पन्ना में पत्रकारों से चर्चा करते समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व विधायक दीपनारायण दीपक यादव।
* मोदी सरकार ने देश की जनता को कर्ज और महंगाई के दलदल में धकेला
* नौजवान, किसान और आम इंसान के जीवन नहीं आया कोई बदलाव
* समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता ने प्रदेश और केंद्र सरकार की असफलताओं पर साधा निशाना
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) केन्द्र और मध्य प्रदेश की सरकार ने हर तरह से सिर्फ जनता को लूटने का कार्य किया है। विकास के नाम मोदी पर सरकार ने 155 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लिया लेकिन इतनी बड़ी राशि कहां खर्च की गई इसका किसी को पता नहीं हैं। देश के युवाओं, किसान, आम इंसान और महिलाओं के जीवन कोई बदलाव पिछले दस सालों में नहीं आया उल्टा उनके ऊपर कर्ज का बोझ पहले की तुलना में तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया है। यह बात समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और उत्तर प्रदेश झाँसी के गरौठा से पूर्व विधायक दीपनारायण (दीपक) यादव ने कही। वे मंगलवार को पन्ना में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। सपा (SP) नेता दीपनारायण (दीपक) यादव ने तथ्यों और तर्कों के साथ मध्य प्रदेश और देश की बद से बद्तर होती हालत को लेकर भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की नाकारा और असफल सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि, समाजवादी पार्टी ने खजुराहो लोकसभा सीट से दीपनारायण दीपक यादव की धर्मपत्नी निवाड़ी की पूर्व विधायक श्रीमती मीरा यादव को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है।
पूर्व विधायक श्री यादव ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए भाजपा की सरकार में अच्छे दिन आम इंसान, नौजवान या महिलाओं के नहीं बल्कि देश के आधा सैंकड़ा उद्योगपतियों के आए हैं। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार ने मुंगेरी लाल के हसींन सपने दिखाए और झूठे वादे किए हैं। आज जब अन्नदाता किसान अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मांग रहे हैं तो प्रधानमंत्री से लेकर पूरी सरकार मौन है। देश की सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं के सपनों को इस सरकार ने सेना में अग्निवीर योजना लाकर बुरी तरह से कुचल दिया है। पिछले 40-50 साल में भारत में कभी इतनी बेरोजगारी नहीं रही जितनी कि आज है, इसका कारण क्या है ? मोदी सरकार के द्वारा हर साल दो करोड़ नौकरी देने का झूठा वादा करना है। केन्द्र की सरकार देश की जनता के लिए काम न करके अपने उद्योगपति मित्रों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम ने मोदी सरकार के ‘न खाऊंगा और ना खाने दूंगा’ के दावे की पोल खोल कर रख दी है।
सपा नेता दीपनारायण दीपक यादव ने बताया कि, मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार रुपी इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम लाकर दुनिया का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार किया है। मोदी सकरार ने उद्योगपतियों से भारतीय जनता पार्टी को हजारों करोड़ रुपए का चंदा दिलवाया इसके बदले में उन्हें ठेका देकर देश के संसाधनों को लूटने की अघोषित छूट दी गई। जिसके परिणामस्वरूप आज महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच चुकी है।
समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक दीपनारायण दीपक यादव।
श्री यादव ने कहा कि, खजुराहो संसदीय क्षेत्र से लगातार भाजपा के सांसद निर्वाचित होते रहे लेकिन क्षेत्र के विकास के लिये ईमानदारी से कोई ठोस पहल नहीं की गई। पिछले पांच वर्ष में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा यहां से सांसद हैं लेकिन उन्होंने एक भी ऐसा कार्य नहीं कराया जिसे वह उपलब्धि के तौर पर बता सकें। रोजगार के लिए कोई कारखाना नहीं, शिक्षा के नाम पर कोई बड़ा संस्थान नहीं, जिला अस्पतालों सहित आंचलिक सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, विद्यालयों में शिक्षक नहीं है यहाँ तक कि जनता को पीने के लिए शुद्ध और पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा है। उसके बावजूद विकास का ढिंढौरा पीटा जा रहा है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के विकास की हकीकत जनता जान चुकी है, उन्होंने क्षेत्र का विकास नहीं बल्कि अपना और अपने परिवार का विकास किया है। समाजवादी पार्टी नेता दीपनारायण यादव ने कहा कि यदि क्षेत्र की जनता ने हमें आशीर्वाद दिया तो जनहित के वह सभी काम यहां करेंगे जो उत्तर प्रदेश में सत्ता में न होते हुए भी अपनी तरफ से लगातार करते चले आ रहे हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष शिवजीत सिंह, पूर्व विधायक महेन्द्र बागरी, पूर्व विधायक चंदला आरडी प्रजापति, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष भास्कर देव बुन्देला, वरिष्ठ नेता रामकिशोर मिश्रा, जीवन लाल सिद्धार्थ, सपा जिला अध्यक्ष दशरथ सिंह यादव, मार्तण्ड देव बुन्देला, कार्यकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान, जीतेन्द्र जाटव, हरीराम लखेरा, सतीश दुबे, अंकित शर्मा, राजा बाबू पटेल, सरदार सिंह यादव, वैभव थापक, रेहान मोहम्मद, राज बहादुर पटेल, शशिकांत दीक्षित सहित भारी संख्या मे कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फोटो में क्रमशः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एवं खजुराहो लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा।
* आमसभा और रोड-शो के बाद भाजपा प्रत्याशी वीडी शर्मा के नामांकन में होंगे शामिल
* संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं समेत 50 हजार लोगों को जुटाकर जुटाकर भाजपा प्रत्याशी करेंगे शक्ति प्रदर्शन
