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धारदार हथियार से हमलाकर युवती की निर्मम हत्या, सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर फ़रार हुआ आरोपी युवक

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पन्ना में शव विच्छेदन गृह के बाहर खड़े मृतिका के परिजन एवं कोतवाली थाना पुलिस के अधिकारी।

* पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोहनी पिपरी ग्राम की घटना

* दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जाते समय युवती पर किया हमला

* सिरफिरे हत्यारोपी ने मृतिका की छोटी बहिन पर भी किया हमले का प्रयास

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के कोतवाली थाना पन्ना अंतर्गत आने वाले ग्राम कोहनी पिपरी में एक सिरफिरे युवक ने अपने ही गाँव की एक नाबालिग युवती की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। हत्या की यह सनसनीखेज़ वारदात शुक्रवार 7 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे की है। घटना के समय कीर्ति लोधी पुत्री स्व. रूपलाल लोधी 16 वर्ष अपनी छोटी बहिन के साथ दिशा मैदान के लिए खेतों की ओर जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे इंद्रजीत सिंह लूनिया पिता राममिलन लूनिया 22 वर्ष ने मौका पाकर कीर्ति की गर्दन पर बका से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी इंद्रजीत सिंह लूनिया ने मृतिका कीर्ति लोधी की छोटी बहिन पूर्ती लोधी 12 वर्ष पर भी हमला करने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकली।
इस जघन्य हत्याकाण्ड के बाद से कोहनी पिपरी गाँव में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। नवयुवक इंद्रजीत सिंह लूनिया ने नाबालिग कीर्ति लोधी की हत्या आखिर क्यों की, फिलहाल यह रहस्य बरकरार है। मृतिका के चाचा रामदुलारे लोधी ने बताया कि इंद्रजीत सिंह या उसके परिवार से हमारे परिवार की किसी तरह की कोई बुराई नहीं है। इंद्रजीत और कीर्ति के बीच किसी तरह के संबंध होने के सवाल पर रामदुलारे ने अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि इंद्रजीत लूनिया चूँकि आपराधिक प्रकृति का है इसलिए उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। कोतवाली थाना पन्ना में पदस्थ उप निरीक्षक एम. एल. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हत्या की वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हत्या की वजह के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पुलिस जाँच इसका पता नहीं चल सका। आरोपी के पकड़े जाने पर जघन्य हत्याकाण्ड का आधिकारिक तौर पर खुलासा होने की बात पुलिस की ओर से कही जा रही है। कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने इस घटना पर हत्या का मामला दर्ज किया है।

दर्दनाक हादसा : झोपड़ी की आग में ज़िंदा जली मासूम, अबोध बच्चे की बाल-बाल बची जान

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घटनास्थल एवं मृत बालिका के शव मुआयना करते पुलिस अधिकारी एवं एफएसएल टीम ।

* पन्ना जिले के कल्दा पठार क्षेत्र के ग्राम बिरवाही जनपुरा की घटना

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के सलेहा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कल्दा पठार के ग्राम बिरवाही जनपुरा में एक खेत में बनीं झोपड़ी में आग लगने से 4 साल की मासूम बच्ची आग की लपटों में जिंदा जल गई। गुरुवार 6 फरवरी को इस हृदय विदारक दर्दनाक हादसे के समय गायत्री गौंड़ पुत्री चरण सिंह गौंड़ 4 वर्ष अपने छोटे भाई के साथ झोपड़ी के समीप खेल रही थी। जबकि उनके माता-पिता निकट स्थित एक दूसरे खेत में थे। आदिवासी दम्पत्ति को जब आगजनी की घटना की भनक लगी तब तक उनकी मासूम बेटी गायत्री गौंड़ की चींखें हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थीं। इस हादसे में चरण गौंड़ का दुधमुँहा बच्चा बाल-बाल बच गया।
आग की लपटों में जिस समय झोपड़ी जल रही थी उस समय अबोध बालक समीप ही खेत में गेहूँ की फसल के बीच खेल रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि, झोपड़ी के बाजू में स्थित अलाव से आग भड़की है। मासूम बच्ची के आग की लपटों में जिन्दा जलने की स्तब्ध करने वाली घटना को लोग आदिवासी दम्पत्ति की घोर लापरवाही के रूप में देख रहे हैं। इतने छोटे बच्चों को इस तरह असुरक्षित छोड़कर नहीं जाना चाहिए था। गुरुवार को दोपहर के समय हुए इस दुखद हादसे की सूचना कल्दा चौकी पुलिस को शाम के समय मिली। इसलिए शुक्रवार को मृतिका का पोस्टमार्टम हो सका। इस घटना पर सलेहा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जाँच में लिया है।

