गुरने नदी में होमगार्ड जवानों के सर्चिंग ऑपरेशन का फाइल फोटो।
पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम भितरी मुटमुरु की घटना
पहाड़ी नदी गुरनेमें नहाते समय पानी के तेज बहाव में बह गया था वृद्ध
गांव में मातम का माहौल, पीड़ित परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
थाना प्रभारी बोले, पुलिस अपने स्तर पर चला रही सर्चिँग ऑपरेशन
पन्ना| रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सलेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भितरी मुटमुरू में पहाड़ी नदी गुरने के तेज बहाव में बहने वाले वृद्ध का घटना के चौथे दिन भी कोई पता नहीं चल पाया है। होमगार्ड की रेस्क्यू टीम अपना सर्चिंग ऑपरेशन बंद कर पहले ही पन्ना लौट चुकी है। उधर इतना लंबा समय गुजरने के बाद बद्री प्रसाद यादव 65 के सुरक्षित मिलने की संभावना कम होने से गांव में मातम का माहौल है। वृद्ध के घर पर तो हादसे के बाद से ही कोहराम मचा है, बेसुध परिजनों की आँखों से आँसूं रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रभावित परिवार को ढाँढस बंधाने और अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए आने वाले लोगों की आँखें भी इनके गम और दर्द को देखकर छलक उठती हैं। सलेहा थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि थाना पुलिस वृद्ध का पता लगाने के के लिए अपने स्तर सतत सर्चिँग ऑपरेशन चला रही। गुरने नदी का जलस्तर कम होने पर ही इसका नतीजा निकलने की बात कही जा रही है। उधर पीड़ित परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और गांव के लोग भी तलाश में जुटे हैं।
समय रहते नहीं मिल पाई मदद
जानकारी अनुसार बद्री प्रसाद यादव पुत्र गगन सिंह यादव 65 निवासी ग्राम भितरी मुटमुरू गुरुवार 6 सितम्बर 2018 को दोपहर करीब 2 बजे नहाने के लिए गुरने नदी गया था। नहाते समय बद्री प्रसाद अचानक गहराई की तरफ आकर नदी के तेज बहाव में बह गया। कुछ ही दूरी पर नहा रहीं गांव की महिलाओं ने जब नदी में डूबते वृद्ध को पानी से बाहर आने के लिए संघर्ष करते हुए देखा तो जोर-जोर से आवाज़ लगाकर आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया। हालांकि ग्रामीण जब मौके पर पहुंचकर नदी में उतरे तब तक वृद्ध बद्री प्रसाद यादव नदी के तेज बहाव और विपुल जल राशि में अदृश्य हो चुका था। इस हादसे की सूचना मिलने पर सलेहा थाना पुलिस और तहसीलदार करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँचे। इनके द्वारा होमगार्ड कमांडेंट को जानकारी देकर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सहयोग माँगा गया। गुरुवार को होमगार्ड के गोताखोरों की टीम के शाम तकरीबन 7 भितरी मुटमुरू ग्राम पहुँचने से अँधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन अगले दिन शुक्रवार 7 सितम्बर की सुबह प्रभावी तरीके से शुरू हो पाया। इस बीच तेज बारिश होने से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम को कोई सफलता नहीं मिल सकी। नदी का जल स्तर अधिक होने के कारण होमगार्ड के जवान शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सर्चिंग ऑपरेशन बीच में ही बंद कर अपनी बोट लेकर वापिस पन्ना लौट गए।
केन नदी में भी हो तलाश
उल्लेखनीय है कि गुरने नदी पन्ना जिले के कल्दा पठार से निकलती है। पठार का पानी इस नदी के जरिए मैदानी इलाकों में आने से अल्प बारिश में भी इसका बहाव तेज रहता है। भितरी मुटमुरू ग्राम पठार के ठीक नीचे स्थित होने से यहां पानी का प्रवाह कहीं अधिक तेज होता है। पहाड़ से नीचे उतरने पर गुरने नदी करीब 20 किलोमीटर तक मैदानी इलाके से होते हुए मुड़वारी ग्राम के पास केन नदी में मिल जाती है। वृद्ध बद्री प्रसाद यादव के नदी बहने को तकरीबन 72 घंटे हो चुके है , जिसके मद्देनजर उनके सुरक्षित मिलने की संभावना कम हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि पुलिस को अपना सर्चिंग ऑपरेशन गुरने के साथ-साथ केन नदी में भी चलाना चाहिए तब शायद वृद्ध का पता चल सकता है।
“सबकी योजना-सबका विकास जन-अभियान 2 अक्टूबर से – मंत्री श्री भार्गव
भोपाल। रडार न्यूज पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि ‘सबकी योजना-सबका विकास” की मूल अवधारणा के तहत प्रदेश में 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर, तक जन-अभियान चलाया जायेगा। इसमें ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2019-20 की ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जायेगी। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस द्वारा 22 हजार 812 ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इसके लिये कलेक्टर को नोडल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस कार्य में पंचायत की मदद के लिये फेसीलिटेर नियुक्त किये जायेंगे। फेसीलिटेर द्वारा ग्राम पंचायत का मिशन अंत्योदय के अंतर्गत सर्वे का कार्य किया जायेगा। ग्राम की अधोसंरचना, मानव विकास एवं आर्थिक गतिविधि के आधार पर ग्राम पंचायतों की 100 की स्केल पर रैंकिंग का निर्धारण किया जायेगा। सर्वे तथा मेपिंग का कार्य 28 सितम्बर, तक पूर्ण कर 2 अक्टूबर, की ग्रामसभा में अनुमोदन के लिये प्रस्तुत किया जायेगा।
मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास की तैयार योजना का 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक दो चरणों में आयोजित ग्राम-सभाओं में अनुमोदन के लिये प्रस्तुत की जायेगी। इस कार्य में सभी विभागों का मैदानी अमला अपनी भागीदारी दर्ज करायेगा। ग्राम में 20×10 वर्ग फीट का जन-सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिये गये हैं, जिस पर ग्राम पंचायत की सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदर्शित की जायेंगी। ग्रामसभा के अनुमोदन के उपरांत ग्राम पंचायत विकास योजना का अंतिम प्रकाशन 31 दिसम्बर, 2018 तक किया जायेगा।
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को वार्ड-24 में बहनों ने राखी बांधी।
राजस्व मंत्री को वार्ड 24 और 31 की बहनों ने बाँधी राखियाँ
भोपाल। रडार न्यूज राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि बहनों की सुरक्षा और समृद्धि की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने बताया कि बहनों को नगरीय विकास तथा पंचायत निर्वाचन और शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य पदों में (वन विभाग को छोड़कर) 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। श्री गुप्ता ने यह बात वार्ड 24 और 31 में आयोजित रक्षा-सूत्र कार्यक्रम में कही। बहनों ने श्री गुप्ता को उत्साहपूर्वक राखियाँ बाँधी। मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि लड़की जन्म से ही लाड़ली लक्ष्मी योजना में लखपति बन जाती है। मुख्यमंत्री कन्यादान-निकाह योजना में कन्याओं का विवाह करवाने के साथ ही उनके खाते में 25 हजार रूपये दिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बहनों की समाज और सरकार के कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। श्री गुप्ता ने संबल योजना के बारे में भी जानकारी दी। रक्षासूत्र कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
एनएफएचएस-चार में पन्ना जिले की स्थिति से अवगत कराते प्रख्यात समाजसेवी सचिन कुमार जैन एवं बगल में बैठे यूसुफ़ बेग।
जन्म के साथ ही भूखे रहने को विवश हैं 67 प्रतिशत नवजात
कुपोषण के कारण 42 प्रतिशत बच्चे ठिगनेपन का हो रहे शिकार
मात्र ढ़ाई प्रतिशत महिलाओं को मिल रहीं सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाओं का लाभ
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री ललिता यादव के प्रभार वाले पन्ना जिले में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के मानक बेहद गंभीर स्थिति में है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (एनएफएचएस-चार) के हैरान करने वाले नतीजों से यह बात निकलकर सामने आई है कि पन्ना जिले में सिर्फ 33 प्रतिशत बच्चों को ही जन्म के पहले घंटे में माँ का पोष्टिक दूध नसीब होता है। इस तरह शेष 67 प्रतिशत नवजात शिशुओं को जन्म के साथ ही भूखे रहने का दर्द सहन करना पड़ता हैं। कुपोषण के कलंक के कारण मध्यप्रदेश का कालाहांडी कहलाने वाले पन्ना जिले के खराब हालत का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि यहां पैदा होने वाले 42 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के कारण ठिगनेपन का शिकार हो रहे हैं। खुद को प्रदेश की महिलाओं का भाई और बच्चों का मामा कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के राज में कुपोषण, मातृ-शिशु मृत्यु दर, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रसव पूर्व महिलाओं की जांच में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसके गंभीर दुष्परिणामों को एनएफएचएस-चार के सर्वेक्षण ने उजागर किया है।
शिशु जीवन और पोषण पर आधारित मीडिया फोरम में उपस्तिथ पन्ना जिले के मीडियाकर्मी।
