MP में अराजकता | चोरी के प्रयास के संदेह पर हिंसक हुई भीड़, भोपाल के दो युवकों को रस्सी से बांधकर की गई बेदम पिटाई
* सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे घटना के वीडियो
* महज अफवाह पर हिंसक हुई भीड़ ने कानून की उड़ाईं धज्जियां
* पन्ना जिले में बढ़ती भीड़ की हिंसा को लेकर उदासीन है पुलिस
* अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने नहीं की गई कार्रवाई
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में महज अफवाह को लेकर भीड़ हिंसा पर उतारू हो रही है। सत्यता अथवा वास्तविकता को जाने बगैर कभी किसी को बच्चा चोर बता कर तो किसी को चोरी के संदेह में भीड़ द्वारा सरेआम पीटा जा रहा है। पन्ना जिले में पिछले एक पखवाड़े में भीड़ की हिंसा की तीन घटनायें सामने आई हैं। बेकाबू होती भीड़ को लेकर पुलिस का मैदानी अमला बेपरवाह है। पुलिस की यह उदासीनता और अकर्मण्यता मध्यप्रदेश में एक और माॅब लिंचिंग का सबब बन सकती है। हमारी बातों पर आपको अगर यकीन नहीं होता तो पन्ना जिले के गुनौर कस्बा में भोपाल के दो युवकों की सरेआम बेदम पिटाई का सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो को देखकर आप खुद ही फैसला कर सकते है।

करीब 5 दिन पूर्व भोपाल से पन्ना जिले में रत्न बेंचने के सिलसिले में आए दो मुस्लिम युवकों को कथिततौर पर गुनौर कस्बा में स्थित एक सुरेश ज्वेलर्स की शाॅप में चोरी के प्रयास के संदेह पर स्थानीय लोगों ने जमकर पीटा। भद्दी-भद्दी गालियाँ देते हुये हिंसक भीड़ दोनों युवकों को रस्सी से बाँधकर उन पर लात-घूंसों से करीब 5 मिनिट तक प्रहार करती रही। भीड़ के जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल हुए एक युवक के अचेत होकर जमीन पर गिरते ही उसका साथी गिड़गिड़ाने लगा कि बचाओ नहीं तो वह मर जाएगा। बेकाबू भीड़ को तब भी रहम नहीं आया। इस बीच कुछ संवेदनशील लोगों ने आगे आकर हस्तक्षेप करते हुये मारपीट करने वालों को बमुश्किल रोका और किसी तरह दोनों युवकों को बचाते हुये तत्काल डाॅयल 100 पर पुलिस को सूचना दी गई।
गिड़गिड़ाते हुए रहम की भीख माँगते रहे
गुनौर के किसान टोला में 5 अगस्त की शाम को हुई इस अप्रत्याशित की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एफआरव्ही टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और दोनों घायल युवकों को थाना ले जाया गया। गुनौर थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुये बताया कि घायल युवकों गुलाब अली पुत्र काजी अली व सलमान अली पुत्र यासीन अली निवासी भोपाल ने पूंछतांछ करने पर बताया कि वे रत्न बेंचने का काम करते है। पन्ना के आगरा मोहल्ला में उनकी रिश्तेदारी है। ऐसी चर्चा है कि दोनों ही युवकों ने पुलिस को बताया कि जब वे आभूषण विक्रेता को रत्न बेंचने के लिए उसकी दुकान के बाहर पहुंचे तो अकारण ही उन पर चोरी के प्रयास का संदेह जताते हुये स्थानीय युवकों ने रस्सी से बांध कर उनकी बेदम पिटाई कर दी। इस दौरान वे खुद को निर्दोष बताते रहे लेकिन किसी ने भी उनकी एक न सुनी। हिंसा पर उतारू भीड़ की आंखों में खून सवार था। ऐसी चर्चा है कि दोनों ही युवकों ने कथित तौर पुलिस को बताया कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से घृणा के चलते पीटा गया है।
वायरल वीडियो के आधार पर नहीं की गिरफ्तारी

गुनौर क़स्बा में रिश्तेदारों पर हमला होने की खबर मिलते ही फारूख अहमद पिता खलील अहमद 22 निवासी आगरा मोहल्ला पन्ना ने वहाँ जाकर इस मामले की रिपोर्ट स्थानीय पुलिस थाना में दर्ज कराई है। भीड़ की हिंसा और हेट क्राइम से जुड़े इस मामले में पुलिस ने मारपीट की साधारण धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। पिछले पांच दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे इस घटना के अलग-अलग वीडियो में सभी आरोपी स्पष्ट तौर पर नजर आ रहे है लेकिन पुलिस ने उनमें से किसी को भी अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। इससे सोशल मीडिया की निगरानी को लेकर पन्ना पुलिस की सजगता- संवेदनशीलता का पता चलता है। गुनौर पुलिस द्वारा कथित तौर पर इस घटना को दबाने के लिये दोनों ही घायल युवकों का स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार कराने के बाद उन्हे आनन-फानन में 108 एम्बूलेंस से बाहर भेज दिया गया।
अब घायल युवक की मौत की अफवाह

गुनौर में अब पिछले दो दिनों से ऐसी अफवाह है कि भीड़ के हमले में अत्याधिक गम्भीर रूप से घायल रहे एक युवक की मौत हो चुकी है। हालांकि इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी। गुनौर के थाना प्रभारी का कहना है कि उन्हें इस सम्बंध में कोई जानकारी नहीं है। इस अफवाह की सत्यता का पता करने के लिए घायल युवकों के पन्ना निवासी रिश्तेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका पता नहीं चल सका। उधर, इन अपुष्ट खबरों के बीच हिंसा करने वालों के द्वारा कथित तौर पर अपने इस कदम को जायज ठहराने के मकसद से भोपाल के युवकों पर अभूषण विक्रेता की पत्नी को परेशान करने की नई कहानी गढ़ी जा रही है।
कमजोर तबके लोग बन रहे निशाना

