* रीछुल हत्याकाण्ड का पन्ना जिले की सलेहा थाना पुलिस ने किया खुलासा
* शिक्षक को पहले दारु-मुर्गा की पार्टी कराई फिर जबरन खिला दिया था जहर
शादिक खान, रामप्रताप वर्मन- पन्ना/सलेहा।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सलेहा थाना अंतर्गत करीब सात माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मृत में मिले शिक्षक अमृतलाल कोल की मौत की गुत्थी सुलझाने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार शिक्षक की हत्या अवैध संबंध के संदेह पर सुनियोजित तरीके से की गई थी। विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में ग्राम रीछुल निवासी महेश बढ़ई और ग्राम छिजौरा निवासी रामिकशोर उर्फ़ रामकिशुन ढीमर को आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार ग्राम रीछुल की शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक अमृतलाल कोल 35 वर्ष का इसी शाला में मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले समूह में कार्यरत एक महिला के घर पर अक्सर आना-जाना रहता था। महिला के रिश्तेदार रामकिशुन ढीमर को दोनों के बढ़ते मेल-जोल से उनके बीच अवैध संबंध होने का संदेह हुआ जिसके चलते उसने अपने दोस्त महेश बढ़ई के साथ मिलकर शिक्षक अमृतलाल की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों ने शिक्षक को पहले दारु-मुर्गा की पार्टी कराई और फिर जबरन जहर खिलाकर निर्ममता पूर्वक मार डाला। पुलिस की जाँच में हुए इस चौंकाने वाले खुलासे ने लोगों को हैरान कर दिया है।
खेत में मिला था शव

सतना जिले के जसो थाना अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रीछुल के पूर्व सरपंच राजेश कुमार उपाध्याय ने दिनांक 16 जुलाई 2019 की सुबह सलेहा थाना पुलिस को फोन पर सूचना देते हुए बताया था कि ग्राम रीछुल से कुछ दूरी पर नंदलाल लोधी के खेत की मेड़ पर अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो मृतक के चेहरे में कीड़े पड़ चुके थे। इस कारण शव पहचाना में नहीं आ रहा था। शव की हालत को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया कि अज्ञात व्यक्ति की मृत्यु 4-5 पूर्व हुई है। शव के पास शराब की बोतल और सल्फास की डिब्बी पड़ी मिली। उधर, शिक्षक अमृतलाल का कई दिनों से मोबाइल फोन बंद होने से चिंतित परिजनों को जब ग्राम रीछुल के समीप अज्ञात शव मिलने की भनक लगी तो अनहोनी की आशंका के चलते सलेहा थाना पुलिस से संपर्क कर वे मौके पर पहुंच गए। परिजनों की आशंका सही निकली उक्त शव शिक्षक अमृतलाल कोल का ही था। सलेहा थाना पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराकर विसरा को एफएसएल जांच हेतु भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट में मृतक के शरीर में शराब और कीटनाशक होना पाया गया। इस घटना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया।
इस तरह हुआ खुलासा
शिक्षक अमृतलाल की संदिग्ध मौत की जाँच में सलेहा थाना पुलिस ने साइबर सेल के माध्यम घटनास्थल के आसपास के मोबाइल नंबर ट्रेस कर यह जानकारी जुटाई कि उक्त अवधि में वहाँ कौन-कौन आया था। साथ ही उन तमाम मोबाइल नंबरों को खंगाला गया जिनसे अमृतलाल कोल की बातचीत हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने मुखबिर के जरिए भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। सलेहा थाना प्रभारी निरंकार सिंह ने बताया कि हर पहलू से मामले की गहन जाँच के दौरान पता चला कि 12 जुलाई की शाम शिक्षक रीछुल निवासी महेश बढ़ई के साथ चारपाई की पाटी खरीदने सलेहा आया था। जहां उसे एक होटल मुर्गा खिलाया गया और शराब पिलाई गई।
रात्रि में करीब 9 बजे सलेहा से वापस रीछुल लौटते समय पूर्व निर्धारित योजना के तहत ग्राम छिजौरा निवासी रामकिशुन ढीमर रस्ते में मिला। उसने शिक्षक से कहा कि तुमने गाँव की कई महिलाओं से गलत संबंध बना रखे हैं, मेरी रिश्तेदार के घर भी तुम्हारा आना-जाना है। रामकिशुन व महेश ने शिक्षक अमृतलाल को गालियाँ देते हुए जबरन सल्फास की गोलियाँ खिलाईं और फिर शारब पिला दी। इस दौरान वहाँ पहुंचे देवेन्द्रनगर निवासी करण कुचबंधिया से शिक्षक ने गिड़गिड़ाते हुए उक्त दोनों लोगों से उसे बचाने की गुहार लगाई। करण से उसने कहा मैं फिर कभी रीछुल नहीं आऊंगा और अपना ट्रांसफर करा लूंगा। रामकिशुन व महेश बोले इसे तो जान से मारना ही है, करण ने दोनों को समझाया कि अमृतलाल को जान से मत मारो। इतना कहकर वह समीप स्थित खेत से उसके लिए पानी लेने चला गया। करण जब वापिस लौटा तो शिक्षक अमृतलाल कोल की मौत हो चुकी थी।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
