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चुनावी कलह | भाजपा जिलाध्यक्ष और नेत्री के खिलाफ पुलिस थाना में की रिपोर्ट

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सांकेतिक फोटो।

महिला नेत्री पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप

भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष का ऐलान न्याय न मिलने छोड़ दूंगा पार्टी

पन्ना। रडार न्यूज    भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना सतानंद गौतम एक बार विवादों के घेरे में है। इस बार उन पर और आरक्षित गुनौर विधानसभा सीट से टिकिट की दावेदार नेत्री अमिता बागरी व उनके पति अमित जैन पर भाजपा के ही एक नेता ने अभद्र व्यवहार करने तथा चुनाव में सपोर्ट न करने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने के संगीन आरोप लगाये हैं। इस मामले की लिखित रिपोर्ट भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय पुलिस थाना अमानगंज में दी है। इस घटनाक्रम को चुनावी समय में भाजपा के खेमे में बढ़ती कलह के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया की सुर्ख़ियों में आने के बाद से यह मामला आम जनमानस के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय की शिकायत के अनुसार 13 अक्टूबर 2018 को दोपहर के समय अमिता बागरी निवासी देवेंद्रनगर ने फोन पर उसे धमकी देते कहा कि- “चुनाव में मेरा सपोर्ट नहीं करोगे तो मैं तुम्हें एससी-एसटी एक्ट में झूठा फंसा दूंगी।” ग्राम कमताना निवासी भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्री पांडेय का आरोप है भाजपा नेत्री अमिता बागरी के पति अमित जैन आदतन अपराधी हैं और हाल ही में उसका जिलाबदर भी हुआ है। अमित जैन द्वारा भी 2 अक्टूबर को उसे फोन पर चुनाव में पत्नी का सपोर्ट न करने पर एससी-एसटी एक्ट में झूठा फंसाने की धमकी दी गई।

सपोर्ट न किया तो कर दूंगा निष्कासित

कृष्ण कुमार की मानें तो अमित जैन ने उसे धमकाते हुए कहा था कि तुम मुझे जानते नहीं हो, मेरे खिलाफ इतने आपराधिक प्रकरण दर्ज है इसके बाद भी मेरा कुछ नहीं हुआ क्योंकि मेरे साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम हैं। मालूम होकि कृष्ण कुमार पाण्डेय अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सागर संभाग के अध्यक्ष भी हैं। फोन पर अमित जैन ने इन्हें ब्राह्मण समाज का प्रचार-प्रसार, बैठकें आयोजित करने पर देख लेने की धमकी देते हुए कहा कि एक बार एससी-एसटी एक्ट लग जायेगा तो इसका विरोध करना भूल जाओगे, जेल जाने के बाद जमानत तक नहीं होगी। इसी मामले पर को लेकर 13 अक्टूबर 2018 की शाम 6 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम ने भी कथित रूप से कृष्ण कुमार पाण्डेय को फोन कर चुनाव में अमिता बागरी को सपोर्ट करने के लिए दबाब बनाते हुए अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही चुनाव में सपोर्ट न करने और एससी-एसटी एक्ट का विरोध बंद न करने पर उसे पार्टी से निष्कासित करने की बात कही गई। इन धमकियों से व्यथित भाजपा नेता ने गत दिवस अमानगंज में प्रेसवार्ता कर उन्हें धमकी देने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने तथा न्याय न मिलने की स्थिति में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। परिणामसवरुप इस विवाद को लेकर भाजपा के अंदरखाने हड़कंप मचा है।

डीएसओ ने भी लगाये थे गंभीर आरोप

प्रेससवार्ता के दौरान संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय।

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम के खिलाफ महज एक माह में पुलिस थाना में दूसरी बार शिकायत हुई है। इसके पूर्व उन्होंने अपनी पार्टी की ही एक महिला नेत्री के सेल्समैन पति से उचित मूल्य दुकान का प्रभार छीने जाने पर नाराज होकर जिला आपूर्ति अधिकारी भूपेंद्र सिंह परिहार के साथ उनके ही कार्यालय कथित रूप से अभद्रता, गालीं-गलौंज और धमकी देते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई थी। पन्ना के कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस घटना पर आपूर्ति अधिकारी ने भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद और उनके साथ आये लोगों के विरुद्ध कोतवाली थाना पन्ना में लिखित शिकायत की थी। इस पर श्री गौतम अपने बचाव में भूपेंद्र सिंह परिहार की विवादित अधिकारी की छवि और उनके मानसिक रूप से बीमार होने की दलील देते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। बहरहाल इस बार जिस तरह भाजपा के ही वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय ने सतानंद पर महिला नेत्री अमिता बागरी को सपोर्ट करने के लिए दबाब बनाने और धमकी देने सरीके गंभीर आरोप लगाये उससे इनकी कार्यशैली और व्यवहार पर जहां प्रश्न चिन्ह लगा है वहीं इस प्रकरण से चुनावी समय में भारतीय जनता पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है। सुर्खियों में बने इस विवाद की पृष्ठभूमि में कई तरह की बातें पार्टी पदाधिकारियों और आमजन के बीच चर्चाओं में है जिन पर विपक्षी दलों के नेता जमकर चटखारे ले रहे हैं। वहीं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम की चुप्पी से भी नकारात्मक चर्चाओं-अफवाहों को बल मिल रहा है। विदित होकि सतानंद पन्ना सीट से स्वयं भाजपा से टिकिट के प्रबल दावेदार हैं लेकिन जिस तरह इनका नाम लगातार विवादों में आ रहा है उसे देखते हुए इनकी दावेदारी कमजोर पड़ने के साथ-साथ भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी भी खतरे में पड़ने की आशंका दबी जुबान पार्टी नेता जता रहे हैं।