भीड़ की हिंसा की तेजी से बढ़ती घटनायें देश भर के लिये गम्भीर चिंता का सबब है। कानून के राज की धज्जियां उड़ाते हुये भीड़ सरेआम कभी अफवाह के आधार पर तो कभी घृणावश कमजोर तबके के लोगों को निशाना बना रही है। देश की सर्वोच्च अदालत ने इसे संज्ञान लेते हुए भीड़ की हिंसा को सख्ती से रोकने के लिये बकायदा गाईड लाईन जारी की है। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार भी भीड़ की हिंसा की रोकथाम के लिये कानून बनाने की बात कह रही है। प्रदेश सरकार ने ऐसे मामलों में तत्परता से कठोर कार्यवाही करने के निर्देश भी पुलिस को दिये है बावजूद इसके भीड़ की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले एक पखवाड़े के अंदर पन्ना जिले में इस तरह की दो अलग-अलग घटनाायें घटित हुई है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। जबकि कई बार इस तरह की घटनाओं पर दो समुदायों के बीच तनावपूर्ण स्थिति तक निर्मित हो जाती और क़ानून व्यवस्था के लिए खतरा बढ़ जाता है।

कुछ समय पूर्व खानाबदोश बंजार पठानों को बकरी चोरी के आरोप में पकड़कर भीड़ ने जमकर पीटा था। इसके बाद शहनगर से मजदूरी करने के लिये पन्ना आईं आदिवासी महिलाओं को बच्चा चोर गिरोह का सदस्य बताकर फैलाई गई अफवाह के चलते एक महिला के साथ भीड़ ने सरेआम बदसलूकी की थी। लेकिन इनमें से किसी भी मामले में झूठी अफवाह फैलाने वाले अथवा मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस की ओर से कोई कार्यावाही नहीं की गई। सिर्फ सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह न फैलाने और किसी के भी साथ मारपीट न करने की हिदायत जारी करके पन्ना पुलिस ने अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। थानों में तैनात पुलिस के इस लचर और उदासीन रवैये के चलते ही शायद भीड़ हिंसा करने पर उतारू हो रही है।
इनका कहना है-
“गुनौर में दो युवक नग बेंचने के लिए एक अभूषण की दुकान में आए थे, जहां बैठी महिला को ऐसी शंका हुई कि ये चोर सकते है और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिससे वहाँ भीड़ इकट्ठी हो गई और दोनों युवकों की पिटाई कर दी। इस घटना पर गुनौर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर उपलब्ध घटना के वीडियो से अपराधियों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार करने हेतु गुनौर थाना प्रभारी को तत्काल निर्देशित किया जाएगा। भीड़ की हिंसा को लेकर पुलिस संवेदनशील है, लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की गई है फिर भी यदि कहीं कोई कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।”
– बी. के एस. परिहार, एडीशनल एसपी जिला पन्ना।
सैंकड़ों आदिवासियों ने भरी हुंकार पट्टे दो या जेल दो, विश्व आदिवासी दिवस पर किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन

* आदिवासी-वनवासी महासंघ के आव्हान पर पन्ना में जुटे सैंकड़ों आदिवासी
* आदिवासियों को कब्जे की भूमियों से नहीं किया जाएगा बेदखल
* वनाधिकार के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण कर पात्रों को बांटे जाएँगे पट्टे
* जिला प्रशासन के प्रतिनिधि पन्ना एसडीएम ने प्रदर्शन स्थल पर की घोषणा
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल में आदिवासियों एवं पराम्परागत वनवासियों को उनके कब्जे की भूमि का वनाधिकार अधिनियम के तहत मालिकाना हक़ रुपी पट्टा दिलाने के लिये आदिवासी-वनवासी-दलित-अल्पसंख्यक महासंघ बुंदेलखड विगत एक दशक से भी अधिक समय से सतत संघर्षरत है। इस संगठन के प्रयासों से सिर्फ पन्ना जिले में ही करीब तीन हजार वनवासी वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत अपने कब्जे की वन भूमि का पट्टा प्राप्त कर चुके हैं। बुंदेलखंड के अन्य जिलों में भी कई पीढ़ियों से वन भूमि में काबिज सैंकड़ों लोगों को इसका लाभ मिला है। प्रत्येक सुपात्र आदिवासी एवं अन्य परम्परागत वनवासी को उसका हक़ दिलाने के लिए संकल्पित इस संगठन के आव्हान पर शुक्रवार 9 जुलाई को विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य पर सैंकड़ों की संख्या में गरीब-भूमिहीन आदिवासी भाई-बहिनें बारिश के बीच जिला मुख्यालय पन्ना में एकत्र हुए। अपने संसाधनों से पहुँचे आदिवासियों ने यहाँ छत्रसाल पार्क में वनाधिकार पट्टों के लिये आवाज बुलंद करते हुए पट्टे दो या जेल दो जैसी तीखी नारेबाजी की गई।
अन्य योजनाओं का भी मिले लाभ

आदिवासी-वनवासी-दलित-अल्पसंख्यक महासंघ के पदाधिकारियों ने यहाँ मंच से अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जब तक बुंदेलखंड अंचल के प्रत्येक सुपात्र आदिवासी एवं अन्य परम्परागत वनवासी को उनके कब्जे की वन भूमि का पट्टा नहीं मिलता, तब तक हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। पट्टेधारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, उनकी कृषि भूमि में कपिलधारा योजना अंतर्गत कुँआ स्वीकृत कराना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कृषि ऋण एवं खाद-बीज सहित उन तमाम योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा जिसकी वे पात्रता रखते हैं। इसके माध्यम से हमारा उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर तबकों को उनका हक़ दिलाकर खुशहाल बनाना है।

