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उमस भरी गर्मी में बिजली संकट ने किया बेहाल, शिवराज सरकार को कोस रहे ग्रामीण अंचल के लोग

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बिजली संकट से जुझ रहे ग्राम पिपरियाकलां के ग्रामीण अपनी परेशानी बयां करते हुए।

* अर्धनग्न हालत में घरों से बाहर आए पिपरियाकलां ग्रामीणों ने सुनाई व्यथा

* सिमरिया के युवाओं ने काली पट्टी बांधकर तहसील में जमकर की नारेबाजी

शादिक खान, कैलाश सेन- पन्ना/रैपुरा।(www.radarnews.in) जिले में विद्युत व्यवस्था पिछले कई महीनों से बुरी तरह चौपट है। सबसे ज्यादा समस्या ग्रामीण अंचल में देखी जा रही है। गांवों में रहने वाले लोग अघोषित बिजली कटौती की मार झेल रहे। कई गांवों में तकनीकी कारणों से एक पखवाड़े से लेकर महीने भर से बिजली गुल है। उमस भरी इस गर्मी में विद्युत व्यवस्था की बदहाली झेलने को मजबूर निर्दोष ग्रामीणों की हालत ऐसी हो चुकी जैसे कि वे अघोषित तौर पर कोई सजा भुगत रहे हैं। जिले के पवई और पन्ना सम्भाग अंतर्गत व्याप्त बिजली संकट को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
सिमरिया क्षेत्र में बुरी तरह चरमराई विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते स्थानीय युवा। 
समस्या का समाधान न होने से परेशान ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है। ऐसे ही दो मामले पवई संभाग अंतर्गत सामने आए है, जहां बीती रात रैपुरा तहसील के ग्राम पिपरियाकलां के ग्रामीण अर्धनग्न हालत में अपने घरों से बाहर निकल कर आए और अपनी व्यथा सुनाते हुए एक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। ग्रामीणों का यह अनूठा विरोध-प्रदर्शन चर्चा का विषय बना है। वहीं पवई सम्भाग के ही सिमरिया क़स्बा में स्थानीय युवाओं द्वारा क्षेत्र में जारी बेतहाशा बिजली कटौती के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए काली पट्टी बांधकर जमकर तीखी नारेबाजी की गई। युवाओं ने समस्या के समाधान के लिए तहसीलदार सिमरिया को ज्ञापन भी सौंपा है।

15 दिनों से ख़राब पड़ा ट्रांसफार्मर

पिपरियाकलां के वाशिंदों के द्वारा बनाए गए वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना और देखा जा सकता है कि उनके गांव का ट्रांफार्मर पिछले 15 दिनों से ख़राब पड़ा। ग्रामीणों के द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के जूनियर इंजीनियर के कहने पर अपने बकाया बिलों का भुगतान किया जा चुका है, इसके बाद भी उनके गांव के ख़राब ट्रांसफार्मर को बदला नहीं गया। बैचेन करने वाली इस उमस भरी गर्मी में अँधेरे में रहने और मच्छरों के डंक सहन करने को मजबूर इन ग्रामीणों को “न दिन में चैन मिल रहा है और न रात को आराम नसीब हो पा रहा है। गेहूं पिसाई से लेकर मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए उन्हें आसपास के दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। बिजली संकट से निजात न मिलने से परेशान ग्रामीण वीडियो में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश की शिवराज सरकार के प्रति खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कह रहे हैं कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

लौट आया लालटेन युग ?

सांकेतिक फोटो।
करीब 15 वर्ष पूर्व बिजली और सड़क की बदहाली के मुद्दे पर तत्कालीन कोंग्रेस सरकार पर हमलावर रही भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में वर्तमान में ग्रामीण अंचल में बिजली आपूर्ति की जो स्थिति है उसके मद्देनजर कुछ लोग यह सवाल पूँछ रहे हैं कि, क्या लालटेन युग वापस लौट आया है। दरअसल, जिले के सिमरिया तहसील क्षेत्र में बिजली की मनमानी कटौती के चलते उमस और बारिश के मौसम में लोग लालटेन और दीपक की रोशनी में रहने को विवश हैं। इलाके में बिजली के आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। कुछ गांवों में तो बिजली की आपूर्ति लो वोल्टेज की समस्या के कारण दिखावा बन चुकी है। कई बार जब बिजली आती है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि बल्ब की रोशनी जुगनू की तरह दिखती है।
बिजली संकट से बेहाल क्षेत्र के लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए गत दिवस सिमरिया के युवाओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस सम्बंध में एक ज्ञापन भी सिमरिया तहसीलदार को सौंपा गया। जिसमें मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं की घोर उपेक्षा किये जाने पर असंतोष जताया है। ज्ञापन सौंपने वालों में अंकित पाठक, अभिनव यादव, मोनू पाठक, प्रदोष पाठक, अशोक पटेल, दादू पाण्डेय, शुशेन्द्र पटेल, सनी पाठक, अनुराग दुबे, हैप्पी पाठक, राघवेन्द्र लोधी, नीलेश पटेल, स्वतंत्र पाठक, आदि युवा शामिल रहे।

