरीय निकायों में एलईडी के माध्यम से कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।
‘सूत्र सेवा’ का शुभारंभ-
नरेन्द्र मोदी मध्यप्रदेश के 20 चुनिंदा शहरों में प्रारंभ की जा रही विश्वसनीय, सुरक्षित एवं किफायती बस सेवा के तहत ‘सूत्र सेवा-म.प्र. की अपनी बस” का शुभारंभ किया। इसके प्रथम चरण में 4 नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं छिन्दवाड़ा तथा 2 नगरपालिका गुना एवं भिण्ड के लिये 127 बसों का संचालन होगा। आवास के लिये बधाई भी दी।
स्वच्छता के लिये राज्य और शहर हुये पुरस्कृत-
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता सर्वे 2018 की रिपोर्ट का विमोचन तथा स्वच्छ सर्वे के डेशबोर्ड का लोकार्पण किया। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के पुरस्कार वितरित किये। शहरों में इंदौर को प्रथम, भोपाल को द्वितीय और चण्डीगढ़ को तृतीय पुरस्कार दिया। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में विजयवाड़ा को प्रथम, तीन से दस लाख तक की आबादी में मैसूर को प्रथम, एक से तीन लाख की आबादी में नई दिल्ली को प्रथम पुरस्कार दिया गया। राज्यों के राजधानी में स्वच्छता का प्रथम पुरस्कार ग्रेटर मुम्बई को तथा राज्यों में प्रथम झारखंड को प्रथम, द्वितीय महाराष्ट्र का तथा छत्तीसगढ़ का तृतीय पुरस्कार दिया गया। छावनी परिषदों में प्रथम पुरस्कार दिल्ली छावनी को दिया गया। स्वच्छता के लिये नागरिकों और संस्थाओं को भी पुरस्कृत किया गया।
4063 करोड़ से निर्मित आवासों में गृह-प्रवेश-
इस अवसर पर सभी 374 नगरीय निकायों में 4,063 करोड़ रुपये लागत से निर्मित एक लाख 219 प्रधानमंत्री आवास में हितग्राहियों को एक साथ ई-गृह-प्रवेश करवाया। स्मार्ट सिटी मिशन में 5 स्मार्ट सिटी इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में 278 करोड़ 26 लाख रुपये लागत से कराये गये 23 कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। श्री मोदी ने मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनार्न्गत 14 नगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं का ई-लोकार्पण किया।
10 पार्कों का लोकार्पण-
अमृत योजना में सीहोर की सीवरेज परियोजना और 10 नगरीय क्षेत्र खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, सीहोर, होशंगाबाद, भोपाल, पीथमपुर, गुना, ग्वालियर और रीवा में बनाये गये पार्कों का लोकार्पण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 35 करोड़ रूपये लागत से कटनी में बनाये गये इंट्रीग्रटेड़ सॉलीड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट तथा 2.11 करोड़ लागत की छतरपुर-बिजावर रोड का तथा स्मार्ट सिटी योजना से निर्मित भोपाल की मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण भी किया गया।
39 ग्रामों की 12 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित
प्रभावित ग्रामों में भू-अर्जन कार्य कार्यवाही जारी
पन्ना। रडार न्यूज जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के रहवासियों के लिए खुशखबरी है कि बहुप्रतीक्षित रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कतिपय स्थानीय लोगों के विरोध और बांध के फाउण्डेशन निर्माण के लिए हार्ड स्टेटा (मजबूत आधार) न मिलने के कारण लम्बे समय से अधर में लटकी रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण से जुड़ी इस तकनीकी समस्या का समाधान हो गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना कार्य के लिए कुछ समय पूर्व ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से टेंडर बुलाये गये। 2 अरब 70 करोड़ की लागत वाली इस महत्वकांक्षी सिंचाई परियोजना के निर्माण का ठेका देश की प्रतिष्ठित कम्पनी एल.एण्ड.