महासंघ के नेताओं के इस ऐलान से वंचित और शोषित वर्गों में उनका हक मिलने की उम्मीद जागी है। इस अवसर प्रदर्शनकारियों से उनकी माँगों के सम्बंध में चर्चा करने के लिए कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे पन्ना एसडीएम बी.बी. पाण्डेय ने मंच से आदिवासियों को आश्वस्त किया कि किसी भी आदिवासी भाई-बहिन को उनके कब्जे की भूमि से बेदखल नहीं किया जायेगा। वनाधिकार अधिनियम के तहत निरस्त किए गए समस्त दावों का सहानुभूतिपूर्वक पुनः परीक्षण कर सुपात्रों को वनाधिकार के पट्टे प्रदान किए जायेंगे।
किसने क्या कहा
कार्यक्रम को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवजीत सिंह ने सम्बोधित करते हुये कहा कि वनवासियों को पट्टे दिलाने के साथ-साथ वनों का संरक्षण-संवर्धन भी हमारी प्राथमिकता में शामिल है। महासंघ के संरक्षक आनंद मोहन पटैरिया ने ग्राम डोहली के साथ-साथ पन्ना जनपद की ग्राम पंचायत बराछ के विधाताहार में काबिज बख्तरी के वनवासियों को भी वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की है। ताकि आदिवासी परिवार सम्मानपूर्वक निवास करते हुये अपनी खेती-किसानी कर सके।
आदिवासी-वनवासी-दलित-अल्पसंख्यक महासंघ के संयोजक अनीस खान ने कार्यक्रम में उपस्थित आदिवासी भाईयों को बताया कि वर्ष 2006 में कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के विशेष प्रयासों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वनाधिकार कानून को लागू किया था। इसके पीछे मंशा वन भूमि पर कई दशकों से काबिज आदिवासी भाईयों एवं अन्य परम्परागत वनवासियों को उक्त भूमि का पट्टा प्रदान करना था। ताकि वन विभाग के द्वारा उन्हे बेदखल न किया जाये। श्री खान ने बताया कि संगठन के विशेष प्रयासों से पन्ना जिले के तकरीबन 3 हजार आदिवासी भाईयों को उनके कब्जे की वनभूमि का पट्टा मिला है। जिनके दावों को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है उनका पुनः परीक्षण कराकर पट्टा दिलाने के प्रयास लगातार किए जा रहे है। किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
महासंघ के जिला प्रभारी के.पी. सिंह बुन्देला ने विद्युतविहीन आदिवासी ग्राम कोटा गुंजापुर, गहदरा, छापर का विद्युतिकरण कराने एवं सलेहा से कल्दा के लिये हैवी विद्युत लाईन डालने में वन विभाग द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं का जनहित में तत्परता से निराकरण कराकर अनुमति दिलाये जाने की मांग की है। श्रीसिंह ने कहा कि इससे पठारी क्षेत्र का कोना-कोना रोशन हो जाएगा और पठार के लोगों का जीवन आसान बनेगा।
ये रहीं प्रमुख मांगें –

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वनाधिकार अधिनियम के तहत पूर्व में प्रस्तुत समस्त निरस्त किए गए दावों का सहानुभूतिपूर्वक पुनः परीक्षण कराते हुए सुपात्र व्यक्तियों को पट्टे प्रदान किए जाएँ। नए दावों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए ताकि किसी के भी साथ अन्याय न हो
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पन्ना विकासखंड अंतर्गत बृजपुर पहाड़ीखेरा क्षेत्र के कई गांव आदिवासी बाहुल्य है, शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लाभ से वंचित इस इलाके के आदिवासी भाइयों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए इस क्षेत्र में आदिवासी उपयोजना प्रारंभ की जाए। इसी तरह शाहनगर एवं पवई विकासखंड अंतर्गत रैपुरा-मोहन्द्रा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों के लिए आदिवासी उपयोजना शुरू करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।
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जिले के पवई एवं शाहनगर विकासखंड अंतर्गत आने वाले कल्दा-श्यामगिरी पठार के आधा सैकड़ा ग्रामों में 95 प्रतिशत से अधिक आदिवासी आबादी को दृष्टिगत रखते हुए आदिवासियों के समग्र विकास, कला, संस्कृति भाषा एवं उनके संरक्षण संवर्धन तथा पठारी इलाके के जंगल और जैव विविधता के संरक्षण-संवर्धन हेतु इसे शाहगिरी नाम से नया आदिवासी ब्लाॅक घोषित करने हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।
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भोले-भाले गरीब आदिवासी भाईयों को मामूली सी रकम उधार देकर उन्हें कर्ज के कुचक्र में फंसाते हुए उन से मनमाना ब्याज वसूल रहे सूदखोरों से उन्हें मुक्ति दिलाई जाए। कर्ज की आड़ में उनकी कृषि भूमि और घरों पर अवैध कब्जा जमाने वालों से आदिवासी भाईयों की भूमियों को मुक्त कराकर उन्हें सौंपा जाए।
पन्ना जिले में आदिवासी आबादी में क्षय रोग टीबी तथा सिलिकोसिस के प्रकोप को देखते हुए जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में ऐसे रोगियों को चिन्हित करने के लिए ग्राम स्तर पर ही विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाएं और चिन्हित रोगियों को बेहतर उपचार मुहैया कराया जाए।
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जिला मुख्यालय पन्ना में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों का इसी सत्र से संचालन शुरू कराया जाए। शासन से इसके लिए विशेष अनुमति प्राप्त करने हेतु आवश्यक पत्राचार किया जाए ताकि आदिवासी समाज के जो भी बच्चे उच्च शिक्षा अर्जित करना चाहते हैं वे जिला मुख्यालय पन्ना में रहकर बगैर किसी आर्थिक बोझ के उच्च शिक्षा सुगमता से अर्जित कर सकें।
इनकी रही उपस्थिति

