* सीएम शिवराज बोले- चिंतित न हों, विचलित न हों- सरकार साथ है
* अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में मुख्यमंत्री ने दिया प्रदेशवासियों के नाम संदेश
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के बीच अतिवर्षा का एक और संकट आया है। प्रदेश के बड़े हिस्से में बाढ़ जैसी स्थितियाँ निर्मित हो रही हैं। नर्मदा और उनकी सहायक नदियाँ इस समय उफान पर हैं। बाँधों से चूंकि लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। होशंगाबाद में तो नर्मदा 973 फीट पर हैं। खतरे का निशान 964 फीट है और अभी 48 घंटे भारी वर्षा की आशंका है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। इस घड़ी में चिंतित न हो, विचलित न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां जरूरी है वहां राहत के, सुरक्षा के, बचाव के सारे कार्य किए जाएंगे। हमारी एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। जहां जरूरत है वहां एनडीआरएफ भेज रहे हैं। सेना को हमने सतर्क किया है। आज छिंदवाड़ा के बेलखेड़ा में फंसे मधु कहार को निकाला गया है। बोट, अन्य उपकरण सामग्रियाँ सबकी व्यवस्था की गई है।
इन स्थानों पर भरा बाढ़ का पानी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ जगह निचली बस्तियों में पानी भर रहा है, इनमें होशंगाबाद, बरगी, शाहगंज मुख्य हैं। अभी तक 16 गांव ऐसे है जहां बाढ़ का पानी घुसने की स्थिति है। ऐसे भाई-बहन चिंतित न हो, उनको सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे इलाकों में रहने वाले बहनों और भाईयों से मेरी अपील है बिना किसी जिद के तत्काल निचले स्थान छोड़ देना चाहिए। प्रशासन सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहा है, तत्काल जाना चाहिए। वहां भोजन, पीने का पानी सबका इंतजाम किया जाएगा।

कोरोना संकट को देखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। प्रशासन सचेत कर रहा है। गांव में शहरों में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है। सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। जिलों की आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हैं। जिलों के और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम चौबीसों घंटों काम कर रहे हैं।
डैम और झरनों में न जाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्षा और बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दें। डायल-100 और दूसरे 1079 नंबर पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए या आपात स्थिति में कॉल करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हैलीकाप्टर, गोताखोर, बोट आदि सभी के पुख्ता इंतजाम हैं। जरूरत पड़ने पर सेना भी बुला ली जाएगी। सड़क पुल-पुलिया पर बाढ़ का पानी होने पर आप उसे पार न करें, बचें इसमें बहादुरी न दिखाएं। इससे संकट में फंसते हैं। अतिवर्षा की स्थिति में पिकनिक पर नहीं जाएं, डैम, झरने आदि पर जाने का मोह छोड़ें, क्योंकि सावधानी में ही सुरक्षा है। बांधों के गेट खोलने के पूर्व प्रशासन द्वारा नागरिकों को सूचित किया जा रहा है। कृपया अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासन की सूचनाओं को गंभीरता से लें। चिंता न करें, हम आपके साथ खड़े हैं, सरकार साथ खड़ी है।
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पन्ना में चैक सौंपने वालों में मुख्य रूप से स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन वृत्त छतरपुर अध्यक्ष आर.एस. पटेल, सुरेन्द्र कुमार शेण्डे वन परिक्षेत्रधिकारी देवेन्द्रनगर, आनन्द शिवहरे वनक्षेत्रपाल, आर.एस. नर्गेश वनक्षेत्रपाल, कैलाश बवनिया वनक्षेत्रपाल, हबीब चन्द्र चौहान वनक्षेत्रपाल, ओमप्रकाश शर्मा प्रांतीय सचिव वन कर्मचारी संघ, महीप कुमार रावत जिलाध्यक्ष वन कर्मचारी संघ पन्ना, अनिल जैन मुख्य लिपिक पीटीआर, प्रदीप द्विवेदी स्टेनो पीटीआर, राजेश थापक, सतीश सोंधिया आदि शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि आर्थिक सहयोग के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन एवं स्व. श्री भगत के परिजनों ने विनम्रता के साथ स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।