इस प्रकरण की जांच में पाया गया कि ग्राम छिजौरा निवासी रामकिशुन ढीमर व उसके दोस्त ग्राम रीछुल निवासी महेश बढ़ई ने शिक्षक अमृतलाल कोल को जबरन सल्फास की गोली खिलाकर उसकी हत्या की थी। जिसकी पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट से होती है। मर्ग की सम्पूर्ण जाँच उपरांत प्रथम दृष्टया मामला हत्या का पाए जाने पर रामिकशोर उर्फ़ रामकिशुन ढीमर 41 वर्ष एवं महेश बढ़ई 40 वर्ष के विरुद्ध सलेहा थाना पुलिस ने अपराध धारा 302, 328, 201, 34 ता. हि. 3 (2) (V. A) SC, ST एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। सलेहा थाना प्रभारी निरंकार सिंह ने बताया कि ग्राम रीछुल में स्कूल के पास रहने वाली जिस महिला के घर पर शिक्षक अमृतलाल कोल का आना-जाना था उससे कथित तौर पर रामिकशोर उर्फ़ रामकिशुन ढीमर के अवैध संबंध थे। महिला के पड़ोस में रहने वाले रामकिशुन के दोस्त महेश बढ़ई को इसकी जानकारी थी। वह महेश ही था जोकि शिक्षक के महिला के घर पर आने-जाने तथा दोनों के बीच अनैतिक संबंध होने की खबर देकर रामकिशुन को उसके विरुद्ध उकसाता था। अपनी रिश्तेदार के घर पर शिक्षक का अक्सर उठना-बैठना रामकिशुन को जब नागवार गुजरने लगा तो उसने महेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सूत्रों से पता चला है कि शिक्षक हत्या के खुलासे के मद्देनजर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सलेहा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को तत्परता से दबोंच लिया है, हालाँकि इस खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।
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मजबूत संगठनात्मक कौशल और दीर्घकालिक अनुभव रखने वाले सांसद विष्णु दत्त शर्मा को मध्य प्रदेश का भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किये जाने की खबर आने के बाद से ही उनके निर्वाचन क्षेत्र खजुराहो के पार्टी कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर देखी जा रही है। प्रदेश के ग्वालियर-चम्बल, बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में जमीनी सम्पर्क व प्रभाव रखने वाले शर्मा को भाजपा की कमान सौंपने के निर्णय को लेकर उम्मीद की जा रही है, वे पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा-उत्साह का संचार कर संगठन को मजबूती प्रदान करने में सफल होंगे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर वीडी शर्मा को बधाई दी। उन्होंने कहा- “मुझे पूर्ण विशवास है कि शर्मा के नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाई प्राप्त करेगी। कार्यकर्ता नए जोश और नई उमंग के साथ पार्टी और प्रदेश को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। शर्मा को जब भी कोई काम दिया गया, उसे हर बार नई ऊंचाई प्रदान की, नए मानक तय किए। कलाम इनोवेशन एण्ड गवर्नेंस अवार्ड, यूथ लीडर अवार्ड जैसे पुरुष्कारों ने आपके प्रयासों को सम्मान देने का काम किया।“ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने निवृतमान अध्यक्ष राकेश सिंह के कार्यकाल की भी सराहना की है।


सब्जी उत्पादक एवं विक्रेता कृषक लखनलाल ने दिनाँक 26 जनवरी 2020 को उस व्यक्ति को फोन लगाया तो उसने कहा कि दादा मेरी लड़की की शादी है। कन्यादान लेना है, तुम सोमवार को देवेन्द्रनगर आ जाना और एक सोने का हार, एक करधौनी और 2 लाख रुपये लेते आना। अगले दिन लखनलाल और उसका लड़का मनमोहन एक सोने का हार और एक चांदी का डोरा करीब डेढ पाव का और करीब 2 लाख रूपए लेकर मोटर साइकिल से बस स्टैंड देवेन्द्रनगर पहुँचे। उक्त दोनों व्यक्ति देवेन्द्रनगर बस स्टैंड पर मिले तब मैनें उस व्यक्ति को 2 लाख रुपये दिये और सोने-चांदी के गहने सौंप दिए। इसके एवज में उस व्यक्ति ने लखनलाल को वह हार दिया जिसे उसने खुदाई के दौरान मिलना बताया था।