भविष्य संवारने के लिए जीवन में बड़े लक्ष्य चुनें : कलेक्टर

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* शासकीय माॅडल उमावि पन्ना का वार्षिक पुरूस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) शासकीय माॅडल उमावि पन्ना के सांस्कृ्ितक कक्ष में कलेक्टर कर्मवीर के मुख्य आतिथ्य में वार्षिक पुरूस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कलेक्टर ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेषता होती है। उस विशेषता को समझबूझ कर बढाना चाहिए। शिक्षकों को भी बच्चे की उस विशेषता को बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए। जिससे उसका भविष्य सवंर सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को अधिकारों के साथ-साथ अपने नैतिक दायित्वों को भी समझना चाहिए। बच्चों को हमेशा बड़े लक्ष्य चुनना चाहिए जिससे छोटे लक्ष्य उन्हें अनायास ही प्राप्त हो जाएंगे। बच्चे किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामान्य जागरूकता को बढाएं। यही सब उनके जीवन में लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होता है। बच्चे अपने आसपास के वातावरण को समझें।
उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी अच्छाईयों को बढ़ाने के साथ साथ कमियों को घटाने का निरंतर प्रयास करें। हमेशा पठन-पाठन या खेल सभी एकाग्रचित होकर करें तो सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत संवाद करके उनकी जिज्ञासा का समाधान भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने संस्था के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शील्ड, मैडल एवं प्रमाण पत्र देकर पुरूस्कृत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्जवलन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. कुशवाहा ने बच्चों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार की शैक्षिक समस्या नही होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में डी.पी.सी. विष्णु त्रिपाठी एवं योजना अधिकारी के.के. सोनी भी मौजूद रहे। विद्यालय का प्रतिवेदन संस्था प्राचार्य श्रीमती साधना अवस्थी् ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के हिन्दी शिक्षक डॉ. अशोक त्रिपाठी ने किया।

बुंदेलखण्ड की वीरांगनाओं ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ भरी हुंकार, पन्ना के हिरणबाग में रोशन हुई लोकतंत्र की मशाल

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* गांधी के रास्ते, संविधान के वास्ते सत्याग्रह पर डटीं महिलाएं

* मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने देश में फैला रही नफरत : देशपाल

पन्ना।(www.radarnews.in) जिला मुख्यालय पन्ना में संविधान बचाओ मंच के तत्वाधान में सीएए-एनआरसी के खिलाफ महिलाओं का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन गुरुवार 6 फरवरी को भी जारी रहा। आज धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुँची और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते अपना विरोध दर्ज कराया। धरना-क्रमिक अनशन की शुरुआत महापुरूषों के चित्र पर माल्यापर्ण कर एवं महिलाओं के द्वारा इंकलाब का नारा बुलंद करते हुए की गई। दूसरे दिन आलिया खान एडवोकेट, निधी पाठक, समीना यूसुफ, अराधना सिंह, आबिदा बेगम, हज्जन प्यारी एवं मुन्नी बेगम अनशन पर बैठीं। इनके समर्थन में बड़ी संख्या में शहर की महिलाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अम्बेडकराईज पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष देशपाल पटेल ने नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि हर बदलाव की शुरूआत महिलाओं से ही होती है। सावित्री बाई फूले और फातिमा शेख इसका बड़ा उदाहरण हैं। इन महिलाओं ने शिक्षित होकर न सिर्फ देश को बदलने का प्रयास किया, बल्कि महिलाओं के उत्थान के लिए भी संघर्ष किया।श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपनी नाकामियां छिपाने के लिए ये काले कानून बनाए हैं। विचारणीय प्रश्न यह है, यदि हमारी नागरिका की वैधानिकता नहीं है, तो हमारे वोटों पर बनी सरकार की वैधानिकता कैसे हो सकती है। हमारे वोट पाकर हमारी ही नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार पूरी तरह नाकाम हो चुकी है, बेरोजगारी चरम पर है, नोटबंदी से कुछ हासिल नहीं हुआ, आम आदमी मंहगाई की मार झेल रहे है। इन विषयों पर बात न हो इसलिए ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लोगों को परेशान करने असंवैधानिक कानून थोपे जा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूखसार मिर्जा ने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून के समय एक पार्टी विशेष के नेतागण मुस्लिम बहिनों के दुख-दर्द और उनकी गरिमा व आत्म सम्मान की रक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करते थे, खुद को मुस्लिम बहिनों उनका सच्चा हिमायती बताते थे लेकिन आज अपनी उन्हीं बहिनों को बिरयानी और रूपये के लिए अनशन पर जाने वाली बताकर पवित्र रिश्तों को गालियां दे रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र पूरा देश और दुनिया के सामने उजागर हो गया है। धरना-क्रमिक अनशन को सरदार मान सिंह, युवा नेता आनंद पटेल, देव विश्कर्मा, सूफिया खातून, शहनाज परवीन, मुमताज मिर्जा, जयराम यादव, इरफान उल्ला आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर दिव्यांग मुन्ना खान एवं 10 वर्षीय बालक इदरीश राईन ने अपने उद्बोधन से लोगों की जमकर तालियां बटोरीं।