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मध्य प्रदेश के खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी एवं प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) आज यानी बुधवार 3 अप्रैल को पन्ना में विशाल आमसभा और रोड शो के बाद स्थानीय कलेक्ट्रेट स्थित रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर अपना नामांकन फार्म दाखिल करेंगे। श्री शर्मा के नामांकन में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लखन पटेल, राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सहित भाजपा के कई दिग्गज नेताओं का आज पन्ना आगमन हो रहा है। इसके आलावा खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तीनों जिलों की आठ विधानसभा सीटों के भाजपा विधायक इस अवसर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
समजवादी पार्टी ने प्रत्याशी बदलकर मुकाबले को बनाया रोचक
विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा), भाजपा प्रत्याशी, खजुराहो लोकसभा क्षेत्र।
आज सबसे पहले नजरबाग ग्राउंड में आमसभा होगी और फिर उसके तुरंत बाद कलेक्ट्रेट तक विशाल रोड-शो निकालकर भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा द्वारा अघोषित तौर पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया जाएगा। दिग्गजों की मौजूदगी वाले इस मेगा इवेंट को सफल बनाने के लिए संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सभी 2293 पोलिंग बूथ समिति सदस्य, पार्टी कार्यकर्ताओं सहित 50 हजार आम नागरिकों के कार्यक्रम में जुटने का दावा किया जा रहा है।
पूर्व विधायक श्रीमती मीरा दीपक यादव, समाजवादी पार्टी प्रत्याशी, खजुराहो लोकसभा क्षेत्र।
इस कवायद के पीछे भाजपा के रणनीतिकारों का असल मकसद अपने मजबूत गढ़ खजुराहो संसदीय क्षेत्र में चुनावी बिगुल फूंकने के साथ ही अभी से पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में एकतरफा माहौल बनाने का प्रयास करना है। अब देखना यह है कि भाजपा के रणनीतिकार इसमें कितने सफल हो पाते हैं। क्योंकि, समाजवादी पार्टी ने खजुराहो सीट पर अपना प्रत्याशी बदलते हुए पूर्व विधायक श्रीमती मीरा दीपक यादव को टिकिट देकर भाजपा के सामने न सिर्फ कड़ी चुनौती पेश की है बल्कि चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।
नजरबाग स्टेडियम में पहले भजन प्रस्तुति फिर आमसभा
पन्ना के नजरबाग ग्राउंड में आयोजित आमसभा में शामिल होने वालों के बैठने के लिए रखीं कुर्सियां।
भाजपा जिला अध्यक्ष पन्ना बृजेंद्र मिश्रा उर्फ डब्बू ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 अप्रैल को सर्वप्रथम नजरबाग छत्रसाल स्टेडियम में सुबह 10:30 बजे से भजन सम्राट कन्हैया मित्तल शानदार भजनों की प्रस्तुति देंगे। करीब 11:30 बजे 2 हेलीकॉप्टर से सभी प्रमुख नेतागण पन्ना के पुलिस लाइन प्रांगण पहुंचेगे। जिसके तुरंत बाद नजरबाग स्टेडियम में आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे नगर के आंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक दिग्गज नेतागण रोड शो करेंगे और फिर रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष भाजपा प्रत्याशी वीडी शर्मा का नामांकन पत्र दाखिल कराया जाएगा।
फ्लेक्स-बैनर और पार्टी के झंडों से सजाया शहर
पन्ना के नजरबाग ग्राउंड में आयोजित आमसभा स्थल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित दिग्गज नेताओं के कट आउट लगाए गए।
भाजपा (BJP) जिलाध्यक्ष श्री मिश्रा ने बताया कि रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का जगह-जगह पुष्पमाला एवं पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया जाएगा। आमसभा और रोड शो को सफल बनाने के लिए भाजपा नेताओं ने वृहद पैमाने पर आवश्यक तैयारियां की हैं। पुलिस लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रोड-शो के रुट वाले मार्ग के दोनों किनारों पर जगह-जगह फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर, बड़े नेताओं के कट आउट और पार्टी के झंडे लगाए है। सामसभा स्थल नजरबाग स्टेडियम को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। भाजपा के दिग्गज नेताओं को देखने और सुनने के लिए नगर सहित ग्रामीण अंचल के लोगों में ख़ासा उत्साह देखा जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेतागण क्रमशः प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जीतेन्द्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा।
* प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जीतेन्द्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा का संशोधित दौरा कार्यक्रम जारी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के खजुराहो संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी पूर्व विधायक श्रीमती मीरा दीपक यादव गुरुवार 4 अप्रैल को पन्ना में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष लोकसभा चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करेंगी। सपा प्रत्याशी का नामांकन दाखिल कराने के लिए कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं का गुरुवार 4 अप्रैल को पन्ना आगमन हो रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा इस संबंध जारी संशोधित दौरा कार्यक्रम अनुसार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जीतेन्द्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक तन्खा गुरुवार को दोपहर में 2:30 हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुंचेंगे। उक्ताशय की जानकारी पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवजीत सिंह भइया राजा ने दी है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी कांग्रेस नेताओं का संशोधित दौरा कार्यक्रम।
प्राप्त जानकारी अनुसार कांग्रेस के ये सभी दिग्गज नेता गुरुवार 4 अप्रैल को प्रातः 10 बजे खजुराहो से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 11 बजे रीवा पहुंचेंगे। तदुपरांत रीवा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी नीलम मिश्रा की नामांकन रैली में शामिल होंगें। कांग्रेस के सीनियर नेतागण दोपहर में 12:30 बजे रीवा से सतना के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर में 12:45 बजे सतना पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू की नामांकन रैली में सम्मलित होंगे। इसके बाद दोपहर में 2 बजे सतना से हैलीकॉप्टर से पन्ना के लिए प्रस्थान करेंगे।