गिट्टी का परिवहन कर रहे डम्फरों को रोककर खनिज निरीक्षक ने ई-टीपी मांगी तो कार्रवाई से बचने के लिए बीच सड़क पर गिट्टी अनलोड कर डम्फर लेकर भाग निकले चालक, पन्ना-छतरपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन हुआ ठप्प

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राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 पर मड़ला घाटी में सड़क के बीचोंबीच पड़ी गिट्टी के कारण लगे जाम में फंसे वाहन।

* पन्ना जिले की मड़ला घाटी में भैरव टेक के समीप लगा लम्बा जाम

* नेशनल हाईवे-39 पर सड़क के दोनों तरफ जाम में फंसे सैंकड़ों वाहन

* मड़ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, आवागमन बहाल कराने की कार्रवाई जारी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बगैर ई-टीपी के गिट्टी का अवैध रूप से परिवहन कर रहे दो डम्फर चालकों की चोरी पकड़े जाने पर कार्रवाई से बचने के लिए वे अपने मालिक के कहने पर बीच सड़क पर ही गिट्टी अनलोड करके मौके से डम्फर लेकर भाग निकले। डम्फर चालकों की इस हरकत से जिले की मड़ला घाटी में भैरव टेक के समीप लम्बा जाम लग गया। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाँक-39 पर दोनों तरफ सैंकड़ों वाहन पिछले 3 घण्टे से जाम में फंसे है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की सूचना खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे के द्वारा तुरंत पुलिस को दी गई। मड़ला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गिट्टी को सड़क से हटवाने और वाहनों की आवाजाही पुनः बहाल कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मड़ला घाटी में मौके पर मौजूद खनिज निरीक्षक एवं उनकी टीम।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे आज सुबह-सुबह खनिज सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों की चैकिंग के लिए दलबल के साथ अचानक मड़ला घाटी पहुँच गए। इस दौरान गिट्टी का परिवहन कर छतरपुर से पन्ना की ओर जा रहे दो डम्फरों को उनके द्वारा रोककर ई-टीपी मांगी गई। डम्फर चालकों के पास ई-टीपी न मिलने पर खनिज निरीक्षक सख्ती दिखाते हुए डम्फरों को कार्रवाई के लिए जैसे ही पन्ना लाने लगे तभी डम्फर मालिक मौके पर पहुँच गया। बगैर पिटपास के गिट्टी परिवहन कर शासन के राजस्व की चोरी करने के बावजूद डम्फर मालिक उल्टा धौंस दिखाते हुए कार्रवाई का विरोध करने लगा। इस दौरान मालिक के कहने पर डम्फर चालक बीच सड़क पर ही गिट्टी को अनलोड करके डम्फर लेकर मौके से भाग निकले। इससे पन्ना-छतरपुर मार्ग पर मड़ला घाटी में भैरव टेक के समीप सड़क के दोनों तरफ बड़े वाहनों के पहिये थम गए। सुबह लगभग 6 बजे से मड़ला घाटी में लम्बा जाम लगा है। जिसमें सैंकड़ों वाहन दोनों तरफ फंसे हैं।
खनिज निरीक्षक श्री महोबे ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी है। मड़ला थाना प्रभारी अंजली उदेनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके थाना का बल मौके पर पहुँच चुका है और गिट्टी को हटाकर वाहनों का आवागमन जल्द से जल्द पुनः शुरू कराने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर मौजूद खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे ने जानकारी देते हुए बताया कि बीच सड़क पर गिट्टी पलटाकर डम्फर लेकर भागने वाले आरोपी वाहन मालिक की पहचान उनके स्टाफ के द्वारा पन्ना निवासी शिवहरे के रूप में की गई है। उन्होंने कहा कि चक्काजाम के खुलने के बाद इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार डम्फर मालिक एवं चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

चार सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी

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अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पन्ना जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव।

* पन्ना जिले में हड़ताल को सफल बनाने संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष कृषणपाल सिंह ने की अपील