अटूट है यह रिश्ता- मिश्रा

जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा ने संविधान बचाओ आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहली सरकार है, जो कि अपनी सफलताओं को छिपाने और राजनैतिक सत्ता को बनाए रखने के लिए हमारे देश के साम्प्रदायिक सौहार्द-सदभाव को लगातार नुकसान पहुंचा रही है। देश का बहुसंख्यक वर्ग इनके नापाक़ इरादों को भलीभाँति जान चुका है। इसलिए दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर पन्ना के हिरणबाग तक हर वर्ग-समुदाय के लोग अपनी माताओं-बहनों के साथ खड़े हैं। क्योंकि यह रिश्ता अटूट है, इसे तोड़ने की साजिश करने वाले कभी सफल नहीं हो सकते। वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पन्ना की महिलाएं जब-जब घरों से बाहर आईं है, तो तारीख बदली है। लगभग 75 साल पहले तत्कालीन युवा नेता खुदाबक्श साहब के नेतृत्व में महिलाओं मोर्चा खोलकर पन्ना को जिला बनवाया था। आज एक बार फिर बुंदेलखण्ड की वीरांगनाएं घरों से बाहर आईं हैं। मुझे पूरा विश्वास इस इस बार भी अविस्मरणीय और गौरवशाली इतिहास बनेगा।

देश और संविधान बचाने महिलाओं ने संभाला मोर्चा, सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ पन्ना में शुरू हुआ धरना

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* सभी समाज की महिलाओं ने स्वप्रेरणा से की सहभागिता

* शाहीन बाग की तर्ज पर पन्ना के हिरणबाग में शुरू हुआ धरना

* संविधान विरोधी कानून को वापस लेने की उठाई पुरजोर मांग

पन्ना।(www.radarnews.in) नागरिकता संशोधन कानून- 2019 सीएए और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में आज पन्ना में व्यापक प्रदर्शन हुआ। शहर के हिरणबाग चौराहे पर बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं और उन्होंने ने सीएए तथा एनआरसी को काला कानून बताते हुए इन कानूनों को तुरंत वापिस लेने की मांग की। संविधान बचाओ मंच के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभी समुदाय की महिलाओं ने अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ आंबेडकर चौक पर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यापर्ण के साथ हुआ। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे कार्यक्रम स्थल पर उपस्थिति महिलाओं के साथ शहर के गणमान्य नागरिकों हाजी अब्दुल मजीद, डमरूलाल सेन, जयराम यादव, जीतेन्द्र जाटव, सदर रिजवान मोहम्मद, शकील मोहम्मद, रामगोपाल शिवहरे ने महापुरूषों के चित्र पर माल्यपर्ण किया।
धरना-प्रदर्शन में आज पहले दिन क्रमिक अनशन में विमला अहिरवार, जुबेदा खातून, रूकसार मिर्जा अनशन पर रहीं। इन महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में शहर की महिलाओं ने यहां पहुँचकर विरोध-प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। पहले दिन यहां पहुँची महिलाओं ने सीएए और एनआरसी पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान लोगों को बताया गया कि किस तरह यह कानून देश के संविधान की मूल भावना के विरूद्ध है। महिलाओं ने खुद ही बताया कि किस तरह इन कानूनों का उपयोग कर देश के नागरिकों की नागरिकता खतरे में पड़ सकती है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सीएए और एनआसी पर विस्तार से जानकारी दी और लोगों को जागरूक किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में युवा भी मौजूद रहे। जिन्होंने इन कानूनों के विरोध में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया और अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं युवाओं ने हांथों में तख्ती लेकर नारेबाजी की और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि संविधान बचाओ मंच पन्ना के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय धरना व क्रमिक अनशन शुक्रवार 7 फरवरी तक दोपहर 2 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक चलेगा।