पूर्व विधायक श्रीमती मीरा दीपक यादव, समाजवादी पार्टी प्रत्याशी, खजुराहो लोकसभा क्षेत्र।
पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवजीत सिंह ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के हवाले से बताया कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जीतेन्द्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक तन्खा गुरुवार को दोपहर में 2:30 हेलीकॉटर से पन्ना पहुंचेंगे। कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेतागण यहां खजुराहो संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक श्रीमती मीरा दीपक यादव की नामांकन रैली में शामिल होंगे। इसके बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेतागण पन्ना से शाम 4 बजे राजधानी भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि, कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाले विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया में समाजवादी पार्टी शामिल है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे के चलते मध्य प्रदेश की एकमात्र खजुराहो सीट समाजवादी पार्टी के हिस्से में आई है। इसलिए यहां से लोकसभा का चुनाव लड़ रहीं समाजवादी पार्टी प्रत्याशी श्रीमती मीरा दीपक यादव को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।
* एक बार फिर से लीक हुई प्रशासन के संयुक्त दल की कार्रवाई की सूचना
* रेत माफिया गुर्गों समेत मौके से भागा, मशीनें और डंपर यूपी की सीमा में भेजे
* संयुक्त टीम ने रेत से लोड पांच हैवी ट्रक पकड़े
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ तहसील अंतर्गत अवैध रेत खदानों पर 48 घंटे के अंदर सोमवार को दूसरी बार प्रशासन की टीम ने औचक दबिश दी, लेकिन कार्रवाई की सूचना लीक होने से रेत माफिया अपने गुर्गों समेत रेत निकालने वाली मशीनों को लेकर मौके से भाग खड़े हुए। रेत की लोडिंग के लिए जिगनी और चंदौरा खदान पर आए आधा सैंकड़ा से अधिक ट्रक भी बैरंग उत्तर प्रदेश की सीमा में लौट गए। राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने घेराबंदी कर रेत से लोड पांच ट्रकों पकड़ लिया। रेत का अवैध परिवहन करने वाले इन ट्रकों को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी चंदौरा के परिसर में खड़ा कराया है। बता दें कि इसके पूर्व 30 मार्च को प्रशासन की टीम द्वारा केन नदी पर अवैध रूप से संचालित भीना और चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार कार्रवाई की गई थी।
पकड़े गए ट्रकों को चौकी में रखवाया
सोमवार 01 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम की अगुवाई में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक स्थित जिगनी और चंदौरा रेत खदान पर छापा मारकर अवैध रेत से लोड पांच ट्रकों को पकड़ लिया। प्रशासन की कार्यवाही जद में आने से बचने के लिए संबंधित चालक व हेल्पर मौके पर अपने ट्रकों को छोड़कर फरार हो गए। संयुक्त दल ने पकड़े गए ट्रकों को जब्त करते हुए बड़ी मशक्कत के बाद चंदौरा ग्राम लाकर स्थानीय पुलिस चौकी परिसर में खड़ा कराया है। ट्रकों की सुपुर्दगी चौकी पुलिस को दी गई। प्रशासन के संयुक्त दल की कार्यवाही की खबर सोमवार को पुनः लीक हो गई थी। परिणामस्वरूप राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के दल-बल के साथ केन नदी पर अवैध रूप संचालित जिगनी एवं चंदौरा खदान पर कार्यवाही के लिए पहूंचने से पहले ही रेत माफिया अपने गुर्गों समेत मौके से भाग चुके थे। केन नदी से रेत निकालने में उपयोग की जा रहीं प्रतिबंधित पोकलेन मशीनों और लिफ्टर (पनडुब्बी) को भी उत्तर प्रदेश की सीमा में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था।
छापामार कार्रवाई में ये रहे शामिल
सूत्रों ने बताया कि छापामार कार्यवाही के 1-2 घंटे पूर्व तक जिगनी और चंदौरा की अवैध रेत खदानों पर रेत की लोडिंग के लिए तकरीबन आधा सैंकड़ा से अधिक हाइवा-डंपर और हैवी ट्रक कतारबद्ध तरीके से अपना नंबर आने के इंतजार में खड़े थे। सबकुछ सामान्य तरीके रोज की तरह चल रहा था। केन नदी में उतरीं दर्जन भर पोकलेन मशीनें व लिफ्टर पानी के अंदर से रेत निकालने में जुटी थीं। तभी रेत माफिया को किसी से प्रशासन की टीम के प्लान का पता चलते ही हड़कंप मच गया। नदीं से मशीनें बाहर निकाल कर आनन-फानन सबको यूपी की तरफ भेज दिया। धरपकड़ के डर से अधिकांश ट्रक-डंपर चालक भी अपने वाहनों को वापस उत्तर प्रदेश ले गए। मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो घेराबंदी कर रेत से लोड सिर्फ पांच ट्रकों को ही पकड़ सकी। इस कार्रवाई में अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम, तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार, नायब तहसीलदार खेमचंद्र यादव, चंदौरा पुलिस चौकी प्रभारी, आरआई, पटवारी, पुलिस जवान और कोटवार शामिल रहे।
..इसलिए हर बार बच निकलता है माफिया
पूर्व में 30 मार्च 2024 को अजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम चंदौरा स्थित भीना एवं चांदीपाटी रेत खदान में राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए 2850 लीटर डीजल जप्त किया था। नदी किनारे अवैध रूप से डंप 600 घनमीटर रेत भी जब्त की थी।। इसके अलावा माफिया के अस्थाई कैम्प, रेत परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों और केन नदी के प्रवाह को बाधित कर निर्मित अवैध पुलों को बुलडोजर चलवाकर तोड़ डाला था। इस कार्रवाई की खबर लीक होने पर रेत माफिया मौके से अपनी मशीनें लेकर फरार हो गए थे। सूत्र बताते हैं कि रेत माफिया के खबरी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों से सीधे जुड़े हैं। इसके अलावा अजयगढ़ से रेत खदानों को जाने वाले रास्तों में भी माफिया के मुखबिर तैनात रहते हैं, जो कि वहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन पर पैनी नजर रखते हैं। कुछ भी संदिग्ध नजर आने पर तुरंत खबर देते हैं। फलस्वरूप मजबूत मुखबिर तंत्र के माध्यम से पल-पल की जानकारी मिलने से रेत माफिया हर बार बच निकलता है।