इस सर्वेक्षण रिपोर्ट से पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास के दावों, धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की अधिकता वाले इस जिले में केवल 2.5 प्रतिशत महिलाओं को ही सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। इससे बड़ी बिडंबना भला और क्या होगी। पन्ना जिले की वास्तविकता यह है कि गर्भावस्था से ही यहां महिलाओं और उनकी कोख में पलने वाले बच्चों की चुनौतियों ही शुरुआत हो जा रही है। विकास संवाद मानव विकास शोध संस्था और पृथ्वी ट्रस्ट द्वारा नवजात शिशु, शिशु जीवन और पोषण पर आधारित मीडिया फोरम के दौरान शोधकर्ता सचिन कुमार जैन ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-चार) के अध्ययन निष्कर्षों को प्रस्तुत करते हुए यह बताया कि पन्ना में केवल 13.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं तक ही चार या इससे अधिक प्रसवपूर्व भ्रमण हो रहे हैं। सुरक्षितमातृत्व और नवजात शिशु मृत्यु को कम करने के लिए बेहद जरूरी हैकि हर गर्भवती महिला को पूर्ण प्रसव पूर्व जांचों की लाभ (जिसमें एएनएम द्वारा चार भ्रमण, टिटनेस के टीके, 100 आयरन-फोलिक एसिड गोलियां, वज़न, रक्तचाप जी आंच आदि शामिल हैं) मिलना ही चाहिए, किन्तु पन्ना में केवल 2.5 प्रतिशत महिलाओं को ही सम्पूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। मध्यप्रदेश में सीधी जिले (1.7 प्रतिशत) के बाद पन्ना खराब स्थिति वाले जिलों की सूची में दूसरे स्थान पर है।
नवजात को बीमारियों से बचाता है स्तनपान
सांकेतिक फोटो।
मानक सिद्धांत बताते हैं कि जन्म के बाद का स्तनपान बच्चों को संक्रमण से बचाता है, इसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, वसा, कैलोरी, लैक्टोज़, विटामिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चे की तमाम जरूरतों को पूरा कर देते हैं। यह पचाने में आसान होता है और शिशु में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। बच्चों के जीवन के नज़रिए से बेहद महत्वपूर्ण इस पहलू को हर स्तर पर नज़रंदाज़ किया गया है। अध्ययनों से यह स्पष्ट दिखाई देता है कि मध्यप्रदेश में बच्चों के जीवन से सम्बंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभी सघन प्रयास किये जाना शेष हैं। एनएफएचएस-चार के अनुसार पन्ना जिले में 74.4 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हुए, किन्तु जन्म के पहले घंटे में मां का दूध (कोलेस्ट्रम फीडिंग) केवल 32.7 प्रतिशत बच्चों को ही हासिल हुआ। इससे दो बातें स्पष्ट रूप से नज़र आती हैं। पहली कि संस्थागत प्रसव वास्तव में पूर्ण रूप से सही प्रक्रिया से लागू नहीं किया जा रहा है। यदि ऐसा होता तो कम से कम 74.4 प्रतिशत बच्चों को तो जन्म के एक घंटे के भीतर पहला पीला गाढ़ा दूध मिल ही जाता। दूसरी बात यह कि लगभग 67 प्रतिशत यानी दो तिहाई बच्चे जन्म के पहले ही क्षण से भूख का सामना करने को मजबूर होते हैं।
सिर्फ 12 प्रतिशत बच्चों को मिलता है ऊपरी आहार
पन्ना जिले की प्रभारी एवं महिला बाल विकास मंत्री ललिता यादव।
श्री जैन ने बताया कि दूसरा पहलू यह है कि जन्म के बाद के छः महीनों तक बच्चों को केवल और केवल माँ का दूध ही पिलाया जाना चाहिए। जबकि पन्ना जिले में 58. 6 प्रतिशत बच्चों को ही केवल स्तनपान हासिल हो रहा है। यानी शेष बच्चों को पानी, शहद, घुट्टी या अन्य सामग्री का आहार शुरू कर दिया जा रहा है. यह बच्चे के जीवन के लिए घातक व्यवहार साबित होता है, क्योंकिअन्य सामग्रियों से वे जल्दी ही डायरिया सरीखे संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। उल्लेखनीय है कि जन्म के बाद के 28 दिन सबसे संवेदनशील होते हैं। नवजात शिशु की मृत्यु की आशंका पांच साल की उम्र के बच्चे की मृत्यु की आशंका से 30 गुना ज्यादा होती है। इस विषय को नज़रंदाज़ किया जाना अपने आप में असंवेदनशीलता का परिणाम है। यह बहुत जरूरी है कि सरकार यह नज़र रखे कि डिब्बाबंद बाल आहार (इन्फेंट फार्मूला) को बढ़ावा देने के लिए ही कहीं स्तनपान को सीमित तो नहीं किया जा रहा है? वास्तव में इस विषय को विकास की योजना के केंद्र में लाने की जरूरत है। इसके बाद एनएफएचएस-चार से पता चल रहा है कि केवल 12. 6 प्रतिशत बच्चों को छः महीने की होते ही पर्याप्त ऊपरी पोषण आहार मिल पा रहा है। शेष 89 प्रतिशत बच्चे, जो शारीरिक और मानसिक विकास के दौर में होते हैं और उन्हें अच्छे पोषण की जरूरत होती है, भूख के साथ विकास करते हैं। जिले में 42. 3 प्रतिशत बच्चे ठिगनेपन (स्टनटिंग) के शिकार हैं। बच्चों की लम्बाई को बढ़ने से रोकने वाला यह कुपोषण एक पीढी से दूसरी पीढ़ी तक बहने वाली खाद्य और पोषण असुरक्षा के कारण होता है और इसके बहुत गहरे असर होते हैं। जो बच्चे कुपोषण के शिकार होते हैं, वे स्कूल भी देर से जा पाते हैं और आगे चल कर जीवन में उनकी आय अर्जित करने की क्षमता भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। ऐसे समुदाय के साथ तब समाज यह मान्यता बनता है कि ये लोग, जिनमें से ज्यादातर आदिवासी, अनुसूचित जाति और अन्य वंचित तबकों के लोग होते हैं, श्रम और मेहनत नहीं करना चाहते हैं, आलसी होते हैं आदि आदि. वास्तव में हम उनसे भोजन छीन कर बचपन में ही उनकी क्षमताओं को सीमित कर देते हैं।