इनका कहना हैं-

कृष्ण कुमार पाण्डेय के आरोप पूर्णतः असत्य और निराधार हैं, वे मेरे विरुद्ध पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे थे, मेरे समर्थन में जो लोग पोस्ट करते थे उस पर वे नकारात्मक और जातिसूचक टिप्पणी करते थे। मैंने और मेरे पति ने विनम्रता के साथ उनसे दुष्प्रचार न करने का निवेदन किया था। हम लोगों ने उन्हें किसी तरह की कोई धमकी नहीं दी, चूँकि मैं गुनौर सीट से टिकिट की प्रबल दावेदार हूं इसलिए मेरी छवि धूमिल करने के लिए षड़यंत्र किया जा रहा है।

अमिता बागरी, जिला मंत्री भाजपा महिला मोर्चा।

यह मामला पार्टी में शीर्ष स्तर के नेताओं के संज्ञान में है, इसलिए में कोई मैं अपनी तरफ से कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

सतानंद गौतम, जिलाध्यक्ष भाजपा पन्ना।

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार पाण्डेय बयान देने के लिए नहीं आ रहे हैं, उनके आरोपों की जांच हेतु साइबर सेल की सहायता ली जाएगी चूंकि धमकी मोबाइल फोन पर देना बताया है। साइबर सेल से पता चल जायेगा किसने कब किससे बात की है। मैं इस मामले में किसी दबाब में नहीं हूं, यह तो पुलिस का रोज का काम है।

वीरेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी अमानगंज।

अजब-गजब | स्वास्थय केंद्र भवन को बनाया राशन दुकान, पंचायत सचिव चला रहा अवैध क्लीनिक

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करीब पांच वर्ष से अधूरा पड़ा गहदरा ग्राम का उप स्वास्थय केंद्र भवन।

पन्ना जिले में जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण चरम पर है अराजकता

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज      मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल का अति पिछड़ा पन्ना जिला लंबे समय से भ्रष्ट  अफसरों और नाकारा जनप्रतिनिधयों का चारागाह बना है। यहां व्याप्त अंधेरगर्दी चरम पर है, उत्तरदायित्व के आभाव मैदानी अमला खुलकर मनमानी कर रहा है जिसका दुष्परिणाम यह है कि शासन की महत्वकांक्षी योजनायें दम तोड़ रही है और हालात में बदलाव लाकर न्यू इंडिया बनाने की उम्मीद बेमानी साबित हो रही है। जिले में सबसे ज्यादा अराजकतापूर्ण स्थिति स्वास्थय विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में निर्मित है। जनपद पंचायत पन्ना के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत गहदरा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है। यहां करीब 2-3 वर्ष पूर्व निर्मित उप स्वास्थय केंद्र भवन को पंचायत के नुमाइंदों ने शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में तब्दील कर दिया है।

उप स्वास्थय केंद्र भवन के अंदर खुली रखी गांव के दबंगों की उड़द की दाल।

बीआरजीएफ योजना के तहत वर्ष 2013-14 में स्वीकृत 8 लाख रुपये की लागत वाले स्वास्थय केंद्र भवन में पिछले कई महीनों से राशन की दुकान धड़ल्ले से संचालित हो रही है। इतना ही नहीं इस भवन में सरकारी राशन सामग्री के अलावा गांव के दबंगों का अनाज व चारा आदि भंडारित है। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि गहदरा का उप स्वास्थय केंद्र वर्षों से किराये के एक तंग कमरे में संचालित है जबकि उसके लिए बने भवन को निर्माण एजेंसी ने मनमाने तरीके से राशन दुकान व अनाज गोदाम में तब्दील कर दिया है। इस भवन को ग्राम पंचायत द्वारा अब तक स्वास्थय विभाग को हस्तांतरित ना करना भी समझ से परे है । उधर स्वास्थय विभाग के अधिकारी इसे लेकर बेपरवाह है।

शौंचालय निर्माण के लिए नहीं मिला राजमिस्त्री

बोरियों में कथित रूप से भरा रखा उचित मूल्य दुकान का अनाज।

कुछ दिन पूर्व मीडियाकर्मियों की टीम द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी का कर्तव्य बोध जाग गया। उन्होंने अपनी उदासीनता को छिपाने के लिए आनन-फानन में उप स्वास्थय केंद्र भवन हस्तांतरित करने के लिए सरपंच ग्राम पंचायत गहदरा को पत्र लिख दिया। इस पत्र की प्रतिलिपि वरिष्ठ अधिकारियों प्रेषित की गई ताकि बात ऊपर तक पहुंचने की स्थिति में जबाब देना आसान हो सके। मजेदार बात यह कि ग्राम पंचायत गहदरा के सचिव से पुष्पेंद्र सिंह से जब पांच साल बाद भी उक्त भवन हैंडओवर न करने का कारण पूंछा गया तो उन्होंने बताया कि शौंचालय का निर्माण न होने कि वजह भवन अधूरा है। उन्हें अब तक कोई राजमिस्त्री नहीं मिला इसलिए शौंचालय का निर्माण नहीं हो सका। पंचायत सचिव का यह जबाब असंतोषजनक होने के साथ-साथ इस बात संकेत भी है कि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में जबाबदेही के आभाव में वे अपनी अकर्मण्यता पर पर्दा डालने के लिए निर्लज्जता के साथ सफेद झूठ बोल रहे हैं। पंचायत सचिव से जब पूंछा गया कि स्वास्थय केंद्र भवन बनाने वाले राजमिस्त्री को क्या शौंचालय बनाना नहीं आता था? जबकि पंचायतों पिछले साढ़े चार सालों सिर्फ शौंचालय ही बन रहे हैं। इससे निरुत्तर पंचायत सचिव मोबाइल पर चर्चा के दौरान हंसते हुए बोले वहां से सप्ताह भर में शौंचालय का निर्माण कराकर स्वास्थय केंद्र भवन को हैंडओवर कर दिया जायेगा। उनके अनुसार स्वास्थय केंद्र भवन में राशन दुकान सरपंच ने खुलवाई थी जिसे वहां से तत्काल हटाया जा रहा है।