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पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील की उत्तर प्रदेश से लगी सीमा के नजदीक स्थित चांदीपाठी में अवैध रूप से संचालित रेत खदान पर कार्यवाही करता संयुक्त दल।
* रेत माफिया को पहले ही लग चुकी थी कार्यवाही की भनक, सुरक्षित स्थानों पर भेज दी थी पोकलेन मशीनें
* केन नदी किनारे स्थित स्थित रेत माफिया के अस्थाई कैम्प में भंडारित 2850 लीटर डीजल जब्त
* पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में पिछले पांच साल से सत्ता के संरक्षण में खुलेआम जारी है रेत की लूट
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिले की प्राकृतिक सीमा रेखा कहलाने वाली जीवनदायिनी केन नदी का वजूद संकट में है। नदी के दोनों किनारों यानी पन्ना और छतरपुर जिले की सीमा में सक्रिय खनन माफिया सत्ता के संरक्षण में खुलेआम केन की रेत लूट रहे हैं। रेत खनन करने की होड़ में माफियाओं ने 50 किलोमीटर से अधिक लंबे इलाके में दैत्याकार मशीनों से केन नदी का सीना छलनी कर दिया है। केन नदी के वजूद पर मंडराते भयावह संकट की आहट इसके कछार के आसपास स्थित गांवों में सुनाई देने लगी है। नदी की धार के लगातार सिकुड़ने से चिंतित और आक्रोशित अजयगढ़ तहसील के ग्रामीणों द्वारा अवैध रेत खनन के खिलाफ आवाज़ उठाने पर अब जाकर पन्ना जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटी है। शनिवार को दोपहर में राजस्व एवं पुलिस महकमे की संयुक्त टीम द्वारा जिले की भीना एवं चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार कार्यवाही की गई।
माफिया की मशीनें और गुर्गे हो चुके थे फरार
चांदीपाठी में केन नदी किनारे अवैध रूप से निर्मित रेत माफिया के अस्थाई कैम्प (झोपड़ी) में डीजल से भरे मिले ड्रमों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम और एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार 30 मार्च को दोपहर में करीब 1 बजे अजयगढ़ तहसील क्षेत्र की भीना रेत खदान और चांदीपाठी रेत खदान पर छापामार करवाई की गई। लेकिन प्रशासन की इस कार्यवाही की भनक रेत माफियाओं को पहले ही लग चुकी थी। इसलिए समय रहते खनन में उपयोग होने वाली दर्जन भर से अधिक पोकलेन मशीनों, लिफ्टर को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। रेत माफिया के गुर्गों की फ़ौज भी धरपकड़ की कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो चुकी थी। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर अवैध रेत खदानों का जायजा लिया। जहां केन नदी के प्रवाह को बाधित कर बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मशीनों से अवैध रेत खनन होना पाया गया।
अवैध रूप से भंडरित डीजल के ड्रमों को जब्त करके सुरक्षित स्थान पर रखवाने के लिए पुलिस चौकी चंदौरा ले जाया गया।
पन्ना जिले की उत्तर प्रदेश से लगी सीमा के नजदीक स्थित भीना एवं चाँदीपाठी रेत खदान को पिछले कई माह से पूर्णतः अवैध तरीके से संचालित कर रहे माफियाओं ने नदी किनारे अपने अस्थाई कैम्प बना रखे थे। प्रशासन की टीम ने इन अस्थाई कैम्प को तुड़वा दिया। एक कैम्प (झोपड़ी) में रखे डीजल से भरे तकरीबन दर्जन भर ड्रम जब्त कर लिए। ड्रमों में अवैध रूप से भंडारित 2850 लीटर डीजल को सुरक्षा की दृष्टि से नजदीकी पुलिस चौकी में रखवाया गया। जब्त डीजल की अनुमानित कीमत 2 लाख 65 हजार रूपए बताई जा रही है।
संयुक्त दल में खनिज महकमे को नहीं किया शामिल
रेत का परिवहन करने वाले ट्रकों-डंपरों की केन नदी तक आवाजाही के लिए रेत माफिया के द्वारा बनवाए गए अवैध रास्ते पर बुलडोजर चलवाकर आवागमन अवरुद्ध किया।
खनन माफियाओं द्वारा केन नदी के पानी के अंदर से अच्छी क्वॉलिटी की रेत को मशीनों से निकालने के लिए नदी के प्रवाह को जगह-जगह बाधित कर रखा था। हैवी ट्रकों-डंपरों में रेत लोड करने के लिए बगैर किसी वैधानिक अनुमति के अस्थाई मार्ग व पुल बनवाए थे। प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापामार कार्यवाही के दौरान अस्थाई मार्ग सहित दो अवैध पुलों को बुलडोजर चलवाकर तोड़ दिया।
रेत माफिया के द्वारा केन नदी का प्रवाह बाधित करके अवैध रूप से बनाए गए पुल को बुलडोजर से तुड़वाया गया।
बता दें कि, अवैध रेत खदानों के विरुद्ध कार्यवाही में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम में खनिज विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी शामिल नहीं था। यह महज संयोग है या फिर कोई नया प्रयोग है, इसका जवाब तो कार्यवाही हेतु निर्देश देने तथा संयुक्त दल गठित करने वाले जिले के शीर्ष अधिकारी ही दे सकते हैं। आमचर्चा की बात करें तो, रेत की लूट की अघोषित छूट देने के एवज में माफियाओं से खनिज विभाग का अमला काफी लंबे समय से सीधे तौर पर उपकृत हो रहा है। पन्ना जिले खनिज के महकमे की खनन माफियाओं से जगजाहिर मिलीभगत के मद्देनजर पूरी कार्यवाही से जानबूझकर सबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दूर ही रखा गया।
नदी किनारे अवैध रूप से डंप मिली 600 घनमीटर रेत
कार्यवाही में शामिल रहे नायब तहसीलदार अजयगढ़ खेमचन्द्र यादव बताया कि अवैध केन नदी से अवैध खनन कर निकाली गई करीब 600 घनमीटर रेत आसपास भंडारित पाई गई। जिसे जब्त करके ग्राम पंचायत व चंदौरा चौकी पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया। जब्तशुदा रेत मौके पर ही रखी है। फिलहाल जब्तशुदा रेत का सुरक्षित स्थान पर भंडारण नहीं कराया है। अवैध रेत खदानों के विरुद्ध छापामार कार्यवाही में संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम, एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी अजयगढ़ बखत सिंह, तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार, नायब तहसीलदार खेमचन्द्र यादव एवं पुलिस बल सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल थे।