इस प्रदर्शन में अतिथि के रूप में आदिवासी नेता साहब सिंह मरावी, सरदार सिंह आदिवासी, जगदेव सिंह, गज्जू राजा उपस्थित रहे इसके अलावा पूर्व सरपंच केशरी अहिरवार, गुमान सिंह यादव, बाल किशोर शर्मा, राकेश गर्ग, राकेश सोनी, इंजीनियर जीवनलाल सिद्धार्थ, दीपक तिवारी, रियासत खान, करीम मोहम्मद, अक्षय जैन, सुरेंद्र सिंह, पिंकू अनीश सिद्दीकी, कुमारी प्रभा गौड़, श्रीमती गीता वंशकार, श्रीमती पूनम मिश्रा, अब्दुल हमीद, रामदास जाटव, अवधेश यादव, अवध प्रसाद बिंदुआ, दीपक चैधरी, संजय अहिरवार, सोनेलाल प्रजापति, करीम मोहम्मद, हाकिम सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, गोपी आदिवासी, डॉ. ससरफराज फारुकी, डॉ. कदीर खान मुख्य रूप से उपस्थित थे।
नदी किनारे मिला अज्ञात युवक का शव, पीठ में गोली लगने का निशान, हत्या की आशंका
* पन्ना जिले के धरमपुर अंतर्गत अमरछी गाँव में रुन्ज नदी किनारे मिला शव
* लगभग 3 से 4 दिन पुराना है शव, पुलिस को मौके पर मिला खाली कारतूस
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ थाना के ग्राम अमरछी के समीप रुन्ज नदी किनारे शुक्रवार 9 जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। काफी फूल चुके शव की स्थिति को देखकर लगभग 3 से 4 दिन पूर्व युवक की मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मृतक की पीठ में गोली लगने का निशान होने और मौके से एक खाली कारतूस मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की गोली मारकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के मकसद से अज्ञात कातिल ने शव को नदी में फेंका है। हालाँकि फिलहाल इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी। इस घटना को लेकर कई तरह आशंका जताई जा रही है।
हवाई चप्पल और गमछा भी मिला
अमरछी पंचायत के सरपंच शराफत खान की सूचना पर घटनास्थल पर पहुँचे धरमपुर थाना प्रभारी शाहिद खान ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक गठीले बदन का है, जिसकी आयु लगभग 40 वर्ष होने का अनुमान है। मृतक की कलाई पर रक्षा सूत्र बँधा है। वह आसमानी कलर की शर्ट और लाल रंग का अण्डरवियर पहना हुए है। पुलिस को शव के पास गमछा, एक जोड़ी हवाई चप्पल और देशी शराब के दो क्वॉटर भी मिले हैं। अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने का पता चलने पर अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी भी मौके पर पहुँचे। उनके द्वारा शव और घटनास्थल का मुआयना किया गया।
डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा पोस्टमार्टम
एसडीओपी इसरार मंसूरी ने बताया कि शनिवार को शव का पन्ना में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने, अज्ञात मृतक की पहचान होने तथा प्रकरण की जाँच उपरांत ही अधिकारिक तौर यह स्पष्ट हो पाएगा उसकी मौत कैसे हुई थी। इस मामले में फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। पुलिस ने अज्ञात मृतक की शिनाख्त करने के लिए सीमावर्ती पुलिस थानों को शव के सम्बंध में आवश्यक जानकारी भेजकर उनके यहाँ दर्ज गुमइंसान के प्रकरणों का पता किया जा रहा है। इसके अलावा अज्ञात मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी उसके फोटो पोस्ट किए हैं।
हादसा : दो मासूम बच्चों की तलैया में नहाते समय पानी में डूबने से दर्दनाक मौत
* परिजन सोच रहे थे दोस्तों संग पड़ोस में खेलने गए है बच्चे
* नगर सेना के गोताखोरों ने तलैया में उतरकर निकाले शव
पन्ना। (www.radarnews.in) शहर की इंद्रपुरी कॉलोनी में स्थित सुंदर जू की तलैया में नहाते समय पानी में डूबने से 2 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चों के पानी में डूबने की खबर मिलते ही नगर सेना के गोताखोर तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन मासूम बच्चों को बचाया नहीं जा सका। पानी से बच्चों के शव निकालकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना के शव विच्छेदन गृह भेजा गया है। मृत बच्चों की पहचान कृष्ण गोपाल खरे पुत्र विनोद खरे 11 वर्ष एवं सोनू कुशवाहा पुत्र द्वारका उर्फ़ छोटे कुशवाहा 12 वर्ष निवासी रानीगंज के रूप में हुई है। दोनों ही मृतक आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। देर शाम बच्चों की मौत का पता चलने के बाद से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कपड़ों से चला पता
शुक्रवार 9 अगस्त की शाम सुंदर जू की तलैया की मेढ़ पर कई घण्टे से दो बच्चों के कपड़े उतरे हुए देखकर अनहोनी की आशंका के चलते आसपास मौजूद लोगों ने सिविल लाइन चौकी प्रभारी सुशील शुक्ला को इसकी सूचना दी। पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुँचा लेकिन पानी की सतह पर कुछ भी नजर नहीं आया। तलैया की पार में रखे कपड़ों के मद्देनजर बच्चों के डूबने की आशंका को देखते हुए सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने होमगार्ड कार्यालय को जानकारी देकर गोताखोरों को बुलाया गया। शाम तकरीबन 6 बजे तलैया में उतरे नगर सेना के आधा दर्जन गोताखोरों ने 40 मिनिट के सर्च ऑपरेशन के बाद पानी के अंदर से दोनों बच्चों के शव निकालकर उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। दोनों बच्चों के शव देखकर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें छलक उठीं।
गहरे पानी की मिट्टी में धंस गए थे पैर
बच्चों की मौत का जब उनके परिजनों को पता चला तो कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे सोच रहे थे कि उनके बच्चे दोस्तों के साथ आस-पड़ोस में खेलने के लिए गए है, कुछ देर बाद वापस घर लौट आएंगे। लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी यह नहीं सोचा था कि वे नहाने के लिए सुंदर जू की तलैया जाएँगे और फिर कभी वापिस नहीं आएँगे। उल्लेखनीय है कि सोनू कुशवाहा की माँ श्री जुगुल किशोर जी मंदिर के पास सब्जी की दुकान लगाती है। सोनू अक्सर अपनी माँ की दुकान पर आता रहता था। बस यहीं से सोनू कुशवाहा और कृष्ण गोपाल खरे की दोस्ती हो गई। सिविल लाइन चौकी प्रभारी सुशील शुक्ला ने बताया कि सम्भवतः दोनों बच्चे नहाने के लिए दोपहर के समय तलैया आए थे। कपड़े उतारकर पानी में उतरने के बाद नहाते समय उनके पैर गहरे पानी की मिट्टी में धंस गए और शायद इसी वजह से उनकी मौत हो गई। आपने बताया कि इस हादसे पर मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है।
मंत्री जी, छात्र हित में इन स्कूलों का उन्नयन है बेहद जरुरी, युवा कांग्रेस नेताओं ने स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रभुराम से की माँग

