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माफियाओं खबरदार ! ये शिवराज सरकार नहीं कमलनाथ सरकार है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा : कम्प्यूटर बाबा

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पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद क्षेत्र में मोहाना रेत खदान का निरीक्षण करते हुए नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा।

* पन्ना जिले के प्रवास पर आए नदी न्यास अध्यक्ष ने देखी केन नदी की दुर्दशा

* रेत का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन होने से केन का सीना और कोख हुई छलनी

* करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र में जलीय जीवों और केन के कछार का विनाश

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले मध्य प्रदेश नदी न्यास के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने माफियाओं को अपने चिरपरिचित अंदाज में आगाह करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा माफिया अब संभल जायें क्योंकि यह शिवराज की सरकार नहीं कमलनाथ की सरकार है, गैरकानूनी काम करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नदी न्यास अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने यह बात पन्ना जिले में पत्रकारों से चर्चा में कही। कम्प्यूटर बाबा शनिवार 1 फ़रवरी को अपने दो दिवसीय प्रवास पर पन्ना पहुँचे। कुछ देर पन्ना में रुकने के बाद कम्प्यूटर बाबा जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र के दौरे पर रवाना हो गए। जहाँ उन्होंने केन नदी का अवलोकन किया और इस नदी में सप्ताह भर पूर्व तक संचालित रहीं पंचायतों की रेत खदानों भी मुआयना किया।
मोहाना में केन नदी किनारे नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने पौधरोपण किया।
कम्प्यूटर बाबा ने अजयगढ़ जनपद क्षेत्र में रेत खदानों के निरीक्षण की शुरुआत मोहना खदान से की। इसके पश्चात उन्होंने चाँदीपाठी, रामनई, जिगनी आदि रेत खदानों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने मोहाना रेत खदान में नदी के किनारे वृक्षारोपण कर सरपंच को निर्देश दिए कि लगाए जा रहे वृक्षों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। इस दौरान नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि नदियों की का दायित्व मुझे मिला है, इनकी सुरक्षा बनीं रहे और नदियों को नुकसान न हो इसका जायजा लेने आया हूँ। प्रदेश की नदियाँ कल-कल बहें मुख्यमंत्री कमलनाथ की यह मंशा है। इसके लिए पूरे प्रदेश की नदियों का दौरा कर उनके दोनों किनारों पर पौधरोपण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जा रहे हैं। नदियों के किनारे हरियाली बनी रहे, वहाँ अवैध कटाई और रेत का अवैध खनन न हो यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
कम्प्यूटर बाबा ने जोर देते हुए कहा कि शासन की रेत नीति के अनुसार रेत का खनन होना चाहिए यदि रेत माफिया अवैध रूप से प्रतिबंधित मशीनों को नदी में उतारकर रेत निकालते है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मीडिया के माध्यम से कम्प्यूटर बाबा ने माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आप संभल जाएँ यह शिवराज सरकार नहीं कमलनाथ की सरकार है, इसमें कोई भी हो चाहे वह रेत माफिया, भू-माफिया हो या फिर अपराधी हो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। पिछले दिनों पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए की गई कार्रवाई को उन्होंने प्रभावी कार्यवाही बताते हुए इसके लिए कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी को बधाई दी और आगे भी इसी तरह कार्रवाई करने की बात कही है।
इसके पूर्व पन्ना के सर्किट हाउस में कम्प्यूटर बाबा ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के साथ वन एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से जिले में नदियों के संरक्षण तथा अवैध रेत उत्खनन पर पूर्णतः पाबंदी लगाने के संबंध में चर्चा की। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से बेतहाशा रेत खनन के दुष्परिणाम केन नदी में साफ़ दिखने लगे हैं। सदानीरा केन तेजी से बरसाती नदी में तब्दील हो रही है। दैत्याकार मशीनों के जबड़ों से नदी का सीना और कोख छलनी कर रेत निकाले जाने से केन की जल धारण क्षमता पर विपरीत असर पड़ा है। मोहाना से लेकर रामनई तक करीब 40 किलोमीटर में नदी का कछार पूरी तरह उजड़ चुका है। वहीं इस क्षेत्र में जलीय जीव भी गिनती के ही रह गए हैं।

अजब-गजब : देश में DNA टेस्ट के आधार पर NRC लागू करने की माँग, CAA और NPR पर दर्ज कराया विरोध

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* DNA के जरिए बाहरी लोगों और देश के मूल निवासियों की होगी सही पहचान

* पुराने पैटर्न पर कराई जाए जनगणना में ओबीसी की पृथक से हो गणना

* पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में CAA और NPR के विरोध में नुककड़ सभा कर सौंपा ज्ञापन