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आव्हान प्रदेश भर के अधिकारी-कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सोमवार 24 अगस्त को कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। संयुक्त मोर्चा पन्ना के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए बताया कि हड़ताल के सम्बंध प्रांतीय नेतृत्व के द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव को दिनांक 31 जुलाई 2020 को प्रेषित पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा की सोमवार को होने वाली कलमबंद हड़ताल प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों पर लगातार किये जा रहे कुठाराघात के खिलाफ शंखनाद का ऐलान है। श्री यादव ने बताया ने बताया कि जिन चार सूत्रीय जायज मांगों को लेकर हड़ताल की जानी है वे प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी से जुड़ीं हैं।
जिसमें मुख्य रूप से- जुलाई 2020 की रोकी गई वेतनवृद्धि तत्काल लागू कर आर्थिक लाभ देने, वर्ष 2016 से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी है, जिसके कारण अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी पदोन्नति प्राप्त किये बगैर सेवानिवृत्त हो रहे हैं । इस संबंध में मोर्चा का सुझाव है कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी जिस पद के समतुल्य वेतन एवं ग्रेड-पे प्राप्त कर रहे हों उन्हें उसके समकक्ष पदों के नाम से नामित किया जाए। ऐसा करने से शासन पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। शासन द्वारा राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मँहगाई भत्ता दिये जाने के संबंध में आदेश जारी किये थे, किन्तु कोरोना महामारी के कारण मँहगाई भत्ता भुगतान के आदेश को स्थगित कर दिया गया था। इस आदेश को वापिस लेते हुये मँहगाई भत्ता 5 प्रतिशत भुगतान करने के आदेश प्रसारित किया जाए।
इसके अलावा सातवें वेतनमान के एरियर की राशि जो तीन वित्तीय वर्षों में भुगतान किया जाना था। इसकी दो किश्तों के भुगतान किये जाने के उपरांत तीसरी किश्त जिसका भुगतान मई-2020 में किया जाना था, जिस पर रोक लगा दिये जाने से एरियर के तीसरी किश्त का भुगतान नहीं हो सका है। साथ ही अध्यापक संवर्ग को छठवें वेतनमान की अप्रैल 2020 में मिलने वाली किश्त का भी भुगतान नहीं हो पाया है । इन रोक को हटाकर लंबित किश्तों का भुगतान कराया जावे एवं सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष यथावत रखने की मांग शामिल है।
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पन्ना के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सोमवार 24 अगस्त को होने वाली कलमबंद हड़ताल में जिले के सभी मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त संघों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। आपने बताया कि इस हड़ताल के सम्बंध में पिछले कई दिनों से आवश्यक तैयारियां की जा रहीं थी और साथियों से लगातार सम्पर्क उन्हें इसकी जानकारी दी गई। संयुक्त मोर्चा पन्ना के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने जिले के समस्त मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्रापत अधिकारी-कर्मचारी संगठनों से सोमवार 24 अगस्त को होने वाली प्रांतव्यापी कलमबंद हड़ताल को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है।

रेत की लोडिंग में लगी पोकलेन मशीन से टूटा हाईटेंशन लाइन का तार, करन्ट से झुलसे ट्रक के क्लीनर की दर्दनाक मौत

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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में रखा मृत ट्रक क्लीनर जरीफ खान का शव।

* जिले में प्रतिबंधित मशीनों से खुलेआम किया जा है रेत का खनन और लोडिंग

* रेत ठेकेदार के द्वारा पर्यावरण-खनन एवं श्रम कानूनों की उड़ाई जा रहीं धज्जियां

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में रेत खदान समूह के ठेके की आड़ में पिछले ढाई माह से अधिक समय से बड़े पैमाने पर रेत की लूट का खेल खुलेआम चल रहा है। सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं और जिला प्रशासन के संरक्षण में जारी रेत के अनियंत्रित दोहन के सामने नियम-क़ानून और खनन सम्बंधी अनुबंध की शर्तें बेमानी बन चुकी हैं। इसका दुष्परिणाम अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत केन नदी के किनारे स्थित गांवों में पर्यावरण के विनाश और विशेष भौगोलिक संरचना की तबाही-बर्बादी के रूप में जहां साफ़ नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह अराजकता अब गम्भीर हादसों का सबब भी बन रही है। इसकी कीमत एक निर्दोष युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
बीती रात अजयगढ़ थाना के ग्राम बीरा में रेत के डम्प के समीप कीचड़ में फंसे रेत से लोड एक ट्रक को पोकलेन मशीन की मदद से निकालते समय ऊपर से गुजरी 11 हजार केव्ही की हाईटेंशन विधुत लाइन का तार पोकलेन के बकेट में फंसने से टूटकर ट्रक के क्लीनर के ऊपर गिर गया। इस हृदय विदारक हादसे में करंट की चपेट में आने से गम्भीर रूप से झुलसे जरीफ़ खान पिता शरीफ़ खान 21 वर्ष निवासी ग्राम जमवारा तहसील नरैनी जिला बांदा उत्तरप्रदेश की मौके पर ही मौत हो गई।
फाइल फोटो।
कथित तौर पर रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारियों के द्वारा शुरुआत में इस हादसे को दबाने की हर तरह से कोशिश की गई लेकिन पीड़ित पक्ष के सामने इनके तमाम हथकण्डे नहीं चल सके। उधर, मौके की नजाकत देखते हुए बीरा चौकी पुलिस ने उस पोकलेन मशीन को जप्त कर लिया है जिससे हादसा होना बताया जा रहा है। हालांकि फिलहाल पोकलेन मशीन के लापरवाह चालक की गिरफ्तारी नहीं सकी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ के परिसर में आपस में चर्चा करते हुए मृतक के परिजन एवं रिश्तेदार।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जमवारा गांव का जरीफ खान 21 वर्ष ट्रक क्लीनर रूप में काम करता था। शनिवार 22 अगस्त को वह अपने ट्रक के साथ पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील के ग्राम बीरा में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के डम्प से रेत लोड करने आया था। जहां डम्प में लगी एलएनटी मशीन के द्वारा ट्रक में रेत लोड की गई। रात्रि में करीब 11 रेत से लोड ट्रक जैसे ही अपने गंतव्य के लिए रवाना हुआ कुछ दूर जाकर कीचड़ में फंस गया। रास्ता अवरुद्ध होने के मद्देनजर रेत ठेकेदार के कर्मचारियों के द्वारा कथित तौर डम्प में लगी पोकलेन मशीन को ट्रक को निकालने के लिए भेजा गया। इस कवायद के दौरान पोकलेन चालक की घोर लापरवाही के चलते ऊपर से निकली हाईटेंशन विधुत लाइन का एक तार मशीन के बकेट में फंसने से टूटकर ट्रक के क्लीनर जरीफ खान के ऊपर जा गिरा। इस भयानक हादसे के समय जरीफ ट्रक के नीच खड़ा था। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से अत्यंत ही गम्भीर रूप से झुलसे जरीफ खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृत ट्रक क्लीनर जरीफ खान का शव।
हादसे के बाद देर रात उसे अचेत हालत में नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ ले जाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जरीफ का परीक्षण करने के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे को लेकर यह आमचर्चा है कि रेत ठकेदार के कर्मचारियों के द्वारा इस हादसे को दबाने के हर तरह से कशिश की गई। लेकिन ट्रक के चालक एवं अन्य लोगों ने सच्चाई बयां कर दी। जिससे आक्रोशित मृतक के परिजनों के द्वारा कथित तौर पर मामले में किसी भी तरह की लीपापोती होने की स्थिति में अंजाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने पर रेत माफियाओं और पुलिस को भलीभांति यह समझ आ गया कि युवक की मौत के मामले में तथ्यों से छेड़छाड़ कर वास्तविकता को छिपाने की कोशिश तनावपूर्ण स्थिति या बड़े बवाल की वजह बन सकती है। परिणामस्वरूप बीरा चौकी पुलिस ने उस पोकलेन मशीन को आनन-फानन में जप्त कर लिया जिससे यह हादसा हुआ है।