सत्ता का संरक्षण प्राप्त रेत माफिया केन नदी किनारे अस्थाई कैम्प में रहते थे जिनको प्रशासन ने तोड़ दिया। नदी को अवैध खनन से खोखला करने के लिए इनके द्वारा बनाए गए 2 अस्थाई पुलों को बुलडोजर से ध्वस्त कराया। मौके पर माफिया द्वारा अवैध रूप से भंडारित 600 घनमीटर रेत भी जब्त की गई है। pic.twitter.com/3dcoEvRLAL
* डूब क्षेत्र प्रभावित भूमि के बदले प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी करने समीक्षा बैठक संपन्न
* एपीसीसीएफ और कमिश्नर सागर संभाग ने पृथक-पृथक बैठक कर अधिसूचना जारी करने संबंधी कार्यवाही की ली जानकारी
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) केन-बेतवा लिंक परियोजना “अभिशाप या वरदान” के अलग-अलग दृष्टिकोण और इससे संबंधित तथ्यों, तर्कों, आंकलन, अध्ययन रिपोर्ट पर पिछले कई वर्षों से बहस जारी है। गंभीर पर्यावरणीय चिंताओं के मद्देनजर इस बहस के किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ही केन्द्र सरकार नदी जोड़ो परियोजना के निर्माण कार्य को शुरू करने की दिशा में लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के कारण पन्ना एवं छतरपुर जिले के करीब 2 दर्जन गांवों के वाशिंदे विस्थापन की त्रासदी झेलने को मजबूर हैं। उचित मुआवजे के बगैर विस्थापन की कार्यवाही का सामना कर रहे वन क्षेत्र में रहने वाले इंसानों के अलावा बाघों एवं दूसरे वन्य जीवों को भी नदी जोड़ो परियोजना के निर्माण की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचोंबीच से प्रवाहित केन नदी का विहंगम दृश्य।
बता दें कि, केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में प्रस्तावित विशालकाय दौधन बांध के निर्माण से पार्क क्षेत्र सहित आसपास के इलाके की 6017 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। अर्थात पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का सघन और जैव विविधता से समृद्ध जंगल का बड़ा हिस्सा जोकि सदियों से बाघों का प्राकृतिक आवास (कुदरती आशियाना) रहा है, हमेशा के लिए डूब जाएगा।
एपीसीसीएफ ने की अधिसूचना संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा
उल्लेखनीय है कि, गुरुवार 28 मार्च को पन्ना टाइगर रिजर्व कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट के सभागार में केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भोपाल से पधारे एच.एस. मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबन्ध) मध्य प्रदेश ने की। इस बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में प्रभावित 6017 हेक्टेयर भूमि के बदले प्राप्त होने वाले भूमि की अधिसूचना जारी कराने के संबंध में प्रगति की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल पन्ना गर्वित गंगवार, वन मण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल पन्ना पुनीत सोनकर एवं उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व मोहित सूद उपस्थित रहे।
आज कमिश्नर सागर संभाग डॉ. रावत ने ली समीक्षा बैठक
कमिश्नर सागर संभाग डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र प्रभावित भूमि के बदले प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी करने संबंधी कार्य की समीक्षा की।
इसी परिपेक्ष्य में शुक्रवार 29 मार्च को संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में केन-बेतवा लिंक परियोजना के के डूब क्षेत्र की प्रभावित भूमि के बदले में प्राप्त होने वाली भूमि की अधिसूचना जारी कराने के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जल संसाधन, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा क्रियान्वयन के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में अवगत कराया गया। कमिश्नर सागर संभाग डॉ. रावत ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर अधिसूचना जारी करने की कार्यवाही को शीघ्रता पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, कलेक्टर पन्ना सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व मोहित सूद, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना सतीश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड उप संभाग पन्ना के कार्यालय में सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के बाद दस्तावेजी कार्यवाही करती लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम।
* वाहन के बिल पास करने के एवज में युवक से मांगी थी रिश्वत
* बिना घूस के कोई काम न करने के लिए बदनाम था एई रत्नेश वर्मा
पन्ना। (www.radarnews.in) लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) संभाग पन्ना के सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वाहन के बिल पास करने के एवज में सहायक अभियंता ने इमरान अली निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना से रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्यवाही को गुरुवार देर शाम पन्ना के धरमसागर तालाब के समीप स्थित सहायक अभियंता के कार्यालय में अंजाम दिया है। रिश्वत लेते हुए के रत्नेश वर्मा के रंगे हाथ पकड़े जाने की खबर आते ही उनके कार्यालय के बाहर मीडियाकर्मी जमा हो गए।