टी. कम्पनी चेन्नई को मिला है। पिछले सप्ताह ठेका कम्पनी के प्रतिनिधियों ने पन्ना आकर जल संसाधन विभाग के साथ कार्य का अनुबंध भी निष्पादित कर लिया है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण से पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के सिंहपुर-धरमपुर क्षेत्र के 39 ग्रामों की 12550 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर सिंहपुर-धरमपुर क्षेत्र में खेती सच्चे अर्थों में लाभ का धंधा बन पायेगी। फलस्वरूप अन्नदाता किसान परिवार खुशहाल होंगे। जानकारों का मानना है कि कृषि से समृद्धि के मामले में तराई अंचल का यह इलाका पन्ना का पंजाब बन जायेगा। उल्लेखनीय है पन्ना जिले में रुंज नदी ग्राम मुटवाकला से निकलकर बाघिन नदी में मिलती है। अजयगढ़ विकासखण्ड अन्तर्गत अजयगढ़ घाटी के नीचे विश्रामगंज ग्राम के समीप दो पहाड़ाेें को बांध कर रूंज नदी के पानी को रोकने की योजना को मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग द्वारा 22 जुलाई 2011 को 269.79 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। विश्रामगंज में जिस स्थल का चयन रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु किया गया है, वहां तीन तरफ विशाल पहाड़ों के बीच में मैदानी इलाका स्थित होने से प्राकृतिक रूप से यह किसी बांध की तरह नजर आता है।
विश्रामगंज और भुजवई ग्राम होगें प्रभावित-
सिंहपुर-धरमपुर इलाके की तकदीर और तस्वीर बदलने की क्षमता रखने वाली रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण से दो ग्राम विश्रामगंज और भुजवई के वाशिंदे प्रभावित होंगे। इस परियोजना में कुल 509.73 हेक्टेयर भूमि डूब में आयेगी। जिसमें निजी, शासकीय एवं वन भूमि शामिल है। परियोजन से प्रभावित विश्रामगंज और भुजवई के 428 परिवारों की डूब मेें आने वाली निजी भूमि 245.10 हेक्टयर के भू-अर्जन की कार्यवाही जारी है। भू-अर्जन हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा कलेक्टर पन्ना के खाते में 2974.00 लाख रुपये जमा कराये जा चुके है। विश्रामगंज ग्राम का भू-अर्जन अवार्ड भी पारित हो चुका है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्राम विश्रामगंज और भुजवई के परिवारों के पुनर्वास हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा ग्राम सिमरदा में तकरीबन 28 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना में 154.91 हेक्टयर वन भूमि डूूब में आयेगी। वन भूमि के प्रथम चरण की स्वीकृति भारत शासन से प्राप्त हो चुकी है। अंतिम स्वीकृति के लिए पालन प्रतिवेदन मुख्य वन संरक्षक भोपाल द्वारा भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली को भेजा जा चुका है। योजना मेें प्रभावित वन भूमि हेतु 33 करोड़ 81 लाख 46 हजार रुपये की राशि वन विभाग को अलग-अलग मद में जारी की जा चुकी है।
भू-अर्जन के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य-
सिंचाई परियोजना का नक्शा।
लगभग सात वर्ष पूर्व स्वीकृत इस सिंचाई योजना के निर्माण की राह में कतिपय स्थानीय लोग और बांध निर्माण हेतु हार्ड स्टेटा का न मिलना दो बड़ी बाधायें रही हैं। जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारियों द्वारा विशेष रुचि लेकर योजना के सर्वेक्षण एवं अनुसंधान कार्य कराने के फलस्वरूप रूंज बांध के मजबूत आधार के लिए आखिरकार हार्ड स्टेटा मिल गया। अब जो कानूनी अड़चनें शेष हैं, उनके निराकरण पर पन्ना से लेकर भोपाल तक के अधिकारियों ने पूरा फोकस कर रखा है। इस बीच रूंज बांध की तकनीकी स्वीकृति मुख्य अभियंता धसान-केन कछार सागर द्वारा रुपये 158.61 करोड़ की प्रदाय की गई है। बांध निर्माण हेतु विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित की गई जिसमें चेन्नई की लार्सन एंड टर्बो कम्पनी की निविदा स्वीकृत हुई है। भारत की इस बहुराष्ट्रीय कम्पनी के प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों पन्ना आकर रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना निर्माण कार्य का अनुबंध जल संसाधन विभाग के साथ निष्पादित कर लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य की ड्राईंग-डिजाइन स्वीकृत कराने, भू-अर्जन कार्यवाही पूर्ण होने तथा अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
सिंचाई परियोजना के तकनीकी पहलू-
