* समाजवादी पार्टी प्रत्याशी ने शुरू किया चुनाव प्रचार अभियान
* पन्ना में बोले, मतदाताओं का आशीर्वाद मिला तो उन्हें निराश नहीं करूँगा
* दलित-पिछड़े और कमजोर वर्गों को के हितों के संरक्षण का दोहराया संकल्प
* सपा और बसपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से किया प्रत्याशी का स्वागत
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज बुंदेलखंड का खजुराहो संसदीय क्षेत्र प्राकृतिक रूप से समृद्ध होने के बाद भी विकास के मामले में बहुत पीछे है। खजुराहो के मंदिरों, पन्ना के हीरे और कटनी के मार्बल की अंतर्राष्ट्रीय पहचान का लाभ इस क्षेत्र के लोगों को अब तक नहीं मिला। अति पिछड़े इस अंचल की बदहाली और यहाँ के लोगों की लाचारी के लिए भाजपा-कांग्रेस के निकम्मे जनप्रतिनिधि सीधे तौर जिम्मेदार है। यहाँ के लोगों ने इन दोनों ही पार्टियों के सांसदों को चुनकर कई बार दिल्ली पहुँचाया लेकिन वे संसद में जनता की आवज को बुलंद नहीं कर सके। भाजपा और कांग्रेस के सांसदों ने लोगों को निराश किया है। इनके द्वारा चुनाव के समय किये गए वादों को पूरा न करने से इलाके लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। उक्ताशय के विचार खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के युवा उम्मीदवार वीर सिंह पटेल ने व्यक्त किए। गुरुवार शाम को को सपा प्रत्याशी श्री पटेल क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पन्ना पहुंचे। इस दौरान जगात चौकी के समीप पन्ना विधानसभा से सपा के उम्मीदवार रहे दशरथ यादव के निज निवास पर सपा और बसपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से गर्मजोशी के साथ अपने प्रत्याशी का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि गत दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र से वीर सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाए जाने का ऐलान किया था। जिसके बाद श्री पटेल ने समय गंवाए बिना अपना चुनाव प्रचार अभियान में तेजी से जुट गए है।
अपना विकास करते रहे जनप्रतिनिधि

क्षेत्र के सपा-बसपा नेताओं सहित महत्वपूर्ण लोगों से मेल-मुलाकात करने निकले पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल ने पन्ना में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस खजुराहो संसदीय क्षेत्र में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की स्थिति अच्छी नहीं है। इन वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे है। यहां की बहुमूल्य प्राकृतिक सम्पदा और संसाधनों का दोहन सामंती और मनुवादी ताकतें कर रहीं है। बड़ी संख्या में कमजोर वर्गों को सुपात्र होने के बाद भी शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में ऐसे हजारों गरीब परिवार हैं जिनके नाम गरीबी रेखा की सूची में नहीं है क्योंकि उनके पास राजस्व अधिकारियों को देने के लिए रिश्वत नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा-उदासीनता-अकर्यमण्यता के कारण बनी है। सपा प्रत्याशी ने कहा कि यह इलाका इसलिए पिछड़ा हुआ है क्योंकि चुनाव जीतने के बाद यहाँ जनप्रतिनिधि अपने और परिवार के विकास में जुट जाते है। विकास की असीम संभावनाओं के बाबजूद इस इलाके के साथ भाजपा-कांग्रेस की प्रदेश सरकारों और इन दलों के जनप्रतिनिधियों ने न्याय नहीं किया।
उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं का समर्थन और आशीर्वाद चुनाव में अगर मुझे मिला तो यहाँ के लोगों को निराश नहीं होने दूँगा। क्षेत्र के लोगों का जहां पसीना गिरेगा वहाँ में अपना खून बहाऊंगा। श्री पटेल ने जोर देते हुए कहा कि गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों के ऊपर सामंतियों और सिस्टम का अन्याय-अत्याचार नहीं होने दूँगा। कमजोर वर्गों के हित संरक्षण के साथ-साथ जनभावनाओं के अनुरूप क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कराये जाएँगे। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के चुनावी गठबंधन के चलते खजुराहो समेत तीन संसदीय सीटें सपा के खाते आई है। अर्थात यहाँ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बसपा का समर्थन प्राप्त है।
शेष हत्यारोपियों की शीघ्र हो गिरफ़्तारी
खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी वीर सिंह पटेल ने पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत ग्राम पल्हरी में गाठ दिनों दबंगों के नाबालिग पुत्रों द्वारा किसान की 10 वर्षीय बेटी सोनम सिंगरौल की गर्दन पर हंसिया से प्रहार कर बेरहमी से हत्या करने और उसकी ,माँ कुँवरबाई के ऊपर प्राणघातक हमला कर उसे घायल किये जाने की जघन्य वारदात पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए इसे बुंदेलखंड में व्याप्त सामंतवाद का आतंक बताया है, जो कि कई दशकों से इलाके के कमजोर लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। श्री पटेल ने कहा कि मैं इसी शोषण,अत्याचार और अन्याय के खिलाफ डटकर संघर्ष करने के लिए आया हूँ। उन्होंने इस मामले में मृत बालिका की घायल माँ और उसके पिता द्वारा वारदात में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों को भी तत्परता से गिरफ्तार उन्हें भी दर्ज प्रकरण में आरोपी बनाने की मांग की है। इसके अलावा ग्राम पल्हरी में निर्मित भय और आतंक के मद्देनजर गाँव में पुलिस बल तैनात करने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। इस अवसर पर पन्ना और छतरपुर जिले के सपा-बसपा कार्यकर्ता-पदाधिकारी मौजूद थे।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा कि बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित 3 विधानसभा क्षेत्र बैहर, लांजी एवं परसवाड़ा के मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक मतदान कराया जायेगा। शेष विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मतदान के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर छाया और पानी की व्यवस्था की जायेगी।







पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी पुलिस महानिरीक्षकअनंत कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की सभी टीमें कार्यरत हैं। 788 उड़नदस्ता, 798 स्थैतिक निगरानी दल व 400 से अधिक वीडियो निगरानी टीमें कार्य कर रही हैं। छिन्दवाड़ा जिले में लोकसभा के साथ विधानसभा उप-चुनाव होने के चलते निर्धारित से अधिक पुलिस टीमें लगायी गयी हैं। नोडल अधिकारी रेलवे ने बताया कि 293 टीमें गठित की गयी हैं। नोडल अधिकारी-नारकोटिक्स ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन 2019 में 340 प्रकरण पंजीबद्ध किये जा चुके हैं।
नोडल अधिकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि प्रतिदिन चैकिंग की जा रही है। नोडल अधिकारी बैंक ने बताया कि 10 लाख रूपये से अधिक के प्रकरणों की जानकारी आयकर विभाग को दी जा रही है। अभी तक कुल 90 संदेहास्पद लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को दी गयी है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कौल, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश श्रीवास्तव तथा गृह, दूरसंचार, परिवहन, दूरदर्शन, आकाशवाणी, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के नोडल अधिकारी भी शामिल हुए।
मुख्य सचिव श्री मोहन्ती ने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में एसएमएस व्यवस्था को जल्द ही जिला स्तर पर विकेन्द्रीकृत किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टरों को भण्डारण व्यवस्था के लिए जिला स्तर पर आवश्यक समन्वय बनाये रखते हुए निरंतर सक्रिय रहने को कहा। श्री मोहन्ती ने कहा कि मंडियों में गेहूँ उपार्जन के दौरान पेयजल, कूलर, पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम और किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों से खरीदी केन्द्रों, संभावित आवक तथा भण्डारण व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थागत विषयों की जानकारी ली।





