सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग ने युवा संसद-अभिविन्यास पाठ्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
अभिविन्यास कार्यक्रम-युवा संसद के उद्घाटन सत्र को राज्य मंत्री ने किया संबोधित
भोपाल। रडार न्यूज सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि समाज में व्यवस्था को सशक्त बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री सारंग आज राज्य संग्रहालय के सभागार में पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा आयोजित अभिविन्यास कार्यक्रम-युवा संसद 2018-19 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। श्री सारंग ने कहा कि सामाजिक बदलाव को समझना होगा और उसके अनुरूप युवा पीढ़ी को सजग बनाना होगा। आजकल नकारात्मक बातें खबरों में ज्यादा होती हैं। युवा संसद के माध्यम से युवाओं को संसद में होने वाली कार्यवाही के संबंध में बताया जाता है। ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इससे युवाओं को संसदीय व्यवस्था के संबंध में ज्ञान प्राप्त होता है। प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ अजीत केसरी ने बताया कि भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन के संसदीय कार्य विभाग के सहयोग से पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. प्रतिमा यादव ने अभिविन्यास कार्यक्रम-युवा संसद की जानकारी प्रस्तुत की।
पन्ना टाइगर रिजर्व के हाथियों की रंगों से आकर्षक सज्जा कर उन्हें सजाते-संवारते युवा पेंटर रकीब खान एवं उनके सहयोगी।
पन्ना टाइगर रिजर्व में धूमधाम से मनाया जायेगा हाथी का जन्मदिन
दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला के परिवार का सदस्य है बाल हाथी
2 अक्टूबर को हुआ था हाथी का जन्म, इसलिए नाम दिया बापू
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व इन दिनों हांथियों के कुनबे के सबसे छोटे सदस्य बापू के जन्मदिन को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने की तैयारियों में जुटा है। बापू के लिए बाकायदा केक का इंतेजाम किया जा रहा है, जिसे काटकर बापू हांथी अपना पहला जन्म दिन मनाएगा। उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व ने बताया है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में 14 हाथियों का एक परिवार है जिसमें सबसे बुजुर्ग सदस्य के रूप में वत्सला हथिनी विद्यमान है। जिसकी अनुमानित उम्र लगभग 100 वर्ष है। सम्भवतः यह दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी है। उसके जन्म से संबंधित प्रमाणिक दस्तावेजों की खोजबीन कराई जा रही है। इस वर्ष पन्ना जिले के स्वीप आइकान हेतु वत्सला का नाम जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना द्वारा प्रस्तावित किया जा चुका है। हाथियों के इस परिवार में सबसे छोटा सदस्य बापू (हाथी) है जिसका जन्म 2 अक्टूबर 2017 को हुआ था। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने 2 अक्टूबर 2018 को बापू हाथी के प्रथम जन्म दिवस को हाथी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो आगामी वर्षों में भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष 16 अप्रैल को पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसी तरह 2 अक्टूबर 2018 को वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का प्रारंभ पन्ना टाइगर रिजर्व में हाथी जन्मोत्सव मना कर किया जावेगा। पन्ना के आमजन, विद्यार्थियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया एवं पर्यावरण प्रेमियों को वन्यप्राणियों एवं प्रकृति से जुड़ाव के अवसर के रूप में जनसमर्थन से वन्यप्राणी संरक्षण की मूलभावना को आगे बढ़ाते हुए जनजागृति का प्रयास किया जावेगा।यह कार्यक्रम जंगल कॉटेज परिसर हिनौता में प्रातः 11 बजे से किया जायेगा।
नाले में पड़ी गुप्ता ट्रांसपोर्ट पन्ना की दुर्घटनाग्रस्त बस जिसमें भाजपा कार्यकर्ता सवार थे।
कार्यकर्ताओं की जान पर बना रिकार्ड भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करना
दमोह से भोपाल जाते समय भी पलटी थी एक बस, 24 भाजपाई हुए थे घायल
दमोह/पन्ना। रडार न्यूज प्रदेश की राजधानी भोपाल में संपन्न हुए भाजपा के महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होकर वापस पन्ना लौट रहे भाजपा कार्यकर्ताओं से खचाखच भरी बस रास्ते में दमोह जिले में आनू रेल फाटक के समीप अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। इस हादसे पन्ना जिले की रैपुरा तहसील के ग्राम बघबार निवासी भाजपा कार्यकर्ता महेश सेन 50 की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि 21 कार्यकर्ता घायल बताये जा रहे हैं। सभी घायल भाजपा कार्यकर्ता पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र के निवासी हैं। सड़क हादसा बुधवार 26 सितम्बर की सुबह करीब 4 बजे हुआ। प्राप्त जानकारी अनुसार बस क्रमांक एमपी- 35 पी-0188 से पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भोपाल के महाकुंभ से वापस लौट रहे थे। रास्ते में दमोह जिले में सुबह-सुबह आनू रेल फाटक के ब्रेकर से पहले बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी।
इलाज के एम्बुलेंस से दमोह के जिला चिकित्सालय जाते घायल भाजपा कार्यकर्ता।
