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राहुल गाँधी की सभा में ऐसी क्या बात हुई जिसे लेकर नाराज हैं तीन जिलों के कांग्रेस नेता ! वजह जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

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पन्ना जिले के अमानगंज क़स्बा में आयोजित हुई आमसभा में मंचासीन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी।
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल की लोकसभा सीटों दमोह, टीकमगढ़ और खजुराहो में 6 मई को मतदान होना है। इसलिए इन संसदीय क्षेत्रों में चुनाव प्रचार 4 मई को थम जाएगा। मतदान की उल्टी गिनती शुरू होने के मद्देनज़र बुन्देलखण्ड में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने यहाँ फोकस करते हुए चुनावी सभाएँ शुरू कर दीं हैं। पिछले दिनों खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजनगर में आमसभा की थी। मंगलवार 30 अप्रैल को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बुन्देलखण्ड के दमोह, टीकमगढ़ और खजुराहो में चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया। प्रचंड धूप और गर्मी के बाबजूद राहुल गाँधी की तीनों ही सभाओं में अच्छी-खासी भीड़ जुटी। यह गाँधी परिवार और राहुल का जादू ही था कि आसमान से बरसती आग (झुलसा देने वाली गर्मी) के बीच बड़ी तादाद में लोग निजी साधनों या फिर बस में किराया देकर उन्हें सुनने और देखने पहुँचे। खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पन्ना जिले के अमानगंज कस्बा में आयोजित राहुल की आमसभा में जितने लोग पण्डाल के अंदर मौजूद थे उससे कई गुना अधिक भीड़ बाहर ग्राउण्ड में प्रचंड धूप में खुले आसमान के नीचे खड़ी थी। उमड़े जन सैलाब और लोगों के अपार उत्साह के लिहाज से कांग्रेस की चुनावी आमसभा सफल रही। हालाँकि, मंच की बैठक व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेसियों में जबरदस्त आंतरिक नाराजगी और असंतोष देखा गया। पड़ोसी जिला कटनी, छतरपुर से आए कई स्थानीय वरिष्ठ नेताओं को यथोचित सम्मान नहीं मिला। साथ ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं की भी उपेक्षा की गई। इससे कांग्रेसियों का नाराज होना स्वाभाविक है।

सोशल मीडिया पर दिखने लगी नाराजगी

आमसभा में उपस्थित क्षेत्र के लोग।
राहुल गाँधी की आमसभा में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर पार्टी के अंदरखाने व्याप्त असंतोष सोशल मीडिया पर दिखने लगा है। मतदान के ठीक पहले कांग्रेस की प्याली में उठे इस तूफान को भाजपा समेत अन्य पार्टियां अपने लिए अच्छा संकेत मान रहीं है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की आमसभा में मंच के ठीक सामने नीचे कुर्सियों में बैठे कांग्रेस के कई नेता आपस में यह चर्चा करते रहे कि अमानगंज में आमसभा का आयोजन होने के मद्देनजर यहाँ के प्रथम नागरिक अर्थात नगर परिषद अध्यक्ष हक्कुन दहायत को मंच पर स्थान मिलना चाहिए था। इसके अलावा खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों से चार माह पूर्व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे नेताओं को सम्मान देते हुए उन्हें भी मंचासीन किया जाता तो लोगों में अच्छा संदेश जाता।
दरअसल, वे किन्हीं कारणों से चुनाव भले ही जीत नहीं सके लेकिन प्रत्येक प्रत्याशी को हजारों की तादाद में वोट तो मिले हैं, इसे नाकारा नहीं जा सकता। इसके अलावा उनका अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव भी है। कतिपय कांग्रेसियों का मानना है कि गुनौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आमसभा आयोजित होने से क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक शिवदयाल बागरी का स्वागत भाषण कराया जाता या फिर उन्हें आभार प्रदर्शन में बोलने के लिए आमंत्रित करके दलित वर्ग को साधा जा सकता था। विदित हो कि मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन होने से खजुराहो संसदीय सीटसमाजवादी पार्टी को मिली है। दलितों के बीच अच्छी-खासी पैठ रखने वाली बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी इस बार चुनाव मैदान में न होने से कांग्रेस के पास दलितों को अपने पाले में लाने का सुनहरा अवसर है। लेकिन, दलित नेताओं की जाने-अनजाने में हुई कथित उपेक्षा सरीकी गलतियाँ इस नाजुक समय में कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकती हैं।

परिक्रमा करने वाले पदाधिकारी हुए उपकृत

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की आमसभा में पहुँचे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मंच पर जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के दो पदाधिकारियों की मौजूदगी को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है। नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर सीनियर नेताओं ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के पदाधिकारियों की संख्या एक सैंकड़ा से अधिक है। इनकी आपत्ती यह है कि सिर्फ दो पदाधिकारियों का चयन मंच पर राहुल गाँधी जी के साथ बैठने और उनका स्वागत करने के लिए किस आधार पर दिया गया। इससे पार्टी में व्याप्त गुटबाजी परिलक्षित होती है, क्योंकि अन्य पदाधिकारियों के साथ भेदभाव किया गया।
एक सवाल के जबाब में सीनियर नेताओं ने बताया कि हम सब यह भली-भाँति जानते हैं कि मंच की अपनी गरिमा है, वहाँ सैंकड़ा भर पदाधिकरियों को नहीं बैठाया जा सकता, खासकर एसपीजी सुरक्षा प्राप्त राहुल गाँधी की आमसभा में तो यह मुनकिन ही नहीं है। लेकिन अच्छा होता कि अनावश्यक की बातों से बचने के लिए आयोजकगण जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ एक सामान व्यवहार करते तो शायद किसी को शिकायत नहीं होती। एक सीनियर नेता कहना है कि दरअसल राजनीति का मौजूदा दौर परिक्रमा का है जिसके आगे सभी योग्यताएँ और नियम शिथिल पड़ जाते हैं। मजेदार बात यह है कि आमसभा में मंच पर विराजमान मान रहे जिला कांग्रेस के दोनों पदाधिकारियों और कथित तौर उन्हें यह अवसर प्रदान करने वालों के खिलाफ कांग्रेसी ही सोशल मीडिया पर जमकर कटाक्ष कर रहे हैं।

क्यों नदारत रहे दिग्गज नेता !

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की अमानगंज में हुई आमसभा में पूर्व मंत्री एवं पवई विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे मुकेश नायक और खजुराहो सीट से लगातार दो बार चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री राजा पटैरिया की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी है। सर्वविदित है कि खजुराहो सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह का मुकाबला भाजपा के विष्णु दत्त शर्मा से है। चुनाव में जातीय संतुलन फैक्टर के महत्व को देखते हुए कुछ लोगों को मानना है कि दोनों पूर्व मंत्री अगर आमसभा में शामिल होते तो लोगों के बीच अच्छा सन्देश जाता। कांग्रेस के दोनों दिग्गज नेता इतने महत्वपूर्ण आयोजन से नदारत क्यों रहे, फिलहाल यह पता नहीं चल सका। हालाँकि इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ व्याप्त है। उधर, कांग्रेस के ही कुछ लोग दबी जुबान आमसभा का पंडाल छोटा होने के कारण व्यवस्थाओं की आलोचना कर रहे हैं। इनका कहना है कि हजारों लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी और धूप में खड़े होकर राहुल गाँधी का भाषण सुनने को मजबूर होना पड़ा। इस पर आयोजकों की ओर से सफाई देते हुए यह समझाया जा रहा है कि प्रत्याशी का चुनाव खर्च निर्धारित सीमा के अंदर रहे इसलिए कई बार न चाहते हुए भी सीमित व्यवस्थायें करना मजबूरी हो जाती है।

मोदी ने 15 सबसे भ्रष्ट अमीरों को 5 लाख करोड़ दिये, मैं- “देश के 25 करोड़ गरीबों को हर साल 72 हजार रुपए देना चाहता हूँ” : राहुल गाँधी

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पन्ना जिले के अमानगंज क़स्बा में आयोजित हुई आमसभा में मंचासीन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी।

* कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुन्देलखण्ड अंचल में की तीन चुनावी सभाएँ

* पन्ना जिले के अमानगंज में बोले मैं आपसे लम्बा रिश्ता बनाने आया हूँ

* राहुल का ऐलान, कर्ज अदा न कर पाने वाले किसानों को अब नहीं होगी जेल

* महत्वकांक्षी न्याय योजना से देश की अर्थव्यवस्था में गति आने का किया दावा

* बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की जाँच कराने की बात कही

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को टीकमगढ़, दमोह और खजुराहो संसदीय क्षेत्र में तीन बड़ी चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया। इस दौरान वे प्रधानामंत्री नरेन्द्र मोदी पर काफी हमलावर रहे। खजुराहो संसदीय क्षेत्रान्तर्गत आने वाले पन्ना जिले के अमानगंज कस्बा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुये कहा कि चुनाव के समय उन्होंने देश के लोगों को 15-15 लाख रूपये देने का वादा किया था। धोखा देने के लिये बैंको में खाते भी खुलवाये गये लेकिन किसी के खाते मे एक पैसा भी नहीं आया। मोदी ने 15 पूंजीपतियों को 5 लाख 55 हजार करोड रूपये दे दिया। लेकिन मैं देश के गरीबों को रूपये देना चाहता हूँ।
आर्थिक विशेषज्ञों के साथ विचार-विर्मश के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि, देश के ऐसे प्रत्येक गरीब परिवार जिनकी आय 12 हजार रूपये से कम है, उनके बैंक खातों में 72 हजार रूपये प्रतिवर्ष और 5 साल मे लगभग 3.60 लाख रूपये की राशि डाली जा सकती है। इस योजना को हमने न्याय योजना का नाम दिया है। इसके तहत देश के 5 करोड़ परिवारों और 25 करोड़ लोगों के खातों में राशि डालकर उन्हें सीधा लाभ पहुँचाया जायेगा। राहुल गाँधी ने न्याय योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना से देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती मे अहम योगदान देगी। क्योंकि जब गरीब के पास पैसा आयेगा तो उसकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। हमारे छोटे और मझोले दुकानदारों का धंधा चलेगा। माल की खपत बढ़ने पर नई फैक्ट्रियां खुलेंगी और युवाओ को राजेगार मिलेगा। श्री गांधी ने आमसभा मे उपस्थित पुरूषों से मुखातिब होते हुये कहा कि आप बुरा न मानें मैं न्याय योजना की राशि महिलाओं के खाते में डालूँगा। आमसभा में बडी संख्या में मौजूद महिलाएँ इससे गदगद हो उठीं और तालियों की गड़गड़ाहट से इस घोषणा का स्वागत किया।

