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रेत की लूट : स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर बड़ी मात्रा में निकाली रेत, संयुक्त जाँच के बाद भी दर्ज नहीं हुआ अवैध उत्खनन का मामला

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पन्ना जिले की चाँदीपाठी रेत खदान में अवैध उत्खनन की संयुक्त रूप से जांच करते खनिज और राजस्व विभाग अधिकारी।

* पन्ना जिले की चाँदीपाठी रेत खदान में हुआ अवैध उत्खनन

* खनिज और राजस्व विभाग के अधिकारी कर रहे बहानेबाजी

* एक-दूसरे पर आवश्यक जानकारी न भेजने का लगा रहे आरोप

* रेत के लिए जीवनदायनी केन नदी को खोखला करने में जुटे माफिया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली चाँदीपाठी रेत खदान लम्बे समय से सुर्ख़ियों में बनीं है। जिले के अंतिम छोर पर उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक केन नदी में संचालित विशाल क्षेत्रफल वाली यह खदान बड़े पैमाने पर रेत के अवैध उत्खनन, दैत्याकार मशीनों से खनन और पर्दे के पीछे खदान में हिस्सेदारी रखने वाले हाई प्रोफ़ाइल पार्टनरों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहती है। लेकिन इस बार चाँदीपाटी खदान की चर्चा वहाँ हुए रेत अवैध उत्खनन की संयुक्त जाँच के बाद कार्रवाई में जानबूझकर की जा रही देरी को लेकर हो रही है। जांच में स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन पाए जाने के बाद भी ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई न होने से इस मामले में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा और उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
खदान की संयुक्त जांच करने वाले राजस्व व खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई में देरी को लेकर बहानेबाजी करते हुए एक-दूसरे पर आवश्यक जानकारी न भेजने का आरोप लगा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की गोलमोल बातों से ऐसा लगता है जैसे वे किसी से ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि चाँदीपाठी रेत खदान के सम्बन्ध प्रशासनिक स्तर भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह भी किया जा रहा है। इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों खनिज और राजस्व विभाग के अमले की संयुक्त जांच में चाँदीपाठी खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन पाया गया लेकिन इस मामले में अब तक प्रकरण दर्ज नहीं किया।
सांकेतिक तस्वीर।
लोगों को गुमराह करने के लिए चालाक अफसरों ने ऑफ रिकॉर्ड यह प्रचारित करा दिया कि अवैध उत्खनन के मद्देनजर खदान की ईटीपी बंद की गई है। जबकि सच्चाई यह है, रेत खदान ठेकेदार पर खनिज राजस्व की बड़ी राशि बकाया होने की वजह से 2 मार्च को ईटीपी को अस्थाई तौर पर बंद किया गया था। बकाया राशि का दो किश्तों में भुगतान किए जाने पर शुक्रवार 6 मार्च की शाम ईटीपी पर लगी रोक समाप्त भी हो चुकी है। अब खदान ठेकेदार पूर्व की तरह पुनः रेत परिवहन हेतु ईटीपी जारी कर सकेगा।
सांकेतिक तस्वीर।
उल्लेखनीय है कि चाँदीपाठी रेत खदान ठेकेदार के द्वारा स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर मशीनों से बड़ी मात्रा में खनन कराकर पानी के अंदर से रेत निकालने की ख़बरें लम्बे समय से आ रहीं थीं। रेत की खुलेआम जारी इस लूट की कई दिनों तक अनदेखी करने बाद मीडिया के दबाब में जिला प्रशासन द्वारा खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को चाँदीपाठी भेजकर 27 फरवरी को खदान की जांच कराई गई। जांच टीम में शामिल रहे अधिकारियों ने खदान की नापजोख करने के पश्चात स्वीकार किया खदान क्षेत्र के बाहर से रेत का खनन हुआ है। लेकिन सप्ताह भर से अधिक का समय गुजरने के बाद भी अवैध रेत खनन का प्रकरण सम्बंधित ठेकेदार के विरुद्ध पंजीबद्ध नहीं किया गया।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पन्ना का फाइल फोटो।
मजेदार बात यह है कि, इस सम्बंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ बी. बी. पाण्डेय से बात करने पर पहले तो उन्होंने अब तक प्रकरण दर्ज न होने पर हैरानी जताई और फिर कहा कि इस मामले में कार्रवाई नियमानुसार खनिज विभाग को ही करनी है। खदान की संयुक्त जाँच में खनिज निरीक्षक नूतन जैन शामिल रहीं है, अजयगढ़ तहसीलदार और बीरा मण्डल के नायब तहसीलदार तो उनके सहयोग के लिए गए थे। खदान के जांच सम्बंधी समस्त दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। अजयगढ़ एसडीएम श्री पाण्डेय का कहना है कि प्रकरण दर्ज करने में खनिज विभाग को यदि कोई समस्या है तो वे हमें दस्तावेज भेज दें प्रकरण हम दर्ज कर लेंगे। वहीं जब खनिज निरीक्षक नूतन जैन से बात की गई तो उन्होंने प्रकरण दर्ज करने में देरी की वजह अजयगढ़ के राजस्व अमले से आवश्यक जानकारी प्राप्त न होना बताया। इस तरह एक-दूसरे पर दस्तावेज न भेजने का आरोप लगाकर जिम्मेदार अधिकारी न सिर्फ अपनी जबावदेही से पल्ला झाड़ रहे हैं बल्कि अवैध उत्खनन के मामले को जानबूझकर लटकाए हुए हैं।
केन नदी में मशीनों से होने वाले रेत खनन का फाइल फोटो।
बहरहाल इस लेटलतीफी के कारण इन चर्चाओं को भी बल मिल रहा है कि मौजूदा प्रशासन चाँदीपाठी रेत खदान के खिलाफ कार्रवाई करने का नैतिक साहस नहीं जुटा पा रहा है। कथित तौर खदान में शामिल ऊँची पहुँच रखने वाले हिस्सेदारों को नाराज करके अधिकारी अपनी कुर्सी के लिए खतरा मोल लेना नहीं चाहते। सुगबुगाहट यह भी है कि निहित स्वार्थ पूर्ती के चक्कर में इस मामले को ठण्डे बस्ते में रखा गया है। खदान ठेकेदार से अघोषित समझौते के चलते पन्ना जिला प्रशासन 31 मार्च 2020 तक कोई भी ऐसी कार्रवाई करने से बच रहा है जिससे खदान के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
विदित होकि वर्तमान में पन्ना जिले की अधिकांश रेत खदानों की ईटीपी पर रोक लगी है, सरकारी रिकार्ड में सिर्फ तीन खदानें इससे बाहर हैं जिनमें शक्ति ट्रेडर्स की मोहना खदान, चाँदीपाठी और रामनई ग्राम में निजी भूमि पर फ़तेह सिंह की खदान शामिल है। फिलहाल कतिपय कारणों से मोहना खदान बंद होने से चाँदीपाठी खदान ठेकेदार और फ़तेह सिंह की चांदी हो गई है। चाँदीपाठी खदान में खनन की अनुमति 31 मार्च 2020 अथवा नए ठेकेदार मल्होत्रा कम्पनी की खदान चालू होने तक के लिए है। शायद इसीलिए पन्ना जिला प्रशासन इस खदान की अनियमितताओं को लम्बे समय तक नजरअंदाज करता रहा है, दबाब बढ़ने पर बेमन से संयुक्त जांच का दिखावा किया गया लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं निकला। उल्लेखनीय है इस सम्बंध में जब पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया तो कई बार रिंग जाने के बाद भी उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।