सद्भाव-सौहार्द को सींच रहा धरना

पन्ना में आयोजित धरना में सदभाव और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां शाहीन बाग दिल्ली में बैठी महिलाओं को समर्थन देने और देश विरोधी कानून के खिलाफ जुटे लोगों में सभी धर्मों के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। धरने में मुस्लिम महिलाओं के साथ हिन्दू महिलाएं भी साथ आई और सदभाव की मिशाल पेश की। जहां एक ओर षडयंत्रकारी ताकतें देश के सौहार्द को नष्ट करने का काम कर रहीं है, देश के लोगों को जाति वर्गों और धर्मों के आधार पर बांट रहीं हैं, वहीं पन्ना में आयोजित धरना इस खाई को पाटने का काम करते हुए आपसी सद्भाव का पोषण करता दिखा।

मध्यप्रदेश में पहली बार होगा आईफा अवॉर्ड का आयोजन, सीएम कमलनाथ की उपस्थिति में प्रसिद्ध सिने कलाकार सलमान खान और जैकलीन ने किया तारीखों का ऐलान

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मुख्यमंत्री कमलनाथ को फिल्म अभिनेता सलमान खान ने आईफा अवार्ड ट्राफी की प्रतिकृति भेंट की।

* भारत की विविधता के भीतर भी सर्वाधिक विविधता है मध्यप्रदेश में – मुख्यमंत्री कमलनाथ

* सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस शामिल हुए करटेन रेजर कार्यक्रम में

शादिक खान, भोपाल।(www.radarnews.in) प्रतिष्ठित इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकादमी अवार्ड- आईफा का इक्कीसवाँ आयोजन पहली बार मुंबई के बाहर मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहा है । आईफा अवॉर्ड का रंगारंग आयोजन एक दिन भोपाल और दो दिन इंदौर में होगा। आज यहाँ मिंटो हाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ की उपस्थिति में सुप्रसिद्ध फिल्म कलाकार सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस ने आयोजन के करटेन रेजर कार्यक्रम में आईफा अवार्ड के आयोजन तारीखों की घोषणा की। भोपाल के मिंटो हॉल में 21 मार्च को और इंदौर में 27 एवं 29 मार्च को इसका आयोजन होगा। संगीत, मनोरंजन और फिल्म निर्माण की विभिन्न विधाओं के समागम से जुड़े आईफा अवार्ड के आयोजन को सलमान खान के साथ रितेश देशमुख, जैकलिन और केटरिना कैफ होस्ट करेंगे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आईफा अवार्ड समारोह के करटेन रेजर कार्यक्रम को संबोधित किया।
आईफा अवॉर्ड आयोजन युवाओं को समर्पित मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आईफा अवॉर्ड मध्यप्रदेश आने की कहानी साझा करते हुए बताया कि अवॉर्ड के आयोजकों ने सही समय पर सही चुनाव किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बर्फ और समुद्र नहीं है लेकिन इससे बढ़कर यहाँ हेरिटेज, हरियाली, नेशनल पार्क और सबसे महत्वपूर्ण मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय सरल और मेहनती लोग हैं। हमारा प्रदेश आदिवासी बहुल है, इनसे हमारे प्रदेश की पहचान है। इस आयोजन से उनका मान बढ़ा है। कमलनाथ ने आईफा अवॉर्ड के आयोजन को युवाओं को समर्पित किया और पहला टिकट खरीदा। उन्होंने कहा कि आईफा का आयोजन एक आर्थिक गतिविधि है। मध्यप्रदेश की प्रोफाइल बदलना मुख्य उद्देश्य है। मध्यप्रदेश की तुलना सबसे उत्कृष्ट राज्यों और मध्यप्रदेश के शहरों की तुलना अन्य विकसित शहरों से की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि करीब 15 साल पहले केन्द्रीय उद्योग मंत्री होने के नाते आईफा आयोजन से परिचय हुआ था जिसका परिणाम आज मिला। उन्होंने कहा कि भारत विविधता के लिए जाना जाता है और इस विविधता में भी सर्वाधिक विविधता मध्यप्रदेश में है। मुख्यमंत्री ने भोपाल में स्थित आदिवासी संग्रहालय का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की विविधता के भीतर मध्यप्रदेश की विविधता विशाल और सुंदर स्वरूप में विद्यमान है। मध्यप्रदेश भाईचारा, एकता, हरियाली, राष्ट्रीय उद्यान, हेरिटेज की दृष्टि से किसी भी राज्य से कम नहीं है। आईफा अवार्ड के बाद अब फिल्म उद्योग मध्यप्रदेश की सही पहचान करेगा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आइफा अवार्ड समारोह का पहला गोल्डन टिकिट खरीदा।
मुख्यमंत्री ने कहा मध्यप्रदेश में जंगल और हेरिटेज है। सबसे बड़ी बात मध्यप्रदेश के सीधे सरल और मेहनती लोग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का यह प्रोफाइल है। यह युवाओं का प्रदेश है । युवाओं के पास प्रतिभा और आगे बढ़ने का जज्बा है। उन्हें अवसर की तलाश है। आगे बढ़ने के अवसर नया निवेश आने से मिलेंगे और निवेश विश्वास के साथ आएगा । उन्होंने मध्यप्रदेश को आईफा अवॉर्ड के आयोजन के चुनने के लिए आईफा आयोजकों का आभार व्यक्त किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के प्रयासों से भोपाल और इंदौर सबसे साफ सुथरे शहरों में शुमार हुए हैं। आने वाले सालों में और भी स्थितियाँ सुधरेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सलमान खान मूल रूप से मध्यप्रदेश वाले हैं लेकिन मुम्बई वाले बन गए हैं। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस का स्वागत किया।