इसके अलावा सातवें वेतनमान के एरियर की राशि जो तीन वित्तीय वर्षों में भुगतान किया जाना था। इसकी दो किश्तों के भुगतान किये जाने के उपरांत तीसरी किश्त जिसका भुगतान मई-2020 में किया जाना था, जिस पर रोक लगा दिये जाने से एरियर के तीसरी किश्त का भुगतान नहीं हो सका है। साथ ही अध्यापक संवर्ग को छठवें वेतनमान की अप्रैल 2020 में मिलने वाली किश्त का भी भुगतान नहीं हो पाया है । इन रोक को हटाकर लंबित किश्तों का भुगतान कराया जावे एवं सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष यथावत रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष पन्ना कृष्ण पाल सिंह यादव ने बताया कि जिले के समस्त मान्यता प्राप्त गैर मान्यता प्राप्त अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के समस्त पदाधिकारियों ने कलमबंद हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हड़ताल को सफल बनाया है। इसके लिए श्री यादव ने जिले के समस्त संगठनों का आभार व्यक्त किया है।





नगर परिषद देवेंद्रनगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मेहमूद हसन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भूमि के एवज में नगरीय निकाय के द्वारा 18 लाख रुपए का प्रीमियम जमा कराया गया था, कई वर्षों के प्रयास के पश्चात निकाय को भूमि का कब्ज़ा प्राप्त हुआ है। श्री हसन ने एक सवाल के जबाव में कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण कार्य के महत्व का आंकलन आप उसकी लागत से ना करें बल्कि देवेंद्रनगर के नागरिकों के नजरिए से इसकी आवश्यकता को देखें। ट्रांसपोर्ट नगर की बहुप्रतीक्षित सौगात का मिलना स्थानीय लोगों के लिए वाकई बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि इसके निर्माण से उनकी ज्वलंत समस्या का स्थाई समाधान हो संभव हो सकेगा। वहीं इससे निकाय को प्रतिवर्ष 25 लाख रुपए की बड़ी आमदनी होगी।
उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर का जो प्राथमिक प्लान बनाया गया है उसे अंतिम रूप देने के लिए निकाय प्रशासक से कंसल्टेंट की नियुक्ति के सम्बंध में आवश्यक चर्चा की गई है। अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो निर्माण कार्य की टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के लगभग एक वर्ष बाद ट्रांसपोर्ट नगर मूर्तरूप ले लेगा।



इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की गंभीरता को देखते वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खनिज निरीक्षक पन्ना देवेन्द्र महोबे के द्वारा मड़ला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने डम्फर के मालिक एवं चालकों समेत कुल चार आरोपियों के खिलाफ धारा 353, 341, 441, 294, 186, 506, 34 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों आशुतोष शिवहरे निवासी बड़ा बाजार पन्ना और चालक मैय्यादीन कुशवाहा निवासी पुरुषोत्तमपुर को गिरफ्तार भी कर लिया है। वहीं शेष दो फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आज दिन भर यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा।

पिपरियाकलां के वाशिंदों के द्वारा बनाए गए वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना और देखा जा सकता है कि उनके गांव का ट्रांफार्मर पिछले 15 दिनों से ख़राब पड़ा। ग्रामीणों के द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के जूनियर इंजीनियर के कहने पर अपने बकाया बिलों का भुगतान किया जा चुका है, इसके बाद भी उनके गांव के ख़राब ट्रांसफार्मर को बदला नहीं गया। बैचेन करने वाली इस उमस भरी गर्मी में अँधेरे में रहने और मच्छरों के डंक सहन करने को मजबूर इन ग्रामीणों को “न दिन में चैन मिल रहा है और न रात को आराम नसीब हो पा रहा है। गेहूं पिसाई से लेकर मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए उन्हें आसपास के दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। बिजली संकट से निजात न मिलने से परेशान ग्रामीण वीडियो में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश की शिवराज सरकार के प्रति खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कह रहे हैं कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बिजली संकट से बेहाल क्षेत्र के लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए गत दिवस सिमरिया के युवाओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस सम्बंध में एक ज्ञापन भी सिमरिया तहसीलदार को सौंपा गया। जिसमें मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं की घोर उपेक्षा किये जाने पर असंतोष जताया है। ज्ञापन सौंपने वालों में अंकित पाठक, अभिनव यादव, मोनू पाठक, प्रदोष पाठक, अशोक पटेल, दादू पाण्डेय, शुशेन्द्र पटेल, सनी पाठक, अनुराग दुबे, हैप्पी पाठक, राघवेन्द्र लोधी, नीलेश पटेल, स्वतंत्र पाठक, आदि युवा शामिल रहे।