इनका कहना है –

“खनिज राजस्व बकाया होने के कारण कुछ दिनों के लिए चाँदीपाठी रेत खदान की ईटीपी बंद की गई थी जोकि शुक्रवार शाम से पुनः शुरू हो चुकी है। राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त जांच में इस खदान में अवैध उत्खनन पाया गया था लेकिन अजयगढ़ के राजस्व अधिकारियों से कुछ दस्तावेज न मिलने के कारण अवैध उत्खनन का मामला फ़िलहाल दर्ज नहीं हो पाया है। सम्बंधितों से बात करके इस मामले में शीघ्र ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

– आर. के. पाण्डेय जिला खनिज अधिकारी पन्ना।

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जंगली सुअर का शिकार करने बिछाया था करंट का जाल लेकिन उसकी चपेट में आकर मरा तेंदुआ

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वन विभाग की टीम की अभिरक्षा में तेंदुए के शिकारी एवं बाजू में खड़े उप वनमण्डलाधिकारी नरेन्द्र सिंह, धरमपुर रेन्जर बी. के. विश्वकर्मा।

* वन विभाग के हत्थे चढ़े दो शिकारियों ने किया खुलासा

* पन्ना जिले की धरमपुर रेन्ज की कुड़रा बीट में मिला था तेंदुए का कंकाल

* तेंदुए की खाल और पंजे ले गए थे शिकारी, दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार

* उत्तर वन मण्डल पन्ना अंतर्गत एक माह में दो तेंदुओं की मौत पर उठ रहे सवाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के उत्तर वन मण्डल की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत कुड़रा बीट में कुछ दिन पूर्व सामने आए तेंदुए के शिकार के बहुचर्चित मामले में वन विभाग की टीम ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पकड़े गए आरोपी बौना उर्फ़ जुगनू कुशवाहा व दिल्लीपत उर्फ़ दिलीप कुशवाहा दोनों निवासी ग्राम दिबिहा थाना धरमपुर ने पूँछतांछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया है कि उनके द्वारा दो अन्य लोगों के साथ मिलकर जंगली सुअर का शिकार करने के लिए कुड़रा के जंगल में प्राचीन बाबली के समीप करंट का जाल बिछाया गया था। लेकिन जब करंट की चपेट में आकर तेंदुआ मरा तो कथित तौर दोनों ने इससे खुद को अलग कर लिया। बाद में इनके अन्य दो साथियों ने मृत तेंदुए की खाल उतारी और उसके पंजे भी काट ले गए। पकड़े गए दोनों शिकारियों को सोमवार 2 फरवरी को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उन्हें पन्ना जिला जेल भेजा गया है। वन विभाग को इस मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों की तलाश है। जिनमें दिबिहा गाँव का ही नत्थू कुशवाहा और उसका एक अन्य साथी शामिल है।
उल्लेखनीय है कि धरमपुर रेन्ज की कुड़रा बीट के कक्ष क्रमाँक पी-53 में 23 फरवरी को प्राचीन बाबली के समीप कुछ दिन पूर्व क्षत-विक्षत हालत में एक तेन्दुए का कंकाल मिला था। मौके पर कुछ खूँटियाँ गड़ी हुई मिलीं और जीआई तार भी पाया गया। जांच में पता चला कि पानी पीने के लिए आने वाले वन्य जीवों के शिकार के उद्देश्य से जल स्रोत के समीप करंट के तार बिछाए गए थे। जिसके सम्पर्क में आने से तेंदुए की मौत हुई है। तेंदुए के शरीर से खाल और उसके पंजे गायब थे। शव की अत्यंत ही क्षत-विक्षत हालत और उससे उठ रही भीषण दुर्गन्ध के मद्देनजर यह संभावना जताई गई कि तेंदुए के मौत करीब सप्ताह भर पूर्व हुई है।
कुड़रा के जंगल में शिकार हुए तेंदुए का शव इस स्थिति में मिला था।
शिकार की इस सनसनीखेज घटना के सामने आने से जिले के उत्तर वन मण्डल की काफी आलोचना हुई। क्योंकि वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं और दूसरे गंभीर वन अपराधों की रोकथाम में वन मण्डल का अमला अब तक नाकाम साबित हुआ है। वन विभाग के मैदानी अमले की कार्यप्रणाली, जंगल की सुरक्षा और निगरानी को लेकर अफसरों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे। दरअसल, शिकार के इस प्रकरण ने उत्तर वन मण्डल में व्याप्त अराजकता पूर्ण स्थिति को उजागर करने का काम किया। जंगल की सुरक्षा के मोर्चे से मैदानी अमले के अक्सर गायब रहने और इनकी कारगुजारियों से बेपरवाह अफसरों की उदासीनता के चलते शिकारियों ने बेखौफ होकर जंगल में न सिर्फ करंट जाल बिछाया बल्कि उसकी चपेट में आकर मृत तेंदुए की खाल और पंजे भी ले काट गए।
जंगल में तेन्दुए का शव कई दिनों तक सड़ता रहा लेकिन इसकी भनक तक मैदानी वन अमले को नहीं लगी। जंगल में लकड़ी लेने गए ग्रामीणों के द्वारा जब 23 फरवरी को इसकी सूचना रेन्जर को दी गई तब कहीं जाकर शिकार के इस हैरान करने वाले मामले का खुलासा हुआ। इससे एक बार फिर साबित हो गया कि जंगल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। तेंदुए के शिकार के आरोप में गिरफ्तार बौना उर्फ़ जुगनू कुशवाहा पिता लोशन कुशवाहा व दिल्लीपत उर्फ़ दिलीप कुशवाहा पिता रामप्रसाद कुशवाहा निवासी दिबिहा ने पूंछतांछ में पहले भी कई बार शिकार करने की बात स्वीकार की है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे कुड़रा के जंगल में वन्यजीवों का शिकार और अवैध कटाई का सिलसिला लम्बे समय से चल रहा है। तेंदुए के शिकार के मामले में फरार चल रहे नत्थू कुशवाहा के घर की तलाशी लेने पर मोर के पंजे 2 नग, जंगली सुअर के दांत व जबड़ा, सांभर के सींग, जंगली सुअर व रीछ के बाल बरामद होना इस बात का प्रमाण है।

मुखबिर की सूचना पर पकड़े आरोपी

फाइल फोटो।
धरमपुर रेन्ज अंतर्गत तेंदुए के शिकार की घटना का पता चलने पर वन अमला सक्रिय हुआ तथा विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। मामले के खुलासे और अज्ञात शिकारियों का सुराग लगाने के लिये प्रशिक्षित डॉग की मदद ली गई। डॉग घटनास्थल की गंध लेकर बौना उर्फ़ जुगनू कुशवाहा पिता लोशन कुशवाहा, दिल्लीपत उर्फ़ दिलीप कुशवाहा पिता रामप्रसाद कुशवाहा व नत्थू कुशवाहा निवासी दिबिहा के घरों में पहुंचा। इस आधार पर तीनों को संदेही के रूप में चिन्हित करते हुए उनके घरों की तलाशी ली गई। इस दौरान नत्थू कुशवाहा के घर पर कई वन्यजीवों के अंग और शिकार में उपयोग होने वाला सामान बरामद हुआ।
सभी संदेहियों के फरार होने की वजह से उनके घरों एवं संभावित ठिकानों पर वन अमले के द्वारा मुखबिरों के माध्यम से नजर रखी जा रही थी। सोमवार 2 मार्च की सुबह वन अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली कि दिल्लीपत उर्फ़ दिलीप कुशवाहा और बौना उर्फ़ जुगनू कुशवाहा अपने घर के आसपास देखे गए हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पहले से कायम था। इस मामले का मुख्य आरोपी नत्थू कुशवाहा और उसका साथी अभी भी फरार है। जिसकी वन अमले द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उत्तर वन मण्डल के उप वन मण्डलाधिकारी नरेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि शेष दोनों आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भ्रम फ़ैलाने प्रचारित किया था लकड़बग्घा