नोटबंदी-जीएसटी ने किया बर्बाद

आमसभा को सम्बोधित करते राहुल गाँधी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जोर देते हुये कहा कि हमने न्याय योजना की परिकल्पना करते हुए समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान रखा है। इसके लागू होने से नोटबंदी और जीएसटी से टूट चुके छोटे और मझोले व्यापारियों का व्यवसाय चल पड़ेगा। न्याय योजना देश की अर्थव्यवस्था रूपी गाड़ी के इंजन को दौड़ने के लिये डीजल देने का काम करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने नोटबंदी के मनमाने फैसले को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गम्भीर आरोप लगाए हैं। इस पर सवाल उठाते हुये उन्होंने कहा कि मोदी जी यह मत समझिये की देश के लोग कुछ नहीं समझते। आपने देश से कहा था कि हमने कालेधन के खिलाफ नोटबंदी का फैसला लिया है। लेकिन सच्चाई यह है कि नोटबंदी कालेधन को सफेद करने के लिये की गई थी। नोटबंदी के समय बैंकों की लाईन में हिन्दुस्तान के चोर कहीं खड़े नजर नहीं आये। बैंको की लाईन में अगर कोई खड़ा था तो वह देश के युवा, किसान, गरीब, महिलाएँ और मध्यम वर्ग के लोग थे। आमसभा में राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के नेताओं के खिलाफ आक्रामक अंदाज में जमकर शाब्दिक हमला बोला। इस दौरान उन्होंने देश के बैंकों से हजारों करोड़ का कर्जा लेने वाले उद्योगपतियों को विदेश भागने में भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा मदद करने के एवज में आर्थिक पहुँचाने के आरोप लगाए हैं।

किसानों को नहीं होगी जेल

आमसभा में उपस्थित क्षेत्र के लोग।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि देश के और बुन्देलखण्ड के किसा महज कुछ हजार रूपये कर्ज लेते हैं। उस कर्ज की राशि को चुका न पाने पर उन्हें जेल मे डाल दिया जाता है। लेकिन देश के बैंकों का हजारों करोड़ रूपये लेकर भागने वाले वाले विजय माल्य, नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चौकसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। इसलिये हमने यह तय किया है कि 2019 में कांग्रेस की सरकार केन्द्र मे बनने पर कर्ज अदा न कर पाने वाले किसानों को जेल में नहीं डाला जाएगा। राहुल के इतना कहते आमसभा स्थल तालियों से गूँज उठा। इस दौरान लोग स्वप्रेरणा से चौकीदार चोर है का नारा लगाने लगे। आपने लोगों से पूँछा कि, कभी किसी किसान या मजदूर के घर के बाहर चौकीदार को खडा देखा है ? जबाव आया नहीं। आपने अंबानी के घर के बाहर चौकीदार देखे हैं……. हाँ। अंबानी के घर के बाहर खड़े रहने वाले चौकीदारों में से एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हैं। जो कि दिनभर देश के 15 सबसे भ्रष्टअमीर लोगों की चौकीदार करते है। जिसके एवज में वे मोदी की मार्केटिंग करते है और फिर मोदी उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाते है। राहुल ने कहा- वो 15 चोरों का है, मैं आपका हूँ। उन्होंने ने कहा कि आप आज कहीं बोलो चौकीदार तो जबाब मिलेगा चोर है।

एक साल में 22 लाख सरकारी नौकरियाँ देंगे

कांग्रेस के स्टार प्रचारक एंव राष्टी्रय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अमानगंज की आमसभा में भावनात्मक अंदाज में कहा कि मैं आप लोगों से लम्बा रिश्ता बनाने बनाना चाहता हूँ। इसलिये मैं आपसे झूठ नहीं बोलूंगा। मैं जनता हूँ कि झूठ की बुनियाद पर मजबूत रिश्ते नहीं बनते। इतना कहते ही आमसभा स्थल राहुल गाँधी जिंदाबाद, कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद और चौकीदार चोर है के नारों से गूँजने लगा। लोगों को खुद से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी अपने मन की बात बताते हैं लेकिन मैं आपके मन की बात जानने आया हूँ। क्योंकि, मालिक आप हैं। युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर मोदी को घेरते हुए बताया कि चुनाव के समय युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरियाँ देने का वादा किया गया था। लेकिन 5 सालों में हमारे युवाओं को नौकरियाँ नहीं मिलीं। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर हम खाली पड़े 22 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करेंगे। इसके अलावा 10 लाख युवाओं को पंचायतों में रोजगार देंगे।
राहुल गाँधी ने अपने अंदाज में कहा कि इस चुनाव में मुकाबला सच्चाई और झूठ के बीच नफरत और प्यार के बीच है। वो झूठ और नफरत फैलाते है, आपको तय करना है कि नरेन्द्र मोदी के मन की बात वाली सरकार बनानी है या फिर हिन्दुस्तान के मन की बात सुनने वाली सरकार बनानी है। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए व्यापमं घोटाले की जाँच का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ से बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के कार्यों में हुये व्यापक भ्रष्टाचार की भी चुनाव बाद जाँच करवाने की बात कही। राहुल गाँधी ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश के सभी कांग्रेस प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की। साथ ही प्रचंड धूप और गर्मी में उन्हें सुनने के लिए दूर-दूर से आए लोगों के प्रति आभार प्रकट किया।

जनता चिल्ला रही… मोदी जी आख़िरी दिन आ गए !

आमसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि 120 दिन पहले हमें ऐसा मध्य प्रदेश सौंपा गया जो किसानों की आत्महत्या, बलात्कार, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मामले में नम्बर एक पर था। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमने सत्ता संभाली है। महज 75 दिन के अंदर आए बदलाव की तस्वीर आपके सामने है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मैं आपको निराश नहीं करूँगा। हमनें अब तक 50 लाख किसानों में से 21 लाख किसानों का कर्जा माफ़ कर दिया। शेष किसानों का भी 2 लाख तक का कर्जा जल्दी माफ़ किया जायेगा। डिफाल्टर किसानों सहित चालू खाता धारकों का भी कर्ज माफ होगा। हमें 75 दिन काम करने का मौका मिला इसके बाद आचार संहिता लग गई। सरकार ने अपनी नीति और नियत स्पष्ट कर दी है, हमने वृद्धा पेंशन बढ़ाई हमने कन्या विवाह राशि को बढ़ाकर 51 हज़ार रूपए किया, हमने बिजली के बिल घटाये और पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की वर्षों पुरानी माँग को पूरा किया है। आज भारत का नौजवान अपने हाथों में रोजगार चाहता है। पन्ना, दमोह और कटनी में हम रोजगार लाएंगे, किसान कर्ज में न डूबे, युवाओं को काम मिले हम इस नीति पर काम कर रहे हैं। मोदी जी अच्छे दिन की बात करते थे अब जनता कह रही है मोदी सरकार के आखिरी दिन आ गए हैं।

बीजेपी के राज में देश सुरक्षित नहीं

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मोदी जी गंगा साफ करने की बात करते हैं, शिवराज कहते थे नर्मदा साफ करेंगे और 600 करोड़ का वृक्षारोपण कर दिया। एक करोड़ रूपए का भी वृक्षारोपण नहीं हुआ। 6 सौ करोड़ का घोटाला कर जेब में पैसे डाल लिये। मोदी जी ने गंगा सफाई के नाम पर देश के बैंक साफ कर दिए। अब मोदी जी दो करोड़ रोज़गार की बात नहीं करते, 15 लाख देने की बात नहीं करते। कहते हैं मेरे हाथों में देश सुरक्षित है। क्या 5 साल पहले देश सुरक्षित था ? मोदी जी याद रखिएगा जब आपने पैंट और पैजामा पहनना नहीं सीखा था तब पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गाँधी ने देश में फौज बनाई थी। देश की एयरफ़ोर्स बनाई थी, नेवी बनाई थी। देश में सैनिक स्कूल खोले थे, मिलिट्री अकादमी खोली थी,डिफेंस अकादमी खोली थी। उन्होंने आतंकी हमलों पर भाजपा और मोदी को घेरते हुए पूँछा- “जब संसद में हमला हुआ किसकी सरकार थी, कारगिल हुआ तब किसकी सरकार थी, अभी हाल में पुलवामा हुआ तब किसकी सरकार थी, यह सब भयानक आतंकी हमले भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हुए।” आप जनता को गुमराह कर रहे हैं कलाकारी कर रहे हैं जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अमानगंज की आमसभा उपस्थित जनसमुदाय से कहा कि आगामी 6 तारीख को आप अपने भविष्य का बटन दबाएंगे। अभी 75 दिन का हमारा काम देखा है 175 और 275 दिनों के हमारे काम को देखकर मोदी जी शिवराज जी मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे।

प्रदेश की सरकार को हम गिराना नहीं चाहते, यह सरकार ही ऐसी है कि गिर जाएगी, इसकी कुंडली में अकाल मृत्यु लिखी है : उमा भारती

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नयागांव में हुई उमा भारती की आमसभा का फाइल फोटो।

* पन्ना के नयागाँव और रैपुरा की आमसभा में बोलीं पूर्व मुख्यमंत्री

* खजुराहो सीट से भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा को जिताने मतदाताओं से की अपील