सीएम युवाओं की तरह काम करते हैं : सलमान

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फिल्म अभिनेता सलमान खान को उनके बचपन के फोटो का एलबल भेंट किया।
सुप्रसिद्ध अभिनेता सलमान खान ने मध्यप्रदेश और विशेष रूप से इंदौर से जुड़ी बचपन की यादों को ताजा किया । उन्होंने ऐसी स्मृतियाँ दोहराईं जिससे मध्यप्रदेश के लोग अनजान थे। उन्होंने चुटीले अंदाज में बताया कि वे मुंबई में गर्भ में आए और इंदौर की धरती पर जन्म लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे जो कुछ भी हैं मध्यप्रदेश में बचपन में मिली तालीम की बदौलत हैं। सलमान खान ने मध्यप्रदेश से अपने भावनात्मक रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि छह पीढ़ियों से मध्यप्रदेश से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता इंदौर से मुम्बई चले गए थे और मुम्बई में नाम कमाने के बाद भी इंदौर से गहरे जुड़े रहे। सलमान खान ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को सबसे युवा मुख्यमंत्री कहना उचित होगा क्योंकि वे युवाओं की तरह काम करते हैं।
सुश्री जैकलिन फर्नांडिस ने आईफा अवार्ड से जुड़ी यादें ताजा करते हुए बताया कि वे कोलम्बों से आईफा अवार्ड से जुड़ी। उन्होंने कहा कि हिन्दी फिल्म उद्योग अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप का हो गया है।
आईफा अवार्ड एमपी में ही क्यों इसके तीन कारण : यह मुख्यमंत्री की सोच और सहयोग से संभव हुआ
आईफा अवार्ड समारोह के करटेन रेजर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ, फिल्मी कलाकार सलमान खान, जेकलिन फर्नान्डीस एवं मंत्री-मंडल के सदस्य शामिल हुए।
आईफा अवार्ड करटेन रेजर कार्यक्रम में बताया गया कि मध्यप्रदेश का चुनाव इस अवार्ड कार्यक्रम करने के पीछे तीन कारण हैं। पहला श्रेष्ठतम आयोजन स्थल, दूसरा राज्य का सकारात्मक और सहयोगात्मक राजनैतिक नेतृत्व और तीसरा मध्यप्रदेश के सरल और शांतीपूर्ण लोग। देश में मध्यप्रदेश दूसरा राज्य है जहाँ आईफा आवार्ड का आयोजन हो रहा है। इसके पहले 2019 में मुम्बई में इसका आयोजन हुआ था। यह मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोग और उनकी सोच के चलते संभव हुआ है।
सलमान खान और जैकलिन फर्नांडिस ने मुख्यमंत्री को आईफा अवॉर्ड की ट्राफी की प्रतिकृति भेंट की। आईफा प्रतिभागी नेक्सा के शशांक श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को टिकट भेंट की। नेक्सा पिछले छह सालों से आईफा अवार्ड से जुड़ा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अभिनेता सलमान खान के इंदौर में गुजरे बचपन की तस्वीरों का एलबम भेंट किया। सलमान खान ने भावुक मन से एलबम ग्रहण किया। अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस को मुख्यमंत्री ने गोंड जन-जातीय द्वारा तैयार की गई गोंड कला शैली की पेंटिंग भेंट की। इस अवसर पर गोल्डन टिकट केम्पैन का भी शुभारंभ हुआ। इस मौके पर जेंडर समानता का अभियान शुरू किया गया।
पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल, छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ, मुख्य सचिव एस.आर. मोहन्ती को आईफा ट्राफी की प्रतिकृति भेंट की गई। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, वित्त मंत्री तरुण भनोत, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रमुख सचिव पर्यटन फैज अहमद किदवई ने आभार व्यक्त किया।

युवा स्वाभिमान योजना : नगरीय निकाय के हर वार्ड से 4 युवक-युवती को मिलेगा रोजगार

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नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद् पसान में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का भूमि-पूजन किया।