पन्ना/गुनौर। (www.radarnews.in) देश भर में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर लोगों की राय बँटी हुई है। हर तरफ इनके समर्थन और विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं। अंतर सिर्फ इतना है, इन ज्वलंत मुद्दों पर विरोध के स्वर काफी बुलंद हैं जबकि समर्थन के स्वर थोड़े मध्यम हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के तहसील मुख्यालय गुनौर में NRC को सशर्त समर्थन देते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने एक अजब-गजब मांग की है। राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपते हुए इनके द्वारा देश भर में प्रस्तावित एनआरसी को डीएनए टेस्ट के आधार पर लागू करने की पुरजोर मांग की गई है। इस माँग के मद्देनजर एनआरसी को लेकर नई बहस छिड़ सकती है। ज्ञापन के माध्यम से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) पर विरोध दर्ज कराते हुए इसे वापिस लेने की मांग की है। इनका कहना है, देश में पूर्व की तरह जनगणना कराई जाए लेकिन उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना पृथक से हो।
जिले के तहसील मुख्यालय गुनौर में 29 जनवरी को सीएए व एनपीआर के विरोध स्वरूप एक नुक्कड़ सभा आयोजित हुई। जिसमें नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत धर्म के आधार पर नागरिकता देने के प्रावधानों को देश के संविधान की मूल भावना के विपरीत बताते हुए इसे मोदी सरकार का विभाजनकारी कानून करार दिया गया। वक्ताओं ने अपने भाषण में कहा कि यह काला कानून है जोकि देश की धर्मनिरपेक्ष छवि पर चोट करता है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और देश को इस कानून से बचाना बेहद जरुरी है, क्योंकि यह “आइडिया ऑफ़ इण्डिया” के खिलाफ है।
दलित नेता देवीदीन आशू ने कहा कि लगातार दो बार प्रचण्ड बहुमत प्राप्त कर सत्ता में आई केन्द्र की मोदी सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में अब तक पूर्णतः विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार अपनी इस नाकामी को छिपाने और असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर धार्मिक-साम्प्रदायिक एजेण्डे को चला रही है। इसके पीछे मकसद राजनैतिक एवं चुनावी लाभ के लिए ध्रुवीकरण करना है। युवाओं को रोजगार, महंगाई को काबू करना, अर्थव्यवस्था में सुधार, कामगारों-किसानों की बेहतरी, विदेशों में जमा काले धन को वापिस लाने से मोदी सरकार को अब कोई सरोकार नहीं है।
नुक्कड़ सभा में एडवोकेट आनंद पटेल ने भी मोदी सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। इनका आरोप है कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों एवं फैसलों के कारण वैश्विक स्तर पर भारत की साख लगातार तेजी से गिर रही है। विभिन्न सर्वेक्षणों में भारत की रेटिंग गिरने से देश की साख पर बट्टा लग रहा है। लेकिन, अहंकार और आत्ममुग्धता में डूबी केन्द्र सरकार इस सच्चाई से आँख फेर रही है। श्री पटेल ने कहा कि इस कारण स्थिति में सुधार तो होने से रहा, उल्टा हालात कहीं अधिक चिंताजनक हो सकते है।

डीएनए टेस्ट इसलिए जरुरी

नवगठित आंबेडकराईट पार्टी ऑफ़ इण्डिया (एपीआई) मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष देशपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में बताया कि डीएनए टेस्ट के आधार पर एनआरसी को लागू करने की माँग व्यवहारिक है इससे वास्तविक बाहरी व्यक्तियों की पहचान संभव हो सकेगी और वैज्ञानिक तौर यह प्रमाणित भी हो जाएगा कि भारत के मूल निवासी कौन हैं। श्री पटेल का दावा है कि अनेकों अध्ययनों एवं डीएनए टेस्ट से यह साबित हो चुका है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इस देश के मूल निवासी हैं। जबकि आर्य बाहर से भारत में आए थे।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज देश में जितने भी अल्पसंख्यक हैं उनके पूर्वज अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से ही आते थे। कालान्तर में उन्होंने जाति एवं वर्ण व्यवस्था से बाहर आकर दूसरे धर्मों को स्वीकार कर लिया था। देशपाल पटेल ने कहा कि एनआरसी को लागू करने के पीछे सरकार का असल मकसद यदि वाकई बाहरी व्यक्तियों को देश से बाहर निकालना है तो फिर डीएनए टेस्ट इसमें काफी मददगार साबित हो सकता है। इसलिए एनआरसी को डीएनए टेस्ट के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।

50 कुपोषित को बच्चों गोद लेकर सुपोषित बनाने का लिया संकल्प, कलेक्टर बोले- “जनसहयोग से मिटेगा कुपोषण का कलंक”