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में बीजेपी के 15 साल तक लगातार सत्ता में रहने के बाद विधानसभा चुनाव-2018 में बहुमत के आँकड़े चंद सीटें दूर रहने के कारण सरकार नहीं बन पाई थी। इसकी कसक भाजपा के नेताओं को बेचैन कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान समेत उनकी पार्टी के कई नेता प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लोकसभा चुनाव के बाद गिरने की बात कह चुके हैं। इसी कड़ी नया नाम मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का जुड़ गया है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आईं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती  ने पन्ना जिले धरमपुर अंचल के नयागाँव और पवई विधानसभा के रैपुरा में एक आमसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषणों में जो कुछ कहा उसकी उसकी काफी चर्चा हो रही है। यहाँ पढ़िए उनके भाषणों के चुनिंदा संपादित अंश

कमलनाथ हैं मिस्टर इंडिया, दिखते ही नहीं

भाजपा प्रत्याशी बीडी शर्मा एवं उमा भारती।
मध्यप्रदेश का जो बुन्देलखण्ड है उसकी तुलना में उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड की हालत बहुत ज्यादा खराब है। क्योंकि, शिवराज जी की सरकार ने यहाँ बहुत काम करवाए हैं। उन्होंने केन्द्र की योजनाओं का भी लाभ लिया, राज्य सरकार ने भी बहुत सारी योजनएँ यहाँ चलाई हैं और बुन्देलखण्ड का कायाकल्प करने का कोशिश की है। यहाँ बहुत बड़ी मात्रा में सिंचाई हुई, बिजली का उत्पादन हुआ और किसानों ने भरपूर उपज ली है । आपने मध्यप्रदेश में चार माह पूर्व हुए सत्ता परिवर्तन पर बोलते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार बदलने से यहाँ की रौनक चली गई है। क्योंकि, शिवराज ऐसे मुख्यमंत्री थे जो सब से मिलते-जुलते थे, लोगों के घर तक आ जाते थे। अब जो मुख्यमंत्री हैं उन्हें मैं- “मिस्टर इण्डिया” कहती हूँ। एक फिल्म आई थी मिस्टर इण्डिया, उसका जो मुख्य पात्र था वह दिखता नहीं था पर होता था, वो हवा में गायब रहता था। सुश्री भारती ने मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम लिए बगैर उन पर हमला करते हुए कहा कि अब जो मुख्यमंत्री हैं मिस्टर इण्डिया है, वो दिखते ही नहीं हैं, उनका पता ही नहीं है। इसलिए यहाँ की रौनक चली गई है और विकास के कार्यक्रम अवरुद्ध हो गए हैं। मैं ये नहीं कहूंगीं कि हम तो ये सरकार अभी गिरा देंगे, या फिर ये सरकार गिर जानी चाहिए। हमारी इच्छा कुछ नहीं है। लेकिन ये सरकार गिरनी है इसकी कुण्डली में अकाल मृत्यु लिखी है।

हम करेंगे चौकीदारी

सुश्री भारती ने कहा कि हम किसी की सरकार गिराना पसंद नहीं करते क्योंकि हमारी सरकारें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश,राजस्थान हिमाचल में गिराईं गईं थी राम के नाम पर। तत्कालीन उत्तर प्रदेश की सरकार को गिराना मान भी लिया जाए कि मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में वहाँ 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस) हुआ था। लेकिन सुन्दरलाल पटवा, भेरौ सिंह शेखावत और शांता कुमार तो 6 दिसंबर कारसेवा में नहीं गए थे। उन्होंने कहा कि हम गए थे कारसेवा में, केन्द्र की कांग्रेस सरकार मुझे चढ़ा देती फाँसी, लेकिन उसने हमारी सरकारों को बैठे-बिठाये भंग कर दिया था। हमें ये पीड़ा मालूम है, अटल बिहारी वाजपेयी को ये पीड़ा थी इसलिए उन्होंने आर्टिकल 356 को समाप्त कर दिया था। अब मनमर्जी से सरकारें नहीं गिराईं जा सकती। सरकारें अपनी ही करतूत से ही गिर जाएँ तो अलग बात है। उमा भारती ने जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की मौजूदा सरकार को गिराने की चेष्टा हम नहीं करेंगें, ये सरकार ही ऐसी है कि गिर जाएगी। लेकिन ये सरकार जितने दिनों तक रहेगी हम आपकी चौकीदारी करेंगे। केन्द्र और प्रदेश सरकार की विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन की चौकीदारी करेंगे।

भाग्यशाली है खजुराहो क्षेत्र कि बीडी शर्मा मिले

रैपुरा में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एवं भाजपा नेता।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा की तारीफ़ करते हुए उन्हें जुझारू और संघर्षशील व्यक्ति बताया। उन्होंने आमसभा में उपस्थित लोगों को बताया कि श्री शर्मा जब उन्हें पहली बार मिले तो उनका हाथ टूटा हुआ था। छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पुलिस से भिड़ंत होने के दौरान डण्डे के प्रहार से इनका हाथ टूट गया था। मैं उस समय मुख्यमंत्री थी, ये मुझसे आकर मिले थे। बीडी शर्मा ऐसे बहादुर लोगों में से है जो डण्डा खाने में पीछे नहीं रहते माला पहनने में पीछे रहते हैं। सुश्री भारती ने बीडी शर्मा को जिताने अपील करते हुए बताया कि ये बहुत संघर्ष करने, तपस्या करने वाले व्यक्ति हैं। आप इन्हें सांसद बनाकर भेजिए फिर देखिए ये जिला और संसदीय क्षेत्र कैसे चमकता है। ये संघर्ष तब कर रहे थे जब हमारी सरकार थी, ये विद्यार्थी परिषद् के नेता थे और मैं मुख्यमंत्री थी फिर भी ये संघर्ष कर रहे थे। क्योंकि ये सिद्धांतों के लिए और देश के लिए मरने-मिटने वाले लोग हैं। मेरा ये मानना है कि खजुराहो लोकसभा सीट के लोगों का भाग्य है कि एक संघर्ष करने वाला व्यक्ति यहाँ पहुँच गया है। जो कि सभी योजनाओं को जमीन पर लाने लिए प्रयास करेंगे, इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इनकी प्रकृति में ही काम करना है, ये आराम नहीं करते आपके लिए रात-दिन काम करेंगे। ये समझलो उमा भारती का ही दूसरा रूप हैं। ये सालों-साल से अपने घर नहीं गए हैं।

गरीब के सामने कलेक्टर-एसपी जोड़ें हाथ तब प्रजातंत्र

नयागांव की आमसभा में मौजूद क्षेत्र के लोग।
भाजपा की स्टार प्रचारक और फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने कहा कि हम इसे लोकतंत्र तब मानेंगे जब आम आदमी कुर्सी पर बैठेगा और कलेक्टर-एसपी उसके सामने हाथ जोड़कर आदेश पालन के लिए तत्परता से खड़े रहेंगे। तो हम मानेंगे प्रजातंत्र आया, जब तक प्रजातंत्र नहीं आया तब तक मेरे जैसे लोगों को राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने आमसभा में उपस्थित लोगों से कहा कि मैं आप लोगों के ऐसे दिन लाना चाहती हूँ कि बुन्देलखण्ड के लोग दिल्ली में राज करने के लिए चलें, मजदूरी करने के लिए न चलें। बुन्देलखण्डियों का राज होना चाहिए। यहाँ पर सब कुछ है बस व्यवस्थाओं को ठीक करने की जरुरत है। मुझे तो दुःख होता है कि जिस धरती में हीरा होता है वहाँ के लोग बुनियादी सुविधाओं तक से वंचित हैं। जबकि यहाँ के हीरों को खरीदने वाले व्यापारी विलासितापूर्ण जीवन जी रहे हैं। उनके बच्चे जिन स्कूलों में पढ़ते हैं वे फाइव स्टार हैं। उनकी पत्नियाँ बीमार पड़तीं है तो फाइव स्टार अस्पतालों में उनका इलाज होता है। लेकिन जिस धरती में हीरा पैदा होता है वहाँ पर औरतें डिलेवरी से पहले अस्पताल के बरामदे में पड़ी-पड़ी मर जातीं हैं और डॉक्टर उनको भर्ती नहीं कर पाते। ये जो अमीरी और गरीबी के बीच का भेद है ये मुझे कभी भूलता नहीं है, ये मेरे हृदय को सालता है। यही कारण है कि मैं राजनीति आई हूँ।

13,300 रुपए की पहले वसूली करो तब मिलेंगे मानदेय के 4000, नगर पालिका परिषद के इस फरमान से नाराज युवाओं ने किया हंगामा

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पन्ना नगर पालिका के बाहर खड़े मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के तहत पंजीकृत युवा।

* मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के क्रियान्वयन का मामला

* पन्ना नगर पालिका परिषद पर अव्यवहारिक शर्तें थोपने का आरोप

* सीएमओ ने दी सफाई, सिर्फ टैक्स सर्वे और बिल वितरण का सौंपा काम

* युवा बोले, नपा प्रबंधन कहता कुछ है, दबाब बनाकर काम कुछ और ही कराता

 * कार्यक्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के बाद भी बरकरार है नाराजगी

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रो में रहने वाले 21-30 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने एवं जीवन यापन की तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्ष में एक निर्धारित अवधि तक युवाओं को सार्थक रोजगार के अवसर उपलब्ध करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना शुरू की गई है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार की युवा हितैषी इस अनूठी योजना के क्रियान्वयन को लेकर पन्ना में पिछले कुछ दिनों से विवाद की स्थिति बनी है। इस योजना के तहत पंजीकृत युवा प्रशिक्षणार्थी नगर पालिका परिषद पन्ना पर सम्पत्ति कर और जलकर की वसूली करने पर ही मानदेय का भुगतान करने का आरोप लगा रहे हैं। दो दिन पूर्व मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में लाने के बाद नगर पालिका परिषद की और स्थिति स्पष्ट की गई लेकिन फिर भी विवाद का हल नहीं हो सका। इससे निराश और नाराज युवाओं ने शनिवार को दोपहर में नगर पालिका के कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। फिलहाल युवा और नपा अपनी-अपनी बातों पर अड़े हैं, जिससे गतिरोध बरकरार है।