पकड़े गए संदेहियों से पुलिस ने जब कड़ाई से पूँछताँछ की तो उन्होंने सब्जी विक्रेता लखनलाल कुशवाहा के साथ ठगी करने का जुर्म कबूल कर लिया। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में- शंकर लाल पिता राजाराम राय 48 साल, शंकर राय पिता बीरचन्द्र राय 34 साल निवासी, मंगल राम पिता तेजराम राय, अर्जुन राय पिता शंकर राय 20 साल, श्रीमति टीना राय पति मंगल राय 40 साल सभी निवासी जिला आगरा उत्तर प्रदेश, रामलाल राय पिता धूरा लाल राय 44 साल, श्रीमती राजू देवी राय पति राम लाल राय उम्र 42 दोनों निवासी जिला इटावा उत्तर प्रदेश, अर्जुन सिलवट पिता धुला सिलवट 26 साल निवासी गुलाब बाई कालोनी नागदा जिला उज्जैन एवं श्रीमति नूतन सोलंकी पति हेमराज सोलंकी उम्र 25 साल निवासी खोडिया नगर अहमदाबाद गुजरात शामिल हैं। पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के कब्जे से नगद 80 हजार रूपए, 18 सोने के गुरिया, 8 चाँदी के सिक्के, 01 चाँदी का पेण्डल, नकली सोना करीब 2 किलो बरामद किया गया।
अन्तर्राज्यीय ठग गिरोह की धरपकड़ में अहम भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम एवं साइबर सेल की पन्ना एसपी मयंक अवस्थी ने सराहना करते हुए 10 हजार रुपये के नकद ईनाम से पुरुष्कृत करने की घोषणा की है। ठगों की गिरफ्तारी में निरीक्षक हरिसिहं ठाकुर, उप निरीक्षक एन.पी. पटेल, बलवीर सिहं, सहायक उप निरीक्षक कस्तूरी बाई, प्रधान आरक्षक रामकष्ण पाण्डेय, शिवेन्द्र सिहं, प्रेमलाल पाण्डे, आरक्षक राजेश सिहं, लक्ष्मीनारायण यादव, राजीव, ब्रम्हदत्त, प्रदीप, रामपाल, महिला आरक्षक किरन, सीतू सिहं, मीना अहिरवार व साईबर सेल पन्ना के आरक्षक नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द्र राजावत का सराहनीय योगदान रहा।
हादसे के संबंध बस में सवार रहे यात्रियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राची कोच की मिनी बस क्रमाँक- MP- 09- FA- 1377 छतरपुर से सतना जा रही थी। बस की सभी सीटें भरी हुई थीं तथा कुछ यात्री खड़े हुए थे। पन्ना बस स्टैण्ड से यह बस करीब 10:30 बजे रवाना हुई और पन्ना-सतना मार्ग पर बमुश्किल 7 किलोमीटर चलने के बाद मोहनगढ़ी के मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। यात्रियों ने बताया कि अज्ञात चालक बस को तेज गति से अत्यंत ही लापरवाही पूर्वक चला रहा था। जिससे मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में छतरपुर जिले के निवासी श्रीराम कुशवाहा की मौत हो गई। जबकि दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सड़क हादसे की सूचना मिलने पर एडीशनल एसपी बीकेएस परिहार, रक्षित निरीक्षक देविका सिंह बघेल, यातायात प्रभारी नीतू ठाकुर, नगर निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके तत्काल मौके पर पहुँच गए। राहगीरों और पुलिस जवानों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त बस से घायलों को निकालकर डायल 100 वाहन तथा एम्बुलेंस से उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय पहुँचाया गया। सभी घायलों का जिलाचिकित्सालय में उपचार चल रहा है। हादसे के बाद से बस का अज्ञात आरोपी चालक फरार है।
मालूम होकि आज के हादसे से 48 घण्टे पूर्व पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर सोमवार 10 फरवरी को सुबह करीब 10:30 बजे जवाहर नवोदय विद्यालय रमखिरिया के मोड़ के समीप अम्बे कम्पनी की बस अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस भयानक हादसे में बस में सवार दो नाबालिग छात्रों की दर्दनाक मोत हो गई थी। जबकि दो दर्जन से अधिक यात्री एवं स्कूली छात्र घायल हुए थे। तीन दिन के अंदर आज दूसरा सड़क हादसा होने की खबर ने जिले के लोगों को हिलाकर रख दिया है। यात्री सुरक्षा को खतरे में डालकर अंधी रफ़्तार से दौड़ने वाली बसों पर कार्रवाई लेकर जिम्मेदारों की अनदेखी पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि, अधिकांश बसें