मजदूरों को ठेंगा मशीनों से काम

रामनई गांव में रेत का मशीनों से अवैध खनन की यह तस्वीर पिछले महीने जुलाई में ली गई थी।
पन्ना जिले में रेत खदान ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा प्रतिबंधित दैत्याकार मशीनों से रेत का खनन कराने के साथ-साथ वाहनों में रेत की लोडिंग का कार्य भी पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों से खुलेआम कराया जा रहा है। जबकि रेत खदान के लिए निष्पादित किए गए अनुबंध की शर्तों में श्रमिकों से खनन एवं लोडिंग कराने का स्पष्ट उल्लेख है। रेत ठेकेदार के द्वारा अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करते हुए श्रमिकों के हक़ और रोजगार को पोकलेन मशीनों से रौंदा जा रहा है। विडंबना यह है कि रेत की लूट और गरीब श्रमिकों के हितों से समझौते का यह खेल प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के अपने निर्वाचन क्षेत्र और गृह जिले पन्ना में चल रहा है।
जबकि कोरोना वायरस महामारी के चलते महानगरों से वापस लौटने को मजबूर हुए जिले हजारों श्रमिकों को इस मुश्किल समय में अपने गुजारे के लिए रोजगार की सबसे ज्यादा जरुरत है। आपदा की इस घड़ी में गरीब श्रमिकों के घर का चूल्हा जलता रहे, उन्हें भूखा न सोना पड़े इसके लिए शासन-प्रशासन के द्वारा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लेकिन निहित स्वार्थपूर्ति में जुटे अधिकारी पन्ना में रेत ठेकेदार से श्रमिकों को रोजगार दिलाने में जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं। पिछले ढाई माह से पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र में जिस ताबड़तोड़ अंदाज में मशीनों से रेत का खनन एवं लोडिंग का काम चल रहा है, यदि मशीनों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाते हुए इन्हें जप्त कर लिया जाए तो सैंकड़ों श्रमिकों को आसनी से रोजगार मिल सकता है।

खेतों में चल रही दर्जनों अवैध रेत खदानें

जिगनी गांव में कई स्थानों पर निजी भूमि में रेत खदान धड़ल्ले से संचालित है, ऐसी ही एक अवैध खदान से रेत निकालती पोकलैण्ड मशीन।
पन्ना में रेत खदान ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा सत्तासीनों और प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त करके रेत माफिया बन चुका है ! इसने अजयगढ़ क्षेत्र की केन नदी में स्थित जिन चंद रेत खदानों में खनन के लिए अनुबंध किया है उनमें रेत न होने की स्थिति में इस अनुबंध की आड़ लेकर रेत के लिए खुलेआम लूट मचा रखी है। माह जून 2020 के पहले सप्ताह से ही बीरा, रामनई, जिगनी, बरौली, चंदौरा, भानपुर आदि ग्रामों में लगभग दो दर्जन से अधिक प्वाइंट पर आधा सैंकड़ा दैत्याकार मशीनों से रातदिन खनन कर पूर्णतः अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। रेत की अधिकांशतः अवैध खदानें स्थानीय किसानों के खेतों में चल रहीं है। जिनसे रेत के खनन के लिए अनुबंध किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा रामनई, बरौली और बीरा ग्राम में शासकीय गोचर भूमि को रेत के लिए बेदर्दी से खोखला किया गया है। पन्ना में वर्तमान में जारी रेत की संगठित लूटपाट ने शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल और कमलनाथ सरकार के अल्प कार्यकाल में हुई लूट को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।