योजना को बदनाम करने की साजिश

नपा प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखते युवा
पंजीकृत प्रशिक्षणार्थी युवाओं और उनके नेता सत्यजीत सिंह का आरोप है कि नगर पालिका परिषद पन्ना की कथनी-करनी के अंतर के कारण युवाओं में नाराजगी है। युवाओं से कहा जाता है कि नगर पालिका के बकाया करों की शहरवासियों से वसूली करके लाओ। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को न्यूनतम 13,300 रुपए की पहले वसूली करना अनिवार्य है तब उन्हें मानदेय के 4,000 रूपए का भुगतान किया जायेगा। ये सभी करों की वसूली करने के लिए भी तैयार हैं लेकिन नगर पालिका के लोग निर्देश देने के बाद इस काम में आने वाली व्यवहारिक कठिनाईयों का निराकरण करने के प्रति घोर उदासीनता बरत रहे हैं। जिससे युवाओं को परेशान होना पड़ रहा है। सत्यजीत सिंह का कहना है कि घर-घर जाकर बकाया टैक्स भुगतान माँगने पर इन्हें बिना नगर पालिका के अधिकृत परिचय पत्र और रशीद बुक के बगैर इन्हें कौन पैसा देगा ? यदि रशीद बुक और परिचय पत्र जारी करने में कोई गुरेज है तो नगर पालिका के किसी नियमित कर्मचारी को इनके साथ भेजा जाए। ताकि, लोग निश्चिन्त होकर बकाया करों का भुगतान कर सकें। नगरीय निकाय में बायोामैट्रिक डिवाईस से लगने वाली उनकी उपस्थिति को नियमित रूप से दर्ज कराया जाए। उपस्थिति दर्ज न कर युवाओं पर अनावश्यक मानसिक दबाव न बनाया जा रहा है जोकि आपत्तिजनक है। । इनका आरोप है कि पन्ना नगर पालिका में बीजेपी का अध्यक्ष होने के कारण चुनाव के समय कांग्रेस सरकार की महत्वकांक्षी योजना को लेकर बेबजह विवाद पैदा किया जा रहा है। इसके पीछे मंशा युवाओं में नकारात्मक धारणा बनाकर योजना का दुष्प्रचार करना है। लेकिन हम इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे।

नपा के लोग करते है दोहरी बातें

अरुण चन्द्रपुरिया।
मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के सहायक नोडल अधिकारी अरुण चन्द्रपुरिया की मानें तो इस घटनाक्रम के दो दिन पूर्व ही सभी को यह सपष्ट किया जा चुका है कि उन्हें किसी भी तरह की टैक्स वसूली नहीं करनी है, उनका काम सिर्फ नगर पालिका के राजस्व में वृद्धि हेतु ऐसी सम्पत्तियों का सर्वे करना है जिनसे निकाय को कम टैक्स मिल रहा है। इसके अलावा बकाया जलकर, सम्पत्ति कर के बिलों का वितरण करना है। टैक्स वसूली के लिए हम पहले ही मना कर चुके हैं लेकिन न जाने क्यों इस बात को अनावश्यक तूल देकर हंगामा खड़ा किया जा रहा है। उधर, नपा की इस सफाई पर प्रशिक्षणार्थियों और उनका समर्थन कर रहे कांग्रेस के युवा नेता सत्यजीत सिंह एवं अनीस पिंकू सिद्दीकी का नपा पर आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों व मीडिया के सामने वे कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। इनकी दोहरी बातों के कारण ही आज युवा परेशान हैं इसलिए उनमें नाराजगी हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के तहत पंजीकृत युवाओं से नगरीय निकायों में जो कार्य कराए जाने हैं उनमें बकाया सम्पत्ति कर, जलकर एवं निकाय की सम्पत्तियों की किराया वसूली तथा दुकानों-व्यवसायिक संस्थानों के लायसेन्सियों से फीस वसूल करना भी शामिल है। इन युवाओं को मानदेय के रूप में जो राशि दी जानी है उसमें राज्य सरकार का अंश 90 प्रतिशत और सम्बंधित नगरीय निकाय को 10 प्रतिशत राशि अपने बजट से देनी है। पन्ना में वर्तमान में इस योजना के मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के अंतर्गत करीब 300 युवा पंजीकृत बताए जा रहे हैं।

इनका कहना है –

“पंजीकृत युवाओं को यह पुनः स्पष्ट किया गया है कि उन्हें किसी तरह की टैक्स वसूली नहीं करना है, उनको तो सिर्फ उन सम्पत्तियों को चिन्हित करना है जहाँ से नियमानुसार टैक्स प्राप्त नहीं हो रहा है और सम्पत्ति कर एवं जलकर के बिल-नोटिस वितरित करना है। हाजिरी लगाने में भी कोई समस्या नहीं है, जितने भी लोग समय पर नगर पालिका में उपस्थित होकर सौंपे गए कार्य को करेंगे उनकी हाजिरी अवश्य लगाई जाएगी।”

अमजद गनी, सीएमओ नगर पालिका परिषद पन्ना।

स्वीप पर सवाल : “वोटें तो पहले जाड़े मा पर गईं, अब काए को चुनाओ आ होत” इस गाँव के लोगों को नहीं लोकसभा चुनाव की जानकारी, कब है मतदान और प्रत्याशियों का भी पता नहीं

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मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते आदिवासी बाहुल्य ग्राम रमपुरा के रहवासी।

* बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे हैं वन ग्राम रमपुरा के रहवासी

* पन्ना टाईगर रिजर्व के अंदर स्थित है आदिवासी बाहुल्य ग्राम रमपुरा

* इन हालात में पन्ना जिले में कैसे बढ़ेगा मतदान का प्रतिशत

* दूरस्थ और पहुँच विहीन ग्रामों में मतदाता जागरूकता की जगानी होगी अलख

शादिक खान, रमपुरा से लौटकर। रडार न्यूज़   लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा निर्वाचन- 2019 को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। अब तक संपन्न हुए चुनाव के तीन चरणों में तेज धूप और गर्मी के बाबजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं ने पोलिंग बूथ पहुँचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक वोट का महत्वपूर्ण है इसलिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मताधिकार के उपयोग को लेकर जनसामन्य को प्रेरित और जागरूक करने के लिए प्रत्येक संसदीय क्षेत्र अंतर्गत विविध कार्यक्रमों के आयोजन पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है। प्रशासनिक मशीनरी को भी इसमें लगाया गया है।
रमपुरा की महिलाओं को भी नहीं लोकसभा निर्वाचन की जानकारी।
हर हाल में मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने के लिए प्रयासरत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विकलांगों एवं चलने-फिरने में अक्षम मतदाताओं को मताधिकार के उपयोग हेतु मतदान केन्द्र तक लाने ले जाने की मुकम्मल व्यवस्था करने के साथ-साथ इनके लिए एक-एक सहायक को तैनात किया गया है। इसके अलावा प्रचंड गर्मी को देखते हुए मतदान केन्द्रों पर पहुँचने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए छाया, शीतल जल और शौंचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की इन कवायदों के बीच मध्यप्रदेश के अति पिछड़े इलाके बुन्देलखण्ड के खजुराहो संसदीय क्षेत्र क्रमाँक-8 के अंतर्गत आने वाले पन्ना जिले में कुछ ऐसे गाँव भी हैं जहाँ के रहवासी लोकसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। जनपद पंचायत पन्ना की इटवांकला पंचायत में आने वाला वन ग्राम रमपुरा इसका एक नमूना मात्र है।

अशिक्षा और जागरूकता का है आभाव

पन्ना टाईगर रिजर्व की चार दिवारी के अंदर जंगल के बीचों-बीच स्थित रमपुरा गाँव बाहरी दुनिया से लगभग कटा हुआ है। इसलिए वहाँ के लोगों को वर्तमान में चल रही लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का पता ही नहीं है। बुधवार 24 अप्रैल को जिला मुख्यालय पन्ना से पत्रकारों का एक दल जब वन विभाग से जुड़ी खबर को कवरेज करने रमपुरा गया था। इस दौरान वहाँ के रहवासियों से चौपाल में लोकसभा चुनाव के संबंध चर्चा करने पर मोतीलाल आदिवासी पिता सुकाइयाँ आदिवासी 40 वर्ष ने बताया कि – “वोटें तो पहले जाड़े मा पर गईं, मालक अब काए को चुनाओ आ होत, काय फिरकें वोटें डारीं जाने हैं का।” यह अप्रत्याशित उत्तर सुनकर पत्रकार हैरान रह गए। दरअसल, यह जबाब सिर्फ मोतीलाल आदिवासी की नहीं है बल्कि वहाँ रहने वाले किसी भी महिला या पुरुष को यह पता ही नहीं है कि वर्तमान में किसी चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, मतदान कब होना है और किस दल से कौन प्रत्याशी है ? पन्ना से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रमपुरा में अब तक न तो प्रशासन की स्वीप गतिविधियों का आयोजन हुआ और न ही वहाँ कोई उम्मीदवार पहुँचा है। एक तरफ जहाँ पूरे देश में लोकसभा चुनाव का शोर है तो वहीं रमपुरा जैसे गाँव भी हैं, बाहरी दुनिया से कटे होने के कारण इनमें लोकतंत्र के महापर्व की खबर अब तक नहीं पहुंच पाई है। लोकसभा निर्वाचन को लेकर यहाँ के लोगों की अनभिज्ञता का कारण गांव की भौगोलिक स्थिति के अलावा जागरूकता का आभाव, अशिक्षा और बिजली न होना है। इसी गांव के प्यारेलाल आदिवासी,लखनलाल आदिवासी, मुल्लू आदिवासी, बेबा गुलजार बाई, हीराबाई आदिवासी को लोकसभा चुनाव के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इन्होंने बड़ी ही साफगोई से मीडियाकर्मियों बताया कि – “हमाए गाँव में ता कौनउं खा पतो नईंयाँ के फिरके वोटें परने।” मालूम होकि करीब चार माह पूर्व प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2018 के लिए मतदान हुआ था। जबकि लोकसभा निर्वाचन-2019 के तहत खजुराहो संसदीय क्षेत्र में मतदान 6 मई 2019 को होना है।