ट्रैपकर्ता अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक बीएम द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इमरान अली पुत्र स्व.शब्बीर अली 32 वर्ष निवासी मोहल्ला बेनीसागर पन्ना के वाहन बिल पास करने के एवज में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि.) संभाग पन्ना सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा के द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिससे परेशान होकर इमरान अली ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के कार्यालय में लिखित शिकायती आवेदन पत्र दिया था। शिकायत की तस्दीक करने के बाद सहायक अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान बनाया गया। गुरुवार 28 मार्च की देर शाम इमरान अली ने विद्युत कंपनी उप संभाग पन्ना कार्यालय पहुंचकर सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा से बात की और रिश्वत के रूप में 10,000/- (दस हजार) रुपए दे दिए। कार्यालय के आसपास पहले से मुस्तैद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने अगले ही पल वहां दबिश देकर घूसखोर सहायक अभियंता को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ दबोंच लिया। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
विद्युत कंपनी का घूसखोर सहायक अभियंता रत्नेश कुमार वर्मा।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग पन्ना अंतर्गत कई वर्षों से पदस्थ सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा की कार्यशैली और रवैये से अधीस्थ कर्मचारी, विद्युत कंपनी के ठेकेदार तथा विद्युत उपभोक्ता खासे परेशान रहते थे। उपभोक्ताओं की समस्या का संतोषजनक सामधान करने के बजाए रत्नेश वर्मा उन्हें भटकाने के साथ प्रकरण को अनावश्यक उलझाने के लिए जाने जाते थे। सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा को लेकर आमचर्चा है कि बिना रिश्वत के वह कोई काम नहीं करते थे।
ब्रेकिंग न्यूज़ : मध्यप्रदेश के पन्ना में लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. के सहायक अभियंता रत्नेश वर्मा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। वाहन के बिल पास करने के एवज में पन्ना निवासी इमरान अली से मांगी थी रिश्वत । pic.twitter.com/oPFvf5hmTo
दक्षिण वन मंडल पन्ना की पिपरियादौन बीट अंतर्गत जिस खेत की बारी में शिकार के लिए फंदा लगाया गया था उसका भ्रमण करता डॉग स्क्वायड।
* समय रहते मौके पर नहीं पहुंच सकी पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम
* पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत पवई वन परिक्षेत्र के पिपरियादौन की घटना
* वाइल्ड मीट के शौक़ीन किसान अपने खेत की बागड़ में वन्य प्राणियों के शिकार के लिए लगाते हैं फंदे
* मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हैं सबसे अधिक तेंदुए लेकिन संरक्षण को लेकर संजीदा नहीं वन विभाग
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) टाइगर और तेंदुआ स्टेट मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बेजुबान वन्य जीवों के शिकार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं है। वन्य प्राणी सुरक्षा पर जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी शिकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगा पाने में वन विभाग का अमला अब तक बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। शिकार की ताजा घटना पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत पवई वन परिक्षेत्र के पिपरियादौन बीट की है। जहां एक खेत की बागड़ में शिकार के लिए लगाए गए फंदे में फंसे तेंदुए की बेहद दर्दनाक मौत से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने जबर्दस्त हड़कंप मच गया। विचलित करने वाले इस वीडियो में मौत के फंदे से आजाद होने के लिए छटपटाते बेबस और लाचार तेंदुए की असहनीय पीड़ा को देख लोग हैरान रह गए। फंदे में सिर के बल लटके तेंदुए को जिंदगी और मौत से संघर्ष करते देख आक्रोशित लोग वन विभाग की तीखी आलोचना करने लगे। संकटग्रस्त तेंदुए को बचाने के लिए दक्षिण वन मंडल के डीएफओ पुनीत सोनकर पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को अपने वाहन से लेकर स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन उसके चंद मिनिट पहले ही तड़प-तड़पकर तेंदुए की मौत हो चुकी थी।
जिले के दक्षिण वन मंडल के वन परिक्षेत्र पवई अंतर्गत आने वाली बीट पिपरियादौन में बुधवार 27 मार्च की सुबह करीब 8:30 बजे जंगल से सटे एक खेत की बारी में लगे क्लिच वायर के फंदे में तेंदुए के फंसे होने की खबर आते ही हड़कंप मच गया। संबंधित बीट गार्ड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सूचना की तस्दीक करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। तब तक सिर के बल लटके और मौत के फंदे से आजाद होने के लिए छटपटाते तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम ने स्थल की चौतरफा घेराबंदी कर भीड़ को दूर खदेड़ दिया। संकटग्रस्त तेंदुए को बचाने के लिए दक्षिण वन मंडल पन्ना के डीएफओ पुनीत सोनकर ने पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक को घटना की जानकारी दी। साथ ही पार्क की रेस्क्यू टीम को तत्परता से भेजने की मांग की गई। क्षेत्र संचालक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू टीम को पन्ना से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित पिपरियादौन जल्द से जल्द पहुंचने के लिए निर्देशित किया।
रेस्क्यू टीम के पहुंचने से चंद मिनिट पहले दम तोड़ा
दक्षिण वन मंडल पन्ना की पिपरियादौन बीट अंतर्गत एक खेत की बारी में लगे फंदे में फंसने के कारण उल्टा लटका नर तेंदुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए आवश्यक तैयारी एवं उपकरण के साथ टीम को पन्ना से रवाना होने में विलंब होता देख दक्षिण वन मंडल डीएफओ श्री सोनकर अपना वाहन लेकर वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. एसके गुप्ता के सरकारी आवास पहुंच गए। रिस्पॉन्स टाइम के महत्व के मद्देनजर बिना किसी देरी डॉ. गुप्ता और उनकी टीम के सदस्य डीएफओ श्री सोनकर के साथ पिपरियादौन के लिए रवाना हो गए। उधर, कई घंटे से फंदे में उल्टा लटका नर तेंदुआ असहनीय पीड़ा व चढ़ती धूप की तपिश के बीच जिंदगी और मौत से काफी देर तक संघर्ष करता रहा। दोपहर में लगभग 11:30 बजे रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुंची उसके चंद मिनिट पहले ही तेंदुए की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी थी। दरअसल, घटनास्थल पन्ना से दूर स्थित होने के कारण रेस्क्यू टीम समय रहते मौके पर नहीं पहुंच सकी। तेंदुए को न बचा पाने से डीएफओ समेत पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम के सदस्य निराश और दुखी नजर आए।