यात्री सुरक्षा मानकों-मापदण्डों को रौंदते हुए खुलेआम दौड़ रहीं हैं। इसलिए बसों की यात्रा बेहद जोखिम भरी हो गई है। तेजी से बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रहीं मौतों के बाबजूद पन्ना जिले का परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी हादसों की रोकथाम को लेकर पूरी तरह बेखबर हैं। बस यात्रियों की यात्रा सुरक्षित कैसे हो इसके लिए तत्परता से आवश्यक कदम उठाने के बजाए जिम्मेदारों का पूरा ध्यान वसूली पर केन्द्रित है। कभी-कभार की जाने वाली इनकी कार्रवाई महज औपचारिकता पूरी करने तक सीमित है। जिससे निजी बस आपरेटरों की मनमानी जारी है और सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया। कुछ प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। टीकमगढ़ के एक शिकायतकर्ता द्वारा गलत परमिट पर वाहन चलाने, परमिट निरस्त नहीं किए जाने और डबल टैक्स वसूली संबंधी शिकायत पर टीकमगढ़ आरटीओ को हटाने और उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय में एक्स-रे कोर्स परीक्षा में विलम्ब होने पर मुख्यमंत्री ने परीक्षा नियंत्रक और संबंधित लिपिक स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के आवेदन पर मध्यांचल ग्रामीण बैंक सेमरिया से ऋण लेने में अनियमितता और लापरवाही तथा विलम्ब होने की स्थिति में कलेक्टरों को निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि बैंकों की शिकायतों पर विशेष ध्यान दें और उनका सकारात्मक निराकरण करवायें। बैठक में मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आसपास मौजूद लोगों व राहगीरों ने आनन-फानन खिड़कियों के काँच तोड़कर घायलों तथा यात्रियों को बाहर निकाला। बिना किसी देरी के सभी घायलों को निजी वाहनों एवं बृजपुर थाना पुलिस की गाड़ियों से समुचित उपचार हेतु पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहाँ ड्यूटी डॉक्टर ने छात्र लक्ष्मन यादव पिता कृपाल सिंह यादव 17 वर्ष एवं प्रेम सागर पाण्डेय उर्फ़ रामभरोसी पुत्र रामलखन पाण्डेय 16 वर्ष दोनों निवासी ग्राम धरमपुर का चिकित्सीय परीक्षण करने के उपरांत दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में 24 यात्री घायल हुए हैं, जिनका इलाज पन्ना में चल रहा है। उल्लेखनीय है कि, पन्ना में टीएल की बैठक के दौरान बस हादसे की खबर मिलने पर संवेदनशील कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के द्वारा तत्काल एसडीम एवं नायब तहसीलदार को जिला चिकित्सालय के लिए भेजा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला चिकित्सालय पहुँचकर डॉक्टरों से घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनका हालचाल जाना।
जिला मुख्यालय पन्ना से करीब 25 किलोमीटर दूर पहाड़ीखेरा मार्ग पर जिस स्थान पर यह भीषण हादसा हुआ वहाँ यात्री बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनियंत्रित बस यदि सड़क किनारे लगे मील के पत्थर से टकराकर न पलटती तो हाईटेंशन लाइन के सम्पर्क में आ जाती। अगर ऐसा होता तो शायद बस के अंदर कोई भी जीवित न बचता। लोगों का कहना है कि, घटनास्थल का दृश्य-परिस्थियाँ देखकर, इस बारे में सोचकर उनके शरीर में सिहरन पैदा होने लगती है और कलेजा काँप उठता है। अभी जो कुछ हुआ निश्चित ही वह अत्यंत ही दुखद है। अनियंत्रित बस अगर हैवी विधुत लाइन से टकराती तब शायद कोई भी जीवित न बचता। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि, मड़ला घाटी जैसा भयानक हादसा होने से बाल-बाल बच गया। बताते चलें कि करीब 4 वर्ष पूर्व पन्ना जिले की मड़ला घाटी में पुलिया के नीचे गिरी बस में आग लगने से दो दर्जन यात्री जिंदा जल गए थे।

कार्यक्रम में जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष सोनेलाल पटेल, अम्बेडकराईज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष देशपाल पटेल, छात्र नेता संजय अहिरवार, कांग्रेस नेता पवन जैन, युवक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, जयराम यादव, आनंद पटेल, दीपचन्द्र अग्रवाल ने भी सहभागिता निभाई और धरने को समर्थन दिया। इसी क्रम में रूखसार मिर्जा, सूफ़िया खान, तबस्सुम, संगीता पटेल, निधि पाठक, अजिया, अनस राइन, सहवाज परवीन, इदरीश, इमरान राइन, रिदा, मुमताज एवं सिद्धार्थ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागरिकता संसोधन कानून व प्रस्तावित एनआरसी का विरोध किया।