आठ साल में हुई 7 लाख शिशुओं की मौत
सांकेतिक फोटो।
मीडिया फोरम में पत्रकारों से संवाद में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों के जीवन, स्वास्थ्य और पोषण की चुनौतियों को केवल विभागीय योजनाओं तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता है। यदि स्थिति को वास्तव में बदलना है तो परम्पराओं और सामाजिक व्यवहार से लेकर समुदाय के जंगल, पानी, जमीन और कौशल तक के हकों को सुरक्षित करना होगा। वर्तमान में कुपोषण और बाल जीवन सुरक्षा के कार्यक्रमों में व्यापाक पहलू शामिल ही नहीं हो रहे हैं। इस फोरम में मातृत्व हक़ पर गहराई से चर्चा हुई। जिसमें यह उल्लेख किया गया कि हर गर्भवती महिला को आराम, पोषण और सुकून मिल सके, इसके लिए उन्हें कम से कम चाह माह की मजदूरी के बराबर की राशि मातृत्व हक़ की सहायता के रूप में दी जाना चाहिए, अन्यथा उन्हें लगातार मजदूरी पर जाते रहना होगा, जिससे महिला और बच्चे का जीवन संकट में बना रहेगा. यह चौंकाने वाली बात है कि हमारे राजनीतिक दल भी इस पहलू पर कोई पक्ष नहीं रखते हैं। मध्यप्रदेश में बच्चों को जन्म से ही खाद्य असुरक्षा और भूख के दर्द का सामना करना पड़ता है। यदि हमें समाज के विकास का पैमाना तय करना हैं, तो केवल बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के मानकों को ही विकास का पैमाना बनाया जाना चाहिए। भारत के सभी राज्यों के बीच नवजात शिशु मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में है। जब हर एक हज़ार जीवत जन्म पर 32 बच्चे जन्म के 28 दिनों के भीतर ही मर जाते हों, तब यह जरूरी हो जाता है कि हम अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करें। विकास संवाद के अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2008 से 2016 के बीच मध्यप्रदेश में 6.80 लाख नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई है।
सबसे पौष्टिक थाली का चयन करते जिला कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह राजपूत एवं आरटीएम सुशील मिश्रा।
पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक शामिल हुई महिलायें
पन्ना। रडार न्यूज घर पर उपलब्ध संसाधनों से पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करने के लिए महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण मिशन अभियान के अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना पन्ना शहरी के वार्ड क्रमांक 3 और 17 में पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें उत्साहपूर्वक तकरीबन 40 महिलाओं ने हिस्सा लिया। अपनी परंपरागत पाक कला के हुनर का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों ने पूरी लगन और मेहनत से एक से बढ़कर एक पौष्टिक व्यंजन तैयार किये।
विजेता प्रतिभागियों को परुष्कार प्रदान करते जिला कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह राजपूत एवं समीप खड़ीं परियोजना अधिकारी किरण खरे।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शामिल महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह राजपूत व आरटीएम सुशील मिश्रा द्वारा पौष्टिक थाली का चयन किया गया। सबसे पौष्टिक व्यंजन बनाने के लिए अफसाना बानों को प्रथम पुरुष्कार, अंजना रैकवार को दितीय और आरती रैकवार को तृतीय पुरुष्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी किरण खरे ने उपस्थित महिलाओं को राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्यों से अवगत कराया। साथ ही पौष्टिक व्यंजन की महत्ता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए घर पर उपलब्ध संसाधनों से पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करने की विधियाँ समझाई। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक अंजली गुप्ता, स्निप के बृजेश दिवेदी, नीलेश शुक्ला,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फरजाना बानों, रूबीना, संध्या बुंदेला, अर्चना तिवारी, अनीता पाठक एवं दोनों वार्डों की महिलाएं, किशोरी बालिकायें तथा स्कूल के शिक्षक उपस्थित रहे।
एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में पन्ना जिले में रहा मुकम्मल बंद
धारा-144 लागू होने के बाबजूद विरोध प्रदर्शन बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