महत्वकांक्षी रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो 1176 हेक्टेयर लम्बाई का मिट्टी बांध और 147 मीटर पक्के बांध का निर्माण कराया जायेगा। इस परियोजना का कुल डूब क्षेत्र 509.73 हेक्टेयर जिसमें वन भूमि 154.91 हेक्टेयर, शासकीय भूमि 87.90 हेक्टेयर और 266.92 हेक्टेयर निजी भूमि सम्मलित है। जल संसाधन विभाग को दावा है इस परियोजना का जल ग्रहण क्षेत्र 226.17 वर्ग किलोमीटर और भराव क्षमता 72 मिलियन घन मीटर होगी। रूंज नदी के पानी को रोकने के लिए पक्के बांध में 6 नग गेट लगाये जायेेंगे। इसके पानी से सिंहपुर-धरपुर क्षेत्र के 39 ग्रामों की 12550 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हेतु प्रेशर एरीगेशन तकनीक के तहत् जमीन के नीचे 42 किलो मीटर लम्बी पाईप लाईन बिछाई जायेगी। पाईप लाईन के जरिये नहर की तरह खेतों में पानी पहुंचाने का एक बड़ा फायदा यह होगा कि खेती की जमीन अनुपयोगी नहीं होगी, पानी की बर्बादी रूकेगी, नहरों की टूट-फूट भराव आदि की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा और किसानों को बड़ी ही सुगमता से उनके खेतों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिन किसानों के खेतों में जमीन के अन्दर पाईप लाइन बिछाई जायेगी उन्हें शासन के नियमानुसार मुआवजा भी दिया जायेगा।
खर्च हुए 66 करोड़ –
फाइल फोटो ।
रूंज सिंचाई परियोजना पर चार साल तक चले सर्वे और 42 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया था कि बांध के फाउंडेशन निर्माण के लिए जरूरी गहराई तक हार्ड स्टेटा नहीं मिल पा रहा है। जिस गहराई पर हार्ड स्टेटा मिल रहा है उतनी गहराई पर फाउंडेशन (बांध के आधार) को अपेक्षित मजबूती नहीं मिलने की आशंका के चलते यह परियोजना कुछ समय के लिए अघोषित तौर पर स्थगित कर दी गई थी। इसके साथ ही परियोजना को पुनरीक्षित करने के साथ नया नक्शा तैयार करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसके बाद बीते दो साल से परियोजना बंद जैसी स्थिति मेें रही। कुछ बदलाव के साथ नये सिरे से स्थल सर्वेक्षण होने पर आखिरकार बांध की मजबूती के लिए हार्ड स्टेटा (ठोस आधार) मिल गया। लेकिन इसके लिए विभाग को परियोजना के सर्वेक्षण कार्य पर 42 लाख से अधिक की राशि खर्च करनी पड़ी। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना को आकार देने के लिए मार्च माह 2018 तक की स्थिति में विभिन्न कार्यों पर 66 करोड़ रुपये का व्यय होना बताया जा रहा है। जिसमें परियोजना के सर्वेक्षण कार्य के अलावा भू-अर्जन पर 2974 लाख, वन भूमि पर 3381.46 लाख और 202.43 अन्य व्यय शामिल है।
अब इन कार्यों पर व्यय होगी राशि-
2 अरब 69 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत वाली रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना को मूर्तरूप देने के लिए अब जो कार्य कराये जाने शेष हैं, उसमें मुख्य रूप से बांध निर्माण (शीर्ष कार्य) पर 175.68 करोड़ की लागत आयेगी। इसके अलावा नहर कार्य (पाईप लाइन बिछाने) पर 85.03 करोड़, प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास स्थल पर आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर 21.35 करोड़, विद्युत लाईन शिफ्टिंग पर 20 लाख तथा बांध निर्माण से डूबने वाली रोड के नवीन निर्माण (डायवर्सन रोड) पर 350 लाख खर्च होंगे।
शुगर उत्पादन की बनेगी संभावना –
रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से अजयगढ़ विकासखण्ड के जिस इलाके के वर्ष भर सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी वहां के किसान पिछले कई दशकों से गन्ने की खेती सीमित दायरे में कर रहे है। बावजूद इसके सिंहपुर-धरमपुर का इलाका गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है। गन्ना उगाने के साथ-साथ यहां के कुछ किसान देशी पद्धति से घर पर ही उससे गुड़ तैयार करते हैं। सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने पर इस इलाके में गन्ने का कई गुना बम्फर उत्पादन होना तय है। भविष्य में यहां सुगर फैक्ट्री और गुड़ निर्माण की इकाई स्थापित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जल संसाधन विभाग के ही सेवानिवृत्त इंजीनियर एलडी सिंह का मानना है कि रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण से अति पिछड़े सिंहपुर-धरमपुर क्षेत्र में हरित क्रांति आयेगी। यहां के किसानों परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा और गन्ने का उत्पादन बढ़ने से क्षेत्र के औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इनका कहना है-