* ग्रामीण अंचल की आधा दर्जन शालाओं का उन्नयन कराने सौंपा पत्र
* गाँव से स्कूल काफी दूर होने के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं बालक-बालिकाएँ
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के कुछ ग्रामों में स्कूली बच्चों की शिक्षा की निरंतरता को बनाए रखने तथा उनकी समस्या के समाधान हेतु बुधवार को पन्ना जिले के युवा कांग्रेस नेताओं ने राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी से मंत्रालय स्थित उनके कक्ष में भेंट की। इस दौरान जिला युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष वैभव थापक ने जिले के ग्रामीण अंचल की तकरीबन आधा दर्जन शालाओं के उन्नयन की माँग करते हुए उन्हें इस आशय का पत्र सौंपा गया। युवा कांग्रेस नेताओं ने जानकारी देते हुये बताया कि शासकीय माध्यमिक शाला तिलगुवां को हाई स्कूल, शासकीय प्राथमिक शाला कटरा को माध्यमिक शाला, शासकीय कन्या माध्यमिक शाला बृजपुर को हाई स्कूल तथा टाईगर रिजर्व अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला रमपुरा का माध्यमिक शाला में उन्नयन किया जाना छात्र हित में बेहद जरुरी है।
क्योंकि, इन गाँवों के बच्चों को आगे की पढ़ाई करने के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित दूसरे गाँव में जाना पड़ता है। गाँव से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण आने-जाने में होने वाली कठिनाई के चलते छोटे बच्चों को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए विवश होना पड़ता है। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखें लेकिन उनकी सुरक्षा की चिंता के मद्देनजर बालक-बालिकाओं को वे गाँव से काफी दूर भेजने से डरते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने युवा नेताओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए उनके पत्र पर उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है। इस अवसर जिला महासचिव सुभांशु दीपक तिवारी, नगर अध्यक्ष अंका रिछारिया मौजूद थे।
खाकी वर्दी पर लगा बदनुमा दाग, रक्षक ही बने भक्षक ! ASI ने बालक के साथ की घिनौनी हरकत, जेल के अंदर कैदी हुआ आप्रकृतिक दुष्कर्म का शिकार
* कुकर्मी एएसआई की बालक के परिजनों ने जमकर की पिटाई
* पीड़ित कैदी ने जेलर और जेल स्टॉफ पर लगाये बेहद गंभीर आरोप
* घटना के सबंध में किसी को भी बताने पर अंजाम भुगतने की दी गई थी धमकी
* जमानत पर छूटने के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाना पन्ना में की लिखित शिकायत
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस व जेल विभाग को शर्मसार करने और सभ्य समाज को झकझोर देने वाली दो अप्रत्याशित घटनायें सामने आई हैं। जिले के अजयगढ़ कस्बा में पुलिस के एएसआई के द्वारा एक आठ वर्षीय बालक के साथ बेहद घिनौनी हरकत की गई। उधर जिला जेल पन्ना में एक दबंग कैदी के द्वारा दूसरे कैदी के साथ जेल के अंदर दिनदहाड़े आप्रकृतिक दुष्कर्म करने का हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। जेल की लचर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलने, बदनामी और स्वयं के खिलाफ कार्यवाही होने के डर से इस घटना को जेलर तथा जेल स्टॉफ ने कथित तौर दबाए रखा। आप्रकृतिक दुष्कर्म का शिकार हुए पीड़ित कैदी की कई दिनों तक हालत गम्भीर रहने के बाबजूद इलाज के लिए उसे पन्ना जिला चिकित्सालय नहीं भेजा गया। पीड़ित युवक को इस घटना के सम्बंध जुबान न खोलने की धमकी देने का बेहद संगीन आरोप भी जेलर लगा है।