पन्ना। रडार न्यूज एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर नया कानून बनाने के विरोध में सवर्ण संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद का गुरुवार 6 सितंबर को पन्ना जिले में व्यापक असर रहा। धारा-144 लागू होने के बाद भी जिला मुख्यालय पन्ना सहित आंचलिक क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में स्वर्ण समाज के लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर एट्रोसिटी एक्ट पर अपना विरोध दर्ज कराया। महाबंद में पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भी शामिल हुए हांलाकि इनकी संख्या नगण्य रही। भारत बंद के चलते आज सुबह से ही पन्ना में व्यवसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें बंद रहीं। गुरुवार को शहर के गांधी चौक से प्रदर्शनकारियों द्वारा पैदल मार्च निकाला गया, जोकि मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट चौराहा पहुंचा। पैदल मार्च में शामिल लोग पूरे समय नारेबाजी करते रहे। कलेक्ट्रेट चौराहे पर नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर केंद्र सरकार द्वारा लाये गए एससी-एसटी एक्ट को काला और दमनकारी कानून करार देते हुए इसका पुरजोर विरोध किया। तत्पश्चात इस संबंध में कलेक्टर मनोज खत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें केंद्र सरकार के इस फैसले को वोट बैंक साधने की राजनीति से प्रेरित होकर लिया गया मनमाना और अन्यायपूर्ण निरूपित करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। लेकिन चुनावी मौसम के चलते विभिन्न दलों से टिकिट के प्रमुख दावेदार और नेतागण इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। पन्ना के अलावा ककरहटी, गुनौर, अमानगंज, महेवा, सिमरिया, पवई, शाहनगर में दुकानें बंद रहीं। इन सभी स्थानों पर जुलूस निकालकर लोगों ने कथित रूप से समाज को बाँटने वाले कानून के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। जगह-जगह ज्ञापन सौंपकर लोगों ने इस कानून को वापिस लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अक्षरशः लागू करने की मांग की है।
न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद अभियुक्तों को जेल ले जाते पुलिसकर्मी।
जमीनी विवाद के चलते डेढ़ वर्ष पूर्व की थी संतू कुशवाहा की हत्या
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना राजेश कुमार कोष्टा ने सुनाया फैसला
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस थाना अजयगढ़ अंतर्गत करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई किसान संतू कुशवाहा की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना राजेश कुमार कोष्टा ने निर्णय पारित करते हुए तीन अभियुक्तों रूपा कुशवाहा पिता रामचरण कुशवाहा 32, बेनी कुशवाहा पिता बदलू कुशवाहा 26, नत्थू कुशवाहा पिता दरबारी लाल कुशवाहा 50 सभी निवासी ग्राम गुमानगंज को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यालय ने इन्हें विभिन्न धाराओं के तहत अर्थदंड से भी दण्डित किया है। जबकि साक्ष्य के आभाव में आरोप प्रमाणित नहीं होने पर अभियुक्त रामेश्वर यादव को दोषमुक्त किया गया है।
जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित रहे इस मामले में आये न्यालय के फैसले के संबंध सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं मीडिया सेल प्रभारी पन्ना आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 दिसंबर 2016 को सुबह 7 बजे संतू कुशवाहा निवासी ग्राम गुमानगंज थाना अजयगढ़ अपने खेत पर चारा काटने गया था। तभी करीब 9 बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पास में ही चारा काट रहे घनश्याम कुशवाहा ने अपने भाई राजू, गुलाब,एवं भाभी पार्वती के साथ पास जाकर देखा तो उसका चचेरा भाई संतू बचाओ-बचाओ की आवाज लगाते हुये दौड़ रहा था। जमीनी विवाद के चलते गांव के ही रामेश्वर यादव, रूपा कुशवाहा, बेनी कुशवाहा, नत्थू कुशवाहा, संतू को खदेड़ते हुये आ रहे थे। बैकुंठ महराज के खेत के पास आरोपी रामेश्वर ने संतू को लात मारकर गिरा दिया। अगले ही पल आरोपी नत्थू कुशवाहा ने संतू को दबोंच लिया और फिर आरोपी बेनी कुशवाहा ने बंदूक से फायर किया जिसकी गोली संतू के दाहिने हाथ में लगी। दूसरी गोली आरोपी रूपा कुशवाहा ने चलाई जो सीधे उसके सिर में जा धंसी । दो फायर करने के बाद आरोपी संतू को मरा हुआ समझकर वहाँ से भाग गये। कुछ ही देर में संतू की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी।
हत्या और आर्म्स एक्ट में हुई सजा
जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।