इस हादसे के समय बस में सवार भाजपा कार्यकर्ता सो रहे थे। बस के नाले में गिरते ही अंदर चींख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे की सूचना मिलने पर डायल 100 के अलावा 108 एम्बुलेंस वाहन और हिंडोरिया थाना प्रभारी विजय मिश्रा हमराही बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इस बीच ग्रामीण भी वहां आ गये करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद सभी घयलों को बस से निकालकर जिला चिकित्सालय दमोह ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान भाजपा कार्यकर्ता महेश सेन 50 वर्ष निवासी बघवार थाना रैपुरा की मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 7 जब महेश की हादसे में असमय मौत और उसके साथियों के घायल होने की दुखद खबर रैपुरा क्षेत्र में पहुंची तो कोहराम मच गया। घायलों की हालत जानने के लिए उनके चिंतित परिजन परेशान होते रहे। इस हादसे की खबर रैपुरा क्षेत्र में फैलेने के बाद से पूरे इलाके शोक की लहर व्याप्त है।
भोपाल जाते समय भी पलटी थी बस
दमोह जिले के आनू रेल फाटक के पास नाले में पड़ी दुर्घटनाग्रस्त बस को देखते राहगीर।
मध्यप्रदेश में कार्यकर्ता महाकुंभ से भाजपा का चुनावी शंखनाद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार 25 सितम्बर को भोपाल आये थे। इस विशाल आमसभा में रिकार्ड भीड़ जुटाने के लिए समूचे मध्यप्रदेश से भाजपा कार्यकर्ताओं को बसों और ट्रेनों से भोपाल पहुँचाया गया था। आयोजकों द्वारा महाकुंभ में 10 लाख कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा करते हुए इसे भीड़ के लिहाज से देश का सबसे बढ़ा राजनैतिक महाकुंभ बताया जा रहा था। प्रधानमंत्री को सभा में अपार भीड़ दिखाकर अपने नंबर बढ़ाने के चक्कर में प्रदेश के कतिपय भाजपा नेताओं ने अपनी पार्टी के कार्यकर्तों की सुरक्षा और जनसामान्य की असुविधा को जानबूझकर अनदेखा कर दिया। एक और जहां सैकड़ों बसों का अधिग्रण किये जाने से समूचे प्रदेश में लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए परेशान होते रहे वहीं करीब 24 घंटे तक भोपाल कि ओर आने-जाने मार्गों में हैवी ट्रैफिक रहा।
वहीं महाकुंभ में जाने वाले कार्यकर्ताओं को अव्यवस्थाओं के लिहाज से भी अच्छी-खासी फजीहत झेलनी पड़ी। इस राजनैतिक शक्ति प्रदर्शन का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि दमोह से कार्यकर्ताओं से भरी एक बस भोपाल जाते समय रोनकुमरई व गढ़ाकोटा के बीच मवेशियों को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस दुर्घटना में करीब दो दर्जन भाजपाई घायल हुए थे। जिसमें 10 गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। अभी इस दुर्घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि बुधवार को दूसरा हादसा भोपाल से बस लौटेते समय हो गया। इन हादसों के मद्देनजर यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा कि भीड़ जुटाने का रिकार्ड कायम करने का नेताओं का अहम् उनके अपने ही कार्यकर्तााओं की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति पन्ना की द्वितीय बैठक में सदस्यों के मध्य में बैठे राजीव शर्मा परियोजना प्रबंधक, हीरा खनन परियोजना मझगवां।
हीरा खनन परियोजना में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति बैठक सम्पन्न
मझगवां (पन्ना)। रडार न्यूज नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) पन्ना मध्यप्रदेश की वर्ष 2018-19 की द्वितीय बैठक बुधवार 26 सितम्बर को अपराह्न 3:30 बजे एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना मझगवां, पन्ना में आयोजित हुई । परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न इस बैठक में हीरा खनन परियोजना के सहायक महाप्रबंधक कार्मिक एवं सर्वकार्यभारी अधिकारी राजभाषा बी.के. माधव, समिति के सदस्य सचिव एवं उप प्रबन्धक राजभाषा देबाशीष घोष सहित सदस्य कार्यालयों के प्रशासनिक प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे । ज्ञात हो कि नराकास, पन्ना में एनएमडीसी लिमिटेड सहित चौबीस सदस्य कार्यालय हैं। जिसमें पन्ना नगर में स्थित विविध बैंकों की सोलह शाखाएं, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, भारतीय जीवन बीमा निगम, बीएसएनएल, डाक विभाग, एनआईसी. तथा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सम्मिलित हैं । नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को बनाने का उद्देश्य केंद्र सरकार के देश भर में फैले कार्यालयों-उपक्रमों-बैंकों आदि में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के मार्ग में आई कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक संयुक्त मंच प्रदान करना है । इस मंच पर कार्यालयों-उपक्रमों-बैंकों आदि के अधिकारी हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए चर्चा तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों की जानकारी का आदान-प्रदान कर अपनी-अपनी उपलब्धि स्तर में सुधार ला सकते हैं । नराकास पन्ना की बैठक वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है तथा परियोजना प्रबंधक, हीरा खनन परियोजना एनएमडीसी लिमिटेड इस समिति के अध्यक्ष एवं संरक्षक हैं ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन जिले के तराना में नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया।
उज्जैन और शाजापुर जिलों में 30 हजार हेक्टेयर में होगी सिंचाई