धरमपुर रेन्ज अंतर्गत कुड़रा के जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिले वन्यजीव के शव को देखने से स्पष्ट है कि वह तेन्दुआ है लकड़बग्घा नहीं।
कुड़रा बीट अंतर्गत करंट का तार बिछाकर तेंदुए का शिकार करने की वारदात में शामिल रहे दो शिकारियों दिल्लीपत उर्फ़ दिलीप कुशवाहा और बौना उर्फ़ जुगनू कुशवाहा निवासी दिबिहा की गिरफ्तारी और उनके कबूलनामे से यह स्पष्ट हो गया है कि शिकार तेंदुए का ही हुआ था। जबकि इस मामले के खुलासे के बाद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मृत वन्यजीव का शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिलने से उसकी पहचान कठिन होने का हवाला देकर लकड़बग्घा या तेंदुआ होने की संभावना व्यक्त करते रहे हैं। कथित तौर यह भ्रम जानबूझकर फैलाया गया। ताकि जंगल में करंट का जाल फैलाकर तेंदुए का शिकार किये जाने की घटना मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित न हो।
जंगल लकड़ी लेने गए जिन ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना वन अमले को दी थी उन्होंने भी तेंदुए का शव मिलने की ही बात बताई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों में भी मृत वन्यजीव तेंदुआ नजर आ रहा था। मजेदार बात यह है कि इस घटना का वन अपराध दर्ज करने की कार्रवाई में भी तेंदुए की मौत होने का ही उल्लेख किया गया। बाबजूद इसके वन्यजीवों के जानकार कहलाने वाले अधिकारी सच्चाई जानने के बाद भी उसे ईमानदारी से स्वीकार करने के बजाए लकड़बग्घा या तेंदुआ होने का राग अलापते हुए संदेह पैदा करते रहे। दरअसल इन्हें डर था कि तेंदुआ की मौत होने की सीधी स्वीकारोक्ति से काफी हंगामा मच सकता है।
कुड़रा के जंगल में मृत तेंदुए के शव का मुआयना करतीं उत्तर वन मण्डल पन्ना की डीएफओ मीना मिश्रा व उप वनमण्डलाधिकारी नरेन्द्र सिंह।
ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि माह फरवरी 2020 में ही इस घटना के कुछ दिन पूर्व उत्तर वन मण्डल की देवेन्द्रनगर रेन्ज अंतर्गत मकरी कुठार के जंगल में एक मादा तेंदुआ संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत मिला था। एक माह में दो तेन्दुओं की मौत से उठने वाले सवालों को दबाने की योजना के तहत लकड़बग्घा होने का भ्रम फैलाया गया। इसके पूर्व जब धरमपुर रेन्ज की धरमपुर बीट के सीमावर्ती इलाके में शिकारियों के द्वारा लगाए गए फंदे में तेंदुआ के फंसने की खबर आई थी तब भी उत्तर वन मण्डल के अधिकारियों ने लकड़बग्घा के फंसे होने की बात कहकर मामले को जांच के नाम पर रफा-दफा कर दिया था।
मालूम हो कि पन्ना जिले उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत पिछले दो साल में करीब दो दर्जन तेन्दुओं की मौत हो चुकी है। जिसमें अधिकांश का शिकार हुआ है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर वनों की कटाई, वन क्षेत्र में हीरा और पत्थर का अवैध उत्खनन बेरोक-टोक चल रहा है। तेजी से बढ़ते वन अपराधों को रोकने में नाकाम वन विभाग के अधिकारी अपनी कारगुजारियों पर पर्दा डालने के लिए कुछ समय से इस तरह के हथकण्डे अपना रहे है। इसमें मीडियाकर्मियों के फोन रिसीव न करना, उन्हें घटना का कवरेज करने से रोकना, वन अपराधों को दबाने के लिए उनकी जानकारी के बाद भी अनभिज्ञता जाहिर कर पुष्टि करने से बचना और भ्रम फैलाना शामिल है।

कुछ दिन पूर्व मादा तेंदुआ का मिला था शव

बीट मकरी कुठार में मृत मिले मादा तेंदुए का शव और उसका पोस्टमार्टम करने के लिए समीप बैठे वन्यप्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव गुप्ता।
उत्तर वन मण्डल पन्ना के जंगलों में माह फरवरी 2020 में दो तेन्दुओं के शव बरामद हुए। धरमपुर रेन्ज की कुड़रा बीट अंतर्गत करंट का जाल बिछाकर एक तेंदुए का शिकार किया गया था। जबकि दूसरी घटना इसके कुछ दिन पूर्व देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्र के बृजपुर सर्किल की बीट मकरी कुठार की है। इस घटना का पता कम ही लोगों को चला क्योंकि वन अधिकारियों ने बड़े ही गुपचुप तरीके से मृत मादा तेंदुआ के शव का जंगल में ही पोस्टमार्टम कराकर उसके शव को आनन-फानन में वहीं जलवा दिया था। बीट मकरी कुठार के कक्ष क्रमांक- पी-91 में 13 फरवरी को मादा तेंदुआ की संदेहास्पद मौत का मामला सामने आया था। महज एक वर्ष की आयु की मादा तेंदुआ का शव जंगल में झाड़ियों के समीप मिला। उसके शरीर के सभी अवयव (अंग) सुरक्षित होने के आधार पर तेंदुआ की मौत स्वाभाविक होने की बात कही गई। हालाँकि मादा तेंदुआ की मौत की वास्तविकता का पता लगाने के लिए जाँच हेतु भेजे शरीर के नमूनों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
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Lockdown – Home alone and bad days