घनश्याम कुशवाहा 32 निवासी ग्राम गुमानगंज द्वारा अपने चचेरे भाई की नृशंस हत्या की सूचना डायल 100 को दी, तब पुलिसवाले मौके पर आये और मौके घटना की रिपोर्ट देहाती नालिसी लेख की थी। इस घटना पर थाना अजयगढ़ में अपराध क्रमांक 313/16, धारा 302/34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया। उनके द्वारा बताये हुये स्थान से 12 बोर की बंदूक को जप्त किया। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में पेश किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए शासन के द्वारा उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। प्रकरण का विचारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना राजेश कुमार कोष्टा के न्यायालय में हुआ। जिसमें अभियोजन के द्वारा आरोपी के किये गये कृत्य के लिये अधिकतम दंड दिये जाने का निवेदन किया गया। न्यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक दृष्टांतों से सहमत होते हुए आरोपीगण रूपा कुशवाहा और बेनी कुशवाहा धारा 302 भादवि आजीवन कारावास और 5000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 25/27 आयुध अधिनियम में दोनों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रूपये अर्थदण्ड तथा नत्थू कुशवाहा को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास और 5000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह पन्ना के द्वारा की गई।
विधायक मुकेश नायक का हाथ उठाकर उन्हें आगामी चुनाव प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील करते सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया।
परिवर्तन यात्रा की आमसभा से नदारत रहे कई स्थानीय दिग्गज
ज्योतिरादित्य सिंधिया के पवई दौरे पर नजर आई कांग्रेस में गुटबाजी
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार शाम 5 सितंबर को पन्ना जिले के पवई विधानसभा मुख्यालय में परिवर्तन यात्रा की विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए पवई सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश नायक को आगामी विधानसभा चुनाव में पुनः उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने मुकेश नायक का हांथ उठाकर आमसभा में उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बार इन्हें 50 हजार मतों के अंतर से विजयी बनाएं। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस घोषणा से पवई से कांग्रेस की टिकिट के अन्य दावेदारों को तगड़ा झटका लगा है। मुकेश के नाम का ऐलान होते ही मंच पर मौजूद टिकिट के अन्य दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उनके पीले पड़े मुरझाये हुए चेहरों से हताशा और निराशा साफ झलक रही थी। दरअसल विधायक मुकेश नायक के भारी विरोध, आमजनता में व्याप्त नाराजगी और क्षेत्रीयता की भावना के उभार के चलते टिकिट के अन्य दावेदारों को इस बात का पूरा भरोसा था कि पार्टी नेतृत्व इस बार किसी स्थानीय नेता को अवसर अवश्य देगा। लिहाजा मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा विशाल आमसभा में विधायक मुकेश नायक को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से विजयी बनाने की अपील करने से टिकिट के अन्य दावेदारों में हड़कंप मचना स्वाभाविक था।
पवई में परिवर्तन यात्रा की आमसभा को संबोधित करते सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया।
मजेदार बात यह कि इस पन्ना सीट से टिकिट मांग रहे कांग्रेस के ब्राह्मण नेता भी इस घोषणा के बाद हैरान-परेशान हैं। इनकी चिंता और बेचैनी का कारण यह है कि पन्ना सीट से कांग्रेस का टिकिट अब किसी अन्य वर्ग के खाते चला जायेगा। सर्वविदित है कि पन्ना जिले में विधानसभा की कुल तीन सीटें हैं। जिनमें पन्ना और पवई सीट अनारक्षित है। जबकि गुनौर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। दोनों प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा-कांग्रेस पन्ना की दोनों अनारक्षित विधानसभा सीटों पर जातिगत और सामाजिक समीकरण बैठाने के लिए किसी एक सीट पर ब्राह्मण तो दूसरी सीट पर क्षत्रिय या फिर पिछड़े वर्ग के नेताओं को अब तक प्रत्याशी बनाते रहे हैं। बहरहाल पवई सीट से विधायक मुकेश नायक को पुनः प्रत्याशी बनाये जाने का ऐलान होने से उनके समर्थकों के अलावा पन्ना के क्षत्रिय, पिछड़े वर्ग और वैश्य समाज के उन नेताओं में ख़ुशी की लहर व्याप्त है जोकि टिकिट की दौड़ में शामिल है। इन अनुकूल परिस्थितियों में उक्त वर्गों के नेताओं को पन्ना सीट से अब अपनी किस्मत चमकने के आसार नजर आ रहे हैं। पन्ना से टिकिट की दौड़ में सफलता किसे मिलती है यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
आमसभा से बनाई दूरी
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतीक्षा में पवई के समीप खड़े युवा कांग्रेस कार्यकर्ता।