जिम्मेदारों की अनदेखी से प्रभावितों में आक्रोश

नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
रेत की लूट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि केन नदी के किनारे स्थित शासकीय एवं निजी भूमि के जिन टीलों को खोखला कर मशीनों से रेत निकाली जा रही है, वे नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में गांव को सैंकड़ों वर्षों से बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करते रहे हैं। चम्बल के बीहड़नुमा संरचना वाले रेत के ये टीले बाढ़ से बचाव में एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा दीवार की तरह काम करते हैं। लेकिन भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने और सुशासन की दुहाई देने वाली मौजूदा शिवराज सरकार में पर्यावरण, खनन सम्बंधी कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए लोगों के जीवन को खतरे में डालकर बेरोकटोक तरीके से रेत खनन किया जा रहा है। आपदा को लूट का सुनहरा अवसर बनाकर आत्मनिर्भरता के नए कीर्तिमान बनाने में जुटे रेत ठेकेदार के कारनामों की इस हद तक अनदेखी किये जाने से जिम्मेदार सवालों के कटघरे में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं इससे प्रभावित ग्रामीणों में उनकी भूमिका को लेकर तीव्र आक्रोश और असंतोष पनप रहा है। उल्लेखनीय है कि इस सम्बंध में जब रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा से उनका पक्ष जानने लिए प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

फरियादी सहित पीड़ित दलित के परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज किया आपराधिक मामला

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फाइल फोटो।

* गुनौर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एसपी से न्याय की लगाई गुहार

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के गुनौर थाना क्षेत्रातर्गत आने वाले लुहरगांव में दिनांक 14 अगस्त को एक ढावा संचालक सहित तीन अन्य आरोपियों द्वार गांव के ही एक दलित किराना व्यापारी के घर में घुसकर कटटा् से फायर करते हुये जानलेवा हमला कर मारपीट किये जाने की घटना सामने आयी थी। घर पर हमला करने पहुंचे दो आरोपियों धर्मेन्द्र राजपूत तथा नरेश विश्वकर्मा को परिवार के सदस्यों द्वारा किसी तरह से पकड़ लिया गया था तथा वारदात में शामिल दो आरोपी वीर सिंह बुंदेला उर्फ बड़े राजा और शनि राजपूत मौके से भाग खड़े हुये थे। इस दौरान दलित परिवार के सदस्यों द्वारा पकड़े गये दोनों आरोपियों के सम्बंध में सूचना देने के बाद पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
किराना व्यापारी एवं उनके परिजनों द्वारा दबोंचे गए हमलावर एवं उनके कब्जे से जप्त अवैध कट्टा। (फाइल फोटो)
इस वारदात के तीसरे आरोपी ढावा संचालक वीर प्रताप उर्फ बड़े राजा निवासी धनोखर को पुलिस द्वारा लुहरगांव से घटना दिनांक की रात्रि को ही पकड़ लिया गया। सामने आयी इस घटना के बाद पीड़ित बालकिशन प्रजापति की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा चारों आरोपियों के विरूद्ध आईपीसी की धारा 452, 294, 323,336, 506, 34 तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। घटना के चौथे आरोपी शनि राजपूत निवासी राजनगर की इस प्रकरण में अभी तक गिरपतारी नहीं हो सकी है इसी मामले में पीड़ित बालकिशन द्वारा पुलिस अधीक्षक को अपने परिवार के सदस्यों के साथ आवेदन पत्र सौंपा था कि घटना के दौरान हुई मारपीट के चलते उसका दांत टूट गया है जिस पर प्रकरण में आईपीसी की धारा 326 जोड़ी जानी चाहिये साथ ही साथ कट्टे से फायर करते हुये उसकी जान लेने की कोशिश की गई जिस पर आरोपी गणों के विरूद्ध धारा 307 भी लगनी चाहिये।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पीड़ित परिवार के द्वारा जो जिस तरह न्याय की गुहार की गई थी उस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई बल्कि जिन आरोपीगणों द्वारा दलित परिवार के घर घुसकर जानलेवा हमला करते हुये मारपीट की गई थी उनकी रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा दलित परिवार के सदस्यों खुशीराम प्रजापति, बालगोंविद प्रजापति, सीताराम प्रजापति, बालकिशन तथा परिवार की एक महिला सदस्य के विरूद्ध आईपीसी की धारा 342, 294, 323, 506, 34 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। गुनौर थाना पुलिस द्वारा की इस तरह की कार्यवाही से पीड़ित दलित परिवार की परेशानियॉ और बढ़ गई है। दलित परिवार के सदस्य खुशीराम प्रजापति ने गुनौर थाना पुलिस पर आरोपियों से प्रभावित होने का आरोप लगाते हुये पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
गुनौर थाना के बाहर खड़े पीड़ित पिता-पुत्र अपना आवेदन पत्र दिखाते हुए। (फाइल फोटो)
पुलिस अधीक्षक को दिये गये आवेदन पत्र में खुशीराम प्रजापति ने कहा है कि जो आरोपीगण हमारे घर घुसे थे और मारपीट करते हुये जानलेवा हमला किया गया था। परिवार के सदस्यों ने अपने आप को बचाते हुए दो आरापियों को पकड़कर अपने आपको सुरक्षित किया घटना से संबंधित वीडियो भी मौजूद है। पुलिस ने घटना से संबंधित मामला दर्ज भी किया है किंतु इस परिस्थितियों में आरोपी गणों द्वारा उल्टा बंधक बनाने और मारपीट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिस पर पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया गया है। खुशीराम प्रजापति ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