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* संजीवनी अभियान के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कुपोषण की अधिकता वाले पन्ना जिले में चल रहे संजीवनी अभियान के तहत कुपोषित गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें सुपोषित बनाने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग लगातार आगे आ रहे हैं। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की प्रेरणा से जिले के अधिकाँश अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक करीब 5 माह में 12 हजार कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके संजीवनी अभिभावक बन चुके हैं। इतना ही नहीं 1400 बच्चों के अति कुपोषण से मुक्त होने का दावा किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार 29 जनवरी को पन्ना के संकल्प गार्डन में संजीवनी अभियान के अंतर्गत आयोजित हुए एक कार्यक्रम में 50 कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया। कुपोषित बच्चों को पूर्ण स्वस्थ्य और सामान्य बनाने के के संकल्प के साथ उन्हें गोद लेने वालों में कांग्रेस पार्टी के नेता-जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हैं। इस कार्यक्रम के संयोजक युवा कांग्रेस नेता वैभव थापक रहे। जिसमें पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन-प्रशासन के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को तभी शत-प्रतिशत सफल किया जा सकता है जब उसमें आम जन का सहयोग मिले। पन्ना जिले में जब कुपोषित बच्चों की हालत मेरे सामने लायी गयी तो उसी समय मेरे मन में पन्ना जिले से कुपोषण को कैसे खत्म किया जा सकता है, यह चिंता शुरू हो गयी। कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि जब कुछ दिन पहले “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” संबंधी एक कार्यशाला आयोजित की गयी तो उसमें एक बड़ी संख्या में जिले के दूरस्थ अंचलो से भी जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक आदि ने पहुंचकर कुपोषण से ग्रसित बच्चो को गोद लेने एवं उनकी सेहत की देख-रेख करने की घोषणा की। आज उसी घोषणा को शीघ्र चरित्रार्थ करने का काम वैभव थापक और उनकी टीम द्वारा किया गया है, जो अत्यंत ही सराहनीय है।
उन्होने कहा कि अब इसमें किसी भी तरह की शंका नहीं है, यह अभियान एक जन आंदोलन बन कर हमें एक सफलता के रास्ते पर न खड़ा कर दे। इसी तरह सक्रिय सहयोग मिला तो पन्ना से कुपोषण का कलंक अवश्य ही मिट जाएगा। उन्होने कार्यक्रम आयोजक वैभव थापक को भगवान जुगल किशोर की प्रतिमा भी एक स्मृति चिन्ह के रूप में भेट की। इस दौरान पन्ना ग्रामीण एवं अजयगढ़ क्षेत्र की विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज कुपोषित बच्चे जिनकी संख्या 50 थी उनको अलग-अलग लोगों ने गोद लेने की रस्म अदायगी करते हुये उन्हे पोषण आहार भेंट किया।
कार्यक्रम को वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा, शिवजीत सिंह, मीना सिंह यादव, मनीष मिश्रा, अनीष खान, लक्ष्मी दहायत, मुरारी लाल थापक, मंगला भाले, सत्यजीत सिंह, देवीप्रसाद दीक्षित, युसुफ बेग, संतोष तिवारी, धीरेन्द्र पाठक, विवेक व्यास आदि लोगो ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊदल सिंह, शीला सिंह परिहार, सहायक संचालक ज्योति पाण्डेय, अशोक विश्वकर्मा, गौरव चंसोरिया, आशीष शर्मा, करूणा अवस्थी, पुरूषोत्तम जड़िया, डॉ.प्रमोद श्रीवास्तव, शशिकांत दीक्षित, रियासत खान, सुरेन्द्र सेन, राजेन्द्र कुमार धामी, गणेश जड़िया, पवन पाठक, महेश परमार, सुंदरलाल रैकवार, अज्जू गर्ग, जगतपाल सिंह, अक्षय जैन, पूनम मिश्रा, बहादुर सिंह, राजाबाबू पटेल, सुनील रजक, सत्यम उपाध्याय, छोटू त्रिपाठी, सौरभ रैकवार, अंकित पाराशर, सुनील अवस्थी, विमलेश सेन, रोहित शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, अनुराग मिश्रा, आनंद बाजपेयी, अलोक शर्मा, विकास तिवारी, प्रतीक परमार, निखिल, सुभांश तिवारी, कामता नगायच, सुंदरम गर्ग, राहुल तिवारी, शरद शर्मा, हीरालाल विश्वकर्मा सहित काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित रही। कार्यक्रम का सफल संचालन आयुषी चौरसिया द्वारा किया गया।

दुखद : बेटी के साथ छेड़छाड़ होने से आहत पिता ने लगाई फाँसी ! जंगल में फंदे पर लटका मिला क्षत-विक्षत शव

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* पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत इटवांकला जंगल की घटना