परिवर्तन यात्रा की आमसभा में शामिल होने आये सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे पर कांग्रेस की गुटबाजी साफ नजर आई। पवई विधायक मुकेश नायक के धुर विरोधी और टिकिट के दावेदार अरुणपाल सिंह बुंदेला, अनिल तिवारी, गिरधारी लोधी आदि नेता आमसभा में शामिल नहीं हुए। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में सिंधिया का स्वागत किया। उक्त नेताओं का आमसभा से नदारत रहना चर्चा का विषय बना रहा। उधर टिकिट के एक अन्य दावेदार एवं युवा कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष भुवन सिंह ने अपने समर्थकों के साथ माँ कलेही मंदिर के पास सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का स्वागत किया। इनके समर्थक भी आमसभा में नहीं पहुंचे। हलांकि भुवन सिंह, बीरेंद्र दिवेदी और मुन्ना राजा सिमरा सहित टिकिट के अन्य दावेदार आमसभा में मंचासीन रहे।
पूर्व सांसद कांग्रेस में हुए शामिल
पवई में आमसभा के मंच पर बैठे बायें से दूसरे पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व सांसद लोकेन्द्र सिंह।
पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व सांसद-पूर्व विधायक लोकेन्द्र सिंह ने बुधवार 5 सितंबर 2018 को पड़ोसी जिला दमोह के हटा कस्बा की आमसभा में मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। पूर्व सांसद लोकेन्द्र सिंह भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इसके पूर्व भी वे कांग्रेस में रहे हैं। भाजपा से सांसद रहे लोकेन्द्र सिंह को सर्वप्रथम ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वर्गीय पिता माधवराव सिंधिया कांग्रेस में लाये थे। बुधवार को श्री सिंधिया के पन्ना जिले के दौरे पर पन्ना राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह पूरे समय उनके साथ रहे। अपने जमाने में बुंदेलखंड के दिग्गज नेता रहे पूर्व सांसद लोकेन्द्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने की खबर राजनैतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी है।
जंगल में जुआ खेलते पकड़े गये दो जिलों के जुआरी पुलिस हिरासत में।
जंगल में फोर व्हीलर की लाइट व गैस लालटेन जलाकर खेल रहे थे जुआ
पुलिस की रेड पड़ने पर मुख्य जुआरी रुपये समेटकर भाग निकलने में हुए कामयाब
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस ने जंगल में चल रहे जुआ के एक फड़ में छापा मारकर 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इनसे 8 गाड़ियाँ, 66 हजार रुपये, 15 मोबइल फोन और तांस के पत्तों समेत अन्य सामग्री जप्त की है। पकड़े गये जुआरियों में कई आरोपी पड़ोसी जिला छतरपुर के निवासी है जोकि जुआ के फड़ में दांव लगाने आये थे। सोमवार 3 सितंबर 2018 की रात अंतर जिला स्तरीय जुआ के फड़ में छापे की कार्रवाई को मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर सुनवानी थाना क्षेत्र के ग्राम उड़ला में किशनगढ़ रोड के किनारे जंगल में अंजाम दिया गया। पुलिस की रेड पड़ते ही वहां भगदड़ मच गई, इस बीच झाड़ियों की ओट और अत्याधिक पथरीली जमीन पर चार पहिया वाहनों से पीछा करना संभव न होने का लाभ उठाते हुए करीब 10-15 जुआरी रुपये समेटकर भाग निकलने में सफल हो गये। बाबजूद इसके पन्ना पुलिस की इस महत्पूर्ण कार्रवाई को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस के आने की लग गई थी भनक
जुआरिओं से जप्त वाहन, मोबइल फोन, रुपये आदि दिखाते थाना प्रभारी अमानगंज राकेश तिवारी।
जुआ के फड़ पर छापामार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन में एसडीओपी गुनौर धर्मेश दीक्षित के नेतृत्व में की गई। उल्लेखनीय है कि पकड़े गए आरोपी उड़ला के जंगल में मुख्य मार्ग से करीब आधा किलोमीटर वन विभाग की नर्सरी पास जमीन में तिरपाल (मोटी पॉलिथीन) बिछाकर फोर व्हीलर वाहनों की लाइट व गैस लालटेन की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। पुलिस पूंछतांछ में जुआरियों ने बताया कि वे सभी किराये पर चार पहिया वाहन लेकर जुआ खेलने के लिए आये थे। किसी को संदेह न हो इसलिए वे अपने अधिकांश वाहन जुआ के फड़ से 2-3 किलोमीटर दूर खड़े करवा देते थे। जब तक जुआ का फड़ चलता तब तक सड़क के दोनों और 5-6 किलोमीटर तक इनके लोग वहां से गुजरने वाले वाहनों समेत आसपास की हर हलचल पर कड़ी नजर रखते थे। जरा सी भी गड़बड़ समझ में आने पर मोबइल से तुरंत खबर देकर जुआ के फड़ में जमे अपने साथियों को अलर्ट कर देते थे। लिहाजा सोमवार को पुलिस टीम ने जुआ पकड़ने जब जंगल में प्रवेश किया तो जुआरियों को तुरंत इसकी भनक लग गई। कथित रूप से छतरपुर जिले का निवासी मुख्य जुआरी संतोष दादा, सोनू कांडा और 10-12 अन्य आरोपी जुआ फड़ से बड़ी रकम समेटकर भाग निकले। क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि जुआरियों के पास करीब 16-20 लाख रुपये थे।
इन्हें किया गिरफ्तार
जुआरियों के जप्त वाहन जिन्हें वे किराये पर लेकर जुआ खेलने आये थे।