अवैध क्लीनिक से चलाता है ग्राम पंचायत

कुंवरपुर के पंचायत सचिव हरचरण पटेल का भापतपुर ग्राम में स्थित अवैध मेडीकल स्टोर।

पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ की ग्राम पंचायत कुंवरपुर के पंचायत सचिव हरचरण पटेल का मामला हमारी व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर करता है। यहां थोड़ी सी चढ़ोत्री चढ़ाकर किस तरह आसानी से अवैध कार्य करने की छूट मिल जाती है। जिससे हरचरण पटेल सरीके के लोग इस भ्रष्ट व्यवस्था का लाभ उठाते हुए न सिर्फ खुलेआम तमाम नियम-कानूनों की घज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि इंसानी जान के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर अपराध भी कर रहे हैं। ये महाशय ग्राम भापतपुर में लंबे समय से बिना किसी वैध लाइसेंस और फार्मेसी की डिग्री के मेडीकल स्टोर सह क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। दवायें बेंचने के अलावा हरचरण पटेल अपने अनुभव से सर्दी-जुकाम, बुखार और दर्द आदि का इलाज कर देते हैं।

पंचायत सचिव हरचरण पटेल

पंचायत सचिव से झोलाछाप डॉक्टर बने हरचरण पटेल अपनी पंचायत के काम दवा दुकान से ही निपटाते है। कभी-कभार कोई विशेष कार्य पड़ने पर ही इनका कुंवरपुर आना होता है इसलिए सचिव से संबंधित कार्यों के लिए कुंवरपुर के लोगों को ग्राम भापतपुर तक भटकना पड़ता है। गत दिवस मीडियाकर्मियों की टीम ने भापतपुर पहुंचकर पंचायत सचिव हरचरण पटेल से जब उनकी दवा दुकान सह क्लीनिक के वैध पंजीयन तथा डिग्री के संबंध में पूंछा तो वे मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे पता चलता है कि हरचरण पटेल के पास दवा दुकान का लाइसेंस भले ही न हो लेकिन पंचायत सचिव रहते हुए उनके इस गैरकानूनी कार्य पर स्वास्थय विभाग पन्ना के सीएमएचओ, अजयगढ़ बीएमओ, ड्रग इंस्पेक्टर, अजयगढ़ के जनपद पंचायत सीईओ और जिला पंचायत सीईओ को शायद किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए सबकुछ बड़े मजे से चल रहा है।

इनका कहना है-

स्वास्थय केंद्र की बिल्डिंग 2-3 वर्ष पूर्व ही बन गई थी लेकिन अभी तक विभाग को हैंडओवर नहीं हुई जिससे उप उप स्वास्थ्य केंद्र किराये के कमरे में संचालित करना पड़ रहा है। यहां की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारी भलीभांति अवगत है।

-विद्यावती लखेरा, एएनएम गहदरा।

उप स्वास्थय केंद्र भवन 2-3 वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो गया था यह किस कारण से अब तक हैंडओवर नहीं हुआ सरपंच-सचिव से बात करने पर ही पता चलेगा। जीआरएस से मेरी बात हुई थी उसने कुछ कार्य शेष होने की जानकारी दी थी। समय पर भवन का कार्य पूर्ण ना होना और उसका हस्तांतरण न होने के लिए कौन जबाबदेह, इस संबंध में क्या कह सकता हूं।

-मुकेश शिवहरे, उपयंत्री जपं पन्ना।

सरपंच ने सेल्समैन को व्यवहारिकता में भवन की चाबी दे दी थी, भवन का कार्य अधूरा है इसलिए हैंडओवर नहीं किया। इंजीनियर और पंचायत सचिव से मेरी बात हुई है भवन को खाली कराया जा रहा है। इसे शीघ्र ही पूर्ण कराकर हैंडओवर करने की बात कही है।

-डॉ. एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।

आपके माध्यम से यह हैरान करने वाली जानकारी मिली है कि कुंवरपुर पंचायत सचिव अपने मुख्यालय में न रहकर भापतपुर ग्राम में अवैध रूप से दवा दुकान चला रहा है। इसकी जांच कराकर नियमनुसार कार्रवाई की जायेगी।

-गिरीश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत पन्ना।

गैंगरेप पीड़ित छात्रा बनी मां, बच्चे को दिया जन्म

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जिला चिकित्सालय पन्ना में बिस्तर पर लेटी छात्रा उसका नवजात शिशु और समीप बैठी मां।

रिश्ते के मामा ने नाबालिग को बनाया था हवस का शिकार

छात्रा और उसके परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ की कठोर कार्रवाई की मांग

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में गैंगरेप पीड़ित एक 15 वर्षीय छात्रा ने बुधवार 10 अक्टूबर को जिला चिकित्सालय पन्ना में एक बच्चे जन्म दिया है। बिन ब्याही मां बनी नाबालिग किशोरी को करीब 9 माह पूर्व दो स्वजातीय युवकों ने अपनी हवस का शिकार बनाया था। दोनों ही आरोपी रिश्ते में छात्रा के मामा लगते हैं। पन्ना जिले के सिमरिया थाना के ग्राम मोहन्द्रा रहने वाली छात्रा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि रात्रि में घटना दिनांक को रात्रि करीब 8:30 बजे खिरका टोला में शौंचकर वह मोहल्ले की ही एक महिला के साथ वापिस घर लौट रही थी तभी रास्ते जग्गी रैकवार पुत्र स्वर्गीय पहाड़ी रैकवार 32 वर्ष और मुड़ी रैकवार पुत्र नंदी रैकवार 35 वर्ष दोनों निवासी मोहन्द्रा ने उसे जबरन पकड़ लिया। यह देख उसके साथ वाली महिला डरकर भाग गई। मौका पाकर दोनों कामांध दरिंदों ने मामा-भांजी के पवित्र और विश्वास भरे रिश्ते को तारतार करते हुए नाबालिग को बारी-बारी अपनी हवस का शिकार बनाया। बाद में इस घटना के संबंध में किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी देकर दोनों वहशी मौके से भाग गए। किसी तरह डरी-सहमी घर पहुंची किशोरी ने रात में ही अपनी मां को घटना की जानकारी दी। अगले दिन गैंगरेप पीड़ित छात्रा माता-पिता के साथ मोहन्द्रा पुलिस चौकी पहुंची जहां घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी जग्गी रैकवार व मुड़ी रैकवार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर दोनों को तत्परता से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पवई न्यालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल गया।