नदियों को जोड़कर मालवा अंचल में गिरते जल स्तर को सुधारने के प्रयास जारी
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज उज्जैन जिले के तराना में नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया। परियोजना निर्माण की अनुमानित लागत 2215 करोड़ 64 लाख रुपये है। इसे 42 माह की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना के लिये ओंकारेश्वर जलाशय से 15 क्यूमेक (15 घनमीटर प्रति सेकेण्ड) नर्मदा जल उद्वहन किया जायेगा। पहले पम्पिंग स्टेशन से 497 मीटर जल उद्ववहन किया जाकर पाँच पम्पिंग स्टेशन से सिंचाई के लिये उपलब्ध कराया जायेगा। ऊर्जा मंत्री पारस जैन, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश आर्य, विधायक अनिल फिरोजिया, अरूण भीमावत और श्याम बंसल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मालवा के गिरते जल स्तर को सुधारने के लिये यहाँ नर्मदा का पानी उद्ववहन कर लाया गया है। नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय उद्ववहन सिंचाई परियोजना में नर्मदा, गंभीर, कालीसिंध और पार्वती नदी को जोड़ा जाकर किसानों के खेत तक पानी पहुँचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
हर व्यक्ति की सालाना आय एक लाख होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में प्रदेश में हर गरीब व्यक्ति की सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये, पक्का मकान, महिलाओं को पूरा सम्मान, गाँव को विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। राज्य में तीन एक्सप्रेस हाई-वे होंगे। श्री चौहान ने बतायाकि संबल योजना में 200 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। योजना में प्रदेश की 2.5 करोड़ आबादी कवर हो रही है।
निर्माण कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तराना और घटिया विधानसभा क्षेत्र में 52 करोड़ 22 लाख लागत के पाँच उच्च स्तरीय पुल, 4 करोड़ 16 लाख रुपये लागत के डोगरा गुर्जर तालाब, तराना- माकड़ौन-दुपाड़ा मार्ग लागत 26 करोड़ 40 लाख का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम मांगलिया में 46 लाख और ग्राम लुसूड़िया में 48 लाख रुपये की लागत से निर्मित नल-जल योजना, घटिया में पुलिस थाना भवन और यातायात पुलिस थाना का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने तराना विधानसभा में 36 करोड़ 56 लाख लागत के 49.55 किलोमीटर मार्ग का भूमि-पूजन किया।
नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन जिले में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया।
नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय माइक्रो सिंचाई परियोजना नर्मदा-मालवा लिंक अभियान का महत्वपूर्ण चरण है। इसमें मालवा की क्षिप्रा, गंभीर और कालीसिंध नदी कछारों तक नर्मदा जल उद्ववहन कर ले जाने की परियोजनाएँ बनाई गई हैं। परियोजना पूर्ण होने पर उज्जैन और शाजापुर जिलों में 30 हजार हेक्टेयर सिंचाई कमाण्ड क्षेत्र सृजित होगा। उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र के 55 गाँव और घट्टिया क्षेत्र के 7 गाँव को सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही, तराना, झंगरा, घट्टिया और गुराडि़या गुर्जर गाँवों को पेयजल मिलने के साथ उज्जैन एवं नागदा क्षेत्र के उद्योगों को जल मिलेगा।
पिपरिया के किसान महासम्मेलन में प्रोत्साहन राशि अंतरित करेंगे मुख्यमंत्री
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में पात्र पंजीकृत किसानों के सत्यापित बैंक खातों में 28 सितम्बर को प्रोत्साहन राशि RTGS/NEFT के माध्यम से सिंगल क्लिक से अंतरित की जाएगी। अंतरित प्रोत्साहन राशि के भुगतान की सूचना पात्र पंजीकृत किसान के पंजीकृत मोबाईल नम्बर पर एसएमएस के माध्यम से तुरंत प्रेषित की जाएगी। यह प्रोत्साहन राशि योजनान्तर्गत प्याज, लहसुन, चना, मसूर, सरसों, ग्रीष्मकालीन मूंग और ग्रीष्मकालीन उड़द की फसल के लिये दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पिपरिया (होशंगाबाद) में 28 सितम्बर को योजनान्तर्गत आयोजित किये जा रहे किसान महासम्मेलन में जिले के पात्र पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि अंतरित करेंगे। इसी दिन सभी जिलों में जिला-स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे, जहां जिले के पात्र पंजीकृत किसानों के सत्यापित बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि अंतरित की जाएगी।
प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. राजेश राजौरा ने नीमच, रतलाम और मंदसौर जिले को छोड़कर शेष जिलों के कलेक्टरों को प्रोत्साहन राशि वितरण और किसान सम्मेलन के आयोजन के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने बताया है कि जिलों को प्रोत्साहन राशि वितरण के लिये मांग पत्र के आधार पर बजट आवंटन जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय
50 से 79 वर्ष की अविवाहित महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह मिलेगी पेंशन
मुख्य प्रहरी और पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को नवीन स्वीकृत