‘‘रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना का टेण्डर स्वीकृत होने पर इसके निर्माण हेतु एल.एण्ड.टी. कम्पनी के साथ इसी महीने अनुबंध हो चुका है। कार्य कब से प्रारंभ होगा यह बता पाना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि निविदा शर्तों के अनुसार कम्पनी को इसके पहले अन्य कई औपचारिकतायें पूरी करनी है।‘‘
-जेके ठाकुर, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने नई दिल्ली में महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस को प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय कार्य के लिए स्काच स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया।
भोपाल। महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस को आज नई दिल्ली में स्काच स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया गया। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने श्रीमती चिटनिस को यह अवार्ड उनके नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में किये गये उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया। राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों व केन्द्रीय इकाइयों के मूल्यांकन के आधार पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मजदूरी में लगी महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान सहायता के लिए संचालित की गई है। प्रसव से पहले या बाद के स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार लाने और इस अवधि में महिलाओं को आराम मिल सके इस उद्देश्य से मजदूरी की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में महिलाओं को यह आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रदेश में वर्ष 2017-18 में दो लाख 31 हजार 276 हितग्राहियों को 28 करोड़ 82 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सीहोर जिले में स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को फल वितरित किये।
भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज सीहोर जिले के प्रवास के दौरान आँगनबाड़ी केन्द्र का अवलोकन किया। राज्यपाल ने वहाँ बच्चों से बातचीत की और आँगनबाड़ी कार्यकर्ता से केन्द्र के संबंध में और बच्चों को पढ़ाने और सिखाने के बारे में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल को आँगनवाड़ी के बच्चों ने गीत गाकर सुनाये।
राज्यपाल ने आँगनबाड़ी बच्चों को दिये जाने वाले पोषण आहार को चखकर भी देखा तथा केन्द्र द्वारा बाँटी जाने वाली अन्य सामग्री के बारे में जानकारी ली। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने केन्द्र में आने वाली महिलाओं से उनको दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सीहोर के कलेक्टर तरूण कुमार पिथोड़े, सरपंच श्रीमती कस्तुरी बाई तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
तीन नवीन मेडिकल कॉलेजों के लिये 639 करोड़ 92 लाख की पुनरीक्षित स्वीकृति
मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न मंत्रि परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों तथा महिला स्व-सहायता समूह फेडरेशनों को भी पात्र मानने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेजों को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति-