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ई-निरीक्षण में आँगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की सच्चाई उजागर, कहीं अनुपस्थित मिलीं कार्यकर्ता-सहायिका, तो कहीं पर बच्चों की उपस्थिति रही कम

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सांकेतिक फोटो।

* लापरवाह आंगनवाडी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का मानदेय काटने के आदेश

शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं-कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई का पता लगाकर व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में ई-निरीक्षण शुरू किया गया। निरीक्षण की इस नई व्यवस्था से विभिन्न विभागों के मैदानी अमले की कामचोरी और लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। अच्छी बात यह है कि ई-निरीक्षण रिपोर्ट को संबंधित विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी गंभीरता से लेते हुए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहे हैं। जिससे ई-निरीक्षण को लेकर मैदानी अमले में हड़कंप मचा है। ई-निरीक्षण के तहत ताजा कार्रवाई आंगनवाडी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के खिलाफ की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास पन्ना उदल सिंह ने बताया है कि कलेक्टर के आदेशानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आंगनवाडी केन्द्रों का ई-निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान आंगनवाडी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं द्वारा की गयी अनियमितताओं के संबंध में मानदेय काटने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया है कि बाल विकास परियोजना पवई अन्तर्गत सेक्टर कल्दा आंगनवाडी केन्द्र बिरवाही का निरीक्षण राकेश कुमार प्रजापति राजस्व विभाग द्वारा किया गया। जिसमें कार्यकर्ता श्रीमती काशी बाई अनुपस्थित पाई गईं । पन्ना ग्रामीण अन्तर्गत सेक्टर मझगवा आंगनवाडी केन्द्र जरधोवा का निरीक्षण विष्णु त्रिपाठी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। जिसमें कार्यकर्ता श्रीमती हल्की बाई अनुपस्थित पायी गयी। पवई अन्तर्गत सेक्टर बिसानी आंगनवाडी केन्द्र बिसानी-डी का निरीक्षण डाॅ. एल.के. तिवारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया। जिसमें कार्यकर्ता श्रीमती निर्मला तिवारी अनुपस्थित पायी गयी। इन सभी का 7-7 दिवस का मानदेय काटने के आदेश दिए गए हैं।

सांकेतिक फोटो।

इसी प्रकार परियोजना शाहनगर अन्तर्गत सेक्टर बिसानी आंगनवाडी केन्द्र सतधारा का निरीक्षण विष्णु त्रिपाठी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। जिसमें कार्यकर्ता श्रीमती सेठिया एवं सहायिका श्रीमती रामसखी यादव के केन्द्र में बच्चों की उपस्थति बहुत कम पायी गयी। इसी प्रकार सेक्टर बिसानी आगंनवाडी केन्द्र शाहपुरकला का निरीक्षण किया गया। जिसमें कार्यकर्ता कु. प्रीति गौतम एवं सहायिका श्रीमती गंगो बाई वर्मन के केन्द्र में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम पायी गयी। इन सभी का 5-5 दिवस का मानदेय काटने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आंगनवाडी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को अंतिम बार चेतावनी देते हुए निर्देशित किया है कि यदि भविष्य में इसी प्रकार की पुनरावृत्ति होती है तो बिना सूचना दिए सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की जाएगी।
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माशिमं की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से, जिले में 47 केन्द्रों पर कक्षा 12 वीं की परीक्षा में 11316 परीक्षार्थी होंगे शामिल

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सांकेतिक फोटो।

* मंगलवार 3 मार्च से शुरू होंगी हाईस्कूल की परीक्षाएं

* परीक्षा केन्द्रों के पास लगाई प्रतिबंधात्मक धारा- 144

* कलेक्टर ने परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं, बोले- तनाव रहित होकर दें परीक्षा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) माध्यमिक शिक्षा मण्डल बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार 02 मार्च से शुरू हो रहीं हैं। सोमवार को बोर्ड परीक्षाओं का आगाज कक्षा 12 वीं के हिन्दी के प्रश्न पत्र से होगा। जबकि कक्षा 10 वीं हाईस्कूल की परीक्षा मंगलवार 03 मार्च से प्रारम्भ होंगी। इस वर्ष पन्ना जिले में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 47 केन्द्र बनाए गए हैं। सोमवार को इन केन्द्रों पर कक्षा 12 वीं के 11361 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मलित होंगे। पन्ना जिला मुख्यालय में 05 केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। परीक्षा का समय प्रातः 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। परीक्षा केन्द्रों पर विद्यार्थियों को प्रातः 08:30 बजे से प्रवेश दिया जायेगा। शांतिपूर्वक एवं निर्विध्न परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा परीक्षा केन्द्रों के पास 144 धारा लगाई गयी है। रविवार को इस संबंध आम सूचना जारी की गई। परीक्षा की अवधि में जिले में रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम

सांकेतिक फोटो।

जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना कमल सिंह कुशवाहा ने बताया कि मण्डल के द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप जिले में बोर्ड परीक्षाओं के व्यवस्थित आयोजन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा चुकीं है। परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उड़नदस्ता दल परीक्षा के दौरान नियमित रूप से केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर नक़ल की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ परीक्षा केन्द्रों की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे। प्रत्येक केन्द्र पर नकल रोकने की जबाबदारी संबंधित केंद्र अध्यक्ष की भी होगी। श्री कुशवाहा ने बताया कि संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मंगलवार 03 मार्च से शुरू होने वाली कक्षा 10वीं हाईस्कूल परीक्षा में जिले के 16943 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

नम्बर महत्वपूर्ण नहीं बल्कि आत्ममूल्यांकन जरूरी

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों एवं पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे निश्चिंत एवं तनावरहित होकर परीक्षाएं दें। नम्बर महत्वपूर्ण नहीं हैं बल्कि आत्ममूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केन्द्रों के पास 144 धारा लगाई गयी है। जिससे परीक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो। जिले में रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बच्चों के माता.पिता से अपील करते हुए कहा है कि बच्चों पर परीक्षा का दबाव व तनाव न डालें। उन्हें संबल प्रदान करने के साथ उनका आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद करें। जिला प्रशासन आप सभी के साथ है।
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प्राइवेट पार्ट पर लाठी से हमला कर भतीजे ने की चाचा की हत्या, जुआ खेलने के दौरान हुआ था विवाद

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पन्ना जिले की पवई थाना पुलिस की अभिरक्षा में बहुचर्चित पटोरी हत्याकाण्ड का मुख्य अभियुक्त पुरुषोत्तम लोधी।

* पटोरी हत्याकाण्ड का पुलिस ने किया खुलासा

* मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम लोधी गिरफ्तार, उसका भाई फरार

पवई/पन्ना। (www.radarnews.in) बहुचर्चित पटोरी हत्याकाण्ड का खुलासा करने का दावा करते हुए पुलिस ने इस मामले के मुख्य अभियुक्त पुरुषोत्तम लोधी पिता बद्री लोधी 33 वर्ष निवासी ग्राम सिमरा कला को गिरफ्तार किया है।
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पवई मध्यम सिंचाई परियोजना का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, सिंचाई परियोजनाओं में पेयजल सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

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जिले के शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत नवनिर्मत पवई मध्यम सिंचाई परियोजना का निरीक्षण करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।

* नहरों का शेष निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करायें

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले की शाहनगर जनपद पंचायत के ग्राम देवरा में आयोजित आपकी सरकार आपके द्वार शिविर में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा भाग लेने के उपरांत क्षेत्रीय लोगों के अनुरोध पर पवई मध्यम सिंचाई परियोजना तेंदूघाट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पवई बी.एल. दादौरिया को निर्देश दिए कि परियोजना में गर्मी के दिनों में इतना पानी भण्डारित रखें जिससे समूल नलजल योजना के लिए पानी की कमी न पड़े।
मौके पर उपस्थित कार्यपालन यंत्री जल संसाधन श्री दादौरिया ने बताया कि यह मध्यम सिंचाई परियोजना 174 मीटर लम्बी एवं 37.50 मीटर पक्के बांध की ऊचाई है। इसके अलावा 632 मीटर लम्बाई एवं 23 मीटर ऊचाई मिट्टी का बांध है। इस परियोजना में 9 गेट लगाए गए हैं। इसका जल ग्रहण क्षेत्र 995 किलो मीटर तथा बांध में जल भराव की क्षमता 138.60 मिली. घन मीटर तथा जीवित जल भराव क्षमता 122.25 मिली घन मीटर है। इस बांध से बनने वाली नहरों का काम लगभग पूरा हो गया है। इसकी वायी तरफ नहर से 6643 तथा दाई तरह नहर से 1720 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई इस बांध से समूह नलजल योजना के माध्यम से लगभग 150 ग्रामों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बांध एवं नहर का निरीक्षण करने के उपरांत निर्देश दिए कि नहरों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। जिससे आगामी मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि कही भूमि अधिग्रहण करने की आवश्यकता है तो पटवारी से सम्पर्क स्थापित कर भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले में जो भी बांध अथवा नहरें निर्माणाधीन हैं उन सभी के भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। जिन सिंचाई बांधों पर समूह नलजल योजना स्थापित की गयी हैं उनके लिए हर समय आवश्यकतानुसार जल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ बालगुरु के. एवं अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।
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गौवंशीय पशुओं का अवैध रूप से परिवहन कर रहे ट्रक को पकड़ा

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इस तरह ले जाए जा रहे थे गौवंशीय पशु।

* वाहन चैकिंग के दौरान 79 वाहनों पर की गयी कार्यवाही

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) यातायात थाना पुलिस पन्ना ने वाहन चेकिंग के दौरान अजयगढ़-छतरपुर बाईपास मार्ग पर गौवंशीय पशुओं का परिवहन करते हुए एक ट्रक को पकड़ा है। पशुओं का अवैध रूप से परिवहन कर उन्हें बूचड़खाने ले जाने का संदेह है। गुरुवार 27 फरवरी को प्रातः 6:30 बजे छतरपुर बाईपास रोड में मुखबिर की सूचना पर आईसर ट्रक क्रमाँक एमएच-48/जे-1699 को पकड़ा गया। यातायात पुलिस के अनुसार इस ट्रक में अवैध रूप से 16 नग गौवंशीय पशुओं का परिवहन किया जा रहा था। इस मामले में अग्रिम कार्यवाही हेतु ट्रक को थाना कोतवाली पन्ना को सुपुर्द किया गया है।

