* समस्याओं की जड़ है व्यसन इसलिए इसे अपना दुश्मन समझें – ब्रह्माकुमारीज़
पन्ना।(radarnews.in) “विश्व तम्बाकू निषेध दिवस” के उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय पन्ना के तत्वाधान में नगर में व्यसन मुक्ति का सन्देश देने के लिए एक विशाल जन जागरूकता रैली निकली गई। इसके माध्यम से नागरिकों को व्यसनों के कारण जीवन पर पड़ने वाले व्यापक दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें नशे की लत तथा बुरी आदतों को छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। फ़लस्वरुप कई लोगों के द्वारा व्यसन छोड़ने के लिए संकल्प पत्र भरे गए। शुक्रववार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना से शुरू हुई जन जागरूकता रैली को पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, समाजसेवी मनोज गुप्ता, प्राचार्य निशा जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर रवाना किया गया।
इस अवसर पर पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने अपने उद्बोधन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा सभ्य, सुसंस्कृत, व्यसन मुक्त और मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण हेतु निरंतर किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कण्ठ से सराहना की गई। उन्होंने कहा कि यहां आकर मुझे अनोखी शांति की अनुभूति हुई है। व्यसन मुक्ति जन जागरूकता रैली नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए निकली। इस दौरान रैली में शामिल भाई-बहिनें व्यसन(बुरी लत) के कारण जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभवों से लोगों को जागरूक करने के लिए नारे लगाते हुए और हाथों में तख्तियाँ लेकर कतारबद्ध चल रहे थे। रैली में आगे चल रहे रथ पर नशे के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सचित्र प्रदर्शित किया गया। साथ ही झकझोरने वाले स्लोगन लिखे पोस्टरों से सुसज्जित रथ लोगों को अपने अनमोल जीवन को व्यसन रुपी बुराई में बर्बाद होने से बचाने के लिए सन्देश दे रहा था।
पूरे विश्व को पहुँचाता है क्षति
जन जागरण यात्रा नगर का भ्रमण करते हुए राजेन्द्र उद्यान पहुंचीं जहाँ राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना की प्रमुख बी.के. सीता बहिन जी द्वारा चित्रों के माध्यम से सभी को व्यसन छोड़ने की विधि सिखायी गई एवं संकल्प पत्रों को भरवाकर व्यसन छोड़ने का संकल्प कराया गया। इस अवसर पर बहिन जी ने व्यसन सेवन के नुकसान के प्रति लोगों को आगाह करते हुए बताया कि व्यसन सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और पूरे विश्व को क्षति पहुंचाता है। परिवार की अशांति का कारण व्यसन ही है। अधिकांश समस्यायें और परेशानियों की जड़ व्यसन ही हैं, व्यसन रूपी बुराई के बढ़ने से ही सड़क हादसों में ग्राफ तेजी से बढ़ा है। आज व्यसन करना एक फैशन बन गया है जबकि इनसे सिर्फ हमारा पतन ही हुआ है। उन्होंने लोगों से सभी व्यसनों को अपना दुश्मन समझते हुए तुरन्त इन्हें छोड़ने का निर्णय लेने की बात कही।
दूसरों को भी करें प्रेरित
ब्रह्माकुमारी सीता बहिन जी ने विद्यालय का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी विद्यालय का लक्ष्य है सभी को सुसंस्कृत, निर्व्यसन जीवन जीने की कला सिखाना है। इसलिए यहां पर प्रतिदिन आध्यात्मिक शिक्षा दी जाती है एवं राजयोग ध्यान (मेडीटेशन) सिखाया जाता है। जिससे हमारे अन्दर शक्तियों का विकास होता है, मनोबल बढ़ता है और व्यक्ति अन्दर से शक्तिशाली मजबूत अनुभव करता है। जिससे सभी बुराईयों एवं व्यसनों को छोड़ना उसके लिए आसान हो जाता है। आपने कहा कि अगर हमारे अन्दर कोई भी नशीले पदार्थों की लत नहीं है तो अच्छा है। लेकिन, कोई कुसंस्कृत, गलत आदत जैसे – गुस्सा करना, अधिक सोना… आदि है तो उसे भी मन, वचन, कर्म से छोड़ने का संकल्प लें। साथ ही अपने आसपास के एक-दो व्यक्तियों का व्यसन छोड़ने के लिए अवश्य प्रेरित करें।
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चुनावी जीत के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा- देश ने फकीर की झोली भर दी। भाजपा की विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए। आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया। ना रुके, ना थके और ना झुके। हम दो हो गए तो भी और आज दोबारा आ गए तो भी। दो से दोबारा आने की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए। दो थे, तब भी निराश नहीं हुए। दोबारा आए तो भी नम्रता विवेक, आदर्श और संस्कार नहीं छोड़ेंगे।