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में भोपाल तथा इन्दौर मेट्रो रेल परियोजनाओं को निरंतर रखने की मंजूरी दी। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिये यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से 500 मिलियन यूरो का ऋण लिये जाने की स्वीकृति भी दी गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट के लिये 129 पद और प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिटों के 274 पदों के संबंध में निर्णय लिया गया। भोपाल और इन्दौर के लिये पृथक अतिरिक्त प्रबंध संचालक के दो पद के सृजन को मंजूरी दी। सभी पदों की पूर्ति, भर्ती प्रक्रिया, मानदेय, अर्हता तथा अनुभव की आवश्यकता का निर्धारण करने का अधिकार एमपीएमआरसीएल को होगा।मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इसमें 50 से 79 वर्ष की अविवाहित पात्र महिलाओं को 300 रूपये प्रतिमाह एवं 80 वर्ष या उससे अधिक की अविवाहित पात्र महिलाओं को 500 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि दी जायेगी।
चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठयक्रम
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चिकित्सालयों में सीपीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी। प्रदेश के चिकित्सालयों में स्त्री रोग (डी.जी.ओ.), शिशु रोग (डी.सी.एच.), निश्चेतना (डी.ए.), जनरल मेडिसिन (डी.जी.एम.), सायकोलॉजिकल मेडिसिन (डी.पी.एम.), पैथालॉजी एवं बैक्टिरियोलॉजी (डी.पी.बी.), जनरल सर्जरी (डी.जी.एम.), मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इलेक्ट्रोलॉजी (डी.एम.आर.ई.) एवं इमरजेंसी मेडिसिन (डी.ई.एम.ई), में सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी। साथ ही सी.पी.एस. डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पी.जी. डिप्लोमा के समतुल्य मानने और सी.पी.एस. डिप्लोमा करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को सभी लाभ की पात्रता तथा विशेषज्ञ के पदों पर पदोन्नति के लिये भी सी.पी.एस. डिप्लोमा को मान्य करने का निर्णय लिया।
यूपीएससी की नि:शुल्क कोचिंग के लिये होगा चयन
मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की नवीन योजना में प्रतिभावान स्नातक योग्यता प्राप्त विद्यार्थियों को अखिल भारतीय सेवाओं (यूपीएससी) परीक्षा की तैयारी के लिये दिल्ली में नि:शुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया। इसमें ऐसे प्रतिभावान छात्रों का चयन किया जायेगा, जो स्वयं के व्यय पर कोचिंग नहीं कर पाते। इसमें सभी वर्गों के 100 छात्रों का चयन निर्धारित मापदंड अनुसार कर यूपीएससी की तैयारी करने उन्हें दिल्ली स्थित कोंचिग संस्थानों में भेजा जायेगा।
नई छ: नगर परिषद और एक तहसील बनेंगी
मंत्रि-परिषद ने ग्राम पंचायत सिराली जिला हरदा और ग्राम पंचायत मालनपुर जिला भिण्ड को नगर परिषद के रूप में गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार मंत्रि-परिषद ने नगर परिषद घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल, नगर परिषद शाहपुर जिला बैतूल, नगर परिषद सुरखी जिला सागर तथा नगर परिषद निवाली बुजुर्ग जिला बड़वानी गठित करने तथा राज्यपाल को प्रेषित करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने तहसील माकड़ोन जिला उज्जैन का सृजन करने तथा सृजित की गई नवीन तहसील के लिये आवश्यक पदों का सृजन करने की भी मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने नवीन जिला न्यायालय भवन इन्दौर (पिपल्याहाना) के निर्माण के लिये 411 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
मंत्रि-परिषद ने इन्दौर नगर निगम क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पुनर्विकास के लिए एमओजी लाईन के चयनित क्षेत्र की कुल 16.413 हेक्टेयर भूमि नगरीय विकास एवं आवास विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने जेल विभाग में मुख्य प्रहरी के 905 पदों में से 180 पदों को प्रमुख मुख्य प्रहरी के पद वेतनमान रूपये 5200-20200+2800 ग्रेड-पे नवीन वेतनमान 28700-91300 में उन्नयन करने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग के सांख्यिकी अधिकारियों को वेतनमान रू. 2000-3500 के स्थान पर रू. 2200-4000 स्वीकृत करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 676 थानों में महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला फरियादियों के लिये पृथक कक्ष और प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था के लिये परियोजना लागत 49 करोड़ 10 लाख 84 हजार रूपये की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की।
सहकारी परियोजनाओं को 163 करोड़ की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के तहत वर्तमान में संचालित 14 एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं की शेष राशि और 3 नवीन प्रस्तावित परियोजनाओं दतिया, डिण्डौरी एवं दमोह के लिये एकीकृत सहकारी विकास परियोजना को कुल 163 करोड़ रूपये की व्यय सीमा में वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अन्तर्गत प्राथमिक साख सहकारी समितियों (पैक्स एवं लैम्पस) को प्रबंधकीय अनुदान योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 37 करोड़ 83 लाख की व्यय सीमा में निरंतर रखने की मंजूरी दी गई। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रति पैक्स 24 हजार रूपये प्रतिवर्ष और प्रति लैम्पस 48 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रबंधकीय अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। मंत्रि-परिषद ने भोपाल गैस दुर्घटना संबंधित दावा संचालनालय को वर्ष 2017-18 में संचालित करने तथा वर्ष 2018-19 से विभिन्न प्रकार के नवीनीकरण एवं सुदृढीकरण के लिये 2019-20 तक निरंतर संचालित करने की मंजूरी दी।