यातायात थाना पुलिस पन्ना द्वारा पकड़ा गया ट्रक।

इसके अलावा दिनाँक 25 एवं 26 फरवरी को 79 वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जाकर 34,500/- रूपये समन शुल्क वसूल किया गया। वाहन चैकिंग की कार्रवाई में थाना प्रभारी नीतू ठाकुर, प्रधान आरक्षक सज्जन प्रसाद, आरक्षक उमाशंकर सिंह, सुनील पाण्डेय, चालक सत्येन्द्र सिंह शामिल रहे। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया।
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क्राइम : जुआ की जीत में हार गया जिंदगी, बेटी का फलदान लेकर जाने की थी तैयारी लेकिन चंद घण्टे पहले हुई पिता की हत्या, बेरहमी से क़त्ल कर सड़क पर फेंका शव !

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घटनास्थल का मुआयना करते पुलिस अधिकारी एवं मौके पर मौजूद ग्रामीण।

* पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के पटोरी ग्राम की घटना

* हत्या की सनसनीखेज़ वारदात के बाद इलाके में उपजा तनाव

* आक्रोशित परिजनों ने पवई-दमोह मार्ग पर किया चक्काजाम

* संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही सघन पूँछताँछ

अजित बढ़ौलिया, पन्ना/पवई। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हत्या की एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली वारदात सामने आई है। जिले के पवई थाना अंतर्गत पटोरी गाँव में आटा चक्की संचालक रामचरण लोधी 48 वर्ष की बुधवार तड़के बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। अज्ञात कातिलों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए रामचरण लोधी के प्रायवेट पार्ट (गुदा) में लोहे की रॉड या सब्बल डालकर उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी।

सड़क पर मोटरसाइकिल खड़ी कर चक्काजाम करते हुए आक्रोशित लोग।

इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात कातिलों ने अपने जुर्म को छिपाने के मकसद से शव को सड़क पर फेंककर इसे दुर्घटना में मौत होना दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की गई। लेकिन शव की हालत और घटनास्थल के साक्ष्य चींख-चींख कर सच्चाई बयाँ कर रहे थे। हत्या की जघन्य वारदात की खबर आते ही इलाके में तनाव फ़ैल गया। आक्रोशित परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जाँच और हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की माँग को लेकर पवई-दमोह मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप करीब 4 घण्टे बाद बमुश्किल चक्काजाम समाप्त होने पर वाहनों आवागमन बहाल हो सका।

फाइल फोटो।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामचरण पिता कढ़ोरी लोधी 48 वर्ष निवासी सिमराकलाँ की तहसील मुख्यालय पवई में आटा चक्की स्थापित है। रामचरण लोधी प्रतिदिन की तरह मंगलवार 25 फरवरी की देर शाम चक्की बंद करने के बाद अपने पवई से अपने गाँव सिमराकलाँ के लिए मोटरसाइकिल से निकला था। बुधवार को उसे अपनी बेटी का विवाह पक्का करने लिए फलदान लेकर जाना था, इसलिए वह करीब 2 लाख रूपये भी लिए था। रास्ते में रामचरण लोधी पटोरी गाँव में रुका जहाँ उसने कथित तौर अपने परचितों-रिश्तेदारों के साथ शराब पी और फिर जुआ भी खेला।
किस्मत से रामचरण जुआ में बड़ी रकम जीत गया। ऐसी चर्चा है कि बुधवार तड़के जब वह वापस अपने गाँव जाने लगा तो जुआ में रुपए हारने वालों की नियत में खोट आ गया। उन सब लोगों ने मिलकर रामचरण लोधी से पूरे रुपए छीन लिए और फिर बड़ी ही बेरहमी से उसकी हत्या भी कर दी गई। अज्ञात कातिलों ने अपने गुनाह को छिपाने के लिए शव को घटनास्थल से थोड़ी दूर सड़क पर फेंक दिया। शव के ही पास हेलमेट तोड़कर डाल दिया और अन्य सामान भी आसपास बिखेर दिया गया। ताकि लोग समझें कि रामचरण की मौत सड़क हादसे में हुई है। लेकिन उसकी बाइक शव से 500 मीटर दूर पड़ी थी।

रामचरण लोधी की हत्या की खबर फैलने के बाद पटोरी गांव जमा भीड़।

आज सुबह जब लोग नींद से जागे तो सड़क पर रामचरण को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पड़ा देखकर दंग रह गए। उसके पैंट में काफी खून लगा था। यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे क्षेत्र फ़ैल गई और कुछ ही देर में मृतक के परिजनों समेत गाँव के लोग बड़ी तादाद में मौके पर जमा हो गए। हत्या की वारदात की जानकारी मिलते ही पवई थाना प्रभारी एस.पी. शुक्ला व एसडीओपी विक्रम सिंह परिहार दलबल के साथ तुरंत पटोरी पहुंचे। शव की हालत, घटनास्थल के साक्ष्य एवं समग्र परिस्थितयों के मद्देनजर लोगों को यह समझने में देर नहीं लगी कि रामचरण लोधी की बेहद खौफनाक तरीके से हत्या करने के बाद शव को लाकर सड़क पर फेंका गया है।