* प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने की घोषणा

* अनूपपुर जिले की नगर पालिका पसान में पेयजल योजना का भूमि-पूजन

भोपाल।(www.radarnews.in) नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने अनुपपुर जिले की नगर पालिका परिषद पसान में 32 करोड़ लागत की मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना का भूमि-पूजन किया। श्री सिंह ने कहा कि इससे पसान नगर के 5600 परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना में जरूरी परिवर्तन किये जा रहे हैं। अब नगर पालिका के हर वार्ड के 4 युवक, युवती को अनिवार्य रूप से रोजगार दिया जाएगा।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शहरी महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये महिलाओं के स्व-सहायता समूह गठित किये जाएंगे। इन्हें स्व-रोजगार के लिये प्रथम चरण में 10 हजार, समूह के अच्छा कार्य करने पर 50 हजार और लगातार उत्कृष्ट कार्य करने पर एक लाख रूपये दिए जाएंगे। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास मिशन में गरीब आवासहीन परिवारों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने के साथ ही भवन निर्माण के लिये 2 लाख 50 हजार रूपये भी दिये जाएंगे।

घोषणाएँ

मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने नगर पालिका पसान में 3 करोड़ की लागत से ऑडिटोरियम और 50 लाख की लागत से तालाब का सौन्दर्यीकरण करवाने तथा मंगल भवन के लिए जरूरी राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस दौरान विधायक बिसाहूलाल सिंह एवं अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

बर्ड सर्वे में मिली दुर्लभ पक्षियों की 12 प्रजातियाँ

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भोपाल। (www.radarnews.in) कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कराये गये बर्ड सर्वे में 174 प्रजातियों का पता लगा है। इनमें 12 दुर्लभ प्रजाति के पक्षी हैं। ये पक्षी हैं एल्पाइन स्विफ्ट, यलो लेग्ड बटनक्वेल, लांग टेल्ड मिनवेट, कॉमन ग्रास होपर, वार्बलर, डस्की वार्बलर, स्मोकी वार्बलर, इण्डियन स्पॉटेड क्रीपर, साइबेरियन रूबीथ्रोट, ब्ल्यू केप्ड रॉक थ्रश, ग्रे बुशचट और व्हाइट केप्ड बंटिंग। देश में भी इन पक्षियों की प्रजातियाँ बमुश्किल ही मिलती हैं। लगभग 60 लोगों की 22 टीमों ने 44 सर्वे रूट पर पक्षी सर्वे किया। वन मण्डलाधिकारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि अन्य पक्षियों में 4 प्रजाति की किंगफिशर, विभिन्न प्रजाति के पैराकीट, श्राइक, प्रिनिया, मॉर्टिन, स्वेलो, बाबलर आदि 174 प्रजाति के पक्षी सर्वेक्षण के दौरान मिले हैं।

विरोध-प्रदर्शन : अफसरों के मनमाने फरमान से आक्रोशित महिलाओं ने सड़क पर उतरकर किया चक्काजाम

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पन्ना के छत्रसाल पार्क के सामने साप्ताहिक रविवारीय बाजार की मुख्य सड़क पर चक्काजाम का नजारा।

