* तमिलनाडू के तीन व्यक्ति गिरफ्तार, चैन्नई से मुरादाबाद ले जा रहे थे चंदन
भोपाल। (www.radarnews.in) राज्य स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने विगत दिनों खलघाट टोल प्लाजा, धामनोद (धार) पर करीब 8 करोड़ रूपये मूल्य का 15 हजार 500 किलोग्राम दुर्लभ वनोपज रक्त चन्दन (प्टेरोकारपस सेंटेलिनस) जब्त किया है। चन्दन के साथ तमिलनाडू के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी को थिरूवल्लूर से गिरफ्तार किया गया। रक्त चन्दन को चैन्नई से मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। रक्त चन्दन की विदेशों में भारी मांग है। इसे औषधि, डाई, मूर्ति और वाद्य यंत्रों में उपयोग में लाया जाता है।
आरोपियों के विरूद्ध जैव-विविधता अधिनियम 2002 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धाराओं के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपियों को न्यायालय से रिमांड पर लेकर आन्ध्रप्रदेश के चित्तूर एवं चैन्नई ले जाकर कार्यवाही की गई। संगठित गिरोह ने स्वीकार किया कि उनके द्वारा रक्त चन्दन आन्ध्रप्रदेश के तिरूपति-तिरूमाला की पहाड़ियों के आस-पास के संरक्षित क्षेत्र से लाया गया था। आरोपियों द्वारा पूर्व में भी रक्त चन्दन की तस्करी की गयी है। तीनों आरोपियों को न्यायालीन आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
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आनन-फानन राजेन्द्रकली 40 वर्ष और बहू बिन्नू बाई को अचेत अवस्था में ही इलाज के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने दोनों महिलाओं का सघन परीक्षण करने के उपरान्त उन्हें मृत घोषित कर दिया। सगी देवरानी-जेठानी की मौत के बाद से पटेल परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी माँओं को खोने वाले बच्चे भी बिलख रहे है। उधर इस दुखद हादसे की खबर फैलने के बाद से ग्राम बिल्हा समेत क्षेत्र मातम का माहौल निर्मित है। राजकुमार पटेल ने बताया कि घटना के समय घर में सिर्फ दोनों महिलाएँ ही मौजूद थीं इसलिए पक्के तौर नहीं बता सकता कि हुआ क्या है। लेकिन घटनास्थल और दोनों शवों की स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कपड़े फैलाने वाले तार में घरेलू विधुत लाइन से करंट प्रवाहित हो गया और महिला जब कपड़े धोने के बाद उन्हें सुखाने के लिए तार पर फैलाने गईं तो करंट की चपेट में आ गई। शायद उसे बचाने पहुंचीं दूसरी महिला भी करंट के सम्पर्क में आकर असमय काल-कवलित हो गई।












जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया कि मलेरिया कार्यालय पन्ना के द्वारा गैम्बूसिया मछली जिले के जिन स्थानों के जल स्रोतों डाली गई है उनमें मुख्य रूप से – पटनाकला, जिजगांव, गढ़ोंखर, पगरा, महेवा, गुनौर, परसवारा, बिसानी, देवरा, कचोरी, उमरिया डूडी़, सुगरहा, लमतरा, इमलिया, गिरवारा, पुरैना, रैगढ़, पटिया, सिलगी, इटवां, डडवारियां, ककरहा, जिगधा, बड़ागांव, रैहूंटा, महेड़ा, हथकुरी, पवई नगर, कमता, किशनगढ़, करही, अजयगढ़, बहिरवारा एवं पिष्टा ग्राम शामिल है। जिला मलेरिया अधिकारी श्री रावत ने समस्त संबंधित ग्रामवासियों से अपील की है कि अभी लगभग 1 माह तक छोटी गैम्बूसिया मछली का पूरी तरह संरक्षण करें ताकि ये मछलियां प्रजनन कर अपनी संख्या बढ़ा सकें और जिले में मच्छरों को नियंत्रित करने की यह जैविक पहल सफल हो सके।
जल स्रोतों में सभी तरह के मच्छरों के लार्वा खाकर उन्हें पैदा होने से पहले ही ख़त्म करने वाली गैम्बूसिया मछली वाकई कमाल की है। पन्ना जिले में मच्छर जनित बीमारियों के साल दर साल बढ़ते ग्राफ को देखते हुए मलेरिया विभाग द्वारा मच्छरों की रोकथाम के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। चिन्हिंत स्थानों पर मच्छर नाशक दवा के छिड़काव के अलावा वर्षाकाल की समाप्ति पर जल स्रोतों में गैम्बूसिया मछली का संचयन कराना आदि शामिल है। लोगों को मच्छरों के डंक से बचाने के लिए कुछ माह पूर्व मलेरिया विभाग के द्वारा मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से गाँव-गाँव बड़ी तादाद में मेडिकेटेड मच्छरदानी का निःशुल्क वितरण भी कराया गया है। इसके अलावा लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी देकर उनसे बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है।

दो दिन पूर्व कलेक्टर पन्ना के नाम पर अधिवक्ता संघ अजयगढ़ की ओर से एसडीम एस. के. गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि अधिवक्ताओं ने स्थानीय राजस्व न्यायालयों- एसडीएम अजयगढ़, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कोर्ट के कार्य से स्वयं को अनिश्चितकाल तक के लिए विरत रखने का निर्णय लिया है। पूर्व में दिए गए ज्ञापन का जब तक निराकरण नहीं हो जाता तब तक हमारा बहिष्कार जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अधिवक्ता संघ अजयगढ़ के अध्यक्ष रामपाल यादव, उपाध्यक्ष अरुण कुमार शुक्ला, सचिव संजय शर्मा, प्रेम कुमार पांडेय, बाबूराम तिवारी, चतुरेश सेन, राजेश पुष्पक, सतीश खरे, अरविंद कश्यप सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे।