ऐसे ग्रामों में हो स्वीप का आयोजन

खजुराहो संसदीय क्षेत्र में मतदान की तिथि नजदीक आने के मद्देनजर करीब 200 से अधिक मतदताओं वाले रमपुरा गाँव के लोगों को लोकसभा चुनाव की जानकारी न होना बेहद चिंताजनक है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद इन हालात कैसे सफल हो पाएगी, यह बड़ा सवाल बना है ? लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक वोट महत्पूर्ण होने के दावों के बीच रमपुरा के मतदाताओं तक निर्वाचन पूर्व मतदाता जागरूकता के लिए होने वाली स्वीप गतिविधियों का न पहुँचना अफसोसजनक है। इससे पता चलता है कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के दूरस्थ, पहुँचविहीन और अति पिछड़े ग्रामों में लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाता बेखबर है। उधर, खजुराहो सीट से चुनाव लड़ रहे 17 प्रत्याशियों में से कोई भी अब तक रमपुरा नहीं पहुँचा।
इस गेट के अंदर से जाता है रमपुरा ग्राम का रास्ता।
मजेदार बात तो यह है कि विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के पार्टी कार्यकर्ताओं अथवा चुनाव प्रचार में जुटे समर्थकों को रमपुरा का रास्ता याद नहीं हैं। मतदाता पर्ची वितरण तक अगर यही स्थिति रही तो रमपुरा सरीके ग्रामों के मतदाता इस प्रचंड गर्मी में बड़ी तादाद में अपने मताधिकार का उपयोग करने मतदान केन्द्र जाएँगे इसकी उम्मीद कम है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को चाहिए की रमपुरा सरीके गावों में लोकसभा चुनाव के मतदान की अलख जगाने के लिए स्वीप गतिविधियों का आयोजन प्राथमिकता से कराया जाए। ताकि, मतदान प्रतिशत में वृद्धि संभव हो सके।

इनका कहना है –

“मैं इसकी जानकारी तुरंत स्वीप गतिविधि प्रभारी को देता हूँ, रमपुरा जैसे गाँवों पर मतदाता जागरूकता को लेकर विशेष फोकस किया जाएगा।”  

–  जे. पी. धुर्वे, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी पन्ना।

गंभीर संकट | पन्ना टाईगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक ! पार्क के अंदर तालाब में घोला जहर, बड़ी तादाद में बेमौत मरीं मछलियाँ, खतरे में बाघों का संसार

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पन्ना टाईगर रिजर्व के वनकर्मियों की अभिरक्षा में आरोपी राजेश आदिवासी एवं उससे जब्त मछलियाँ।

एक आरोपी कट्टा समेत गिरफ्तार, दो अन्य साथी हुए फरार

घटना को दबाने पीटीआर प्रबंधन ने जारी नहीं की प्रेस विज्ञप्ति

मृत मछलियों की मात्रा को लेकर अलग-अलग दावों से मामला हुआ संदिग्ध

बाघ और दूसरे वन्यजीवों को जहरीला पानी पीने से रोकने तालाब पर बैठाया पहरा

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्व में विचरण करने वाले बाघ और दूसरे बेजुबान वन्यजीव सुरक्षित नहीं हैं। बेहद लचर सुरक्षा व्यवस्था के चलते इनके ऊपर गम्भीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले में शिकारियों और तस्करों की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर पन्ना के पुनः बाघ विहीन होने का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से पन्ना टाईगर रिजर्व एवं जिले के सामान्य वन क्षेत्रों में जिस तरह की बेहद चिंताजनक घटनाएँ लगातार सामने आ रहीं है, उससे इस आशंका को बल मिल रहा है। टाईगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र अमानगंज बफर के अंतर्गत आने वाले रामपुरा ग्राम के तालाब के पानी में जहर घोलने की सनसनीखेज घटना का उजागर होना भी इस बात का संकेत है कि पार्क के अंदर शिकारियों का जाल बिछ चुका है। उल्लेखनीय है कि पन्ना से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर पार्क के अंदर रमपुरा ग्राम में जल संसाधन विभाग का प्राचीन सिंचाई तालाब स्थित है। रविवार 21 अप्रैल को अज्ञात अपराधी ने इस विशाल तालाब के पानी में कथिततौर पर जहरीला पदार्थ घोल दिया। परिणामस्वरूप तालाब की मछलियाँ और जलीय जीव बेमौत मरने लगे। इसकी भनक जब वहाँ तैनात वनरक्षक को लगी तो उसके द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। मछलियों की मौत का सिलसिला जारी रहने के बीच बाघ सहित दूसरे वन्यजीवों को इसका पानी पीने से रोकने के लिए तालाब में वनकर्मियों को तैनात किया गया। साथ ही इलाके की निगरानी बड़ा दी गई।

इस बीच रमपुरा के समीप तालाब के दूसरे किनारे पर स्थित ग्राम कण्डवाहा के कुछ युवकों ने बाँधी ग्राम के युवकों को मछलियों की मौत होने की सूचना देकर पार्टी करने के लिए बुलाया। मंगलवार 23 अप्रैल राम सिंह आदिवासी, बलीराम रजक पिता मुन्नीलाल रजक निवासी बांधीकलां रात्रि के समय मोटरसाइकिल से जंगल के रास्ते से होते हुए ग्राम कण्डवाहा पहुँचे और वहाँ से राजेश आदिवासी पिता किलाइयाँ आदिवासी को साथ लेकर तालाब में उतर गए। रात के अँधेरे में पानी में जब ये बड़ी मछलियाँ एकत्र कर रहे थे तभी वहाँ पहुँचे गस्ती दल ने इन्हें घेर लिया। इस बीच बलीराम रजक और राम सिंह आदीवासी अँधेरे का लाभ उठाते हुए मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। जबकि राजेश आदिवासी पिता किलाइयाँ आदिवासी को वनकर्मियों ने धर दबोंचा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक 315 बोर का कट्टा बरामद हुआ है। इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध कर राजेश आदिवासी को पन्ना न्यायालय में पेश किया गया जहाँ उसे जेल दिया है। इस घटना के 48 घंटे बाद भी दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। साथ ही तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ घोलने वाले अज्ञात अपराधी का सुराग नहीं पाया है।

एक ट्राली से अधिक मछलियाँ मरीं ?

जब्तशुदा मृत मछलियों को जलाते वनकर्मी
रामपुरा तालाब के पानी में कथित तौर पर डाले गए जहरीले पदार्थ के दुष्प्रभाव के कारण एक से ड़ेढ़ ट्रेक्टर-ट्राली मछलियों एवं जलीय जीवों के मरने की जानकारी मिली है। जबकि पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने मृत मछलियों की मात्रा दो तगाड़ी (तशला) बताई है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस मामले में अपनी घोर लापरवाही और नकारेपन को छिपाने के लिए पार्क प्रबंधन जानबूझकर घटना की आधी-अधूरी सच्चाई को स्वीकार कर रहा। इसकी वास्तविकता का पता लगाने के लिए पन्ना के पत्रकारों का एक दल बुधवार को पार्क के अंदर स्थित ग्राम रमपुरा पहुँचा जहाँ तैनात स्थाईकर्मी बद्री प्रसाद क़ुररिया ने सच्चाई बयान करते हुए बताया कि पानी में मिलाए गए जहरीले पदार्थ के असर से बड़ी-छोटी मछलियाँ मिलाकर करीब एक से डेढ़ ट्राली मछलियाँ असमय काल-कवलित हुई हैं। लगभग 30 एकड़ में फैले इस तालाब में वर्तमान में 4-5 एकड़ में पानी भरा है। स्थाईकर्मी बद्री प्रसाद क़ुररिया के की मानें तो पूरा तालाब मृत मछलियों से पट गया था। और भीषड़ दुर्गंध उठ रही थी।

तीन दिन चली तालाब की सफाई

तालाब किनारे मृत मछलियों को बीनते वनकर्मी।
गहदरा नाका में तैनात फायर वाचर छन्नू खान के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मृत मछलियों को पानी से निकालकर नष्ट करने के लिए 3 दिन तक 12-15 श्रमिकों से काम कराया गया। छोटी मछलियों को तालाब के किनारे-किनारे लगभग 200 गड्ढे खोद कर दफ़न कराया गया। जबकि बड़ी मछलियों को नष्ट करने के लिए जलाने की बात सामने आई है। इसके अलावा गर्मी के समय इस जहरीले पानी को बाघ एवं दूसरे वन्यजीवों को पीने से रोकने के लिए वनकर्मियों को तैनात किया गया है। स्थाईकर्मी बद्री प्रसाद क़ुररिया और फायर वाचर छन्नू खान के साथ रहे अन्य वनकर्मियों ने भी इसकी पुष्टि की है। दोनों वनकर्मियों ने बड़ी ही निर्दोषिता के साथ कैमरों पर भी पूरी कहानी बताई है। गौर करने वाली बात यह है कि मैदान में तैनात उम्रदराज वनकर्मी इतने नासमझ तो नहीं हैं कि, इन्हें दो तगाड़ी और एक से ड़ेढ़ ट्रेक्टर-ट्राली मछलियों की मात्रा के अंतर का पता न हो। उधर, रमपुरा के ग्रामीण भी दबी जुबान बड़ी तादाद में मछलियों के मरने की बात कह रहे है। मृत मछलियों की मात्रा को लेकर अलग-अलग दावे संभवतः इसलिए सामने आए हैं क्योंकि, मैदानी अमले को पत्रकारों के रमपुरा पहुँचने तक इस बात की खबर ही नहीं थी कि उनके आला अधिकारियों इस प्रकरण की आधी-अधूरी सच्चाई को अपनी सुविधानुसार बताया है।