पुजारी कल्याण कोष गठित होगा
मंत्रि-परिषद ने पुजारियों के हित के लिए पुजारी कल्याण कोष का गठन करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधान अनुसार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के गठन, स्वरूप, कार्यालयीन अमले, वित्तीय अलिप्तियों के लिये जारी किये गये आदेशों का अनुसमर्थन किया। मंत्रि-परिषद ने संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्य-प्राणी प्रबंधन की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद से वर्ष 2019-20 तक तथा योजना का कुल आकार 265 करोड़ रूपये की सीमा तक मान्य करने की स्वीकृति दी। इसी प्रकार ईको पर्यटन विकास बोर्ड की अनुदान योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद आगामी तीन वर्षों तक कुल वित्तीय आकार 96 करोड़ 15 लाख रूपये की सीमा मान्य कर उसे निरंतर रखने की मंजूरी भी दी। मंत्रि-परिषद ने कौशल विकास संचालनालय के तहत नाबार्ड के लोन से आईटीआई भवन निर्माण योजना को वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया।
आयुष्मान भारत, मध्यप्रदेश निरामयम् योजना का हुआ शुभारंभ
पन्ना। रडार न्यूज देश के सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर 2018 से पूरे देश में लागू हो गयी है। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा इस महत्वकांक्षी योजना का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम जिला चिकित्सालय पन्ना परिसर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री महदेले द्वारा फीता काटकर जिला चिकित्सालय पन्ना में आयुष्मान भारत कियोस्क (हेल्पडेस्क) का उद्घाटन किया। जिसके बाद जिला चिकित्सालय की जीर्णोद्धार की गयी बर्न यूनिट का भी लोकार्पण किया तथा वहां की गयी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में रांची से प्रधानमंत्री द्वारा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का भी सीधा प्रसारण सभी उपस्थितों द्वारा देखा गया।
1400 बीमारियों के ईलाज की सुविधा
जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंत्री महदेले एवं अध्यक्ष खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा उन्होंने बताया कि लगभग 1400 विभिन्न रोग बीमारियों का ईलाज योजना के अन्तर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रियान्वयन इकाई आयुष्मान भारत योजना मनोज खत्री ने उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि योजना का लाभ मुख्य रूप से तीन तरह के परिवारों को मिलेगा- पहला सामाजिक आर्थिक जातीय सर्वेक्षण 2011 के चिन्हित परिवार, दूसरा मुख्यमंत्री संबल योजना के पंजीकृत परिवार एवं तीसरे मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत पात्रता पर्ची धारक परिवार। उन्होंने बताया कि यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है। जिसमें एक साल में बिना किसी प्रीमियम के 5 लाख तक का ईलाज शासन द्वारा निःशुल्क कराया जाएगा। इस योजना से मरीजों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलने के साथ-साथ अस्पताल को भी लाभ होगा। लगभग 70 प्रतिशत राशि रोगी कल्याण समिति को प्राप्त होगी, जिससे अस्पताल की अधोसंरचना का विकास होगा। इतना ही नही संबंधित चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टॉफ को भी आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के अन्तर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्रों को अपग्रेड कर हेल्थ अवेयरनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सक्षम बनाया जाएगा।
हितग्राहियों को वितरित किए गोल्डन ई-कार्ड
योजना के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को गोल्डन ई-कार्ड वितरित किए गए। मुख्य अतिथि मंत्री सुश्री महदेले सहित अन्य अतिथियों ने हितग्राही रमेश प्रजापति, मुजाहिद रजा, मुकेश कुशवाहा, दयाराम विश्वकर्मा एवं नत्थूलाल को मंच से टोकन स्वरूप गोल्डन ई-कार्ड प्रदाय किए गए। शेष हितग्राहियों को जिला अस्पताल द्वारा कार्ड वितरित किए जाएंगे।
लाभ लेने के लिए यह दस्तावेज आवश्यक
आयुष्मान भारत, मध्यप्रदेश निरामयम् योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए चयनित तीनों वर्ग के हितग्र्राहियों के पास आधार कार्ड, फोटोग्राफ, समग्र आईडी, राशन कार्ड एवं असंगठित श्रमिकों के पास संबल योजना का कार्ड होना आवश्यक है। जिला अस्पताल में एक आयुष्मान भारत कियोस्क (हेल्पडेस्क) स्थापित किया गया है। जिसमें वर्तमान में दो आयुष्मान मित्रों को नियुक्त किया गया है। मरीज को भर्ती के दौरान यह आयुष्मान मित्र उनका पूरा सहयोग करेंगे। मरीज को चिन्हित अस्पताल में जाकर अपना एनरोलमेंट कराना होगा। ई-रिकार्ड के सत्यापन तथा अनुमोदन के बाद हितग्राहियां को गोल्डन ई-कार्ड प्रदाय किया जाएगा।
चुनाव के ऐलान से पहले टिकिट पाने के लिए तेज हुई जोर आजमाइश
दिल्ली-भोपाल में शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर समझा रहे जीत के समीकरण
पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 की रणभेरी बजने से ठीक पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी राजनैतिक दलों से टिकिट की मांग कर रहे दावेदारों के बीच आखिरी समय में टिकिट को लेकर जोर आजमाइश ऐसी चल रही है कि शीर्ष नेता काफी सोच-विचार करने को मजबूर हो गए हैं। कई दिनों से दिल्ली और भोपाल में डेरा डाले टिकिट के दावेदार बायोडाटा के साथ अपनी-अपनी पार्टी के उन सभी नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे जिनकी टिकिट वितरण में अहम भूमिका मानी जा रही। साथ ही वे अपने राजनैतिक आकाओं की परिक्रमा कर उन्हें अपनी जीत के समीकरण समझाते हुए टिकिट के लिए उनका आशीर्वाद लेने में लगे हैं। बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की पन्ना विधानसभा सीट से कांग्रेस के दावेदारों की बात करें तो यहां स्थिति एक अनार और कई बीमार वाली है। अब तक यहां करीब दो दर्जन टिकिट के दावेदार उभर कर सामने आये हैं। कांग्रेस में पन्ना से विधायक की टिकट की दावेदारी को लेकर महिला और पुरुष दोनों ही दावेदार ताल ठोक रहे हैं। जातिगत आधार पर दावेदारों का वर्गीकरण कर देखें तो ठाकुर (क्षत्रिय) नेताओं में शिवजीत सिंह, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, केशव प्रताप सिंह, भास्कर देव बुंदेला, अजयवीर सिंह बमरी, उपेंद्र प्रताप सिंह, मार्तण्ड देव बुंदेला शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग से- बृजमोहन सिंह यादव, रामप्रसाद यादव बंदू , जगदीश यादव लौलास, मीना सिंह यादव मुख्य दावेदार हैं। ब्राह्मण नेताओं में श्रीकांत दुबे, शारदा पाठक, भरत मिलन पाण्डेय, अनुराधा शेंडगे, शशिकांत दीक्षित, रविंद्र शुक्ला, श्रीकांत दीक्षित, धीरज गुड्डू तिवारी, मुरारी लाल थापक, राकेश गर्ग के नाम चर्चा में हैं। जबकि वैश्य समाज से मनोज गुप्ता और आदिवासी नेताओं में जगदेव सिंह खज्जू राजा टिकिट के इकलौते दावेदार हैं।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले में पन्ना सहित कुल तीन विधानसभा सीटें हैं जिसमें गुनौर की सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। शेष दो सीटें पन्ना और पवई अनारक्षित हैं। प्रायः सभी राजनैतिक दल दोनों अनारक्षित सीटों पर चुनावी जीत के उद्देश्य से जातिगत समीकरणों को साधने के लिए अलग-अलग जाति-वर्ग के प्रत्याशी घोषित करते रहे हैं। इस तरह देखें तो पन्ना जिले की पवई सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक मुकेश नायक जोकि 2013 के विधानसभा चुनाव में दस हजार से अधिक मतों से विजयी हुए थे, उन्हें विरोध के बाबजूद पुनः टिकिट मिलना लगभग तय है। पवई से मुकेश नायक रिपीट होते हैं तो पन्ना विधानसभा से ब्राह्मण नेताओं की टिकिट की दावेदारी कमजोर होगी जिसका स्वाभविक लाभ अन्य वर्गों के दावेदारों को मिलेगा। शायद यही वजह है कि अन्य वर्गों के दावेदारों के नाम कहीं अधिक गंभीरता से लिए जा रहे हैं। पन्ना सीट से कांग्रेस की टिकिट के दावेदारों में सबसे मजबूत दावा किसका है, दावेदारों के प्लस और माइनस पॉइन्ट क्या हैं, इन्हें लेकर जनमानस की क्या राय है, इन्हीं सब बिंदुओं से लेकर जनचर्चाओं के आधार पर प्रस्तुत है खास रिपोर्ट-
केशव प्रताप सिंह- स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित नेता हैं और पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस पार्टी में काफी सक्रिय हैं। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सशक्त है। केशव प्रताप छंगेराजा परिवार के सदस्य हैं और पन्ना राजपरिवार के दामाद हैं। ये वर्तमान में पन्ना विधानसभा क्षेत्र से ही जिला पंचायत के सदस्य हैं। इनके दो भाई भी पन्ना सीट से टिकिट के दावेदार हैं साथ ही केशव प्रताप सिंह की पत्नी दिव्यारानी सिंह वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष है। पूर्व में इनकी पत्नी और चाचा को पवई सीट से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था तब दोनों को हार का सामना करना पड़ा था। आमलोगों के लिए इनकी सहज उपलब्धता थोड़ी मुश्किल रहती है। शिवजीत सिंह– बेदाग छवि और मिलनसार स्वाभाव के लोकप्रिय नेता हैं। कई दशक से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रहते हुए महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है। पूर्व में पन्ना कृषि उपज मंडी समिति सदस्य भी रहे हैं। ग्रामीण राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले शिवजीत सिंह की सबसे बड़ी खूबी लोगों के सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहना है। इसलिए समाज के सभी वर्गों में इनकी अच्छी-खासी पैठ होने के साथ-साथ पन्ना विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव लोगों से जीवंत संपर्क कायम है। क्षत्रिय दावेदारों के बीच शिवजीत सिंह जनाधार वाले नेता हैं। अन्य दावेदारों की तुलना में शिवजीत सिंह को टिकिट मिलने पर वे विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देने का माद्दा रखते हैं। लेकिन टिकिट की दौड़ में इनकी सबसे बड़ी कमजोरी प्रदेश स्तर पर किसी बड़े नेता की सरपरस्ती न होना है। इसलिए बहुत सी बातें पक्ष में होने के बाद भी इन्हें अब तक टिकिट नहीं मिल सकी। ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह- उच्च शिक्षित, विनम्र और शालीन स्वाभाव के सफल कारोबारी हैं। कांग्रेस पार्टी में कई वर्षों से सक्रिय रहते हुए अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अजयगढ़ विकासखंड में पैतृक ग्राम होने के साथ-साथ वहां व्यवसायिक गतिविधियों के फैलाव के चलते गांव-गांव लोगों से अच्छा मेलजोल है। श्री सिंह प्रतिष्ठित छंगेराजा परिवार के सदस्य हैं। पूर्व में इनके पिता को पवई सीट से कांग्रेस पार्टी ने चुनावी समर उतारा था जिसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। क्षत्रिय नेताओं के बीच टिकिट के प्रबल दावेदार माने जा रहे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के लिए समस्या की बात यह है कि इनके दो चचेरे भाई केशव प्रताप सिंह और उपेंद्र प्रताप सिंह भी पूरे दमखम से टिकिट मांग रहे हैं।