* पत्नी और बच्चों को मायके मे छोड़ने के बाद हो गया था लापता

* मृतक के कपड़ों में मिले न्यायालय के समन से सम्भव हुई शिनाख्त

* शव के कई अंगों को वन्यजीवों ने बनाया अपना निवाला

पन्ना।(www.radarnews.in) कोतवाली थाना पन्ना के ग्राम इटवांकला के जंगल में सोमवार 27 जनवरी को फांसी के फंदे पर लटके मिले क्षत-विक्षत शव की शिनाख्त कमलेश तिवारी 40 वर्ष निवासी ग्राम बिरवाही थाना देवेन्द्रनगर जिला पन्ना के रूप में हुई है। वह करीब 12-13 दिनों से लापता था। कमलेश के आत्मघाती कदम उठाने की वजह, उसकी बेटी के साथ कुछ दिन पूर्व गांव के ही एक युवक के द्वारा की गई छेड़खानी की घटना को कथित तौर पर बताया जा रहा है। इस घटना से वह काफी आहत था। छेड़खानी का पता चलने पर कमलेश अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल में छोड़ने के बाद लापता हो गया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है। मंगलवार 28 जनवरी को पन्ना पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव विच्छेदन गृह में रखे शव की शिनाख्तगी की गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने घटना पर मर्ग कायम कर हर पहलू से इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पन्ना कोतवाली थाना के इटवांकला के जंगल में फांसी के फंदे पर एक क्षत-विक्षत शव लटका होने की सूचना वन विभाग के चौकीदार के द्वारा पुलिस को दी गई थी। सोमवार 27 जनवरी को पन्ना कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम ने जब मौके पर जा कर देखा तो मृतक के कपड़ो में न्यायालय का एक समन मिला, जिसमें कमलेश तिवारी का नाम दर्ज था। फांसी के फंदे पर लटके शव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उसके 10 से 12 दिन पुराना होने की संभावना एफएसएल के द्वारा व्यक्त की गई। शव के कई अंगों को वन्यजीवों के द्वारा नोंचने-खरौंचने तथा अपना निवाला बनाए जाने से यह काफी क्षत-विक्षत और भयावह हो चुका था। मृतक की शिनाख्ती (पहचान) हेतु पन्ना कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा आसपास के पुलिस थानों को सूचना दी गई। उधर, 12-13 दिन से घर से लापता कमलेश के परिजन लगातार उसकी खोजबीन में जुटे थे। इटवांकला के जंगल में शव मिलने की खबर पाकर परिजन पन्ना पहुंचे और मंगलवार को यहां शव की शिनाख्त कमलेश तिवारी निवासी ग्राम बिरवाही के रूप में की गई।
पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि कमलेश तिवारी अपने बच्चों और पत्नी को पन्ना जिले के ही सुनवानी थाना अंतर्गत स्थित ससुराल में छोड़ने के बाद वापस अपने गांव बिरवाही के लिये निकला था। लेकिन, वह घर नहीं पहुंचा। जब यह बात कमलेश के परिजनों और उनके ससुराल पक्ष को पता चली तो उनके द्वारा खोजबीन शुरू की गई साथ ही पुलिस थाना में भी गुमशुदगी की सूचना दी गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कमलेश अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल लेकर अचानक इसलिये गया था क्योंकि कुछ दिन पूर्व गांव के ही एक युवक ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इस घटनाक्रम को लेकर वह काफी दुःखी था। छेड़खानी की रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज कराई गई और आरोपी भी जेल जा चुका है। पन्ना एसडीओपी आर.एस. रावत का के अनुसार, फिलहाल यह बात सामने आई है कि बेटी के साथ हुई इस घटना से कमलेश शायद इतना अधिक आहत हुआ कि उसने आत्मघाती कदम उठाते फाँसी लगा ली। एसडीओपी श्री रावत का कहना इस घटना के हर पहलू की बारीकी से विस्तृत जाँच की जा रही है, जाँच में जो निष्कर्ष निकलेगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, कलेक्टर ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली

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* नौनिहालों ने प्रस्तुत की आकर्षक पीटी और सांस्कृतिक कार्यक्रम