कार्यक्रम के समापन करने के लिए सभी महिलाओं ने राष्ट्रगान गाया और कोमी एकता के नारे लगाए। मौके पर उपस्थित प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को महिलाओं ने सामुहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। महामहिम राष्ट्रपति को नाम सौंपे इस ज्ञापन में संविधान विरोध कानून सीएए को तुरंत वापिस लेने और प्रस्तावित एनआरसी को रद्द करने की मांग की गई। इसके साथ ही पुरूषों ने भी तहसीलदार को ज्ञापन के साथ हस्ताक्षर अभियान के तहत तीन दिन में हुए हस्ताक्षरों का ब्यौरा सौंपा और इन कानूनों पर रोक लगाने की मांग की।
पन्ना के हिरणबाग चौराहे पर सभी महिलाओं और पुरुषों ने धरना प्रदर्शन समाप्त होने के बाद शाहीन बाग में अपनी मां के साथ आने वाले दो मासूम बच्चों की मौत पर रोष व्यक्त किया, साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में मोमबत्ती जलाई गईं। पूरे चौराहे पर बड़ी संख्या में सभी लोगों ने मौन रखकर बच्चों का याद किया।
चक्काजाम के कारण करीब आधा घण्टे तक छतरपुर-सतना और कटनी की और जाने वाले मार्गों पर वाहनों का आवागमन पूर्णतः ठप्प रहा। कुछ ही मिनिट में डायमण्ड तिराहा के तीनों मार्गों पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे पन्ना एसडीओपी रामसुहावन रावत ने बड़ी ही सूझबूझ के साथ संवेदशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात की और हत्यारोपी को अति शीघ्र गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन देकर चक्काजाम समाप्त कराने के लिए उन्हें राजी कर लिया। इस तरह करीब आधा घण्टे बाद चक्काजाम समाप्त होने पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 7 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे कीर्ति लोधी पुत्री स्व. रूपलाल लोधी 16 वर्ष निवासी ग्राम कोहनी पिपरी अपनी छोटी बहिन के साथ दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष ने मौका पाकर कीर्ति की गर्दन पर बका से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया ने मृतिका कीर्ति लोधी की छोटी बहिन पूर्ती लोधी 12 वर्ष पर भी हमला करने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकली। अज्ञात कारणों के चलते सनसनीखेज हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद से आरोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष फरार है।
शुक्रवार देर शाम हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना लाया गया। जिला चिकित्सालय पन्ना के शव विच्छेदन गृह में आज पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। शोक संतृप्त परिजन शव लेकर दोपहर करीब 1 बजे चार पहिया वाहन से अपने गाँव के लिए रवाना हुए। लेकिन तभी अचानक रास्ते में पन्ना के डायमण्ड तिराहा पर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस खबर के आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुँच गए। देखते ही देखते तिराहा से गुजरने वाले मार्गों के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारें लग गईं।
इस दौरान आक्रोशित परिजन व प्रदर्शनकारी हत्यारोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने एवं उसे फाँसी देने की माँग को लेकर जमकर नारेबाजी करते रहे। तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर पन्ना एसडीओपी रामसुहावन रावत ने युवती के परिजनों से सहानुभूतिपूर्वक बातचीत करके हत्यारोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का ठोस आश्वासन दिया गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद एसडीओपी ने पीड़ित परिजनों को आखिरकार चक्काजाम समाप्त कराने के लिए उन्हें मना लिया। इस तरह करीब आधा घण्टे से जारी चक्काजाम दोपहर 1:30 बजे समाप्त होने पर स्थिति सामान्य हो सकी और वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो गई।