इनका कहना है-

“दूसरे पक्ष ने भी प्रकरण में बंधक बनाकर मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिस पर विवेचना की जा रही है। प्रकरण की पूरी विवेचना से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।”

शालिनी परस्ते डीएसपी एवं थाना प्रभारी गुनौर।

अपने मजबूत हौसलों और जिजीविषा से 90 साल के बुजुर्ग दम्पत्ति ने कोरोना को दी मात, पन्ना में अब तक कोरोना के कुल 200 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ

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कोरोना को मात देने वाले बुजुर्ग दम्पत्ति को पुष्प गुच्छ देकर ख़ुशी-ख़ुशी विदा करते हुए चिकित्सक।

* सीएमएचओ का दावा जिले में अब तक कोरोना से नहीं हुई किसी की भी मौत

* प्रदेश की तुलना में पन्ना में पाॅजिटिविटी दर कम और रिकव्हरी दर अधिक

* प्रेस में जारी ब्योरे में कोरोना सैम्पल कलेक्शन के अनुपात की नहीं जानकारी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के साथ ही स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तक 217 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 200 मरीज इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना को मात देने वालों की फेहरिस्त में 90 और 85 साल के एक बुजुर्ग दम्पत्ति भी शामिल हो गए हैं। डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेन्टर जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती 90 एवं 85 साल के कोरोना पाॅजिटिव बुजुर्ग दम्पत्ति को कोरोना को मात देकर स्वस्थ होने के उपरांत शनिवार 22 अगस्त को कोविड हेल्थ सेंटर से डिस्चार्ज किया गया। फिलहाल इस दम्पत्ति को होम आईसोलेट किया गया है। अपने मजबूत हौसलों, जिजीविषा और बेहतर इलाज के चलते कोरोना को हारने वाले इस दम्पत्ति को अब तक जिले में मिले सबसे अधिक आयु वाला मरीज बतया जा रहा है।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने बताया है कि पन्ना जिले में कोविड बीमारी को लेकर शुरूआत से बनाई गई योजना के अनुसार बेहतर प्रबंधन के चलते अब तक की स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिले में अब तक कुल 215 कोरोना पाॅजिटिव प्रकरण पाये जा चुके है, जिनमें से अब तक 200 पाॅजिटिव मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर वापिस जा चुके है।
(फाइल फोटो)
जिले में कोविड मरीजों के प्रबंधन हेतु कुल 8 कोविड केयर सेन्टर एवं 2 डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेन्टर निर्धारित किए गये है। जिले में गुनौर, पवई, अजयगढ़ सहित जिला मुख्यालय पर चिन्हित किए गये 08 कोविड केयर सेन्टर में 450 आईसोलेशन बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है तथा निर्धारित 2 डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेन्टर में 75 सेन्ट्रल ऑक्सीजन सप्लाई युक्त बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। जिनमें अब तक डीसीएचसी जिला चिकित्सालय पन्ना में 22, सीसीसी जिला चिकित्सालय पन्ना में 41, सीसीसी अजयगढ़ में 42, सीसीसी माॅडल स्कूल पन्ना में 82 एवं सीसीसी पवई में 28 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों को भर्ती कर उनको आवश्यक उपचार, भोजन, दूध, फल इत्यादि प्रदाय कर प्रबंधन किया गया है।
इसके अतिरिक्त गंभीर लक्षण वाले 2 पाॅजिटिव मरीजों को सागर मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया था, जिनका जिले से लगातार फाॅलोअप किया गया एवं वर्तमान में वह भी स्वस्थ होकर वापिस घर जा चुके है। जिले में जिला मुख्यालय एवं ब्लाक/तहसील स्तर पर कुल 8 फीवर क्लीनिक की स्थापना की गई है, जहां पर सर्दी, जुकाम एवं बुखार के अब तक 4271 मरीजों को देखा गया है जिनमें से 2198 संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल कलेक्ट किए गये है।
सांकेतिक फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी ने बताया कि जिले में अब तक कोरोना के 10790 सैम्पलों की जांच कराई जा चुकी है, जिनमें अब तक कुल 215 कोरोना पाॅजिटिव प्रकरणों की पुष्टि हुई है तथा शेष 02 प्रकरण अन्य जिलों/राज्यों में पाॅजिटिव पाये गये है। प्रदेश में वर्तमान में पाॅजिटिविटी दर 4.37 है, जबकि पन्ना जिले की पाॅजिटिविटी दर 2.12 है, जो कि प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर से कम है। इसी प्रकार प्रदेश का रिकव्हरी दर 75.4 है, जबकि पन्ना जिले का रिकव्हरी दर 93.26 है, जो कि प्रदेश के अनुपात से काफी अधिक है। प्रदेश में मृत्यु की दर 2.4 है, जबकि पन्ना जिले में आज दिनांक तक किसी भी कोरोना पाॅजिटिव मरीज की मृत्यु नही हुई है। जो कि हमारे जिले के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सांकेतिक फोटो।
सीएमएचओ बताया कि पन्ना जिला सहित प्रदेश में मात्र 4 जिले ही ऐसे है, जहां एक भी कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की मृत्यु अब तक नही हुई है। जिसको देखते हुए हमारा मुख्य उद्देश्य यही है कि जिले में मरीजों का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जाये, जिससे मृत्यु को रोका जा सके। प्रदेश में अब तक कोविड-19 बीमारी से हुई मृत्यु के प्रकरणों में देखने में पाया गया है कि कुल मृत्यु में से 90 प्रतिशत मरीज बीमारियों से पूर्व से पीड़ित थे। जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में कोविड-19 बीमारी के कारण मृत्यु होने की ज्यादा आशंका है।
सांकेतिक फोटो।
जिसको देखते हुए इसके लिए जिले में विशेष अभियान के तहत आशा-एएनएम द्वारा घर-घर सर्वे कर बीपी, डायबिटीज, टीबी, अस्थमा एवं हृदय रोग से संबंधित व्यक्तियों को चिन्हांकित कर उनको तत्काल आवश्यक उपचार प्रदाय करने के निर्देश दिये गये है। जिससे उनमें कोविड बीमारी के संक्रमण होने पर मृत्यु की संभावना को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग पन्ना के द्वारा कोरोना के सम्बंध में प्रेस में जारी इस विस्तृत ब्यौरे में प्रदेश के अनुपात में पन्ना जिले में सैम्पल कलेक्शन सरीके महत्वपूर्ण आंकड़े का उल्लेख नहीं है। उल्लेखनीय है कि कोरोना कि रोकथाम के लिए लोगों के ज्यादा से ज्यादा सैम्पल लेकर जांच करने की बात इस महामारी की शुरुआत से ही विशेषज्ञों के द्वारा कही जा रही है।