मनोज गुप्ता- सरल स्वभाव स्वच्छ छवि के उच्च शिक्षित मृदुभाषी नेता और सफल व्यवसाई है। मनोज का बहुआयामी व्यक्तित्व इनकी लोकप्रियता का आधार है। ये खिलाड़ियों और कलाकरों के लिए सबसे बड़े मददगार हैं, गरीब-दीन-दुखियों और जरूरतमंदों के लिए यथा संभव सहयोग करने वाले सहृदयी व्यक्ति हैं। पार्टी के कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थायें करने में सदैव तत्पर रहने और सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। ग्रामीण अंचल के लोग इन्हें गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य के रूप में जानते हैं, जोकि धार्मिक कर्मकांडों, कुरीतियों और अंधविश्वाश के प्रति जनजागरण के पुनीत कार्य में संलग्न है। श्री गुप्ता लंबे समय से पन्ना की प्रतिभाओं को कला के क्षेत्र में उभारने के लिए उन्हें निस्वार्थ भाव से हर संभव सहयोग दे रहे हैं। इसी तरह खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में भी इनका विशेष योगदान रहता है। समाजसेवा से जुड़े कार्यों से भी युवा नेता मनोज गुप्ता ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कांग्रेस नेता मनोज वर्ष 2006 में तब राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं में आये थे जब वार्ड पार्षद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में इन्होंने भाजपा की कद्दावर नेत्री एवं प्रदेश की मंत्री कुसुम महदेले के वार्ड से उनके ही विश्वस्त प्रत्याशी को बड़े अंतर से पराजित किया था। बहरहाल पन्ना विधानसभा सीट से टिकिट की मांग कर रहे मनोज वैश्य वर्ग से इकलौते दावेदार हैं। वैश्य समाज को आमतौर भाजपा का मजबूत वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में यदि मनोज को टिकिट मिलती है तो कांग्रेस इसमें सेंध लग सकती है। लेकिन टिकिट को लेकर इनकी सबसे बड़ी मुश्किल प्रदेश स्तर पर किसी बड़े नेता से जुड़ाव ना होना है।
बृजमोहन सिंह यादव- पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कांग्रेस में पिछड़े वर्ग से स्वच्छ छवि, सरल स्वाभाव के लोकप्रिय और ग्रामीण अंचल में जनाधार वाले नेता। लंबे समय से त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। स्वयं सरपंच और सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष है। श्री यादव की माता जी पूर्व में जिला पंचायत की सदस्य और जनपद पंचायत पन्ना की अध्यक्ष रहीं है। वहीं लंबे समय तक यादव महासभा का जिलाध्यक्ष रहने के फलस्वरूप बृजमोहन सिंह यादव की अपने समाज में भी अच्छी पकड़ है। प्रदेश स्तर पर कांग्रेस के किसी प्रभावशाली नेता से जुड़ाव न होना टिकिट के इनके मजबूत दावे को कमजोर करता है। रामप्रसाद यादव बंदू – सामंजस्य बनाकर चलने वाले लो-प्रोफाइल जमीनी नेता। पन्ना विधानसभा के वनक्षेत्र से सटे ग्रामों में प्रभाव रखते हैं। वर्तमान में इनकी पत्नी जिला पंचायत की सदस्य हैं। एक क्षेत्र विशेष तक सीमित होने के कारण लम्बे राजनैतिक कैरियर के बाबजूद लोगों के बीच उभरकर कभी सामने नहीं आये। मीना यादव- पिछड़े वर्ग की उच्च शिक्षित सक्रिय नेत्री। इस बार पुनः टिकिट की मांग उन्होंने की है। मालूम होकि वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने इन्हें उम्मीदवार बनाया लेकिन जब नतीजे आये तो पार्टी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा। वर्ष 2008 में पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे से तो मीना यादव को कुछ ज्यादा वोट मिले लेकिन फिर भी वे अपनी जमानत नहीं बचा सकी। इस चुनाव में बसपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।
श्रीकांत दुबे – पूर्व विधायक होने के साथ-साथ एक ईमानदार लो प्रोफाइल नेता की छवि। वर्ष 2008 में पन्ना सीट से विधायक निर्वाचित हुए श्री दुबे अपने कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य होने का दावा करते हैं। लोकप्रिय ब्राह्मण चेहरे के रूप कांग्रेस से टिकिट के प्रबल दावेदार हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी काफी सशक्त है। इनका कमजोर पक्ष वर्ष 2008 के चुनाव में सिर्फ 42 वोटों के अंतर से विजयी होना है। विधायक रहते हुए यूनिवर्सिटी की मांग पर पन्ना के पक्ष को मजबूती से सरकार के समक्ष नहीं रखा। पन्ना में कांग्रेस नेताओं का एक गुट भी इनके विरोध में बताया जाता है। शारदा पाठक- परिवार परामर्श केंद्र में लंबे समय तक कार्य करते हुए समाजसेविका के रूप में पहचान बनाने वाली उच्च शिक्षित नेत्री। अपने विनम्र स्वाभाव और सतत सक्रियता के फलस्वरूप पार्षद से पन्ना नगर पालिका अध्यक्ष तक का सफर तय कर चुकी हैं। अब विधायक बनने की तमन्ना है। इन्हें लेकर कतिपय लोगों की ऐसी धारणा है कि इनके निर्णय स्वतंत्र नहीं होते। नपा अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान पूरे समय ये चंद लोगों से घिरी रहीं जोकि पर्दे के पीछे से नगर विकास के निर्णयों को प्रभावित करते थे। भरत मिलन पाण्डेय- पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत अजयगढ़ के अध्यक्ष है। क्षेत्र में इनकी छवि एक संघर्षशील-जुझारू नेता की है। ये जितने लोकप्रिय है उतने ही विवादित भी हैं। पन्ना विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टिकोण से दो हिस्सों में बंटा है। घाटी के नीचे अजयगढ़ क्षेत्र में भरत मिलन जितने मजबूत है घाटी के ऊपर पन्ना में उतने ही कमजोर हैं।
