बिग ब्रेकिंग : प्रभारी तहसीलदार और चौकीदार को 25 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

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लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम के साथ लाल घेरे में घूसखोर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला।

* रेत से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली को छोड़ने के एवज में शिक्षक से लिए थे रुपये

* पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में चल रही है लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई

* नए साल में पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई से प्रशासनिक हल्कों में मचा हड़कंप

* जिले के शासकीय कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए नहीं होते आमजन के काम

शादिक खान, कुलदीप सिंह डिघौरा- पन्ना/गुनौर।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज प्रभारी तहसीलदार के ने शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति से आज सुबह अपने शासकीय आवास में चौकीदार देवीदीन दहायत के माध्यम से घूस ली गई। अगले ही क्षण लोकायुक्त की पुलिस टीम ने दबिश देकर प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं रिश्वत की राशि लेने वाले चौकीदार को रंगे हाथों दबोंच लिया।
लोकायुक्त की टीम दोनों को स्थानीय पुलिस थाना ले गई, जहाँ पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई चल रही है। शनिवार 25 जनवरी की सुबह-सुबह हुई ट्रैप कार्रवाई से गुनौर तहसील मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में सोशल मीडिया के जरिए इस खबर के फैलने पर पन्ना के प्रशासनिक हल्क़ों में आंतरिक तौर पर खलबली की स्थिति निर्मित रही। नव वर्ष 2020 में पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस की यह पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है, जिसे लोकायुक्त डीएसपी सागर राजेश खेड़े के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुनौर निवासी शिक्षक बृज बिहारी प्रजापति के ट्रैक्टर-ट्राली को छोड़ने के एवज में प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने 35 हजार रुपए माँगे। सौदा तय होने पर शिक्षक ने सागर पहुँचकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसकी शिकायत की। मामले की सच्चाई जानने के बाद लोकायुक्त एसपी सागर रामेश्वर सिंह यादव के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार कर समय व दिन नियत किया गया। इसके पूर्व शुक्रवार की रात प्रभारी तहसीलदार को शिक्षक बृजबिहारी द्वारा 10 हजार रुपए दिए गए। अगले दिन शनिवार 25 जनवरी को शिक्षक बृजबिहारी प्रजापति शेष 25 रुपए देने के लिए सुबह-सुबह प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला के शासकीय आवास पहुँचे। प्रभारी तहसीलदार के कहने पर शिक्षक ने घूस की नकद राशि वहाँ उपस्थित चौकीदार देवीदीन दहायत को सौंप दी। अगले ही क्षण लोकायुक्त पुलिस की टीम ने प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला एवं चौकीदार देवीदीन दहायत को रंगे हाथ दबोंच लिया।
मीडियकर्मियों को कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े।
समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त पुलिस प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गुनौर के प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला का मूल पद नायब तहसीलदार है। पन्ना जिले की गुनौर तहसील लम्बे समय से घूसखोरी और वहाँ दलालों का नेटवर्क सक्रिय होने को लेकर चर्चा में रही है। अति पिछड़ा पन्ना जिला प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों का चारागाह बना है। जिले के अधिकाँश कार्यालयों में बगैर रिश्वत दिए आमजन के कोई काम नहीं होते। रिश्वत लेने के लिए लोगों को बेबजह काफी परेशान किया जाता है। परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों से जिले में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के मामले तेजी से बढ़ रहे है। आमजन का भ्रष्टाचार-रिश्वतखोरी के खिलाफ खड़ा होना सकारात्मक बदलाव और बढ़ती जागरूकता का संकेत है।