* पन्ना के साप्ताहिक रविवारीय बाजार प्रांगण का मामला

* प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जमकर सुनाई खरी-खोटी

* करीब आधा घण्टे बाद चक्काजाम समाप्त होने पर बहाल हुआ यातायात

* प्रशासन की अदूरदर्शिता और अव्यवहारिक निर्णयों से बनीं टकराव की स्थिति

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित पहाड़कोठी के इलाके में रहने वाले बड़े प्रशासनिक अफसरों और सर्किट हाऊस में आने वाले अतिथियों को रविवार के दिन आवागमन में ज़रा भी असुविधा ना हो इसके लिए साप्ताहिक बाजार में दुकानदारों की बैठक व्यवस्था को लेकर पिछले कई माह से लगातार प्रयोग किए जा रहे हैं। इससे प्रभावित और अपमानित महसूस कर रहे दुकानदारों का धैर्य आज सुबह जवाब दे गया। सड़क किनारे लगीं दुकानों को नगर पालिका कर्मचारियों एवं यातायात पुलिस कर्मियों के द्वारा अव्यवस्थित किए जाने से नाराज दुकानदार भड़क ऊठे और छत्रसाल पार्क के सामने चक्काजाम कर दिया।
इस विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई महिला दुकानदारों ने की। साप्तहिक बाजार में साग-सब्जी व मनिहारी इत्यादि बेंचकर अपना गुजारा करने वाली महिलायें प्रशासनिक प्रताड़ना के विरोध स्वरूप सामूहिक रूप से सड़क पर बैठ गईं। जिससे छत्रसाल पार्क के सामने वाहनों आवागमन पूरी तरह थम गया। कुछ ही देर में वहाँ तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की भीड़ लग गई। रविवार 2 फ़रवरी को दुकानदारों और प्रशासन के बीच सीधे टकराव की यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सड़क के दोनों किनारों पर लगने वालीं दुकानों को धरमसागर तालाब की तरफ स्थानान्तरित किए जाने से निर्मित हुई।
साप्ताहिक रविवारीय बाजार की बैठक व्यवस्था में यह बदलाव करने के पूर्व दुकानदारों से चर्चा कर उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया। साथ ही इस बदलाव पर अमल कराने का दायित्व नगर पालिका परिषद् पन्ना एवं पुलिस के जिन कर्मचारियों को सौंपा गया उनके द्वारा कथित तौर दुकानदारों के साथ काफी अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया। आज सुबह से ही नगरपालिका के कर्मचारी दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर लाउड स्पीकर से जिस तरह रौब भरे अंदाज में अनाउन्समेंट कर रहे थे उसने दुकानदारों के गुस्से को भड़काने में आग में घी का काम किया। परिणामस्वरूप छोटे-गरीब दुकानदार इसे अफसरों की हनक को पूरा करने वाले तुगलकी फरमान के रूप में लेकर विरोध में उतर आए।
करीब आधा घण्टे तक चला यह गतिरोध बमुश्किल तब कहीं जाकर दूर हुआ जब जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने मौके की नजाकत को देखकर दुकानों को स्थानांतरित करने का फैसला वापस ले लिया। पन्ना की प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी एवं कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर ने प्रदर्शनकारी दुकानदारों के बीच पहुंचकर उनसे बात की। दोनों अधिकारीयों की समझाइश और मान-मनौव्वल के बाद महिला दुकानदारों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। तब कहीं जाकर वाहनों का आवगमन और मौके की स्थिति सामान्य हो सकी।

क्यों बने टकराव के हालात

एक दुकानदार ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस सवाल का जबाब देते हुए जो कुछ कहा, वह गौर करने लायक है। युवा सब्जी व्यापारी ने इशारों-इशारों में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अफसरों के अव्यवहारिक निर्णयों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पहाड़ पर रहने वाले अधिकारियों को जमीन के वाशिंदों की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। वे तो सिर्फ अपनी सुविधा देखते हैं। पिछले कुछ माह से हम दुकानदारों को लगातार परेशान किया जा रहा है, सड़क किनारे चूने की लाइन डालकर दुकानें लगाने से रोका जा रहा है। कई बार तो हमारी लगी हुई दुकान को ही हटवा दिया जाता है। पहले कभी हमें इतना परेशान नहीं किया गया। युवा सब्जी व्यापारी का कहना है कि, पन्ना का साप्तहिक बाजार इस स्थान पर कई दशकों से लग रहा है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित होने से बाजार आने-जाने लोगों के लिए यह सुविधाजनक है। बस स्टैण्ड भी नजदीक है जिससे दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती। यह बात अलग है कि रविवार के दिन कोतवाली चौराहा से पहाड़कोठी एवं मनहर महिला समिति विद्यालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर दुकानें लगने से चार पहिया वाहन से आने-जाने वालों को थोड़ी असुविधा होती है।

नपा के कारण फ़ैल रही अव्यवस्था

चाट विक्रेता चंदू का मानना है यह समस्या नगरपालिका की अदूरदर्शिता की वजह से थोड़ी जटिल हुई है। दरअसल, नगरपालिका परिषद् ने छत्रसाल पार्क के सामने स्थित नाला के ऊपर लोहे के पाइप का जाल रखकर उसे प्लास्टिक सीटों से ढँक दिया है। करीब 4-5 फिट ऊँचे इस जाल से नाला तो ढँक गया लेकिन पार्क की सुंदरता पर भी ग्रहण लग गया। इसके पार्क की तरफ पटरी संकीर्ण हो गई है। चंदू कहते हैं, इस अनुपयोगी काम में नगर पालिका ने जितने रुपए खर्चे है उससे यदि नाला पर स्लैब डाल जाता जैसा कि कुछ जगह पूर्व से डला है तो पार्क भी बाहर से न ढँकता और वहां आने जाने वालों को वाहन पार्किंग के लिए दोनों तरफ पर्याप्त स्थान भी मिल जाता। इसका दूसरा लाभ यह होता कि रविवार के दिन जो दुकानें सड़क किनारे लगती हैं वे नाला के ऊपर फर्शीकरण पर बड़े आराम से लगतीं और आवागमन भी बाधित नहीं होता।