पन्ना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक -60 एक नजर में
मतदान केंद्र – 290
कुल मतदाता – 224468
पुरुष मतदाता -120410
महिला मतदाता -104055
पन्ना विधानसभा चुनाव परिणाम 2013-
अभ्यर्थी का नाम
दल
प्राप्त मत
प्रतिशत
परिणाम
कुसुम सिंह महदेले
भाजपा
54778
37.64
विजयी
महेन्द्र पाल वर्मा
बसपा
25742
17.69
निकटतम प्रतिद्वंदी
मीना सिंह यादव
कांग्रेस
23439
16.10
जमानत जप्त
पन्ना विधानसभा चुनाव परिणाम 2008-
अभ्यर्थी का नाम
दल
प्राप्त मत
प्रतिशत
परिणाम
श्रीकांत दुबे
कांग्रेस
22583
21.10
विजयी
कुसुम सिंह महदेले
भाजपा
22541
21.6
निकटतम प्रतिद्वंदी
राजकुमार जैन
सपा
19800
18.30
पराजित
पन्ना विधानसभा क्षेत्र से अब तक निर्वाचित विधायक
• 1951-52 लाल मोहम्मद – कांग्रेस • 1957 देवेंद्र विजय सिंह – निर्दलीय • 1962 नरेंद्र सिंह – कांग्रेस • 1967 हेतराम दुबे – कांग्रेस • 1972 हेतराम दुबे – कांग्रेस • 1977 लोकेन्द्र सिंह – जनता पार्टी • 1980 हेतराम दुबे – कांग्रेस
• 1985 जयप्रकाश पटेल – भाजपा • 1990 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा • 1993 लोकेन्द्र सिंह – कांग्रेस • 1998 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा • 2003 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा • 2008 श्रीकांत दुबे – कांग्रेस • 2013 कुसुम सिंह महदेले – भाजपा
अमानगंज में शव विच्छेदन गृह के बाहर खड़े शोक संतृप्त परिजन एवं साथी श्रमिक।
विधुत लाइन बंद कराये बगैर हाईटेंशन लाइन के नीचे खड़े करा रहा था पोल
दुखद हादसे की सूचना मिलने के बाद भी मौके पर नहीं आया ठेकेदार
राजदीप गोस्वामी, अमानगंज (पन्ना)। रडार न्यूज पन्ना जिले के सुनवानी कस्बा में विधुत लाइन के पोल खड़े करते समय करंट लगने से एक गरीब आदिवासी श्रमिक की दर्दनाक मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। यह दुखद हादसा कथित रूप से विधुत ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग के द्वारा सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों को ताक पर रखते हुए मनमाने तरीके से हाईटेंशन लाइन के नीचे घोर लापरवाही पूर्वक कार्य कराने के कारण हुआ है। करंट लगने से श्रमिक दमन सिंह गौंड़ पिता खजान सिंह 23 वर्ष निवासी रामपुर मैनहा थाना सलेहा के असमय काल-कवलित की सूचना मिलने के बाद ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग न तो मौके पर आया और ना ही उसने मध्य पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के अधिकारियों को इस हादसे की जानकारी देना उचित समझा। शुक्रवार 21 सितम्बर 2018 की शाम करीब 4 बजे हुई इस घटना पर अमानगंज थाना पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम किया है। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव को मृतक के परिजनों को सौंप दिया।
जबरन ले जाते थे काम पर
मृत श्रमिक की पत्नी मनोज गौंड़।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेकेदार गया प्रसाद गर्ग ने विधुत लाइन सुदृढ़ीकरण का कार्य का ठेका लिया था। शुक्रवार को ठेकेदार के लोग दमन सिंह गौंड़ व कुछ अन्य श्रमिकों को सुनवानी के समीप काम पर ले गए। अजमेर सिंह पिता उमराव सिंह ने बताया कि ठेकेदार के ड्राइवर सुखलाल ने उन्हें बताया था कि लाइट के तार कटे हुए हैं इसलिए काम करने में कोई खतरा नहीं है। जिसके चलते वे सभी लोग निर्भीक तरीके से कार्य करने में जुटे थे। 11 हजार केव्ही की लाइन के नीचे दो खंभे लगाने के बाद तीसरा खंभा खड़ा करते समय अचानक उसमें करंट उतर आया जिसकी चपेट में आने से दमन सिंह गौंड़ पिता खजान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलने के बाद से मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी मनोज गौंड़ ने ठेकेदार पर जबरन जोखिम भरे तरीके से कार्य करवाने का गंभीर आरोप मीडिया कर्मियों से चर्चा में लगाया है। मनोज गौंड़ के अनुसार उसके पति को ठेकेदार के कर्मचारी जबरन घर से काम पर ले जाते थे। शुक्रवार को जहां काम कराया जा रहा था ठेकेदार ने नियानुसार वहां की विधुत सप्लाई बंद नहीं कराई थी। फिर उसके पति व अन्य श्रमिकों से यह बात छिपाते हुए विधुत प्रवाह बंद होने की झूठी जानकारी दी गई, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।
इनका कहना है-
“श्रमिक की मौत की सूचना मुझे वितरण केंद्र सिमरिया के जेई रवि सोनी ने दी थी, उन्होंने बताया था कि हादसा गया प्रसाद की साइट पर हुआ है। विधुत लाइन सुदृढ़ीकरण का कार्य सुरक्षात्मक तरीके से कराने के लिए ठेकेदार के द्वारा नियमानुसार विधुत लाइन बंद कराने की सूचना नहीं दी गई थी। इस मामले प्रथम दृष्टया ठेकेदार की घोर लापरवाही परिलक्षित होती है। संबंधित जेई और एई से इस हादसे की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
ओपी सोनी, कार्यपालन अभियंता पूर्व क्षेत्र विधुत कंपनी पन्ना।