तालाब में प्यास बुझाने आते हैं बाघ

सांकेतिक फोटो।
मालूम हो कि गर्मी के दिनों में पन्ना टाईगर रिजर्व में जल संकट बड़ी तेजी से गहराने लगता है। इस विपरीत समय में बाघ और दूसरे वन्यजीवों को पेयजल सुगमता से उपलब्ध करने के लिए टैंकरों से पानी का परिवहन कर पार्क के अंदर निर्मित संरचनाओं में आपूर्ति की जाती है। इस वर्ष पन्ना में अल्प वर्षा के चलते जल संकट की स्थिति काफी गम्भीर बनी है। इसके मद्देनजर वर्तमान में पन्ना टाईगर रिजर्व में प्रतिदिन कई टैंकर पानी परिवहन कर सौंसरों में भरा जा रहा है। पार्क के अंदर रमपुरा में स्थित सिंचाई विभाग का तालाब आसपास के इलाके में विचरण करने वाले बाघ और दूसरे वन्यजीवों के लिए गर्मी के दिनों प्यास बुझाने में मददगार साबित होता है। यहाँ ठंडक और हरी घास के चक्कर में भी बड़ी तादाद में वन्यजीव आते हैं। तालाब के पानी में कथित तौर पर अज्ञात अपराधी द्वारा जहरीला पदार्थ मिलाने से बड़ी तादाद में मछलियों की मौत को देखते हुए इसका पानी पीने वाले दूसरे वन्यजीवों पर भी जहर का असर होने का खतरा बना है। यदि समय रहते तालाब के पानी को उपचारित नहीं कराया गया तो इसका पानी पीने वाले वन्यजीवों के साथ कुछ भी हो सकता है। प्रचंड गर्मी के समय जब जल संकट गंभीर रूप ले रहा है तब विशाल तालाब का पानी जहरीला होने से इस इलाके वन्यजीवों की मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है। वन्यजीवों को इस जहरीले पानी को पीने को रोकने के लिए भले ही मौके पर वनकर्मियों को तैनात किया गया है पर यह पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि तालाब के आसपास कृतिम जल संरचनाएँ बनाकर उनमें टैंकर से पानी की आपूर्ति सुनिचित की जाए ताकि वन्यजीवों को जहरीले पानी को पीने से रोका जा सके।

सच बोलने की मिल सकती है सजा !

पन्ना टाईगर रिजर्व के अंदर से ही मृत मछलियों की मात्रा को लेकर अलग-अलग दावों के सामने आने से और उनके बीच के विशाल अंतर को देखते हुए सच्चाई उजागर करने वाले निचले स्तर के कर्मचारी बद्री प्रसाद क़ुररिया, फायर वाचर छन्नू खान और इनके साथी बड़े अफसरों के कोप का भाजन बन सकते हैं। ऐसी ख़बरें मिल रहीं है कि पत्रकारों को सच बताने से हुई बदनामी को लेकर साहब लोग इनसे बेहद नाराज़ हैं। इनके खिलाफ किसी भी समय कोई भी गम्भीर आरोप लगाकर इन्हें नौकरी तक से निकाला जा सकता है। दरअसल, पन्ना टाईगर रिजर्व के उप संचालक जरांडे ईश्वर रामहरी को पन्ना से पत्रकारों का रमपुरा पहुँचकर वास्तविकता की पड़ताल कर उसे उजागर नागवार गुजरा है। इस मामले में पार्क प्रबंधन की बड़ी चूक सामने आने और आधी-अधूरी सच्चाई को सुविधानुसार उजागर करने की कवायद का भंडाफोड़ होने से अधिकारियों की तीखी आलोचना हो रही है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में शर्मिंदगी का सबब बने छोटे कर्मचारियों से नाराज अफसर किसी भी समय उन पर कार्यवाही की गाज गिराकर पत्रकारों को सच बताने का दण्ड दे सकते हैं।

लापरवाही को छिपाने लीपापोती

इस गेट के अंदर से जाता है रमपुरा ग्राम का रास्ता।
उल्लेखनीय है कि पन्ना-अमानगंज मार्ग से करीब 5 किलोमीटर अंदर घनघोर जंगल के बीचों-बीच बफर जोन क्षेत्र में स्थित रमपुरा ग्राम में आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। यहाँ पहुँचने के लिए पार्क के प्रवेश द्वार से होकर गुजरना पड़ता है। पत्रकारों के वहाँ जाने से पार्क के अंदर की हकीकत निकलकर बाहर आई है। इससे अधिकारी असहज महसूस कर रहे हैं जो कि उनकी बातों से भी झलक रहा है। बताते चलें कि इस मामले को दबाने के लिए पार्क प्रबंधन की ओर से राजेश आदिवासी की गिरफ़्तारी का प्रेस नोट तक जारी नहीं किया गया। छोटी-छोटी सी गतिविधियों की खबर मीडियाकर्मियों तक पहुँचाने वाला पार्क प्रबंधन इतनी बड़ी घटना को अगर छिपाए तो उसकी मंशा पर संदेह तो होगा ही, खासकर तब जब कि मामला गंभीर चूक और बड़ी क्षति का हो। गौर करने वाली बात यह कि रमपुरा तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने वाला अज्ञात अपराधी कौन है, वह कहाँ से और कब आया ? पार्क के निगरानी तंत्र को इसकी भनक नहीं लगी। पाँच दिन बाद भी उसका सुराग तक नहीं लग सका। इसी तरह बाँधीकलां के युवकों के कट्टा लेकर मोटरसाइकिल से पार्क क्षेत्र के अंदर घुसने का पता भी कई घण्टे बाद चला। पार्क की कथित चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों की वास्तविकता को इस घटनाक्रम से भलीभाँति समझा जा सकता है। विदित हो कि पन्ना टाईगर रिजर्व में पिछले वर्ष एक बाघिन का फंदा लगाकर शिकार हो चुका है। लेकिन, इसके बाद भी पार्क क्षेत्र अपराधों की रोकथाम और वन्यजीवों सुरक्षा लेकर जिम्मेदार तनिक भी संजीदा नहीं हैं।

इनका कहना है –

“रमपुरा के तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की आशंका है, इससे एक-डेढ़ ट्राली मछलियाँ नहीं मरीं बल्कि महज दो तगाड़ी मछलियों की मौत हुई है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है। तालाब में एक ही प्रजाति की मछलियाँ मरीं हैं इसलिए अन्य कोई कारण भी हो सकता है, हमने तालाब के पानी को और मृत मछलियों का सैम्पल जाँच के लिए भेजा है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।”

– जरांडे ईश्वर रामहरी, उप संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व

“रमपुरा के तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया गया है अभी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता, जब तक कि जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती। एक-डेढ़ ट्राली मछलियाँ नहीं मरीं बल्कि महज कुछ किलो मछलियाँ ही मरीं हैं। मैं अभी बाहर हूँ पन्ना आकर आपसे बात करूँगा।”

– के.एस. भदौरिया, क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व

चुनावों से पहले नेताओं पर प्रशासन की मेहरबानी ! फर्शी पत्थर और क्रेशर गिट्टी की डेढ़ दर्जन खदानें स्वीकृत, 2 रेत खदानों को भी मिली खनन की अनुमति 

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सांकेतिक फोटो।
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   जिला प्रशासन ने नेताओं व खनन कारोबारियों की सुध लेते हुए करीब 5-6 माह की अवधि में फर्शी पत्थर और क्रेशर गिट्टी की डेढ़ दर्जन खदानें स्वीकृत की हैं। इसके अलावा अजयगढ़ तहसील के चर्चित ग्राम मोहाना में 2 रेत खदानों को खनन की अनुमति प्रदान की गई है। नवीन स्वीकृत खदानों में कुछ विधानसभा चुनाव-2018 के पूर्व और कुछ खदानें लोकसभा निर्वाचन की आचार संहिता लगने के पूर्व स्वीकृत हुई है। मजेदार बात यह है कि इनमें कुछ खदानें भाजपा नेताओं की तो कुछ कांग्रेस नेताओं की हैं और कुछ उनके परिजनों तथा विश्वासपात्र लोगों की बताई जा रहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नवीन स्वीकृत खदानों में 12 फर्शी पत्थर की और 4 क्रेशर गिट्टी की खदानें हैं। पन्ना से अपने स्थानांतरण से पूर्व जिला खनिज अधिकारी संतोष सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले में रोजगार के अवसरों के सृजन और खनिज सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खदानों की स्वीकृति में जिस तरह की तत्परता से दिखाई है उसकी चर्चा हर तरफ है। मालूम हो कि इसके पूर्व कलेक्टर शिवनारायण सिंह चौहान के कार्यकाल में खदान स्वीकृति के प्रकरणों का रिकार्ड तेजी के साथ निपटारा हुआ था। इनके बाद आईं तेज-तर्राट और ईमानदार छवि वाली कलेक्टर जे. पी. आइरीन सिंथिया ने काफी छानबीन के बाद गिनती की  खदानें ही स्वीकृत हैं। इसके उलट पूर्व में बंटन की भूमियों पर स्वीकृत की गईं कई खदानों को उन्होंने निरस्त कर दिया था। इस फैसले से प्रभावित होने वाले लोगों को लाखों रूपए की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी थी।

रेत खनन की दी अनुमति 

नवीन कलेक्ट्रेट भवन पन्ना।
हाल ही में अजयगढ़ तहसील के ग्राम मोहना में केन नदी पर दो रेत खदानों को खनन की अनुमति जिला प्रशासन के द्वारा दी गई है। जिसमें पंचायत को आवंटित मोहना रेत खदान क्रमाँक -1 एवं शक्ति ट्रेडर्स ग्रुप के प्रोप्राइटर राजेन्द्र अग्रवाल निवासी कटनी की रेत खदान क्रमाँक- 2 शामिल है। करीब 6 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली यह खदान नीलामी की है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत को आवंटित मोहना रेत खदान क्रमाँक -1 में करीब 6 माह पूर्व खुलेआम मशीन से रेत का उत्खनन होने की जानकारी मिलने पर पन्ना पत्रकारों का एक दल वहाँ कवरेज करने गया था।  इस दौरान वहाँ नदी में पोकलेन मशीन उतारकर रेत निकली जा रही थी। पत्रकार जब उस मशीन को अपने कैमरों में कैद करने लगे तो वहाँ तैनात एक खदान संचालक के गुर्गों ने मोबाइल फोन छीन लिया था। लूट की इस घटना की रिपोर्ट अजयगढ़ थाना में दर्ज कराई गई थी। पंचायत को आवंटित इस खदान को मौके पर आपराधिक तत्वों दवारा पर्यावरण एवं खनन संबंधी निमय-कानूनों को ताक पर रखकर संचालित करने की ख़बरें प्रकाशित होने तथा स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर मनोज खत्री ने इस खदान से रेत खनन पर रोक लगा दी थी।