इन उपायों पर भी हो विचार

थोक फल-सब्जी विक्रेता शक़ील खान का कहना साप्ताहिक रविवारीय बाजार को अनावश्यक स्थानांतरित करने की जिद छोड़कर प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए जनहित में खुले दिमाग से अन्य उपायों पर भी गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरुरत है। आपने सुझाव देते हुए बताया कि पार्क के सामने वाले नाले के शेष भाग में स्लैब डालने के साथ-साथ रविवार को बाजार प्रांगण में दोपहिया-चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्णतः रोक होनी चाहिए। सिर्फ सर्किट हॉउस एवं पहाड़कोठी आने-जाने वालों को इसमें छूट दी जाए। ग्राहक अपने वाहन लेकर बाजार के अंदर प्रवेश न करें इसके लिए कोतवाली थाना परिसर एवं मनहर महिला समिति विद्यालय में वाहनों की पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बाजार के दोनों तरफ पार्किंग की व्यवस्था होने से वाहनों की धमाचौकड़ी समाप्त हो जाएगी। जिससे पहाड़कोठी के लिए आवागमन में कोई असुविधा नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि जब इस संबंध में जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए पन्ना की प्रभारी तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी से मोबाइल फोन सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं नगर पालिका परिषद् पन्ना के सीएमओ ओ.पी. दुबे का मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।

साक्षात्कार : अवैध रेत खनन की जानकारी मिली तो आधी रात को बगैर बताए कार्रवाई करने आऊँगा, रेत खदानों के रास्ते देख लिए अब मुझे किसी की जरुरत नहीं : कम्प्यूटर बाबा

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पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद क्षेत्र में मोहाना रेत खदान का निरीक्षण करते हुए नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा।
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश शासन के नदी न्यास अध्यक्ष राष्ट्रीय संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने पन्ना जिले के अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन रविवार 2 फ़रवरी को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे कई तीखे सवाल पूँछे, हाज़िर ज़बाब बाबा गोलमोल जबाब देकर सीधे कुछ कहने से बचते नज़र आए। करीब 3 माह पूर्व पन्ना जिले के अपने पहले दौरे पर कम्प्यूटर बाबा ने प्रदेश की नदियों के संरक्षण एवं उनमें प्रतिबंधित मशीनों से रेत खनन को रोकने के लिए साधू-संतों की फ़ौज नदियों की सुरक्षा के लिए उतारने का ऐलान किया था। कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त नदी न्यास अध्यक्ष महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा की इस घोषणा पर प्रदेश के खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कम्प्यूटर बाबा को अपनी बाबागिरी करने की नसीहत दी थी।
पन्ना के दौरे पर मंत्री प्रदीप जायसवाल ने यह स्पष्ट किया था कि रेत का अवैध उत्खनन रोकना उनके विभाग का काम है, कम्प्यूटर बाबा इसमें अनावश्यक दखल न दें। रडार न्यूज़ के संपादक शादिक खान ने आज कम्प्यूटर बाबा से इस कंट्रोवर्सी पर और पन्ना की केन नदी में साधू-संतों की फ़ौज की तैनाती को लेकर सवाल किए। इसके अलावा तीन माह की अवधि में दूसरी बार पन्ना जिले के भ्रमण पर बाबा के आगमन के उद्देश्य और इस दौरान महज तीन पौधों का रोपण किए जाने से केन के दोनों किनारों को हरा-भरा बनाने की योजना को लेकर आमजन की उत्सुकता से जुड़े सवालों को बेबाक़ी के साथ उनके समक्ष उठाया गया।
असहज करने वाले सवालों के क्रम में राष्ट्रीय संत महामण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा से उस बहुचर्चित वायरल वीडियो के संबंध में भी बात की गई जिसमें कांग्रेस के नेता एवं अजयगढ़ जनपद के अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय, पन्ना विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे दशरथ पहलवान तथा कतिपय रेत माफिया केन नदी में रेत का अवैध उत्खनन करने के लिए पन्ना जिला प्रशासन को मैनेज करने की बात कर रहे हैं। इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि, अवैध रेत खनन का खाता खुलवाने मात्र के कथित तौर पर 8 लाख रुपए लगते हैं, 5 लाख एडवांस कलेक्टर, 3 लाख एमओ (माइनिंग ऑफ़िसर) को। मध्यप्रदेश शासन के नदी न्यास अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा इन सवालों के जबाब में क्या बोले, यह जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को क्लिक कर पूरा साक्षात्कार देखें-सुनें।