पीड़िता की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू

पिछले 20 साल से मोहन्द्रा स्थित अपनी ससुराल में रह रहे छात्रा के पिता ने बताया कि वह गांव में स्थित एक होटल में काम करता है। जबकि उसकी पत्नी मजदूरी करती है। बेटी के साथ बुरा काम करने वाले आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी के ही चचेरे भाई हैं। पिता का कहना है सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई बेटी के गर्भ ठहरने का पता काफी देर से चला। बुधवार 10 अक्टूबर को बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे मोहन्द्रा ले गए जहां से पवई के लिए रेफरल कर दिया। इसके बाद पवई सामुदायिक स्वास्थय केंद्र से भी बेटी को जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफरल किया गया। पन्ना में बुधवार शाम करीब 4 बजे नाबालिग छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ बताये जा रहे हैं। हालाकिं बिन ब्याही मां बनी किशोरी अपनी संतान, खुद के भविष्य तथा गरीब माता-पिता की समाज में बदनामी को लेकर गहरी चिंता में डूबी है। उसकी उदासी-लाचारी साफ़ बयां कर रही कि इस समय उस पर क्या गुजर रही है। छात्रा कि आंखों से गिरते आंसू इस बात का प्रमाण है कि इतने महीने बाद भी वह उस भयानक हादसे से उभर नहीं पाई है, जिसने उसकी हंसती-खेलती जिंदगी को गम और दुखों से भर दिया।

दबाब डालकर स्टाम्प में लगवाये अंगूठा

सांकेतिक फोटो

पीड़िता के पिता ने गुरुवार 11 अक्टूबर 2018 को पन्ना में मीडियाकर्मियों से चर्चा में पवई के एक अधिवक्ता पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करीब 3-4 माह पूर्व पवई से मोहन्द्रा आये वकील साहब ने उसके परिवार को मंजू रैकवार के घर बुलाया जहां दरवाजे बंदकर राजीनामा करने का दबाब डालते हुए स्टाम्प पर उसके और पत्नी व सगे साले घसोटी का अंगूठा लगवा लिया। उस समय कमरे के अंदर पवन रैकवार, लल्लू चौरसिया आदि लोग मौजूद थे। वकील ने कथित तौर पर उनसे कहा कि राजीनामा करने के बाद आरोपी उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी नहीं देंगे। बेटी का विवाह कराने का भरोसा दिलाते हुए उसके साले घसोटी को एक लाख रुपये भी दिए गए। छात्रा के अनपढ़ माता-पिता का कहना है कि जिस स्टाम्प पर जबरन उनके अंगूठा निशानी लगवाए गए उसमें क्या लिखा था उन्हें मालूम नहीं है। उक्त वकील ने धौंस देकर दुष्कर्म पीड़िता के हस्ताक्षर स्टाम्प में कराने की कोशिश की थी लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुई। कुछ दिन बाद लल्लू चौरसिया एक लाख रुपये भी घसोटी रैकवार से वापस ले गया। इस घटनाक्रम के बाद गैंगरेप के दोनों आरोपी जमानत पर छूट गए। अपनी बेटी का भविष्य बर्बाद करने और उसे कभी न भूलने वाला जख्म देने वाले आरोपियों तथा राजीनामा का दबाब डालकर उन्हें बचाने वालों के खिलाफ पिता ने कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली पीड़िता ने भी उसके साथ हैवानियत करने वाले दरिंदों व उनके मददगारों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

दुखद हादसा | ट्रेक्टर-ट्राली पलटने से दो की मौत, एक घायल

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हड़ा घाटी के नीचे पड़ा क्षतिग्रस्त ट्रेक्टर-ट्राली।

पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम हड़ा के समीप हुआ हादसा

घाटी उतरते समय अनियंत्रित होकर पलटी ट्रेक्टर-ट्राली, आरोपी चालक फरार

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज  पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार 11 अक्टूबर 2018 को दोपहर करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार ट्रेक्टर-ट्राली चालक की घोर लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलटने से उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक वृद्ध बहादुर सिंह पिता हीरा सिंह 70 वर्ष निवासी ग्राम कुटरहिया गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल वृद्ध की नाजुक हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद पवई से कटनी के लिए रेफरल किया गया है। हादसा पवई से करीब 10 किलोमीटर दूर पवई-मोहन्द्रा मार्ग पर उस समय हुआ जब ट्रेक्टर-ट्राली हड़ा की घाटी उतर रहा था। बिना नंबर के इस महिन्द्रा ट्रेक्टर का चालक कथित तौर पर अत्यंत ही तेज गति से लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था, जिससे ट्रेक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।


घटनास्थल पर शव के पास बैठे विलाप करते मृतिका के परिचित।

इस दर्दनाक हादसे के समय ट्रेक्टर-ट्राली में सवार सविता रानी पति इमरत सिंह आदिवासी 30 वर्ष निवासी कुटरहिया एवं तोड़न सिंह यादव पिता शंकर यादव 65 वर्ष निवासी ग्राम रमपुरा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद से आरोपी ट्रेक्टर-ट्राली चालक फरार है। घाट में काफी ऊंचाई से ट्रेक्टर-ट्राली के नीचे गिरने के कारण ट्रेक्टर के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। पता चला है कि दोनों मृतक और घायल साप्ताहिक बाजार करने के लिए पवई आ रहे थे। इस हादसे की सूचना मिलने पर 100 डायल पुलिस वाहन द्वारा मृतकों और घायल वृद्ध को पवई के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने सविता रानी और तोड़न सिंह यादव का परिक्षण करने के पश्चात दोनों को मृत घोषित कर दिया। जबकि जिंदगी और मौत से जूझ रहे गंभीर घायल वृद्ध बहादुर सिंह निवासी ग्राम कुटरहिया को प्राथमिक उपचार के बाद आनन-फानन में कटनी के लिए रेफरल कर दिया। समाचार लिखे जाने तक घायल और मृतकों के परिजन पवई नहीं पहुंचे थे। उधर पुलिस दवार सड़क हादसे पर मर्ग कायम करने की कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