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पन्ना सहित पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पन्ना में मुख्य समारोह स्थानीय पुलिस परेड मैदान में आयोजित किया गया। मुख्य समारोह में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के उपरांत परेड की सलामी ली गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया। इस अवसर पर मंच से ही अतिथियों द्वारा रंग-बिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
राष्ट्रगान, मार्चपास्ट के आयोजन के उपरांत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत नौनिहालों द्वारा आकर्षक पीटी का प्रदर्शन किया गया। आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों के जज्बे को वहां उपस्थित सभी ने सलाम किया। इस अवसर पर एक हजार छात्र-छात्राओं द्वारा एक साथ पीटी का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति शुरू की गयी इनमें कनिष्ठ वर्ग में सरस्वती उमावि पन्ना, लिस्यु आनन्द विद्यालय पन्ना एवं महर्षि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना द्वारा प्रस्तुति दी गयी। इसी प्रकार वरिष्ठ वर्ग में नेशनल पब्लिक स्कूल पन्ना, जवाहर नवोदय विद्यालय पन्ना, बालिका छात्रावास पन्ना द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी। वहीं खेल एवं युवक कल्याण में प्रशिक्षणरत बच्चों द्वारा मलखम्ब का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की झांकी का प्रदर्शन किया। इसमें आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, जिला शिक्षा केन्द्र, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नगरपालिका, उद्यानिकी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र आदि विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकालकर लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत अक्षत कुमार खरे को राष्ट्रीय बालीबाल प्रतियोगिता, कु. कनिष्का शुक्ला टेबिल टेनिस, अरविंद यादव राष्ट्रीय बालरंग प्रतियोगिता के लिए पुरस्कृत किया गया। जिला पंचायत पन्ना से श्री बालागुरू के आईएएस एवं संजय सिंह परिहार प्रभारी अधिकारी मनरेगा को मनरेगा राष्ट्रीय सम्मान 2019, अशोक चतुर्वेदी उप संचालक सामाजिक न्याय को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वयोश्रेष्ठ सम्मान 2019, सरपंच/सचिव ग्रारोस, उपयंत्री ग्राम पंचायत कल्दा एवं सरपंच/सचिव ग्रारोस उपयंत्री ग्राम पंचायत मोहन्द्रा को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण, अवधेश मिश्रा एवं गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना को उत्कृष्ट गौशाला निर्माण के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए मोती सिंह सहायक विकास विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर, गौरीशंकर गुप्ता समन्वयक जनपद पंचायत पन्ना, गौरव सराफ सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों का निराकरण, कुलदीप द्विवेदी स्टेनो कलेक्टर आदेशों-निर्देशों का तत्परता से पालन, राधाकृष्ण गोस्वामी सहायक ग्रेड-3 उमावि पहाड़ीखेरा संकुल केन्द्रोें में लेखा का उत्कृष्ट संधारण करने पर पुरस्कृत किया गया।
परेड में सब इंस्पेक्टर निवास सिंह को प्रथम, सब इंस्पेक्टर कृष्ण मवाई एवं सब इंस्पेक्टर अंजली राजपूत को द्वितीय, सीनियर एनसीसी में अंडर आफिसर तरूण कुमार राय प्रथम, जूनियर डिवीजन एनसीसी में सर्जेन्ट घनश्याम यादव को द्वितीय, जूनियर एनसीसी छात्रा विंग में सर्जेन्ट नेहा रैकवार को प्रथम, रेडक्रास गल्र्स में आकांक्षा रजक को द्वितीय, गाईड दल में कु. अलमीन खातून को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। कनिष्ठ वर्ग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लिस्यु आनन्द उमावि पन्ना को प्रथम, महर्षि उमावि पन्ना को द्वितीय तथा सरस्वती उमावि पन्ना को तृती स्थान प्राप्त हुआ। वरिष्ठ वर्ग में बालिका छात्रावास को प्रथम, जवाहर नवोदय विद्यालय एवं नेशनल पब्लिक स्कूल को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। झांकी के प्रदर्शन में जिला पंचायत को प्रथम, टाईगर रिजर्व एवं महिला बाल विकास को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान तथा जिला शिक्षा केन्द्र को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सम्पन्न हुए कार्यक्रम में जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, गणमान्य नागरिक, आमजन, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन प्रो. विनय श्रीवास्तव, व्याख्याता प्रमोद अवस्थी तथा अध्यापिका मीना मिश्रा द्वारा किया गया।

मासूम बच्चों के सामने पत्थर पटककर पत्नी की निर्मम हत्या, चरित्र संदेह पर वारदात को दिया अंजाम