तेंदुआ अगर बच भी जाता तो सर्वाइव नहीं कर पाता
तेंदुए के शिकारियों का सुराग लगाने के लिए प्रशिक्षित डॉग को घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। साथ ही दक्षिण वन मंडल के अधिकारियों ने भी आसपास की सघन सर्चिंग की। इस दौरान बगल वाले खेत की बागड़ (बारी) में क्लिच वायर का एक फंदा लगा मिलने पर उसे तुरंत जब्त किया गया। इस मामले में खेत के मालिक, खेत के चौकीदार तथा डॉग स्क्वायड से मिले संकेत के आधार पर तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर सघन पूंछतांछ की जा रही है। वहीं तेंदुए के शव को फंदे से निकालकर पन्ना स्थित स्मृति वन लाया गया। जहां सीएफ छतरपुर संजीव झा, पिपरियादौन सरपंच, राजस्व अधिकारी, एनटीसीए प्रतिनिधि की मौजूदगी में डॉ. संजीव गुप्ता ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के पश्चात तेंदुए के शव का सम्मानपूर्वक दाह संस्कार कर दिया। दक्षिण वन मंडल के डीएफओ पुनीत सोनकर ने वन्यप्राणी चिकित्सक से हुई अपनी चर्चा के हवाले से बताया कि, मृत नर तेंदुए की उम्र लगभग 5-6 वर्ष थी। तेंदुए के पिछले हिस्से में फंदा काफी टाइट कस गया था। जिससे रक्त प्रवाह बाधित होने के साथ नाजुक अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस स्थिति में तेंदुआ अगर बच भी जाता तो उसका पिछला हिस्सा लकवाग्रस्त होने की पूरी आशंका थी। तेंदुए की जैसी हालत हो चुकी थी उससे वह ज्यादा दिनों तक सर्वाइव नहीं कर पाता।
वन अपराधों को लेकर मैदानी अमला लापरवाह
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मंडल सहित पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत पिछले कुछ माह से वन्य प्राणियों के शिकार की हैरतअंगेज घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में उत्तर वन मंडल पन्ना के अजयगढ़ एवं धरमपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन्य जीवों का शिकार मांस की बिक्री हेतु किये जाने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। जिले में वन क्षेत्रों से सटे खेतों के अधिकांश किसान वाइल्ड मीट के अपने शौक को पूरा करने के लिए हर साल रबी फसल सीजन में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार करते है। वहीं कुछ किसान ऐसे भी हैं जो कि फसल हानि को रोकने के लिए अपने खेत में करंट प्रवाहित कर वन्यजीवों को मारने के बेहद जोखिम भरे गैरकानूनी उपाए करते हैं। करंट की चपेट में आकर जंगली जानवर के मरने पर मौका पाकर किसान अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को दूर ले जाकर फेंक देते हैं या फिर गड्ढा खोदकर दफन कर देते हैं। दरअसल, वन क्षेत्र से सटे खेतों की बारी-बागड़ की मैदानी वन अमले के द्वारा नियमित रूप से सर्चिंग न करने से कारण फंदे लगाकर या फिर करंट प्रवाहित कर शिकार करने की घटनाओं में अंकुश नहीं लग पा रहा है। दोनों सामान्य वन मंडलों के अधिकांश बीटगार्ड अपने बीट मुख्यालय में भी निवास नहीं करते है। इसका लाभ उठाकर शिकारी, सागौन तस्कर, खनन माफिया और अतिक्रमणकारी वन संपदा का विनाश करने में जुटे हैं।
तेंदुआ को बचाने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया। लेकिन घटनास्थल जिला मुख्यायलय से 80 KM दूर होने के कारण रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही तेंदुआ की दर्दनाक मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने इस मामले में खेत मालिक समेत 3 लोगों को हिरासत में लिया है। pic.twitter.com/acLyjCSdky
* पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में हत्या की वारदात से फैली सनसनी
* एडिशनल एसपी और एसडीओपी ने किया घटनास्थल का मुआयना
* हत्याकांड के बाद से फरार आरोपी की तलाश में सरगर्मी से जुटी पुलिस
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में होली के दिन खेत के रास्ते को लेकर उपजे विवाद में एक युवक ने अपने ही स्वजातीय पड़ोसी के ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना पवई थाना के समीपी ग्राम सुनादर की बताई गई है। थाना पुलिस बल घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गया। गंभीर रूप से लहूलुहान अधेड़ उम्र के व्यक्ति को अचेत हालत में डायल 100 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने गहन परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से फरार हत्यारोपी सिपाही लाल आदिवासी निवासी सुनादर की सरगर्मी तलाश जारी है। पवई थाना पुलिस घटना पर हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुटी है।
शाम के समय वारदात को दिया अंजाम
बताया जा रहा है कि, प्रकाश आदिवासी पिता परसू आदिवासी 55 वर्ष निवासी सुनादर और इसी गांव में रहने वाले सिपाही लाल आदिवासी का खेत अगल-बगल में स्थित है। दोनों के खेत की मेड़ जुड़ी होने के कारण उनके बीच काफी समय से खेत के रास्ते को लेकर विवाद है। सोमवार 25 मार्च की सुबह (होली के दिन) प्रकाश और सिपाही लाल के बीच रास्ते को लेकर अचानक विवाद भड़क उठा। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे काफी भला-बुरा कहा। मगर, ग्रामीणों व परिजनों के हस्तक्षेप से बमुश्किल विवाद शांत हो गया। शाम करीब 4 बजे गांव के चौराहे पर बैठा प्रकाश आदिवासी जब लोगों को होली की शुभकामनाएं दे रहा था तभी नशे में धुत सिपाही लाल आदिवासी भी वहां आ धमका। इस दौरान के बीच दोनों के बीच पुनः तीखी नोंकझोंक हो गई। तभी सिपाही लाल ने कुल्हाड़ी से प्रकाश आदिवासी के ऊपर ताबड़तोड़ कातिलाना हमला बोल दिया। प्रकाश के खून से होली खलते हुए हमलावर ने बड़ी ही निर्ममता से उसे मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का मुआयना