एक घर में मिले खून के धब्बे देखते पुलिस अधिकारी एवं समीप बैठा पुलिस डॉग।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस की फोरेंसिक टीम व प्रशिक्षित डॉग को मौके पर बुलाया गया। प्रारंभिक जाँच के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात कातिलों द्वारा रामचरण लोधी के प्रायवेट पार्ट (गुदा) में लोहे की रॉड या सब्बल डालकर उसकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई। पुलिस ने शव के पास से टूटा हुआ हेलमेट, थैला, जूते आदि सामान बरामद किया है। एक घर में खून के धब्बे भी मिले हैं। पुलिस का डॉग भी शव के आसपास की गंध लेने के बाद उसी घर में गया था। इस दौरान कतिपय ग्रामीणों ने पुलिस को उन लोगों के नाम भी बताए हैं जिनके साथ रात्रि में रामचरण को देखा गया था। पवई थाना पुलिस ने इस घटना पर फिलहाल मर्ग कायम कर मामले को जाँच में लिया है।

चार घण्टे तक बंद रहा पवई-दमोह मार्ग

चक्काजाम के चलते सड़क किनारे खड़े वाहन।

हत्या की इस जघन्य वारदात से उपजे जबरदस्त तनाव के बीच आक्रोशित परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जाँच और हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की माँग को लेकर पवई-दमोह मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते इस मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतार लग गई। मौके पर पहुंचे पवई एसडीएम एवं पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाईश और आश्वासन देकर बमुशिकल चक्काजाम को समाप्त कराया। इस तरह करीब चार घण्टे चक्काजाम समाप्त होने पर पवई-दमोह मार्ग वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।

मातम में बदलीं खुशियाँ

पीड़ित परिजनों एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए पवई एसडीएम एवं एसडीओपी।

पीड़ित परिजनों ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार 26 फरवरी की सुबह रामचरण लोधी को अपनी बेटी का विवाह पक्का करने की रस्म के तौर पर फलदान लेकर जाना था। पिछले कई दिनों से घर पर इस कार्यक्रम की तैयारियां चल रहीं थी। पूरे परिवार में ख़ुशी और उत्सव का माहौल था। लेकिन फलदान की रस्म के लिए रवाना होने के कुछ घण्टे पहले ही रामचरण की नृशंस हत्या की दुखद खबर आने से लोधी परिवार में कोहराम मच गया। कुछ घण्टे पहले तक जिस घर में सब खुश और उत्साहित थे अब वहाँ मातमी चींखें सुनाई दे रहीं हैं। पीड़ित परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के गाँव सिमराकलाँ में भी मातम का माहौल है।

इनका कहना है –

“मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, इसके आधार पर ही प्रकरण में आगे कार्रवाई की जाएगी। रात्रि में जो लोग रामचरण के साथ रहे उन सभी की तालश में पुलिस पार्टियां जुटीं है। इस घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जाँच की जा रही है, उम्मीद है बहुत जल्द सब स्पष्ट हो जाएगा।”

– विक्रम सिंह परिहार, एसडीओपी पवई।

“रामचरण लोधी ने रात्रि में शराब पीने के बाद जुआ खेला था जिसे लेकर विवाद होने की बातें सामने आई है। इनकी सच्चाई का पता लगाने के लिए कुछ संदेहियों से पूँछताँछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि हत्या होना पाया जाता है तो उसके आधार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा।”

– एस.पी. शुक्ला, थाना प्रभारी पवई जिला पन्ना।

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कृषि सीजन में प्रदेश के कृषकों को 10 घंटे बिजली प्रदाय सुनिश्चित करने समय सारणी निर्धारित

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सांकेतिक फोटो।
भोपाल। (www.radarnews.in) ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह के निर्देशानुसार प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा रबी के मौसम के दौरान कृषकों को 10 घंटे बिजली देने के लिए प्रभारी मंत्री से अनुमोदन के बाद समय सारणी का निर्धारण कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत होशंगाबाद, ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, दतिया, गुना, अशोक नगर एवं श्योपुर जिलों में कृषि कार्य के लिये लगातार 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। सीहोर, राजगढ़, बैतूल, रायसेन, विदिशा, भोपाल एवं हरदा में जिला योजना समिति के अनुमोदन से 4+6 घंटे की समय सारणी लागू कर दी गई है।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत गैर कृषि फीडर पर 24 घंटे तथा 11 केव्ही कृषि फीडरों को दो भागों में क्रमश: ग्रुप ए व ग्रुप बी में विभक्त कर 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। छिंदवाड़ा, दमोह, जिले में लगातार 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। इसी तरह बाकी शेष जिले कटनी, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सीधी, सतना, शहडोल में 4+6 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। समय सारणी को पाक्षिक स्तर पर आपस में बदल दिया जाता है।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत 11 जिलों में प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद 4+6 घंटे की समय सारणी लागू कर दी गई है। खंडवा, बुरहानपुर, झाबुआ एवं रतलाम जिला योजना समिति की बैठक होना शेष होने के कारण पूर्ववत 4+6 समय सारणी लागू है।
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