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मृतिका केशबाई राजपूत।

* पन्ना जिले के गुनौर तहसील मुख्यालय की घटना

* कुछ दिन पूर्व ही जेल से रिहा हुआ था हत्यारोपी युवक

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के गुनौर क़स्बा में आपराधिक प्रवृत्ति के एक शराबी युवक ने चरित्र संदेह पर अपनी पत्नी की पत्थर पटककर निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। जिस कमरे में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया वहाँ पर मृतिका केशबाई राजपूत का मासूम पुत्रव व पुत्री मौजूद थी। अपने ही पिता को माँ की हत्या करते हुए देखने वाले मासूम बच्चे काफी डरे-सहमे हुए हैं। पत्नी की जघन्य हत्या कर आरोपी रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू मौके से फरार हो गया। शनिवार 25 जनवरी की सुबह गुनौर के लोगों को जब इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड का पता चला तो पूरा क़स्बा दहल उठा। गुनौर थाना पुलिस ने हत्या की वारदात को अत्यंत ही गंभीरता से लेकर फरार आरोपी पप्पू राजपूत को महज कुछ घण्टे बाद ही गिरफ्तार कर लिया।
गुनौर थाना प्रभारी जाहिदयार खान ने जानकारी देते हुए बताया कि, ग्राम खलपुरा निवासी रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू की पत्नी केशबाई राजपूत 35 वर्ष अपने दो बच्चों के साथ गुनौर क़स्बा में पेट्रोल पम्प के पीछे रहती थी। रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू आगजनी के एक मामले में जेल में कई साल तक सजा काटने के बाद चंद दिन पूर्व ही रिहा होकर अपनी पत्नी और बच्चों के पास आया था। करीब 2-3 साल तक परिवार से दूर रहने के कारण पप्पू राजपूत अपनी पत्नी केशबाई के चरित्र पर संदेह करने लगा। केशबाई ने अपनी ओर से पति को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वह पप्पू की शंका-संदेह का निवारण नहीं कर सकी। इस कारण कुछ दिनों से उनके बीच विवाद होने लगा। शुक्रवार-शनिवार की देर रात भी दोनों के बीच काफी वाद-विवाद हुआ। जिसके बाद रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू घर से बाहर चला गया और केशबाई कमरे में ही सो गई। कुछ घण्टे बाद रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू वापिस घर के अंदर आया और उसने क्रूरता की साड़ी हदें पार कर गहरी नींद में सो रही पत्नी केशबाई के सिर पर भारी पत्थर पटक दिया।
सांकेतिक फोटो।
पत्थर की आवाज और माँ की चींख सुनकर उसी कमरे ने सो रहा पप्पू का मासूम पुत्र-पुत्री नींद से जाग गए। पत्नी के खून का प्यासा पप्पू इसके बाद भी नहीं रुका। बेटे-बेटी की आँखों के ही सामने उसने केशबाई के सिर को पुनः 2-3 बार पत्थर से कुचला और फिर मौके से फरार हो गया। इस जघन्य वारदात की सूचना मिलने पर गुनौर थाना प्रभारी जाहिदयार खान हमराही बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे जहाँ खून से लथपथ केशबाई का शव कमरे में पड़ा मिला। इस वीभत्स वारदात के प्रत्यक्षदर्शी दोनों मासूम बच्चे अत्यंत ही डरे-सहमे हुए वहीं बैठे रो रहे थे। थाना प्रभारी ने दोनों बच्चों संभालते हुए उनसे हत्याकाण्ड की जानकारी प्राप्त की गई। गुनौर थाना पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से फरार हत्यारोपी की धरपकड़ के लिए घेराबंदी कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पत्नी को मौत के घाट उतारकर रमाकांत राजपूत उर्फ पप्पू गिरफ्तारी से बचने के लिए गुनौर के बाहरी इलाके में खदान के समीप छिपा हुआ था। जिसकी भनक लगते ही पुलिस टीम ने उसे धर दबोंचा। इस तरह हत्या की वारदात के कुछ घण्टे बाद ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बिग ब्रेकिंग : प्रभारी तहसीलदार और चौकीदार को 25 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम के साथ लाल घेरे में घूसखोर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला।

* रेत से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली को छोड़ने के एवज में शिक्षक से लिए थे रुपये

* पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में चल रही है लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई

* नए साल में पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई से प्रशासनिक हल्कों में मचा हड़कंप

* जिले के शासकीय कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए नहीं होते आमजन के काम

शादिक खान, कुलदीप सिंह डिघौरा- पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज प्रभारी तहसीलदार के ने शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति से आज सुबह अपने शासकीय आवास में चौकीदार देवीदीन दहायत के माध्यम से घूस ली गई। अगले ही क्षण लोकायुक्त की पुलिस टीम ने दबिश देकर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं रिश्वत की राशि लेने वाले चौकीदार को रंगे हाथों दबोंच लिया।
लोकायुक्त की टीम दोनों को स्थानीय पुलिस थाना ले गई, जहाँ पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई चल रही है। शनिवार 25 जनवरी की सुबह-सुबह हुई ट्रैप कार्रवाई से गुनौर तहसील मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में सोशल मीडिया के जरिए इस खबर के फैलने पर पन्ना के प्रशासनिक हल्क़ों में आंतरिक तौर पर खलबली की स्थिति निर्मित रही। नव वर्ष 2020 में पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है, जिसे लोकायुक्त डीएसपी सागर राजेश खेड़े के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुनौर निवासी शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति के ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज में प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने 35 हजार रुपए माँगे। सौदा तय होने पर शिक्षक ने सागर पहुँचकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसकी शिकायत की। मामले की सच्चाई जानने के बाद लोकायुक्त एसपी सागर रामेश्वर सिंह यादव के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार कर समय व दिन नियत किया गया। इसके पूर्व शुक्रवार की रात प्रभारी तहसीलदार को शिक्षक बृजबिहारी द्वारा 10 हजार रुपए दिए गए। अगले दिन शनिवार 25 जनवरी को शिक्षक बृजबिहारी प्रजापति शेष 25 रुपए देने के लिए सुबह-सुबह प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला के शासकीय आवास पहुँचे। प्रभारी तहसीलदार के कहने पर शिक्षक ने घूस की नकद राशि वहाँ उपस्थित चौकीदार देवीदीन दहायत को सौंप दी। अगले ही क्षण लोकायुक्त पुलिस की टीम ने प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को रंगे हाथ दबोंच लिया।
मीडियकर्मियों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े।
समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त पुलिस प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला का मूल पद नायब तहसीलदार है। पन्ना जिले की गुनौर तहसील लम्बे समय से घूसखोरी और वहाँ दलालों का नेटवर्क सक्रिय होने को लेकर चर्चा में रही है। अति पिछड़ा पन्ना जिला प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों का चारागाह बना है। जिले के अधिकाँश कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए आमजन के कोई काम नहीं होते। रिश्वत लेने के लिए लोगों को बेबजह काफी परेशान किया जाता है। परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों से जिले में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के मामले तेजी से बढ़ रहे है। आमजन का भ्रष्टाचार-रिश्वतखोरी के खिलाफ खड़ा होना सकारात्मक बदलाव और बढ़ती जागरूकता का संकेत है।

पन्ना जिले की ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच पद का आरक्षण 27 को, कार्रवाई सम्पादित कराने के लिए अधिकारी नियुक्त

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पन्ना जिले के नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण की कुछ समय पूर्व संपन्न हुई कार्रवाई का फाइल फोटो।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मवीर शर्मा द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों के वार्डों एवं सरपंच पद के आरक्षण की कार्यवाही के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गयी है। यह कार्यवाही 27 जनवरी को डाईट पन्ना के अलग-अलग कक्षों में जनपद पंचायतवार की जाएगी।
जनपद पंचायत पन्ना के पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना को दायित्व सौंपा गया है। यह कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 13 में की जाएगी। अजयगढ जनपद से संबंधित पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही डाईट के नये हाल में की जाएगी। कार्यवाही की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत अजयगढ को दायित्व सौंपा गया है। गुनौर जनपद पंचायत से संबंधित पंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 16 में की जाएगी। कार्यवाही का दायित्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुनौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुनौर एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत गुनौर को सौंपा गया है।
जनपद पंचायत पवई के पंच पदों की आरक्षण की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 14 में की जाएगी। कार्यवाही की जिम्मेदारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पवई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पवई एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत पवई को सौंपी गयी है। इसी प्रकार शाहनगर जनपद पंचायत के पंच पदों की कार्यवाही कक्ष क्रमाँक 5 में की जाएगी। कार्यवाही का दायित्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शाहनगर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर एवं खण्ड पंचायत अधिकारी जनपद पंचायत शाहनगर को सौंपा गया है।
इसी प्रकार सरपंच पदों की कार्यवाही डाईट के हाल क्रमाँक 6 में की जाएगी। आरक्षण की कार्यवाही के लिए नियुक्त अधिकारी अपने-अपने जनपद पंचायत के सरपंच पदों के आरक्षण की कार्यवाही सम्पादित करेंगे।

बगैर लाइसेंस कीटनाशक बिक्री करने वाले को पकड़कर दर्ज कराई एफआईआर

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सांकेतिक फोटो।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) उप संचालक कृषि पन्ना ने बताया है कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत विकासखण्ड पवई के कीटनाशक निरीक्षक आर. के. मौर्य वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा ग्राम सुनवानीकला में बगैर लाईसेंस लिए ग्रोथ प्रमोटर एवं कीटनाशक औषधि का विक्रय करते लवकुश पटेल निवासी ग्राम पुरैना पोस्ट नगनौडी ब्योहारी जिला शहडोल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई। उन्होंने जिले के समस्त कीटनाशक/उर्वरक/बीज विक्रेताओं को सूचित किया है कि कृषि आदानों का विक्रय अनुज्ञप्ति लेकर तथा मानक स्तर के कृषि आदान कृषकों को विक्रय करें। विक्रय किए गए सामान की रसीद भी देवें।

कार्रवाई : मोहाना और बीरा रेत खदान की ईटीपी बंद, पंचायत की आड़ में दोनों खदानों को चला रहे थे रेत माफिया

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सांकेतिक तस्वीर।

* खनिज उत्खनन में नियमों का पालन न करने पर कलेक्टर ने लगाई रोक

* प्रतिबंधित मशीनों के जरिए नदी में पानी के अंदर से निकाली जा रही थी रेत

* पन्ना में मची रेत की लूट में प्रशासन की संलिप्तता पर सवाल उठते ही शुरू हुई कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मानसून सीजन की समाप्ति के बाद नए सिरे से मची रेत की जबरदस्त लूट की घोर अनदेखी को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस की भूमिका पर चौतरफा सवाल उठने से बने नैतिक दबाब के चलते आखिरकार कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। रेत माफिया को खुला संरक्षण देने के प्रशासन पर लगे आरोपों के बीच पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दो दिन पूर्व कलेक्टर ने स्वयं अजयगढ़ क्षेत्र की रेत खदानों में दबिश देकर 3 एलएनटी मशीनों और 15 डम्फरों को पकड़ने के बाद आज मोहाना तथा बीरा पंचायत की रेत खदानों की ईटीपी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। खनिज उत्खनन में नियमों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है।
कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।
उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मोहन रेत खदान में दबिश देकर वहाँ से एक एलएनटी मशीन पकड़ी थी। इस दैत्याकार मशीन के जरिये नदी का सीना और कोख छलनी कर पानी के अंदर से रेत निकाली जा रही थी। प्रतिबंधित मशीन से रेत खनन करने एवं अन्य नियम-शर्तों का उल्लंघन करने कारण मोहाना पंचायत की खदान की ईटीपी बंद की गई है। जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत मोहाना की खदान पर दूसरी बार रोक लगी है। इसके पूर्व कलेक्टर मनोज खत्री ने भी मोहाना खदान की ईटीपी बंद की थी। मोहाना नंबर- 1 के नाम से खसरा नम्बर 1463 रकवा 6.74 हेक्टेयर में संचालित इस खदान को अघोषित तौर पर रेत माफियाओं का संगठित गिरोह लम्बे समय से चला रहा था।
इसी प्रकार जनपद पंचायत अजयगढ़ के ग्राम बीरा में पंचायत को आवंटित खदान का संचालन भी रेत माफिया अब तक धड़ल्ले से करते रहे हैं। इसके एवज में माफियाओं से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को कथित तौर पर लाखों रुपए एडवांस बतौर कमीशन देने होते हैं। एक वायरल वीडियो से बात का खुलासा हुआ है। वीडियो में कांग्रेस नेता एवं अजयगढ़ के जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय, पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे दशरथ पहलवान, बीरा सरपंच जुगराज सिंह एवं रेत माफियाओं के बीच प्रशासनिक मैनेजमेंट की चर्चा हो रही है। इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने से प्रदेश की कमलनाथ सरकार की अच्छी-खासी बदनामी हो रही है। वीडियो के माध्यम से पन्ना जिले के शीर्ष अधिकारियों के कथित संरक्षण में चल रही रेत की लूट का पर्दाफश होने के साथ अधिकारियों का रेट कार्ड भी मीडिया की सुर्ख़ियों में बना है। माना जा रहा है कि, रेत माफियाओं की बातचीत का वीडियो के वायरल होने से हो रही फजीहत के चलते ही बीरा खदान की ईटीपी तत्काल प्रभाव से बंद की गई है।
ग्राम बीरा नम्बर-3 खसरा नम्बर-1 रकवा 6.00 हेक्टेयर में संचालित पंचायत की रेत खदान के साथ-साथ वहाँ केन नदी में अन्य स्थानों से माफिया खुलेआम मशीनों से बड़े पैमाने पर रेत खनन कर रहे थे। बीरा से निकलने वाली अवैध रेत का परिवहन पंचायत की ईटीपी पर होता था। हालांकि शुक्रवार 24 जनवरी को पन्ना कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी ईटीपी बंद करने के आदेश में जिला प्रशासन द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत बीरा एवं मोहाना के द्वारा रेत का गौण खनिज नियमों के तहत उत्खनन न करना, प्लान, सिया/डिया पर्यावणीय अनुमति के तहत एवं स्वीकृत आदेश/अनुबंध पत्र की निहित शर्तों का पालन न किए जाने पर तत्काल प्रभाव से स्वीकृत क्षेत्र खदान की ईटीपी बंद करने का उल्लेख किया गया है।
रेत से लोड वाहनों की धरपकड़ की कार्रवाई को अंजाम देते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा का फाइल फोटो।
रुपए लेकर रेत माफियाओं को पालने के कथित खुलासे से जिले के कतिपय अधिकारियों की भूमिका पर लोगों को अफ़सोस तो जरूर हुआ लेकिन हैरानी बिल्कुल भी नहीं हुई। क्योंकि, इस सच्चाई को पन्ना के लोग पिछले 6 साल से भलीभांति जान रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिले के मौजूदा अधिकारी अपनी साख और कुर्सी बचाने के लिए फिलहाल रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिखना चाह रहे हैं या फिर यह वे इस मुहिम को ईमानदारी के साथ आगे भी जारी रखते हैं। पंचायतों की रेत खदानों में नियम-शर्तों का पालन न होने का मामला सिर्फ कुछ समय के लिए ईटीपी बंद करने की फौरी कार्रवाई तक ही सिमटकर रह जायेगा या फिर संबंधितों की जबाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कोई एक्शन भी लिया जाएगा। आने वाले दिनों में इस पर लोगों की नजर रहेगी।