कुल्हाड़ी से अचनाक जानलेवा हमला करने से फैली अफरातफरी-चींख-पुकार के बीच हत्यारोपी सिपाही लाल आदिवासी मौके से फरार हो गया। पीड़ित परिजनों ने आनन-फानन डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को घटना सूचना दी। गंभीर रूप से लहूलुहान प्रकाश आदिवासी को पुलिस वाहन से अचेत हालत में इलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने गहन परीक्षण करने के उपरांत उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ हमले से मृतक की गर्दन, चेहरे और कंधे पर काफी गहरे और प्राणघातक घाव बताए जा रहे हैं। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने पर पन्ना से एडिशनल एसपी आरती सिंह और पवई से एसडीओपी सौरभ रत्नाकर ने सुनादर ग्राम पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक के परिजनों तथा ग्रामीणों से घटना के संबंध में पूंछतांछ कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। वहीं एफएसएल टीम द्वारा सुनादर पहुंचकर घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य सावधानीपूर्वक संकलित किए गए।
इनका कहना है-
“रास्ते को लेकर हुए विवाद में 55 वर्षीय प्रकाश आदिवासी निवासी ग्राम सुनादर की इसी गांव के सिपाही लाल आदिवासी ने कुल्हाड़ी से हमला कर जघन्य हत्या की है। फरार हत्यारोपी की तत्परता से गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम गठित कर पतारसी शुरू कर दी गई है। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फरार आरोपी बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा, इस बात की हमें पूरी उम्मीद है। आज मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। सुनादर ग्राम में पूरी तरह शांति है, ग्रामीण शोकमग्न हैं लेकिन वहां तनाव जैसी कोई बात नहीं है।”
* खजुराहो संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी आलोक चतुर्वेदी ‘पज्जन भइया’ को सौंपी
* लोस चुनाव की तारीखों का एलान होने और 22 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद नियुक्त किए नए प्रभारी
भोपाल। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने सभी 29 संसदीय क्षेत्रों पर नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह ने रविवार 24 मार्च को प्रदेश के 29 संसदीय क्षेत्रों (लोकसभा सीटों) में प्रभारियों के दायित्व में बड़ा बदलाव करते हुए नए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी हैं। लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होने और प्रदेश की अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद नए लोकसभा प्रभारी नियुक्त करने के फैसले का कांग्रेस पार्टी को चुनाव में कितना लाभ मिलेगा इसका पता तो 4 मई को नतीजे आने पर ही चलेगा।
बहरहाल प्रदेश कांग्रेस में मची भगदड़ के बीच पार्टी ने अपने कई बड़े नेताओं को लोकसभा प्रभारी का दायित्व सौंपकर यह साफ़ संदेश दे दिया है कि लोकसभा चुनाव को पूरे दमखम के साथ लड़ा जाएगा। पार्टी ने अधिकांश लोकसभा सीटों के लिए एक प्रभारी नियुक्त किए हैं तो कुछ स्थान पर दो प्रभारी भी बनाए गए है। इतने कम समय में नव नियुक्त लोकसभा प्रभारी अपने प्रभार वाले संसदीय क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार करने के साथ ही उसे आने वाले दिनों में किस तरह धरातल पर किस तरह से लागू करते हैं यह देखना वाकई बहुत दिलचस्प होगा।
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए रामनिवास रावत को-मुरैना, लाखनसिंह यादव-भिंड, अशोक सिंह-ग्वालियर, जयवर्धन सिंह-गुना, नितेन्द्र राठौर-सागर, यादवेन्द्र सिंह-टीकमगढ़, मुकेश नायक और हर्ष यादव-दमोह, आलोक चतुर्वेदी-खजुराहो, राजेन्द्र कुमार सिंह-सतना, डॉ. गोविंद सिंह-रीवा, विनय सक्सेना-सीधी, डॉ. अशोक मसकोले-शहडोल, लखन घनघोरिया-जबलपुर, कदीर सोनी-मण्डला, ठाकुर रजनीश सिंह-बालाघाट का प्रभारी नियुक्त किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ कहलाने वाले छिंदवाड़ा के लिए पार्टी ने सुनील जायसवाल, सुखदेव पांसे को-होशंगाबाद, एनपी प्रजापति और पीसी शर्मा-विदिशा, महेन्द्र जोशी-भोपाल, प्रियव्रत सिंह-राजगढ़, सज्जन सिंह वर्मा-देवास़, रवि जोशी-उज्जैन, मीनाक्षी नटराजन और नरेन्द्र नाहटा-मंदसौर, बाला बच्चन-रतलाम, उमंग सिंघार-धार, शोभा ओझा और सत्यनारायण पटेल-इंदौर, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ-खरगौन, आरके दोगने-खंडवा और आरिफ मसूद एवं सुखदेव पांसे को बैतूल लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है।
कांग्रेस की ये छह सीटें अब भी हैं होल्ड
कांग्रेस पार्टी के द्वारा 23 मार्च की देर रात जारी चौथी सूची में मध्य प्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा की गई। सूची का प्रथम पेज।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार 23 मार्च की देर रात चौथी लिस्ट जारी की थी। इसमें 11 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेश की कुल 45 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे। सूची में मध्य प्रदेश के 12 संसदीय क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया। मध्यप्रदेश की राजगढ़ सीट से पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। रतलाम लोकसभा सीट से वरिष्ठ आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को टिकिट मिला है। जबलपुर सीट से दिनेश यादव और इंदौर सीट से अक्षय बम के नाम पर पार्टी ने मुहर लगाई है।
कांग्रेस पार्टी के द्वारा 23 मार्च की देर रात जारी चौथी सूची में मध्य प्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा की गई। सूची का दूसरा पेज।
इस तरह दो बार में कांग्रेस पार्टी ने राज्य की 29 में से 22 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। प्रदेश की एकमात्र खजुराहो सीट कांग्रेस ने गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को दी है। अर्थात सीट बंटवारे के तहत खजुराहो संसदीय क्षेत्र में समाजवादी पार्टी इस बार अपना उम्मीदवार उतारेगी। अब प्रदेश की छह सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होना शेष है। इनमें ग्वालियर, गुना, मुरैना, खंडवा, दमोह और विदिशा लोकसभा सीट शामिल है।