एक दिन पूर्व ही जमानत पर जेल से रिहा हुए पीड़ित युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए इस हतप्रभ करने वाले सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। शर्मशार करने वाली इन घटनाओं में कथित कुकर्मी एएसआई और जेलर की भूमिका से खाकी वर्दी पर बदनुमा दाग लग गया है। आम जनमानस में इन घटनाओं को लेकर तीव्र आक्रोश व्याप्त है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, तीन दिन पूर्व जब बच्चे के परिजनों को एएसआई के कुकर्म का पता चला तो उन्होंने आस-पड़ोस के लोगों के साथ मिलकर उसकी जमकर धुनाई कर दी। बदनामी के डर से पीड़ित परिजनों ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है लेकिन अजयगढ़ थाना पहुंच कर थाना प्रभारी सहित वहाँ मौजूद रहे पुलिसकर्मियों को एएसआई की हैवानियत के बारे में बताया गया।
एक ही मकान में रहते थे किराए से

जनचर्चाओं के अनुसार अजयगढ़ के माधौगंज इलाके में स्कूली छात्र और स्थानीय थाना में पदस्थ रहा एएसआई एक ही मकान की अलग-अलग मंजिलो में किराए से रहते थे। तीन दिन पूर्व दोपहर के समय एएसआई ने स्कूली छात्र को अपने कमरे में बुलाया और कथित तौर पर उसके सामने नग्न हो गया। और फिर जबरन मासूम बच्चे को अपने प्राइवेट पार्ट को स्पर्श कराने लगा। दादा की उम्र के अधेड़ एएसआई की इस हरकत का विरोध करते हुए छात्र चींखने-चिल्लाने लगा। फलस्वरूप पकड़े जाने के डर से एएसआई ने छात्र को छोड़ दिया लेकिन किसी से भी घटना के सबंध में कुछ भी बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। अत्याधिक डरे-सहमे छात्र ने अपने गृह ग्राम जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। फिर क्या था, आक्रोशित परिजनों ने अजयगढ़ पहुंच कर कुकर्मी एएसआई की जमकर खबर ली और स्थानीय पुलिस थाना को इसकी जानकारी दी गई। इस घटनाक्रम का चिंताजनक पहलू यह है कि पुलिस के आला अधिकारी इस सम्बंध कोई शिकायत न आने की बात कह कर इस घृणित कृत्य को दबाने में लगे हैं। हालाँकि, अजयगढ़ में लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कथित तौर पर अश्लील हरकत करने वाले एएसआई को आनन-फानन में लाइन अटैच कर दिया है।
पहले की मारपीट फिर किया गलत काम

जिला जेल पन्ना में आर्म्स एक्ट के मामले में बंद रहे एक कैदी के साथ जेल के अंदर दिनदहाड़े आप्रकृतिक दुष्कर्म करने के मामले में दबंग कैदी विक्की बसौर का नाम सामने आया है। हाल ही में जेल से जमानत पर रिहा हुए पीड़ित कैदी ने मंगलवार को कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी आन बीती बताई है। कामान्ध साथी कैदी की हवस की शिकार बने पीड़ित ने बताया कि जेल के अंदर 24 जुलाई 2019 को सुबह कचरा फेंकने दौरान दबंग कैदी विक्की बसौर ने सुनसान जगह पर उसे पकड़ लिया। अकारण मारपीट कर उसे जमीन पर पटक दिया और फिर मुंह दबाकर जबरन उसके साथ गलत काम किया। अति सुरक्षित मानीं जाने वाली जेल की चारदीवारी के अंदर कैदी द्वारा कैदी के साथ आप्रकृतिक दुष्कर्म करने की घटना के सामने आने से जिला जेल पन्ना की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
घटना को छिपाने जेलर ने नहीं कराया इलाज
जेल के अंदर आप्रकृतिक दुष्कर्म का शिकार हुए युवक की मानें तो शर्मिंदगी और डर के कारण 24 जुलाई को उसने दिन में किसी से भी घटना के संबध में नहीं बताया। असहनीय दर्द के चलते देर रात पीड़ित द्वारा अपने साथी शिवा गुप्ता को आपबीती बताई गई। बाद में शिवा ने बैरक के अन्य बंदियों और जेल स्टॉफ को घटना की जानकारी दी। बात फैलने पर आरोपी विक्की बसोर के द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी गई। जेल के अंदर कैदियों की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल खड़े करने और पूरे महकमे को शर्मसार करने वाली इस घटना से नराज जेल स्टॉफ ने विक्की की जमकर पिटाई की। जमानत पर जेल से छूटे पीड़ित ने मंगलवार 6 जुलाई को रोते हुये कोतवाली पुलिस और पत्रकारों को बताया कि कई दिनों तक उसे रक्त स्त्राव होता रहा साथ ही असहनीय दर्द भी बना रहा। उसने जेल स्टॉफ एवं जेलर से इलाज कराने की की गुहार लगाई तो जेल में ही कुछ गोलियां देकर इलाज की खानपूर्ती की गई। दरअसल, यह सब इसलिए किया गया क्योंकि आप्रकृतिक दुष्कर्म का शिकार हुए युवक को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय पन्ना अथवा कहीं और भेजने पर जेल प्रबंधन को मामले का खुलासा होने का डर सता रहा था।
पुलिस ने शुरू की घटना की जाँच