मंत्रि परिषद ने दतिया, खण्डवा तथा छिंदवाड़ा जिले में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्य के लिए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। मेडिकल कांउसिंल ऑफ इंडिया (MCI) के मापदण्डों के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। मंत्रि परिषद ने दतिया जिले में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 218 करोड़ 70 लाख रूपये, खण्डवा जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए 200 करोड़ 53 लाख रूपये तथा छिंदवाड़ा जिले में निर्माण के लिए 220 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इस प्रकार कुल 639 करोड़ 92 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी।
धार जिले में मनावर धामनोद मार्ग को प्रशासकीय स्वीकृति-
मंत्रि परिषद ने धार जिले के अंतर्गत 56.11 कि.मी लंबे मनावर-उमरबन-कालाबावडी-धामनोद राज्य मार्ग क्रमांक 39 के उन्ययन के लिए 150 करोड़ 29 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की अनुमति प्रदान की । मंत्रि परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान तथा विकासीय गतिविधियों को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखने पर सहमति दी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश स्टेट स्पेसियल इंफ्रास्ट्रक्चर नीति 2014 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परियोजना को निरन्तर जारी रखे जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की गई।
मझगवां। रडार न्यूज विश्वस्तरीय ‘चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना, मझगवां, पन्ना के खेल मैदान में योगासन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी, डीएव्ही पब्लिक स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों सहित टाउनशिप रहवासियों ने उमंग के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का उदघाटन परियोजना प्रबंधन समिति सदस्यों के. चंद्रशेखर उप महाप्रबंधक एमएंडएस, डी. मैति उप महाप्रबंधक खनन और बीके माधव उप महाप्रबंधक कार्मिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारीगण, दोनों श्रमिक संघों के महामंत्री समर बहादुर सिंह और शहजाद खान, डीएव्ही पब्लिक स्कूल के प्राचार्य पीसी सिंह तथा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सहायक कमांडेंट धीरज सिंह राणा उपस्थित थे। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित ‘सामान्य योग अभ्यासक्रम’ के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में डीएव्ही पब्लिक स्कूल के शिक्षक सच्चिदानंद सोनी के कुशल निर्देशन में प्रातः 7 बजे योगाभ्यास शुरू हुआ, जो कि अगले पैंतालीस मिनट तक निरंतर चलता रहा। योगाभ्यास कार्यक्रम का समापन संकल्प और शांतिपाठ के साथ हुआ।
भोपाल। करीब दो दशक बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों को सीधे अफसर यानी नायब तहसीलदार बनने का मौका मिलेगा। इसके लिए 30 जून को प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बार्ड (पीईबी) परीक्षा आयोजत करने जा रहा है। इसमें प्रदेशभर के करीब 5 हजार 365 बाबुओं ने आवेदन किया है। खास यह है कि इसमें से 30 फसदी से ज्यादा आवेदन ऐसे बाबुओं ने किया है जो 50 की उम्र पार कर चुके है। या फिर इनके आसपास के है। यह परीक्षा राजधानी के 18 सेंटरों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी हिस्सा ले सकें, इसके लिए सरकार ने कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट दी है। राजस्व विभाग ने विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाने वाले लगभग 160 नायब तहसीलदार के पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की है।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा-
परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित कराई जाएगी। प्रथम शिफ्ट 9 से 11ः30 बजे तक और द्वितीय शिफ्ट 3 से 5ः30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। प्रथम शिफ्ट में 100 अंकों का पेपर होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान, तार्किक योग्यता, सामान्य अंग्रेजी सहित कंप्यूटर ज्ञान से संबंधितप्रश्न पूूंछे जाएंगे वहीं द्वितीय शिफ्ट में शासकीय सेवा से संबंधित नियमों का ज्ञान, वेतन, भत्ते, राजस्व शब्दावली, भू-राजस्व संहिता, भू-अभिलेख नियमावली के प्रश्न पूंछे जाएंगे यह प्रश्न पत्र भी 100 अंकों का होगा
