* लोक निर्माण विभाग ने 5540 करोड़ की कार्य-योजना को दी सैद्धांतिक मंजूरी
भोपाल। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में सड़क यातायात सुगम बनाने के लिये आगामी 5 वर्ष में 472 पुल बनाये जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिये 5540 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी जारी की है। लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि पाँच वर्ष में 400 वृहद एवं मध्यम पुल, राज्यभर की रेलवे क्रॉसिंग पर 55 रेलवे ओवर ब्रिज और 17 फ्लॉय ओवर का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना में वृहद एवं मध्यम पुल के लिये 2 हजार करोड़, फ्लॉय ओवर के लिये 1940 करोड़ और 55 रेलवे ओवर ब्रिज के लिये 1600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
भोपाल में बनेंगे 5 फ्लॉय ओवर

भोपाल में 5 फ्लॉय ओवर ब्रिज प्रस्तावित किये गये हैं। पहला 1500 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर ब्रिज जवाहर चौक से काटजू अस्पताल, रंगमहल चौराहा, रोशनपुरा चौराहा होते हुए राजभवन चौराहे तक 100 करोड़ की लागत से तैयार किया जायेगा। दूसरा 2 हजार मीटर लम्बा लाल घाटी से बैरागढ़ होते हुए भैसाखेड़ी जोड़ तक 160 करोड़ की लागत से तैयार किया जायेगा। तीसरा 3 हजार मीटर लम्बा ब्रिज हमीदिया रोड पर काली मंदिर, तलैया से भारत टॉकीज, रेलवे स्टेशन तिराहा, नादरा बस स्टैण्ड, भोपाल टॉकीज चौराहा होते हुए शाहजहाँनाबाद थाने तक 200 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। चौथा 2 हजार मीटर लम्बा जयश्री बीटकर अस्पताल के सामने रेतघाट से कर्फ्यू वाली माता मंदिर के सामने से होते हुए हमीदिया एवं जीपीओ पोस्ट-ऑफिस तक 120 करोड़ से बनाया जायेगा। पाँचवां 1350 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर ब्रिज रोशनपुरा चौराहा से बाणगंगा चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा से होते हुए एमएलबी कॉलेज चौराहे तक 90 करोड़ लागत से बनाया जायेगा।
इंदौर में बनेंगे 6 फ्लॉय ओवर ब्रिज
इंदौर शहर में 6 फ्लॉय ओवर ब्रिज प्रस्तावित किये गये हैं। पहला 6-लेन 590 मीटर लम्बा एम.आर.-10 से स्टार चौराहा, विजय नगर चौराहा के मध्य रेडीसन चौराहे तक 40 करोड़ लागत से बनाया जायेगा। दूसरा 546 मीटर लम्बा 6-लेन फ्लॉय ओवर रिंग रोड से रोबोट चौराहा के मध्य खजराना चौराहे तक 35 करोड़ से बनेगा। तीसरा 1170 मीटर लम्बा 4-लेन फ्लॉय ओवर ब्रिज रिंग रोड पर राजीव गाँधी चौराहे से तीन इमली चौराहे के मध्य विजय नगर चौराहे तक 55 करोड़ खर्च कर बनाया जाएगा। इन्दौर में 540 मीटर लम्बा पाँचवां फ्लॉय ओवर ब्रिज ए.बी. रोड पर एम.वाय. तिराहे से गीता भवन चौराहे के मध्य शिवाजी वाटिका चौराहे तक 25 करोड़ लागत से बनेगा। छठवाँ 700 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर पुराने ए.बी. रोड, पलासिया चौराहे पर 35 करोड़ से बनाया जायेगा।
ग्वालियर में बनेंगे दो फ्लॉय ओवर
ग्वालियर में 2 फ्लॉय ओवर प्रस्तावित किये गये हैं। पहला फ्लॉय ओवर 1050 मीटर लम्बाई का शिंदे की छावनी (नदी गेट) से रामदास घाटी तक प्रस्तावित किया गया है। इसके निर्माण पर 50 करोड़ खर्च होंगे। दूसरा फ्लॉय ओवर हजीरा चौराहा (इंटक मैदान) से चार शहर का नाका (आईआईआईटीएम मार्ग) तक प्रस्तावित किया गया है। इसकी लम्बाई 1350 मीटर होगी और निर्माण पर 61 करोड़ खर्च होंगे।
जबलपुर में बनेगा आरओबी
जबलपुर में एक आरओबी और एक फ्लॉय ओवर को 4-लेन में परिवर्तित किया जाना प्रस्तावित है। आरओबी का निर्माण जीएडी योजना क्रमांक-41 से 31, धनवंतरी नगर, कछपुरा तक किया जायेगा। यह 4-लेन का होगा। इसके निर्माण पर 90 करोड़ खर्च होंगे। शहर में गोरखपुर आदिशंकर चौक, पुराना बस स्टैण्ड मार्ग पर निर्मित शास्त्री ब्रिज को 2-लेन से 4-लेन किया जायेगा। इस पर 125 करोड़ खर्च किया जाना प्रस्तावित है।





मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 1072 करोड़ 20 लाख लागत की गोपद नदी पर प्रस्तावित गोंड वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना का निर्माण 4 वर्षों में पूर्ण किया जायेगा। परियोजना के पूर्ण होने पर सिंगरौली जिले की देवसर तथा सरई तहसील के 111 गाँव में 23 हजार 800 हेक्टेयर और सीधी जिले की मझौली तहसील के 54 गाँव में 9,200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।







मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की खजुराहो लोकसभा सीट की बात करें तो यहाँ कांग्रेस और भाजपा के खेमे में प्रत्याशी चयन को लेकर काफी खींचतान है। दरअसल, इसका कारण दावेदारों की तादाद ज्यादा होना है। दावेदारों के नामों पर मंथन करके दोनों ही पार्टियों की प्रदेश चुनाव समिति संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल केन्द्रीय चुनाव समिति को भेज चुकी हैं। मिशन-2019 के लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार के चयन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेश समिति से प्राप्त नामों और अन्य स्रोतों से आये नामों पर शीर्ष स्तर पर बैठकों में गहनतापूर्वक विचार-विमर्श किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी की विचारधारा में आस्था रखने और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम, स्वच्छ छवि तथा जीत की प्रबल संभावना वाले सुयोग्य दावेदार को दोनों ही पार्टियाँ संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर सकती हैं। संभवतः इस महीने के अंत तक प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो सकता है।
बीजेपी का मजबूत किला कहलाने वाली खजुराहो सीट पर इस बार पार्टी के सामने कई गंभीर चुनौतियाँ हैं। मसलन, प्रदेश में हुआ हालिया सत्ता परिवर्तन, बसपा-सपा गठबंधन से बने समीकरण, लगातार जीत के बाद भी अति पिछड़े इस इलाके को भाजपा सांसदों द्वारा केन्द्र से कोई महत्पूर्ण सौगात न दिला पाना और वर्तमान सांसद नागेन्द्र सिंह की निष्क्रियता चुनाव में भाजपा के लिए परेशानी का सबब साबित होगी। पार्टी के रणनीतिकारों को इसका भली-भाँति एहसास है। उल्लेखनीय है कि खजुराहो सीट के नए स्वरुप में अस्तित्व में आने के बाद यहाँ पर वर्ष 2009 में भाजपा-कांग्रेस के बीच अब तक का सबसे नजदीकी मुकाबला हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजा पटैरिया को भाजपा प्रत्याशी जीतेन्द्र सिंह ने करीब 27 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने राजा पटैरिया को पुनः उम्मीदवार बनाया लेकिन मोदी लहर के चलते इस क्षेत्र के लोगों के लिए पूर्णतः अपरचित पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह करीब ढ़ाई लाख मतों के विशाल अंतर से चुनाव जीत गए। सांसद नागेन्द्र की निष्क्रियता ने इस क्षेत्र के लोगों को काफी निराश किया है। संसद में जहाँ वे अहम मुददों पर खामोश रहे वहीं चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में उनकी उपस्थिति भी नगण्य बनी रही। हालिया विधानसभा चुनाव में सतना जिले की नागौद सीट से चुनाव जीते नागेन्द्र सिंह भी मानते हैं वे कि सांसद रहते हुए जनाकांक्षाओं की कसौटी खरे नहीं उतर सके। जिसका खामियाजा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को भुगतना पड़ सकता है।
बीजेपी से पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले, पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला, पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार, पूर्व विधायक ध्रुव प्रताप सिंह, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू, किसान नेता उमेश सोनी, पन्ना भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, घासीराम पटेल, एडवोकेट विनोद तिवारी, पीताम्बर टोपनानी, अश्विनी गौतम, पन्ना सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच, सुधीर शर्मा, विनोद टिकरिया, रमेश शुक्ला, अनुपमा सिंह लोधी, जयप्रकाश चतुर्वेदी, देवीदीन दुबे, चमनलाल आनंद शामिल हैं। उधर, भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की नज़र भी खजुराहो सीट पर है। जबकि कांग्रेस के दावेदारों में पूर्व मंत्री राजा पटैरिया, मुकेश नायक, रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व विधायक सौरभ सिंह, पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, मनोज त्रिवेदी, पदमा शुक्ला, चंद्रिका प्रसाद दिवेदी, नीरज सिंह, अनुराधा शेंडगे, धीरज तिवारी गुड्डू, गिरधारी लोधी, रावेन्द्र प्रताप सिंह, निरंजन पंजवानी, सुनील मिश्रा पूर्व विधायक, अजय अहिंसा, कविता सिंह, फिरोज खान, रविन्द्र शुक्ला, बृजेन्द्र मिश्रा उर्फ़ राजा भैया, मीना यादव, शारदा पाठक, भरत मिलन पाण्डेय, दिव्यारानी सिंह, वीरेन्द्र दिवेदी, राकेश जैन कक्का के नाम चर्चा में हैं। मजेदार बात यह है कि विजराघवगढ़ विधायक संजय पाठक को प्रत्याशी बनाए जाने की अटकलें भी दोनों ही पार्टियों में स्थानीय स्तर पर लगती रहती हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की अल्पमत की सरकार और भाजपा तथा कांग्रेस के विधायकों की संख्या के करीबी अंतर को देखते हुए जानकारों को लगता है कि कोई भी पार्टी फिलहाल अपने विधायक को चुनावी रण में नहीं उतारेगी।
कांग्रेस में पूर्व मंत्री मुकेश नायक निश्चित ही बड़ा नाम है, लेकिन पवई और कटनी में उन्हें अपनी ही पार्टी के नेताओं का कड़ा विरोध झेलना पड़ सकता है। रहा सवाल पूर्व मंत्री राजा पटैरिया का तो उन्हें अवसर मिलने की स्थिति में लगातार दो चुनाव हारने के बाद भी क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखने के फलस्वरूप मतदाताओं की सहानुभूति मिल सकती है। इनके पक्ष में एक बात यह भी है समूचे खजुराहो संसदीय क्षेत्र में गाँव-गाँव इनके अपने लोग है। क्षेत्र के मतदाता और पार्टी नेता-कार्यकर्ता भी इन्हें भलीभाँति जानते है। लेकिन, राजा पटैरिया की सबसे बड़ी परेशानी चुनावी प्रबंधन न कर पाना है जिसका नुकसान उन्हें पिछले चुनावों में हार के रूप में झेलना पड़ा है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की निर्णायक स्थिति को देखते हुए भाजपा से पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले मजबूत उम्मीदवार साबित हो सकती हैं। हालाँकि पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह बुंदेला, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू, पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार और संजय नगायच को भी कमतर नहीं आँका जा सकता। इनका जहाँ लोगों से व्यक्तिगत जुड़ाव है वहीं युवा मतदाताओं का भी इन्हें समर्थन मिल सकता है।



मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सीआरपीएफ के जवान शहीद अश्वनी कुमार काछी जबलपुर, शहीद मनोज चौरे बैतूल, शहीद मनमोहन सिंह परिहार सतना, सेना के जवान शहीद रंजीत सिंह तोमर दतिया, शहीद रामेश्वर प्रसाद पटेल जबलपुर, शहीद जगराम सिंह तोमर मुरैना, मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद एएसआई, अमृतलाल भिलाला, आरक्षक शहीद अरविंद सेन अलीराजपुर, रायेसन के आरक्षक शहीद इन्द्रपाल सिंह सेंगर, आरक्षक शहीद बालमुकुंद प्रजापति छतरपुर, और शहीद श्री रमाशंकर यादव भोपाल के परिजनों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, वाणिज्यिक कर मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, जनसंपर्क एवं विधि विधायी मंत्री पी.सी. शर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, विधायक आरिफ मसूद, पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी, आयुक्त जनसंपर्क पी. नरहरि, आयुक्त भोपाल श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव और दिलीप तिवारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सेना और सीआरपीएफ के जवानों और मुम्बई से आये कलाकारों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के जवान और एनसीसी स्काउट गाईड के छात्र-छात्राओं के साथ शहीदों के परिजन और नागरिक उपस्थित थे।




मंत्री श्री शर्मा ने सम्मेलन के दौरान ही प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी और आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत से अतिथि शिक्षकों की माँगों को पूरा करने के संबंध में मोबाइल फोन पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये।