* ऊर्जावान युवा नेतृत्व मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर
* 32 वर्षों से राजनीति में सक्रिय शर्मा को माना जाता है संघ का करीबी
* प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर वीडी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति जताया आभार
शादिक खान, भोपाल/पन्ना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वे सांसद राकेश सिंह की जगह लेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शनिवार 15 फरवरी को पत्र जारी कर युवा नेता विष्णु दत्त शर्मा के नाम की घोषणा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर कई दिग्गजों के नाम चर्चा में रहे, लेकिन बताया जा रहा है कि शर्मा संघ की पहली पसंद थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपना राजनीतिक सफर शुरू कर नेहरू युवा केन्द्र के उपाध्यक्ष और फिर भाजपा के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले शर्मा ने राजनीति में ऊँची छलांग लगाई है। कुछ माह पूर्व खजुराहो संसदीय क्षेत्र से रिकार्ड मतों के अंतर से जीत दर्ज कर सांसद निर्वाचित हुए और अब मध्य प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से लम्बे समय तक जुड़े रहकर विभिन्न पदों पर सेवायें देने वाले वीडी शर्मा की पहचान निर्विवाद, संघर्षशील, जमीनी नेता व कुशल संगठक के रूप में होती है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से आने वाले शर्मा पिछले 32 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। चंबल क्षेत्र में भाजपा का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं।
शिवराज बोले- पार्टी नई ऊंचाई प्राप्त करेगी
मजबूत संगठनात्मक कौशल और दीर्घकालिक अनुभव रखने वाले सांसद विष्णु दत्त शर्मा को मध्य प्रदेश का भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किये जाने की खबर आने के बाद से ही उनके निर्वाचन क्षेत्र खजुराहो के पार्टी कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर देखी जा रही है। प्रदेश के ग्वालियर-चम्बल, बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में जमीनी सम्पर्क व प्रभाव रखने वाले शर्मा को भाजपा की कमान सौंपने के निर्णय को लेकर उम्मीद की जा रही है, वे पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा-उत्साह का संचार कर संगठन को मजबूती प्रदान करने में सफल होंगे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर वीडी शर्मा को बधाई दी। उन्होंने कहा- “मुझे पूर्ण विशवास है कि शर्मा के नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाई प्राप्त करेगी। कार्यकर्ता नए जोश और नई उमंग के साथ पार्टी और प्रदेश को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। शर्मा को जब भी कोई काम दिया गया, उसे हर बार नई ऊंचाई प्रदान की, नए मानक तय किए। कलाम इनोवेशन एण्ड गवर्नेंस अवार्ड, यूथ लीडर अवार्ड जैसे पुरुष्कारों ने आपके प्रयासों को सम्मान देने का काम किया।“ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने निवृतमान अध्यक्ष राकेश सिंह के कार्यकाल की भी सराहना की है।
शर्मा के सामने उपचुनाव की चुनौती
विष्णु दत्त शर्मा के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर यूँ तो कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन प्रदेश की जौरा और आगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी को जिताना उनके सामने पहली सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके पश्चात नगरीय निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं में भाजपा का कब्ज़ा बरकरार रखना दूसरा बड़ा इम्तिहान होगा। मध्य प्रदेश में साल भर से सत्ता से बाहर चल रही भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं के बीच समन्वय बनाकर सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संगठन को सक्रिय रखना वीडी शर्मा के लिए आसान नहीं होगा। शर्मा को भाजपा की कमान ऐसे समय पर मिली है जब पार्टी के कुछ विधायकों के कांग्रेस के संपर्क में होने की चर्चाएं सियासी गलियारों में आम है। मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी तो सीएए और एनआरसी को लेकर पहले ही कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए बगावती तेवर दिखा चुके हैं।

इसके अलावा भाजपा के कई दिग्गज नेता बहुचर्चित हनी ट्रैप काण्ड व भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के घेरे में हैं। इन तमाम चुनौतियों एवं विपरीत परिस्थितियों के बीच युवा नेता वीडी शर्मा की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो रही है। छात्र एवं युवा राजनीति में बेहद कामयाब और लम्बी पारी खेल चुके ऊर्जावान जुझारू नेता वीडी शर्मा क्या इस बार भी खुद को साबित कर पाएंगे ? इसलिए, आने वाले समय में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि वीडी प्रदेश संगठन प्रमुख की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं।
2





सब्जी उत्पादक एवं विक्रेता कृषक लखनलाल ने दिनाँक 26 जनवरी 2020 को उस व्यक्ति को फोन लगाया तो उसने कहा कि दादा मेरी लड़की की शादी है। कन्यादान लेना है, तुम सोमवार को देवेन्द्रनगर आ जाना और एक सोने का हार, एक करधौनी और 2 लाख रुपये लेते आना। अगले दिन लखनलाल और उसका लड़का मनमोहन एक सोने का हार और एक चांदी का डोरा करीब डेढ पाव का और करीब 2 लाख रूपए लेकर मोटर साइकिल से बस स्टैंड देवेन्द्रनगर पहुँचे। उक्त दोनों व्यक्ति देवेन्द्रनगर बस स्टैंड पर मिले तब मैनें उस व्यक्ति को 2 लाख रुपये दिये और सोने-चांदी के गहने सौंप दिए। इसके एवज में उस व्यक्ति ने लखनलाल को वह हार दिया जिसे उसने खुदाई के दौरान मिलना बताया था।
पकड़े गए संदेहियों से पुलिस ने जब कड़ाई से पूँछताँछ की तो उन्होंने सब्जी विक्रेता लखनलाल कुशवाहा के साथ ठगी करने का जुर्म कबूल कर लिया। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में- शंकर लाल पिता राजाराम राय 48 साल, शंकर राय पिता बीरचन्द्र राय 34 साल निवासी, मंगल राम पिता तेजराम राय, अर्जुन राय पिता शंकर राय 20 साल, श्रीमति टीना राय पति मंगल राय 40 साल सभी निवासी जिला आगरा उत्तर प्रदेश, रामलाल राय पिता धूरा लाल राय 44 साल, श्रीमती राजू देवी राय पति राम लाल राय उम्र 42 दोनों निवासी जिला इटावा उत्तर प्रदेश, अर्जुन सिलवट पिता धुला सिलवट 26 साल निवासी गुलाब बाई कालोनी नागदा जिला उज्जैन एवं श्रीमति नूतन सोलंकी पति हेमराज सोलंकी उम्र 25 साल निवासी खोडिया नगर अहमदाबाद गुजरात शामिल हैं। पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के कब्जे से नगद 80 हजार रूपए, 18 सोने के गुरिया, 8 चाँदी के सिक्के, 01 चाँदी का पेण्डल, नकली सोना करीब 2 किलो बरामद किया गया।
अन्तर्राज्यीय ठग गिरोह की धरपकड़ में अहम भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम एवं साइबर सेल की पन्ना एसपी मयंक अवस्थी ने सराहना करते हुए 10 हजार रुपये के नकद ईनाम से पुरुष्कृत करने की घोषणा की है। ठगों की गिरफ्तारी में निरीक्षक हरिसिहं ठाकुर, उप निरीक्षक एन.पी. पटेल, बलवीर सिहं, सहायक उप निरीक्षक कस्तूरी बाई, प्रधान आरक्षक रामकष्ण पाण्डेय, शिवेन्द्र सिहं, प्रेमलाल पाण्डे, आरक्षक राजेश सिहं, लक्ष्मीनारायण यादव, राजीव, ब्रम्हदत्त, प्रदीप, रामपाल, महिला आरक्षक किरन, सीतू सिहं, मीना अहिरवार व साईबर सेल पन्ना के आरक्षक नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द्र राजावत का सराहनीय योगदान रहा।
हादसे के संबंध बस में सवार रहे यात्रियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राची कोच की मिनी बस क्रमाँक- MP- 09- FA- 1377 छतरपुर से सतना जा रही थी। बस की सभी सीटें भरी हुई थीं तथा कुछ यात्री खड़े हुए थे। पन्ना बस स्टैण्ड से यह बस करीब 10:30 बजे रवाना हुई और पन्ना-सतना मार्ग पर बमुश्किल 7 किलोमीटर चलने के बाद मोहनगढ़ी के मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। यात्रियों ने बताया कि अज्ञात चालक बस को तेज गति से अत्यंत ही लापरवाही पूर्वक चला रहा था। जिससे मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में छतरपुर जिले के निवासी श्रीराम कुशवाहा की मौत हो गई। जबकि दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सड़क हादसे की सूचना मिलने पर एडीशनल एसपी बीकेएस परिहार, रक्षित निरीक्षक देविका सिंह बघेल, यातायात प्रभारी नीतू ठाकुर, नगर निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके तत्काल मौके पर पहुँच गए। राहगीरों और पुलिस जवानों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त बस से घायलों को निकालकर डायल 100 वाहन तथा एम्बुलेंस से उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचाया गया। सभी घायलों का जिलाचिकित्सालय में उपचार चल रहा है। हादसे के बाद से बस का अज्ञात आरोपी चालक फरार है।
मालूम होकि आज के हादसे से 48 घण्टे पूर्व पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर सोमवार 10 फरवरी को सुबह करीब 10:30 बजे जवाहर नवोदय विद्यालय रमखिरिया के मोड़ के समीप अम्बे कम्पनी की बस अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस भयानक हादसे में बस में सवार दो नाबालिग छात्रों की दर्दनाक मोत हो गई थी। जबकि दो दर्जन से अधिक यात्री एवं स्कूली छात्र घायल हुए थे। तीन दिन के अंदर आज दूसरा सड़क हादसा होने की खबर ने जिले के लोगों को हिलाकर रख दिया है। यात्री सुरक्षा को खतरे में डालकर अंधी रफ़्तार से दौड़ने वाली बसों पर कार्रवाई लेकर जिम्मेदारों की अनदेखी पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि, अधिकांश बसें यात्री सुरक्षा मानकों-मापदण्डों को रौंदते हुए खुलेआम दौड़ रहीं हैं। इसलिए बसों की यात्रा बेहद जोखिम भरी हो गई है। तेजी से बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रहीं मौतों के बाबजूद पन्ना जिले का परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी हादसों की रोकथाम को लेकर पूरी तरह बेखबर हैं। बस यात्रियों की यात्रा सुरक्षित कैसे हो इसके लिए तत्परता से आवश्यक कदम उठाने के बजाए जिम्मेदारों का पूरा ध्यान वसूली पर केन्द्रित है। कभी-कभार की जाने वाली इनकी कार्रवाई महज औपचारिकता पूरी करने तक सीमित है। जिससे निजी बस आपरेटरों की मनमानी जारी है और सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया। कुछ प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। टीकमगढ़ के एक शिकायतकर्ता द्वारा गलत परमिट पर वाहन चलाने, परमिट निरस्त नहीं किए जाने और डबल टैक्स वसूली संबंधी शिकायत पर टीकमगढ़ आरटीओ को हटाने और उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय में एक्स-रे कोर्स परीक्षा में विलम्ब होने पर मुख्यमंत्री ने परीक्षा नियंत्रक और संबंधित लिपिक स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के आवेदन पर मध्यांचल ग्रामीण बैंक सेमरिया से ऋण लेने में अनियमितता और लापरवाही तथा विलम्ब होने की स्थिति में कलेक्टरों को निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि बैंकों की शिकायतों पर विशेष ध्यान दें और उनका सकारात्मक निराकरण करवायें। बैठक में मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आसपास मौजूद लोगों व राहगीरों ने आनन-फानन खिड़कियों के काँच तोड़कर घायलों तथा यात्रियों को बाहर निकाला। बिना किसी देरी के सभी घायलों को निजी वाहनों एवं बृजपुर थाना पुलिस की गाड़ियों से समुचित उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहाँ ड्यूटी डॉक्टर ने छात्र लक्ष्मन यादव पिता कृपाल सिंह यादव 17 वर्ष एवं प्रेम सागर पाण्डेय उर्फ़ रामभरोसी पुत्र रामलखन पाण्डेय 16 वर्ष दोनों निवासी ग्राम धरमपुर का चिकित्सीय परीक्षण करने के उपरांत दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में 24 यात्री घायल हुए हैं, जिनका इलाज पन्ना में चल रहा है। उल्लेखनीय है कि, पन्ना में टीएल की बैठक के दौरान बस हादसे की खबर मिलने पर संवेदनशील कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के द्वारा तत्काल एसडीम एवं नायब तहसीलदार को जिला चिकित्सालय के लिए भेजा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला चिकित्सालय पहुँचकर डॉक्टरों से घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनका हालचाल जाना।
जिला मुख्यालय पन्ना से करीब 25 किलोमीटर दूर पहाड़ीखेरा मार्ग पर जिस स्थान पर यह भीषण हादसा हुआ वहाँ यात्री बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनियंत्रित बस यदि सड़क किनारे लगे मील के पत्थर से टकराकर न पलटती तो हाईटेंशन लाइन के सम्पर्क में आ जाती। अगर ऐसा होता तो शायद बस के अंदर कोई भी जीवित न बचता। लोगों का कहना है कि, घटनास्थल का दृश्य-परिस्थियाँ देखकर, इस बारे में सोचकर उनके शरीर में सिहरन पैदा होने लगती है और कलेजा काँप उठता है। अभी जो कुछ हुआ निश्चित ही वह अत्यंत ही दुखद है। अनियंत्रित बस अगर हैवी विधुत लाइन से टकराती तब शायद कोई भी जीवित न बचता। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि, मड़ला घाटी जैसा भयानक हादसा होने से बाल-बाल बच गया। बताते चलें कि करीब 4 वर्ष पूर्व पन्ना जिले की मड़ला घाटी में पुलिया के नीचे गिरी बस में आग लगने से दो दर्जन यात्री जिंदा जल गए थे।

कार्यक्रम में जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष सोनेलाल पटेल, अम्बेडकराईज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष देशपाल पटेल, छात्र नेता संजय अहिरवार, कांग्रेस नेता पवन जैन, युवक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, जयराम यादव, आनंद पटेल, दीपचन्द्र अग्रवाल ने भी सहभागिता निभाई और धरने को समर्थन दिया। इसी क्रम में रूखसार मिर्जा, सूफ़िया खान, तबस्सुम, संगीता पटेल, निधि पाठक, अजिया, अनस राइन, सहवाज परवीन, इदरीश, इमरान राइन, रिदा, मुमताज एवं सिद्धार्थ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागरिकता संसोधन कानून व प्रस्तावित एनआरसी का विरोध किया।
कार्यक्रम के समापन करने के लिए सभी महिलाओं ने राष्ट्रगान गाया और कोमी एकता के नारे लगाए। मौके पर उपस्थित प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को महिलाओं ने सामुहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। महामहिम राष्ट्रपति को नाम सौंपे इस ज्ञापन में संविधान विरोध कानून सीएए को तुरंत वापिस लेने और प्रस्तावित एनआरसी को रद्द करने की मांग की गई। इसके साथ ही पुरूषों ने भी तहसीलदार को ज्ञापन के साथ हस्ताक्षर अभियान के तहत तीन दिन में हुए हस्ताक्षरों का ब्यौरा सौंपा और इन कानूनों पर रोक लगाने की मांग की।
पन्ना के हिरणबाग चौराहे पर सभी महिलाओं और पुरुषों ने धरना प्रदर्शन समाप्त होने के बाद शाहीन बाग में अपनी मां के साथ आने वाले दो मासूम बच्चों की मौत पर रोष व्यक्त किया, साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में मोमबत्ती जलाई गईं। पूरे चौराहे पर बड़ी संख्या में सभी लोगों ने मौन रखकर बच्चों का याद किया।
चक्काजाम के कारण करीब आधा घण्टे तक छतरपुर-सतना और कटनी की और जाने वाले मार्गों पर वाहनों का आवागमन पूर्णतः ठप्प रहा। कुछ ही मिनिट में डायमण्ड तिराहा के तीनों मार्गों पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे पन्ना एसडीओपी रामसुहावन रावत ने बड़ी ही सूझबूझ के साथ संवेदशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात की और हत्यारोपी को अति शीघ्र गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन देकर चक्काजाम समाप्त कराने के लिए उन्हें राजी कर लिया। इस तरह करीब आधा घण्टे बाद चक्काजाम समाप्त होने पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 7 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे कीर्ति लोधी पुत्री स्व. रूपलाल लोधी 16 वर्ष निवासी ग्राम कोहनी पिपरी अपनी छोटी बहिन के साथ दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष ने मौका पाकर कीर्ति की गर्दन पर बका से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया ने मृतिका कीर्ति लोधी की छोटी बहिन पूर्ती लोधी 12 वर्ष पर भी हमला करने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकली। अज्ञात कारणों के चलते सनसनीखेज हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद से आरोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष फरार है।
शुक्रवार देर शाम हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना लाया गया। जिला चिकित्सालय पन्ना के शव विच्छेदन गृह में आज पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। शोक संतृप्त परिजन शव लेकर दोपहर करीब 1 बजे चार पहिया वाहन से अपने गाँव के लिए रवाना हुए। लेकिन तभी अचानक रास्ते में पन्ना के डायमण्ड तिराहा पर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस खबर के आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुँच गए। देखते ही देखते तिराहा से गुजरने वाले मार्गों के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं।
इस दौरान आक्रोशित परिजन व प्रदर्शनकारी हत्यारोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने एवं उसे फाँसी देने की माँग को लेकर जमकर नारेबाजी करते रहे। तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर पन्ना एसडीओपी रामसुहावन रावत ने युवती के परिजनों से सहानुभूतिपूर्वक बातचीत करके हत्यारोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन दिया गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद एसडीओपी ने पीड़ित परिजनों को आखिरकार चक्काजाम समाप्त कराने के लिए उन्हें मना लिया। इस तरह करीब आधा घण्टे से जारी चक्काजाम दोपहर 1:30 बजे समाप्त होने पर स्थिति सामान्य हो सकी और वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो गई।
इस जघन्य हत्याकाण्ड के बाद से कोहनी पिपरी गाँव में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। नवयुवक इंद्रजीत सिंह लूनिया ने नाबालिग कीर्ति लोधी की हत्या आखिर क्यों की, फिलहाल यह रहस्य बरकरार है। मृतिका के चाचा रामदुलारे लोधी ने बताया कि इंद्रजीत सिंह या उसके परिवार से हमारे परिवार की किसी तरह की कोई बुराई नहीं है। इंद्रजीत और कीर्ति के बीच किसी तरह के संबंध होने के सवाल पर रामदुलारे ने अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि इंद्रजीत लूनिया चूँकि आपराधिक प्रकृति का है इसलिए उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
कोतवाली थाना पन्ना में पदस्थ उप निरीक्षक एम. एल. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हत्या की वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हत्या की वजह के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पुलिस जाँच इसका पता नहीं चल सका। आरोपी के पकड़े जाने पर जघन्य हत्याकाण्ड का आधिकारिक तौर पर खुलासा होने की बात पुलिस की ओर से कही जा रही है। कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने इस घटना पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