जारी नहीं की गईं खबरें

सांकेतिक फोटो।
इस मामले में कुछ माह तक चली जाँच-पड़ताल की औपचारिकता के बीच मामला शांत पड़ने पर कुछ समय पूर्व इस खदान पर लगी रोक को हटा दिया गया है। इसके अलावा पंचायत की खदान के ही समीप स्थित मोहना रेत खदान क्रमाँक- 2 में शक्ति ट्रेडर्स को खनन की अनुमति दी गई है। खनिज से जुड़े प्रकरणों के निराकरण में जिला प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता को देखते हुए यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा कि आमजन के आवेदनों का समाधान भी अगर इसी तर्ज पर होने लगे तो लोगों में व्यवस्था के प्रति भरोसा कायम किया जा सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि, जिला प्रशासन की छोटी से छोटी गतिविधियों एवं कार्यवाही की खबरें जिला जनसम्पर्क कार्यालय के माध्यम से जारी कराकर मीडियाकर्मियों तक पहुँचाई जाती हैं, ताकि आमजन को उनकी जानकारी मिल सके। लेकिन, फर्शी पत्थर, क्रेशर गिट्टी की नई खदानें स्वीकृत करने तथा रेत खदानों को खनन की अनुमति प्रदान करने की महत्वपूर्ण खबर को जारी नहीं कराया गया। ऐसा क्यों किया गया यह बताना मुश्किल पर समझना आसान है।

पन्ना जिले में स्वीकृत फर्शी पत्थर एवं क्रेशर गिट्टी खदानें

क्र.

     नाम खदान ठेकेदार

  स्वीकृत            दिनांक

         स्थान

     रकबा

1. पंचम पिता अमृत लाल यादव    निवासी मोहड़िया, पवई  26. 02. 19 घोना, शाहनगर फर्शी पत्थर 1.07  हेक्टेयर
2. राम सिंह यादव पिता अमृत लाल यादव निवासी मोहड़िया,                पवई 18. 09. 18   मोहड़िया, फर्शी पत्थर 1.10  हेक्टेयर
3. नीलेष पाण्डेय पिता रामऔतार       पाण्डेय निवासी पवई  26. 02. 19    कढ़ना, फर्शी पत्थर 1.25  हेक्टेयर
4.   कन्हैया स्टोन प्रोप्राइटर अनुराज सिंह यादव निवासी                पन्ना  26. 02. 19 टिकरिया, फर्शी पत्थर 2.23  हेक्टेयर
5. देवी सिंह पिता हुकुम सिंह            निवासी पिपरहा 29. 01. 19 कुटरहिया , फर्शी पत्थर 1.562 हेक्टेयर
6. भूपेन्द्र सिंह पिता जयपाल             निवासी शाहनगर 17. 12. 18  घोना, फर्शी पत्थर 1.15   हेक्टेयर
7. बहोरी लाल पिता मुन्नीलाल   विश्वकर्मा निवासी सलेहा 17. 12. 18 बछौन, फर्शी पत्थर 1.134 हेक्टेयर
8. देवेन्द्र सिंह पिता पंचम सिंह यादव निवासी किशोरगंज                   पन्ना 26. 02. 19 तालगॉव, फर्शी पत्थर 1.00   हेक्टेयर
9. जीतेन्द्र सिंह पिता देवेन्द्र सिंह       निवासी शिकारपुरा 26. 02. 19 कोंड़ा, फर्शी पत्थर 1.21   हेक्टेयर
10. बालेन्द्र सिंह पिता नारायण          सिंह, निवासी पवई 27. 12. 18 घुटेही, फर्शी पत्थर 1.07   हेक्टेयर
11. लोकेन्द्र सिंह पिता प्रहलाद सिंह निवासी बड़खेरा, पवई 13. 09. 18  कैमुरिया, फर्शी पत्थर  1.06 हेक्टेयर
12. प्रहलाद पिता हरिराम तिवारी         निवासी कैंथी, पवई 26. 09. 18 झरकुआ, क्रेशर गिटटी 2.00  हेक्टेयर
13.

डायमण्ड स्टोन क्रेशर प्रोप्राइटर      श्रीकांत दीक्षित, पन्ना

21. 02. 19 बिलघाड़ी, क्रेशर गिटटी 1.60 हेक्टेयर
14. पुष्पराज सिंह पिता अवधराज सिंह निवासी तहसील नागौद 26. 02. 19  बिल्हा, क्रेशर गिटटी 1.30 हेक्टेयर
15. पुष्पराज सिंह पिता अवधराज सिंह निवासी तहसील नागौद 12. 03. 18 बिल्हा, क्रेशर गिटटी 1.08 हेक्टेयर
16. संतोष कुमारी पत्नि परषराम पटेल निवासी कोठी पवई 03. 03. 19 कोठी, फर्शी पत्थर 1.04 हेक्टेयर
17. साबरा बानो पत्नि चॉद मोहम्मद निवासी सलेहा सैद्धांतिक स्वीकृति लिलवार, फर्शी पत्थर  1.00 हेक्टेयर
18. शम्भवी एसोसिएटस, प्रोप्राइटर       संजय नगायच 26.. 09. 18 झरकुआ , क्रेशर गिटटी 3.4 हेक्टेयर

 

फैसला : रिश्‍वतखोर पुलिस उपनिरीक्षक को 4 वर्ष का सश्रम कारावास, मारपीट के मामले को रफा-दफा करने लिए थे 15 हजार

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

* बहुचर्चित घूसकांड में विशेष न्‍यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

* अभियुक्त को 5-5 हजार रूपये का अर्थदण्‍ड से भी किया दण्डित

पन्ना। रडार न्यूज   मारपीट के प्रकरण को रफा-दफा करने एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत लेने के बहुचर्चित मामले में विशेष न्‍यायाधीश भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम जिला पन्ना अनुराग द्विवेदी ने निर्णय पारित करते हुए रिश्‍वतखोर पुलिस उपनिरीक्षक उदयभान शर्मा को 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 5-5 हजार रूपये का अर्थदण्‍ड से भी दण्डित किया है। अर्थदण्‍ड की राशि अदा न करने पर 1-1 वर्ष के अतिरिक्‍त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण के संबंध आशुतोष कुमार द्विवेदी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि दिनाँक 17 जुलाई 2016 को ग्राम ककरहटी में फरियादी नईम के मौसी के लड़के इदरीश मोहम्‍मद ने रामअवतार डीमर से मारपीट की थी। जिसकी रिपोर्ट रामअवतार डीमर ने पुलिस चौकी ककरहटी में की थी। इस रिपोर्ट में क्‍या कार्यवाही हुई यह पता करने के लिये नईम मोहम्‍मद ने अपने दोस्‍त उमा प्रसाद यादव को पुलिस चौकी ककरहटी भेजा। उमा प्रसाद यादव ने वापिस आकर बताया कि पुलिस चौकी प्रभारी उदयभान शर्मा ने बताया कि इदरीश मोहम्‍मद के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध हो गया है। चौकी प्रभारी उदयभान शर्मा इस मामले को रफा-दफा करने के लिये 25 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे है।
दिनांक 19 जुलाई 16 को इदरीश मोहम्‍मद ने चौकी प्रभारी ककरहटी उदयभान शर्मा से बात की तो उदयभान शर्मा ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 25 हजार रूपए की मांग की। इदरीश मोहम्‍मद रिश्‍वत के 25 हजार रूपये नहीं देना चाहता था। बल्कि चौकी प्रभारी को रिश्‍वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। हालाँकि वह चौकी प्रभारी उदयभान शर्मा से रिश्‍वत राशि के बारे में बात करने से डर रहा था कि, कहीं चौकी प्रभारी उदयभान शर्मा उसके साथ मारपीट न कर दें । इसलिए इदरीश की ओर से फरियादी मोहम्‍मद नईम ने पुलिस उपनिरीक्षक उदयभान शर्मा से बातचीत की। घूस माँगने की शिकायत नईम के द्वारा 21 जुलाई 2016 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर से की गई। इसके बाद रिश्वत की माँग संबंधी बातचीत को रिकार्ड किया गया।
सांकेतिक चित्र।
पूर्व निर्धारित योजना अनुसार 22 जुलाई 2016 को नईम ने चौकी प्रभारी ककरहटी उदयभान शर्मा के शासकीय आवास में पहुँचकर रिश्वत के 15 हजार रूपए उन्हें देते ही लोकायुक्त पुलिस टीम को इशारा कर दिया। अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस उपनिरीक्षक उदयभान शर्मा को घूस की राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में अग्रिम विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया। इस बहुचर्चित प्रकरण का विचारण विशेष न्‍यायाधीश भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम जिला-पन्ना अनुराग द्विवेदी के न्यायालय में हुआ। जिसमें अभियोजन के द्वारा प्रस्‍तुत साक्ष्‍य और न्‍यायिक-दृष्‍टांतों के आधार पर न्‍यायालय ने रिश्वत लेने के आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक उदयभान शर्मा 59 वर्ष निवासी ग्राम धरी, थाना बैकुंठपुर जिला रीवा मध्यप्रदेश को दोषी ठहराते सजा सुनाई है।

लोकसभा चुनाव : बीजेपी के 3 नेताओं ने वापिस लिया नामांकन, पर नहीं माने पूर्व विधायक गिरिराज किशोर, खजुराहो सीट पर चुनाव मैदान में 17 उम्मीदवार

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नामांकन वापिस लेते भाजपा नेता नेता सुधीर शर्मा।