नवागत कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने कार्यभार ग्रहण किया

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पन्ना कलेक्टर, संजय कुमार मिश्र।

* अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर बताई अपनी प्राथमिकताएं

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) राज्य के मुख्य सचिव ने बीती शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों की नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया था। इस आदेश के पालन में आईएएस संजय कुमार मिश्रा ने आज पन्ना कलेक्टर का कार्यभार ग्रहण कर लिया। संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय में श्री मिश्रा के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान जिला पंचायत सीईओ बालगुरु के, पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे सहित जिले के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यभार ग्रहण करते हुए नवागत पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा।
नवागत कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने इस दौरान सभी से परिचय प्राप्त किया और जिले के सम्बंध में आवश्यक जानकारी हांसिल की। कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों पर विशेष ध्यान देने और योजनाओं का सही तरीके क्रियान्वयन करते हुए प्रत्येक सुपात्र को लाभान्वित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने विभाग प्रमुख अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसमस्याओं का तत्परता से संतुष्टिपूर्ण किया जाए। किसी भी आवेदक को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर ना काटने पड़े हर हाल में यह यह सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि महारष्ट्र की राजधानी मुम्बई स्थित मध्यलोक भवन में संयुक्त आवासीय आयुक्त के पद पर पदस्थ रहे संजय कुमार मिश्रा की नवीन पदस्थापना पन्ना कलेक्टर के रूप किए जाने का आदेश 21 अगस्त की शाम को आया था। स्थानांतरण आदेश जारी होने के अगले ही दिन शनिवार 22 अगस्त को उन्होंने पन्ना पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं पन्ना कलेक्टर रहे कर्मवीर शर्मा की नवीन पदस्थापना जबलपुर कलेक्टर के रूप में किये जाने पर आज उन्होंने भी जबलपुर पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

कोरोना अपडेट : स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और सैलून कर्मचारी समेत आज भी 5 नए मरीज मिले, जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर हुई 214

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कोरोना संक्रमित पाए गए मरीजों को इलाज हेतु पन्ना ले जाने के लिए खड़ी एम्बुलेंस।

* लापरवाही के चलते गांव-गांव में फैला कोरोना वायरस संक्रमण

* कोरोना से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की है आवश्यकता

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में आज भी कोरोना वायरस संक्रमण के 5 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमितों में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, सैलून का कर्मचारी और एक 9 वर्षीय बालक शामिल है। कोरोना वायरस महामारी (कोविड -19) संक्रमण देश और प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह पन्ना जिले में भी तेजी से फ़ैल रहा है। ग्रामीण अंचल में संक्रमण के सबसे ज्यादा प्रकरण सामने आ रहे हैं। जिले में कोरोना के अब तक मिले पॉजिटिव केसों की कुल संख्या बढ़कर 214 हो गई है। जबकि अभी 311 सैम्पल की जांच रिपोर्ट आना शेष है। आज कोरोना के 7 मरीजों के इलाज के बाद स्वस्थ होने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया है।
कन्टेनमेंट जोन का फाइल फोटो।
इस तरह अभी तक कुल 186 मरीज कोरोना को मात देकर पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में जिले के अजयगढ़, पवई, मॉडल स्कूल पन्ना एवं जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड केयर सेंटरों में 27 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है। कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है उसी गति से कन्टेनमेंट क्षेत्र बढ़ रहे हैं। शुक्रवार 21 अगस्त तक की स्थिति में जिले में कन्टेनमेंट क्षेत्र की कुल संख्या 102 तक पहुँच गई। जिसमें 64 क्षेत्र कन्टेनमेंट मुक्त हो चुके हैं जबकि शेष 38 कन्टेनमेंट क्षेत्र सक्रिय बताए जा रहे हैं।