पीड़ित युवक का आरोप है कि जिला जेल पन्ना के जेलर साहब ने दुष्कर्म की घटना के सबंध में अपने परिजनों अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी के दौरान जज साहब से भी किसी तरह का कोई जिक्र न करने की धमकी देते हुये कहा था कि अगर कुछ गड़बड़ किया तो तुम्हारे साथ ठीक नहीं होगा। जेल के अंदर कुकर्मी कैदी विक्की के खौफ और जेलर से मिली धमकी के चलते वह कई दिनों तक काफी दहशत में रहा। सोमवार 5 जुलाई को जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उसने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। मंगलवार को इस मामले की लिखित शिकायत पीड़ित ने कोतवाली थाना पन्ना में की है। कोतवाली पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल युवक के आवेदन पत्र को जाँच में लिया है। जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस की ओर से इस मामले में आगे की कार्यवाही करने की बात कही जा रही है।
इनका कहना है –
“मुझे ऐसी किसी भी घटना की जानकार नहीं है आपसे ही पता चल रहा है कि जेल के अंदर कैदी ने कैदी के साथ गलत काम किया है। यदि वाकई ऐसा हुआ है तो यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर उनके निर्देशानुसार आगे की कार्यावाही की जायेगी।”
– दिनेश कुमार इमले, जेल अधीक्षक जिला जेल पन्ना।
“आप जिस घटना की बात कर रहे हैं उससे जुड़ी कोई भी शिकायत पुलिस को नहीं मिली हैं। अजयगढ़ थाना से एएसआई को स्वास्थ्य संबधी समस्या के चलते उसके खुद के अनुरोध पर लाईन अटैच किया गया है।”
– बी.के.एस. परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना।
आम आदमी की सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जायेगा- मंत्री श्री शर्मा

* “आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम में शामिल हुए जनसम्पर्क मंत्री
भोपाल। (www.radarnews.in) जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा आज भोपाल के वार्ड-24 में ‘आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सभी की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के लिये निर्देशित किया। मंत्री श्री शर्मा ने लोगों से कहा कि आम आदमी की सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों को समस्याओं के निराकरण के लिये अब तहसील, जिला और राज्य-स्तर के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत हर स्तर का अधिकारी आम आदमी के घर तक पहुँचेगा और उसकी समस्या का निराकरण करेगा।
श्री शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम द्वारा लोगों की समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ क्षेत्र के विकास पर भी ध्यान दिया जायेगा। विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करवाया जायेगा। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम में पार्षद श्रीमती शबिस्ता ज़की और योगेन्द्र सिंह चौहान, गणमान्य नागरिक, क्षेत्र के रहवासी और जिले के सभी अधिकारी मौजूद थे।
दौरा कार्यक्रम
जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा आज शाम खण्डवा में सुप्रसिद्ध गायक स्व. किशोर कुमार के जन्म-दिन समारोह में शामिल होंगे। श्री शर्मा सोमवार 5 अगस्त को उज्जैन में महाकाल के दर्शन के बाद शाही सवारी में भाग लेंगे। जनसम्पर्क मंत्री देर रात तक भोपाल लौटेंगे।
आरोप : BJP के इशारे पर एमपी PSC सहायक प्राध्यापक भर्ती-2018 में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, उच्च स्तरीय जांच व आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग
* मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की विश्वनीयता एक बार फिर कटघरे में
* इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज प्रजापति ने लगाए गंभीर आरोप
* मुख्यमंत्री कमलनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को भेजी शिकायत
भोपाल।(www.radarnews.in) उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती पिछले वर्ष-2018 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आयोजित हुई। शुरू से ही विवादों से घिरी रही इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनिमितता एवं फर्जीवाड़ा होने के बेहद गंभीर आरोप लग रहे हैं। जिससे व्यापमं के बाद एमपी पीएससी की विश्वसनीयता कठघरे में है। तकरीबन तीन हजार चार सौ पदों पर आनन-फानन में हुई इस भर्ती की इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं संवाद क्रांति आंदोलन के संयोजक पंकज प्रजापति ने शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी सहित शासन के उच्च अधिकारियों को प्रमाणित लिखित शिकायत भेजकर इस पर शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की।
शिकायत में क्या है पूरा मामला …

