* नवागत युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी मीडियाकर्मियों से हुए रूबरू
* बोले, झूठी रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ दर्ज करेंगे आपराधिक प्रकरण
* रेत, शराब के अवैध कारोबार और IPL सट्टा के खिलाफ होगी प्रभावी कार्रवाई
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के नवागत युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने मंगलवार को कहा कि पुलिस के समक्ष खड़ी चुनौतियों से जिले तुरंत को तुरंत बाहर निकालने के लिए उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जिसे घुमाकर मैं आते ही बदलाव ला दूँ। लेकिन नागरिकों को बेहतर पुलिस व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने ईमानदार प्रयास करने की बात कही। आपने कहा कि लोगों को जल्दी ही बदलाव महसूस होगा। कानून व्यवस्था, जन सुरक्षा और अवैध गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए इनका डटकर सामना किया जायेगा। इसमें आमजन और मीडिया का सहयोग भी लिया जाएगा।
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद आईपीएस अफसर अनिल सिंह कुशवाह को पन्ना से हटाकर मयंक अवस्थी को जिले का नया एसपी बनाया गया है। पन्ना पुलिस अधीक्षक का पदभार संभालने के बाद श्री अवस्थी ने मंगलवार 19 मार्च को पत्रकारों से भेंट की। वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अफसर मयंक अवस्थी ने बताया कि वे इसके पूर्व उज्जैन, भोपाल एवं गुना जिले में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासी युवा आईपीएस अधिकारी मयंक अवस्थी पत्रकारों से चर्चा के दौरान आत्म विश्वास लबरेज नजर आए। आपने एक सवाल का संक्षिप्त जबाब देते हुए कहा कि फ़िलहाल लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके पश्चात् हर चैलेंज को स्वीकार किया जाएगा और उससे कैसे निपटना यह उन्हें अच्छी तरह मालूम है।
निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं होने देंगे

पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कहा कि महिलाओं, बालिकाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अपराधों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर लोगों को प्रताड़ित अथवा ब्लैकमेल करने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। ऐसे मामलों में विवेचना के दौरान आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित कर दर्ज अपराध की क्लोजर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी और फिर संबंधित के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। इससे झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रवत्ति पर अंकुश लगेगा। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि निर्दोष व्यक्ति प्रताड़ित न होने पाए।
पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी ने एक सवाल के जबाब में बताया कि पुराने अपराधों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के कारोबार तथा IPL (आईपीएल) सट्टा पर अंकुश लगाने के लिए इनके खिलाफ सतत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। रेत के अवैध परिवहन और अवैध शराब बिक्री के प्रकरणों में संबंधित वाहन मालिक, चालक एवं शराब ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। अवैध गतिविधियों को प्रत्यक्ष-परोक्ष संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। आपने जोर देते हुए कहा कि इस स्थिति को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पन्ना जिले में अवैध गतिविधियों की प्रभावी रोकथाम हेतु विधानसभा क्षेत्रवार 3-3 स्थायी निगरानी दल सहित कुल 9 स्थायी निगरानी दल एवं 9 फ्लाइंग स्क्वायड गठित किए गये है। जिसमें तैनात कार्यपालिक दण्ड़ाधिकारी एवं पुलिस दल द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन संबंधी संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है। जिले में उत्तरप्रदेश सीमा से लगे हुये थाना अजयगढ़ एवं धरमपुर क्षेत्र के 8 प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से अंर्तराज्यीय बैरियरों पर सघन रूप से चैकिंग की जा रही है।
वाहन चैकिंग के दौरान नगर में थाना यातायात एवं थाना कोतवाली पन्ना द्वारा संयुक्त रूप से 6 वाहन चालकों शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़कर कार्रवाई की गई। इसके अलावा 8 वाहनों से हूटर, 4 वाहनों से नेम प्लेट सहित कुल 79 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही कर 34,250 रूपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। वहीं 21 अपराधियों के विरूद्ध धारा 110, 4 व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 151 एवं 71 व्यक्तियों को धारा 107/116 जफ्ता फौजदारी के अंतर्गत कार्यवाही की गई। पुलिस ने 14 वारंटियों की गिरफ्तारी एवं 17 वारंटियों के जमानती वारंटों का निष्पादन कराया है। लायसेंसी शस्त्रों के अंतर्गत अब तक 143 लायसेंसी शस्त्रों को जमा कराया गया है।






















मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 1072 करोड़ 20 लाख लागत की गोपद नदी पर प्रस्तावित गोंड वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना का निर्माण 4 वर्षों में पूर्ण किया जायेगा। परियोजना के पूर्ण होने पर सिंगरौली जिले की देवसर तथा सरई तहसील के 111 गाँव में 23 हजार 800 हेक्टेयर और सीधी जिले की मझौली तहसील के 54 गाँव में 9,200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