वर्ष 996 में हुई थी परीक्षा-
बता दें कि 1996 में आखिरी बार इस तरह की परीक्षा थी। इससे गोपनीय चरित्रावली के साथ सामान्य तरीके से परीक्षा लेकर नायब तहसीलदार बनाया जात है। पर इस बार पीईबी के माध्यम से परीक्षा कराई जाएगी। इसमें कमिश्नर व कलेक्टर कार्यालय के बाबुओं (लिपिक) के साथ पटवारी और राजस्व निरीक्षक हिस्सा ले रहे है। इस परीक्षा में विभागीय ज्ञान के अलावा सामान्य ज्ञान अंग्रेजी और कम्प्यूटर से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
इनका कहना है –
”परीक्षा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। राजधानी के 18 सेंटरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। 25 जन तक प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएगें।” एकेएस भदौरिया, परीक्षा नियंत्रक पीईबी भोपाल
ई-टेंडरिंग घोटाले की सीबीआई जांच कराने पीएम को लिखा पत्र
भोपाल। मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए ई-टेेंडरिंग घोटाले की ईओडब्ल्यू जांच कर रहा है, लेकिन विपक्ष लगातार इस मामले की सीबीआई जांच पर अड़ा हुआ है। इस घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमले बोल रहा है। वहीं इस घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा है। उन्हाेेंने पत्र के माध्यम से लिखा है कि वे ई-टेंडरिंग घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए सख्त कदम उठाएं, क्योंकि शिवराज सरकार इस घोटाले का सच छुपाने की साजिश में लग गई है। प्रदेश में जहां आपकी मंशा के विपरीत डिजिटल इंडिया को इस घोटाले से आघात पहुंचाया है, वहीं आपकी नीति के उलट पूरे देश में ‘खाऊंगा और खाने दूगा’ का वातावरण बनाया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने पीएम को लिखा पत्र-
उन्हाेेंने लिखा है कि आपने देश की जनता से वायदा किया था न ‘खाऊंगा और न खाने दूंगा’ लेकिन मप्र में आपकी भावना के विपरीत ‘खाऊंगा और खाने दूंगा’ की नीति पर अमल हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे मप्र में हो रहे व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएं और ई- टेंडरिंग घोटाले की जांच निष्पक्षता से करवाएं, ताकि डिजिटल इंडिया पर लोगों का भरोसा कायम रहे। जो आपका उद्देश्य भी है। उन्हाेेंने आगे लिखा कि आपने पूरे देश के लोगों से डिजिटल इंडिया बनाने में सहयोग देने की पहल की, लेकिन मप्र में ई-टेंडरिंग घोटाले कर इसे बदनाम किया गया है। ई-टेंडरिंग घोटाले का खुलासा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 1000 करोड़ के तीन टेंडरों में की गई टेम्परिंग से हुआ है। तीन टेंडराेें में से दो टेंडर वह भी शामिल है, जिसका शिलान्यास आप 23 जून को राजगढ़ जिले में करने वाले है। इस टेम्परिंग के खुलासे से 2014 में हुए तीन लाख करोड़ के टेंडर संदेह के घेरे में है।
मुरैना के समीप हुआ भीषण सड़क हादसा, ग्वालियर के थे मृतक
ग्वालियर। मुरैना में गुरूवार सुबह 5 बजे रेत से भरे ट्रेक्टर ट्राली ने जीप को टक्कर मार दी। हादसे में 8 महिलाओं समेत 15 लोगों की मौत हो गई। 6 लोग जख्मी है। इनमें 2 की हालत गंभीर है। पुलिस के मुताबिक जीप सवार ग्वालियर जिले के उटीला थाना क्षेत्र के बड़ेरा गांव के थे। सभी एक परिवार के थे। वे रिश्तेदार की शव यात्रा में शामिल होने मुरैना जिले के धुरधान गांव जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक ट्रेक्टर-ट्राली ड्राइवर अवैध रेत परिवहन कर रहा था। पुलिस से बचने के लिए ड्राइवर तेज गति से गाड़ी चला रहा था। मुरैना से 4 कि.मी. दूर अम्बाह रोड पर गंजरामपुर के पास उसने जीप को टक्क्र मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज हुई कि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दोनों के बीच शव बुरी तरह से फंस गए।