प्रेस में जारी विज्ञप्ति में सामाजिक कार्यकर्ता पंकज प्रजापति ने बताया है कि, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2017 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक के विभिन्न विषयों के कुल 2968 पद की पूर्ति के लिए विज्ञापन क्रमांक 07/2017/ दिनांक 12/12/2017 जारी किया जिसमें आयोग ने बैकलॉग के रिक्त 707 पदों, पदोन्नति /सेवानिवृत्त से रिक्त 1040 पदों, और नवीन सृजित 1221 पद, कुल 2968 पदों की पूर्ति करना बताई गई। लेकिन बाद में पुनः आवदेन पत्र भरने की दिनांक 16/04/2018 से 30/04/2018 तक घोषित की गई और इस बार तीनों ही प्रकार के रिक्त पदों में बढ़ोत्तरी हुई और कुल पद 3422 किये गए । विज्ञापन क्रमांक 07/2017 दिनांक 12/12/2017 जिसमें आवेदन की अंतिम तिथि 24/01/2018 थी परन्तु आयोग द्वारा पुनः आवेदन पत्र जमा करवाने के लिए पत्र जारी किया। जिसके तरह दिनांक 16/04/2018 से 30/04/2018 तक आवदेन जमा करने की छूट दी गई ।
विस चुनाव के कारण हटाया गया साक्षात्कार
विज्ञापन क्रमांक 07/2017 दिनांक 12/12/ 2017 में चयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश व शर्तें जैसे- अनिवार्य शैक्षणिक अर्हता, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार, आरक्षण, सामान्य प्रशासन नियम, विश्विद्यालय अनुदान आयोग की मार्गदर्शिका, मध्यप्रदेश विश्विद्यालय अधिनियम 1973, मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा भर्ती नियम 1990 सहित कई नियम व कानूनों के अंतर्गत जरूरी योग्यता अनिवार्य होना बताई गई थी और उक्त प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा होने में कम से कम 1से 2 वर्ष समयावधि लगने की उम्मीद थी। क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर साक्षात्कार आयोजित करने में समय लगना स्वभाविक था ।
मध्यप्रदेश की तत्कालीन बी.जे.पी.सरकार द्वारा भर्तियों में फर्जीवाड़ा किया जा सके इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा भर्ती नियम 1990 जो मूल है उसमें सिर्फ इस भर्ती के लिए साक्षात्कार हटाने का संशोधन कर बड़ी अनिमितता की गई। ये सीधे तौर पर विश्विद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2010 के विरुद्ध होकर उसका सीधा उलंघन है। जोकि अपने आप अपने मे एक बड़े घोटाले को इंगित करता है ।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बी.जे.पी. व संघ से जुड़े कुछ बड़े भ्रष्ट नेताओं के संरक्षण में पल रहे लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर भर्ती प्रकिया में भ्रष्टाचार व अपने से जुड़े व्यक्तियों को फायदा पहुचाने के उद्देश्य से प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करने की जल्दबाजी दिखाई और भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग (अर्हता) साक्षात्कार को एक सुनियोजित तरीके से शुद्धिपत्र क्रमांक 11/07/2017 दिनांक 09/05/2018 जारी कर हटा दिया गया ।
साक्षात्कार को भर्ती प्रक्रिया से हटाने के लिए शासन का आदेश क्रमांक एफ 1/03/2018/30-1 दिनांक 04/05/2018 जो डॉ बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्विद्यालय महू संदर्भ था को गलत तरीके से आधार बनाकर शुद्धिपत्र क्रमांक 11/07/2017 दिनांक 09/05/2018 के बिंदु “3” में साक्षात्कार को विलोपित किया जाना बताया गया। जोकि अपने आप में तत्कालीन बी.जे.पी.सरकार की नियुक्ति में भ्रष्टाचार घोटाला करने की मंशा को साफ जाहिर करती है ।
उच्च अधिकारियों को है फर्जीवाड़ा की जानकारी !
सहायक प्राध्यापक भर्ती के परिणाम सामने आने के बाद कई तरीके की अनिमितता व फर्जीवाड़े के प्रमाण सामने आये है, जिसे लेकर अलग -अलग प्रभावित योग्य अभ्यर्थियों द्वारा शासन व न्यायालय समक्ष प्रकरण प्रस्तुत गए। जिनमें कई प्रकरणों की जांच भी शासन स्तर पर की गई। श्री प्रजापति का दावा है कि, वर्तमान में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनिमितताएं व भ्रष्टाचार होने की पुष्टि भी विभागीय स्तर पर की है।
ज्वाइनिंग के लिए दबाव बना रहे हैं अभ्यर्थी

सामाजिक कार्यकर्ता पंकज प्रजापति का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया घोटाले में भारतीय जनता पार्टी व संघ से जुड़े बड़े नेता शामिल है। जिनके द्वारा बड़े पैमाने पर अनिमितताएं व भ्रष्टाचार कर भाजपा एवं संघ से जुड़े अयोग्य व्यक्तियों को फायदा पहुँचाया गया है। अब ये लोग वर्तमान सरकार पर पदस्थापना देने के लिए दबाव डालने के उद्देश्य के प्रायोजित आंदोलन करवा रहे है। जिसमें उक्त भ्रष्ट नेताओं द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। ताकि इस बड़े घोटाले से सबका ध्यान हटाकर सभी को पदस्थ कराया जा सके और इस घोटाले को दबाया जा सके। इन आरोपों के सम्बंध में जब एमपी पीएससी का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को जान से मारने की कोशिश से देश भर में उबाल, पन्ना में UP के सीएम योगी का पुतला फूँका, BJP विधायक कुलदीप सेंगर को फाँसी देने की माँग
* शहर के गाँधी चौक पर कांग्रेस के युवा नेताओं ने किया प्रदर्शन
पन्ना। (www.radarnews.in) उत्तर प्रदेश के उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता की कार एक्सीडेंट मामले ने तूल पकड़ लिया है। गैंगरेप पीड़िता को जान से मारने की इस कोशिश के खिलाफ देशभर में लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इस घिनोने षड़यंत्र और भाजपा नेतृत्व खिलाफ तेजी से आवाज उठ रही है। बुधवार को मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में गैंगरेप पीड़िता को जान से ख़त्म करने के सुनियोजित षड़यंत्र के खिलाफ कांग्रेस के युवा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूँका। कांग्रेसियों ने उन्नाव गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को फाँसी देने की पुरजोर माँग करते हुए तीखी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं पर दोहरे मापदण्ड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।










उल्लेखनीय है कि गाठ दिनों उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को कार एक्सीडेंट में जान से मारने की कोशिश को लेकर सोशल मीडिया पर लोग इस घटनाक्रम को आजम खान प्रकरण और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाने के नाम पर लाए गए ट्रिपल तलाक बिल से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि आजम खान संसद के अंदर एक वरिष्ठ महिला सांसद की आँखों में देखने की बात कहते हैं तो सदन में भाजपा के पुरुष और महिला सदस्य सभी अपमान नहीं सहने की दुहाई देते हैं। लेकिन, संसद के बाहर उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का पूरा परिवार एक-एककर ख़त्म हो रहा है, इस पर भाजपा की महिला सांसद खामोश हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि केन्द्र सरकार मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाने के नाम पर ट्रिपल तलाक बिल को पास कराकर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों और उसके नेताओं को क्या उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने की चिंता है ? सोशल मीडिया पर मंगलवार से इस मामले पर बहस छिड़ी हुई है।