* खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पन्ना में पत्रकारों से हुए रूबरू
* आसन्न उपचुनाव में सभी 27 सीटों पर भाजपा की जीत का किया दावा
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश की पिछली कमलनाथ सरकार कोंग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की घोर उपेक्षा किये जाने और आंतरिक असंतोष(अन्तर्कलह) के कारण गिरी थी, भारतीय जनता पार्टी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना कहीं से भी उचित नहीं है। कोंग्रेस सरकार के पतन के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं सबसे बड़े दोषी हैं। क्योंकि, उनके पास अपने विधायकों और पार्टी के नेताओं से मिलने का समय तक का नहीं रहता था। डेढ़ साल के कार्यकाल में कभी यह लगा ही नहीं कि कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, वे अपने पूरे कार्यकाल में सिर्फ छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे हैं। यह बात खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंगलवार को पन्ना में कही।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने के लिए पन्ना पहुंचे खजुराहो सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने मंगलवार को यहां सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कोंग्रेस सरकार पर प्रदेश के विकास की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार के समय सिर्फ छिंदवाड़ा के विकास को प्राथमिकता दी गई। कमलनाथ जी को पूरे समय सिर्फ छिदवाड़ा की चिन्ता रही, यही कारण है कि उन्होंने बहुत बड़े बजट के निर्माण कार्य केवल छिदवाड़ा के लिये स्वीकृत किये। उन्हें प्रदेश के अन्य जिलों से कोई सरोकार नहीं रहा। इतना ही नहीं पन्ना के एग्रीकल्चर कॉलिज को भी छिंदवाड़ा ले जाया गया। आपने कहा कि वे पन्ना में स्वीकृत एग्रीकल्चर कॉलिज को यहां शीघ्र शुरू कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने एक सवाल के जबाव में दावा किया कि आगामी समय में प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले विधानसभा के उप चुनावों में बीजेपी सभी सीटों पर प्रचण्ड बहुमत से जीत दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि उप चुनाव में हम प्रदेश में मजबूत एवं स्थाई सरकार, विकास के मुद्दे वोट मांगेंगे और कोंग्रेस सरकार ने डेढ़ साल के अपने कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार-वादाखिलाफी की है, उसे जनता के बीच प्रमुखता से रखेंगें। श्री शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसानों की ऋण माफी कांग्रेस का मुख्य मुद्दा रही है लेकिन सरकार बनने के बाद ईमानदारी से किसानों की कर्ज माफ़ी नहीं की गई। किसानों के साथ छलावा किया गया जिससे वे नाराज है। समाज के अन्य तबकों में भी कमलनाथ सरकार को लेकर नाराजगी रही है, जिससे उप चुनावों में भाजपा की विजय सुनिश्चित है।
अथिति विद्वानों, अथिति शिक्षकों से किये गए वादों और शिक्षकों की लंबित भर्ती के सम्बंध पूंछे गए सवाल पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि शिवराज सरकार को बने हुए अभी सिर्फ पांच माह ही हुए हैं। इस दौरान कोरोना वायरस महामारी ने दस्तक दे दी जिसकी रोकथाम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा हमने शिक्षाकर्मियों व रोजगार सहायकों की चिन्ता की है तो निश्चित ही अतिथि विद्वान व अतिथि शिक्षकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। सही समय आने पर इनकी मांगों के सम्बंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रत्येक कर्मचारी और प्रत्येक नागरिक की चिंता करने वाली सरकार है। नागरिकों के कल्याण, कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। शिवराज सरकार ने सरकारी नौकरियों में मध्य प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर यह साबित किया है कि, हम अपने शिक्षित-बेरोजगार युवाओं के भविष्य को सँवारने के लिए उन्हें बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी संवेदनशील हैं।
रेत के अवैध खनन को रोकेंगे अधिकारी

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा से जब उनके निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत पन्ना और छतरपुर जिलों में केन नदी में एवं निजी भूमियों पर बड़े पैमाने पर रेत का खुलेआम अवैध खनन होने सम्बंधी सवाल पूंछा गया तो उन्होंने अपने जबाव में कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। रेत के नियम विरुद्ध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में पिछले तीन माह से रेत ठकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा बगैर वैधानिक स्वीकृति के आधा दर्जन ग्रामों में निजी भूमियों पर रेत खदानें संचालित करते हुए मशीनों से बड़े पैमाने पर रेत का खनन किया जा रहा है। पन्ना जिले में रेत के ठेके की आड़ में रेत की लूट का खेल बेखौफ तरीके से चल रहा है। जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों पर इसकी अनदेखी करने के आरोप लगते रहे हैं। बहरहाल क्षेत्रीय सांसद के द्वारा इसे रोकने का भरोसा दिलाने के बाद अब देखना यह है कि, पन्ना में रेत ठेकेदार की मनमानी पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया, वरिष्ठ नेता सुधीर अग्रवाल, संजय नगायच एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी आशीष तिवारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने बताया कि स्व. श्री हार्डीकर ने पुनीत उद्देश्य से समाज की सही अर्थों में सेवा करने और लोगों के बीच सद्भाव एवं सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सेवादल की स्थापना की थी। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र बागरी, विजय चतुर्वेदी, गुलजारी लाल पटेल एवं कार्यक्रम के व्यवस्थापक देवेन्द्रनगर के ब्लॉक अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी नेताओं ने स्व. श्री हार्डीकर छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए मौन धारण कर उन्हें श्रद्धंजलि दी गई। साथ ही कोंग्रेस के सेवादल संगठन के संस्थापक डॉ. नारायण सुब्बाराव हार्डीकर का पुण्य स्मरण करते हुए योगदान को याद किया गया।






पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के चयनित शिक्षकों ने सोमवार 1 सितम्बर को अजयगढ़ एसडीएम के माध्यम से ऱाज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया गया है कि प्रदेश में वर्ष 2011 के 8 वर्ष बाद 2018 में सितम्बर माह से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन 2 साल बाद भी यह भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों का दिनांक 1 जुलाई 2020 से दिनांक 3 जुलाई 2020 तक वेरिफिकेशन कराया गया। मगर, बाद में कोरोना वायरस संक्रमण का बहाना बनाकर इस प्रक्रिया को रोक दिया गया। इससे प्रदेश के 19200 उच्च माध्यमिक तथा 11374 माध्यमिक के चयनित शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हैं। काफी समय से इनके द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से और ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखते हुए ज्वाइनिंग के लिए आवाज़ बुलंद की जा रही है लेकिन स्वयं को युवाओं का हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री इस ज्वलंत मुद्दे मौन साधे हुए हैं। हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल पर प्रदेश सरकार की चुप्पी न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण भी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में कमल प्रजापति, किशोरी लाल, हरीचरण यादव, अरविन्द प्रजापति, धर्मेन्द्र कुमार सुनकर, सुशील कुमार, आरती अहिरवार, प्रशंसा विश्वकर्मा, राजाजी बुंदेला, निशा प्रजापति, कविता प्रजापति, दीपक मिश्रा, रिंकू अहिरवार एवं राजकरण प्रजापति शामिल रहे।