सड़क हादसा | तेज रफ्तार कार की ठोकर से बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत 

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बाइक सवार को ठोकर मारने बाद सड़क किनारे नाले के समीप पड़ी सेंट्रो कार।

पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप हुआ हादसा 

 चार माह पूर्व हुआ था अरविंद का विवाह, घर और ससुराल में मातम का माहौल 

पन्ना। रडार न्यूज   एक बाइक सवार युवक को सामने से आ रही तेज रफ्तार सेंट्रो कार के चालक ने अत्यंत ही लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सीधी ठोकर मार दी। इस हादसे में अत्यंत ही गंभीर रूप से जख्मी बाइक सवार अरविंद सिंह यादव की इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय में दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा बुधवार 10 अक्टूबर 2018 को दोपहर लगभग 3:30  बजे पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप हुआ। हादसे के समय अरविंद  सिंह यादव पुत्र हल्के यादव 27 वर्ष निवासी ग्राम मुटवाकलां अपनी ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में साली को छोड़कर वापिस गांव जा रहा था। जवान बेटे की सड़क हादसे में मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से अरविंद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर पैतृक ग्राम मुटवाकलां और उसकी ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में मातम का माहौल निर्मित है। मालूम हो कि अरविंद का विवाह इसी वर्ष जून माह में हुआ था।

पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना में जिला चिकित्सालय के शव विच्छेदन गृह के बाहर बैठे शोक संतृप्त परिजन।

प्राप्त जानकारी  अनुसार अरविंद सिंह यादव अपनी साली को ससुराल ग्राम कृष्णा-कल्याणपुर में छोड़ने के बाद प्लेटिना मोटर साइकिल से वापिस घर जा रहा था कि तभी रास्ते में लक्ष्मीपुर ग्राम के नाला के समीप विपरीत दिशा से अत्यंत ही तेज गति से आई सेंट्रो कार क्रमांक-MP- 35-CA- 0367 के चालक ने घोर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सीधी ठोकर मार दी। कार की ठोकर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार अरविंद उचटकर दूर जा गिरा। अरविंद की लहूलुहान हालत देख अज्ञात आरोपी चालक दुर्घटनाग्रस्त कार और घायल को तड़पता हुआ छोड़ मौके से फरार हो गया। राहगीरों-ग्रामीणों और पुलिस की मदद से अरविंद सिंह यादव को मरणासन्न स्थिति में इलाज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना लाकर भर्ती कराया गया। कार की ठोकर लगने से उसके सीने, माथे और हाथ में आई बेहद गंभीर चोटें आई थीं। सड़क हादसे की दुखद सूचना मिलने पर बेसुध हालत में परिजन और ससुराल पक्ष के लोग भी पन्ना जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जिला चिकित्सालय में  जिंदगी और मौत से जूझते अरविंद को समुचित इलाज हेतु मेडीकल कॉलेज रीवा ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि महज एक घंटे के अंदर ही उसका दुखांत हो गया। इस हादसे पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने फ़िलहाल मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।

 कटनी-कानपुर हाईवे पर दो ट्रकों के बीच सीधी भिड़ंत | बुरी तरह फंसे ड्राइवरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला  

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तेज रफ्तार में आमने-सामने हुई ट्रकों की भीषण भिड़ंत का भयावह दृश्य।

पवई के समीप मुराछ ग्राम में हुआ हादसा, दो घंटे तक लगा रहा जाम 

अजित बढ़ौलिया, पवई। रडार न्यूज     पन्ना जिले में कटनी-कानपुर हाईवे पर पवई से करीब 6 किलोमीटर दूर मुराछ ग्राम के समीप मंगलवार 9 अक्टूबर की सुबह दो ट्रकों के बीच सीधी भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में सामने से दोनों ट्रकों के परख्च्चे उड़ गए। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए ट्रकों में फंसे उनके घायल चालकों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर  करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद लहूलुहान हालत में सुरक्षित निकाला गया। दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए पवई सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें कटनी के लिए रेफरल कर दिया गया। ईश्वर का यह चमत्कार ही है कि ट्रकों के चकनाचूर होने के बाद भी उनमें फंसे जिंदगी और मौत से जूझते दोनों चालकों की जान बाल-बाल बच गई। ट्रक ड्राइवरों के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते पवई-कटनी मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। जिससे मार्ग के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहनों के पहिए थमने से प्रभावित लोगों थोड़ा परेशान होना पड़ा।  प्राप्त जानकारी अनुसार प्रातः लगभग 8ः30 बजे ट्रक क्रमांक एचआर 67 बी- 5082 जो पन्ना से कटनी की और जा रहा था एवं ट्रक क्रमांक डब्लूबी 37 सी- 2483 जो कटनी से पन्ना की और बेहद तेज रफ्तार से जा रहा था रास्ते में ग्राम मुराछ के समीप दोनों की आमने-सामने भिण्डत हो गई।

ग्रामीणों ने तत्परता से शुरू किया बचाव कार्य 

ट्रक से घायल ड्राइवर को बाहर निकालते मुराछ के ग्रामीणजन।

सुबह-सुबह हुए इस भीषण दुर्घटना की भनक लगते ही मुराछ के लोग मौके पर पहुंचे और  बिना किसी देरी के उनमें फंसे चींखते-चिल्लाते मदद की गुहार लगाते दोनों ड्राइवरों को बचाने में जुट गए। उधर इस हादसे की खबर मिलने पर पवई एसडीओपी बीएस परिहार, थाना प्रभारी पवई दलबल के साथ कुछ देर बाद पहुंच गए और व्यवस्थित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जेसीबी मशीन की मदद से ट्रकों के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंसे चालक आजाद खान 45 वर्ष निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश व कोदो पाल 50 वर्ष निवासी सतना को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन दोनों को तुरंत  इलाज हेतु पवई ले जाया गया। तब कहीं जाकर पवई-पन्ना मार्ग पर वाहनों का आवागमन बहाल हो सका। क्षतिग्रस्त ट्रकों में फंसे जिंदगी और मौत से जूझते चालकों की जान बचाने में पुलिस के साथ-साथ मुराछ के ग्रामीणों की सराहनीय भूमिका रही। सामने से टकराये दोनों ट्रकों की हालत देखकर लोग चालकों के जिंदा बचने को चमत्कार बता रहे हैं।