जंगल में जुआ खेलते पकड़े गये जुआरियों में अनिल दुबे पुत्र गनेश दुबे 42 गल्लामंडी, मुईन अहमद पुत्र अजमत अहमद 30 कछियाना मोहल्ला, जुबेर अहमद पुत्र शब्बीर अहमद नारायण बाग, ऋतिक रैकवार पुत्र राजेश रैकवार 19, फिरोज खान पुत्र परवेज खान 24, नीरज मिश्रा पुत्र अरविंद मिश्रा तेरा पहाड़ी सभी निवासी छतरपुर, जावेद मोहम्मद पुत्र सादिक मोहम्मद 24, जाहिद मोहम्मद पुत्र सादिक मोहम्मद, कृष्णा रैकवार पुत्र शिवकुमार रैकवार 22, नसीम बेग पुत्र मजीद बेग 30, शमशाद खां पुत्र शब्बीर खां 24 सभी निवासी आगरा मोहल्ला पन्ना, रंजीत शर्मा पुत्र आनंदी शर्मा 30 ग्राम गहरा थाना पन्ना, फिरोज पुत्र याकूब 27 रानीबाग टगरा पन्ना, मोहम्मद इजरार पुत्र साबिर मोहम्मद 31 सिली साकेतनगर गुनौर, जय कुमार पुत्र लाल जी पटेल 30 नौराही थाना गुनौर, अनिरुद्ध सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह गढ़ोखर थाना अमानगंज, इमरान पुत्र मजीद खान 24 कृष्णगढ़ थाना पवई, संजय पुत्र केदार सिंह यादव 24 हिनौता थाना मड़ला शामिल हैं। अमानगंज थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अमानगंज राकेश तिवारी, थाना प्रभारी सिमरिया याकूब खान और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
इनका कहना है-“जहां जुआ फड़ चल रहा था वहां करीब 5-6 किलोमीटर में कटीली झाड़ियां और अत्यधिक पत्थर होने के कारण जुआरियों का चार पहिया वाहन से पीछा कर पकड़ना संभव नहीं था, इसलिए कुछ मुख्य जुआरी भाग गये। सीमित पुलिस बल के साथ हमने फिर भी 18 जुआरियों और उनके 8 वाहनों को पकड़ा है।“
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी में रविवार रात मिनी स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत 600 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
सीधी जिले को 600 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
मुख्यमंत्री द्वारा सीधी जिले के चुरहट में आईटीआई खोलने की घोषणा
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को देर रात सीधी को मिनी स्मार्ट-सिटी बनाने के लिये 21 करोड़ के कार्यो सहित जिले में 600 करोड़ रुपये लागत के निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। श्री चौहान ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में देश का नम्बर-1 राज्य बनाया जायेगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये अभियान शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आम जनता की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिये कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। श्री चौहान ने प्रदेश में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारपूर्वक आगे आएँ।
उन्होंने कहा कि समाज के कमज़ोर वर्ग को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए संबल योजना आरंभ की गयी है। इसके माध्यम से गरीब परिवारों को पट्टा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार आदि सुविधा प्रदान की जा रही है। संबल योजना में गरीब परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य सरकार हर तरह की सुविधाएँ और सहायता मुहैया करवा रही है।
महान परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 486 करोड़ 96 लाख रुपये लागत की महान (गुलाब सागर) परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। यह एक वृहद परियोजना है जो रामपुर नैकिन विकासखंड के खड्डी ग्राम की महान नदी पर निर्मित है। अमरपुर में इसके द्वितीय चरण का भूमि-पूजन रविवार को ही मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। इस योजना के पूर्ण होने पर तहसील रामपुर नैकिन, गोपद बनास, बहरी एवं सिहावल के 167 ग्रामों के 23 हजार 574 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाईं की व्यवस्था की है। बाणसागर परियोजना के माध्यम से पूरे विन्ध्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। गुलाब सागर महान परियोजना के माध्यम से सीधी जिले में सिंचाई का विस्तार किया जा रहा है। इस योजना की पूर्णता के पश्चात् लाभान्वित कृषकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार होगा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, पशुओं को पर्याप्त चारा मिलेगा और पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने चुरहट विधानसभा क्षेत्र में 23 करोड़ 16 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर चुरहट में आईटीआई खोलने की घोषणा की। कार्यक्रम में सांसद प्रभात झा, अजय प्रताप सिंह, श्रीमती रीति पाठक और जनार्दन मिश्रा, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सिंह, अन्य जन-प्रतिनिधि और विशाल जन-समुदाय मौजूद था।