खजुराहो संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने मोदी के नाम पर दिल खोलकर जितना प्रचण्ड बहुमत दिया है इतने उम्मीद खुद वी. डी. शर्मा और भाजपा ने नहीं की थी। यह अलग बात है कि श्री शर्मा चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में ही अपनी जीत को लेकर पूर्णतः आश्वस्त नजर आ रहे थे। फलस्वरूप मतदान सम्पन्न होने के बाद उन्होंने अपनी जीत का दावा करते हुए पत्रकारों से कहा था कि 2014 के चुनाव में मोदी जी की लहर थी लेकिन 2019 में खजुराहो सीट पर मोदी जी की अंडर ग्राउण्ड सुनामी चल रही है। केन्द्र में पुनः मोदी सरकार बनाने के लिए संकल्पित मतदाताओं की भावनाओं के मद्देनजर भाजपा प्रत्याशी ने करीब दो-ढ़ाई लाख मतों के अंतर् से अपनी जीत का दावा किया था। लेकिन गुरुवार 23 मई की देर शाम चुनावी नतीजों पर जब आधिकारिक मुहर लगी तो जीत का अंतर् उनकी उम्मीद से लगभग दोगुना हो गया।
खजुराहो लोकसभा सीट से इस बार चुनावी समर में 17 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। आज सम्पन्न हुई चुनाव की मतगणना के पश्चात घोषित चुनावी नतीजों के अनुसार बीजेपी प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा को 64.49 प्रतिशत एवं कांग्रेस प्रत्याशी महारानी कविता सिंह को 25.34 प्रतिशत वोट हांसिल हुए हैं। जबकि समजवादी पार्टी प्रत्याशी वीर सिंह पटेल समेत शेष सभी 15 उम्मीदवारों में किसी को भी 4 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिले। परिणामस्वरूप सभी 15 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल महज 40,077 वोट पर सिमट गए। चुनाव के दौरान सपा के प्रचार की बेहद कमजोर स्थिति को देखकर शुरू से ही माना जाने लगा था कि वह त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति निर्मित नहीं कर पाएगी। लेकिन बसपा का समर्थन प्राप्त होने के बाद भी सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल को उतने वोट भी नहीं मिले जितने पिछले चुनावों में बसपा प्रत्याशियों ने प्राप्त किए थे। इस तरह खजुराहो सीट पर जहाँ कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है वहीं सपा प्रत्याशी का प्रदर्शन अत्यंत ही निराशाजनक रहा।
मुरैना जिले के निवासी विष्णु दत्त शर्मा को खजुराहो सीट से बीजेपी द्वारा उम्मीदवार घोषित करने के बाद उन्हें यहाँ चुनाव के शुरूआती दौर में अपनी ही पार्टी के कतिपय नेताओं का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था। जिसे देखते हुए कांग्रेस की क्षेत्रीय प्रत्याशी और राजपरिवार से ताल्लुक रखने वालीं कविता सिंह के सामने उन्हें कमजोर करके आँका जा रहा था। लेकिन मोदी के मैजिक और बीजेपी के चुनावी प्रबंधन के चलते विष्णु दत्त शर्मा को मतदाताओं से इतना प्यार और समर्थन मिला कि बाहरी और क्षेत्रीय का मुद्दा टिक नहीं पाया। आज ईव्हीएम से जिस तरह वी. डी. शर्मा के पक्ष में मतदाताओं का भरोसा बाहर आया उससे यह साबित हो गया है कि राजनैतिक हितों के टकराव में उनकी अपनी पार्टी के नेता या फिर विपक्षी दलों के लोग बाहरी बताकर भले ही उनका विरोध करते रहे हों लेकिन यहाँ के मतदाताओं ने उन्हें अपना माना है। यह पहली बार नहीं है कि जब खजुराहो सीट से इस संसदीय क्षेत्र के बाहर का कोई व्यक्ति सांसद निर्वाचित हुआ है। भाजपा के टिकट पर पूर्व में भी कई बाहरी नेता यहाँ से सांसद चुने गए। खजुराहो सीट करीब तीन दशक से भाजपा के सांसद निर्वाचीर होने के कारण इस सीट को मध्यप्रदेश में भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है।





उप वनमण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह परिहार ने जैव विविधता के संबंध में बताया कि हर गांव में तालाब खुदवाए जाए और तालाबों में मछलीयों को लाया जाए जिससे कि तालाब के अंदर और मृदा में सूक्ष्मजीव विकसित हों। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि जंगलों में लगने वाली आग पर रोकथाम लगाया जाए क्योंकि आग लगने से बहुत से सूक्ष्म जीव, कीड़े-मकोड़े मर जाते हैं जिससे जैव विविधता बाधित होती है। श्री सिंह ने यह भी बताया कि हर आदमी को वृक्षारोपण करना चाहिए और पेड़ों की कटाई पर रोकथाम लगाई जाये जिससे जैव विविधता प्रभावित न हो। कार्यक्रम में शासकीय अधिवक्ता श्री निगम ने भी जैव विविधता अधिनियम से संबंधित धाराओं के के बारे में अवगत कराया। संगोष्ठी कार्यक्रम में पन्ना उत्तर पन्ना परिक्षेत्राधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, ग्राम वन समिति के सदस्य एवं कृषकों ने भी भाग लिया और जैव विविधता के संबंध में चर्चा की।