* सुकीर्ति जैन, सुधीर शर्मा और जयप्रकाश ने छोड़ा मैदान

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज  खजुराहो लोकसभा सीट पर नाम निर्देशन पत्र वापस लेने के लिए अंतिम दिन 22 अप्रैल को निर्धारित समय तक बीजेपी के तीन नेताओं ने अपना नामांकन वापिस ले लिया। हालाँकि, भाजपा से इस्तीफ़ा दे चुके पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार राजू चुनावी समर डटे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उन्हें मानाने की तमाम कोशिशें की गईं लेकिन सफलता नहीं मिली। इस तरह नाम वापिसी के बाद खजुराहो संसदीय क्षेत्र से 17 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष बचे हैं। कलेक्टर एवं रिटर्निंग ऑफिसर खजुराहो संसदीय क्षेत्र क्रमाँक- 08 मनोज खत्री से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके कार्यालय में निर्धारित तिथि तक जमा कराए गए नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 20 अप्रैल 2019 को गयी। संवीक्षा के उपरांत कुल 20 नाम निर्देशन पत्र विधिमान्य पाए गए थे। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने के लिए 22 अप्रैल को अपरांह 3 बजे तक की तिथि निर्धारित की गयी थी। उन्होंने बताया है कि 03 अभ्यर्थियों द्वारा अभ्यर्थिता से नाम वापस लिए गए। इनमें पंडित सुधीर शर्मा निवासी सेवाग्राम खजुराहो जिला छतरपुर, जयप्रकाश चतुर्वेदी निवासी पन्ना एवं सुकीर्ति जैन (पूर्व विधायक) निवासी हीरागंज कटनी शामिल है। अब लोकसभा निर्वाचन 2019 संसदीय क्षेत्र 08-खजुराहो के लिए 17 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में रहेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा के जिन 3 नेताओं ने नाम वापस लिए हैं उनके मैदान छोड़ने की खबरें पहले से ही आने लगीं थीं। पार्टी के नेताओं से मेल-मुलाकात के बाद उनके तेवर ठण्डे पड़ गए थे। बहरहाल यह साफ़ नहीं हो सका कि इन नेताओं ने सशर्त नाम वापिस लिया है या फिर खजुराहो संसदीय क्षेत्र के विष्णु दत्त शर्मा को प्रत्याशी बनाने के निर्णय को लेकर पार्टी नेतृत्व से उनकी शिकायत दूर हो गई है।

गिरिराज किशोर बने चुनौती

नामांकन वापिस लेते भाजपा नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी।
उल्लेखनीय है कि, मुरैना जिले के निवासी विष्णु दत्त शर्मा को खजुराहो सीट से भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के निर्णय का टिकिट के कई दावेदारों ने शरुआत में कड़ा विरोध किया था। भाजपा प्रत्याशी को बाहरी बताते हुए कई जगह उनके पुतले भी फूँके गए। लेकिन, बढ़ते विरोध के बीच बीजेपी के दिग्गज नेताओं पूर्व सीएम शिवराज सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्षद्वय विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रभात झा, प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने पन्ना आकर डैमेज कंट्रोल करते हुए कई नाराज नेताओं को पहले ही मना लिया था। फलस्वरूप टिकिट वितरण के बाद से नाराज चल रहे कुछ नेता बीडी शर्मा की नामांकन रैली और उसके पूर्व हुई आमसभा में न सिर्फ शामिल हुए बल्कि उनके द्वारा मंच से भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील भी की गई।

पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार।
सर्विदित है कि चुनाव के समय टिकिट वितरण को लेकर नेताओं के नाराज होने, पार्टी के फैसले का विरोध करने और बगावत करने की ख़बरें हर चुनाव में आतीं है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मौकों पर कई नेता अपनी पूँछ-परख बढ़ाने, निहित स्वार्थपूर्ति के लिए अथवा क्षतिपूर्ति बतौर संगठन या सरकार में कोई पद हांसिल करने के खातिर अक्सर पहले बागी तेवर दिखाते फिर मान-मनौव्वल के बाद ठण्डे पड़ जाते है। बहरहाल, खजुराहो सीट पर भाजपा के नाराज नेता कैसे मानें इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं है। हालाँकि सच्चाई उनके और भाजपा के मैनेजरों के अलावा कोई नहीं जानता। रहा सवाल कटनी जिले के पूर्व विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार का तो वे इस चुनाव में अकेले दम पर बगावत का झण्डा उठाकर भाजपा प्रत्याशी के लिए बने हैं। बताते चलें कि भाजपा का गढ़ कहलाने वाली खजुराहो सीट पर कांग्रेस ने इस बार क्षेत्रीय प्रत्याशी के रूप पूर्व छतरपुर राजघराने की महारानी कविता सिंह को चुनावी महासमर में उतारा है। भाजपा के प्रत्याशी बीडी शर्मा जहां मुरैना जिले के निवासी हैं वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह की ससुराल खजुराहो और मायका पन्ना में है। जोकि खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आते हैं।

इनके बीच है मुकाबला

विष्णु दत्त शर्मा, बीजेपी प्रत्याशी।
नामांकन वापिसी के बाद खजुराहो संसदीय क्षेत्र में कुल 17 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। इनमें महारानी कविता सिंह नाती राजा इण्डियन नेशनल कांग्रेस, बी.डी. शर्मा (विष्णुदत्त शर्मा) भारतीय जनता पार्टी अश्वनी कुमार दुबे सर्वोदय भारत पार्टी से, जगदीश कुमार पटेल अखिल भारतीय अपना दल से, देशपाल पटेल आंबेडकर राईट पार्टी आफ इण्डिया से, मनीष मिश्रा राष्ट्रीय आदर्श मेम्बर पार्टी से, एडवोकेट राकेश कुमार शुक्ला ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक से, वीर सिंह पटेल समाजवादी पार्टी से तथा संतकुमार शर्मा समग्र उत्थान पार्टी शामिल हैं। अन्य अभ्यर्थियों में अब्दुल इमरान, गिरिराज किशोर (राजू) पोद्दार, नरेन्द्र पाण्डेय (रामजी), पर्वत सिंह निवासी, भूपत कुमार आदिवासी, मीना/ललित रायकवार, राजकुमार, विनोद कुमार शामिल हैं।

मध्यप्रदेश : दिग्विजय सिंह ने जगतगुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद लेकर भरा नामंकन, प्रचंड गर्मी में हजारों की संख्या में पहुँचे समर्थक

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नामांकन दाखिल करने के लिए जाते समय हाथ जोड़कर लोगों अभिवादन स्वीकार करते दिग्विजय सिंह। फोटो - दैनिक भास्कर।

* भोपाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हैं दिग्विजय सिंह

* लोकसभा चुनाव के लिए चार सेट में दाखिल किया नामांकन

भोपाल। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुँचकर अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन भरने के पूर्व उन्होंने पत्नी अमृता सिंह के साथ झरनेश्वर मंदिर पहुंचकर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नामांकन दाखिल करने विशाल रैली के रूप में कलेक्ट्रट कार्यालय पहुँचे दिग्विजय सिंह के साथ उनके परिजन एवं सुरेश पचौरी, मंत्री पीसी शर्मा, गोविंद सिंह, आरिफ मसूद, विभा पटेल सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के साथ उनके हजारों समर्थक भी तेज धूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
नामांकन से पूर्व दिग्विजय सिंह ने सपत्नीक जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान भारी भीड़ के चलते एक तरफ की सड़क पर जाम की स्थिति रही। दिग्विजय सिंह के नामांकन को देखते हुए कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के भारी इंतजाम रहे। बताया जा रहा है कि भारी भीड़ के चलते किसी तरह की अव्यवस्था न फैले इसलिए दिग्विजय सिंह खुद समर्थकों बाहर किया। दिग्विजय सिंह ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष चार सेट में नामांकन दाखिल किए है। चारों सेट में उनके अलग-अलग प्रस्तावक हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, प्रदेश सरकार में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, चाचौड़ा विधायक और दिग्विजय के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह और बैरसिया की जयश्री हरिकरण शामिल बताए जा रहे हैं। नामांकन भरने के बाद दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि- “भोपाल एक ग्लोबल सिटी हो, जहाँ हम दुनियाभर से रोजगार अपने यहां ला सकें।” इस अवसर पर उनके पुत्र एवं कमलनाथ सरकार में मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि दिग्विजय विकास के मुद्दे पर प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतेंगे।

चुनावी मुकाबले पर देशभर की नजरें

भोपाल सीट से नामांकन दाखिल करते कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह।
मालूम हो कि भोपाल सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को चुनावी महासमर में उतारा है। मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर फिलहाल जमानत पर हैं। उन पर आतंकी घटनाओं की साजिश में शामिल होने के बेहद गम्भीर आरोप हैं। पिछले दिनों भोपाल सीट पर लम्बे इंतजार के बाद बीजेपी प्रत्याशी के रूप में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम का ऐलान होने के बाद से पार्टी के कई नेता नाराज बताए जा रहे हैं। टिकिट के दावेदार रहे भाजपा के स्थानीय नेता इस फैसले को अपनी उपेक्षा के तौर पर देख रहे हैं। भोपाल सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। पिछले कई चुनाव से यहाँ भाजपा प्रत्याशी जीत रहे हैं। लेकिन, इस बार कांग्रेस ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को भोपाल से चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा के लिए मुकाबले को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

दिग्विजय सिंह।

इसके मद्देनजर बीजेपी ने भोपाल सीट से अपने मौजूदा सांसद आलोक संजर का टिकिट काटकर दिग्विजय सिंह को टक्कर देने के लिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर दांव लगाया है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के आने से मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना उसके लिए आसान होगा। जबकि विकास के एजेंडे को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के चुनावी प्रबंधन, सघन जनसम्पर्क, मिल रहे जन समर्थन और भोपाल की फिजा में बदलाव की बयार को देखते हुए भाजपा के सामने अपने गढ़ को बचाने की चुनौती है। इस लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की भोपाल सीट के चुनावी मुकाबले पर देश भर की नजरें टिकीं है। चुनाव परिणाम चाहे जो भी रहे पर यहाँ मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण होने की उम्मीद है।