57 साल बाद मिला दूसरा सबसे बड़ा बेशकीमती हीरा | रंक से राजा बना मजदूर मोतीलाल

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बहुमूल्य हीरा को दिखाता मजदूर मोतीलाल प्रजापति और समीप खड़े उसके भाई।

42 कैरेट 59 सेंट है उथली खदान में मिले हीरे का वजन

 उज्जवल किस्म के इस नायाब हीरे की कीमत करोड़ों में होने की है चर्चाएं 

वर्ष 1961 में पन्ना के रसूल मोहम्मद को मिला था 44 कैरेट का सबसे बड़ा हीरा

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  रत्नगर्भा वसुंधरा पन्ना में लोगों की किस्मत चमकते देर नहीं लगती। यहां किस्मत जब किसी पर मेहरबान होती है तो वह एक झटके में ही रंक से राजा बन जाता है। पेशे से मजदूर मोतीलाल प्रजापति इसका जीता-जागता उदाहरण बन गए हैं। उसे मंगलवार 9 अक्टूबर 2018 की सुबह 42 कैरेट 59 सेंट का बेशकीमती नायाब हीरा मिला है। उज्जवल किस्म के इस हीरे की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जिला मुख्यालय पन्ना के समीप ग्राम कृष्णा कल्याणपुर में पट्टा लेकर हीरे की उथली खदान खोद रहे मोतीलाल ने आज सुबह जब खदान से निकली कंकड़ युक्त चाल (ग्रेवल) को टोकरी में धोकर सुखाने के लिए जमीन पर पलटा तो अचानक तेज चमकदार पत्थर की रोशनी से उनकी आंखें चौंधिया गई।

मजदूर मोतीलाल प्रजापति को मिले नायाब हीरे को देखते डीके साहू ।

मोतीलाल और उसके भाई रघुवीर प्रजापति ने जब उस पत्थर को हांथ में लेकर गौर से देखा तो उनकी आंखों से ख़ुशी से आंसू छलक ऊठे। वह कोई साधारण पत्थर नहीं बल्कि बेशकीमती नायाब हीरा था। हाथ में हीरे को पकड़े दोनों भाईयों को कुछ देर तक तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनकी किस्मत चमक उठी है। बहुमूल्य हीरा लेकर दोपहर में दोनों भाई जब पन्ना स्थित देश के एकमात्र हीरा कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि 57 साल बाद दूसरा सबसे बड़ा जैम क्वॉलिटी का नायाब हीरा उन्हें मिला है। यह जानकर उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। हीरा कार्यालय पन्ना के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व 15 अक्टूबर 1961 में पन्ना के ही रसूल मोहम्मद को महुआटोला की उथली खदान में 44 कैरेट 55 सेंट का सबसे बड़ा हीरा मिला था।

नीलामी का बनेगा रिकॉर्ड

हथेली में रखकर नायाब हीरे को दिखाते हीरा पारखी अनुपम सिंह।

हीरा पारखी अनुपम सिंह के अनुसार मोतीलाल प्रजापति को मिला हीरा वजन और क्वालिटी के लिहाज से दूसरा बहुमूल्य हीरा है। उन्होंने श्रमिक मोतीलाल से हीरा प्राप्त कर उसे सरकारी खजाने में जमा कर लिया है। पत्रकारों से चर्चा में हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात आगामी माह में आयोजित होने वाली हीरों की शासकीय नीलामी इस हीरे को भी बिक्री के लिए रखा जायेगा। आपने हीरे की अनुमानित कीमत तो नहीं बताई सिर्फ इतना ही कहा कि इसकी नीलामी का रिकार्ड बनेगा। उधर बहुमूल्य हीरा मिलने की खबर फैलने के बाद से मोतीलाल और उसके भाईयों के घर पर उत्सव जैसा माहौल है। छप्पर फाड़कर मिलने की ख़ुशी प्रजापति परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर साफ़ झलक रही है। पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला स्थित इनके घर पर सुबह से ही परचितों और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है। गरीब श्रमिक मोतीलाल ने रडार न्यूज को बताया कि ईश्वर की असीम अनुकंपा उसे महज डेढ़ माह की मेहनत ही हीरा मिल गया। जबकि अधिकांश लोग पूरी जिंदगी खदान खोदते रहते हैं और उन्हें एक अदद हीरा नहीं मिलता। इस हीरे की बिक्री से जो राशि मिलेगी उसे वह और उसके चारों भाई आपस में बांट लेंगे। अपने बच्चों का विवाह करने के बाद शेष राशि से कोई व्यवसाय करेंगे ताकि मजदूरी छोड़कर सम्मानपूर्वक जीवनयापन संभव हो सके।

पीएचई मंत्री मेहदेले ने समय से पूर्व हड़बड़ी में किया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

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निर्माण कार्यों के भूमिपूजन पश्चात कुदाली चलातीं पीएचई मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले।

चुनाव आयोग की प्रेसवार्ता का ऐलान होते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग

आचार संहिता के डर से आनन-फानन में मंत्री में को बुलाकर संपन्न कराया कार्यक्रम

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार का दिन पीएचई मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए काफी हड़बड़ी भरा था। संभवतः यह पहला मौका था, जब किसी कार्यक्रम में पूर्व निर्धारित समय से दो घंटे पहले पहुंचकर मंत्री मेहदेले ने निर्माण कार्यों का इतनी आनन-फानन में भूमिपूजन किया कि वहां भीड़ न जुटने से कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इतनी जल्दबाजी सिर्फ आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन के तोहमत से बचते हुए स्वीकृत कार्यों का श्रेय लेने के मकसद से किया गया। चुनाव का जब ऐलान होने जा रहा हो तो जनप्रतिनिधि उद्घाटन, शिलान्यास और भूमिपूजन का कोई अवसर नहीं जाने देते। मंत्री मेहदेले ने भी शनिवार 6 अक्टूबर को यही किया। दरअसल चुनाव आयोग की प्रेससवार्ता की शनिवार को जैसे ही खबर आई पन्ना में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। विभागीय निर्माण कार्यों के भूमिपूजन का जो कार्यक्रम शाम 4 बजे से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया था उसे दोपहर 2 बजे अर्जेंट में संपन्न कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हड़बड़ाये से भागे और मंत्री को बुला लाये। चुनाव की तारीखों की घोषणा होने और तत्काल में आचार संहिता लगने की पूर्ण संभावना को देखते इसके उल्लंघन से बचने के लिए मंत्री मेहदेले ने भी अपनी ओर सतर्कता दिखाते हुए काफी जल्दबाजी में निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। चुनाव आयोग की प्रेसवार्ता शुरू होने के पहले हरहाल में भूमिपूजन कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए मौके पर मौजूद भाजपा नेता पंडित जी को पूजा शार्ट में पूर्ण कराने के लिए बार-बार टोकते रहे। सबकुछ आश्चर्यजनक रूप से इतनी तेजी से हुआ कि भूमिपूजन कार्यक्रम महज आधा घंटे के ही अंदर संपन्न हो गया।

 ठेका हुआ नहीं और भूमिपूजन हो गया

लोगों को आमंत्रित करने के लिए वितरित कार्ड में कार्यक्रम का समय शाम 4 बजे दर्ज है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व निर्धारित समय से 2 घंटे पहले भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित होने के कारण भीड़ नहीं जुट सकी और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। कार्यक्रम में सिर्फ मंत्री के साथ आये पार्टी नेता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ही उपस्थित रहे। सोशल मीडिया में वायरल इस खबर के अनुसार जिला चिकित्सालय पन्ना के 300 बिस्तर में उन्नयन निर्माण कार्य का अभी ठेका भी नहीं हुआ बाबजूद इसके मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मंत्री कुसुम मेहदेले से इसका भी भूमिपूजन करा दिया। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर विभागीय कर्मचारियों खूब हो रही है। दरअसल प्रत्येक जनप्रतिनिधि की हर संभव यह कोशिश रहती है कि क्षेत्र के लोग उनकी उपलब्धियों के बारे में जानें और समय आने पर उपलब्धियों का श्रेय रुपी समर्थन उन्हें प्रदान करें। जहां तक मंत्री मेहदेले का सवाल है तो उन्होंने पिछले कुछ महीनों में विशेष प्रयास करते हुए अति पिछड़े पन्ना जिले के समग्र विकास को नया आयाम देने के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दिलाई हैं। जिला चिकित्सालय पन्ना का 200 बिस्तर से 300 बिस्तर में उन्नयन निर्माण कार्य भी इसमें शामिल है। इसलिए मंत्री जी ने भी जल्दबाजी में इसके ठेके वाले पहलू गौर नहीं किया।

सवाल पूंछने पर बिफरे साहब

डॉक्टर एलके तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।

पूर्व निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कराने के संबंध में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एलके तिवारी से सवाल पूंछा गया तो वे बिफर गए और तमतमाते हुए कुछ भी बोलने से मना करने लगे। हालांकि चंद मिनिट बाद कुछ सोचकर उन्होंने बड़े ही सधे शब्दों में अपना पक्ष रखते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि कार्यक्रम की तैयारी हो चुकी थी इसलिए भूमिपूजन कराया गया बाद में आचार संहिता लगी है। आपने दावे के साथ कहा कि जिनका भूमिपूजन हुआ है, उक्त सभी कार्यों का ठेका भोपाल से हो चुका है। हालांकि वे जिला चिकित्सालय उन्नयन कार्य की एजेंसी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके। टालमटोल करते हुए उन्होंने इसकी जानकारी विभागीय निर्माण शाखा से प्राप्त करने की बात कही। । यहां महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब सबकुछ सही है तो फिर साहब जबाब देने से क्यों बचते रहे। इसके अलावा सिर्फ आचार संहिता के उल्लंघन से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कराने से सीएमएचओ का मौजूदा सरकार के प्रति समर्पण अथवा झुकाव क्या स्वतः ही परिलक्षित नहीं होता है। क्या ऐसे अधिकारियों के रहते हुए चुनाव आयोग की मंशानुसार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संभव हो पाएंगे..?

पन्ना को आबाद करने वाला बाघ हो गया था लापता, छठवें दिन मिला | भैंस का शिकार कर मिटा रहा था भूख

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फाइल फोटो

लापता बाघ के मिलने पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने ली राहत की सांस

पन्ना। रडार न्यूज   पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों के उजड़े हुए संसार को पुनः आबाद करने में अहम भूमिका निभाने वाला बाघ टी-3 कुछ दिन पूर्व जंगल में विचरण के दौरान टाईगर ट्रेकिंग टीम की नजरों से ओझल हो गया था। रेडियो कॉलर वाले इस बाघ के सिग्नल मिलने भी बंद हो गए थे। इससे चिंतित और परेशान टाईगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा इस वृद्ध बाघ की सघन खोजबीन के लिए संभावित वन क्षेत्र तीन अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया। फलस्वरूप जंगल सर्चिंग के छठवें दिन शनिवार 6 अक्टूबर की सुबह लापता बाघ टी-3 के पार्क क्षेत्र में ही शकुशल मिलने की खबर आने पर पार्क के अधिकारियों ने राहत की साँस ली है। जानकारी अनुसार गंगऊ रेंज के प्रभारी परिक्षेत्राधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व वाली टीम को नर बाघ टी-3 पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत किशनगढ़ बफर रेंज के जंगल से सटे एक गांव के नजदीक मिला।

मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।

इस वृद्ध बाघ को एक भैंस का मांस खाते हुए देखा गया, जिसे इसने अपनी भूख मिटाने के लिए शिकार बनाया था। गांव के समीप बाघ की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से वहां हाथियों को तैनात किया गया है। साथ ही पार्क प्रबंधन ने गांव वालों को भी सतर्क कर दिया है। बाघ और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर मैदानी अमले के अलर्ट होने की बात कही जा रही है। हालांकि लापता बाघ के मिलने और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने पार्क के शीर्ष अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे वे पन्ना में बैठे-बैठे ही निर्देश देते रहे। पार्क के अधिकारयों की मानें तो उक्त बाघ की सतत ट्रेकिंग लगी टीम वाहन अचानक जंगल में खराब होने के कारण बाघ विचरण करते हुए काफी दूर निकल गया था जिससे उसके रेडियो कॉलर के सिग्नल मिलना भी बंद हो गए थे। जंगल की जटिल भौगोलिक स्थिति और लंबी घास के कारण गायब टाईगर को खोजने में इतना वक्त लगा।

पुर्स्थापना कार्यक्रम का है संस्थापक सदस्य

पन्ना टाईगर रिजर्व के बाघ विहीन होने पर वर्ष 2009 में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत पेंच टाईगर रिजर्व से एक नर बाघ को पन्ना लाया गया था जिसे यहां टी-3 नाम मिला। इसके पूर्व कान्हा और बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व से दो बाघिनों को यहां लाकर बसाया गया था। आज पन्ना टाईगर रिजर्व में करीब 40-45 बाघ है। ये सभी टी-3 की या फिर इसके शावकों की संतान है। अर्थात वृद्ध बाघ टी-3 पन्ना के बाघों का पिता-दादा और परदादा है। वास्तव में यह बाघ ही पन्ना टाईगर रिजर्व की बाघ पुर्स्थापना कार्यक्रम की अपार सफलता का रियल हीरो है।

इनका कहना है- लगातार सघन जंगल सर्चिंग के चलते शनिवार की सुबह संस्थापक बाघ टी-3 सुरक्षित पार्क क्षेत्र के ही अंदर मिल गया। उसने एक भैंस का किल किया था जिसे वह खा रहा था। मौके पर हांथियों के साथ वनकर्मियों को तैनात किया गया है।

के.एस. भदौरिया,क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व

एमपी : मिशन 2018 | समाजवादी पार्टी ने घोषित की 6 उम्मीदवारों की पहली सूची, पन्ना से चुनावी अखाड़े में ताल ठोकेंगे दशरथ पहलवान

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बडागांव में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत करते नेता दशरथ यादव ।

निवाड़ी से मीरा यादव, बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया

अखिलेश बोले कांग्रेस ने कई दिनों तक इंतजार कराया अब बसपा से करेंगे गठबंधन की बात

शादिक खान, भोपाल /पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन को लेकर लंबे समय सीटों के बंटवारे पर चर्चा शुरू होने का इंतजार कर रही समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस की और से कोई सार्थक पहल न होते देख शनिवार को विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने पर लगे हाथ अपने 6 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया गया है। कांग्रेस से नाराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब गोंगपा और बसपा से गठबंधन करने की बात कही है। मालूम होकि मध्यप्रदेश में बसपा अपने 22 उम्मीदवार पहले ही घोषित कर चुकी है। शनिवार की सुबह अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से साफ इनकार कर दिया किया था। समाजवादी पार्टी प्रमुख का कहना था कि कोंग्रस ने गठबंधन के लिए हमें बहुत इंतजार कराया लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसलिए बसपा से बात करेंगे, कांग्रेस से अब गठबंधन नहीं होगा। मालूम हो कि इसके पूर्व बसपा प्रमुख मायावती भी नाराज होकर एमपी और राजस्थान में कांग्रेस से गठबंधन ना करने का ऐलान कर चुकीं हैं। उनका आरोप था दिग्विजय सिंह नहीं चाहते कि बसपा और कांग्रेस बीच गठबंधन हो।

इन्हें मिली टिकिट

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना से दशरथ यादव पहलवान, सीधी से केके सिंह, परसवाड़ा कंकर मुंजारे, निवाड़ी से मीरा यादव, बुदनी से ए आर्य को उम्मीदवार घोषित किया गया है। विदित हो कि कंकर मुंजारे और मीरा यादव पहले भी विधायक रह चुके हैं।

पहलवान ने चरन को चारों खाने किया चित

दशरथ सिंह यादव ‘पहलवान’

समाजवादी पार्टी द्वारा जारी सूची में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की दो सीटों पन्ना और निवाड़ी सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। पन्ना जिले में आने वाली तीन सीटों में सर्वप्रथम मात्र पन्ना सीट पर सपा ने नामी पहलवान दशरथ यादव को साईकिल पर सवार कर चुनावी अखाड़े में उतारा है। हालांकि पन्ना सीट से पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के भाई चरन सिंह यादव सपा के टिकिट के लिए पिछले कई महीनों प्रयासरत थे। पन्ना के लगातार कई दौरे कर और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों से मेल मुलाकात कर वे यहां अपनी राजनैतिक संभावनाएं तलाश रहे थे। लेकिन कब कौन सा दांव-पेंच चलना है, इसमें दक्ष दशरथ पहलवान ने रसूखदार चरन सिंह को चारों खाने चित कर टिकिट की दौड़ जीत ली है।

सांकेतिक फोटो।

उल्लेखनीय है कि दशरथ सिंह यादव पहलवान पन्ना में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। अभी कुछ माह पूर्व जब अखिलेश यादव जिले के अल्प प्रवास पर आये थे तब ग्राम बड़ागांव में दशरथ यादव ने उनका भव्य स्वागत कर एक नुक्कड़ सभा आयोजित की थी। गौरतलब होकि सपा के मुखिया के आगमन को लेकर टीकमगढ़-झांसी के हाईप्रोफाइल नेता चरन सिंह ने पन्ना जिला मुख्यालय में एक होटल में भव्य इंतजाम किया था लेकिन अखिलेश यादव वहां नहीं गए थे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा अपने दौरे पर दशरथ यादव को खुलकर महत्व दिए जाने के बाद से ही पन्ना सीट से उनका नाम तेजी से उभरकर सामने आने लगा था। आज आखिरकार सपा ने सबसे पहले उनका टिकिट घोषित कर दिया है। टिकट का ऐलान होने के बाद से दशरथ को लगातार बधाईयां मिल रही हैं।