आज इन स्थानों पर मिले पॉजिटिव केस

नोवल कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 21 अगस्त 2020 (पेज-1) कन्टेनमेंट जोन का फाइल फोटो।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार 21 अगस्त को जिले की पवई सीएचसी अंतर्गत सुनवानीकलां में 49 वर्षीय एएनएम के सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अमानगंज सीएचसी अंतर्गत ग्राम डिघौरा में तीन संक्रमित मिले हैं। जिसमें एक 9 वर्षीय बालक, 65 वर्षीय वृद्ध और 35 महिला शामिल है। वृद्ध और महिला एक ही परिवार के सदस्य हैं। इसके अलावा देवेन्द्रनगर सीएचसी के नजदीकी ग्राम बड़वारा में 28 वर्षीय सैलून कर्मचारी कोरोना संक्रमित निकला है। इस युवक के सम्बंध में पता चला है कि वह पड़ोसी जिला सतना में स्थित सैलून दुकान में काम करता था, कुछ समय पूर्व ही वह सतना से अपने गांव बड़वारा आया था।
नोवल कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 21 अगस्त 2020 (पेज-2) कन्टेनमेंट जोन का फाइल फोटो।
इन सभी संक्रमितों को पन्ना के कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। संक्रमित व्यक्तियों के क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन निर्धारित करते हुए वहां संक्रमण के नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से की जा रही है। इसके अलावा ब्लॉक एवं जिला स्तरीय आरआरटी टीमों के द्वारा स्थल पर पहुंचकर स्क्रीनिंग, कॉन्टेक्ट हिस्ट्री, ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटाने एवं संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की सैम्पलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा का जबलपुर तबादला, संजय कुमार होंगे नए कलेक्टर

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पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
शादिक खान पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने आज भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल के तहत पन्ना कलेक्टर एवं 2010 बैच के आईएएस अधिकारी कर्मवीर शर्मा की नवीन पदस्थापना जबलपुर कलेक्टर के रूप में की गई है। जबकि महाराष्ट्र के मुम्बई स्थित मध्यलोक भवन में पदस्थ संयुक्त आवासीय आयुक्त संजय कुमार मिश्रा को पन्ना का नया कलेक्टर बनाया गया है। संजय कुमार मिश्रा वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। शुक्रवार की देर शाम पन्ना कलेक्टर के स्थानांतरण की खबर आते ही मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस द्वारा जारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश सोशल मीडिया वायरल हो गया।
प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा जारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना का आदेश।

अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने कृष्णपाल सिंह, सभी मान्यता प्राप्त संघों के पदाधिकारियों ने दी बधाई

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मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष, जिला शाखा पन्ना, कृष्ण पाल सिंह यादव।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के वरिष्ठ कर्मचारी नेता कृष्णपाल सिंह यादव को अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का जिला शाखा पन्ना का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इनकी नियुक्ति संयुक्त मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने मोर्चा के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल एवं पन्ना के पूर्व जिलाध्यक्ष आलोक खरे की अनुशंसा पर की है। कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने और संघर्ष के लिए तत्पर रहने वाले कृष्णपाल सिंह यादव को संयुक्त मोर्चा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपें जाने के निर्णय का जिले के मान्यता प्राप्त कर्मचारी/अधिकारी संगठनों ने स्वागत किया है। साथ ही श्री यादव को बधाई दी है।
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव ने “रडार न्यूज़” से चर्चा में मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने मुझे इस महत्वपूर्ण पद के योग्य समझा यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आज से हर क्षण मेरी यही कोशिश रहेगी कि मैं अपने संगठन के मुखिया के विश्वास और कर्मचारी-अधिकारी संघों के सदस्यों की अपेक्षाओं-आकांक्षाओं की कसौटी पर ख़ुद को खरा साबित करके दिखाऊं। इसके लिए पहले से कहीं सक्रियता और टीम भावना के साथ से कार्य किया जाएगा। हमारे कर्मचारी-अधिकारी भाईयों की जो समस्याएं अथवा मांगें जिला स्तर से सम्बंधित हैं उनका प्राथमिकता के साथ निराकरण कराया जाएगा।
नियुक्ति पत्र।
वहीं जिले के मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों द्वारा यह अपेक्षा की गई है कि नव नियुक्त संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव उनकी समस्याओं का निराकरण कराये जाने के लिए निरंतर शासन-प्रशासन को अवगत कराते रहेंगे। श्री यादव को संयुक्त मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर अध्यक्ष तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, अध्यक्ष स्वास्थ्य संघ, अध्यक्ष राज्य शिक्षक संघ, अध्यक्ष पेंशनर संघ, अध्यक्ष आईटीआई संघ, अध्यक्ष पशु चिकित्सा अधिकारी संघ, अध्यक्ष सेक्शन राइटर संघ, अध्यक्ष शासकीय अध्यापक संघ, अध्यक्ष उच्चतर माध्यमिक संघ एवं अध्यक्ष शिक्षक संघ सहित सैंकड़ों कर्मचारी नेताओं हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है और अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल के प्रति आभार प्रकट किया है।